Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 8 गजल

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 8 गजल Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 8 गजल

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 8 गजल Textbook Questions and Answers

सूचना के अनयुार कृहत्‍ँ कीहजए:

(1) गजल की पंक्तियों का तातप्‍:
a. नीं के अंदर हदिाे ————
b. आईना बनकर हदिो ————
उत्तर:
(i) हमें प्रशंसा और वाहवाही का लोभ त्यागकर नींव की ईंटों के समान कुछ अच्छा और सुदृढ़ काम करना चाहिए।
(ii) हमें ऐसी शख्सियत बनना चाहिए कि कैसी भी प्रतिकूल परिस्थिति क्यों न हो, हम विचलित न हों। बिना टूटे, बिना बिखरे हर परिस्थिति का डटकर सामना करें। अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।

(2) कृति पूण् कीहजए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 7
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 5

(3) हजनके उततर हनम् शब् हों ऐसे प्र तै्‍र कीहजए:
1. भीड़
2. जुगनू
3. हततली
4. आसमान
उत्तर:
1. कवि अक्सर किसी शक्ल को कहाँ देखना चाहता है?
2. वक्त की धुंध में साथ रहने को किसने कहा?
3. कवि खिलते फूल के स्थान पर कहाँ दिखने को कहता है?
4. गर्द बनकर कहाँ लिखना चाहिए?

(4) हनम्हलखखत पंक्तियों से प्र तीिनमूल् हलखखए:
१. आपको मिसूस ……………………………………….. भीतर हदिो।
२. कोई ऐसी श्‍ ……………………………………….. मुझे अ्‍र हदिो।.
उत्तर:
(ii) हे ईश्वर, मैं चाहता हूँ कि मैं जिसे भी देखू, मुझे उसी में तुम नजर आओ। अर्थात मानव मात्र ईश्वर का अंश है।

(5) कृहत पूण् कीहजए:
गजल मे प्रयुक्त प्कृहतक घ‍ट
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 6

(6) कहि के अनयुार ऐसे हदखो:

यदि मेरा घर अंतररक में होता,’ हिष् पर अससी से सौ शब्दों मे हनबंध लेखन कीहजए।
उत्तर:
पिछले कई वर्षों में अंतरिक्ष विज्ञान में जो प्रगति हुई है, वह सराहनीय है। पहले अंतरिक्ष यात्रा कल्पना से अधिक कुछ नहीं थी लेकिन आज अंतरिक्ष यात्रा के सपने सच हो गए हैं। रूस ने अंतरिक्ष यान के द्वारा अपने अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन को पहली बार अंतरिक्ष में भेजा था। फिर तो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग और एडविन एल्ड्रिन सबसे पहले चंद्रमा पर पहुचनेवाले अंतरिक्ष यात्री हो गए।

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अब तो ऐसा लगता है कि कभी-न-कभी हम को भी अंतरिक्ष में जाने का मौका मिल सकता है। लेकिन यह कब संभव होगा, कहा नहीं जा सकता। काश, मेरा घर अंतरिक्ष में होता…. यदि सच में मेरा घर अंतरिक्ष में होता तो कितना अच्छा होता। जिस आसमान को दूर से देखा करते हैं, हम उसकी खूब सैर करते। चाँद, सितारों को नजदीक से देखते। बादलों के बीच लुका-छिपी खेलते। परियों के देश में जाते।

वे किस तरह रहती हैं, जानने-देखने का अवसर पाते। हम अंतरिक्ष से अपनी सुंदर धरती को देखते। अपने प्यारे भारत को देखते। आकाशगंगा के विभिन्न ग्रहों-उपग्रहों को देखते। सौरमंडल के सबसे सुंदर ग्रह शनि और उसके वलयों को देखते। उनके जितना निकट जा सकते, अवश्य जाते। स्पेस वॉक करते। वहाँ फैली शांति का अनुभव करते। वहाँ के प्रदूषणरहित वातावरण में रहने का मौका मिलता, जिससे हमारा स्वास्थ्य बहुत बढ़िया हो जाता। काश ऐसा हो पाता…

प्रयु गजल की अपनी पसंदीदा हकनिी चार पंक्तियों का केंद्रीय भाव सपष् कीहजए।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 8 गजल Additional Important Questions and Answers

पद्यांश क्र.1

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
(1) आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 2

(2) विधानों के सामने सत्य / असत्य लिखिए:
(i) स्वर्णिम शिखर बनकर जीना ही जीना है।
(ii) मील का पत्थर बनकर जीना अच्छा नहीं है।
(iii) मोमबत्ती के धागे जैसा जीवन जियो।
(iv) जिंदगी टूटकर नहीं बिखरनी चाहिए।
उत्तर:
(i) असत्य
(ii) असत्य
(iii) सत्य
(iv) सत्य।

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(3) उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

 आ
(i) शिखर  गर्द
(ii) आस्मान  जिंदगी
(iii) पत्थर  स्वर्णिम
(iv) शक्ल  मील
 नींव

उत्तर:

 आ
(i) शिखर  स्वर्णिम
(ii) आस्मान  गर्द
(iii) पत्थर  मील
(iv) शक्ल  जिंदगी

(4) दो ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(i) आईना
उत्तर:
(i) पत्थरों के शहर में क्या बनकर दिखना चाहिए?

(5) एक शब्द में उत्तर लिखिए:
(i) पत्थर के शहर में यह बनकर दिखना है –
(ii) दिखने का शौक है तो यह बनो –
उत्तर:
(i) आईना।
(ii) नींव।

कृति 2: (शब्द संपदा)

(1) निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) शक्ल = ……………………
(ii) शिखर = ……………………
(iii) गर्द = ……………………
(iv) पत्थर = ……………………
उत्तर:
(i) शक्ल = चेहरा
(ii) शिखर = शीर्ष
(ii) गर्द = धूल
(iv) पत्थर = पाषाण।

(2) निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) आदमी x
(ii) शहर x
(ii) आसमान x
(iv) टूटना x
उत्तर:
(i) आदमी x जानवर
(ii) शहर x गाँव
(iii) आसमान x जमीन
(iv) टूटना x जुड़ना।

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कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
उपयुक्त पदयांश की आरंभ की चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
किसी भी अट्टालिका के चमचमाते शिखरों को सभी देखते हैं। उनकी शान की प्रशंसा भी करते हैं। लोग समाज में इन शिखरों के समान ही सम्मान पाना चाहते हैं। परंतु वास्तव में देखा जाए तो इन शिखरों से अधिक महत्व है उन ईंटों और पत्थरों का, जिनके कारण ये शिखर बन सके। यदि नींव की ईंटों ने गुमनामी के अंधेरे में रहना स्वीकार न किया होता, तो इन शिखरों का अस्तित्व ही न होता। यदि हम समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो हमें प्रशंसा और जैं सुदृढ़ काम करना चाहिए।

पद्यांश क्र. 2
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन):

(1) सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:
(i) वक्त की इस धुंध में तुम …………………………….. बनकर दिखो। (सितारा/चिराग/रोशनी)
(ii) हम सभी के लिए एक …………………………….. है। (दुनिया/मर्यादा/मंच)
(iii) कोई …………………………….. कली फूल बनने से डर जाए। (छोटी/सुंदर/नाजुक)
(iv) कोई ऐसी शक्ल तो मुझको दिखे इस …………………………….. में। (भीड़/संसार/घर)
उत्तर:
(i) वक्त की इस धुंध में तुम रोशनी बनकर दिखो।
(ii) हम सभी के लिए एक मर्यादा है।
(iii) कोई नाजुक कली फूल बनने से डर जाए।
(iv) कोई ऐसी शक्ल तो मुझको दिखे इस भीड़ में।

(2) निम्नलिखित पंक्तियों से प्राप्त जीवनमूल्य लिखिए:
(i) एक जुगनू ने …………………………….. रोशनी बनकर दिखो।
उत्तर:
(i) जब वक्त साथ न दे रहा हो। हर तरफ असफलता और निराशा का साम्राज्य हो। ऐसे समय में एक छोटी-सी आशा की किरण भी बहुत बड़ा सहारा बन सकती है। हमें निराश, हताश लोगों के मन में आशा की किरण जगाना चाहिए।

(3) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(iv) मोती।
उत्तर:
(iv) मोती को किसके अंदर दिखना चाहिए?

(4) जोड़ियाँ मिलाइए:

‘अ’  ‘आ’
(i) धुंध  सीप
(ii) मर्यादा  तितली
(iii) मोती  रोशनी
(iv) फूल  मनुष्य

उत्तर:

‘अ’  ‘आ’
(i) धुंध  रोशनी
(ii) मर्यादा  मनुष्य
(iii) मोती  सीप
(iv) फूल  तितली

कृति 2: (शब्द संपदा)

निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:
(i) जुगनू – ……………………….
(ii) रोशनी – ……………………….
(iii) मोती – ……………………….
(iv) सीप – ……………………….
उत्तर
(i) जुगनू – पुल्लिंग
(ii) रोशनी – स्त्रीलिंग
(iii) मोती – पुल्लिंग
(iv) सीप – स्त्रीलिंग

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कृति 3: (सरल अर्थ):

प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
जब वक्त हमारा साथ न दे रहा हो। हर तरफ असफलताएँ धुंध के समान छाई हों। निराशा रूपी अंधकार का साम्राज्य हो। ऐसे: समय में एक छोटी-सी आशा की किरण भी बहुत बड़ा सहारा बन सकती है। ठीक उसी प्रकार, जैसे घने अंधकार में चमकता हुआ जुगनू । तुम्हें भी निराश, हताश लोगों के मन में आशा की किरण जगाना चाहिए।

सभी मनुष्यों के लिए समाज में रहने के लिए कुछ सीमाएँ हैं, जिनका हमें पालन करना होता है। तभी समाज हमें और हमारे व्यवहार को स्वीकार करता है। अगर तुम चाहते हो कि लोगों में तुम्हारी कोई पहचान बने तो जिस प्रकार सीप के अंदर मूल्यवान मोती छिपा होता है, उसी प्रकार तुम्हें समाज के कल्याण के लिए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न.
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. शब्द भेद:
अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानिए:
(i) मैं दिल्ली में अच्छा घर ढूँढ़ रहा हूँ।
(ii) वे तेजी के साथ बगीचे की ओर चल पड़े।
(iii) तुम अब पढ़ने बैठ जाओ।
उत्तर:
(i) अच्छा – गुणवाचक विशेषण।
(ii) बगीचे – जातिवाचक संज्ञा।
(iii) तुम – पुरुषवाचक सर्वनाम।

2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) के मारे.
(ii) या
(iii) पर।
उत्तर:
(i) के मारे – लड़का डर के मारे काँप रहा था।
(ii) या – वे खेलने या घूमने गए होंगे।
(iii) पर – गाड़ी थी, पर पर्याप्त पेट्रोल नहीं था।

3. संधि:
कृति पूर्ण कीजिए:

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
नरेश ………………… …………………
अथवा
………………… दिक् + अंबर …………………

उत्तर:

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
नरेश नर + ईश स्वर संधि
अथवा Maharashtra Board Solutions
दिगंबर दिक् + अंबर व्यंजन संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) वे गरीबों को फल बाँटते रहे।
(ii) देरी करने को मेरा मन गवारा नहीं कर पाया।
(iii) उनके शब्द मेरे कानों में गूंजने लगे।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) रहे – रहना
(ii) पाया – पाना
(iii) लगे – लगना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) छोड़ना –
(ii) डूबना –
(iii) सूखना। –
उत्तर:

क्रिया  प्रथम प्रेरणार्थक रूप  द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) छोड़ना  छुड़ाना  छुड़वाना
(ii) डूबना  डुबाना  डुबवाना
(iii) सूखना  सुखाना  सुखवाना

6. मुहावरे:
(1) निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग किजिए:
(i) नाम-निशान न रहना
(ii) रटता जाना।
उत्तर:
(i) नाम-निशान न रहना।
अर्थ: अस्तित्व मिट जाना।
वाक्य: भूकंप के कारण पुराने कार्यालय का नाम-निशान नहीं रहा

(ii) रटते जाना।
अर्थ: बार-बार कहते जाना।
वाक्य: विजय गाँव जाने की बात रटता जा रहा है

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(2) अधोरेखांकित वाक्यांशों के लिए कोष्ठक में दिए गए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए: (तोलकर बोलना, तीर की तरह निकल जाना, कानों में गूंजना, ठहाका लगाना)
(i) पाकिटमार महिला का बटुआ छीनकर बहुत तेजी से निकल गया
(ii) माता-पिता द्वारा दी गई सीख जीवनभर ध्वनित होती रहती है
(iii) सज्जन हमेशा सोच-समझकर बोलता है
उत्तर:
(i) पाकिटमार महिला का बटुआ छीनकर तीर की तरह निकल गया
(ii) माता-पिता द्वारा दी गई सीख जीवनभर कानों में गूंजती रहती है
(iii) सज्जन हमेशा तौलकर बोलते हैं

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उनका भेद लिखिए:
(i) ईश्वर की प्राप्ति आसानी से नहीं होती।
(ii) एक बच्चा कुर्सी पर चढ़ा तो दूसरा नाचने लगा।
(iii) मैंने तय किया कि आज किसी से नहीं मिलूँगा।
उत्तर:
(i) की – संबंध कारक।
(ii) पर – अधिकरण कारक।
(iii) से – करण कारक।

8. विरामचिह्न:
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) “गरम गरम भूनकर मसाला लगाकर दूंगा’
(ii) आदमी ने आकर पूछा-अभी भोजन तैयार होने में कितना विलंब है
(iii) हाँ, सूर ने एक जगह लिखा है-मैं दसों दिशाओं में देख लेता हूँ
उत्तर:
(i) “गरम-गरम भूनकर मसाला लगाकर दूंगा।”
(ii) आदमी ने आकर पूछा – “अभी भोजन तैयार होने में कितना विलंब है?”
(iii) हाँ, सूर ने एक जगह लिखा है- ‘मैं दसों दिशाओं में देख लेता हूँ।’

9. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) ठीक ग्यारह बजे प्रधानमंत्री बाहर आते हैं। (सामान्य भूतकाल)
(ii) मुझे भाई का जला हुआ चेहरा याद आता है। (सामान्य भविष्यकाल)
(iii) गुरुदेव अपने समय पर स्नान करते हैं। (पूर्ण भूतकाल)
उत्तर:
(i) ठीक ग्यारह बजे प्रधानमंत्री बाहर आए।
(ii) मुझे भाई का जला हुआ चेहरा याद आएगा।
(iii) गुरुदेव ने अपने समय पर स्नान किया था।

10. वाक्य भेद:
(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) ईश्वर ने हमें मनुष्य जीवन दिया है।
(ii) हमारा उद्देश्य, सजना, सँवरना ही नहीं है, बल्कि हमारे द्वारा किए गए कार्य सुंदर होने चाहिए।
उत्तर:
(i) सरल वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य।

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(2) निम्नलिखित वाक्यों को अर्थ के आधार दी गई सूचना के अनुसार वाक्य परिवर्तन कीजिए:
(i) चाची जली-भुनी रहती थी। (संदेहवाचक वाक्य)
(ii) मन अब सुकून अनुभव कर रहा था। (निषेधवाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) शायद चाची जली-भुनी रहती थी।
(ii) मन अब सुकून अनुभव नहीं कर रहा था।

11. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) इस मंदिर में अनेकों बूध की मूर्तियाँ हैं।
(ii) माँ को यहाँ से गए बस एक मिनेट हुई है।
(iii) मेरा घर तुमसे अच्छा है।
उत्तर:
(i) इस मंदिर में बुद्ध की अनेक मूर्तियाँ हैं।
(ii) माँ को यहाँ से गए बस एक मिनट हुआ है।
(iii) मेरा घर तुम्हारे घर से अच्छा है।

गजल Summary in Hindi

गजल विषय-प्रवेश :
प्रस्तुत गजल में माणिक वर्मा ने हमें निरंतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी है। कवि का मानना है कि बाहरी रंग-रूप तो। अस्थायी होता है। सुंदरता हमारे विचारों में, हमारे कामों में होनी चाहिए।

गजल कविता का सरल अर्थ

1. आपसे किसने ………………………… भीतर देखो।

किसी भी अट्टालिका के चमचमाते शिखरों को सभी देखते हैं। उनकी शान की प्रशंसा भी करते हैं। लोग समाज में इन शिखरों के समान ही सम्मान पाना चाहते हैं। परंतु वास्तव में देखा जाए तो इन शिखरों से अधिक महत्व है उन ईंटों और पत्थरों का, जिनके कारण ये शिखर बन सके। यदि नींव की ईंटों ने गुमनामी के अंधेरे में रहना स्वीकार न किया होता, तो इन शिखरों का अस्तित्व ही न होता। यदि हम समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो हमें प्रशंसा और वाहवाही का लोभ त्यागकर नींव की ईंटों के समान कुछ अच्छा और सुदृढ़ काम करना चाहिए।

यदि आप मंजिल की ओर अग्रसर हैं तो अपने अच्छे कर्मों के कारण उसी प्रकार आसमानों तक छा जाइए, जैसे आँधी आने पर पृथ्वी से आकाश तक धूल-ही-धूल दृष्टिगोचर होती है। अर्थात आपके द्वारा किए गए अच्छे कामों का प्रभाव और चर्चा हर तरफ हो। और यदि आप मंजिल की ओर बढ़ते हुए मार्ग में कहीं बैठ जाते हो तो मील के पत्थर के समान बनो। मील का पत्थर जिस प्रकार एक पथिक को अपनी मंजिल की ओर बढ़ते समय सहायता करता है, उसी प्रकार क्रियाशील न होते हुए भी आप दूसरों की मदद करें।

ईश्वर ने हमें मनुष्य जीवन दिया है। हमारा उद्देश्य केवल सजना, सँवरना और सुंदर दिखना ही नहीं होना चाहिए। हमारे द्वारा किए गए काम सुंदर होने चाहिए। ईश्वर द्वारा प्रदत्त इस श्रेष्ठ मानव जीवन में हमें मानवीय गुणों को अपनाना चाहिए। हमारा कोई भी काम ऐसा न हो, जो मानवता के दायरे से बाहर हो। समाज में सभी के प्रति हमारा व्यवहार ऐसा हो कि सारा संसार हमें एक अच्छे मनुष्य के रूप में जाने। हमें ऐसी शख्सियत बनना चाहिए कि कैसी भी प्रतिकूल परिस्थिति क्यों न हों, हम विचलित न हों। बिना टूटे, बिना बिखरे हर परिस्थिति का डटकर सामना करें। अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।

हमें प्रत्येक मानव से सहानुभूति रखनी चाहिए। यह तभी संभव हो सकेगा, जब हम उनके हर दुख-तकलीफ को समझें। जैसे मोमबत्ती का धागा सदा उसके साथ रहता है। उसके साथ जलता है। उसी प्रकार जब हम दीन-दुखियों की पीड़ा को समझेंगे, तो उसे दूर करने का यथासंभव प्रयास करेंगे। इस प्रकार हम अपना मानव-धर्म निभा पाएँगे।

2. एक जुगनू ………………………… अक्सर देखो।

जब वक्त हमारा साथ न दे रहा हो; हर तरफ असफलताएँ धुंध के समान छाई हों; निराशा रूपी अंधकार का साम्राज्य हो; ऐसे समय में एक छोटी-सी आशा की किरण भी बहुत बड़ा सहारा बन सकती है। ठीक उसी प्रकार, जैसे घने अंधकार में चमकता हुआ जुगनू। तुम्हें भी निराश, हताश लोगों के मन में आशा की किरण जगाना चाहिए।

सभी मनुष्यों के लिए समाज में रहने के लिए कुछ सीमाएँ हैं, जिनका हमें पालन करना होता है। तभी समाज हमें और हमारे व्यवहार को स्वीकार करता है। अगर तुम चाहते हो कि लोगों में तुम्हारी कोई पहचान बने तो जिस प्रकार सीप के अंदर मूल्यवान मोती छिपा होता है, उसी प्रकार तुम्हें समाज के कल्याण के लिए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। तुम्हारी यह कल्याण-भावना तुम्हें एक पहचान देगी, सम्मान देगी।

यदि कोई कोमल कली फूल बनने से डर रही हो। कली जानती है कि उसके खिलते ही तितली उसका रस चूसने के लिए आएगी और फूल बनी कली को परेशान करेगी। तुम फूल को तितली से बचाने का प्रयास करो। अर्थात उसके डर को दूर करने में उसकी मदद करो।

यह संसार मनुष्यों का एक सागर है। भीड़ में जाने-अनजाने अनगिनत चेहरे हर तरफ दिखाई देते हैं। हे ईश्वर, मैं चाहता हूँ कि मैं जिसे भी देखू, मुझे उसी में तुम नजर आओ। तुम तो सर्वव्यापक हो।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 कृषक गान

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 11 कृषक गान Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 11 कृषक गान

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 11 कृषक गान Textbook Questions and Answers

कृति

कृतिपत्रिका के प्रश्न 2 (अ) तथा प्रश्न 2 (आ) के लिए
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 8

प्रश्न 2.
कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 6
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 7

प्रश्न 3.
वाक्य पूर्ण कीजिए:
a. कृषक कमजोर शरीर को ____________
b. कृषक बंजर जमीन को ____________
उत्तर:
(i) कृषक कमजोर शरीर को पत्तियों से पालता है।
(ii) कृषक बंजर जमीन को अपने खून से सींचकर उर्वरा बना देता है।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित पंक्तियों में कवि के मन में कृषक के प्रति जागृत होने वाले भाव लिखिए:

पंक्ति  भाव
१. आज उसपर मान कर लूँ
२. आह्वान उसका आज कर लूँ
३. नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ
४. आज उसका ध्यान कर लूँ।

उत्तर:

पंक्ति  भाव
१. आज उसपर मान कर लूँ अभिमान
२. आह्वान उसका आज कर लूँ मानवता
३. नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ सृजनशीलता
४. आज उसका ध्यान कर लूँ। आदर

प्रश्न 5.
कविता में आए इन शब्दों के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
१. निर्माता – ____________
२. शरीर – ____________
३. राक्षस – ____________
४. मानव – ____________
उत्तर:
१. निर्माता – सृजक
२. शरीर – तन
३. राक्षस – असुर।
४. मानवता – मनुजता।

प्रश्न 6.
कविता की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कृषक के अभावों की कोई सीमा नहीं है। परंतु वह संतोष रूपी धन के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। पूरे संसार में कैसा भी वसंत आए, कृषक के जीवन में सदैव पतझड़ ही बना रहता है। अर्थात ऋतुएँ बदलती हैं, लोगों की परिस्थितियाँ बदलती हैं, परंतु कृषक के भाग्य में अभाव ही अभाव हैं। ऐसी दयनीय स्थिति के बावजूद उसे किसी से कुछ माँगना अच्छा नहीं लगता। वह हाथ फैलाना नहीं जानता। कृषक को अपनी दीन-हीन दशा पर भी नाज है। मैं ऐसे व्यक्ति पर अभिमान करना चाहता हूँ। कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

प्रश्न 7.
निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
1. रचनाकार कवि का नाम:
2. रचना का प्रकार:
3. पसंदीदा पंक्ति:
4. पसंदीदा होने का कारण:
5. रचना से प्राप्त प्रेरणा:
उत्तर:
(1) रचनाकार का नाम → दिनेश भारद्वाज।
(2) कविता की विधा → गान।
(3) पसंदीदा पंक्ति → हाथ में संतोष की तलवार ले जो उड़ रहा है।
(4) पसंदीदा होने का कारण → अनगिनत अभावों के होते हुए भी कृषक के पास संतोष रूपी धन है।
(5) रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा → कृषक दिन-रात परिश्रम करके संपूर्ण सृष्टि का पालन करता है। हमें उसके परिश्रम के महत्त्व को समझना चाहिए। उसका सम्मान करना चाहिए।

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Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 11 कृषक गान Additional Important Questions and Answers

पद्यांश क्र. 1

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पट्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

→ कृति 1: (आकलन)

(1) कविता में आए इन शब्दों के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
(i) वसंत
(ii) पाला हुआ
उत्तर:
(i) वसंत – मधुमास
(ii) पाला हुआ – पालित

(2) सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:
(i) कृषक हाथ में _____________ की तलवार लेकर चल रहा है। (श्रम/संतोष/धन)
(ii) सारे संसार में _____________ और उस पर सदा पतझड़ रहता है। (वसंत/वर्षा/फूल)
(iii) कृषक को अपनी _____________ पर अभिमान है। (मेहनत/गरीबी/दीनता)
(iv) उसके लिए _____________ और छाया एक जैसी है। (धूप/रोशनी/कालिमा)
उत्तर:
(i) कृषक हाथ में संतोष की तलवार लेकर चल रहा है।
(ii) सारे संसार में वसंत और उस पर सदा पतझड़ रहता है।
(iii) कृषक को अपनी दीनता पर अभिमान है।
(iv) उसके लिए धूप और छाया एक जैसी है।

→ कृति 2: (शब्दल)

(1) पद्यांश से प्रत्यय जुड़े हुए दो शब्द ढूँढकर लिखिए:
(i) ______________
(ii) ______________
उत्तर:
(i) दीनता (ii) मनुजता।

(2) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए:
(i) मधुमास – ______________
(ii) आह्वान – ______________
उत्तर:
(i) मधुमास – वसंत ऋतु
(ii) आह्वान – पुकार।

पद्यांश क्र. 2

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

→ कृति 1: (आकलन)

(1) संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 9
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 12

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(2) उत्तर लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 10
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 13

(3) आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) कृषक विश्व का यह है
(ii) वह अपने क्षीण तन को इनसे पालता है
(iii) कृषक अपने खून से सींचकर ऊसरों को यह बना देता है
(iv) आज यह पीड़ित होकर रो रही है
उत्तर:
(i) कृषक विश्व का यह है – पालक
(ii) वह अपने क्षीण तन को इनसे पालता है – पत्तियों से
(iii) कृषक अपने खून से सींचकर ऊसरों को यह बना देता है – उर्वर
(iv) आज यह पीड़ित होकर रो रही है – मनुजता

(4) कविता की पंक्तियों को उचित क्रमानुसार लिखकर प्रवाह तख्ता पूर्ण कीजिए:
(i) आज उससे कर मिला, नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ।
(ii) छोड़ सारे सुर-असुर, मैं आज उसका ध्यान कर लूँ।
(iii) जोड़कर कण-कण उसी के, नीड़ का निर्माण कर लूँ।
(iv) किंतु अपने पालितों के, पद दलित हो मर रहा है।
उत्तर:
(i) किंतु अपने पालितों के, पद दलित हो मर रहा है।
(ii) आज उससे कर मिला, नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ।
(iii) छोड़ सारे सुर-असुर, मैं आज उसका ध्यान कर लूँ।
(iv) जोड़कर कण-कण उसी के, नीड़ का निर्माण कर लूँ।

(5) आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 11
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 14

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→ कृति 2: (शब्द संपदा)

(1) पद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए:
(i) …………………
(ii) …………………
उत्तर:
(i) सुर-असुर
(ii) कण-कण।

(2) निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय अलग करके लिखिए:
(i) पालक = _____________
(ii) मनुजता = _____________
(iii) पीड़ित = _____________
(iv) जोड़कर = _____________
उत्तर:
(i) पालक = पाल + क
(ii) मनुजता = मनुज + ता”
(iii) पीड़ित = पीड़ा + इत
(iv) जोड़कर = जोड़ + कर।

(3) पद्यांश में आए इन शब्दों के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
(i) उपजाऊ
(ii) किसान
उत्तर:
(i) उपजाऊ – उर्वरा
(ii) किसान – कृषक

→ कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
देखिए कविता का सरल अर्थ [5]।

पद्य विश्लेषण

सूचना: यह प्रश्नप्रकार कृतिपत्रिका के प्रारूप से हटा दिया गया है। लेकिन यह प्रश्न पाठ्यपुस्तक में होने के कारण विद्यार्थियों के अधिक अभ्यास के लिए इसे उत्तर-सहित यहाँ समाविष्ट किया गया है।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

1. शब्द भेद:
अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) हमें अपने देश पर अभिमान है।
(ii) भूकंप में घंटों मलबे के नीचे दबे रहकर भी बच्चा जीवित रहा।
उत्तर:
(i) अभिमान – भाववाचक संज्ञा।
(ii) जीवित – गुणवाचक विशेषण।

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2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) बल्कि
(ii) तो।
उत्तर:
(i) सिरचन को लोग पूछते ही नहीं थे, बल्कि उसकी खुशामद भी करते थे।
(ii) लहरें बच्चों का रेत का घर गिरा देती तो वे नया घर बनाने लगते।

3. संधि:
कृति पूर्ण कीजिए

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
…………..  सम् + सार  …………..
अथवा
निश्चय  ………….. …………..

