Class 9 Hindi Chapter 3 Nij Bhasha Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 3 निज भाषा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 9 Hindi Chapter 3 Nij Bhasha Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 9th Digest Chapter 3 निज भाषा Questions And Answers

1. भाषा बिंदु:

प्रश्न 1.
शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तरः

  • घर-घर – स्वतंत्रता सेनानी घर-घर जाकर लोगों को देश के प्रति जागरूक करते थे।
  • ज्ञान-विज्ञान – हमें अपनी भाषा में ज्ञान-विज्ञान का प्रचार करनाचाहिए।
  • भला-बुरा – इतनी-सी बात के लिए किसी को भला बुरा कहना ठीक नहीं।
  • प्रचार-प्रसार – हमें अपनी भाषा का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।
  • भूख-प्यास – लंबी यात्रा में यात्री भूख-प्यास से परेशान
  • भोला-भाला – मोहन भोला-भाला व्यक्ति है।

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2. मौलिक सृजन :

प्रश्न 1.
‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’ इस कश्चन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
i. निज भाषा ……………………….. हिय को सूल।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि अपनी भाषा अर्थात मातृभाषा की उन्नति के द्वारा ही प्रगति संभव है, क्योंकि सारी उन्नतियों का आधार यही है। अपनी भाषा के ज्ञान बिना हृदय की पीड़ा का निवारण संभव नहीं हैं।

ii. अंग्रेजी पढ़ि………………….. हीन के हीन।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि यद्यपि अंग्रेजी भाषा का ज्ञान प्राप्त करने से व्यक्ति सभी गुणों में कुशल हो जाता है। परंतु मातृभाषा के ज्ञान के बिना उसकी अज्ञानता नहीं मिट पाती और वह हीन ही रह जाता

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3. संभाषणीय :

प्रश्न 1.
हिंदी दिवस’ समारोह के अवसर पर अपने वक्तृत्व में हिंदी भाषा का महत्त्व प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर :
मानवीय सभापति महोदय, प्रधानाचार्य जी, मंच उपस्थित अतिथि गण, गुरुजन व मेरे प्यारे साथियों, आज हम सभी यहाँ हिंदी समारोह मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। इस शुभ अवसर पर मैं हिंदी भाषा के महत्त्व के विषय में कुछ कहना चाहूँगा। हिंदी हमारी राजभाषा है। स्वतंत्र भारत के संविधान में हिंदी को भारत की राजभाषा का दर्जा दिया गया है। हिंदी बहुत पहले से देश की संपर्क भाषा रही है। प्रत्येक राष्ट्र अपनी राष्ट्रभाषा के विषय में सजग, सतर्क और संवेदनशील होते हैं, क्योंकि राष्ट्रभाषा देश की एकता, अखंडता उसकी संस्कृति की पहचान होती है।

देश की आजादी की लड़ाई में हिंदी भी एक हथियार बन गई थी। देश के नेता हिंदी में भाषण देते थे और लोगों में अद्भुत जागृति पैदा करते थे। महात्मा गांधी देश के गाँव-गाँव में जाकर हिंदी में ही जनता को संबोधित करते थे। आज देश के हर भाग में हिंदी बोली जाती है। हिंदी अखबार और पत्र-पत्रिकाओं का भी देश में चारों तरफ बहुत प्रचार-प्रसार है। हिंदी एक समृद्ध भाषा है। इस भाषा में देश की मिट्टी की महक है। इसका साहित्य बहुत ऊँचे दर्जे का है।

हिंदी आज विश्व के लगभग ७५ देशों के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है। हिंदी को विश्व में सर्वाधिक फिल्में बनती हैं। सैटलाईट के विदेशी चैनल भी हिंदी माध्यम को अनवरत अपनाते चले जा रहे हैं। हमारे अहिंदी भाषी प्रांतों में भी हिंदी द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ाई जा रही है। प्रथम भाषा के रूप में जब उसे संपूर्ण देश में मान्यता प्राप्त होगी, तभी हमारी हिंदी के प्रति सच्ची श्रद्धा मानी जाएगी।

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4. लेखनीय :

प्रश्न 1.
‘अपने विद्यालय में मनाए गए ‘बाल दिवस’ का वर्णन लिखिए।
उत्तर:
चाचा नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाने वाला ‘बाल-दिवस’ समारोह आज प्रात: ठीक 9 बजे हमारे विद्यालय में मनाया गया। इस समारोह में कक्षा 10 तक के छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर अध्यक्ष थे, सुप्रसिद्ध भजन गायक ‘अनूप जलोटाजी’। उनके आते ही विद्यार्थियों की करतल ध्वनि से सारा हाल गूंज उठा। अध्यक्ष ने मंच पर आते ही सरस्वती जी के फोटो को हार पहनाया व तत्पश्चात पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को हार पहनाया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विजय-प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथी का स्वागत किया एवं उपस्थित लोगों से उनका परिचय कराया। छात्र-छात्राओं ने इस शुभ अवसर पर चाचा नेहरू के जीवन की प्रमुख घटनाओं पर एक लघु नाटक प्रस्तुत किया। बाद में मुख्य अतिथि का भाषण हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च लक्ष्य की ओर प्रेरित किया। अंततोगत्वा प्रधानाचार्य डॉ. विजय-प्रताप सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगीत के समूहगान के साथ ही सगरोह की समाप्ति हुई।

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Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions Chapter 3 निज भाषा Additional Important Questions and Answers

(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति क (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए ।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा 1

प्रश्न 2.
संजाल पूर्ण कीजिए ।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा 2

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
i. निज भाषा “अहै, सब उन्नति को मूल।
ii. पै निज भाषा ….बिन, रहत हीन के हीन ।।
उत्तर:
i. उन्नति
ii. ज्ञान

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(ख) पद्यांश पड़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ख (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर
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प्रश्न 2.
पद्यांश के आधार पर विधान पूर्ण कीजिए।
i. लाख उपाय अनेक यो,
ii. इक भाषा हक जीव, इक मति
उत्तर:
i. लाख उपाय अनेक यों, भले करे किन कोय।
ii. इक भाषा इक जीव, इक मति सब घर के लोग।

कृति ख (2) : सरल अर्थ

प्रश्न 1.
नीचे दी हुई पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
i. उन्नति पूरी है ………….. मूढ़ सब कोय।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि किसी देश या समाज की संपूर्ण प्रगति तभी होती जब उसके घर की प्रगति होती है अर्थात घर की भाषा (मातृभाषा) की उन्नति होती है। सिर्फ अपने शरीर की अर्थात स्वयं की उन्नति करने से सब लोग अज्ञानी ही बने रहते हैं।

ii. निज भाषा ………………… करे किन कोय।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि अपनी भाषा की उन्नति के बिना कभी भी उन्नति नहीं हो सकती। भले ही कोई लाख उपाय करें अथवा अनेकों प्रकार से प्रयास करें लेकिन उसकी प्रगति संभव नहीं है।

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(ग) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ग (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए ।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
पद्यांश के आधार पर विधान पूर्ण कीजिए।
i. निजभाषा में कीजिए,
ii. यह गुन भाषा और मह, ……….
उत्तर:
i. निजभाषा में कीजिए, जो विद्या की बात।
ii. यह गुन भाषा और मह, कबहूँ नाहीं होय।

कृति ग (2) : सरल अर्थ

प्रश्न 1.
नीचे दी हुई पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
i. और एक ………………………. कबहूँ नाहीं होय ।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि यदि ज्ञान की बात अपनी भाषा में करते हैं तो एक और भी लाभ स्पष्ट दिखाई देता है जो भी कोई अपनी भाषा की बात को सुनता है, वह लाभान्वित होता है। यह गुण अर्थात यह विशेषता किसी अन्य भाषा में कभी भी नहीं हो सकती। अन्य भाषा में की गई बात को हम पूरी तरह नहीं समझ पाते इसलिए उसका लाभ नहीं उठा पाते हैं।

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(घ) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति घ (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
चौखट पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
उचित पर्याय चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. विविध कला शिक्षा अमित
(क) भाषा विविध लखात
(ख) ज्ञान अनेक प्रकार
उत्तर :
(ख) ज्ञान अनेक प्रकार

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ii. भारत में सब भिन्न अति ………..
(क) भाषा माँहि प्रचार
(ख) ताही सों उत्पात
उत्तर :
(ख) ताही सों उत्पात

कृति घ (2) : सरल अर्थ

प्रश्न 1.
नीचे दी हुई पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
i. विविध कला …………………… भाषा माँहि प्रचार।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि अनेक प्रकार की कलाएं, असीमित शिक्षा तथा विभिन्न प्रकार का ज्ञान सभी देशों से अवश्य लेना चाहिए। लेकिन उस कला, शिक्षा तथा ज्ञान का प्रचार-प्रसार अपनी मातृभाषा में ही करना चाहिए क्योंकि इसके फलस्वरूप अधिक से-अधिक लोग इन विषयों द्वारा लाभ उठा सकेंगे।

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ii. भारत में सब ……………….. भाषा विविध लखात।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि भारत के सभी लोगों में विविधतापूर्ण भिन्नता है यहाँ अनेक देश, अनेक विचार और अनेक भाषाएँ दिखाई देती हैं। जिसके कारण यहाँ उपद्रव भी अधिक होते हैं और समाज में शांति नहीं रह पाती है। अर्थात कवि इस कविता से यह संदेश देते हैं कि अपनी मातृ भाषा की उन्नति करो जिससे देश में एकता स्थापित हो और देश उन्नति करें।

निज भाषा Summary in Hindi

कवि-परिचय :

जीवन-परिचय : भारतेंदु हरिश्चंद्र साहित्य के पितामह कहे जाते हैं। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। ये बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। इन्हें ‘खड़ी बोली का जनक’ कहा जाता है। इन्होंने कविता, नाटक, निबंध, व्याख्यान आदि का लेखन किया।
प्रमुख कृतियाँ : काव्य संग्रहः ‘भारत वीरत्व’, “विजय वैजयंती’, ‘सुमनांजलि’, ‘मधुमकुल’, ‘वर्षा-विनोद’, ‘राग-संग्रह’, हास्य काव्य कतियाँ : ‘बंदर-सभा’, ‘बकरी का विलाप’, हास्य-व्यंग्यप्रधान नाटक ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’

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पद्य-परिचय :

गीत : यह अर्थ सम मात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते है। सम चरणों के अंत में एक गुरू और एक लघु मात्रा होती है।
प्रस्तावना : प्रस्तुत कविता निज भाषा के माध्यम से कवि भारतेंदु हरिश्चंद्र ने अपनी भाषा के प्रति गौरव अनुभव करने, उससे प्रेम करने तथा मिल-जुलकर उन्नति करने का संदेश दिया है।