उत्तर:

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
संसार  सम् + सार  व्यंजन संधि
अथवा
 निश्चय  निः + चय विसर्ग संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) सामने शेर को देखते ही सभी यात्री काँपने लगे।
(ii) तुम्हारी भाभी ने कहाँ से सीखी हैं?
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) लगे – लगना
(ii) हैं – होना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) चलना
(ii) चमकना
(iii) लिखना।
उत्तर:
क्रिया – प्रथम प्रेरणार्थक रूप – द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) चलना – चलाना – चलवाना
(ii) चमकना – चमकाना – चमकवाना
(iii) लिखना – लिखाना – लिखवाना

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6. मुहावरे:
(1) निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) चंपत होना
(ii) मन न लगना।
उत्तर:
(i) चंपत होना।
अर्थ: गायब हो जाना।
वाक्य: पुलिस के आते ही चोर चंपत हो गया।

(ii) मन न लगना।
अर्थ: इच्छा न होना।
वाक्य: सिरचन का किसी काम में मन नहीं लग रहा था।

(2) अधोरेखांकित वाक्यांशों के लिए उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए: (खून का चूंट पीकर रह जाना, पानी फेरना, पिंड छुडाना)
(i) लालची और निर्लज्ज लोगों से छुटकारा पाना आसान नहीं होता।
(ii) शिवाजी आगरे से भाग निकले, इसलिए औरंगजेब को अपना मन मारकर रह जाना पड़ा।
उत्तर:
(i) लालची और निर्लज्ज लोगों से पिंड छुड़ाना आसान नहीं होता।
(ii) शिवाजी आगरे से भाग निकले, इसलिए औरंगजेब को अपना खून का चूंट पीकर रह जाना पड़ा।

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कास्क पहचानकर उनका भेद लिखिए:
(i) मानू फूट-फूटकर रो रही थी।
(ii) सिरचन ने जीभ को दाँत से काटकर दोनों हाथ जोड़ दिए।
उत्तर:
(i) मानू-कर्ता कारक
(ii) दाँत से-करण कारक।

8. विरामचिह्न:
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) माँ हँसकर कहती जा जा बेचारा मेरे काम में पूजा भोग की बात ही नहीं उठाता कभी
(ii) मानू कुछ नहीं बोली बेचारी किंतु मैं चुप नहीं रह सका चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी
उत्तर:
(i) माँ हँसकर कहती,“जा-जा बेचारा मेरे काम में पूजा भोग की बात ही नहीं उठाता कभी।”
(ii) मानू कुछ नहीं बोली।…बेचारी! किंतु मैं चुप नहीं रह सका-“चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी!”

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9. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) सिरचन को एक सप्ताह पहले ही काम पर लगा दिया। (पूर्ण भूतकाल)
(ii) मानू ससुराल जाती है। (सामान्य भविष्यकाल)
(iii) उनके आशीर्वाद आज भी हमें मिले। (सामान्य वर्तमानकाल)
उत्तर:
(i) सिरचन को एक सप्ताह पहले ही काम पर लगा दिया था।
(ii) मानू ससुराल जाएगी।
(iii) उनके आशीर्वाद आज भी हमें मिलते हैं।

10. वाक्य भेद:
(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद लिखिए:
(i) यह वही लड़का है, जिसे पुरस्कार मिला था।
(ii) मजदूर गड़ढ़ा खोदे और घर चले गए।
उत्तर:
(i) मिश्र वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य।

(2) निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
(i) गाँव के किसान सिरचन को मजदूरी के लिए नहीं बुलाते। (इच्छावाचक वाक्य)
(ii) तुम्हें समय पर स्कूल जाना चाहिए। (आज्ञावाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) काश! गाँव के किसान सिरचन को मजदूरी के लिए नहीं बुलाते।
(ii) तुम समय पर स्कूल जाओ।

11. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) लोग गंगा नदी को पवीत्र मानते हैं।
(ii) किसी झमाने में यह शहर बहुत आबाद हैं।
उत्तर:
(i) लोग गंगा नदी को पवित्र मानते हैं।
(ii) किसी जमाने में यह शहर बहुत समृद्ध था।

कृषक गान Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : प्रस्तुत गीत में गीतकार दिनेश भारद्वाज एक कृषक का महत्त्व प्रतिपादित कर रहे हैं। कृषक, जो कि संपूर्ण संसार का अन्नदाता है, स्वयं अभावों में जीता है। पर किसी के समक्ष हाथ नहीं फैलाता। कवि समाज में उसका सम्मान पूर्ववत स्थापित करना चाहते हैं।

कविता का सरल अर्थ

1. हाथ में संतोष ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक के अभावों की कोई सीमा नहीं है। परंतु उसके पास संतोष रूपी धन है। वह उसी संतोष के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। पूरे संसार में कैसा भी वसंत आए, कृषक के जीवन में सदैव पतझड़ ही रहता है। अर्थात ऋतुएँ बदलती हैं, लोगों की परिस्थितियाँ बदलती हैं, परंतु कृषक के भाग्य में अभाव ही अभाव हैं। ऐसी दयनीय स्थिति के बावजूद उसे किसी से कुछ माँगना अच्छा नहीं लगता। कृषक को अपनी दीन-हीन दशा पर भी नाज है। कवि कहते हैं कि में ऐसे व्यक्ति पर अभिमान करना चाहता हूँ। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

2. चूसकर श्रम रक्त ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक दिन-रात खेतों में काम करता है। अपने रक्त को पसीने के रूप में बहाता है और संपूर्ण जगत को जीवन-रस प्रदान करता है। ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में उसके लिए धूप-छाया दोनों एक-सी हैं। मौसम में कैसा भी बदलाव आए, कृषक की स्थिति नहीं बदलती। मैं मानवता के साथ उसका आह्वान करना चाहता हूँ। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

3. विश्व का पालक  ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक संपूर्ण संसार का अन्नदाता है। वह अन्न उगाकर पूरे विश्व का पालन करता है। लोगों को जीवन देता है। किंतु अफसोस की बात है कि जिन लोगों को वह पालता है, उन्हीं के द्वारा उसे पददलित

किया जाता है। अपमानित किया जाता है। मैं चाहता हूँ कि मैं कृषक का हाथ पकड़कर एक नवीन सृष्टि का निर्माण करूँ, जहाँ लोग उसके महत्त्व को समझें। उसका सम्मान करें। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

4. क्षीण निज बलहीन ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक को जीवन में पर्याप्त सुविधाएँ नहीं मिल पाती। उसे अपने दुर्बल, क्षीण शरीर को ढकने के लिए कपड़े तक नहीं प्राप्त होते। वह पत्तों से अपना तन ढकने को मजबूर होता है। कृषक ऊसर धरती में जी-तोड़ मेहनत करके, पसीने के रूप में अपने खून को बहाकर उसे उपजाऊ बनाता है। मेरे लिए वह सभी देवी-देवताओं से ऊपर है। मैं चाहता हूँ कि देव-दानवों के स्थान पर कृषक का ही ध्यान करूं, उसी के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करूं। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

5. यंत्रवत जीवित बना ………………………… का गान कर लूँ।

कृषक एक जीवित मशीन के समान है। वह बिना अपने अधिकार माँगे मशीन की तरह पूरा जीवन काम करता रहता है। उस अन्नदाता, सृष्टि के पालक की दुर्दशा देखकर आज मानवता रो रही है। मैं कण-कण जोड़कर कृषक के लिए एक ऐसे नीड़ का, ऐसे घर का निर्माण करना चाहता हूँ, जहाँ उसे एक अच्छा जीवन जीने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ प्राप्त हों। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 4 मन

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 4 मन Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 4 मन

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 4 मन Textbook Questions and Answers

कृति

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
लिखिए:

हाइकु द्वारा मिलने वाला संदेश
करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। भीतरी कुंठा नयनों के द्वार से आई बाहर।

उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 4 मन 5

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 4 मन 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 4 मन 3

प्रश्न 3.
उत्तर लिखिए:
a. मँझधार में डोले —-
b. छिपे हुए ——-
c. धुल गए ——-
d. अमर हुए ——-
उत्तर:
a. मँझधार में डोले – जीवन नैया।
b. छिपे हुए सितारे
c. घुल गए विषाद
d. अमर हुए गीतों के स्वर।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए:
a. चलतीं साथ पटरियाँ रेल की फिर भी मौन।
b. काँटों के बीच खिलखिलाता फूल देता प्रेरणा।
उत्तर:
a. रेल की पटरियाँ अनंत काल से साथ चल रही हैं, परंतु वे सदा मौन रहती हैं। एक-दूसरे से कभी बात नहीं करती।
b. गुलाब का फूल काँटों के बीच भी हँसता है, खिलखिलाता है। वह हमें हर पल प्रेरणा देता है कि हमें परेशानियों से घबराए बिना अपना काम करते जाना है।

उपयोजित लेखन

वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के उपलक्ष्य में आपके मित्र/सहेली ने आपको बधाई पत्र भेजा है, उसे धन्यवाद देते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखिए:
दिनांक: ……………………….
संबोधन: ……………………….
अभिवादन: ……………………….

प्रारंभ:
विषय विवेचन:
…………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………

तुम्हारा/तुम्हारी,
……………………….
नाम: ……………………….
पता: ……………………….
ई-मेल आईडी: ……………………….
उत्तर:
दिनांक: 25/8/20
प्रिय अविनाश,
नमस्ते!
तुम्हारा पत्र अभी-अभी मिला। धन्यवाद।
अंतर विद्यालय वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के लिए तुम्हारा बधाई-पत्र मिला। पत्र पाकर दिल गदगद हो गया। वास्तव में मेरी इस सफलता में तुम जैसे मित्रों का मुझे सदा उत्साह दिलाते रहने का बड़ा हाथ है। तुम तो जानते हो, मंच पर बोलने में मुझे कितनी झिझक होती थी।

पर तुम जैसे मित्रों और हमारे कक्षा अध्यापक के निरंतर प्रोत्साहन से आज मुझे अंतर विद्यालय वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने का अवसर मिला है। में इसके लिए तुम जैसे अपने सभी मित्रों और अपने कक्षा अध्यापक नरेश कौशल जी का तहे दिल से आभारी हूँ।

मेरा, उत्साह बढ़ाने के लिए धन्यवाद!
तुम्हारा मित्र
राजेश शर्मा।
17, विमल मेंशन,
महात्मा गांधी रोड,
औरंगाबाद।
ई-मेल आईडी: rajesh@xyz.com

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Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 4 मन Additional Important Questions and Answers

कृतिपत्रिका के प्रश्न 3 (आ) के लिए)
पद्यांश क्र. 1

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

(1) उत्तर लिखिए:
(i) खिले हुए ……………………….
उत्तर:
(i) खिले हुए – फूल।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
फागुन के महीने में प्रकृति रंगों से रंग जाती है। इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
फागुन का महीना बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। इस महीने में प्रकृति में चारों ओर नवीनता दिखाई देती है। खेत सरसों के पीले-पीले फूलों से भर जाते हैं। इन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे जमीन पर पीले रंग की विशाल चादरें बिछाई दी गई हों। बीच-बीच में अलसी के नीले-नीले फूल पीले रंग पर छाप जैसे लगते हैं। पलाश के वन लाल रंग के बड़े-बड़े फूलों से लद जाते हैं।

दूर से इन वनों को देखकर ऐसा लगता है, मानो पेड़ों से आग की लपटें निकल रही हों। विभिन्न प्रकार के पेड़ों पर गुलाबी रंग की नई-नई कोंपलें आ जाती हैं। इन्हें देखकर लगता है जैसे ये पेड़ गुलाबी रंग के वस्त्रों से सज गए हैं। इनके अतिरिक्त फागुन के महीने में ही तो होली का त्योहार आता है जब चारों ओर तरह-तरह के रंगों और अबीर-गुलाल की बहार आ जाती है। लोग खुशी से एक-दूसरे को रंगों से सराबोर कर देते हैं। इस तरह फागुन के महीने में प्रकृति तरह-तरह के रंगों से रँग जाती है।

पद्यांश क्र. 2

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

‘अ’ ‘आ’
(i) मछली मौन
(ii) गीतों के स्वर सूना
(iii) रेल की पटरियाँ प्यासी
(iv) आकाश अमर
Maharashtra Board Solutions पीड़ा

उत्तर:

‘अ’ ‘आ’
(i) मछली प्यासी
(ii) गीतों के स्वर अमर
(iii) रेल की पटरियाँ मौन
(iv) आकाश सूना।

(2) परिणाम लिखिए:
(i) सितारों का छिपना।
(ii) तुम्हारा गीतों को स्वर देना।
उत्तर
(i) सूना आकाश
(ii) गीतों का अमर होना।

(3) मन की ……………………. बरसी आँखें। इस हाइकु का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर
जब मन की पीड़ा बहुत गहरी हो जाती है, तो वह बादल बनकर आँसुओं के रूप में बरसने लगती है।

(4) तालिका पूर्ण कीजिए:

स्थिति  निवास  स्थान
मछली प्यासी सागर
सितारे छिपे हुए आकाश

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कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘आँखें देखने के अलावा और भी कई तरह के काम करती हैं’, इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मनुष्य के शरीर में विभिन्न अंग होते हैं और वे अपनाअपना निर्धारित काम करते हैं। कुछ अंगों से निर्धारित कामों के अलावा और भी कई तरह के काम लिए जाते हैं। आँखें हमारे शरीर का महत्त्वपूर्ण अंग हैं। इनसे देखने का काम तो लिया ही जाता है, साथ ही साथ और भी कई काम लिए जाते हैं। आँखों से तरह-तरह के इशारे किए जाते हैं, जिन्हें सामनेवाला आदमी आसानी से समझ लेता है। आँखें तरेरकर क्रोध प्रकट किया जाता है।

आँखें झुकाकर शर्म प्रदर्शित की जाती है। मन में छुपी दुख देने वाली भावनाओं को आँखों में आँसू लाकर प्रकट किया जाता है। मन भारी होने पर लोग रोकर अपना मन हल्का करते हैं। कोई अचंभेवाली घटना होने पर वाणी के साथ-साथ आँखों से भी भाव प्रदर्शित होता है। आँखों का एक आवश्यक काम मनुष्य को निद्रावस्था में ले जाकर उसे आराम दिलाना है। इस तरह आँखें देखने के अलावा कई महत्त्वपूर्ण काम करती हैं।

मन Summary in Hindi

मन कविता का सरल अर्थ

1. घना अंधेरा ……………………………. आई बहार।

जब अँधेरा घना होता है, तब प्रकाश और अधिक चमकता है अर्थात जब प्रतिकूल परिस्थितियाँ घने अंधकार के रूप में हमें घेर लेती हैं, तब वहीं से एकाएक प्रकाश की किरणें फूट पड़ती हैं।

हमें पूरा जीवन काम करते रहना चाहिए। यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें क्या प्राप्त होगा।

जीवन रूपी नैया यदि संसार रूपी सागर में डगमगा रही है, तो उसे कोई अन्य सँभालने के लिए नहीं आएगा। हमें स्वयं उसे पार लगाने के लिए प्रयास करना होगा।

फागुन का महीना अपने संग बसंत के विविध रंग लेकर आया है। यह समय उल्लास और उमंग का समय है। अतः हम सभी को कुछ समय के लिए चिंताओं और परेशानियों को भूलकर बसंत ऋतु का आनंद लेना चाहिए।

गुलाब का फूल काँटों के बीच भी हंसता है, खिलखिलाता है। वह हमें हर पल प्रेरणा देता है कि परेशानियों से घबराए बिना अपना काम करते जाना है।

जब नेत्रों से अश्रु बहते हैं, तो यह मानना चाहिए कि मन की कुंठा नयन रूपी द्वार से बाहर आ रही है।

2. खारे जल ……………………………. प्यासी ही रही। . . .

जब नेत्रों से अश्रु बहते हैं तो यह समझना चाहिए कि आँसुओं के खारे जल के साथ मन का संपूर्ण विषाद धुल गया है और मन पहले के समान पावन हो गया है।

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में अनेक परेशानियाँ हैं, चिंताएँ हैं, और हैं अप्रिय प्रसंग। ऐसे में जीवन रूपी संग्राम में डटे रहना हमारी जिजीविषा का प्रमाण है।

जब आकाश में बादल बहुत घने होते हैं, तभी वर्षा होती है। उसी प्रकार जब मन की पीड़ा बहुत गहरी हो जाती है, तो वह बादल बनकर आँसुओं के रूप में बरसने लगती है।

रेल की पटरियाँ अनंत काल से साथ चल रही हैं, परंतु वे सदा मौन रहती हैं। एक-दूसरे से कभी बात नहीं करती।

सितारे आकाश का शृंगार हैं। वे आकाश की शोभा बढ़ाते हैं। जैसे ही सितारे बादलों की ओट में छिपे, आकाश सूना हो जाता है। ठीक इसी प्रकार कुछ लोग हमारे जीवन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं। उनके चले जाने पर या विमुख हो जाने पर मानो हमारा जीवन निरर्थक हो जाता है।

कवि के अंदर अनोखी सामर्थ्य होती है। वह जिन गीतों को स्वर देता है, वे अमर हो जाते हैं। इसी प्रकार कवि अपनी रचनाओं के द्वारा समाज में परिवर्तन ला सकता है।

सागर में अथाह जलराशि होती है, परंतु खारा होने के कारण अथाह होने पर भी वह जलराशि पीने योग्य नहीं होती। उसी प्रकार कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा या धनवान क्यों न हो, यदि वह किसी जरूरतमंद के काम नहीं आ सकता तो उसका बड़प्पन व्यर्थ है।

मन विषय-प्रवेश:

प्रस्तुत कविता ‘मन’ जापान की लोकप्रिय विधा हाइकु’ पर आधारित है। यह विधा हिंदी साहित्य में स्वीकृति पा चुकी है। इस विधा को विश्व की सबसे छोटी कविता का स्थान प्राप्त है। इस कविता में कवि ने तीन-तीन छोटी पंक्तियों में अलग-अलग घटनाओं को सुंदर ढंग से पिरोया है। प्रस्तुत कविता की यह अपनी विशेषता है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 3 वाह रे! हमदर्द Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 3 वाह रे! हमदर्द

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 3 वाह रे! हमदर्द Textbook Questions and Answers

कृति

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 17

प्रश्न 2.
अंतर स्पष्ट कीजिए:
प्राइवेट अस्पताल – सार्वजनिक अस्पताल
१. …………………….. – १. ……………………..
प्राइवेट वार्ड – जनरल वार्ड
१. …………………….. – १. ……………………..
उत्तर:

प्राइवेट अस्पताल सार्वजनिक अस्पताल
प्राइवेट अस्पताल में अच्छी सुविधाएँ होती हैं। सार्वजनिक अस्पताल में कई बार सुविधाओं का अभाव होता है।
प्राइवेट वॉर्ड जनरल वॉर्ड
मिलने का कोई निश्चित समय नहीं होता। मिलने का निश्चित समय होता है।

प्रश्न 3.
आकृति में लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 23

Maharashtra Board Solutions

प्रश्न 4.
कारण लिखिए
a. लेखक को अधिक गुस्सा अपनी पत्नी पर आया ……………………..
b. लेखक कहते हैं कि मेरी दूसरी टाँग उस जगह तोड़ना जहाँ कोई परिचित न हो ……………………..
उत्तर:
a. आगंतुक को रोते देखकर लेखक की पत्नी ने उसे कोई रिश्तेदार या करीबी मित्र समझकर टैक्सीवाले को किराये के पैसे दे दिए थे।
b. उस जगह लेखक के परिचित होंगे तो लेखक से समय-असमय मिलने आकर तंग करेंगे।

प्रश्न 5.
शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए:
a. वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी रखे जाते हैं – ……………………..
b. जहाँ मुफ्त में भोजन मिलता है – ……………………..
उत्तर:
(i) चिड़ियाघर
(ii) लंगर (भंडारा)।

प्रश्न 6.
शब्द बनाइए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 37

प्रश्न 7.
अभिव्यक्ति- मरीज से मिलने जाते समय कौन-कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिए, लिखिए।
उत्तर:
प्राय: सभी को कभी-न-कभी मरीजों से मिलने अस्पताल में जाना पड़ता है। मरीज से मिलने जाते समय कुछ सावधानियाँ बरतना अत्यंत आवश्यक है। मरीज से मिलने जाते समय हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारी वजह से उसे कोई कष्ट न पहुँचे। बच्चे चुलबुले होते हैं। इसलिए मरीज के पास बच्चों को नहीं लेकर जाना चाहिए। बीमारी में दवा और पथ्य के साथ मरीज को आराम व अच्छी नींद आवश्यक है।

अत: मरीज के पास ज्यादा देर तक बैठना, जोर-जोर से बोलना, मरीज की बीमारी के बारे में नकारात्मक बातें करना आदि उचित नहीं है। जहाँ तक हो सके, मरीज का उत्साह बढ़ाना चाहिए। अस्पताल में डॉक्टर मरीज को उसकी आवश्यकता के अनुसार दवाएँ देते हैं। इसलिए मरीज से देसी नुस्खे आजमाने की बातें नहीं करनी चाहिए और न ही डॉक्टर की दवा के बारे में रोगी के मन में किसी तरह का भ्रम पैदा करना चाहिए।