सारांश :

कवि कहते है कि अपनी भाषा की उन्नति से ही सभी प्रकार की उन्नति संभव है। अपनी भाषा के संपूर्ण ज्ञान के अभाव में व्यक्ति हीन हो जाता है। अपनी भाषा के उन्नति के बिना लाख उपाय करने पर भी व्यक्ति उन्नति नहीं कर पाता। जिस घर में सबकी भाषा एक हो, सबके विचार एक हो तथा आपस में कोई भेदभाव न हो उस घर से दुःख हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। हमें विभिन्न देशों से उनकी कला, शिक्षा तथा ज्ञान अवश्य लेना चाहिए परंतु उसका प्रचार-प्रसार अपनी भाषा में करना चाहिए। क्योंकि इससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। देश में भाषा की भिन्नता के कारण ही आपसी दंगे-फसाद होते हैं। अतः हमें अपनी भाषा की उन्नति करनी चाहिए।

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सरल अर्थ :

निज भाषा …………………. हिय को सूल।।
कवि कहते हैं कि अपनी भाषा अर्थात मातृभाषा की उन्नति के द्वारा ही प्रगति संभव है, क्योंकि सारी उन्नतियों का आधार यही है। अपनी भाषा के ज्ञान बिना हृदय की पीड़ा का निवारण संभव नहीं हैं।

अंग्रेजी पढ़ि ………………………हीन के हीन।।
कवि कहते है कि यद्यपि अंग्रेजी भाषा का ज्ञान प्राप्त करने से व्यक्ति सभी गुणों में कुशल हो जाता है। परंतु मातृभाषा के ज्ञान के बिना उसकी अज्ञानता नहीं मिट पाती और वह हीन ही रह जाता है।

उन्नति पूरी है ……………………….. मूढ सब कोय।।
कवि कहते हैं कि किसी देश या समाज की संपूर्ण प्रगति तभी होती जब उसके घर की प्रगति होती है अर्थात पर की भाषा (मातृभाषा) की उन्नति होती है। सिर्फ अपने शरीर की अर्थात स्वयं की उन्नति करने से सब लोग अज्ञानी ही बने रहते हैं।

निज भाषा …………………………… करे किन कोय।।।
कवि कहते हैं कि अपनी भाषा की उन्नति के बिना कभी भी उन्नति नहीं हो सकती। भले ही कोई लाख उपाय करें अथवा अनेक प्रकार से प्रयास करें लेकिन उसकी प्रगति संभव नहीं है।

इक भाषा ………………………… मूड़ता सोग।।
कवि कहते है कि जब घर में सबकी भाषा एक हो, सब एक भाषा में बातचीत करते हों, सब एक प्राण हों यानि कोई किसी से भेदभाव न करता हो तथा सब एक मत हो अर्थात सभी के विचार एक जैसे हो तभी उस घर में सभी लोगों की एक दूसरे से बनती है तथा आपसी संबंध मधुर होते हैं। ऐसे घर से अज्ञानता और दुख हमेशा के लिए मिट जाता है।

और एक …………………………….. कबहूँ नाहीं होय।।
कवि कहते है कि यदि ज्ञान की बात अपनी भाषा में करते हैं तो एक और भी लाभ स्पष्ट दिखाई देता है जो भी कोई अपनी भाषा की बात को सुनता है, वह लाभान्वित होता है। यह गुण अर्थात यह विशेषता किसी अन्य भाषा में कभी भी नहीं हो सकती। अन्य भाषा में की गई बात को हम पूरी तरह नहीं समझ पाते इसलिए उसका लाभ नहीं उठा पाते हैं।

विविध कला …………………………… भाषा माहि प्रचार।।
कवि कहते हैं कि अनेक प्रकार की कलाएँ, असीमित शिक्षा तथा विभिन्न प्रकार का ज्ञान सभी देशों से अवश्य लेना चाहिए। लेकिन उस कला, शिक्षा तथा ज्ञान का प्रचार-प्रसार अपनी मातृभाषा में ही करना चाहिए क्योंकि इसके फलस्वरूप अधिक-से-अधिक लोग इन विषयों द्वारा लाभ उठा सकेंगे।

भारत में सब ………………….. भाषा विविध लखात।।
कवि कहते हैं कि भारत के सभी लोगों में विविधतापूर्ण भिन्नता है यहाँ अनेक देश, अनेक विचार और अनेक भाषाएं दिखाई देती है। जिसके कारण यहाँ उपद्रव भी अधिक होते हैं और समाज में शांति नहीं रह पाती है। अर्थात कवि इस कविता से यह संदेश देते हैं कि अपनी मातृभाषा की उन्नति करो जिससे देश में एकता स्थापित हे और देश उन्नति करें।

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शब्दार्थ :

  1. निज – अपनी
  2. अहै – है
  3. मूल – जड़ (आधार)
  4. मिटत न – नहीं मिटती
  5. सूल – शूल (पीड़ा)
  6. जदपि – यद्यपि
  7. प्रवीन – कुशल
  8. पै – परंतु
  9. बिन – बिना
  10. हीन – तुच्छ
  11. उन्नति – प्रगति
  12. पूरी – संपूर्ण
  13. मूढ़ – मूर्ख
  14. कोय – कोई
  15. सोय – वह (उन्नति)
  16. इक – एक
  17. जीव – प्राण/आत्मा
  18. इक मति – एक बुद्धि
  19. तबै – तभी
  20. सबन सौ – सबके साथ
  21. मूढ़ता – अज्ञानता
  22. सोग – दुख
  23. प्रगट – स्पष्ट
  24. लखात – विद्या
  25. तेहि – उसे
  26. सुनी – सुनकर
  27. पावे – पाता है
  28. जो कोय – जो कोई
  29. और – दूसरे
  30. कबहूँ – कभी-भी
  31. होय – होता है
  32. विविध – अनेक
  33. अमित – असीमित
  34. देसन – देश
  35. लै – लेकर
  36. करहू – कीजिए
  37. दिखाई – अनेक
  38. माँहि – में
  39. विविध – अनेक
  40. देस – देश
  41. मतहू – विचार

Hindi Lokvani 9th Std Digest पहली इकाई

Class 9 Hindi Chapter 8 Jhanda Uncha Sada Rahega Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 9 Hindi Chapter 8 Jhanda Uncha Sada Rahega Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 9th Digest Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा Questions And Answers

1. संजाल पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा 1.1

2. निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
हम कितने सुख सपने लेकर, इसको (ठहराते, फहराते, लहराते) हैं।
इस झंडे पर मर मिटने की, कसम सभी खाते हैं।
हिंद देश का है ये झंडा, घर-घर में लहरेगा।
झंडा ऊँचा सदा रहेगा।।
उत्तर:
कवि कहते हैं, हम कितने सुख तथा सपने लेकर इस झंडे को गाड़ते, फहराते और लहराते हैं। हम सब इस झंडे पर मर मिटने की सौगंध खाते हैं। यह हिंदुस्तान का झंडा है, यह घर-घर में लहराएगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

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भाषा बिंदु:

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए चिह्नों के सामने उनके नाम लिखिए तथा वाक्यों में उचित विरामचिह्न लगाइए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा 2.1

संभाषणीय:

प्रश्न 1.
क्रांतिकारियों के जीवन से संबंधित कोई प्रेरणादायी प्रसंग / घटना पर आधारित संवाद बनाकर प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
(चौरीचौरा कांड के विषय में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का संवाद प्रस्तुत करते हुए तीन छात्र)

  • भगत सिंह: मित्रों, आज समय आ गया है कि हम अंग्रेज सरकार का पुरज़ोर तरीके से विरोध करें क्योंकि उनके अत्याचार से हमारी भारत माँ आहत हैं, दुखी हैं।
  • सुखदेव: भारत माँ के लिए तो हम अपनी जान भी दे सकते हैं बताओ मित्र हमें क्या करना है?
  • राजगुरु: हमने तो अपने सर पर कफन बाँध लिया है बताओ दोस्त हमें किस घटना को अंजाम देना है?
  • भगत सिंह: मित्रों, आने वाली 4 फरवरी को हमें चौरीचौरा कस्बे के पुलिस चौकी पर हमला करना है तथा उस चौकी को नष्ट करना है क्योंकि यही वह चौकी है, जो गोरखपुर शहर जाने के मार्ग पर स्थित है बिना इसे नष्ट किए हमारे साथी क्रांतिकारी शहर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं।
  • सुखदेव: मित्र, हम अंग्रेज सरकार की ईंट से ईंट बजा देगें तथा ऐसा हमला करेगें कि उनके पास बचने के कोई उपाय नहीं होंगे।
  • राजगुरु: वह सब तो ठीक है दोस्तों लेकिन हमें गुप्त रूप से अपनी योजना की जानकारी दूसरे क्रांतिकारी मित्रों तक पहुँचानी होगी। इस काम में हमारी मदद करेगें बाबू रामप्रसाद बिस्मिल। योजना के अनुसार 3 फरवरी से ही हमारे क्रांतिकारी मित्र चौरीचौरा कस्बे में जमा होना शुरू हो जाएँगे और ठीक 4 तारीख को आधी रात के समय चौकी पर हमला किया जाएगा।
  • भगत सिंह: दोस्तों, यही जालियावाला बाग कांड के शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मित्रों एक बार साथ में बोलो-भारत माता की जय!
  • सुखदेव: भारत माता की जय!
  • राजगुरु: मातृभूमि की जय!
  • सब साथ में: भारत माता की जय ! मातृभूमि की जय!

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लेखनीय:

प्रश्न 1.
राष्ट्र का गौरव बनाए रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किए सराहनीय कार्यों की सूची बनाइए।
उत्तर:

प्रधानमंत्री का नाम राष्ट्र गौरव के कार्य
1. पं. जवाहर लाल नेहरू 1. गुट निरपेक्ष आंदोलन की रचना
2. इंदिरा गांधी 1. परमाणु कार्यक्रम की शुरूआत
2. बैंकों का राष्ट्रीकरण करना
3. राजीव गाँधी 1. गुट निरपेक्ष आंदोलन का नेतृत्व।
2. भारत को कम्प्यूटर से जोड़ना।
4. पी. वी. नरसिम्हा राव 1. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष नीति का प्रारंभ।
2. परमाणु कार्यक्रमों की शुरूआत करना।
5. इन्द्र कुमार गुजराल 1. श्रीलंका में शांति सेना भेजना।
6. अटल बिहारी वाजपेयी 1. कारगिल युद्ध में विजय
2. पोखरण में परमाणु परीक्षण।
3. संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण।
7. डा. मनमोहन सिंह 1. भारतीय अर्थ व्यवस्था को विश्व अर्थ व्यवस्था के साथ जोड़ देना।

आसपास:

प्रश्न 1.
अपने जिले में सामाजिक कार्य करने वाली किसी संस्था का परिचय निम्न मुददों के आधार पर प्राप्त करके टिप्पणी बनाइए।
उत्तर:
मेरे अमरावती जिले में एक गैर सरकारी संस्था (हुद) कार्य कर रही है। ये संस्था बिना किसी सरकारी भागीदारी के समाज में अपना कार्य करती है। जिले में गैर सरकारी संगठन का कार्य अच्छे से चल रहा है। ये संस्था लोगों की सहायता के साथ-साथ स्वशिक्षा, शिक्षा के लिए अनुदान की व्यवस्था, गरीब लोगों को आर्थिक मदद की जरूरत भी पूरी करती है। जिले में इस संस्था के द्वारा गरीबों के भोजन व स्वच्छ पेय जल का पता लगाने एवं जरूरतमंद की मदद करने का कार्य अच्छी तरह से किया जा रहा है। उत्पीड़न के शिकार लोगों की मदद करना इस संस्था का मुख्य कार्य है। ये समुदाय धर्म विशेष पर ध्यान नहीं देती। ये तो सभी धर्मों का समान सम्मान करती है। मेरे जिले में इस संगठन का कार्य बहुत ही सराहनीय है। इस संगठन में ‘द चिल्ड्रेस लीगल सेंटर’ के द्वारा बच्चों के अधिकारों का पूर्ण रूप से ध्यान दिया जाता है।

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कल्पना पल्लवन:

प्रश्न 1.
‘मेरे सपनों का भारत’ इस कल्पना का विस्तार अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर:
‘मेरे सपनों का भारत कैसा हो?’ इस पर मेरे मन में कई तरह के विचार उत्पन्न होते हैं। लेकिन मैं चाहता हूँ कि मेरे सपनों का भारत सुखी और संपन्न हो, सभी देशवासी शिक्षित हों, बेरोजगारी की समस्या दूर हो और भारत एक कर्मनिष्ठ तथा आत्मनिर्भर देश बनें। मेरे सपनों का भारत ऐसा हो जहाँ लोग मर्यादाओं का पालन करें तथा सभी देशवासियों में विश्व बंधुत्व की भावना हो। लोग सभी धर्मों का आदर करें तथा जातिगत का बंधन न हो। समाज मुक्त हो, सभी को एक जैसा अधिकार मिले। समाज में शोषण और अत्याचार न रहे। ‘सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा’ यह प्रेरणादायी पंक्तियाँ एक हकीकत बने और जब यह संभव होगा तभी हम देश पर गर्व कर पाएँगे। विश्व की प्राचीनतम सभ्यता इसी पावन धरती पर फली थी।

न जाने कितने ही महापुरुषों ने इस पवित्र धरती पर जन्म लिया है। इसी देश ने विश्व को वेद-पुराणों तथा गीता का संदेश सुनाया था। इसी भारतवर्ष ने संसार को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का पाठ पढ़ाया था। मैं चाहता हूँ कि मेरे सपनों का भारत एक परिवार के समान हो। जहाँ कोई भेदभाव न हो। लोगों में परोपकार की भावना हो। भारतवर्ष एक कृषि प्रधान देश है; इसलिए किसान हमारे लिए देवता के समान हैं। जो हमारे लिए अन्न का उत्पादन करते हैं। इसलिए गाँव में सिंचाई की सुविधा होनी चाहिए ताकि किसान वर्षा की अनिश्चिता से मुक्त हो सके। हमारा देश जो गाँवों में बसता है; वहाँ हर प्रकार की बुनियादी सुविधा हो जिससे गाँव के लोगों को शहर की तरफ जाने की जरूरत न पड़े।

किसी भी देश के विकास के लिए आवश्यक है शिक्षा और चिकित्सा। इसलिए गाँवों में स्कूल तथा स्वास्थ्य सेवा का ऐसा प्रावधान होना चाहिए जिससे लोगों को अपने बच्चों की शिक्षा तथा सबके स्वास्थ्य को लेकर निश्चिंतता हो। हमारे देश में व्यवसायी वर्ग उपेक्षित है। किसान और मजदूर अपने खून को पसीना बनाने में नहीं हिचकते लेकिन लोग उन्हें आदर की दृष्टि से नहीं देखते हैं। मेरे सपनों के भारत में व्यापारी वर्ग, किसान व मजदूर खुशहाल होने चाहिए। इस प्रकार ‘मेरे सपनों का भारत’ ऐसा होना चाहिए कि हम सारे विश्व के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करें।

Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा Additional Important Questions and Answers

(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति क (2): सरल अर्थ

प्रश्न 1.
प्रथम छह पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
कवि देश के तिरंगे झंडे का गौरव-गान करते हुए कहते हैं कि यह सर्वदा ऊँचा रहेगा, सदा ऊँचा रहेगा। भारत देश का प्यारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा। कवि कहते हैं हमारे देश का झंडा तूफानों और बादलों से भी नहीं झुकेगा, अर्थात बड़े से बड़े शत्रुओं के आक्रमण से भी नहीं झुकेगा। कभी नहीं झुकेगा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा

(ख) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ख (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा 3

कृति ख (2): सरल अर्थ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
शान हमारी ये झंडा है, ये अरमान हमारा,
ये बल पौरुष है सदियों का, ये बलिदान हमारा।
जीवन-दीप बनेगा, ये अंधियारा दूर करेगा।
झंडा ऊँचा सदा रहेगा।।
उत्तर:
कवि कहते हैं, ये तिरंगा झंडा हमारी शान और हमारा अरमान है। यह झंडा सदियों के शक्ति-पराक्रम और हमारे बलिदान की निशानी है। यह तिरंगा हमारे जीवन का दीपक बनेगा तथा अंधकार को दूर करेगा, अर्थात कठिनाइयों और बुराइयों को दूर करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

(ग) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ख (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा 4

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए।
1. हम यह कसम खाते हैं –
2. झंडा यहाँ लहरेगा –
उत्तर:
1. झंडे पर मर मिटने की।
2. घर-घर में।

झंडा ऊँचा सदा रहेगा Summary in Hindi

कवि-परिचय:

जीवन-परिचय: रामदयाल पांडेय जी का जन्म बिहार में हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राष्ट्रभाव के महान कवि थे। साहित्य को जीने वाले, अपने धुन के पक्के, आदर्श कवि और विद्वान संपादक के रूप में प्रसिद्ध रहे तथा उनके संस्थाओं से जुड़े रहे।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा

पद्य-परिचय:

प्रेरणा गीत: प्रेरणागीत हिंदी साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण विधा है। यह हमारे दिलों में उतर कर हमारी जिंदगी को संघर्ष करने की शक्ति और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

प्रस्तावना: प्रस्तुत कविता ‘झंडा ऊँचा रहेगा’ में कवि पांडेय जी ने अपने देश के झंडे का गौरवगान विभिन्न स्वरूपों में किया है।

सारांश:

कवि कहते हैं, हमारे देश का झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा। यह विकट से विकट परिस्थिति में भी नहीं झुकेगा। इस झंडे में तीन रंग की पट्टियाँ हैं और बीच में एक चक्र है। केसरिया रंग शक्ति का प्रतीक है। यह हमारे अंदर शक्ति भरने वाला है, सफेद रंग सच्चाई का प्रतीक है, हरा रंग हमारी धरती की हरियाली का प्रतीक है और चक्र गतिशीलता का प्रतीक है। यह झंडा हमारी शान, अरमान, बल पौरुष तथा बलिदान है। यह झंडा हर घर में लहराएगा। यह झंडा दुनिया के कोने-कोने में अपना संदेश सुनाएगा। हम इस झंडे पर मर मिटने की कसम खाते हैं।

सरल अर्थ:

ऊँचा सदा ………………… ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि देश के तिरंगे झंडे का गौरव-गान करते हुए कहते हैं कि यह सर्वदा ऊँचा रहेगा, सदा ऊँचा रहेगा। भारत देश का प्यारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

टूफानों से ……………….. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं हमारे देश का झंडा तूफानों और बादलों से भी नहीं झुकेगा, अर्थात बड़े से बड़े शत्रुओं के आक्रमण से भी नहीं झुकेगा। कभी नहीं झुकेगा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

केसरिया बल ……………. ऊँचा रहेगा।।
कवि कहते हैं, तिरंगे झंडे का केसरिया रंग देश की शक्ति का प्रतीक है, यह हमारे अंदर शक्ति भरता है, सफेद रंग शांति और सत्य का प्रतीक है, यह हमें सच्चाई का मार्ग दिखाता है, हरा रंग भूमि की पवित्रता, उर्वरता और वृद्धि को दर्शाता है और चक्र यह हमें उन्नति के मार्ग पर हमेशा कदम बढ़ाते रहने का संदेश देता है। हमारा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

शान हमारी ……………………… ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, ये तिरंगा झंडा हमारी शान और हमारा अरमान है। यह झंडा सदियों के शक्ति-पराक्रम और हमारे बलिदान की निशानी है। यह तिरंगा हमारे जीवन का दीपक बनेगा तथा अंधकार को दूर करेगा, अर्थात कठिनाइयों और बुराइयों को दूर करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

आसमान में …………………….. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, तिरंगा झंडा आसमान और बादल में हमेशा लहराता रहे। यह झंडा जहाँ-जहाँ जाए अपनी बात, अपना संदेश और अपना संवाद लोगों को सुनाए, अर्थात लोगों को सत्य-अहिंसा और भाईचारे का संदेश दे। आज हिंदुस्तान ही ऐसा देश है जो पूरे संसार को भेद-भाव और हिंसा जैसी बुराइयों से आजाद करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

नहीं चाहते …………………. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, हम दुनिया को अपना दास नहीं बनाना चाहते, दूसरों की बात और फटकार नहीं सुनना चाहते तथा हम दूसरों के मुँह का निवाला भी छीन कर नहीं खाना चाहते। हमारा खून हमेशा सत्य और न्याय के लिए बहेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

हम कितने ………………………. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, हम कितने सुख तथा सपने लेकर इस झंडे को गाड़ते, फहराते और लहराते हैं। हम सब इस झंडे पर मर मिटने की सौगंध खाते हैं। यह हिंदुस्तान का झंडा है, यह घर-घर में लहराएगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा

शब्दार्थ:

  1. सदा – हमेशा
  2. बल – शक्ति
  3. शान – गरिमा, मर्यादा
  4. अरमान – इच्छा
  5. पौरुष – पुरुषार्थ, पराक्रम, साहस
  6. दास – सेवक, गुलाम
  7. फटकार – डाँट
  8. लहू – खून, रक्त
  9. लहराना – फहराना
  10. कसम – सौगंध

Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 9 Mere Pita Ji Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 9 Mere Pita Ji Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 9 मेरे पिता जी Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 9 मेरे पिता जी (पूरक पठन) Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 9 मेरे पिता जी Textbook Questions and Answers

1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कारण लिखिए।

प्रश्न (क)
विमान के प्रति लेखक का आकर्षित होना-
उत्तर:
दो विमान लेखक को अपनी ओर बार-बार खींच रहे थे। मानो वे उसे सीमाओं के परे मनुष्य की सोचने की शक्ति की जानकारी दे रहे थे और मानो वे उसके सपनों को पंख लगा रहे थे।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न (ख)
लेखक का एयरोनॉटिकल इंजिनियरिंग को अपना अध्ययन क्षेत्र चुनना –
उत्तर:
लेखक का एयरोनॉटिकल इंजिनियरिंग को अपना अध्ययन क्षेत्र चुनना क्योंकि उड़ान भरने के प्रति वे आकर्षित थे।

पहली बार मैंने एम. आई. टी. में निकट से विमान देखा था, जहाँ विद्यार्थियों को विभिन्न सब- सिस्टम दिखाने के लिए दो विमान रखे थे। उनके प्रति मेरे मन में विशेष आकर्षण था। वे मुझे बार – बार अपनी ओर खींचते थे। मुझे वे सीमाओं से परे मनुष्य की सोचने की शक्ति की जानकारी देते थे तथा मेरे सपनों को पंख लगाते थे। मैंने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग को अपना अध्ययन क्षेत्र चुना क्योंकि उड़ान भरने के प्रति मैं आकर्षित था। वर्षों से उड़ने की अभिलाषा मेरे मन में पलती रही। मेरा सबसे प्यारा सपना यही था कि सुदूर आकाश में ऊँची और ऊँची उड़ान भरती मशीन को हैंडल किया जाए।

2. स्वमत –

3. ‘मेरी अभिलाषा’ विषय पर छह से आठ पंक्तियाँ लिखिए।

प्रश्न 1.
‘मेरी अभिलाषा’ विषय पर छह से आठ पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर:
जिंदगी सिर्फ चार दिन की होती है। छोटी-सी इस जिंदगी में सभी को आसमान में उड़ाने की चाह होती है। यानी सभी को अपनी-अपनी अभिलाषा होती है। मेरी भी अपनी एक अभिलाषा है। वह है वैज्ञानिक बनने की। मैं वैज्ञानिक बनकर भारत में अनुसंधान का कार्य करना चाहता हूँ। विज्ञान के क्षेत्र में भारत का नाम गर्व से ऊँचा करना चाहता हूँ।

नए-नए अन्वेषण करके मैं सभी का जीवन सुखकर करना चाहता हूँ। वैज्ञानिक बनकर सभी बच्चों के मन में विज्ञान के प्रति प्रेम-आकर्षण निर्माण करना चाहता हूँ। वैज्ञानिक बनकर मानवता के लिए कार्य करने के लिए मैं सदैव तत्पर हूँ। मैं मेरी यह अभिलाषा पूर्ण करने के लिए अथक प्रयास व परिश्रम कर रहा हूँ। मुझे आशा है कि मेरी यह अभिलाषा जरूर पूरी हो जाएगी।

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए

प्रश्न 1.
संजाल:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 1
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 2

2. ‘अपना व्यक्तित्व समृद्ध करने के लिए अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान उपयुक्त होता है।’ इस पर अपने विचार लिखिए।

प्रश्न 1.
‘अपना व्यक्तित्व समृद्ध करने के लिए अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान उपयुक्त होता है।’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
भाषा विचारों के आदान-प्रदान का साधन है। भाषा से ही व्यक्ति का विकास होता है। बिना भाषिक ज्ञान से व्यक्ति जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता है। बहुभाषी होना तो सोने पे सुहागा जैसी ही बात है। अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान होने से व्यक्ति के ज्ञान की कक्षाएँ फैल जाती हैं। वह एक भाषा के साथ दूसरी भाषा के भाव व विचार संकलित करता है।

अन्य भाषाओं का ज्ञान होने से व्यक्ति को अन्य प्रांतों में भी सम्मान की भावना मिल जाती है। अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान होने से व्यक्ति की विचार करने की क्षमता में भी वृद्धि होती है। ऐसा व्यक्ति भाषण या लेखन करते समय अन्य भाषाओं में प्रचलित संदर्भ या उदाहरणों को आसानी से प्रयोग कर सकता है। इसीलिए अपना व्यक्तित्व समृद्ध करने के लिए अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान उपयुक्त होता है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

पाठ के आँगन में…

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

प्रश्न (क)
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर उनके लिए पाठ में प्रयुक्त विशेषताएँ लिखिए।

  1. जूता
  2. पाजामा
  3. अचकन
  4. टोपी

उत्तरः

  1. काला
  2. ढीला
  3. लंबी व इकहरी
  4. दुपल्ली

प्रश्न (ख)
‘संयुक्त परिवार’ संबंधी अपने विचार लगभग छह से आठ पंक्तियों में लिखिए।
उत्तरः
संयुक्त परिवार प्रणाली भारतीय संस्कृति का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र है। आज के इस परिवर्तनशील युग में संयुक्त परिवार प्रणाली विभक्त होती जा रही है। संयुक्त प्रणाली में सभी मिल-जुलकर रहते थे। संयुक्त परिवार प्रणाली व्यापक एवं विशाल स्वरूप की थी। उसका दृष्टिकोण भी व्यापक था। सदस्यों की संख्या भी अधिक होती थी।

परिवार का मुखिया परिवार का संचालन करता था। चाचा-चाची, माँ-बाप, दादादादी, चचेरे भाई-बहन सभी संयुक्त परिवार में मेल-मिलाप से रहते थे। आज भले ही संयुक्त प्रणाली की जगह विभक्त परिवार प्रणाली आ गई है; फिर भी आज कई परिवार ऐसे हैं जो संयुक्त परिवार में रहना पसंद करते हैं। संयुक्त परिवार प्रणाली प्रेम व सहयोग से एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहना सिखाती है।

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भाषा बिंदु

प्रश्न 1.
विरामचिह्न पढ़िए, समझिए।
उत्तर:
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Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 9 मेरे पिता जी Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 4

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 5

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर उनके लिए पाठ में प्रयुक्त विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 6

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. गुलूबंद
2. लाठी
उत्तर:
1. जाड़ों में लेखक के पिता के गले में क्या पड़ा रहता था?
2. लेखक के पिता ने किसकी तालीम ली थी?

प्रश्न 5.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. लेखक के गाँव में किसी कारण हिंदू-मुस्लिम दंगा हो गया था।
2. लेखक के पिता दफ्तर से बाहर निकलते समय धोती पर बंद गले का कोट पहनते थे।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

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प्रश्न 6.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 7

कृति (2): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
सभी का प्रिय बनने के लिए हमें क्या करना चाहिए? अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
सभी का प्रिय बनने के लिए हमें सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। अपनी वाणी एवं अपने कर्म से सभी को अपनी ओर आकर्षित करना चाहिए। हमें संकट की घड़ी में दूसरों की मदद करनी चाहिए। अपने अच्छे व्यवहार से सभी का दिल जीत लेना चाहिए। हमें मानवीय गुणों का पालन करना चाहिए और अपने प्रत्येक कार्य से दूसरों को प्रेरणा देनी चाहिए।

(ख) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1):आकलन कृति

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
पिता जी हाथ में डंडा लिए थे।
उत्तर:
आत्मरक्षा के लिए पिता जी हाथ में डंडा रखते थे।

प्रश्न 2.
हिंदू-मुसलमान को मेल से रहना चाहिए।
उत्तरः
साथ में भाईचारे से रहने के उद्देश्य से हिंदू-मुसलमान को मेल से रहना चाहिए।

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कृति पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 8

सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
हिंदू-मुसलमानों के कटने मरने से…………….
उत्तर:
(क) न हिंदुत्व समाप्त होगा न इस्लाम खत्म होगा।
(ख) न बंधुत्व समाप्त होगा न भाईचारा खत्म होगा।
(ग) न प्रेम समाप्त होगा न अमन खत्म होगा।

प्रश्न 2.
लेखक के पिता जी का लोगों पर असर हुआ और
(क) उनके मुहल्ले में अशांति बनी रही।
(ख) उनके मुहल्ले में वैमनस्य बढ़ने लगा।
(ग) उनके मुहल्ले में शांति बनी रही।
उत्तर:
1. हिंदू-मुसलमानों के कटने मरने से न हिंदुत्व समाप्त होगा न इस्लाम खत्म होगा।
2. लेखक के पिता जी का लोगों पर असर हुआ और उनके मुहल्ले में शांति बनी रही।

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कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘इंसान मेल से रहने के लिए बना है।’ इस कथन से संबंधित अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
इंसान ईश्वर की सबसे सुंदर कृति है। इंसानियत इंसान का सबसे बड़ा धर्म है। इस धर्म से बढ़कर अन्य धर्म नहीं है। अतः धर्म के नाम पर एक-दूसरे के साथ लड़ना-झगड़ना उचित नहीं है। मानव जीवन अत्यंत मूल्यवान है। अत: इस जीवन में हमें एक-दूसरे के साथ अच्छे संबंध निर्माण करने चाहिए। जब व्यक्ति एक-दूसरे के साथ मेल से रहेगा तब समाज में शांति, प्रेमभाव, अमन का राज्य निर्माण हो जाएगा। चार दिन की इस जिंदगी में खुश रहने के लिए व्यक्ति को एक-दूसरे के साथ मेल से रहना चाहिए।

(ग) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्य गद्यांश के क्रम के अनुसार लिखिए।

  1. पैदल आते।
  2. साथ में एक सुराही गंगाजल भी लाते।
  3. वे सवेरे तीन बजे उठते।
  4. वे ठीक साढ़े छह बजे नहाकर लौटते।

उत्तर:

  1. वे सवेरे तीन बजे उठते।
  2. पैदल आते।
  3. वे ठीक साढ़े छह बजे नहाकर लौटते।
  4. साथ में एक सुराही गंगाजल भी लाते।

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 9

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. मूर्ति
2. मानस
उत्तर:
1. पूजा की कोठरी में क्या नहीं थी?
2. लेखक के पिता किसका नवाहिक पाठ करते थे?