भाषा बिंदु
प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में आए हुए संज्ञा शब्दों को रेखांकित करके उनके भेद लिखिए:
1. सोनाबाई अपने चार बच्चों के साथ आई। ……………………..
2. गाय बहुत दूध देती है। ……………………..
3. मैं रोज ईश्वर से प्रार्थना करता हैं। ……………………..
4. सैनिकों की टुकड़ी आगे बढ़ी। ……………………..
5. सोना-चाँदी और भी महँगे होते जा रहे हैं। ……………………..
6. गोवा देख मैं तरंगायित हो उठा। ……………………..
7. युवकों का दल बचाव कार्य में लगा था। ……………………..
8. आपने विदेश में भ्रमण तो कर लिया है। ……………………..
9. इस कहानी में भारतीय समाज का चित्रण मिलता है। ……………………..
10. सागर का जल खारा होता है। ……………………..
उत्तर:
1. सोनाबाई – व्यक्तिवाचक बच्चों – जातिवाचक।
2. गाय – जातिवाचक दूध – द्रव्यवाचक।
3. ईश्वर – जातिवाचक प्रार्थना- भाववाचक।
4. सैनिकों – जातिवाचक टुकड़ी – समूहवाचक।
5. सोना-चाँदी – द्रव्यवाचक।
6. गोवा – व्यक्तिवाचक।
7. युवकों – जातिवाचक दल – समूहवाचक। कार्य – भाववाचकी
8. विदेश – जातिवाचक भ्रमण – भाववाचका
9. कहानी – जातिवाचक समाज- समूहवाचक। चित्रण- भाववाचक।
10. सागर – जातिवाचक जल – द्रव्यवाचक।

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प्रश्न 2.
पाठ में प्रयुक्त किन्हीं पाँच संज्ञाओं को ढूँढकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:

  • साइकिल – मुझे साइकिल चलाना नहीं आता।
  • जोश – कई लोग जोश में होश खो बैठते हैं।
  • रेत – आन्या को सागर तट पर रेत का घर बनाना बहुत पसंद है।
  • आत्मा – प्रत्येक आत्मा परमात्मा का अंश होती है।
  • बंदर – बंदर और बच्चे एक जैसे शरारती होते हैं।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वाक्यों के रिक्त स्थानों में उचित सर्वनामों का प्रयोग कीजिए:
1. …………………….. सार्वजनिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में हैं।
2. …………………….. बाजार जाओ।
3. …………………….. कारखाने में एक ही विभाग में काम करते थे।
4. इसे लेकर …………………….. क्या करोगे?
5. हृदय …………………….. है; …………………….. उदार हो।
6. लोग …………………….. कमरा स्वच्छ कर रहे हैं।
7. …………………….. रिसॉर्ट हमने पहले से बुक कर लिया है।
8. इसके बाद …………………….. लोग दिन भर पणजी देखते रहे।
9. …………………….. इसके पहले उसे मना करता।
10. काम करने के लिए कहा है …………………….. करो।
उत्तर:
1. वे सार्वजनिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में हैं।
2. तुम बाजार जाओ।
3. हम कारखाने में एक ही विभाग में काम करते थे।
4. इसे लेकर तुम क्या करोगे।
5. हृदय वही है; तुम उदार हो।
6. लोग स्वयं कमरा साफ कर रहे हैं।
7. मैं रिसॉर्ट हमने पहले से बुक कर लिया है।
8. इसके बाद हम लोग दिन भर पणजी देखते रहे।
9. मैं इसके पहले उसे मना करता।
10. काम करने के लिए कहा है वही करो।

प्रश्न 4.
पाठ में प्रयुक्त सर्वनाम ढूँढ़कर उनका स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:

  • मैंने
    वाक्य: मैंने रेत का घर बनाया।
  • तुझे
    वाक्य: शिक्षिका ने तुझे बुलाया है, मनन।
  • वे
    वाक्य: वे मेरे चाचा हैं।
  • कोई
    वाक्य: बाहर कोई है।
  • आप
    वाक्य: कल आप कहाँ थे?
  • मुझसे
    वाक्य: माँ ने गुस्से में कहा, मुझसे बात मत करो।
  • उन्होंने
    वाक्य: उन्होंने मुझे घर तक पहुँचाया।
  • मुझे।
    वाक्य: मुझे नींद आ रही है।

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उपयोजित लेखन

प्रश्न.
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर किसी समारोह का वृत्तांत लेखन कीजिए:

  • स्थान
  • तिथि और समय
  • प्रमुख अतिथि
  • समारोह
  • अतिथि संदेश
  • समापन

उत्तर:
गांधी जयंती पर गांधी जी का स्मरण
अकोला, 3 अक्तूबर। अकोला के सरदार पटेल विद्यालय में कल 2 अक्तूबर को गांधी जयंती समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय में समारोह सुबह 10 बजे आयोजित किया जाना था। विद्यालय के विद्यार्थी 9 बजे से ही अपने-अपने स्थान पर बैठ गए थे।

विद्यालय के सभी अध्यापक मंच पर खादी का कुर्ता-पाजामा और खादी टोपी पहनकर विराजमान थे। प्रमुख अतिथि के रूप में शहर के वयोवृद्ध गांधीवादी जनार्दन पाटील उपस्थित थे। मंच पर गांधी जी की तस्वीर सुशोभित हो रही थी।

समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ गीत से हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य राम रतन जोशी ने उपस्थित लोगों का परिचय दिया और देश के लिए गांधी जी के योगदान की चर्चा की।

प्रमुख अतिथि जनार्दन पाटील ने गांधी जी के जीवन की कई घटनाओं के बारे में बताया। उन्होंने गांधी जी के हमेशा सत्य बोलने के आग्रह के बारे में बताया और कहा कि हमें सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। अपने लाभ के लिए कभी झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए।

विद्यालय के उपमुख्याध्यापक सुधीर देशपांडे ने प्रमुख अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द Additional Important Questions and Answers

कृतिपत्रिका के प्रश्न 1 (अ) तथा 1(आ) के लिए

गद्यांश क्र.1

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 4
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 7

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प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 5
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 8

प्रश्न 3.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 6
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 9

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 10
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 11

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 12
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 13

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प्रश्न 3.
जोड़ियाँ मिलाइए:

‘अ’  ‘आ’
(i) ऐक्सिडेंट  खुला निमंत्रण
(ii) टाँग  दुर्घटना
(iii) प्राइवेट वार्ड  रेत की थैली
(iv) सार्वजनिक अस्पताल में भरती होना  फ्रैक्चर

उत्तर:

‘अ’  ‘आ’
(i) ऐक्सिडेंट  फ्रैक्चर
(ii) टाँग  रेत की थैली
(iii) प्राइवेट वॉर्ड  खुला निमंत्रण
(iv) सार्वजनिक अस्पताल में भरती होना  दुर्घटना

कृति 3: (शब्द संपंदा)

प्रश्न 1.
सूचना के अनुसार लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 14
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 15

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त उर्दू शब्द ढूँढकर लिखिए।
(i) ………………….
(ii) ………………….
(iii) ………………….
(iv) ………………….
उत्तर:
(i) जवाब
(ii) फिक्र
(ii) तकलीफ
(iv) मरीज।

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प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
(i) ………………….
(ii) ………………….
(ii) ………………….
(iv) ………………….
उत्तर:
(ii) मिलने-जुलने
(iii) सही-सलामत
(iv) परिचित-अपरिचित।

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त उपसर्गयुक्त शब्द ढूँढ़कर उनके मूल शब्द और उपसर्ग अलग करके लिखिए।
(i) ………………….
(ii) ………………….
(iii) ………………….
उत्तर:
(i) अपरिचित = अ + परिचित।
(ii) दुर्घटना = दुर् + घटना।
(iii) हमदर्दी = हम + दर्दी।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
सार्वजनिक अस्पतालों में मरीजों को होने वाली परेशानियों के विषय में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
देश में अनगिनत निजी अस्पताल हैं, परंतु देश की आधी से अधिक गरीब जनता सार्वजनिक अस्पतालों पर ही निर्भर है। इन अस्पतालों की हालत बहुत दयनीय है। इन अस्पतालों की एक्स-रे आदि मशीनों का कोई ठिकाना नहीं होता। गरीबों को वहाँ इलाज के स्थान पर तकलीफ ही मिलती है। सार्वजनिक अस्पतालों में समय पर डॉक्टर नहीं मिलते। डॉक्टर यदि मिल भी जाता है, तो दवाइयाँ नहीं मिलती।

इसलिए मरीजों को महँगे दामों पर बाहर से दवाएँ खरीदने को बाध्य होना पड़ता है। इसके अलावा डॉक्टर के साथ-साथ अस्पताल के कर्मचारियों का व्यवहार भी रोगियों के प्रति बहुत खराब होता है। ऐसे में इन अस्पतालों में मरीज का ढंग से इलाज नहीं हो पाता। इसलिए लोग इन अस्पतालों में जाने से कतराते हैं।

गद्यांश क्र.2
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
वाक्य पूर्ण कीजिए:
(i) इनकी हमदर्दी में यह बात खास छिपी रहती है ………………………..।
(ii) उस दिन सोनाबाई अपने चार बच्चों के साथ आई तो ………………………..।
उत्तर:
(1) इनकी हमदर्दी में यह बात खास छिपी रहती है कि देख बेटा, वक्त सब पर आता है।
(ii) उस दिन सोनाबाई अपने चार बच्चों के साथ आई तो मुझे लगा कि आज फिर कोई दुर्घटना होगी।

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 18
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 19

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कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही यह नहीं आती – [ ]
(ii) कुछ लोग सिर्फ यह निभाने आते हैं – [ ]
(iii) इन लोगों को मरीज से यह नहीं होती – [ ]
(iv) कब मेरी टाँग टूटे, कब वे अपना यह चुकाएँ – [ ]
उत्तर:
(i) दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही यह नहीं आती [नींद]
(ii) कुछ लोग सिर्फ यह निभाने आते हैं – [औपचारिकता]
(iii) इन लोगों को मरीज से यह नहीं होती – [हमदर्दी]
(iv) कब मेरी टाँग टूटे, कब वे अपना यह चुकाएँ – [एहसान]

प्रश्न 2.
विधानों के सामने सत्य /असत्य लिखिए:
(i) मैंने तय किया कि आज मैं आँख ही नहीं खोलूँगा।
(ii) ऑफिस के बड़े साहब आए।
(iii) उन्होंने मेरी टाँग के टूटे हिस्से को जोर से दबाया।
(iv) कहिए, अब सिरदर्द कैसा है?
उत्तर:
(i) सत्य
(ii) असत्य
(iii) सत्य
(iv) असत्य।

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 20
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 21

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलकर लिखिए:
(i) बेटा
(ii) टाँग
(iii) दुर्घटनाएँ
(iv) हिस्सा।
उत्तर:
(i) बेटा – बेटे
(ii) नींद – स्त्रीलिंग
(iii) दुर्घटनाएँ – दुर्घटना
(iv) वक्त – पुल्लिग।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:
(i) दिन
(ii) नींद
(ii) फुरसत
(iv) वक्त।
उत्तर:
(i) दिन – पुल्लिग
(ii) आँख = नयन
(iii) फुरसत – स्त्रीलिंग
(iv) वक्त = समय।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) नींद
(ii) आँख
(iii) दर्द
(iv) वक्त।
उत्तर:
(i) नींद = निद्रा
(iii) दर्द = पीड़ा
(ii) टाँग – टाँगें
(iv) हिस्सा – हिस्से।

गद्यांश क्र. 3

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
कारण लिखिए:

(i) आगंतुक ने जब लेखक से आँख मिलाई तो एकदम चुप हो गया …………………………
उत्तर:
(i) आगंतुक किसी अन्य मरीज से मिलने आया था।

प्रश्न 2.
ऐसे दो प्रश्न बनाइए, जिनके उत्तर: निम्नलिखित हों:

(i) दवा की शीशी
(ii) औपचारिकता।
उत्तर:
(i) सोनाबाई की लड़की ने क्या पटक दी?
(ii) कुछ लोग क्या निभाने की हद कर देते हैं?

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 24
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 25

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 26
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 27

प्रश्न 3.
गद्यांश में उल्लिखित शरीर के अंगों के नाम:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 28
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 29

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कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) सिर
(ii) रोना
(iii) गलत
(iv) गुस्सा।
उत्तर:
(i) सिर x पैर
(ii) रोना x हँसना
(iii) गलत x सही
(iv) गुस्सा x प्यार।

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द ढूँढकर लिखिए।
(i) …………………………
(ii) …………………………
(iii) …………………………
(iv) …………………………
उत्तर:
(i) टेबल
(ii) डांस
(iii) टैक्सी
(iv) प्रैक्टिस।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘शकुन-अपशकुन’ के बारे में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
शकुन-अपशकुन समाज में प्रचलित एक अवधारणा है। इसमें यह माना जाता है कि कुछ विशेष प्रकार की परिघटनाएँ हमारे भविष्य का संकेत देती हैं। अनुकूल भविष्यवाणी करने वाले संकेतों को शुभ शकुन और प्रतिकूल भविष्यवाणी करने वाले संकेतों को अपशकुन कहा जाता है। हमारे देश में ही नहीं, अपितु संसार भर में लोग शकुन-अपशकुन पर विश्वास करते हैं। भारतीय संस्कृति में शकुन-अपशकुन का वर्णन वेदों, पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है।

काली बिल्ली द्वारा रास्ता काट जाना, किसी कार्य को आरंभ करते समय किसी का छींक देना, घर से बाहर जाते हुए व्यक्ति को किसी के द्वारा टोका जाना आदि समाज में बहुप्रचलित अपशकुन हैं। इन अपशकुनों को मानने वालों की संख्या कम नहीं है। इन अपशकुनों के चक्कर में आकर कभी-कभी लोगों को हानि भी उठानी पड़ती है, फिर भी वे इन्हें मानने से नहीं चूकते। ये मान्यताएँ मनुष्य को कमजोर बनाती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से इन शकुन-अपशकुनों को अंधविश्वास ही माना जाता है।

गद्यांश क्र.4

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 30
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 31

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प्रश्न 2.
कारण लिखिए:

(i) लेखक ने बड़ी मुश्किल से कवि लपकानंद को विदा किया …………………………
उत्तर:
(i) कवि लपकानंद जब कविता सुनाना शुरू करते, तो रुकने का नाम नहीं लेते थे।

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 32
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 33

प्रश्न 2.
ऐसे दो प्रश्न बनाइए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(i) डायरी
(ii) बड़े बेवफा।
उत्तर:
(i) कवि ने झोले से क्या निकाली?
(ii) हमदर्दी जताने वाले कैसे होते हैं?

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 34
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 वाह रे! हमदर्द 35

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूंढकर उनको वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
(i) …………………………
(ii) …………………………
उत्तर:
(i) दस-बीस – गोदाम में दस-बीस किलो गेहूँ पड़ा है।
(ii) चार-पाँच – चार-पाँच लड़कों को भेजो, कक्षा का फर्नीचर बाहर निकलवाना है।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
कवियों की कविता सुनाने की आदत के बारे में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
कवि दो प्रकार के होते हैं। एक वे, जो सचमुच कवि होते हैं और अपने विचारों को मथकर उन्हें सुंदर और सुरुचिपूर्ण शब्दों के माध्यम से कागज पर उतारते हैं। उनकी कविता सुनकर श्रोता को आनंद के साथ-साथ एक दिशा भी मिलती है। दूसरे प्रकार के कवि वे होते हैं, जो अंत:करण से कवि नहीं होते। वे जबरन कवि बनकर कविता लिखना चाहते हैं। इनकी कविता कविता न होकर शब्दों का बेतरतीब समूह होती है।

जोड़-तोड़कर कविता तैयार करते ही ये श्रोता की तलाश करने लगते हैं और जो भी सामने मिल जाता है, उसे अपनी कविता सुनाए बिना नहीं छोड़ते। इनकी कविता सुनने के लिए कोई आसानी से तैयार नहीं होता। पर विद्वान कवि कभी अपनी कविता सुनाने की कोशिश नहीं करते। उनकी कविता सारगर्मित होती है और वे हर किसी को कविता सुनाते नहीं फिरते।

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भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न.
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. शब्द भेद:
निम्नलिखित वाक्यों में अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) मैं अपनी टाँगों की ओर देखता हूँ।
(ii) मेरे दिमाग में एक नये मुहावरे का जन्म हुआ।
(iii) सोनाबाई के बच्चे खेलने लगे।
उत्तर:
(i) मैं – पुरुषवाचक सर्वनाम।
(ii) नये – गुणवाचक विशेषण।
(iii) सोनाबाई – व्यक्तिवाचक संज्ञा।

2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) अकसर
(ii) इर्द-गिर्द
(iii) धीरे-धीरे।
उत्तर:
(i) मैं लपकानंद को देखकर अकसर भाग खड़ा होता हूँ।
(ii) मेरे इर्द-गिर्द अनेक लोग खड़े थे।
(iii) बड़े बाबू धीरे-धीरे मुझे हिलाने लगे।

3. संधि:
कृति पूर्ण कीजिए:।

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
………………..  नै + इका  ………………..
अथवा
 दुर्बल  ……………….. ………………..

उत्तर:

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
नायिका  नै + इका स्वर संधि
अथवा
 दुर्बल दुः + बल विसर्ग संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) अस्पताल का खयाल आते ही में काँप उठा।
(ii) कोई भी आए मैं चुपचाप पड़ा रहूँगा।
(iii) बच्चे खेलने लगे।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) उठा – उठना
(ii) रहूँगा – रहना
(iii) लगे – लगना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय ‘ प्रेरणार्थक रूप लिखिए:

क्रिया  प्रथम प्रेरणार्थक रूप  द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) मानना
(ii) लिखना
(ii) जलना Maharashtra Board Solutions

उत्तर:

क्रिया  प्रथम प्रेरणार्थक रूप  द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) मानना  मनाना  मनवाना
(ii) लिखना  लिखाना  लिखवाना
(ii) जलना  जलाना  जलवाना

6. मुहावरे:
(1) निम्नलिखित कहावत का अर्थ लिखिए और वाक्य में प्रयोग कीजिए:
ढाक के तीन पात।
अर्थ: सदा एक-सी स्थिति।
वाक्य: छगनलाल ने सालभर में कई व्यवसाय बदले, पर हालत आज भी वही है ढाक के तीन पात।

(2) अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए:
सुमधुर गायन सुनकर श्रोताओं ने गायक की प्रशंसा की। (सराहना करना, बोलबाला होना)
उत्तर:
अर्थ: सराहना करना।
वाक्य: सुमधुर गायन सुनकर श्रोताओं ने गायक की सराहना की।

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उनका भेद लिखिए:
(i) मैंने उन्हें जल्दी से चाय पिलाई।
(ii) आप अस्पताल में हैं।
उत्तर:
(i) मैंने – कर्ता कारक
(ii) अस्पताल में – अधिकरण कारक।

8. विरामचिह्न:
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) वे मुझे ऐसे देख रहे थे मानो उनकी एक आँख पूछ रही हो कहो कविता कैसी रही और दूसरी आँख पूछ रही हो बोल बेटा अब भी मुझसे भागेगा
(ii) सोनाबाई ने लड़की को घूरा फिर हँसते हुए बोली भैया पेड़े खिलाओ दवा गिरना शुभ होता है
(iii) मैंने कराहते हुए पूछा मैं कहाँ हूँ
उत्तर:
(i) वे मुझे ऐसे देख रहे थे, मानो उनकी एक आँख पूछ रही हो, ‘कहो, कविता कैसी रही?’ और दूसरी आँख पूछ रही हो, बोल, बेटा! अब भी मुझसे भागेगा?’
(ii) सोनाबाई ने लड़की को घूरा, फिर हँसते हुए बोली, “भैया, पेड़े खिलाओ, दवा गिरना शुभ होता है।”
(iii) मैंने कराहते हुए पूछा, “मैं कहाँ हूँ?”

9. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) एक चेहरा बड़ी तेजी से जवाब देता है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
(ii) मेरी आँख खुलते ही सबके चेहरों पर प्रसन्नता की लहर दौड़ जाती है। (सामान्य भूतकाल)
(iii) सोनाबाई फिर आती है। (सामान्य भविष्यकाल)
उत्तर:
(i) एक चेहरे ने बड़ी तेजी से जवाब दिया है।
(ii) मेरी आँख खुलते ही सबके चेहरों पर प्रसन्नता की लहर दौड़ गई।
(iii) सोनाबाई फिर आएगी।

10. वाक्य भेद:
(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) जब आँख खुली तो मैंने स्वयं को बिस्तर पर पाया।
(ii) मैंने उसे जल्दी से चाय पिलाई और विदा किया।
उत्तर:
(i) मिश्र वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य।

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(2) निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
(i) मेरी टाँग टूटना एक दुर्घटना थी। (प्रश्नवाचक)
(ii) आज फिर कोई दुर्घटना होगी। (इच्छावाचक)
उत्तर:
(i) क्या मेरी टाँग टूटना एक दुर्घटना थी?
(ii) आज फिर कोई दुर्घटना न हो।

11. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) अब मैं अपने टाँगों की ओर देखता है।
(ii) सोनाबाई से एक पल लड़की को घूरी।
(iii) गुप्ता जी की कमरा शायद बगल में हैं।
उत्तर:
(i) अब मैं अपनी टाँगों की ओर देखता हूँ।
(ii) सोनाबाई ने एक पल लड़की को घूरा।
(iii) गुप्ता जी का कमरा शायद बगल में है।

उपक्रम/कृति/परियोजना

किसी सार्वजनिक या ग्राम पंचायत की सभा में अंगदान’ के बारे में अपने विचार प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
आदरणीय सरपंच महोदय, पंच परमेश्वर तथा अन्य सभी उपस्थित सज्जनो, आज मैं आप सभी के समक्ष अंगदान के विषय में अपने विचार प्रस्तुत करना चाहता हूँ। अंगदान वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी व्यक्ति के शरीर का कोई अंग उसकी व उसके परिवार की सहमति से हटाकर किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया जाता है। इस प्रक्रिया द्वारा एक व्यक्ति को नया जीवन मिल जाता है।

प्रत्यारोपण के लिए गुर्दे, लिवर, फेफड़े, हृदय, हड्डियाँ, अस्थि मज्जा, त्वचा, अग्न्याशय, कॉर्निया, आँत आदि का दान दिया जाता है। अंगदान की प्रक्रिया को दुनिया भर में प्रोत्साहित किया जाता है। भारत में यह कानूनन वैध है। अंगदान समाज के लिए एक चमत्कार साबित हुआ है। हालाँकि माँग की तुलना में आपूर्ति बहुत कम है।

वाह रे! हमदर्द Summary in Hindi

वाह रे! हमदर्द विषय-प्रवेश :

अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए मरीज को देखने जाने की परंपरा समाज में पुरानी है। इससे मरीज को खुशी होती है और कुछ समय के लिए उसका ध्यान अपने कष्ट से हट जाता है। पर कुछ मिलने वाले ऐसे होते हैं, जो मरीज के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं। प्रस्तुत हास्य-व्यंग्यात्मक निबंध में लेखक ने दुर्घटना के माध्यम से एक ऐसी ही स्थिति का चित्रण किया है। निबंध में जहाँ एक ओर समाज में विद्यमान परोपकार की भावना पर प्रकाश डाला गया है, वहीं दूसरी ओर बड़े ही रोचक ढंग से हमदर्द लोगों की मानसिकता को भी चित्रित किया गया है। कभी-कभी हमदर्दी भी रोगी की मानसिक पीड़ा का कारण बन जाती है।

वाह रे! हमदर्द मुहावरे – अर्थ

  • ड़ाना – बाधा डालना।
  • काँप उठना – भयभीत होना।

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कृति

(कृतिपत्रिका के प्रश्न 2 (अ) तथा प्रश्न 2 (आ) के लिए)
सूचनानुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 16

प्रश्न 2.
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 8

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प्रश्न 3.
इस अर्थ में आए शब्द लिखिए:

 अर्थ शब्द
i.  दासी ………….
ii.  साजन ………….
iii.  बार-बार ………….
iv.  आकाश ………….