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कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘छात्र का दैनिक जीवन किस प्रकार का होना चाहिए?’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
छात्र का दैनिक जीवन सुव्यवस्थित होना चाहिए ताकि वह संपूर्ण दिन में अपना प्रत्येक कार्य सुचारू रूप से कर सकें। छात्र को सुबह जल्दी उठकर, नहा-धोकर ईश्वर चिंतन में थोड़ा समय देना चाहिए। पश्चात स्कूल में समय पर पहुँचना चाहिए। स्कूल की पढ़ाई-लिखाई में पूरा ध्यान देकर गृहकार्य भी समय पर करना चाहिए। स्कूल से घर आने के पश्चात कुछ समय खेलकूद के लिए भी देना चाहिए। अपने परिवार एवं मित्र के साथ टहलने के लिए भी समय देना चाहिए। साथ ही अपने निजी शौक के लिए भी छात्र को समय देना चाहिए। रात में सोते समय ईश्वर का ध्यान करना चाहिए।

(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. लेखक के पिता का स्वर साफ, सप्राण व लयपूर्ण था।
2. लेखक के पिता की आवाज सुरीली थी।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 10

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 11

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
परिवार के अन्य लोग लेखक के पूर्व जन्म के धार्मिक संस्कार की कल्पना करते थे।
उत्तरः
बचपन में लेखक जब रोने लगते थे तब उन्हें खटोले सहित पूजा की कोठरी के सामने रख दिया जाता। वहाँ आने के बाद लेखक का रोना बंद हो जाता था। इसलिए परिवार के अन्य लोग लेखक के पूर्व जन्म के धार्मिक संस्कार की कल्पना करते थे।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘घर व परिवार संस्कार के प्रमुख केंद्र होते हैं।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
संस्कार पढ़ाए नहीं जाते हैं। वे अपने आप आ जाते हैं। घर व परिवार ही एक ऐसा माहौल है; जिसमें बच्चों का संस्कार निर्माण होता है। यदि घर व परिवार में धार्मिक माहौल है तो बच्चों पर अपने आप धार्मिक संस्कार का निर्माण हो जाता हैं। कोई भी पाठशाला संस्कार नहीं प्रदान कर सकती। वह सिर्फ शिक्षा दे सकती है। सिर्फ घर-परिवार में अच्छा माहौल हो, तो बच्चों में नैतिक संस्कार एवं मानवीय गुण अपने आप आ जाते हैं। बच्चे जन्म से अपने परिवार के संग होते हैं। घर पर मिलने वाली शिक्षादीक्षा एवं घर-परिवार के लोगों के अच्छे आचरण का बच्चों पर प्रभाव पड़ता है। इससे बच्चों में संस्कार पनपने लगते हैं।

(ङ) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 12

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
लेखक के पिता जी मौन रहकर गीता पढ़ते थे।
उत्तरः
लेखक के पिता जी गीता पर चिंतन करना चाहते थे। इसलिए वे मौन रहकर गीता पढ़ते थे।

प्रश्न 2.
लेखक के पिता को संस्कृत उच्चारण से सुख न मिलता था।
उत्तर:
लेखक के पिता को संस्कृत उच्चारण से सुख न मिलता था। क्योंकि उन्हें संस्कृत का साधारण ज्ञान था।

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प्रश्न 3.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 13

(च) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों को गद्यांश के अनुसार सही क्रम में लिखिए।

  1. भोजन समय पर तैयार न होने पर पिता जी को बहुत गुस्सा आता था।
  2. पिता जी नौ बजते-बजते दफ्तर के लिए रवाना हो जाते।
  3. पिता जी के गुस्सा हो जाने पर माँ काँपने लगती थी।
  4. पिता जी रसोई में बैठकर भोजन करते।

उत्तर:

  1. पिता जी रसोई में बैठकर भोजन करते।
  2. पिता जी नौ बजते-बजते दफ्तर के लिए रवाना हो जाते।
  3. भोजन समय पर तैयार न होने पर पिता जी को बहुत गुस्सा आता था।
  4. पिता जी के गुस्सा हो जाने पर माँ काँपने लगती थी।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. पैंतीस
2. पूरियाँ
उत्तर:
1. लेखक के पिता जी ने कितने वर्षों तक नौकरी की?
2. लेखक की माँ जल्दी-जल्दी क्या बनाती?

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
घर की तीनों बूढ़ियाँ लेखक की माँ पर चिल्लाती थीं –
उत्तरः
लेखक के पिता के लिए भोजन ले जाने के लिए कोई आदमी न मिलने पर उन्हें दफ्तर में पूरा दिन उपवास करना पड़ता था।
अत: घर की तीनों बूढ़ियाँ लेखक की माँ पर चिल्लाती थीं।

प्रश्न 2.
घर की तीनों बूढ़ियों को भूखा रहना पड़ता था –
उत्तर:
लेखक के पिता को पूरा दिन भूखा रहने के कारण लेखक की माँ भी भूखी ही रह जाती थी। अत: माँ के भूखे रहने के कारण घर की तीनों बूढ़ियाँ भी भूखी ही रह जाती थीं।

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘हमें समय का पालन करना चाहिए।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
समय का पालन करना, समय के अनुसार काम करना एवं समय पर चलना जीवन में अत्यावश्यक है। यदि हम अपने जीवन में समय का पालन करेंगे तो हमारा सारा काम समय पर पूरा हो जाएगा। समय का पालन करने से हम अपने गंतव्य स्थान पर ठीक समय से पहुँच जाएँगे। हमें देरी नहीं होगी। समय का पालन करने से हमारे अंदर अनुशासन बढ़ेगा। समाज में हमें अपने आप प्रतिष्ठा एवं सम्मान प्राप्त हो जाएगा। समय का पालन करने से व्यक्ति स्वावलंबी बनेगा। इसीलिए हमें समय का पालन करना चाहिए।

(छ) परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. पिता जी का दफ्तर से लौटने का कोई निश्चित समय नहीं था।
2. पिता जी पूरे दिन में लगभग चालीस मील चला करते थे।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. तीन
2. गंगा
उत्तर:
1. लेखक के पिता जी सुबह कितने बजे उठते थे?
2. लेखक के पिता सुबह स्नान करने के लिए कहाँ जाते थे?

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 14

कृति (2): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘गंगा नदी भारत के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का भंडार है।’ इस कथन के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
गंगा नदी भारत की प्रमुख एवं पुरातन नदी है। इस नदी से भारतीयों की श्रद्धा एवं आस्था जुड़ी हुई है। पुराणों में गंगा नदी का वर्णन आया हुआ है। भगीरथ ने अथक परिश्रम कर गंगा को धरती पर लाया था। लोगों के पापों का नाश करने वाली व सभी के दुखों का हरण करने वाली गंगा नदी भारतीय संस्कृति की शान है। हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्थाएँ गंगा नदी से जुड़ी हुई हैं। गंगा नदी के किनारे कई संस्कृतियाँ विकसित हुई हैं। इसीलिए गंगा नदी भारत के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का भंडार है।

(ज) परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 15

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
पिता जी ने आराम घड़ी खरीदी।
उत्तरः
घर के लोगों को सेंस ऑफ टाइम वक्त का अंदाज देने के लिए पिता जी ने आराम घड़ी खरीदी।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न 2.
लेखक की बड़ी बहन का लड़का घड़ी अपने घर ले गया।
उत्तरः
वह घड़ी उसके नाना लाए थे। इसीलिए नाना की एक निशानी के रूप में वह घड़ी अपने घर ले गया।

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 16

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
आप अपने पिता जी की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मेरे पिता मेरे लिए आदर्श हैं। उनमें वे सारी योग्यताएँ मौजूद हैं जो एक आदर्श पिता के पास होती हैं। पिता जी हमें अनुशासन के प्रति सचेत करते हैं। क्या सही और क्या बुरा इसके बारे में भी सचेत करते हैं। मेरे लिए मेरे पिता जी एक सच्चे दोस्त की तरह हैं। वे प्रेम, दया एवं सहनशीलता के भंडार हैं। उनके पास ज्ञान का अनमोल भंडार है। उनकी बोली में माधुर्य टपकता है। जीवन में आने वाली परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा मुझे उनसे ही प्राप्त हुई है। जीवन में हर पल यानी सुख-दुख में हमेशा खुश रहना चाहिए यह भी मैंने उनसे ही सीखा है।

मेरे पिता जी (पूरक पठन) Summary in Hindi

लेखक-परिचय:

जीवन-परिचय: हरिवंशराय बच्चन जी का जन्म 27 अगस्त 1907 प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश में हुआ था। बच्चन जी हालावाद के प्रवर्तक थे। ये मूलत: कवि के रूप में जाने जाते हैं। इन्होंने आत्मकथा के माध्यम से गद्य की जो एक नई धारा निर्माण की वह प्रशंसनीय है। ‘मधुशाला’ इनकी प्रसिद्ध रचना है जो हर एक आम आदमी के हृदय में विराजमान है।

प्रमुख कृतियाँ: कविता संग्रह – ‘मधुशाला’, ‘मधुकलश’, ‘निशा निमंत्रण’, ‘एकांत संगीत’, ‘आकुल अंतर’, ‘खादी के फूल’, ‘हलाहल’, ‘धार के इधर उधर’; आत्मकथा के चार खंड – ‘क्या भूलूँ क्या याद करूँ’, ‘नीड़ का निर्माण फिर फिर’, ‘बसेरे से दूर’, ‘दशद्वार से सोपान तक’।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

गद्य-परिचय:

आत्मकथा: आत्मकथा हिंदी साहित्य में गद्य की एक महत्त्वपूर्ण विधा है। इसमें व्यक्ति अपने जीवन काल में घटी घटनाओं और अपनी
कथा स्मृतियों का वर्णन करता है। आत्मकथा सामान्यत: व्यक्ति अपने जीवन के उत्तर काल में लिखता है। इसमें रोचकता व निष्पक्षता होती है।

प्रस्तावना: प्रस्तुत आत्मकथा के अंश में लेखक बच्चन जी ने अपने पिता के व्यक्तित्व एवं चरित्र का वर्णन किया है। इसके साथ ही देश काल की परिस्थितियों का भी जिक्र किया है।

सारांश:

प्रस्तुत पाठ ‘मेरे पिता जी’ आत्मकथा का एक अंश है। प्रस्तुत पाठ में लेखक हरिवंशराय बच्चन जी ने अपने पिता का चित्रण किया है और साथ में यह भी बताया है कि पिता जी द्वारा किए गए संस्कारों का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा। लेखक के पिता जी समय के बड़े पाबंद थे। अपनी पैंतीस वर्ष की नौकरी में वे कभी भी दफ्तर देरी से नहीं गए थे। जब लेखक की माँ उनके लिए भोजन देरी से बनाती थीं तो वे गुस्सा हो जाते थे। लेखक की माँ आस-पास में रहने वाले किसी भी आदमी के हाथों से उनके लिए भोजन दफ्तर में भेज देती थीं। जिस दिन भोजन ले जाने के लिए कोई भी नहीं मिलता; उस दिन लेखक के पिता भूखे रह जाते थे।

इसी कारण लेखक की माँ भी भूखी रहती थीं। लेखक के पिता जी को धर्म के नाम पर दंगा फसाद करने वालों के खिलाफ बहुत नफरत थी। उनका कहना था कि इंसान मेल से रहने के लिए बना है। हिंदू या मुसलमानों के मरने से; न हिंदुत्व समाप्त होगा न इस्लाम। लेखक के पिता बहुत धार्मिक थे। वे सुबह जल्दी उठकर गंगा में स्नान करने जाते थे। पूजा-पाठ में विश्वास रखते थे और मानस का नवाहिक पाठ करते थे। लेखक पर अपने पिता जी के रहन-सहन, व्यक्तित्त्व एवं उनके गुणों का बहुत असर हुआ। उन्हीं के आदर्श विचारों के कारण लेखक के व्यक्तित्व को एक नया आयाम प्राप्त हुआ। इसीलिए लेखक ने अपनी आत्मकथा के इस अंश में अपने पिता जी की खूबियों को दर्शाया है।

शब्दार्थ:

  1. नैमित्तिक – निमित्यसंबंधी
  2. विलायत – विदेश
  3. वाकचातुर्य – वाकपटुता, बोलने में चतुराई
  4. अचेतन – चेतनारहित
  5. चलास – चलने का शौक
  6. सहकर्मी – दफ्तर में साथ में काम करने वाला
  7. आत्मरक्षा – स्वयं की रक्षा
  8. सिरफिरा – पागल
  9. वारदात – घटना
  10. नियमबद्ध – नियम के अनुसार
  11. अचरज – आश्चर्य

Hindi Lokbharti 9th Std Digest दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 2 Billi Ka Bilanguda Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 2 Billi Ka Bilanguda Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा Textbook Questions and Answers

1. सूचनानुसार कृतियाँ कीजिए :

(क) संजाल

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 1

(ख) कहानी के प्रमुख पत्र

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 2

प्रश्न क.
संजाल
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 3

प्रश्न ख.
कहानी के प्रमुख पत्र
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 4

2. उत्तर लिखिए :

बिल्ली के रवैये में आया परिवर्तन।
1. ………………………
2. …………………….

प्रश्न 1.
बिल्ली के रवैये में आया परिवर्तन।
उत्तर:
i. वह घर के सदस्यों के आगे-पीछे फिरने के बजाय रसोई के आसपास कोने में दुबक कर बैठ जाती।
ii. मौका मिलते ही मनचाही चीज खा लेना।

3. स्पष्ट कीजिए :

घर के सदस्यों का बिल्ली के प्रति व्यवहार
पहले और बाद में –

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 5

प्रश्न 1.
घर के सदस्यों का बिल्ली के प्रति व्यवहार
पहले और बाद में –
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 5
उत्तर:

  • खान – पहले – बच्चे कभी-कभी रोटी देते। थाली का जूठन खिलाते।
  • बाद में – चोरी से मनचाही चीज खाना।
  • पान – पहले – बच्चे कभी-कभी दुध पिलाते।
  • बाद में – चोरी से दूध-दही खाना।

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पाठ से आगे :

‘प्राणी हमसे कहते हैं जियो और जीने दो’, इस विषय पर स्वमत प्रकट कीजिए।

प्रश्न 1.
‘प्राणी हमसे कहते हैं जियो और जीने दो’, इस विषय पर स्वमत प्रकट कीजिए।
उत्तरः
“जियो और जीने दो’ ये दो शब्द हैं, किंतु इन दो शब्दों में जिंदगी का सार भरा है । प्रकृति ने सबको जीने का समान अधिकार दिया है। हम किसी का अनिष्ट करेंगे तो हमारा भी अनिष्ट निश्चित है। इंसान, इंसान के रूप में जन्म तो लेता है किंतु उसके कर्म इंसानों जैसे नहीं होते। वह अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अन्य प्राणियों का दोहन करता है। जंगलों की कटाई करता है। यदि हम ऐसा करेंगे, तो इससे हमारा ही नुकसान होगा। बारिश नहीं होगी और वन्य प्राणी भी जंगल कट जाने से गाँवों में घुस आएँगे और हम पर हिंसक आक्रमण कर देंगे। भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ |

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भाषा बिंदु :

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्दों के विलोम खोजिए तथा उनसे नए वाक्य लिखिए।

प्रश्न 1.
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्दों के विलोम खोजिए तथा उनसे नए वाक्य लिखिए।

  1. बिल्ली भी कम समझदार जानवर नहीं है।
  2. अमरू स्वभाव से अल्पभाषी है।
  3. पुरानी विचार धारा और पंरपरा एकदम घपले में पड़ गई है।
  4. अब हम उसे दुत्कार रहे हैं।
  5. दसियों ने इस सुंदर प्रस्ताव का समर्थन किया।
  6. डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।
  7. वह तटस्थ होकर अपने विचार रखता है।
  8. इस भौतिक जीवन में मनुष्य बहुत खुश है।
  9. गर्मियों में सारी धरती शुष्क हो जाती है।
  10. पैसों का अपव्यय नहीं करना चाहिए।

उत्तरः

  1. गधा नासमझ होता है।
  2. आजकल के नेता बहुत वाचाल होते हैं।
  3. आज की युवा पीढ़ी नई विचार धारा को तेजी से अपना रही है।
  4. हम अपने अतिथियों का बहुत सत्कार करते हैं।
  5. जनता ने सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया।
  6. जनता दरबार में मुख्यमंत्री से बात करना सुलभ हो गया है।
  7. मंत्री जी योजनाएं लागू करने में पक्षपात करते हैं।
  8. संत आध्यात्मिक जीवन में खुश रहते हैं।
  9. वर्षा के समय सारी पृथ्वी हरी-भरी हो जाती है।
  10. हमें मैंहगाई को देखते हुए पैसों का मितव्यय करना चाहिए।

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा Additional Important Questions and Answers

(क) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
परिच्छेद से समानार्थी शब्द ढूँढकर लिखिए।
i. प्रसन्न
ii. कोशिश
उत्तर:
i. खुश
ii. प्रयत्न

प्रश्न 2.
वचन परिवर्तन कीजिए।
i. चूहा
ii. बिल्लियाँ
उत्तर:
i. चूहे
ii. बिल्ली

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प्रश्न 3.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।
i. पुरानी × ……..
ii. आपत्ति × …..
उत्तर:
i. नई
ii. सहमति

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘चूहों से हानि’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
अक्सर हम अपने घरों में चूहों की वजह से बहुत परेशान रहते हैं, वे घर में अपने पैरों में लगी गंदगी और मल-मूत्र के माध्यम से बीमारी फैलाते हैं। चूहे घर में रखें अनाज, खाद्य सामग्री के साथ ही जूते, कपड़े, किताबें आदि काटकर बहुत नुकसान करते हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार चूहा नकारात्मक और अज्ञानी शक्तियों का प्रतीक भी माना जाता है। चूहों की मौजूदगी से घर में मौजूद लोगों की बुद्धि का भी विनाश होता है।

(ख) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर :
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कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
उपर्युक्त गद्यांश से दो ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके
उत्तर
निम्नलिखित शब्द हों –
i. बोरी
ii. अमरू
उत्तर:
i. रस्सी से किसका मुंह बाँध दिया गया?
ii. बोरी कंधे पर लटकाकर कौन चल दिया?

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प्रश्न 2.
सत्य या असत्य पहचानकर लिखिए।
i. लेखक को बिल्ली से पीछा छुड़ाने की चिंता हुई।
ii. नौकर ने तुरंत बोरी का एक सिरा पकड़कर उसे ऊपर से खोल दिया।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

प्रश्न 3.
गद्यांश के आधार पर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. लेखक ने नौकर को याद दिलाया
ii. लेखक का ध्यान आवाज की तरफ नहीं गया
उत्तर:
i. लेखक ने नौकर को याद दिलाया कि उसे बिल्ली को भूली भटियारिन की तरफ छोड़ कर आना है।
ii. लेखक का ध्यान आवाज की तरफ नहीं गया, क्योंकि वह नहाने में व्यस्त था और कुछ गुनगुना रहा था।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
मानक वर्तनी के अनुसार सही शब्द लिखिए।
i. चिन्ता
ii. अन्दर
उत्तर:
i. चिंता
ii. अंदर

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प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।
i. होशियार × ……….
ii. रात × ………
उत्तर:
i. मूर्ख
ii. दिन

प्रश्न 3.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. दिन
ii. दफ्तर
उत्तर:
i. दिवस
ii. कार्यालय

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
पालतू जानवरों के प्रति हमें सौहार्दपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।’ इस संबंध में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जानवरों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है। गाय, बैल, भैंस, कुत्ता, घोड़ा आदि जानवर बहुत उपयोगी हैं। हमें उन्हें प्रेम से पालना चाहिए। ये जानवर हमारे साथ हमारे घर में रहकर परिवार के सदस्य जैसे बन जाते हैं। हमें उनके प्रति सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखना चाहिए। उन्हें उचित समय पर अच्छी खुराक देनी चाहिए। उनकी साफसफाई का ध्यान रखना चाहिए। ये जानवर भी हमारे प्रति सद्व्यवहार और स्नेह रखते हैं। उनकी अच्छी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है।

(ग) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कतियाँ कीजिए।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए। अमरू के स्वभाव की विशेषता –
उत्तर:
i. अल्पभाषी
ii. मसखरा

प्रश्न 2.
एक-एक शब्द में उत्तर लिखिए।
i. भीड़ ने अमरू पर यह चुराने का आरोप लगाया
ii. यहाँ से तो कई बच्चे उठाए जा चुके हैं
उत्तर:
i. बच्चा
ii. देवनगर

प्रश्न 3.
सत्य या असत्य पहचानकर लिखिए।
i. अमरू स्वभाव से अल्पभाषी था।
ii. एक आदमी लपककर अस्पताल गया।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 4.
सही विधान चुनकर पूर्ण वाक्य फिर से लिखिए।
1. लेखक समझा शायद अमरू किसी की ………..,
(क) कार से टकरा गया होगा।
(ख) साइकिल चुरा लिया होगा।
(ग) साइकिल से टकरा गया होगा।
उत्तर:
(ग) साइकिल से टकरा गया होगा।

2. कुछ लोगों को शक हुआ कि …………….।
(क) बोरी में बच्चा है।
(ख) अमरू चोर है।
(ग) बोरी में बिल्ली है।
उत्तर:
(क) बोरी में बच्चा है।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. मुश्किल
ii. हवालात
उत्तर:
i. कठिन
ii. जेल

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन कीजिए।
i. आदमियों
ii. बच्चा
उत्तर:
i. आदमी
ii. बच्चे

प्रश्न 3.
मानक वर्तनी के अनुसार सही शब्द लिखिए।
i. अन्दर
ii. सुन्दर
उत्तर:
i. अंदर
ii. सुंदर

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘मूक जानवरों की हत्या करना बहुत बड़ा पाप होता है।’ इस पर आधारित अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जानवर देश की प्राकृतिक संपदा होते हैं। उनके कारण ही जंगलों की शोभा बढ़ती है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए हमें मूक जानवरों की रक्षा करनी चाहिए। यदि हम उनकी हत्या करेंगे, तो उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। प्रत्येक जीव को इस धरती पर जीवन जीने का अधिकार है। हम किसी के भी अधिकार को छीन नहीं सकते हैं। यदि हम उनकी हत्या करते हैं, तो हम धर्म एवं कानून की नज़र में बहुत बड़े अपराधी बन जाते हैं। दूसरों की रक्षा करना हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य होना चाहिए।

(घ) परिच्छेद पड़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
बच्चों का खेलना-कूदना यहाँ बंद हो चुका था –
उत्तरः
i. पार्कों में
ii. बाहर गलियों में

प्रश्न 2.
वातावरण में इसकी कमी न थी –
उत्तर:
i. सनसनी
ii. तनाव

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
उपर्युक्त गद्यांश से दो ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों –
i. अमरू
ii. थानेदार
उत्तर:
i. थानेदार ने आते ही किसकी कलाई पकड़ ली?
ii. किसने आते ही अमरू की कलाई पकड़ ली?