उत्तर:

 अर्थ शब्द
i.  दासी चेरी
ii.  साजन पति
iii.  बार-बार बेर-बेर
iv.  आकाश अंबर

प्रश्न 4.
कन्हैया के नाम
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 5

प्रश्न 5.
दूसरे पद का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
(i) निकट – ढिग
(ii) साजन – पति।

उपयोजित लेखन

निम्नलिखित शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए तथा उचित शीर्षक दीजिए:
अलमारी, गिलहरी, चावल के पापड़, छोटा बच्चा
उत्तर:
जीव दया
एक गाँव में एक छोटा बच्चा रहता था। उसका नाम चिंटू था। एक दिन चिंटू अपने घर के बाहर खेल रहा था। उसने देखा कि सामने एक पेड़ के नीचे दो-तीन कौए किसी चीज पर चोंच मार रहे हैं और वहाँ से हल्की-हल्की चर्ची-चीं की आवाज आ रही है। चिंटू दौड़कर वहाँ पहुँचा और उसने उन कौओं को वहाँ से उड़ाया। उसने देखा कि एक छोटी-सी गिलहरी वहाँ ची-चीं कर रही थी। उसका शरीर कौओं की चोंच से घायल हो गया था। चिंटू ने अपनी जेब से रूमाल निकाला और डरे बिना धीरे से गिलहरी को उठा लिया। उसने घर के अंदर लाकर उसे पानी पिलाया, उसके घावों को साफ करके उन पर सोफामाइसिन लगाई और उसे मेज पर बैठा दिया।

गिलहरी कुछ देर बाद धीरे-धीरे मेज पर घूमने लगी। मेज पर एक प्लेट में चावल के पापड़ रखे थे। गिलहरी ने एक पापड़ उठाया और अपने अगले दोनों पंजों में पकड़कर धीरे-धीरे उसे खाने लगी। चिंटू को बहुत अच्छा लगा। उसने माँ से पूछा कि जब तक गिलहरी बिलकुल ठीक नहीं हो जाती क्या मैं उसे अपने पास रख सकता हूँ। अभी अगर वह बाहर जाएगी तो कौए उसे अपना आहार बना लेंगे। माँ को चिंटू की ऐसी सोच पर गर्व हुआ और उन्होंने खुशी-खुशी उसकी बात मान ली। चिंटू ने अपनी किताबों की खुली आलमारी के एक खाने में एक तौलिया बिछाकर गिलहरी को बैठा दिया। उसके पास चावल के कुछ पापड़ तथा अमरूद के कुछ टुकड़े रख दिए। तीन-चार दिन बाद जब गिलहरी अच्छी तरह दौड़ने लगी तो चिंटू ने उसे बाहर पेड़ पर छोड़ दिया।

सीख: हमें पशु-पक्षियों के प्रति दया भाव रखना चाहिए।

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अपठित पद्यांश

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:-

काम जरा लेकर देखो, सख्त बात से नहीं स्नेह से
अपने अंतर का नेह अरे, तुम उसे जरा देकर देखो।
कितने भी गहरे रहें गर्त, हर जगह प्यार जा सकता है,
कितना भी भ्रष्ट जमाना हो, हर समय प्यार भा सकता है।
जो गिरे हुए को उठा सके, इससे प्यारा कुछ जतन नहीं,
दे प्यार उठा पाए न जिसे, इतना गहरा कुछ पतन नहीं ।।

– (भवानी प्रसाद मिश्र)

प्रश्न 1.
उत्तर लिखिए:
a. किसी से काम करवाने के लिए उपयुक्त – ………….
b. हर समय अच्छी लगने वाली बात – ………….
उत्तर:

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए:
a. अच्छा प्रयत्न यही है – ………….
b. यही अधोगति है – ………….
उत्तर:

प्रश्न 3.
पद्यांश की तीसरी और चौथी पंक्ति का संदेश लिखिए।
उत्तर:

भाषा बिंदु

कोष्ठक में दिए गए प्रत्येक/कारक चिह्न से अलग-अलग वाक्य बनाइए और उनके कारक लिखिए:
[ने, को, से, का, की, के, में, पर, हे, अरे, के लिए]
………………………………………………………..
………………………………………………………..
………………………………………………………..
………………………………………………………..
………………………………………………………..
उत्तर:
(1) ने – ऋतु ने खाना बनाया।
(2) को – विपिन ने प्रगति को खाना खिलाया।
(3) से – हिमानी साइकिल से ऑफिस जाती है।
(4) का – शुभम हर्षित का भाई है।
(5) की – पूर्वी आयुष की बहन है।
(6) के – नीरज के तीन चाचा हैं।
(7) में – नीनू घर में है।
(8) पर – पेड़ पर बंदर कूद रहे हैं।
(9) हे – हे भगवान, कितना शोर है यहाँ।
(10) अरे – अरे! सलिल तुम कहाँ हो?
(11) के लिए – अंशु वारिजा के लिए फ्रॉक लाई।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर Additional Important Questions and Answers

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पद्यांश क्र. 1

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 6

(ii) a. श्रीकृष्ण के सिर पर है
b. मीरा इन्हें अपना पति मानती हैं –
उत्तर:
a. श्रीकृष्ण के सिर पर है – मोर मुकट
b. मीरा इन्हें अपना पति मानती हैं – गिरधर गोपाल

प्रश्न 2.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 7

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प्रश्न 3.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

 आ
आँसुओं के जल से
कुल की मर्यादा
प्रेम बेल
संत संगति के कारण
छोड़ दी
आनंद फल
लोक लाज खोई
प्रेम की बेल सींची
प्रेम से बिलोई।

उत्तर:

आँसुओं के जल से
कुल की मर्यादा
प्रेम बेल
संत संगति के कारण
प्रेम की बेल सींचा।
छोड़ दी।
आनंद फल।
लोक लाज खोई।

कृति 2: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों को शुद्ध रूप में लिखिए:
(i) भगत – …………………….
(ii) माखन – …………………….
(iii) आणंद – …………………….
(iv) जाके – …………………….
उत्तर:
(i) भगत – भक्त
(ii) माखन – मक्खन
(iii) आणंद – आनंद
(iv) जाके – जिसके।

प्रश्न 2.
निम्नालाखत शब्दा क समानाथा शब्दालाखए:
(i) मोर = …………………….
(ii) जगत = …………………….
(iii) दूध = …………………….
(iv) प्रेम = …………………….
उत्तर:
(i) मोर = मयूर
(ii) जगत = संसार
(iii) दूध = दुग्ध
(iv) प्रेम = प्यार।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अर्थवाले शब्द पद्यांश से चुनकर लिखिए:
(i) उद्घार करो – …………………….
(ii) मुझे – …………………….
उत्तर:
(i) उद्घार करो – तारो
(ii) मुझे – मोही।

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कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
मैंने दूध जमाने के पात्र में जमे दही को मथानी से बड़े प्रेम से बिलोया और उसमें से कृष्ण-प्रेम रूपी मक्खन को निकाल लिया। शेष छाछ रूपी निस्सार जगत को छोड़ दिया। कृष्ण-भक्तों को देखकर मैं प्रसन्न होती हूँ, परंतु संसार का व्यवहार देख मुझे दुख होता है और मैं रो पड़ती हूँ। हे गिरधरलाल, मीरा तो आपकी दासी है, उसे इस संसार रूप भव-सागर से पार लगाओ।

पद्यांश क्र. 2

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:

(i) ये मीरा के प्रतिपालक हैं
(ii) कृष्ण के बिना इनको कहीं आश्रय नहीं है –
(iii) मीरा को प्रभु से मिलने की तीव्र यह है –
(iv) मीरा की यह संसार सागर में डूबने वाली है
उत्तर:
(i) ये मीरा के प्रतिपालक हैं – कृष्ण
(ii) कृष्ण के बिना इनको कहीं आश्रय नहीं है – मीरा
(iii) मीरा को प्रभु से मिलने की तीव्र यह है – लालसा
(iv) मीरा की यह संसार सागर में डूबने वाली है – नौका

प्रश्न 2.
पद्यांश में आए इस अर्थ के शब्द लिखिए:

(i) दासी
(ii) आश्रय
(iii) बार-बार
(iv) नौका।
उत्तर:
(i) दासी – चेरी
(ii) आश्रय – गती
(iii) बार-बार – बेर-बेर
(iv) नौका – बेरी।

प्रश्न 3.
विधानों के सामने सत्य / असत्य लिखिए:

(i) हरि बिना मीरा को कहीं आश्रय नहीं है।
(ii) कृष्ण मीरा के पति हैं और वे उनकी पत्नी।
(iii) मीरा बार-बार प्रभु की आरती करती हैं।
(iv) मीरा की जीवन नौका संसार सागर में डूबने वाली है।
उत्तर:
(i) सत्य
(i) असत्य
(iii) असत्य
(iv) सत्य।

प्रश्न 4.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 9
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 10

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कृति 2: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए:

(i) कूण – …………………..
(ii) रावरी – …………………..
(iii) बेरी – …………………..
(iv) नेरी – …………………..
उत्तर:
(i) कूण – कहाँ
(ii) रावरी – आपकी
(iii) बेरी – बेड़ा
(iv) नेरी – पास, निकट।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचान कर लिखिए:
(i) पखावज …………………..
(ii) पिचकारी …………………..
(iii) गुलाल …………………..
(iv) चरण …………………..
उत्तर:
(i) पखावज – स्त्रीलिंग
(ii) पिचकारी – स्त्रीलिंग
(iii) गुलाल – पुल्लिंग
(iv) चरण – पुल्लिंग।

कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
उपयुक्त पद्यांश की ‘हरि बिन कूण आरति है तेरी।।’ पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
हे हरि, आपके बिना मेरा कौन है? अर्थात आपके सिवा मेरा कोई ठिकाना नहीं है। आप ही मेरा पालन करने वाले हैं और मैं आपकी दासी हूँ। मैं रात-दिन, हर समय आपका ही नाम जपती रहती हूँ। में बार-बार आपको पुकारती हूँ, क्योंकि मुझे आपके दर्शनों की तीव्र लालसा है।

पद्यांश क्र. 3

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
पद्यांश में आए इस अर्थ के शब्द लिखिए:
बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका

(i) कमल
(ii) आकाश
(iii) श्रेष्ठ
(iv) संतोष।
उत्तर:
(i) कमल – कँवल
(ii) आकाश – अंबर
(iii) श्रेष्ठ – छतीयूँ
(iv) संतोष – संतोख।

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प्रश्न 2.
जोड़ियाँ बनाइए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 11
उत्तर:
(i) सुर – राग
(ii) करताल – झनकार
(iii) घट – पट
(iv) प्रेम – पिचकार।

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) आकाश लाल हो गया है इससे –
(ii) गिरिधर नागर हैं मीरा के ये –
उत्तर:
(i) आकाश लाल हो गया है इससे – गुलाल से।
(ii) गिरिधर नागर हैं मीरा के ये – प्रभु।

प्रश्न 4.
उत्तर लिखिए: (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 12
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 14
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 गिरिधर नागर 15

कृति 2: (शब्द संपदा) (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)

पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए:
ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन से रूप नहीं बदलता –
(i) ……………………..
(ii) ……………………..
उत्तर:
(i) दिन
(ii) चरण।

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कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
उत्तर:
हे मेरे मन, फागुन मास में होली खेलने का समय अति अल्प होता है। अतः तू जी भरकर होली खेल। अर्थात मानव जीनव अस्थायी है, इसलिए भगवान कृष्ण से पूर्ण रूप से प्रेम कर ले। जिस प्रकार होली के उत्सव में नाच आदि का आयोजन होता है, उसी प्रकार कृष्ण-प्रेम में मुझे ऐसा प्रतीत होता है मानो करताल, पखावज आदि बाजे बज रहे हैं और अनहद नाद का स्वर सुनाई दे रहा है, जिससे मेरा हृदय बिना स्वर और राग के अनेक रागों का आलाप करता रहता है। मेरा रोम-रोम भगवान कृष्ण के प्रेम के रंग में डूबा रहता है। मैंने अपने प्रिय से होली खेलने के लिए शील और संतोष रूपी केसर का रंग घोला है। मेरा प्रिय-प्रेम ही होली खेलने की पिचकारी है।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न.
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. शब्द भेद:
अधोरेखांकित शब्दों का शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) बाहर कोई नहीं है।
(ii) माँ को हंसी आ गई।
(iii) चतुर वैद्य विष से भी दवा का काम ले सकता है।
उत्तर:
(i) कोई – अनिश्चयवाचक सर्वनाम।
(ii) हँसी – भाववाचक संज्ञा।
(iii) चतुर – गुणवाचक विशेषण।

2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) भी
(ii) इसलिए।
उत्तर:
(i) भी – हमारी बेटी गाय से भी अधिक सीधी है।
(ii) इसलिए – नीरज बीमार था, इसलिए दफ्तर नहीं गया।

3. संधि:
कृति पूर्ण कीजिए:
संधि शब्द – संधि विच्छेद – संधि भेद
…………. – उत् + लेख। – ……………
अथवा
तपोबल – …………… – ……………
उत्तर:
संधि शब्द – संधि विच्छेद – संधि भेद
उल्लेख – उत् + लेख – व्यंजन संधि
अथवा
तपोबल – तपः + बल – विसर्ग संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) यह कुरसी दीवार की तरफ खिसका दो।
(ii) हम समय पर स्टेशन पहुंच गए।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) दो – देना
(ii) गए – जाना

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5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) पढ़ना
(ii) जीतना
(ii) करना।
उत्तर:
क्रिया – प्रथम प्रेरणार्थक रूप – द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) पढ़ना – पढ़ाना – पढ़वाना
(ii) जीतना – जिताना – जितवाना
(iii) करना – कराना – करवाना

6. मुहावरे:
(1) निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) चैन न मिल पाना
(ii) झेंप जाना।
उत्तर:
(i) चैन न मिल पाना।

अर्थ: बेचैनी अनुभव करना। वाक्य: मालिक की कड़ी बातें सुनकर मुनीम को चैन न मिल पाया।

(ii) झेंप जाना।
अर्थ: लज्जित होना, शरमाना। वाक्य: नकल करने पर मित्र की फटकार सुनकर अभिनव झेंप गया।

(2) अधोरेखांकित वाक्यांशों के लिए कोष्ठक में दिए गए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए:
(नाक-भौं सिकोड़ना, गुदगुदा देना, सिर झुका देना)
(i) अप्रिय बात सुनकर सभी तिरस्कार प्रकट करेंगे।
(ii) जीवन में आनंददायी क्षण बहुत कम होते हैं।
उत्तर:
(i) अप्रिय बात सुनकर सभी नाक-भौं सिकोड़ेंगे।
(ii) जीवन में गुदगुदाने वाले क्षण बहुत कम होते हैं।

7. विरामचिह्न:
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) मैं कहाँ से पैसे , पहले तो दूध की बिक्री के पैसे मेरे पास जमा रहते थे
(ii) सहसा कानों में आवाज आई काकी उठो मैं पूड़ियाँ लाई हूँ
उत्तर:
(i) “मैं कहाँ से पैसे दूँ? पहले तो दूध की बिक्री के पैसे मेरे पास जमा रहते थे।”
(ii) सहसा कानों में आवाज आई – “काकी, उठो मैं पूड़ियाँ लाई हूँ।”

8. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) विदा का क्षण आ गया। (सामान्य भविष्यकाल)
(ii) आप छत पर क्या करते हैं? (अपूर्ण भूतकाल)
(iii) मेरी गाड़ी तो बिक जाती है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
उत्तर:
(i) विदा का क्षण आ जाएगा।
(ii) आप छत पर क्या कर रहे थे?
(iii) मेरी गाड़ी तो बिक गई है।

9. वाक्य भेद:
(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचान कर लिखिए:
(i) संसार का व्यवहार देखकर मुझे दुःख होता है और मैं रो पड़ती हूँ।
(ii) मीराबाई कहती हैं कि अब उन्हें लोकलाज का कोई डर नहीं हैं।
उत्तर:
(i) संयुक्त वाक्य
(ii) मिश्र वाक्य।

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(2) निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
(i) संतो के साथ बैठकर मैंने लोकलाज त्याग दी है। (विस्मयादिबोधक वाक्य)
(ii) हे हरि, आप ही मेरा पालन करने वाले हैं। (आज्ञावाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) हाय! संतों के साथ बैठकर मैंने लोकलाज त्याग दी है।
(ii) हे हरि, आप ही मेरा पालन करें।।

11. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) लेखक ने अभिनेता की घमंड तोड़ी।
(ii) हमने क्रिकेट की मैच देखी।
उत्तर:
(i) लेखक ने अभिनेता का घमंड तोड़ा।
(ii) हमने क्रिकेट का मैच देखा।

गिरिधर नागर Summary in Hindi

गिरिधर नागर कविता का सरल अर्थ

1. मेरे तो गिरधर गोपाल …………………………….. तारो अब मोही।।

गिरि को धारण करने वाले, गायों के पालक कृष्ण के सिवा मेरा और कोई नहीं है। जिनके मस्तक पर मोर का मुकुट शोभित है, वे ही मेरे पति हैं। उनके लिए मैंने कुल की मर्यादा छोड़ दी है। चाहे कोई मुझे कुछ भी कहे। संतों के साथ बैठ-बैठकर मैंने लोकलाज त्याग दी है। मैंने अपने प्रेम रूपी बेल को अपने अश्रु रूपी जल से सींच-सींचकर बड़ा किया है। अब तो यह प्रेम-बेल फैल गई है और इसमें आनंद रूपी फल लगने लगा है। मैंने दूध जमाने के पात्र में जमे दही को मथानी से बड़े प्रेम से बिलोया और उसमें से कृष्ण-प्रेम रूपी मक्खन को निकाल लिया। शेष छाछ रूपी निस्सार जगत को छोड़ दिया। कृष्ण-भक्तों को देखकर मैं प्रसन्न होती हूँ, परंतु संसार का व्यवहार देख मुझे दुख होता है और मैं रो पड़ती हूँ। हे गिरधरलाल, मीरा तो आपकी दासी है, उसे इस संसार रूपी भव-सागर से पार लगाओ।

2. हरि बिन कूण गती मेरी …………………………….. मैं सरण हूँ तेरी।।

हे हरि, आपके बिना मेरा कौन है? अर्थात आपके सिवा मेरा कोई ठिकाना नहीं है। आप ही मेरा पालन करने वाले हैं और मैं आपकी दासी हूँ। मैं रात-दिन, हर समय आपका ही नाम जपती रहती हूँ। मैं बार-बार आपको पुकारती हूँ, क्योंकि मुझे आपके दर्शनों की तीव्र लालसा है। यह संसार विभिन्न प्रकार के दोषों और विकारों से भरा हुआ सागर है, जिसके बीच में घिर गई हैं। इस संसार रूपी सागर में मेरी नाव टूट गई है। हे प्रभु, आप शीघ्र इस नाव का पाल बाँधिए, अन्यथा यह जीवन-नौका इस संसार-सागर में डूब जाएगी। हे प्रियतम, आपकी यह विरहिणी निरंतर आपकी बाट जोहती रहती है। आपके आगमन की प्रतीक्षा करती रहती है। आपकी यह दासी मीरा सदा आपके नाम का स्मरण करती रहती है और आपकी शरण में आई है।

3. फागुन के दिन चार …………………………….. चरण कँवल बलिहार रे।।

हे मेरे मन, फागुन मास में होली खेलने का समय अति अल्प होता है। अतः तू जी भरकर होली खेल। अर्थात मानव जीनव अस्थायी है, : इसलिए भगवान कृष्ण से पूर्ण रूप से प्रेम कर ले। जिस प्रकार होली के : उत्सव में नाच आदि का आयोजन होता है, उसी प्रकार कृष्ण-प्रेम में मुझे ऐसा प्रतीत होता है मानो करताल, पखावज आदि बाजे बज रहे हैं और अनहद नाद का स्वर सुनाई दे रहा है, जिससे मेरा हृदय बिना स्वर और राग के अनेक रागों का आलाप करता रहता है। मेरा रोम-रोम भगवान कृष्ण के प्रेम के रंग में डूबा रहता है। मैंने अपने प्रिय से होली खेलने के लिए शील और संतोष रूपी केसर का रंग घोला है। मेरा प्रिय-प्रेम ही होली खेलने की पिचकारी है। उड़ते हुए गुलाल से सारा आकाश लाल हो गया है। अब मुझे लोक-लज्जा का कोई डर नहीं है, इसलिए मैंने हृदय रूपी घर के दरवाजे खोल दिए हैं। अंत में मीरा कहती हैं कि मेरे स्वामी गोवर्धन पर्वत को धारण करने वाले कृष्ण भगवान हैं। मैंने उनके चरण-कमलों में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया है।

गिरिधर नागर विषय-प्रवेश :

प्रस्तुत काव्य में रसिक शिरोमणि श्रीकृष्ण की अनन्य उपासिका मीराबाई अपना प्रेम प्रकट कर रही हैं। सभी पदों में | श्रीकृष्ण के प्रति मीराबाई के प्रेम, उनकी भक्ति, उत्सुकता, प्रिय-मिलन की आशा, प्रतीक्षा आदि का मार्मिक चित्रण है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 1 भारत महिमा

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 1 भारत महिमा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 1 भारत महिमा

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 1 भारत महिमा Textbook Questions and Answers

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का तात्पर्य लिखिए:
a. कहीं से हम आए थे नहीं → …………………….
b. वही हम दिव्य आर्य संतान → …………………….
उत्तर:
(a) हम भारतवासी किसी अन्य देश से आकर यहाँ नहीं बसे। हम यहीं के निवासी हैं। सभ्यता के प्रारंभ से हम यहीं रहते आए हैं।
(b) भारतवासी आर्य थे और हम उन्हीं आर्यों की दिव्य संतानें हैं।

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
संचय
सत्य
अतिथि
रत्न
वचन
दान
हृदय
तेज
देव
उत्तर:
(i) संचय – दान
(ii) सत्य – वचन
(iii) अतिथि – देव
(iv) रत्न – तेज।

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प्रश्न 3.
लिखिए.
a. कविता में प्रयुक्त दो धातुओं के नाम:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 6

b. भारतीय संस्कृति की दो विशेषताएँ:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 10

प्रश्न 4.
प्रस्तुत कविता की अपनी पसंदीदा किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव। हम भारतीय दीन-दुखियों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। हम यदि धन और संपत्ति का संग्रह करते भी थे तो दान के लिए करते थे। दानवीरता भारतीयों का गुण रहा है। महर्षि दधीचि और कर्ण जैसे दानवीर इसी भूमि पर हुए हैं। हमारे देश में अतिथियों को देवता के समान माना जाता था। भारतीय सत्यवादी हरिश्चंद्र की संतानें हैं। हमारे हृदय में तेज था, गौरव था। हम सदा अपनी प्रतिज्ञा पर अटल रहते थे। भारतीयों का मानना था- प्राण जाएँ,: पर वचन न जाएँ।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
a. रचनाकार का नाम
b. रचना का प्रकार
c. पसंदीदा पंक्ति
d. पसंदीदा होने का कारण
e. रचना से प्राप्त संदेश
उत्तर:
a. रचनाकार का नाम → जयशंकर प्रसाद।
b. रचना की विधा → कविता।
c. पसंद की पंक्तियाँ → व्योमतम पुंज हुआ तब नष्ट, अखिल संसृति हो उठी अशोक। (सूचना: विद्यार्थी अपनी पसंद की पंक्ति लिखेंगे।)
d. पंक्तियाँ पसंद होने का कारण → हम भारतीयों ने पूरे विश्व में ज्ञान का प्रसार किया, जिसके कारण समग्र संसार आलोकित हो गया। अज्ञान रूपी अंधकार का विनाश हुआ और संपूर्ण सृष्टि के सभी दुख-शोक दूर हो गए।
e. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा → हमें सदैव अपने देश और इसकी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए। जब भी आवश्यकता पड़े, देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 1 भारत महिमा Additional Important Questions and Answers

पद्यांश क्र. 1
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
पद्यांश से ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(i) अभिनंदन
(ii) आलोक।
उत्तर:
(i) उषा ने हँसकर क्या किया?
(ii) जब भारतीयों ने ज्ञान का प्रचार किया तो संसार में क्या फैला?

प्रश्न 2.
पद्यांश में प्रयुक्त इन शब्दों से सहसंबंध दर्शाने वाले शब्द लिखिए:
(i) हिमालय – ……………………..
(ii) किरण – ……………………..
(iii) विमल – ……………………..
(iv) कोमल – ……………………..
उत्तर:
(i) हिमालय -आँगन
(ii) किरण – उपहार
(iii) विमल -वाणी
(iv) कोमल -कर

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प्रश्न 3.
विधानों के सामने सत्य/असत्य लिखिए:
(i) जब पूरा विश्व जगा तो भारतवासी भी जग गए।
(ii) वीणापाणि ने अपने हाथ में वीणा ली।
(iii) हिमालय के आँगन में किरणों का उपहास मिला।
(iv) सप्तसिंधु में सातों स्वर गूंजने लगे।
उत्तर:
(i) असत्य
(ii) सत्य
(iii) असत्य
(iv) सत्य।

प्रश्न 4.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
(i) उषा – आलोक
(ii) हीरक – संगीत
(iii) विश्व – अभिनंदन
(iv) वीणा – हार
उत्तर:
(i) उषा – अभिनंदन।
(ii) हीरक – हार
(iii) विश्व – आलोक
(iv) वीणा -संगीत।

कृति 2: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
पद्यांश में से ढूँढ़कर उपसर्गयुक्त शब्द लिखिए:
(i) ………………. (ii) ……………….
उत्तर:
(i) अभिनंदन
(ii) उपहार।

प्रश्न 2.
अनेक शब्दों के लिए एक-एक शब्द लिखिए:
(i) गले में पहनने की मूल्यवान माला
(ii) सितार जैसा वह वाद्य जो सब वाद्यों में श्रेष्ठ माना जाता है, ……………….
उत्तर:
(i) हार
(ii) वीणा।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(i) संपूर्ण
(ii) शोकरहित
(iii) संसार
(iv) आकाश।
उत्तर:
(i) संपूर्ण – अखिल
(ii) शोकरहित – अशोक
(iii) संसार – संसृति
(iv) आकाश – व्योम।

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कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
भारत देश हिमालय के आँगन के समान है। प्रतिदिन उषा भारत को सूर्य की किरणों का उपहार देती है, मानो हँसकर भारत-भूमि का अभिनंदन कर रही हो। ओस की बूंदों पर जब प्रातःकालीन सूर्य की रश्मियाँ पड़ती हैं, तो ओस की बूंदें चमकने लगती हैं और ऐसा लगता है मानो, उषा ने भारत को हीरों का हार पहना दिया हो।

सबसे पहले ज्ञान का उदय भारत में ही हुआ। अर्थात सबसे पहले हम जाग्रत हुए। फिर हमने पूरे विश्व में ज्ञान का प्रसार किया। इसके कारण समग्र संसार आलोकित हो गया। अज्ञानरूपी अंधकार का विनाश हुआ और संपूर्ण सृष्टि के सभी दुख-शोक दूर हो गए।

पद्यांश क्र. 2

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 5

प्रश्न 2.
सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:
(i) भारत में केवल …………………………. की ही विजय नहीं रही। (चाँदी/लोहे/सोने)
(ii) यहाँ …………………………. भिक्षु की तरह रहते थे। (लोग/लड़के/सम्राट)
(iii) हमसे चीन को …………………………. की दृष्टि मिली। (धर्म/कर्म/धन)
(iv) हमारा देश सदा प्रकृति का …………………………. रहा। (खिलौना/आँगन /पालना)
उत्तर:
(i) भारत में केवल लोहे की ही विजय नहीं रही।
(ii) यहाँ सम्राट भिक्षु की तरह रहते थे।
(iii) हमसे चीन को धर्म की दृष्टि मिली।
(iv) हमारा देश सदा प्रकृति का पालना रहा।

प्रश्न 3.
उपर्युक्त पद्यांश पर आधारित ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(i) सम्राट
(ii) धर्म।
उत्तर:
(i) कौन भिक्षु होकर रहते?
(ii) चीन को कौन-सी दृष्टि मिली?

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पंक्तियों का तात्पर्य लिखिए:
(ii) प्रकृति का रहा पालना यहीं।
उत्तर:
(ii) हमें प्रकृति ने प्रत्येक वस्तु मुक्तहस्त से प्रदान की। यहाँ की शस्य श्यामला भूमि, हिमाच्छादित गिरि शिखर, घाटियाँ, वादियाँ, सदानीरा नदियाँ, झरने, फल-फूल, संसाधनों से भरपूर जंगल सभी अनुपम हैं।

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प्रश्न 5.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) हमने गोरी को इसका दान दिया – [ ]
(ii) भारत की धरती पर इसकी धूम रही – [ ]
उत्तर:
(i) हमने गोरी को इसका दान दिया – [दया का]
(ii) भारत की धरती पर इसकी धूम रही – [धर्म की]

कृति 2: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्द-समूहों के लिए शब्द लिखिए:
(i) बहुमूल्य चमकीले प्रसिद्ध खनिज पदार्थ, जो आभूषणों आदि में जड़े जाते हैं –
(ii) छोटे बच्चों के लिए एक प्रकार का झूला या हिंडोला –
(iii) वह स्थान जहाँ किसी का जन्म हुआ हो –
(iv) बौद्ध संन्यासियों के लिए प्रयोग किया जाने वाला शब्द –
उत्तर:
(i) रत्न
(ii) पालना
(iii) जन्मस्थान
(iv) भिक्षु।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
(i) विजय x ………………….
(ii) धर्म x ………………….
(iii) भूमि x ………………….
(iv) जन्म x ………………….
उत्तर:
(i) विजय x पराजय
(ii) धर्म x अधर्म
(iii) भूमि x आकाश
(iv) जन्म – मरण।

कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की अपनी पसंदीदा किन्हीं दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
विजय केवल लोहे की नहीं, धर्म की रही धरा पर धूम भिक्षु होकर रहते सम्राट, दया दिखलाते घर-घर घूम। भारतीयों ने शस्त्रों के बल पर दूसरे देशों को नहीं जीता, बल्कि उन्होंने प्रेमभाव से लोगों के हृदय जीते हैं। भारत में प्राचीन काल से ही लोगों के मन में धर्म की भावना रही है। यहाँ वर्धमान महावीर और गौतम बुद्ध जैसे त्यागी धर्मपुरुष हुए हैं, जिन्होंने अपना विशाल साम्राज्य छोड़कर भिक्षु का स्वरूप धारण किया और घर-घर घूमकर लोगों का कष्ट दूर करने का प्रयास किया, धर्म का प्रचार किया।

पद्यांश क्र. 3

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का तात्पर्य लिखिए:
(i) किसी को देख न सके विपन्न।
उत्तर:
(i) भारतीय कभी किसी को दुखी नहीं देख सके। दीन-दुखियों की सेवा करने के लिए हम भारतीय सदैव तत्पर रहते हैं।

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) हम चरित्र के ऐसे थे – [ ]
(ii) हम दान के लिए यह करते थे – [ ]
(iii) हमारे लिए ये देवता के समान थे – [ ]
(iv) हमें अपने गौरव पर यह था – [ ]
उत्तर:
(i) हम चरित्र के ऐसे थे [पवित्र]
(ii) हम दान के लिए यह करते थे [संचय]
(iii) हमारे लिए ये देवता के समान थे [अतिथि]
(iv) हमें अपने गौरव पर यह था [गर्व]

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प्रश्न 3.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 11

प्रश्न 4.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 9
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 भारत महिमा 12

कृति 2: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
पद्यांश से उपसर्ग वाले दो शब्द ढूँढकर लिखिए:
(i) ……………………. (ii) …………………….
उत्तर:
(i) अतिथि
(ii) अभिमान।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) पूत = …………………….
(ii) गर्व = …………………….
(iii) प्रतिज्ञा = …………………….
(iv) प्यारा = …………………….
उत्तर:
(i) पूत – पावन
(ii) गर्व = घमंड
(iii) प्रतिज्ञा = प्रण
(iv) प्रिय = प्यारा।

प्रश्न 3.
पद्यांश से शब्द ढूँढकर लिखिए:
(i) पवित्र शब्द के लिए प्रयुक्त शब्द – …………………….
(ii) गरीब शब्द के लिए प्रयुक्त शब्द – …………………….
उत्तर:
(i) पवित्र शब्द के लिए प्रयुक्त शब्द – पूत
(ii) गरीब शब्द के लिए प्रयुक्त शब्द – विपन्न।

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कृति 3: (सरल अर्थ)

पदय विश्लेषण
सूचना: यह प्रश्नप्रकार कृतिपत्रिका के प्रारूप से हटा दिया गया है। लेकिन यह प्रश्न पाठ्यपुस्तक में होने के कारण विद्यार्थियों के अधिक अभ्यास के लिए इसे उत्तर-सहित यहाँ समाविष्ट किया गया है।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न. सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. शब्द भेद:
अधोरेखांकित शब्दों का शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) राजा दशरथ वृद्ध दंपति के सामने बैठ गए।
(ii) सड़क कदाचित कच्ची थी।
उत्तर:
(i) दशरथ – व्यक्तिवाचक संज्ञा।
(ii) सड़क – जातिवाचक संज्ञा।

2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) बहुत
(ii) सामने
(iii) किंतु।
उत्तर:
(i) प्रयाग बहुत थक गया था।
(ii) स्कूल के सामने एक बगीचा है।
(iii) घर में दीपक तो था, किंतु उसमें तेल न था।

3. संधि:
कृति पूर्ण कीजिए:

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
उज्ज्व  ………………  ………………
अथवा
 प्रश्न + उत्तर  ……………… ………………

उत्तर:

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
उज्ज्वल  उत् + ज्वल  व्यंजन संधि
अथवा
 प्रश्नोत्तर  प्रश्न + उत्तर स्वर संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका ‘मूल रूप लिखिए:
(i) इस पद ने मोहिनी मंत्र का जाल बिछा दिया।
(ii) बालक भूमि पर लेट गया।
उत्तर:

सहायक क्रिया  मूल रूप
(i) दिया  देना
(ii) गया। Maharashtra Board Solutions  जाना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) दौड़ना
(ii) बोलना
(iii) रोना।
उत्तर:

क्रिया  प्रथम प्रेरणार्थक रूप  द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) दौड़ना।  दौड़ाना  दौड़वाना
(ii) बोलना  बुलाना  बुलवाना
(iii) रोना  रुलाना  रुलवाना

6. मुहावरे:
(1) निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) दृष्टि फेरना
(ii) राह देखना।
उत्तर:
(i) दृष्टि फेरना।
अर्थ: नजर डालना।
वाक्य: नेताजी ने श्रोताओं पर दृष्टि फेरी।

(ii) राह देखना।
अर्थ: प्रतीक्षा करना।
वाक्य: विद्यार्थी कई दिनों से छुट्टियों की राह देख रहे थे।

(2) अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए गए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए: (सपने की संपत्ति होना, चल बसना, भनक पड़ना)
(i) हफ्ते भर की बीमारी में मरीज चला गया।
(ii) दारोगाजी ने उड़ती हुई खबर सुनी कि कल दंगा होने वाला है।
(ii) ऐसा भूकंप आया कि क्षण भर में सारी चहल-पहल विलुप्त हो गई।
उत्तर:
(i) हफ्ते भर की बीमारी में मरीज चल बसा।
(ii) दारोगाजी के कान में भनक पड़ी कि कल दंगा होने वाला है।
(iii) ऐसा भूकंप आया कि क्षण भर में सारी चहल-पहल सपने की संपत्ति हो गई।

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
(i) नारी महान है।
(ii) वह किसी को किसी प्रकार की कमी नहीं होने देती।
(iii) प्रेरणा का सूक्ष्म प्रभाव होता है।
उत्तर:
(i) नारी – कर्ता कारक
(ii) किसी को – कर्म कारक
(iii) प्रेरणा का – संबंध कारक।

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8. विरामचिह्न:
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) क्या बताऊँ गाय ने दूध देना बंद कर दिया है बूढ़ी हो गई है इस जमाने में गाय भैंस पालने का खर्चा
(ii) हे मेरे मित्रो परिचितो आओ अपने सारे बदले लेने का यही वक्त है
उत्तर:
(i) “क्या बताऊँ। गाय ने दूध देना बंद कर दिया है, बूढ़ी हो गई है। इस जमाने में गाय-भैंस पालने का खर्चा …।”
(ii) “हे मेरे मित्रो, परिचितो! आओ, अपने सारे बदले लेने का यही वक्त है।”

9. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) मनु पीछे की ओर मुड़ता है। (सामान्य भूतकाल)
(ii) तुम्हारा मुख लाल होता है। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
(iii) रोगी की अवस्था बदल जाती है। (पूर्ण भूतकाल)
उत्तर:
(i) मनु पीछे की ओर मुड़ा।
(ii) तुम्हारा मुख लाल हो रहा है।
(iii) रोगी की अवस्था बदल गई थी।

10. वाक्य भेद:
(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) भारतीय चरित्र के पवित्र होते हैं।
(ii) बादल आए किंतु पानी नहीं बरसा।
उत्तर:
(i) सरल वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य।

(2) निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार वाक्य परिवर्तन कीजिए:
(i) तुम्हें अपना ख्याल रखना चाहिए। (आज्ञावाचक)
(ii) मास्टर जी ने पुस्तकें लाने के लिए पैसे दिए। (प्रश्नवाचक)
उत्तर:
(i) तुम अपना ख्याल रखो।
(ii) क्या मास्टर जी ने पुस्तकें लाने के लिए पैसे दिए?

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11. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) क्रोध से उसकी नेत्र लाल हो गए।
(ii) राम ने हिरण का शिकार की।
(iii) मैं मेरा काम करता है।
उत्तर:
(i) क्रोध से उसके नेत्र लाल हो गए।
(ii) राम ने हिरन का शिकार किया।
(iii) में अपना काम करता हूँ।

भारत महिमा Summary in Hindi

भारत महिमा कविता का सरल अर्थ

1. हिमालय के आँगन …………………………………… मधुर साम संगीत।. . .

हमारा यह प्यारा भारत देश हिमालय के आँगन के समान है। प्रतिदिन उषा भारत को सूर्य की किरणों का उपहार देती है। तब ऐसा लगता है मानो हँसकर वह भारत-भूमि का अभिनंदन कर रही हो। ओस की बूंदों पर जब प्रातःकालीन सूर्य की रश्मियाँ पड़ती हैं तो ऐसा लगता है जैसे उषा ने भारत को हीरों का हार पहना दिया हो।

सबसे पहले ज्ञान का उदय भारत में ही हुआ अर्थात सबसे पहले हम जाग्रत हुए। फिर हमने पूरे विश्व में ज्ञान का प्रसार किया। इसके कारण समग्र संसार आलोकित हो गया। अज्ञान रूपी अंधकार का विनाश हुआ और संपूर्ण सृष्टि के सभी दुख-शोक दूर हो गए।

वाणी की देवी वीणापाणि (सरस्वती) ने इसी पवित्र भूमि पर प्रेम के साथ अपने कमल के समान कोमल करों में वीणा उठाई, उसकी झंकार से सप्तसिंधुओं में सातों स्वरों का मोहक सरगम गूंजने लगा, मधुर संगीत का जन्म हुआ। इसी महान देश में संगीत के वेद सामवेद की रचना हुई।

2. विजय केवल …………………………………… आए थे नहीं।. . .

भारत के लोगों ने शस्त्रों के बल पर देशों को नहीं जीता। यहाँ प्राचीन काल से ही लोगों के मन में धर्म की प्रखर भावना रही है और उन्होंने संसार में धर्म का प्रचार किया। यहाँ गौतम बुद्ध और वर्धमान महावीर जैसे धर्मपुरुष हुए हैं, जिन्होंने विशाल साम्राज्य छोड़कर भिक्षु का स्वरूप धारण किया और घर-घर घूमकर लोगों का कष्ट दूर करने का प्रयास किया, धर्म का प्रचार किया। हमने मोहम्मद गोरी को पराजित करने के बाद भी दयापूर्वक क्षमा कर दिया। हमारे देश से ही चीन को धर्म की दृष्टि मिली। (भारत के महान सम्राट अशोक ने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए चीन, स्वर्ण भूमि अर्थात जावा और श्रीलंका भेजा) जावा और श्रीलंका के लोगों को पंचशील (अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह, सत्य, ब्रह्मचर्य आदि) के सिद्धांत मिले।

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भारतवासियों ने कभी किसी की संपत्ति या किसी का राज्य छीनने का प्रयास नहीं किया। हमें प्रकृति ने प्रत्येक वस्तु मुक्तहस्त से प्रदान की। प्रकृति की हमारे देश पर महान कृपा रही है। (यहाँ की शस्य श्यामला भूमि, हिमाच्छादित गिरि शिखर, घाटियाँ, वादियाँ, सदानीरा नदियाँ, झरने, फल-फूल, संसाधनों से भरपूर जंगल सभी अनुपम हैं) भारत सदा से हमारी जन्मभूमि है। हम इसी देश की संतानें हैं। हम बाहर के किसी स्थान से आकर यहाँ नहीं बसे हैं। (जैसा कि कुछ विदेशियों का कहना है।)

3. चरित थे पूत …………………………………… प्यारा भारतवर्ष।. . .

भारत के लोग सदा से चरित्रवान रहे हैं। हमारी भुजाओं में भरपूर शक्ति रही है। भारतीयों में वीरता की कभी कमी नहीं रही। साथ ही नम्रता सदा हमारा गुण रहा है। हमने कभी अपनी उपलब्धियों पर घमंड नहीं किया। हमें अपनी सभ्यता और संस्कृति पर गर्व रहा है। हम कभी किसी को दुखी नहीं देख सके। दीन-दुखियों की सेवा करने के लिए हम भारतीय सदैव तत्पर रहते हैं। ‘हम यदि धन और संपत्ति का संग्रह करते भी थे, तो दान के लिए करते थे। दानवीरता भारतीयों का गुण रहा है। हमारे देश में अतिथियों को सदा देवता के समान माना जाता था। भारत के लोग सत्य बोलना अपना धर्म मानते थे। (भारतीय सत्यवादी हरिश्चंद्र की संतानें हैं।) हमारे हृदय में तेज था, गौरव था। हम सदा अपनी प्रतिज्ञा पर अटल रहते थे। प्राण जाए, पर वचन न जाए हमारा जीवनमूल्य रहा है।

आज भी हम भारतीयों की धमनियों में उन्हीं पूर्वजों का रक्त प्रवाहित हो रहा है। आज भी हमारा देश वैसा ही है। आज भी भारतीयों में वैसा ही साहस है। भारतीय आज भी ज्ञान के क्षेत्र में सबसे आगे हैं। आज भी हम पहले के समान शांति के पुजारी हैं। देशवासियों में वैसी ही शक्ति है। हम उन्हीं आर्यों की दिव्य संतानें हैं।

हम जब तक जिएँ, इसी देश के लिए जिएँ। हमें इसकी सभ्यता और संस्कृति पर अभिमान है और हर्ष है कि हमने इस भूमि पर जन्म लिया है। यह हमारा प्यारा भारतवर्ष है। यदि कभी आवश्यकता पड़े, तो इसके लिए अपना सर्वस्व भी न्योछावर कर दें।

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भारत महिमा विषय-प्रवेश :

प्रकृति ने हमारे देश भारत की रचना बड़े प्यार से की है। हमारा देश हिमालय की गोद में बसा हुआ है। हमारा देश सबसे पहले जाग्रत हुआ था और इसकी संस्कृति सबसे पुरानी है। प्रस्तुत कविता में छायावाद के प्रवर्तक जयशंकर प्रसाद जी ने हमारे प्यारे देश भारत के इसी महिमामंडित अतीत का मनोरम चित्रण किया है। कवि की आकांक्षा है कि हमें सदैव अपने देश पर, इसकी सभ्यता और संस्कृति पर गर्व करना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर, हमें देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

भारत महिमा मुहावरा –

  • अर्थ निछावर करना – अर्पण करना, समर्पित करना।

Maharashtra Board Class 10 Marathi Kumarbharti Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Marathi Solutions Kumarbharti Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Marathi Kumarbharti Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य)

Marathi Kumarbharti Std 10 Digest Chapter 4 उत्तमलक्षण Textbook Questions and Answers

प्रश्न. पुढील कवितेच्या आधारे दिलेल्या सूचनांनुसार कृती करा :

कृती १ : (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृत्या पूर्ण करा :
(i)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 1
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 2

(ii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 3
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 4

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य)

प्रश्न 2.
चौकटी पूर्ण करा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 5
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 6

प्रश्न 3.
पुढील गोष्टींबाबत संत रामदास कोणती दक्षता घ्यायला सांगतात. (मार्च ‘१९)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 7
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 8

कृती २ : (आकलन)

प्रश्न 1.
शब्दजाल पूर्ण करा :
(i)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 9
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 10

(ii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 11
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 12
(iii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 13
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 14

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य)

प्रश्न 2.
पुढील व्यक्तींशी कसे वागावे, असे संत रामदास म्हणतात :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 15
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 16

प्रश्न 3.
पुढील गोष्टींबाबत कोणती दक्षता घ्यावी, ते लिहा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 17
उत्तर :
(i) तोंडाळासी भांडू नये.
(ii) संतसंग खंडू नये.
(iii) सत्यमार्ग सोडू नये.

प्रश्न 4.
असत्य विधान ओळखा :
(i) संतसंग सोडू नये.
(ii) अपकार घेऊ नये.
(iii) व्यापकपण सांडू नये.
(iv) खोटेपणाच्या पंथाला जाऊ नये.
उत्तर :
असत्य विधान – अपकार घेऊ नये.

प्रश्न 5.
अचूक विधान ओळखा : (मार्च ‘१९)
(i) पैज, होड लावावी.
(ii) सत्याची वाट धरावी.
(iii) पापद्रव्य सहज जोडावे.
(iv) नेहमी अभिमानाने वागावे.
उत्तर :
अचूक विधान – सत्याची वाट धरावी.

प्रश्न 6.
तुमच्यातील प्रत्येकी तीन गुण व तीन दोष शोधून लिहा.
उत्तर :
नमुना उत्तर :
गुण : (i) मी रोज व्यायाम करतो.
(ii) मी खोटे बोलत नाही.
(iii) मी आईला कामात मदत करतो.

दोष : (i) मला चटकन राग येतो.
(ii) मी ताटात अन्न टाकतो.
(iii) माझे अक्षर चांगले नाही.

कृती ३ : (काव्यसौंदर्य)

प्रश्न 1.
‘सभेमध्ये लाजों नये। बाष्कळपणे बोलों नये।’ या ओळीतील विचार स्पष्ट करा.
उत्तर :
‘उत्तमलक्षण’ या कवितेमध्ये संत रामदास यांनी आदर्श गुणसंपन्न व्यक्तीची लक्षणे समजावून सांगितली आहेत. त्यांपैकी एक लक्षण उपरोक्त चरणात सूचित केले आहे.

मनुष्य हा समाजप्रिय प्राणी आहे. माणसांमध्ये तो नित्य वावरत असतो. समूहामध्ये आदर्श व्यक्तीचे वर्तन कसे असावे, हे सांगताना संत रामदास म्हणतात – सभेमध्ये वावरताना, आपले मत मांडताना कधीही लाजू नये. स्पष्टपणे आपले म्हणणे मांडावे; परंतु त्याच वेळी बालिशपणे बोलून आपले हसे करून घेऊ नये. निरर्थक असे वक्तव्य करू नये. बाष्कळपणे बोलू नये. उत्तम पुरुषाचे एक मर्मग्राही लक्षण या ओवीतून मांडले आहे.

प्रश्न 2.
‘आळसें सुख मानूं नये,’ या ओळीचा तुम्हांला समजलेला अर्थ स्पष्ट करा.
उत्तर :
‘उत्तमलक्षण’ या ओव्यांमध्ये संत रामदास यांनी उत्तम व्यक्तीची लक्षणे विशद करताना आळस हा माणसाचा शत्रू आहे, असे ठासून प्रतिपादिले आहे.

‘आळस’ हा माणसाच्या अंगी असलेला दुर्गुण आहे. आळसामुळे कार्य करायला उत्साह राहत नाही व त्यामुळे बरीच कामे खोळंबून राहतात. ‘आळसे कार्यभाग नासतो!’ या समर्थ रामदासांच्या उक्तीमध्ये हेच तत्त्व सांगितले आहे. माणसाच्या मनाला जे षड्विकार जडतात, त्यात ‘आळस’ हा एक विकार आहे. दैनंदिन कामांमध्ये आळसाला स्थान देऊ नये. आळसामुळे प्रगती खुंटते, भविष्य अंधारते. आळसामुळे मनाला जडत्व प्राप्त होते व माणूस नाकर्ता होतो. आळशी माणसाला समाजात मान मिळत नाही. म्हणून आळसात सुख मानू नये, समाधान मानू नये, असे समर्थ रामदास सांगतात.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य)

Marathi Kumarbharti Class 10 Textbook Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण Additional Important Questions and Answers

प्रश्न. पुढील कवितेसंबंधी त्याखाली दिलेल्या मुद्द्यांच्या आधारे कृती सोडवा :

प्रश्न 1.
कविता-उत्तमलक्षण.
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 20
उत्तर : उत्तमलक्षण.
(१) प्रस्तुत कवितेचे कवी : संत रामदास.
(२) कवितेचा रचनाप्रकार : ओवी.
(३) कवितेचा काव्यसंग्रह : श्रीदासबोध.
(४) कवितेचा विषय : उत्तम माणसाची लक्षणे.
(५) कवितेतून व्यक्त होणारा (स्थायी) भाव : आदर्श माणसे घडवण्याचा ध्यास.

(६) कवितेच्या कवींची लेखनवैशिष्ट्ये : प्रस्तुत कवितेची रचना ओवी या छंदात केलेली आहे. ओवी हा उच्चारणाला सुलभ असा अत्यंत लवचीक रचनाप्रकार आहे. त्यामुळे या कवितेतील भाषा ओवी या छंदाला साजेशी सुबोध व सर्वसामान्यांना सहज समजेल अशी आहे. साहजिक कवितेची आवाहन शक्ती वाढली आहे. चुकीचे वर्तन व चांगले वर्तन या दोन्ही बाबी समर्थांनी स्पष्ट शब्दांत कोणतीही संदिग्धता न ठेवता सांगितल्या आहेत. समर्थांच्या या रचनेत प्रासादिकता आढळते.

(७) कवितेची मध्यवर्ती कल्पना : प्रस्तुत कवितेत संत रामदासांनी उत्तम, गुणसंपन्न, आदर्श व्यक्तीची लक्षणे सांगितली आहेत. समाजात वावरताना कसे वागावे, काय करावे व काय टाळावे यांचे सुस्पष्ट शब्दांत निवेदन केले आहे. समाज नीतिमान व कर्तबगार व्हावा, ही तळमळ या पदयपाठातून स्पष्टपणे जाणवते.