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प्रश्न 2.
सही पर्याय चुनकर पूर्ण वाक्य फिर से लिखिए।
1. उन दिनों दिल्ली में बड़ी …………….।
(क) महामारी फैली हुई थी।
(ख) भुखमरी फैली हुई थी।
(ग) सनसनी फैली हुई थी।
उत्तर:
(ग) सनसनी फैली हुई थी।

2. जमुना के पुल पर कुछ आदमी पकड़े गए …………….।
(क) जिन्होंने बोरियों में बच्चे बंद किए हुए थे ।
(ख) जिन्होंने मछलियाँ पकड़ी थी ।
(ग) जो चोरी करके भाग रहे थे ।
उत्तर:
(क) जिन्होंने बोरियों में बच्चे बंद किए हुए थे ।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के लिंग परिवर्तन कीजिए।
i. आदमी
ii. नौकर
उत्तर:
i. औरत
ii. नौकरानी

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द परिच्छेद से ढूँढकर लिखिए।
i. सतर्कता
ii. अचरज
उत्तर:
i. सावधानी
ii. आश्चर्य

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प्रश्न 3.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।
i. सवाल × …….
ii. संदेह × …….
उत्तर:
i. जवाब
ii. नि:संदेह

प्रश्न 4.
निम्नलिखित अव्यय शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
i. और
ii. कि
उत्तर:
i. रोटी चौका करता हूँ और अपना पेट पालता हूँ।
ii. एक दो बार समाचार पत्र में छपा कि जमुना के पुल पर कुछ आदमी पकड़े गए।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
आजकल हो रहे बच्चों के अपहरण के संबंध में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
आजकल बच्चों के अपहरण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें छोटे और मासूम बच्चों की संख्या अधिक होती है। इन बच्चों का पैसे के लिए, मानव तस्करी के लिए या बदला लेने के लिए अपहरण किया जाता है। अपहरण करने वाले अपने स्वार्थों के वशीभूत होकर बच्चों को सताने से भी बाज नहीं आते हैं। बच्चों का अपहरण करना सबसे सरल होता है क्योंकि वह छोटे होते हैं और इन पर काबू पाना सरल होता है। माता-पिता को बच्चों की सुरक्षा के लिए हर समय चिंतित रहना पड़ता है। पुलिस और सरकार तो इनके आगे बेबस होते नजर आती है। अत: इसके खिलाफ सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा देनी चाहिए।

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(ङ) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
थानेदार को बुलाकर लाने वाला व्यक्ति क्रोध में बोला
उत्तरः
क्यों बकता है, बे! दरोगा जी, ऐसे यह नहीं मानेगा। दो-चार बेंत रसीद कीजिए।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
चौखट पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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प्रश्न 2.
सत्य या असत्य पहचानकर लिखिए।
i. अमरू नम्रतापूर्वक दरोगा से बोला।
ii. दरोगा ने अमरू की पीठ पर बेंत मारा।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 3.
सही विधान चुनकर पूर्ण वाक्य फिर से लिखिए।
1. पहले यह तो देख लें कि .. …………..
(क) मेरा क्या कसूर है।
(ख) इस बोरों में है क्या?
(ग) इस बोरी में बिल्ली हैं।
उत्तर:
पहले यह तो देख लें कि इस बोरी में है क्या?

2. हम सब इस आदमी की …………….।
(क) बदमाशी के गवाह हैं।
(ख) सच्चाई के साथ हैं।
(ग) चोरी के खिलाफ हैं।
उत्तर:
हम सब इस आदमी की बदमाशी के गवाह हैं।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. क्रोध
ii. हुक्म
उत्तर:
i. गुस्सा
ii. आदेश

प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।
i. नीचे × ……….
ii. धीरे-से × ………
उत्तर:
i. ऊपर
ii. जोर-से

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प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
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प्रश्न 4.
निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्नों का प्रयोग कीजिए।
i. क्रोध में आकर बोला क्यों बकता है बे दरोगा जी ऐसे नहीं यह मानेगा।
ii. उन्होंने अमरू से कहा अच्छा बोरी को नीचे रखो इसका मुँह खोलो।
उत्तर:
i. क्रोध में आकर बोला, “क्यों बकता है, बे! दरोगा जी, ऐसे नहीं यह मानेगा।”
ii. उन्होंने अमरू से कहा, “अच्छा, बोरी को नीचे रखो। इसका मुंह खोलो।”

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्यों में सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कर फिर से लिखिए।
i. उनकी नीयत पर लोगों को शक हो रहा है। (सामान्य भविष्यकाल)
ii. अमरू शांतिपूर्वक नीचे बैठ गया। (सामान्य वर्तमानकाल)
उत्तर:
i. उनकी नीयत पर लोगों को शक होगा।
ii. अमरू शांतिपूर्वक नीचे बैठ जाता है।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में अव्यय पहचानिए और उसका नाम लिखिए।

  1. आटे और अनाज के लिए लोहे के ढोल बनवाए गए।
  2. बिल्ली खूब मजे से खा रही है।
  3. बिल्ली लोगों की थाली से जूठन ही खाती इसलिए हमें इसका कोई खर्च नहीं पड़ा।

उत्तर:

  1. और – समुच्चयबोधक अव्यय के लिए – संबधसूचक अव्यय
  2. मजे से – क्रियाविशेषण अव्यय
  3. इसलिए – समुच्चयबोधक अव्यय

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों को सूचना के अनुसार काल बदलकर फिर से लिखिए।

  1. बिल्ली रोटियों पर झपटी। (सामान्य वर्तमानकाल)
  2. अमरू कंधे पर बोरी लटकाकर चल दिया। (अपूर्ण भूतकाल)
  3. बिल्ली कमरे में आती है। (सामान्य भूतकाल)
  4. उनकी नीयत पर लोगों को शक हो रहा है। (सामान्य भविष्यकाल)
  5. अमरू शांतिपूर्वक नीचे बैठ गया। (सामान्य वर्तमानकाल)

उत्तर:

  1. बिल्ली रोटियों पर झपटती है।
  2. अमरू कंधे पर बोरी लटकाकर चल रहा था।
  3. बिल्ली कमरे में आई।
  4. उनकी नीयत पर लोगों को शक होगा।
  5. अमरू शांतिपूर्वक नीचे बैठ जाता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए।
i. अमरू के कुछ कहना नहीं पड़ी।
ii. उन्होंने देखा की बोरी अंदर में हिल रही है।
उत्तर:
i. अमरू को कुछ कहना नहीं पड़ा।
ii. उन्होंने देखा कि बोरी अंदर से हिल रही है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित अव्यय शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
i. और
ii. कि
उत्तर:
i. रोटी चौका करता हूँ और अपना पेट पालता हूँ।
ii. एक दो बार समाचार पत्र में छपा कि जमुना के पुल पर कुछ आदमी पकड़े गए।

रचनात्मकता की ओर लेखनीय :

प्रश्न 1.
आपका पालतू कुत्ता दो दिनों से लापता है। उसके लिए समाचार पत्र में देने हेतु विज्ञापन तैयार कीजिए। निम्न मुद्दों का आधार लें।
उत्तर:
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मैलिक सृजन :

प्रश्न 1.
अपने परिसर में लावारिस जानवरों की बढ़ती मौलिक सृजन संख्या एवं उनसे होने वाली परेशानियों के बारे में संबंधित अधिकारी को पत्र लिखकर सूचना दीजिए।
उत्तर:
संतोष वर्मा
5/सी रूप दर्शन, रामपुर थाना।
दिनांक – 20 जून, 2017।
सेवा में,
श्रीमान पशु अधिकारी जी,
नगर परिषद, थाना।
विषयः परिसर में लावारिस जानवरों की बढ़ती संख्या के संबंध में शिकायत-पत्र।
माननीय महोदय,
मैं शहर के रामपुर क्षेत्र का निवासी हूँ। पिछले कुछ दिनों से हमारे परिसर में लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तो दूसरे कस्बों के पशु भी यहाँ आकर रहने लगे हैं। इन जानवरों की वजह से चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। बच्चों को खेलने के लिए परिसर में साफ़ जगह नहीं बची है। महानगर के अधिकारी या कर्मचारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अत: आपसे निवेदन है कि नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।
कष्ट के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ।
धन्यवाद!
भवदीय,
संतोष वर्मा।
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आसपास :

प्रश्न 1.
किसी पशु चिकित्सक से पालतू प्राणियों की सही देखभाल करने संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त कीजिए।
उत्तर:
मैं एक दिन अपने पालतू जानवरों के देखभाल से संबंधित जानकारी प्राप्त करने पशु चिकित्सक के पास गया, तो उन्होंने बताया कि हमें अपने पालतू प्राणियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए तथा उनकी सही देखभाल करनी चाहिए। पालतू जानवरों को न तो बहुत कम और न ही बहुत ज्यादा भोजन देना चाहिए। जब उन्हें भूख लगे तभी भोजन देना चाहिए। उनके भोजन और पानी पीने के बर्तन को दिन में कम-से-कम एक बार अवश्य साफ करना चाहिए।

पालतू जानवरों को घुमाने के लिए भी ले जाना चाहिए। बहुत से जानवरों के सामाजीकरण के लिए शारीरिक स्पर्श महत्त्वपूर्ण होता है। अत: उनके साथ खेलना चाहिए तथा उन्हें सहलाना चाहिए। उन्हें चोट नहीं पहुँचानी चाहिए। उन्हें नियमित रूप से पशु-चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।