(८) कवितेतून व्यक्त होणारा विचार : प्रस्तुत कवितेत संत रामदासांनी, व्यक्तीने समाजात कसे वागावे याचे मार्गदर्शन केले आहे. नेहमीच सावध मनाने वागावे. इतरांना सहकार्य करावे. कोणाशीही कपटाने वागू नये. तोंडाळ, वाचाळ माणसांना टाळावे. आळस झटकून टाकावा. पूर्ण विचार करून वागावे. उपकाराची परतफेड करावी. नेहमी उदारपणाने वागावे. मनाचा मोठेपणा बाळगावा. परावलंबी होऊ नये. नेहमी सत्याने वागावे. कुप्रसिद्धी टाळावी इत्यादी अनेक गुणांचे आचरण करण्यास या कवितेत संत रामदासांनी सांगितले आहे.

(९) कवितेतील आवडलेलो ओळ :
अपकीर्ति ते सांडावी। सत्कीर्ति वाडवावी।।
विवेके दृढ धरावी । वाट सत्याची ।।

(१०) कविता आवडण्याची वा न आवडण्याची कारणे : मला ही कविता खूप आवडली. एकतर हे विचार पटकन पटण्यासारखे आहेत. ही कविता उच्चारताना, वाचताना आनंद होतो. उच्च, उदात्त विचार मनात घोळवल्याने मनही आनंदित होते. सर्व गुण-अवगुण रामदासांनी अत्यंत स्पष्टपणे, परखडपणे सांगितले आहेत. कुठेही शब्दांचा बोजडपणा नाही. प्रत्येक शब्दागणीक अर्थ स्पष्ट होत जातो. मुख्य म्हणजे दैनंदिन जीवनात वागताना आवश्यक असलेल्या गुणांचे मार्गदर्शन घडत असल्याने कविता आपली, स्वतःची, स्वतःसाठी असलेली वाटत राहते.

(११) कवितेतून मिलणाग संदेश : प्रत्येक व्यक्तीने चांगले वागण्याचाच प्रयत्न केला पाहिजे. त्यासाठी वाईट गुण कोणते व चांगले गुण कोणते हे स्पष्टपणे समजून घ्यावे. प्रत्येकाने उत्तम माणूस बनण्याचा प्रयत्न करावा. यातूनच चांगला व समर्थ समाज निर्माण होतो.

कृतिपत्रिकेतील प्रश्न २ (इ) साठी…

प्रश्न. पुढील ओळींचे रसग्रहण तुमच्या शब्दांत लिहा :

प्रश्न 1.
‘जनी आर्जव तोडूं नये । पापद्रव्य जोडूं नये ।
पुण्यमार्ग सोडूं नये । कदाकाळीं ।।’ (मार्च ‘१९)
उत्तर :
आशयसौंदर्य : ‘उत्तमलक्षण’ या श्रीदासबोधातील एका समासामध्ये समर्थ रामदासांनी गुणसंपन्न आदर्श व्यक्तिमत्त्वाची महत्त्वाची लक्षणे सांगितली आहेत. त्यांपैकी उपरोक्त ओवीमध्ये तीन लक्षणांचा ऊहापोह केला आहे.

काव्यसौंदर्य : समाजात वावरताना व्यक्तीने कोणते आचरण करावे हे सांगताना संत रामदास म्हणतात – लोकांचे मन मोडू नये. लोकांनी केलेली विनंती धुडकावू नये. उलट जनभावनांचा आदर . करावा. तसेच वाईट मार्गाने संपत्ती साठवू नये. अशी संपत्ती हे पापाचे धन असते. म्हणून सत्शील मार्गाने जीवन व्यतीत करावे. पुण्यमार्ग आचारावा. कधीही पुण्यमार्गाने जाण्याचे सोडू नये.

भाषिक वैशिष्ट्ये : वरील ओवीमध्ये जनांसाठी खूप सुगम निरूपण केले आहे. ‘तोडू नये, जोडू नये, सोडू नये’ अशा सोप्या यमकांद्वारे संदेशामध्ये आवाहकता आली आहे. ओवीछंदाला साजेशी सुबोध भाषा वापरल्यामुळे जनमानसावर तत्त्व ठसवणे सुलभ झाले आहे. पापद्रव्य व पुण्यमार्ग यांतील विरोधाभास ठळकपणे उठून दिसतो. ओवीमध्ये प्रासादिकता हा गुण आढळतो.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य)

प्रश्न 2.
‘अपकीर्ति ते सांडावी। सत्कीर्ति वाडवावी।
विवेकें दृढ धरावी। वाट सत्याची।।’ (मार्च ‘१९)
उत्तर :
आशयसौंदर्य : संत रामदासांनी ‘उत्तमलक्षण’ या कवितेत आदर्श गुणवान व्यक्तीची वैशिष्ट्ये सांगताना या ओळींमधून सद्वर्तन कशा प्रकारे करावे, याची शिकवण दिली आहे.

काव्यसौंदर्य : संत रामदास म्हणतात – लोक आपल्याला दूषणे देतील व निंदा करतील असे वर्तन कदापिही करू नये. ज्या वागण्याने आपली अपकीर्ती होईल, असे वागणे टाळावे. उलट आपल्या व्यक्तिमत्त्वाची कीर्ती पसरेल, अशी वागणूक करायला हवी. स्वतः चांगले वागून सत्कीर्ती वाढवायला हवी. त्यासाठी बुद्धीचा विवेक महत्त्वाचा ठरतो. सद्विचाराने, विवेकाने सत्याचा मार्ग ठामपणे आचरावा. विवेकबुद्धी ठोस असणे गरजेचे आहे.

भाषिक वैशिष्ट्ये : सन्मार्गाचे लक्षण सांगताना जनसामान्यांना समजतील असे तीन मुद्दे या ओळीत सहजपणे सांगितले आहेत. अपकीर्ती व सत्कीर्ती तसेच सांडावी व वाढवावी या विरोधी शब्दांमुळे ओवीची खुमारी वाढली आहे. दृढ धरणे हा वाक्प्रचार चपखलपणे उपयोगात आणला आहे. जनमानसावर तत्त्व ठसवण्याची समर्थांची हातोटी समर्थपणे व्यक्त झाली आहे.

व्याकरण व भाषाभ्यास

कृतिपत्रिकेतील प्रश्न ४ (अ) आणि (आ) यांसाठी…

अ. व्याकरण घटकांवर आधारित कृती:

१. समास :

प्रश्न 1.
पुढील तक्ता पूर्ण करा : (ठळक अक्षरांत उत्तरे दिली आहेत.)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 21

२. अलंकार :
पुढील ओळी वाचून तक्ता पूर्ण करा :
प्रश्न 1.
‘ऊठ पुरुषोत्तमा । वाट पाही रमा ।
दावि मुखचंद्रमा । सकळिकांसी।।’

प्रश्न 2.
‘नयनकमल’ हे उघडित हलके जागी हो जानकी.
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 22
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 23

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य)

३. वृत्त :
पुढील ओळींचे लगक्रम लिहा :

प्रश्न 1.
ऐकू न ये तुज पिकस्वर मंजुळे का?
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 24

प्रश्न 2.
मना सज्जना भक्तिपंथेचि जावे.
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 25

उत्तमलक्षण Summary in Marathi

कवितेचा भावार्थ :
उत्तम पुरुषाची (आदर्श व्यक्तीची) लक्षणे सांगताना संत रामदास श्रोत्यांना म्हणतात – श्रोतेहो, तुम्हांला आता मी उत्तम, गुणवान व्यक्तीची लक्षणे सांगतो, ती सावध मनाने ऐकावीत. ही लक्षणे ऐकून तुम्ही सर्व गोष्टी जाणण्याची खूण अंगी बाणवावी. ।।१।।

पूर्ण माहिती असल्याशिवाय कुठल्याही रस्त्याने जाऊ नये. वाटेमधील अडथळे जाणून घेतल्याशिवाय प्रवास करू नये. फळाचे अंतरंग (गुण) ओळखल्याशिवाय ते खाऊ नये. रस्त्यात पडलेली वस्तू अचानक पटकन उचलू नये. ।।२।।

लोकांनी केलेली विनंती लक्षात घ्यावी. तिला अमान्य करू नये. पाप किंवा कपट करून मिळवलेल्या संपत्तीचा साठा करू नये. कपट करून पैसा मिळवू नये. पुण्याचा मार्ग म्हणजे सच्छील मार्ग, सद्वर्तन कधीही सोडू नये. ।।३।।

जी तोंडाळ, भांडकुदळ व्यक्ती असेल, त्या व्यक्तीशी कधीही भांडू नये. व्यर्थ बडबड करणाऱ्या वाचाळ माणसाशी तंटा करू नये. सज्जनाची संगत कधी मध्येच सोडू नये, (हे कायम मनात ठेवा.) मनापासून झालेली संतांची मैत्री सोडू नये. ।।४।।

काम न करता ऐदीपणे, आळस करून आनंद घेऊ नये. आळसात सुख नसते. कुणाबद्दल उखाळ्यापाखाळ्या करून चहाडी करू नये. दुसऱ्याबद्दल खोटेनाटे बोलणे मनातही आणू नये. संपूर्ण शोध घेतल्याशिवाय कोणतेही काम करू नये. (काम अर्धवट सोडू नये.) ।।५।।

सभेमध्ये, समूहाच्या बैठकीमध्ये लाजू नये, मुखदुर्बळ राहू नये. मोकळ्या मनाने बोलावे परंतु बालिशपणे बोलू नये. बाष्कळ बडबड करू नये, कोणत्याही प्रकारची पैज, शर्यत लावू नये. कुणाशीही स्पर्धा करू नये. ।।६।।

कोणाचे उपकार सहसा घेऊ नयेत आणि घेतलेच तर त्यांची लगेच परतफेड करावी, उपकारातून लवकर उतराई व्हावे. दुसऱ्यांना दुःख देऊ नये, त्यांना व्यथित करू नये. कुणाचा विश्वासघात किंवा बेइमानी मुळीच करू नये. ।।७।।

स्वत:च्या मनाचा मोठेपणा कधी सोडून देऊ नये. मन कोते करू नये, ते व्यापक ठेवावे. परावलंबी होऊ नये. कुणावरी आपल्या आयुष्याचे ओझे लादू नये. ।।८।।

सत्याचा मार्ग कधी सोडू नये. खरेपणाने वागावे, असत्याच्या, खोटेपणाच्या मार्गाने जाऊ नये. खोटारडेपणा करून वागू नये. खोटेपणाचा कधीही वृथा अभिमान, व्यर्थ गर्व करू नये. ।।९।।

अपकीर्तीला बळी पडू नये. कुप्रसिद्धी टाळावी. चांगली कीर्ती वाढवावी. चांगल्या प्रकारे प्रसिद्ध पावावे. सारासार विचाराने, विवेकाने वर्तन करून सत्यमार्ग पत्करावा. ।।१०।।

उत्तमलक्षण शब्दार्थ

  • उत्तम – आदर्श, गुणसंपन्न,
  • लक्षण – गुणवैशिष्ट्य.
  • श्रोतीं – ऐकणाऱ्या लोकांनो.
  • सावधान – सावध होणे, सजग होणे.
  • उत्तम – उत्कृष्ट, जेणें – ज्याने.
  • बाणे – बाणणे, अंगिकारणे, सवय लागणे,
  • सर्वज्ञ – सारे जाणणारा.
  • पुसल्याविण – विचारल्याशिवाय,
  • येकायेकी – एकदम, पटकन.
  • जनीं – लोकांचे. आर्जव – विनंती.
  • पापद्रव्य – पापाने (कपटाने) मिळवलेली संपत्ती.
  • जोडू नये – साठवू नये.
  • पुण्यमार्ग – चांगला रस्ता, सद्वर्तन,
  • कदाकाळी – कोणत्याही वेळी.
  • तोंडाळ – वाटेल ते बोलणारा, भांडकुदळ.
  • वाचाळ – व्यर्थ बडबड करणारा.
  • तंडो नये – तंटा (भांडण) करू नये.
  • संतसंग – सज्जन माणसाची संगत.
  • खंडू नये – तोडू नये.
  • अंतर्यामी – मनातून, हृदयातून.
  • आळस – काम न करणे.
  • चाहाडी – एखादयाबद्दल वाईट सांगणे, आगलावेपणा.
  • कार्य – काम,
  • सभा – समूहाची बैठक.
  • बाष्कळपणा – बालिशपणा.
  • पैज – स्पर्धा, शर्यत.
  • होड – पैज,
  • परपीडा – दुसऱ्याला छळणे, दुःख देणे.
  • विश्वासघात – बेइमानी.
  • व्यापकपण – (मनाचा) मोठेपणा.
  • पराधेन – परावलंबी, दुसऱ्यावर विसंबणे.
  • वोझें – (स्वत:चा) भार,
  • कोणीयेकासी – कोणावरही.
  • सत्यमार्ग – खऱ्याचा मार्ग, सद्वर्तन.
  • असत्य – खोटेपणा.
  • पंथे – मार्गाने, वाटेने.
  • कदा – कधीही.
  • अभिमान – व्यर्थ गवं.
  • अपकीर्ति – बेअब्रू, वाईट प्रसिद्धी,
  • सत्कीर्ति – चांगली प्रसिद्धी.
  • वाडवावी – वाढवावी.
  • विवेके – चांगल्या विचाराने.
  • दृढ – ठाम, मजबूत, ठोस.

Space Missions Class 10 Questions And Answers Maharashtra Board

Class 10 Science Part 1 Chapter 10

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 10 Science Part 1 Chapter 10 Space Missions Question Answer Maharashtra Board

Class 10 Science Part 1 Chapter 10 Space Missions Question Answer Maharashtra Board

Question 1.
Fill in the blanks and explain the statements with reasoning:
a. If the height of the orbit of a satellite from the earth’s surface is increased, the tangential velocity of the satellite will ………………
Answer:
If the height of the orbit of a satellite from the earth’s surface, is increased, the tangential velocity of the satellite will decrease.
Explanation: The gravitational force (F) exerted by the earth on the satellite will decrease if the height of the orbit of the satellite from the earth’s surface is increased. Hence, the tangential velocity of the satellite will decrease.
The formula
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 1
shows that υc decreases with increasing h.

b. The initial velocity (during launching) of the Mangalyaan must be greater than ………… from the earth.
Answer:
The initial velocity (during launching) of the Mangalyaan must be greater than the escape velocity from the earth.
Explanation: If a satellite is to travel beyond the gravitational pull of the earth, its velocity must be more than the escape velocity from the earth.
[Note: The velocity must be atleast equal to the escape velocity. Refer the definition of escape velocity.]

Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions

Question 2.
State with reasons whether the following statements are true or false.
a. If a spacecraft has to be sent away from the influence of the earth’s gravitational field, its velocity must be less than the escape velocity.
Answer:
False.
Explanation: The escape velocity of a body is the minimum velocity with which it should be projected from the earth’s surface, so that it can escape the influence of the earth’s gravitational field. This clearly shows that the given statement is false.

b. The escape velocity on the moon is less than that on the earth.
Answer:
True.
Explanation: Escape velocity of an object from the earth,
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c. A satellite needs a specific velocity to revolve in a specific orbit.
Answer:
True.
Explanation:
Centripetal force on the satellite \(\frac{m v_{c}^{2}}{R+h}\) = gravitational force exerted by the earth on the satellite \(\frac{G M m}{(R+h)^{2}}\)
where,
m: mass of the satellite
υc: critical velocity of the satellite
h: height of the satellite from the surface of the earth
M: mass of the earth
R: radius of the earth
G: gravitational constant
∴ \(v_{\mathrm{c}}^{2}=\frac{G M}{R+h}\)
∴ \(v_{\mathrm{c}}=\sqrt{\frac{G M}{R+h}}\)
Thus, if the value of h changes, the value of υc also changes. It means a satellite needs to be given a specific velocity (in the tangential direction) to keep it revolving in a specific orbit.
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d. If the height of the orbit of a satellite increases, its velocity must also increase.
Answer:
False.
Explanation:
Centripetal force on the satellite \(\frac{m v_{c}^{2}}{R+h}\) = gravitational force exerted by the earth on the satellite \(\frac{G M m}{(R+h)^{2}}\)
where,
m : mass of the satellite
υc : critical velocity of the satellite
h : height of the satellite from the surface of the earth
M : mass of the earth
R : radius of the earth
G : gravitational constant
∴ \(v_{\mathrm{c}}^{2}=\frac{G M}{R+h}\)
∴ \(v_{\mathrm{c}}=\sqrt{\frac{G M}{R+h}}\)
Thus, if the value of h changes, the value of υc also changes. It means a satellite needs to be given a specific velocity (in the tangential direction) to keep it revolving in a specific orbit.
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 4
As per the formula υc = \(\sqrt{\frac{G M}{R+h}}\) , if the value of h increases, the value of υc decreases. Hence, if the height of the satellite from the surface of the earth increases, its velocity decreases.

Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions

Question 3.
Answer the following questions:
a. What is meant by an artificial satellite? How are the satellites classified based on their functions?
(OR)
Write the importance of artificial satellites in your words. (Practice Activity Sheet – 3)
Answer:
A manmade object orbiting the earth or any other planet is called an artificial satellite. Satellites work on solar energy and hence photovoltaic panels are attached on both sides of the satellite, which look like wings. Satellites are also installed with various transmitters and other equipment to receive and transmit signals between the earth and the satellites.

Classification of satellites depending on their functions:
(1) Weather satellites: weather satellites collect the information regarding weather conditions of the region. It records temperature, air pressure, wind direction, humidity, cloud cover, etc. this information is sent to the space research station on the earth and then with this information weather forecast is made.

(2) Communication satellites: In order to establish communication between different places on the earth through mobile phones or computer assisted internet, communication satellites are used. Many artificial satellites placed at various locations in the earth’s orbit are well interconnected and help us to have communication with any place, from anywhere, at any time and in any form including voicemail, email, photographs, audio mail, etc.

(3) Broadcasting satellites: Broadcasting satel¬lites are used to transmit various radio and television programs and even live programs from any place on the earth to any other place. As a result, one can have access to information about current incidents, events, programs, sports and other events right from his drawing room with these satellites.

(4) Navigational satellites: Navigational satel¬lites assist the surface, water and air transportation and coordinate their busy schedule. These satellites also assist the user with current live maps as well as real time traffic conditions.

(5) Military satellites: Every sovereign nation needs to keep the real time information about the borders. Satellites help to monitor all movements of neighboring countries or enemy countries. Military satellites also help to guide the missiles effectively.

(6) Earth observation satellites: These satellites observe and provide the real time information about the earth. These satellites also help us to collect information about the resources, their management, continuous observation about a natural phenomenon and the changes within it.

(7) Other satellites: Apart from these various satellites, certain satellites for specific works or purposes are also sent in the space. E.g. India has sent EDUSAT for educational purpose; CARTOSAT for surveys and map making. Similarly, satellites with telescopes, like Hubble telescope or a satellite like International Space Station help to explore the universe. In fact, ISS (International Space Station) provides a temporary residence where astronauts can stay for a certain short or long period and can undertake the research and study space activities.
The various functions listed above show the importance of artificial satellites.

b. What is meant by the orbit of a satellite? On what basis and how are the orbits of artificial satellites classified?
Answer:
Orbit of a satellite is its path around the earth.
Orbits of artificial satellites can be classified on various basis.
(1) On the basis of the angle of the orbital plane: Orbital plane of a satellite can be the equatorial plane of the earth or it can be at an angle to it.
(2) On the basis of the nature of the orbit: Orbital plane can be circular or elliptical in shape.
(3) On the basis of the height of the satellite: Orbit of a satellite can be HEO, MEO or LEO.

(i) High Earth Orbit (HEO) satellite: A satellite orbiting at a height equal to or greater than 35780 km above the earth’s surface is called a High Earth Orbit satellite. The critical velocity (υc) of a satellite revolving in an orbit at 35780 km above the earth surface is 3.08 km/s. Such a satellite will take about 23 hours 54 minutes to complete one revolution around the earth. The earth completes one rotation about its axis in the same time. The orbital plane of such a satellite is the equatorial plane of the earth. The satellite’s relative position appears stationary with respect to a place on the earth. This satellite is, therefore, called a geostationary satellite or geosynchronous satellite.

(ii) Medium Earth Orbit (MEO) satellite: A satellite orbiting at a height between 2000 km and 35780 km above the earth’s surface is called a Medium Earth Orbit satellite. The orbital path of such a satellite is normally elliptical and passes through the North and the South polar regions. These satellites take about 12 hours to complete one revolution around the earth.
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 5

(iii) Low Earth Orbit (LEO) satellite:
A satellite orbiting at a height between 180 km and 2000 km above the earth’s surface is called a Low Earth Orbit satellite. Normally, these satellites take 90 minutes to complete one revolution around the earth. Weather satellites, space telescopes and International Space Station are Low Earth Orbit satellites.

c. Why are geostationary satellites not useful for studies of polar regions? (Practice Activity Sheet – 4)
(OR)
Explain the following statement. A geostationary satellite is not useful in the study of polar regions. (Practice Activity Sheet – 1)
Answer:
Geostationary satellites have two distinct characteristics:
(1) Geostationary satellites are HEO satellites and are placed at 35780 km above the earth’s surface.
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 6

(2) A geostationary satellite revolves in the equatorial plane of the earth, and thus, it can never fly above the polar regions.
Hence, geostationary satellites are not useful for studies of polar regions.

d. What is meant by a satellite launch vehicle? Explain the satellite launch vehicle developed by ISRO with the help of a schematic diagram.
Answer:
A rocket used to carry an artificial satellite to a desired height above the earth’s surface and then project it with a proper velocity so that the satellite orbits the earth in the desired orbit is called a launch vehicle. A satellite launch vehicle needs a specific velocity as well as a thrust to reach the desired height above the earth’s surface. The velocity and the thrust of a satellite launch vehicle depend on the weight and orbital height of the satellite.

Accordingly, the structure of the launch vehicle is decided and designed. The weight of the fuel also contributes a major portion in the total weight of the launch vehicle. This also influences the structure of the launch vehicle. In order to use the fuel optimally, multiple stage launch vehicles are now designed and used.

The Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV) developed by ISRO is shown below in a schematic diagram.
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 7

e. Why is it beneficial to use a satellite j launch vehicle made up of more than one stage?
Answer:
Earlier Satellite Launch Vehicles (SLV) used to be of a single stage vehicles. Such SLVs used to be very heavy as well as expensive in terms of its fuel consumption. As a result, SLVs with multiple stages were developed.

In multistage SLVs, as the journey of the launch vehicle progresses and the vehicle achieves a specific velocity and a certain height, the fuel of the first stage is exhausted and the empty fuel tank gets detached from the main body of the launch vehicle and falls back into a sea or on unpopulated land. As the fuel in the first stage is exhausted, the engine in the second stage is Ignited. However, the weight of the launch vehicle is now less than what it was earlier and hence it can move with higher velocity, Thus, it saves fuel consumption. Hence, it is beneficial to use a multistage satellite launch vehicle.

Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions

Question 4.
Complete the following table:
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 8
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 9

Question 5.
Solve the following problems:
a. If the mass of a planet is eight times the mass of the earth and its radius is twice the radius of the earth, what will be the escape velocity for that planet?
Answer:
Given:
(1) The mass of the planet (M) is eight times the mass of the earth, i.e., 8 × 6 × 1024 kg
(2) The radius of the planet (R) is twice the radius of the earth, i.e., 2 × 6.4 × 106 km
(3) G = 6.67 × 10-11 N·m2/kg2
Escape velocity for that planet
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 10
= 2.237 × 104 m/s
= 22.37 km/s

b. How much time would a satellite in an orbit at a height of 35780 km above the earth’s surface take to complete one revolution around the earth, if the mass of the earth were four times its original mass?
Answer:
Given: R (Earth) = 6400 km = 6.4 × 106 m,
M (Earth) = 6 × 1024 kg
∴ M’ = 4M = 4 × 6 × 1024 kg
h = 35780 km = 3.578 × 107 m = 35.78 × 106 m,
G = 6.67 × 10-11 N·m2/kg2, T = ?
The time that the satellite would take to complete one revolution around the earth,
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 11
= Approx 4.303 × 104 s
= Approx 11.95 h
or 11 hours 57 minutes 10 seconds.

Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions

c. If the height of a satellite completing one revolution around the earth in T seconds is h1 meters, then what would be the height of a satellite taking 2\(\sqrt{2}\) T seconds for one revolution?
Answer:
Given:
(1) Time: T seconds
(2) Height: h1
Let us assume the height of the satellite completing one revolution in 2\(\sqrt{2}\) T seconds as h2.
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 12
∴ R + h2 = 2R + 2h1
∴ h2 = R + 2h1

Project:

Project 1.
Collect information about the space missions undertaken by Sunita Williams.
Hints:
The following sources can be used to get the information on the above topic:
(1) Google Search Engine
(2) YouTube
(3) E-books on Sunita Williams
(4) English and other regional language books on Sunita Williams available in your library
(5) Newspaper clippings

Based on the information you have collected from the above sources, complete the project in about 5 pages. You can do value addition to your project with the help of suitable photos, clippings, charts, graphs and sketches.

Project 2.
Assume that you are interviewing Sunita Williams. Prepare a questionnaire and also the answers.
Answer:
Points to make a list of a questionnaire for the interview of Sunita Williams :
(1) Primary and higher education
(2) The source of inspiration to become an astronaut
(3) Information about her mentor
(4) General and specific training
(5) Initial experience of being an astronaut
(6) First space mission, its nature, duration and experience
(7) Natureofresearchcarriedoutinspace
(8) Some special memories
(9) Future plans
(10) Tips and guidance for the younger generation.

Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions

Can you recall? (Text Book Page No. 135)

Question 1.
What is the difference between space and sky?
Answer:

  1. The visible portion of the atmosphere and outer space seen by simple eyes, without any equipment from the earth, is known as the sky.
  2. The infinite three-dimensional expanse in which the Solar system, stars, celestial bodies, galaxies and the endless Universe exist is known as space.
  3. Both sky and space lack a definite boundary. However, the sky is a very tiny part of space.

Question 2.
What are different objects in the Solar system?
Answer:

  1. Our Solar system is a very tiny part of a huge Galaxy-Milky Way.
  2. The Sun is at the centre of the Solar system. Sun is a star.
  3. Mercury, Venus, Earth, Mars, Jupiter, Saturn, Uranus and Neptune are planets in our Solar system. These planets revolve around the Sun. Some of these planets have their own natural satellites.
  4. Besides, there are asteroids, meteoroids, comets and meteors in the Solar system.

Question 3.
What is meant by a satellite?
Answer:

  1. An astronomical object orbiting any planet of our Solar system is called a satellite.
  2. Mercury and Venus have no satellites.
  3. Some planets have more than one satellite. E.g. Jupiter has 69 satellites.

Question 4.
How many natural satellites does the earth have?
Answer:
The earth has one natural satellite called the moon.

Question 5.
Which type of telescopes are orbiting around the earth? Why is it necessary to put them in space?
Answer:
(1) The following three types of telescopes are orbiting around the earth:

  • Optical Refracting Telescope.
  • Optical Reflecting Telescope.
  • Radio Telescope.

(2) Visible light and radio waves emitted by celestial bodies in space pass through the atmosphere before reaching the earth’s surface. During this journey, some light is absorbed by the atmosphere. Hence, the intensity of the light reaching the earth’s surface decreases. Besides, temperature and air pressure cause the atmospheric turbulence. Hence, light rays change their path, resulting in a change in the position of the image of a celestial body.

City lights during night, and bright sunlight during day also put limitations on usage of optical telescopes on the earth. To minimize these problems, optical telescopes are situated on mountain top, away from inhabited places. However, limitations caused by the atmosphere still persist.

To get rid of these problems scientists have successfully launched telescopes in space. Images obtained by these telescopes are brighter and clearer than those obtained by the telescopes located on the earth’s surface.

Can you recall? (Text Book Page No. 135)

Question 1.
Where does the signal in your cellphone come from?
Answer:
In nearby area of our residence, many mobile towers are installed at various places. Cellphones receive signals from one of these mobile towers.

Question 2.
Where from does it come to mobile towers?
Answer:
All mobile towers are connected to satellites. Cellphone signal reaching the nearest mobile tower in our vicinity is first transmitted to the satellite. The satellite transmits the signal to the mobile tower near the destination.

Question 3.
Where does the signal to your TV set come from?
Answer:
(1) Television Centre or Studio transmits the TV program which first reaches the satellite. The dish antenna of the cable operator in our area receives these signals. The TV programs reach our TV set through a cable connected between the cable operator’s receiving station and our TV set.

(2) Alternatively, a small portable dish antenna fixed on the rooftop is also used to receive the TV signals directly from the satellites. Finally, a cable connected to the dish antenna and TV set brings the programme to our TV set.

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Question 4.
You may have seen photographs showing the position of monsoon clouds over the country in the newspaper. How are these images obtained?
Answer:
Weather satellites take photographs of the sky above the earth’s surface at regular intervals. Some satellites, capable of receiving radio signals, also collect the information of weather conditions and finally images of the sky are built with computers. Territorial boundaries of the states and the country are drawn later on these images. Such satellite images with imposed boundaries are printed in media or shown on the television.

Fill in the blanks:

Question 1.
A man-made object revolving around the earth in a fixed orbit is called …………..
Answer:
A man-made object revolving around the earth in a fixed orbit is called an artificial satellite.

Question 2.
Chandrayaan-I discovered the presence of ………….. on the moon.
Answer:
Chandrayaan-I discovered the presence of water on the moon.

Question 3.
Apart from launching a satellite around the earth, India has been able to launch a satellite around ……………
Answer:
Apart from launching a satellite around the earth, India has been able to launch a satellite around Mars.

Question 4.
All satellites work on …………… energy.
Answer:
All satellites work on solar energy.

Question 5.
……………. are used to carry and place a satellite in a specific orbit.
Answer:
Satellite launchers are used to carry and place a satellite in a specific orbit.

Question 6.
USA has developed ……………. as an alternative to space launch vehicles.
Answer:
USA has developed space shuttles as an alternative to space launch vehicles.

Question 7.
Hubble telescope is a ………….. satellite.
Answer:
Hubble telescope is a Low Earth Orbit (LEO) satellite.

Question 8.
……………. executed the first ever mission to the moon in the world.
Answer:
Russia executed the first ever mission to the moon in the world.

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Question 9.
………… executed the first manned mission to the moon in the world.
Answer:
USA executed the first manned mission to the moon in the world.

Select the appropriate answer from given options:

Question 1.
Which one of the following is a Low Earth Orbit (LEO) satellite?
(a) Navigational satellite
(b) Geostationary satellite
(c) International Space Station
(d) All of the above
Answer:
(c) International Space Station

Question 2.
Which of the following satellite launchers is developed by India?
(a) INSAT
(b) IRNSS
(c) EDUSAT
(d) PSLV
Answer:
(d) PSLV

Question 3.
Which of the following astronauts travelled through space shuttle ‘Discovery’ first time? (Practice Activity Sheet – 4)
(a) Kalpana Chawla
(b) Rakesh Sharma
(c) Sunita Williams
(d) Neil Armstrong
Answer:
(c) Sunita Williams

Considering the correlation between the words of the first pair, pair the third word accordingly with proper answer. (OR) Considering the first correlation, complete the second.

Question 1.
IRNSS : Direction showing satellite :: INSAT :………… (Practice Activity Sheet – 1)
Answer:
IRNSS : Direction showing satellite :: INSAT : Weather satellite

Question 2.
Hubble telescope : 569 km high from the earth’s surface :: Revolving orbit of Hubble telescope :………. (Practice Activity Sheet – 2; March 2019)
Answer:
Hubble telescope : 569 km high from the earth’s surface :: Revolving orbit of Hubble telescope : Low Earth Orbit.

Match the column:

Question 1.

Column A Column B
(1) Clouds over India (a) Low Earth Orbit
(2) Global communication (b) PSLV
(3) Launch vehicle made by ISRO (c) Communication satellite
(4) International Space Station (d) EDUSAT
(5) Navigational satellite (e) Weather satellite
(f) Medium Earth Orbit

Answer:
(1) Clouds over India – Weather satellite
(2) Global communication – Communication satellite
(3) Launch vehicle made by ISRO – PSLV
(4) International Space Station – Low Earth Orbit
(5) Navigational satellite – Medium Earth Orbit.

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Answer the following questions in one sentence each:

Question 1.
What do you mean by the orbit of a satellite?
Answer:
Orbit of a satellite is its path around the earth.

Question 2.
Which factor decides the orbit of a satellite?
Answer:
The function of a satellite decides the orbit of the satellite.

Question 3.
What is a High Earth Orbit satellite?
Answer:
A satellite orbiting at a height equal to or greater than 35780 km above the earth’s surface is called a High Earth Orbit satellite.

Question 4.
Give two examples of Low Earth Orbit satellites.
Answer:
Weather satellite and International Space Station are Low Earth Orbit satellites.

Question 5.
What is a launch vehicle?
Answer:
A rocket used to carry an artificial satellite to a desired height above the earth’s surface and then project it with a proper velocity so that the satellite orbits the earth in the desired orbit is called a launch vehicle.

Question 6.
Name the launch vehicle developed by India.
Answer:
The launch vehicle developed by India is known as PSLV, i.e., Polar Satellite Launch Vehicle.

Answer the following questions:

Question 1.
Write the proper name of the orbits of satellites shown in the following figure with their height from the earth’s surface. (Practice Activity Sheet – 4)
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 13
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 14
(a) Low earth orbits: height above the earth’s surface: 180 km to 2000 km
(b) Medium earth orbits: height above the earth’s surface: 2000 km to 35780 km
(c) High earth orbits: height from the earth’s surface > 35780 km

Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions

Question 2.
Explain the need and importance of space missions.
Answer:
Man has always been curious about the sun, moon, stars and the world beyond the earth. Initially, man tried to observe space with the help of telescopes. However, later he dreamt to fly into space and finally succeeded to reach into space.

Space missions are now essential to understand the origin and evolution of our solar system as well as to study the Universe beyond the Solar system.

Space missions have given us many benefits and made our life simpler. It is because of space missions that the real-time immediate communication and exchange of information across the globe is now possible. We can receive the abundant information at the desk at our home or office. We also get information about any topic at any time and anywhere at fingertips through the Internet. Besides, the advanced alerts about some natural calamities like cyclones or storms are received through satellites sent as a part of space missions. Satellites have also helped us in entertainment. Programmes, sports events, etc., can be telecast live and can reach millions at a time throughout the world.

Satellite surveillance of the enemy, exploring the reserves of various minerals resources, access to various activities like trade, tourism and navigation, and easy global reach to make world a global village is all possible due to the space missions. Thus, space missions are extremely important in defence, communication, weather forecast, observation, direction determination, etc.

Question 3.
What are space expeditions? Explain their need and importance in your words. (Practice Activity Sheet – 2)
Answer:
A mission planned (i) for establishing artificial satellites in the earth’s orbit, using them for research or for the benefit of life, or (ii) for sending a spacecraft to the various components of the solar system or outside is called a space expedition.

Man has always been curious about the sun, moon, stars and the world beyond the earth. Initially, man tried to observe space with the help of telescopes. However, later he dreamt to fly into space and finally succeeded to reach into space. Space missions are now essential to understand the origin and evolution of our solar system as well as to study the Universe beyond the Solar system.

Space missions have given us many benefits and made our life simpler. It is because of space missions that the real-time immediate communication and exchange of information across the globe is now possible. We can receive the abundant information at the desk at our home or office. We also get information about any topic at any time and anywhere at fingertips through the Internet. Besides, the advanced alerts about some natural calamities like cyclones or storms are received through satellites sent as a part of space missions. Satellites have also helped us in entertainment. Programmes, sports events, etc., can be telecast live and can reach millions at a time throughout the world.

Satellite surveillance of the enemy, exploring the reserves of various minerals resources, access to various activities like trade, tourism and navigation, and easy global reach to make world a global village is all possible due to the space missions. Thus, space missions are extremely important in defence, communication, weather forecast, observation, direction determination, etc.

Question 4.
What are the objectives of the space mission?
Answer:
Man initially tried to satisfy his curiosity to know the world and universe beyond the earth with the help of telescopes. However, it has some obvious limitations and to overcome these limitations, man later ventured into space missions.

Space missions carried out by man were aimed at four specific objectives:

  1. To launch artificial satellites in the earth’s orbit for study and research.
  2. To launch artificial satellites in the earth’s orbit for various purposes like telecommunication, weather forecast, radio and TV programme transmission, etc.
  3. To send artificial satellites beyond the earth’s orbit to observe, study and collect the information from other planets, meteors, meteoroids, asteroids and comets.
  4. To sense and understand space beyond the solar system.

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Question 5.
Write on significant space missions carried out by man.
Answer:
Man has carried out many space missions within and beyond the earth’s orbit. Significant space missions are as follows:
(1) Space missions within the earth’s orbit: Man has so far sent many artificial satellites of various types in the earth’s orbit. These satellites have made the life of man simpler. Besides, it has also helped us in resource management, communication, disaster management, etc.

(2) Moon missions : Moon is the natural satellite , of the earth and it is the nearest celestial body to us. Naturally, our initial space missions were directed to the moon. As of now, only Russia, USA, European Union, China, Japan and India have successfully undertaken . moon missions. Russia executed 15 moon missions between 1959 and 1976. Of these, last 4 missions brought the stone samples from the moon for study and analysis. However all these missions were unmanned. USA executed moon missions between 1962 and 1972. Some of these missions were unmanned.

However, the historic moon mission took place on 20th July, 1969, when American astronaut Neil Armstrong became the first human to step on the moon. India has undertaken the moon mission. Indian Space Research Organisation (ISRO) successfully launched Chandrayaan-I and placed it in orbit of the moon. It sent useful information to the earth for about a year. The most important discovery made during the mission was the presence of water on moon’s surface. India was the first country to discover this.

(3) Mars mission: The second nearest celestial object to the earth is Mars and many nations sent spacecraft towards it. But only few of them have been successful. However, the performance of Mangalyaan, the Indian spacecraft sent by ISRO towards Mars, was remarkable. Mangalyaan was launched in November 2013 and was placed in the orbit of Mars successfully in September 2014. It has obtained useful information about the surface and atmosphere of Mars.

(4) Space missions to other planets: Other than moon and Mars missions, many other space missions were undertaken for studying other planets. Some spacecraft orbited the planets, some landed on some planets, and some just observed the planets, passed near them and went further to study other celestial bodies. Some spacecraft were sent specifically to study asteroids and comets. Some spacecraft’s have brought dust and stone samples from asteroids for the study.

All these space missions are very useful in getting information and helping us in clarifying our concepts about the origin of the earth and the Solar system.

Question 6.
Bring out the contribution of India’s space missions.
Answer:
Successful space missions as well as scientific and technological accomplishments by India in space technology have made a significant contribution in the national and social development of our country.
India has indigenously built various launchers and these launchers can put the satellites having the mass up to 2500 kg in orbit.

Indian Space Research Organisation (ISRO) has designed and built two important launchers: Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV) and Geosynchronous Satellite Launch Vehicle (GSLV).

Many satellites in INS AT and GSAT series are active in telecommunication, television broadcasting, meteorological services, disaster management and in monitoring and management of natural resources. EDUSAT is used specifically for education while satellites in IRNSS series are used for navigation. Thumba, Sriharikota and Chandipur are Indian satellite launch centers.

Vikram Sarabhai Space Centre at Thiruvananthapuram, Satish Dhawan Space Research Centre at Sriharikota and Space Application Centre at Ahmedabad are space research organizations of India.

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Question 7.
What is meant by space debris? Why is there need to manage the debris? (March 2019)
Answer:
In a space nonessential objects such as the parts of launchers and satellites, revolving around the earth are called the debris in space.

The debris can be harmful to the artificial satellites. It can collide with the satellite or spacecrafts and damage them. Therefore the future of artificial satellites or spacecrafts are in danger.
Hence, it is necessary to manage the debris.

Solve the following examples/numerical problems:
[Note: See the textbook for the relevant data.]

Problem 1.
If the mass of a planet is 8 times that of the earth and its radius is twice the radius of the earth, what will be the escape velocity for that planet? (Escape velocity for the earth = 11.2 km/s) (Practice Activity Sheet – 2)
Answer:
Given:
Mass of the planet = 8ME radius of the planet, Rp = 2RE,
escape velocity for the earth, υescE = 11.2 km/s
escape velocity for the planet, υescP = ?
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Problem 2.
Calculate the critical velocity (υc) of the satellite to be located at 35780 km above the surface of the earth.
Answer:
Given:
G: 6.67 × 10-11 N·m2/kg2,
M(Earth): 6 × 1024 kg,
R(Earth): 6.4 × 106 m,
h: 35780 km = 35780 × 103 m,
υc = ?
Critical velocity of the satellite
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 16
= 3.08 × 103 m/s
= 3.08 Km/s.

Problem 3.
In the above example (2) how much time will the satellite take to complete one revolution around the earth?
Answer:
Given:
R: 6400mkm = 6.4 × 106 m
h: 35780 km = 3.5780 × 107 m
v: 3.08 km/s = 3.08 × 103 m/s
T = ?
The time required for the satellite to complete one revolution around the earth,
Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions 17
= Approx 86060 s
= 23 hours 54 minutes 20 seconds

Problem 4.
Calculate the critical velocity (υc) of the satellite to be located at 2000 km above the surface of the earth.
Answer:
Refer to the example (2) above.
Here,h = 2 × 106 m
υc = 6902 m/s

Maharashtra Board Class 10 Science Solutions Part 1 Chapter 10 Space Missions

Problem 5.
In the above example (4), how much time will the satellite take to complete one revolution around the earth?
Answer:
Refer to example (3) above.
Approx 7647 s
= 2 hours 7 minutes 27 seconds.
[Note: For more solved problems and problems for practice, refer Chapter 1 (Gravitation)]

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 खुला आकाश

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 7 खुला आकाश Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 7 खुला आकाश

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 7 गिरिधर नागर Textbook Questions and Answers

सूचना के अनुसार कृवियाँ कीविए:
(1) प्रहवलका पूण् कीविए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 1
उतर:

(2) कृवि पूण् कीविए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 2
उतर:

(3) आकृवि मे वलखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 3
उतर:

Maharashtra Board Solutions

(4)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 5
उतर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 33

(5) लखिए:
a.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 6
उतर:

b.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 7
उतर:

भाषा हबंदु
(1) हनम्हलखखत संहध हिचछेद की संहध कीहजए और भेद हलखखए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 8
उतर:

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
(i) सज्जन  सत् + जन  व्यंजन संधि
(ii) नमस्ते  नमः+ ते  विसर्ग संधि
(iii) स्वागत  सु + आगत  स्वर संधि
(iv) दिग्दर्शक  दिक् + दर्शक  व्यंजन संधि
(v) यद्यपि  यदि + यपि  स्वर संधि
(vi) दुस्साहस  दुः + साहस  विसर्ग संधि

Maharashtra Board Solutions

(2) हनम्हलखखत शब् का संहध हिचछेद कीहजए और भेद हलखखए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 9
उतर:

संधि विच्छेद  संधि शब्द संधि भेद
(i) दुः +  लभ  दुर्लभ  विसर्ग संधि
(ii) महा +  आत्मा  महात्मा  स्वर संधि
(iii) अन् +  आसक्त  अनासक्त  स्वर संधि
(iv) अंतः +  चेतना  अंतश्चेतना  विसर्ग संधि
(v) सम् +  तोष  संतोष  व्यंजन संधि
(vi) सदा + एव  सदैव  स्वर संधि

(3) हनम्हलखखत आकृहत मे हदए गए शब् का हिचछेद कीहजए और संहध का भेद हलखखए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 10
उतर:

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
(i) दिग्गज’  दिक् + गज  व्यंजन संधि
(ii) सप्ताह  सप्त + अह  स्वर संधि
(iii) निश्चल  निः + चल  विसर्ग संधि
(iv) भानूदय  भानु + उदय  स्वर संधि
(v) निस्संदेह  निः + संदेह  विसर्ग संधि
(vi) सूर्यास्त  सूर्य + अस्त  स्वर संधि

Maharashtra Board Solutions

(4) पाठो मे आए संहध शब् छाँटकर उनका हिचछेद कीहजए और संहध का भेद हलखखए।

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
(i) निर्जीव  निः + जीव  विसर्ग संधि
(ii) संभव  सम् + भव  व्यंजन संधि
(iii) उज्ज्व  लउत् + ज्वल  व्यंजन संधि

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 7 खुला आकाश Additional Important Questions and Answers

गद्यांश क्र.1
कृति 1: (आकलन)
(1) आकृति पूर्ण कीजिए:

उत्तर:

(2) उत्तर लिखिए: (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)

उत्तर:

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

‘बढ़ती हुई जनसंख्या का मनुष्य जीवन पर प्रभाव’ के बारे में आपके विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
उत्तर:
आज लगभग सभी देशों की जनसंख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। यह जनसंख्या वृद्धि आज संसार के समक्ष एक समस्या बन गई है। सभी देशों के संसाधन सीमित हैं और बढ़ी हुई जनसंख्या की माँग विशाल है, जिसकी पूर्ति करना संभव नहीं है। इसी का परिणाम है कि आज लोगों के सामने बेकारी की समस्या उत्पन्न हो गई है। जनसंख्या वृद्धि के कारण कृषि पर आधारित लोग परेशान हैं। खेती योग्य जमीन बँटती जा रही है।

अब वह इतने लोगों को रोटी देने में असमर्थ हो गई है। गाँवों की आबादी का बोझ शहरों पर आ पड़ा है। यहाँ शहरों में बेकारी की समस्या है। यहाँ भी लोग रोटी, कपड़ा, मकान की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लोग गंदी बस्तियों में रहने के लिए मजबूर हैं। न इतने लोगों के लिए ढंग की शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध हो पा रही है और न ही चिकित्सा व्यवस्था।

बढ़ती जनसंख्या ने देश की अर्थव्यवस्था बिगाड़ दी है। इस पर अंकुश लगाकर ही इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। तभी मनुष्य के जीवन स्तर में भी सुधार हो पाएगा।

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गद्यांश क्र.2
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
(2) सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:
(i) बिलकुल चुपचाप बैठकर सिर्फ ………………………… बारे में सोचें। (मेरे/अपने/सबके)
(ii) दूसरों की सोच-समझ पर ………………………… रखें। (भरोसा/प्रेम/संदेह)
(iii) ………………………… अन्य नहीं, अंतमय है, हमारे ही प्रतिरूप, हमसे अलग या भिन्न नहीं। (दूसरा /सब/वह)
(iv) ………………………… तरह सारे मनुष्य केवल मनुष्य होते और कुछ नहीं। (इसी/उसी/किसी)
उत्तर:
(2) (i) बिलकुल चुपचाप बैठकर सिर्फ अपने बारे में सोचें।
(ii) दूसरों की सोच-समझ पर भरोसा रखें।
(iii) दूसरा अन्य नहीं, अंतमय है, हमारे ही प्रतिरूप, हमसे अलग या भिन्न नहीं।
(iv) उसी तरह सारे मनुष्य केवल मनुष्य होते और कुछ नहीं।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

‘आत्मचिंतन के लाभ’ विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
आत्मचिंतन यानी स्वयं के विषय में चिंतन करना। आत्मचिंतन का अर्थ है किसी कार्य को करने या होने के बाद उसे करने के लिए अपनाई. गई क्रिया और विचार पद्धति का विश्लेषण। आत्मचिंतन के द्वारा हमें अपनी गलतियों से सीखने, साथ ही अपने किए गए कार्य को और बेहतर ढंग से करने का मौका मिलता है। किसी भी व्यक्ति को कोई दूसरा जितना सिखा सकता है, उससे कहीं अधिक वह अपने स्वाध्याय एवं आत्मचिंतन के द्वारा सीख सकता है। इस प्रक्रिया में हम शांत भाव से बैठकर किसी समस्या या मुद्दे के बारे में चिंतन कर सकते हैं।

छात्र जीवन में तो इसकी और भी अधिक आवश्यकता है। अपनी क्षमताओं के विषय में अच्छी तरह जाने-समझे बिना हम लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं। शीघ्रातिशीघ्र उसे प्राप्त कर लेना चाहते हैं और बाद में भटक जाते हैं। इसलिए पहले आत्मचिंतन करें, स्वयं को जानें, फिर लक्ष्य प्राप्ति का प्रयास करें।

गद्यांश क्र. 3
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढकर दी गई ‘सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
(1) उत्तर लिखिए:

उत्तर:

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

‘जीवन की सार्थकता के विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
ईश्वर ने हमें सर्वश्रेष्ठ योनि अर्थात मानव योनि में जन्म दिया है। हमारा कर्तव्य है कि हम मानव जाति के लिए कुछ अच्छा कार्य करें। हमें जितनी आयु मिली है, वह समय हम अच्छे कार्यों को करने में लगाएँ। कुछ ऐसा काम करें जिससे समाज और देश का हित हो।

कुछ लोग समय की कमी की बात करते हैं। लेकिन यदि कुछ करने की लगन हो तो समय आड़े नहीं आता। स्वामी विवेकानंद 40 वर्ष की आयु से भी पहले इस संसार से चले गए। ईसा मसीह का 30 वर्ष की आयु में ही प्राणांत हो गया। रामानुजम, रानी लक्ष्मीबाई, नेपोलियन, सिकंदर और अन्य अनेक अल्पायु में ही इस असार संसार को छोड़ गए, फिर भी मानव इतिहास में, ये महापुरुष अपनी छाप छोड़ गए।

सीमित समय में भी जितना अधिक-से-अधिक अच्छा हो सके, हमें देश व समाज के कल्याण के लिए कुछ सकारात्मक अवश्य करना चाहिए।

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गद्यांश क्र. 4
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
(1) आकृति पूर्ण कीजिए:

उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 35

(2) जोड़ियाँ मिलाइए:

 आ
(i) शौक  भविष्य
(ii) एकनिष्ठ  गुलाम
(ii) उज्ज्वल  रास्ते
(iv) दरजनों  सेवा

उत्तर:

 आ
(i) शौक  रास्ते
(ii) एकनिष्ठ  सेवा
(iii) उज्ज्वल  भविष्य
(iv) दरजनों  गुलाम

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

→ ‘जो हम शौक से करना चाहते हैं, उसके लिए रास्ते निकाल लेते हैं, इसका सोदाहरण अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
जिन कामों या चीजों का हमें शौक होता है, जिसमें हमारी रुचि होती है, उसके लिए हम समय, विधा सब निकाल लेते हैं। रुचि सफलता की वाहक है। हम सभी अपनी रुचि के कामों को करते समय उसमें डूब जाते हैं। उसी का परिणाम होता है सफलता। शिक्षा काल में जिस विषय में हमारी रुचि होती है, उसे पढ़ने में हम सारी रात भी जग लेते हैं, जबकि किसी ऐसे विषय की पुस्तक खोलते ही आँखें नींद से भर आती हैं, जो हमें पसंद न हो।

व्यायाम, तैराकी, बागवानी, चित्रकला, गायन, वादन आदि ऐसे अनेक कार्य हैं, जिनका यदि शौक हो तो मनुष्य घंटों बिताने पर भी उनसे ऊब अनुभव नहीं करता। किसी भी काम में सफलता प्राप्त करने के लिए उसमें रुचि होना परम आवश्यक है। बिना रुचि के आगे बढ़ने की संभावना बहुत कम होती है। जिस काम में हमारी रुचि होती है, उसे करने के लिए हम अपनी सारी ऊर्जा लगा देते हैं। न दिन देखते हैं, न ही रात। थकान शब्द तो मानो हमारे शब्दकोश में कभी था ही नहीं।

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→ ‘कंप्यूटर ज्ञान का महासागर’ विषय पर तर्कपूर्ण चर्चा कीजिए।
उत्तर:
कंप्यूटर इस पृथ्वी पर कल्पवृक्ष के समान है। जीवन का कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहाँ इसका महत्व न हो। सूचना के क्षेत्र में कंप्यूटर के कारण अद्भुत क्रांति आ गई है। इंटरनेट इसकी अनुपम देन है। दुनियाभर की जानकारी हम मिनटों में प्राप्त कर सकते हैं। यह एक सेकंड में दस हजार करोड़ गणितीय गणना कर सकता है।

चाहे मौसम का पूर्वानुमान हो या प्राकृतिक गैस और खनिज भंडारों का पता लगाना हो, रेलगाड़ियों और हवाईजहाजों का आरक्षण कराना हो या संसारभर की जानकारी प्राप्त करनी हो, कंप्यूटर के द्वारा घर बैठे हम मिनटों में कर सकते हैं। यह समय-समय पर भौगोलिक सूचनाओं से संबंधित जानकारी भी देता है। मुद्रण व प्रसारण के क्षेत्र में इसका योगदान असीमित है।

कंप्यूटर एक चालक की भाँति वायुयान का संचालन करता है। चालक के बटन दबाते ही कंप्यूटर स्वयं गति और दिशा का निर्धारण कर लेता है। शिक्षा के क्षेत्र में तो आज कंप्यूटर एक अनिवार्यता बन गया है।

→ महानगरीय/ग्रामीण दिनचर्या के लाभ तथा हानि के बारे में अपने अनुभव के आधार पर लिखिए।
उत्तर:
गाँवों में आज भी खुला आसमान है। वहाँ का वातावरण शुद्ध, प्रकृति की गोद में है, जबकि महानगरों में आसमान दिखाई नहीं पड़ता। बड़े पैमाने पर वाहनों से होने वाला प्रदूषण, लगातार होने वाला शोर, भीड़ और धुआँ असहज महसूस कराता है। भीड़भाड़, ट्रैफिक जाम, और अपराध महानगरों में रोज की बात है। गाँवों में एक प्रकार का ठहराव है। शाम ढलते ही चारों ओर एक प्रकार का सन्नाटा पसर जाता है।

जबकि, महानगरों में जीवन हर समय गतिमान रहता है। देर रात तक ऑफिस, दुकानें खुली रहती हैं। बस, ट्रेन, टैक्सियाँ, स्कूटर्स सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। गाँवों में धूप, हरियाली और शांति का आनंद प्राप्त कर सकते हैं। लोग आज भी गर्मजोशी से मिलते हैं। एक-दूसरे के दुख-तकलीफ में काम आते हैं। महानगरों में बहुत-से लोग पड़ोसी तक को नहीं पहचानते। दोस्तों, रिश्तेदारों के लिए समय नहीं निकाल पाते।

यहाँ लोगों के पास पैसा है, सुविधाएँ हैं, पर शांति कोसों दूर है। ग्रामीण लोगों का जीवन महानगरों की भागदौड़ से दूर एवं प्रकृति के करीब होता है। दूसरी ओर महानगरों में लोग हमेशा समय को पकड़ने के लिए दौड़ते रहते हैं। अति व्यस्तता के कारण तनाव, फिर स्वास्थ्य। संबंधी विभिन्न परेशानियाँ उन्हें घेर लेती हैं।

अपवठि ग‍दयांश

नम्वलखिि पररचछे‍ पढ़कर सूचना के अनुसार कृवियाँ कीविए:

हर फकसी को आतमरक् करनी होगी, हर फकसी को अपना कत्यय करना होगा। मै फकसी की सहायता की प्राशा नही करता। मै फकसी का भी प्राह नही करता। इस दुफनया से मदद की प्र्या करने का मुझे कोई अफधकार नही है। अतीत मे फिन लोगो ने मेरी मदद की है या भफ‍व् मे भी लोग मेरी मदद करें, मेरे प्र उन सबकी करुण मौिूद है, इसका दा‍व कभी नही फकया सकता। इसीफलए मै सभी लोगो के प्र फचर कक तज ञँ।

तुमहारी पररफस्फत इतनी बुरी देखकर मै बेहद फचंफतत हँ। लेफकन यह लो फक-‘तुमसे भी जयादा दुखी लोग इस संसार मे है। मै तुमसे भी जयादा बुरी पररफस्फत मे हँ। इंग् मे सब कुछ के फलए मुझे अपनी ही िेब से खच् करना पड़ता है। आमदनी कुछ भी नही है। लंदन मे एक कमरे का फकराया हर सप्ह के फलए तीन पाउंड होता है। ऊपर से अनय कई खच् है। अपनी तकलीिो के फलए मै फकससे फशकायत करू? यह मेरा अपना कम्यल है, मुझे ही भुगतना होगा।’

(फ‍ववकानंद की आतमकथा से)

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(1) कृवि पूण् कीविए:
1.Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 11

2. Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 7 खुला आकाश 12

(2) उतिर वलखिए:
1. पररचछेद मे उखलिखत देश – [ ]
2. हर फकसी को करना होगा – [ ]
3. लेखक की तकलीिे – [ ]
4. हर फकसी को करनी होगी – [ ]

(3) वन‍देानुसार हल कीविए:
(अ) वनम्वलखिि अर् से मेलनेला शब् उपयु्थ् पररचछे‍ से ढूँढ़कर वलखिए ः
1. स्वं की रक् करना – …………………………….
2. दूसरो के उपकारो को मानने ‍वला – …………………………….

(4) लंग पहचानकर वलखिए:
1. जेब [ ]
2. साहित्य [ ]
3. दावा [ ]
4. सेवा [ ]

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खुला आकाश Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : प्रस्तुत पाठ डायरी विधा का एक उदाहरण है। कुँवर नारायण जी ने इस पाठ के माध्यम से नगरों की भीड़, वहाँ की जीवन-शैली, जीवन के संघर्ष, आत्मचिंतन आदि पर प्रकाश डाला है। लेखक मानते हैं कि व्यक्ति के विकास में आत्मचिंतन का बड़ा महत्त्व है। इसके द्वारा हम अपनी क्षमताओं के बारे में और अधिक जान सकेंगे। साथ ही अपनी गलतियों से सीख ले सकेंगे।

Practice Set 5 Geometry 10th Standard Maths Part 2 Chapter 5 Co-ordinate Geometry Solutions Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Maths Solutions covers the Problem Set 5 Geometry 10th Class Maths Part 2 Answers Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry.

10th Standard Maths 2 Problem Set 5 Chapter 5 Co-ordinate Geometry Textbook Answers Maharashtra Board

Class 10 Maths Part 2 Problem Set 5 Chapter 5 Co-ordinate Geometry Questions With Answers Maharashtra Board

Question 1.
Fill in the blanks using correct alternatives.

i. Seg AB is parallel to Y-axis and co-ordinates of point A are (1, 3), then co-ordinates of point B can be _______.
(A) (3,1)
(B) (5,3)
(C) (3,0)
(D) (1,-3)
Answer: (D)
Since, seg AB || Y-axis.
∴ x co-ordinate of all points on seg AB
will be the same,
x co-ordinate of A (1, 3) = 1
x co-ordinate of B (1, – 3) = 1
∴ Option (D) is correct.

ii. Out of the following, point lies to the right of the origin on X-axis.
(A) (-2,0)
(B) (0,2)
(C) (2,3)
(D) (2,0)
Answer: (D)

iii. Distance of point (-3, 4) from the origin is _________.
(A) 7
(B) 1
(C) 5
(D) -5
Answer: (C)
Distance of (-3, 4) from origin
\(\begin{array}{l}{=\sqrt{(-3)^{2}+(4)^{2}}} \\ {=\sqrt{9+16}} \\ {=\sqrt{25}=5}\end{array}\)

iv. A line makes an angle of 30° with the positive direction of X-axis. So the slope of the line is ________.
(A) \(\frac { 1 }{ 2 } \)
(B) \(\frac{\sqrt{3}}{2}\)
(C) \(\frac{1}{\sqrt{3}}\)
(D) \(\sqrt { 3 }\)
Answer: (C)

Question 2.
Determine whether the given points are collinear.
i. A (0, 2), B (1, -0.5), C (2, -3)
ii. P(1,2), Q(2,\(\frac { 8 }{ 5 } \)),R(3,\(\frac { 6 }{ 5 } \))
iii L (1, 2), M (5, 3), N (8, 6)
Solution:
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 1
∴ slope of line AB = slope of line BC
∴ line AB || line BC
Also, point B is common to both the lines.
∴ Both lines are the same.
∴ Points A, B and C are collinear.

Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 2
∴ slope of line PQ = slope of line QR
∴ line PQ || line QR
Also, point Q is common to both the lines.
∴ Both lines are the same.
∴ Points P, Q and R are collinear.

Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 3
∴ slope of line LM ≠ slope of line MN
∴ Points L, M and N are not collinear.
[Note: Students can solve the above problems by using distance formula.]

Question 3.
Find the co-ordinates of the midpoint of the line segment joining P (0,6) and Q (12,20).
Solution:
P(x1,y1) = P (0, 6), Q(x2, y2) = Q (12, 20)
Here, x1 = 0, y1 = 6, x2 = 12, y2 = 20
∴ Co-ordinates of the midpoint of seg PQ
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 4
∴ The co-ordinates of the midpoint of seg PQ are (6,13).

Question 4.
Find the ratio in which the line segment joining the points A (3, 8) and B (-9, 3) is divided by the Y-axis.
Solution:
Let C be a point on Y-axis which divides seg AB in the ratio m : n.
Point C lies on the Y-axis
∴ its x co-ordinate is 0.
Let C = (0, y)
Here A (x1,y1) = A(3, 8)
B (x2, y2) = B (-9, 3)
∴ By section formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 5
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 6
∴ Y-axis divides the seg AB in the ratio 1 : 3.

Question 5.
Find the point on X-axis which is equidistant from P (2, -5) and Q (-2,9).
Solution:
Let point R be on the X-axis which is equidistant from points P and Q.
Point R lies on X-axis.
∴ its y co-ordinate is 0.
Let R = (x, 0)
R is equidistant from points P and Q.
∴ PR = QR
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 7
∴ (x – 2)2 + [0 – (-5)]2 = [x – (- 2)]2 + (0 – 9)2 …[Squaring both sides]
∴ (x – 2)2 + (5)2 = (x + 2)2 + (-9)2
∴ 4 – 4x + x2 + 25 = 4 + 4x + x2 + 81
∴ – 8x = 56
∴ x = -7
∴ The point on X-axis which is equidistant from points P and Q is (-7,0).

Question 6.
Find the distances between the following points.
i. A (a, 0), B (0, a)
ii. P (-6, -3), Q (-1, 9)
iii. R (-3a, a), S (a, -2a)
Solution:
i. Let A (x1, y1) and B (x2, y2) be the given points.
∴ x1 = a, y1 = 0, x2 = 0, y2 = a
By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 8
∴ d(A, B) = a\(\sqrt { 2 }\) units

ii. Let P (x1, y1) and Q (x2, y2) be the given points.
∴ x1 = -6, y1 = -3, x2 = -1, y2 = 9
By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 9
∴ d(P, Q) = 13 units

iii. Let R (x1, y1) and S (x2, y2) be the given points.
∴ x1 = -3a, y1 = a, x2 = a, y2 = -2a
By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 10
∴ d(R, S) = 5a units

Question 7.
Find the co-ordinates of the circumcentre of a triangle whose vertices are (-3,1), (0, -2) and (1,3).
Solution:
Let A (-3, 1), B (0, -2) and C (1, 3) be the vertices of the triangle.
Suppose O (h, k) is the circumcentre of ∆ABC.
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 11
∴ (h + 3)2 + (k – 1)2 = h2 + (k + 2)2
∴ h2 + 6h + 9 + k2 – 2k + 1 = h2 + k2 + 4k + 4
∴ 6h – 2k + 10 = 4k + 4
∴ 6h – 2k – 4k = 4 – 10
∴ 6h – 6k = – 6
∴ h – k = -1 ,..(i)[Dividing both sides by 6]
OB = OC …[Radii of the same circle]
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 12
∴ h2 + (k + 2)2 = (h – 1)2 + (k – 3)2
∴ h2 + k2 + 4k + 4 = h2 – 2h + 1 + k2 – 6k + 9
∴ 4k + 4 = -2h + 1 – 6k + 9
∴ 2h+ 10k = 6
∴ h + 5k = 3 …(ii)
Subtracting equation (ii) from (i), we get
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 13
∴ The co-ordinates of the circumcentre of the triangle are (\(\frac { -1 }{ 3 } \),\(\frac { 2 }{ 3 } \))

Question 8.
In the following examples, can the segment joining the given points form a triangle? If triangle is formed, state the type of the triangle considering sides of the triangle.
i. L (6, 4), M (-5, -3), N (-6, 8)
ii. P (-2, -6), Q (-4, -2), R (-5, 0)
iii. A(\(\sqrt { 2 }\),\(\sqrt { 2 }\)),B(-\(\sqrt { 2 }\),-\(\sqrt { 2 }\)),C(\(\sqrt { 6 }\),\(\sqrt { 6 }\))
Solution:
i. By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 14
∴ d(M, N) + d (L, N) > d (L, M)
∴ Points L, M, N are non collinear points.
We can construct a triangle through 3 non collinear points.
∴ The segment joining the given points form a triangle.
Since MN ≠ LN ≠ LM
∴ ∆LMN is a scalene triangle.
∴ The segments joining the points L, M and N will form a scalene triangle.

ii. By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 15
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 16
∴ d(P, Q) + d(Q, R) = d (P, R) …[From (iii)]
∴ Points P, Q, R are collinear points.
We cannot construct a triangle through 3 collinear points.
∴ The segments joining the points P, Q and R will not form a triangle.

iii. By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 17
∴ d(A, B) + d(B, C) + d(A, C) … [From (iii)]
∴ Points A, B, C are non collinear points.
We can construct a triangle through 3 non collinear points.
∴ The segment joining the given points form a triangle.
Since, AB = BC = AC
∴ ∆ABC is an equilateral triangle.
∴ The segments joining the points A, B and C will form an equilateral triangle.

Question 9.
Find k, if the line passing through points P (-12, -3) and Q (4, k) has slope \(\frac { 1 }{ 2 } \).
Solution:
P(x1,y1) = P(-12,-3),
Q(X2,T2) = Q(4, k)
Here, x1 = -12, x2 = 4, y1 = -3, y2 = k
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 18
But, slope of line PQ (m) is \(\frac { 1 }{ 2 } \) ….[Given]
∴ \(\frac { 1 }{ 2 } \) = \(\frac { k+3 }{ 16 } \)
∴ \(\frac { 16 }{ 2 } \) = k + 3
∴ 8 = k + 3
∴ k = 5
The value of k is 5.

Question 10.
Show that the line joining the points A (4,8) and B (5, 5) is parallel to the line joining the points C (2, 4) and D (1 ,7).
Proof:
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 19
∴ Slope of line AB = Slope of line CD
Parallel lines have equal slope.
∴ line AB || line CD

Question 11.
Show that points P (1, -2), Q (5, 2), R (3, -1), S (-1, -5) are the vertices of a parallelogram.
Proof:
By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 20
In ꠸PQRS,
PQ = RS … [From (i) and (iii)]
QR = PS … [From (ii) and (iv)]
∴ ꠸ PQRS is a parallelogram.
[A quadrilateral is a parallelogram, if both the pairs of its opposite sides are congruent]
∴ Points P, Q, R and S are the vertices of a parallelogram.

Question 12.
Show that the ꠸PQRS formed by P (2, 1), Q (-1, 3), R (-5, -3) and S (-2, -5) is a rectangle.
Proof:
By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 21
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 22
In ꠸PQRS,
PQ = RS …[From (i) and (iii)]
QR = PS …[From (ii) and (iv)]
꠸PQRS is a parallelogram.
[A quadrilateral is a parallelogram, if both the pairs of its opposite sides are congruent]
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 23
In parallelogram PQRS,
PR = QS … [From (v) and (vi)]
∴ ꠸PQRS is a rectangle.
[A parallelogram is a rectangle if its diagonals are equal]

Question 13.
Find the lengths of the medians of a triangle whose vertices are A (-1, 1), B (5, -3) and C (3,5).
Solution:
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 24
Suppose AD, BE and CF are the medians.
∴ Points D, E and F are the midpoints of sides BC, AC and AB respectively.
∴ By midpoint formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 25
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 26
∴ The lengths of the medians of the triangle 5 units, 2\(\sqrt { 13 }\) units and \(\sqrt { 37 }\) units.

Question 14.
Find the co-ordinates of centroid of the triangle if points D (-7, 6), E (8, 5) and F (2, -2) are the mid points of the sides of that triangle.
Solution:
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 27
Suppose A (x1, y1), B (x2, y2) and C (x3, y3) are the vertices of the triangle.
D (-7, 6), E (8, 5) and F (2, -2) are the midpoints of sides BC, AC and AB respectively.
Let G be the centroid of ∆ABC.
D is the midpoint of seg BC.
By midpoint formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 28
E is the midpoint of seg AC.
By midpoint formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 29
Adding (i), (iii) and (v),
x2 + x3 + x1 + x3 + x1 + x2 = -14 + 16 + 4
∴ 2x1 + 2x2 + 2x3 = 6
∴ x1 + x2 + x3 = 3 …(vii)
Adding (ii), (iv) and (vi),
y2 + y3 + y1 + y3 + y1 +y2 = 12 + 10 – 4
∴ 2y1 + 2y2 + 2y3 = 18
∴ y1 + y2 + y3 = 9 …(viii)
G is the centroid of ∆ABC.
By centroid formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 30
∴ The co-ordinates of the centroid of the triangle are (1,3).

Question 15.
Show that A (4, -1), B (6, 0), C (7, -2) and D (5, -3) are vertices of a square.
Proof:
By distance formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 31
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 32
∴ □ABCD is a square.
[A rhombus is a square if its diagonals are equal]

Question 16.
Find the co-ordinates of circumcentre and radius of circumcircle of AABC if A (7, 1), B (3,5) and C (2,0) are given.
Solution:
Suppose, O (h, k) is the circumcentre of ∆ABC
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 33
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 34
∴ h2 – 6h + 9 + k2 – 10k + 25 = h2 – 4h + 4 + k2
∴ 2h + 10k = 30
∴ h + 5k = 15 … (ii)[Dividing both sides by 2]
Multiplying equation (i) by 5, we get
25h + 5k = 115 …(iii)
Subtracting equation (ii) from (iii), we get
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 35
Substituting the value of h in equation (i), we get
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 36
∴ The co-ordinates of the circumcentre of the triangle are (\(\frac { 25 }{ 6 } \),\(\frac { 13 }{ 6 } \)) and radius of circumcircle is \(\frac{13 \sqrt{2}}{6}\) units.

Question 17.
Given A (4, -3), B (8, 5). Find the co-ordinates of the point that divides segment AB in the ratio 3:1.
Solution:
Suppose point C divides seg AB in the ratio 3:1.
Here; A(x1, y1) = A (4, -3)
B (x2, y2) = B (8, 5)
By section formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 37
∴ The co-ordinates of point dividing seg AB in ratio 3 : 1 are (7, 3).

Question 18.
Find the type of the quadrilateral if points A (-4, -2), B (-3, -7), C (3, -2) and D (2, 3) are joined serially.
Solution:
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 38
Slope of AB = slope of CD
∴ line AB || line CD
slope of BC = slope of AD
∴ line BC || line AD
Both the pairs of opposite sides of ∆ABCD are parallel.
∴ ꠸ ABCD is a parallelogram.
∴ The quadrilateral formed by joining the points A, B, C and D is a parallelogram.

Question 19.
The line segment AB is divided into five congruent parts at P, Q, R and S such that A-P-Q-R-S-B. If point Q (12, 14) and S (4, 18) are given, find the co-ordinates of A, P, R, B.
Solution:
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 39
Points P, Q, R and S divide seg AB in five congruent parts.
Let A (x1, y1), B (x2, y2), P (x3, y3) and
R (x4, y4) be the given points.
Point R is the midpoint of seg QS.
By midpoint formula,
x co-ordinate of R = \(\frac { 12+4 }{ 2 } \) = \(\frac { 16 }{ 2 } \) = 8
y co-ordinate of R = \(\frac { 14+18 }{ 2 } \) = \(\frac { 32 }{ 2 } \) = 16
∴ co-ordinates of R are (8, 16).
Point Q is the midpoint of seg PR.
By midpoint formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 40
∴ 28 = y3 + 16
∴ y3 = 12
∴ P(x3,y3) = (16, 12)
∴ co-ordinates of P are (16, 12).
Point P is the midpoint of seg AQ.
By midpoint formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 41
∴ co-ordinates of A are (20, 10).
Point S is the midpoint of seg RB.
By midpoint formula,
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 42
∴ 36 = y2 + 16
∴ y2 = 20
∴ B(x2, y2) = (0, 20)
∴ co-ordinates of B are (0, 20).
∴ The co-ordinates of points A, P, R and B are (20, 10), (16, 12), (8, 16) and (0, 20) respectively.

Question 20.
Find the co-ordinates of the centre of the circle passing through the points P (6, -6), Q (3, -7) and R (3,3).
Solution:
Suppose O (h, k) is the centre of the circle passing through the points P, Q and R.
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 43
∴ (h – 6)2 + (k + 6)2 = (h – 3)2 + (k + 7)2
∴ h2 – 12h + 36 + k2 + 12k + 36
= h2 – 6h + 9 + k2 + 14k + 49
∴ 6h + 2k = 14
∴ 3h + k = 7 …(i)[Dividing both sides by 2]
OP = OR …[Radii of the same circle]
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 44
∴ (h – 6)2 + (k + 6)2 = (h – 3)2 + (k – 3)2
∴ h2 – 12h + 36 + k2 + 12k + 36
= h2 – 6h + 9 + k2 – 6k + 9
∴ 6h – 18k = 54
∴ 3h – 9k = 27 …(ii)[Dividing both sides by 2]
Subtracting equation (ii) from (i), we get
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 45
Substituting the value of k in equation (i), we get
3h – 2 = 7
∴ 3h = 9
∴ h = \(\frac { 9 }{ 3 } \) = 3
∴ The co-ordinates of the centre of the circle are (3, -2).

Question 21.
Find the possible pairs of co-ordinates of the fourth vertex D of the parallelogram, if three of its vertices are A (5, 6), B (1, -2) and C (3, -2).
Solution:
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 46
Let the points A (5, 6), B (1, -2) and C (3, -2) be the three vertices of a parallelogram.
The fourth vertex can be point D or point Di or point D2 as shown in the figure.
Let D(x1,y1), D, (x2, y2) and D2 (x3,y3).
Consider the parallelogram ACBD.
The diagonals of a parallelogram bisect each other.
∴ midpoint of DC = midpoint of AB
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 47
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 48
Co-ordinates of point D(x1, y1) are (3, 6).
Consider the parallelogram ABD1C.
The diagonals of a parallelogram bisect each other.
∴ midpoint of AD1 = midpoint of BC
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 49
∴ Co-ordinates of D1(x2,y2) are (-1,-10).
Consider the parallelogram ABCD2.
The diagonals of a parallelogram bisect each other.
∴ midpoint of BD2 = midpoint of AC
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 50
∴ co-ordinates of point D2 (x3, y3) are (7, 6).
∴ The possible pairs of co-ordinates of the fourth vertex D of the parallelogram are (3, 6), (-1,-10) and (7,6).

Question 22.
Find the slope of the diagonals of a quadrilateral with vertices A (1, 7), B (6,3), C (0, -3) and D (-3,3).
Solution:
Suppose ABCD is the given quadrilateral.
Maharashtra Board Class 10 Maths Solutions Chapter 5 Co-ordinate Geometry Problem Set 5 51
∴ The slopes of the diagonals of the quadrilateral are 10 and 0.

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