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बिल्ली का बिलुंगड़ा Summary in Hindi

लेखक-परिचय :

राजेंद्र लाल हांडा जी एक प्रसिद्ध कथाकार हैं। आपकी रचनाएँ पत्र-पत्रिकाओं में हमेशा प्रकाशित होती रहती हैं। सम सामयिक विषयों पर आपकी रचनाएँ सामाजिक समस्याओं को उद्घाटित करती हैं।

गद्य-परिचय :

हास्य कहानी : जीवन की किसी घटना का रोचक, प्रवाही वर्णन कहानी होती है। इसमें किसी सत्य का उद्घाटन होता है। हास्य कहानी में इसे हल्के-फुलके हँसी के अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है।

प्रस्तावना : प्रस्तुत पाठ ‘बिल्ली का बिलंगुड़ा’ में लेखक हांडा जी ने हास्य के माध्यम से गलतफ़हमी के कारण उत्पन्न विशेष स्थितियों का वर्णन किया है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा

सारांश :

पिछले दिनों लेखक के घर में बहुत चूहे हो गए थे। वे घर के सामान का बहुत नुकसान कर रहे थे। अनाज की सुरक्षा के लिए लोहे के ढोल (डिब्बे) बनवाए गए। ये ढोल भी कारगर नहीं हुए। उसमें भी चूहे घुसने लगे। मित्रों ने घर में एक बिल्ली पालने का सुझाव दिया और बिल्ली लाई भी गई। बिल्ली की खूब खातिर होने लगी। बच्चे उसे रोटी और दूध देने लगे। कुछ दिनों में बिल्ली ने पूरी तरह चूहों का सफाया कर दिया। सब लोग बड़े खुश हुए। दो महीने बाद लोग चूहे को भूल गए और बिल्ली से तंग आ गए। क्योंकि अब बिल्ली की आदत बदल गई। अब वह मौका मिलते ही दूध, दही, भोजन आदि सपरचट कर देती।

लेखक को बिल्ली से पीछा छुड़ाने की चिंता होने लगी। उनका नौकर अमरू बड़ा होशियार था। रात को उसने एक खाली बोरी में दो रोटियाँ डालकर रख दी। बिल्ली जैसे ही रोटी की लालच में बोरी के अंदर झपटी, नौकर ने तुरंत बोरी का मुँह पकड़ लिया और रस्सी से मुँह बाँध दिया। लेखक ने अमरू से बिल्ली को कहीं दूर छोड़ने को कहा, जहाँ से वह वापस न आ सके।

दूसरे दिन सुबह अमरू बोरी कंधे पर लटका कर उसे छोड़ने चल दिया। रास्ते में कुछ लोगों को शक हुआ की बोरी में बच्चा है। दो आदमी उसके पीछे हो लिए। उन्होंने देखा कि बोरी अंदर से हिल रही है। उन्हें विश्वास हो गया कि इस बदमाश ने किसी बच्चे को पकड़ा है। देखते-देखते पचासों आदमी इकट्ठा हो गए। सब लोगों ने उसे घेर लिया।

पुलिस थाना भी बहुत दूर नहीं था। एक व्यक्ति दौड़कर पुलिस वाले को भी बुला लाया। शोर होने पर लेखक भी घर से बाहर आया, देखा कि भीड़ ने नौकर को घेर रखा है। थानेदार ने अमरू को मारने की धमकी दी तो उसने बोरी का मुँह खोल दिया और बिल्ली का बिलंगुड़ा छलाँगें मारता हुआ भाग गया। दरोगा जी झेंप गए और अमरू हँसता हुआ घर आ गया।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा

शब्दार्थ :

  1. विचारधारा – सोच
  2. परंपरा – प्रथा
  3. घपले – गड़बड़ी
  4. बहुतेरे – बहुत तरह के
  5. ढोल – लोहे का ड्रम
  6. कारगर – उपयोगी
  7. परामर्श – सलाह
  8. आपत्ति – ऐतराज
  9. चुनांचे – इसलिए
  10. विधिपूर्वक – ठीक तरह से
  11. काबू – वश
  12. मात – हार
  13. रवैया – रंग-ढंग, ढंग
  14. जी में – दिल में
  15. कढ़े हुए – निकाले हुए
  16. हजामत – दाढ़ी बनाना
  17. गुसलखाने – स्नानघर
  18. छप्परवाले – जिसके ऊपर छप्पर पड़ा हो
  19. अल्पभाषी – कम बोलने वाला
  20. मसखरा – मज़ाकिया
  21. गिरोह – दल
  22. लपक कर – तेजी से
  23. हवालात – कारागार
  24. दसियों – दसों लोग
  25. हुक्म – आदेश
  26. गवाह – साक्षी
  27. नीयत – इरादा
  28. बेंत – मज़बूत-लचीले डंठलवाली लता
  29. सनसनी – सन्नाटा, खलबली
  30. सुराग – (यहाँ अर्थ) पता, खोज

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा

मुहावरे :

  1. मौका लगना – अवसर मिलना।
  2. सिर चढ़ जाना – उदंडता के लिए खुली छूट देना।
  3. टूट पड़ना – आक्रमण करना।
  4. व्यस्त होना – तल्लीन होना।
  5. परामर्श करना – राय लेना।
  6. एक न चलना – कुछ न कर सकना।
  7. तंग आना – परेशान होना।

Hindi Lokbharti 9th Digest Answers Pdf पहली इकाई

Class 9 Hindi Chapter 11 Swatantrata Gaan Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 11 Swatantrata Gaan Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान Textbook Questions and Answers

संभाषणीय:

प्रश्न 1.
‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम’ संबंधी पढ़ी या सुनी हुई घटना या प्रसंग पर चची कीजिए।
उत्तर:

  • अध्यापक – राहुल जी, क्या आप मुझे 1857 के विद्रोह व भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बारे में कुछ जानकारी देंगे।
  • राहुल – जी हाँ, सर। सन 1857 में राष्ट्रीय बगावत शुरू हुई थी। भारत के राजा-महाराजाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर दी थी।
  • विद्या – जैसे कि महारानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, पेशवा आदि ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का शंखनाद बजा दिया था।
  • अनिल – भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित मुझे एक घटना याद है। मंगल पांडे अंग्रेजों की बैरकपुर की छावनी में सिपाही थे। मंगल पांडे उस चर्बीयुक्त हथियारों पर रोक लगाना चाहते थे। उन्होंने एक अंग्रेज अधिकारी पर हमला बोल दिया। इसलिए उन्हें फाँसी की सजा हो गई थी।
  • अध्यापक – अब आप मुझे बताइए कि स्वतंत्रता सेनानियों से आपको कौन-सी प्रेरणा मिलती है?
  • विजय – हमें अपने देश की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।
  • अजय – हमें अपने देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
  • नंदन – हमें स्वतंत्रता के दीपक प्रज्वलित रखना चाहिए।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान

श्रवणीय:

प्रश्न (क)
राष्ट्रभक्ति पर आधारित कोई कविता सुनिए।

प्रश्न (ख)
अपने देश की विविधताएँ सुनिए।

लेखनीय:

प्रश्न 1.
समूह बनाकर भारत की विशेषता बताने वाले संवाद का लेखन कीजिए तथा समारोह में उसकी प्रस्तुति कीजिए।

पठनीय:

प्रश्न 1.
भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र संबंधी जानकारी पढ़िए और छोटी-सी टिपण्णी तैयार कीजिए।

पाठ से आगे:

प्रश्न 1.
अंतरजाल/ग्रंथालय से ‘दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन’ (सार्क) में भारत की भूमिका की जानकारी प्राप्त करके टिप्पणी लिखिए।

कल्पना पल्लवन:

प्रश्न 1.
‘विश्व स्तर पर भारत की पहचान निराली है।’ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारत हमको जान से प्यारा है।
सबसे न्यारा गुलिस्ता हमारा है।

सचमुच विश्व में भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जहाँ संस्कृति, विज्ञान व तकनीकी का समन्वय दिखाई देता है। भिन्न-भिन्न धर्म व जाति वर्ग के लोगों के बीच भारत देश ने पारंपरिक संस्कृति, सभ्यता एवं सर्वधर्म सहिष्णुता की भावना के कारण विश्व में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान बना रखा है।

विश्व स्तर पर भारत की पहचान अनोखी व निराली है। क्रीड़ा के क्षेत्र में भारतीय खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी अनोखी पहचान बनाए हुए हैं। सचिन तेंदुलकर को तो ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाता है। साहित्य के क्षेत्र में भी भारतीय लेखक कवियों का साहित्य कई विदेशी भाषाओं में अनूदित हुआ है।

उद्योग जगत में रिलायन्स, टाटा, बिरला आदि कंपनियों ने विश्व स्तर पर भारत की सशक्त आर्थिक क्षमता का सबूत प्रस्थापित कर दिया है। संगीत की दुनिया में भारत ने समूचे विश्व को मोहित कर दिया है। लता दीदी, आशा भोसले, ए.आर. रहमान आदि गायक-गायिकाओं के गानों ने विदेशों में धूम मचा दी हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत के तो कई विदेशी कायल हैं।

विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में भारत देश ने एक नया आयाम स्थापित कर दिया है। भारत में अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत के डॉक्टर एवं अभियंताओं को विदेशों में काफी महत्त्व प्राप्त हो रहा है। इसीलिए मैं बड़े गर्व के साथ कहता हूँ कि भारत ने विश्व स्तर पर अपनी एक अनोखी पहचान बनाई है। कहा भी गया है –

सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्ता हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी यह गुलिस्ताँ हमारा।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान

पाठ के आँगन में …

प्रश्न 1.
‘यह स्वतंत्र भावना का स्वतंत्र गान है।’ इस पंक्ति में आई कवि की भावना स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः
कृति (घ) का स्वमत अभिव्यक्ति देखिए।

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।
उत्तरः

(अ) (ब)
1. अतीत (क) प्रार्थना
2. पुनीत (ख) साधना
3. अनंत (ग) भावना
4. विनीत (घ) कल्पना
(ङ) अशांति

उत्तर:

(अ) (ब)
1. अतीत (घ) कल्पना
2. पुनीत (ग) भावना
3. अनंत (ख) साधना
4. विनीत (क) प्रार्थना

व्याकरण विभाग:

1 & 2.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 1

3.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 2

4. शुद्धीकरण- वाक्यों, शब्दों को शुद्ध रूप में लिखना।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान

5. मुहावरों का प्रयोग/चयन करना

6. शब्द संपदा- व्याकरण 5 वीं से 8 वीं तक शब्दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्दयुग्म, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, भिन्नार्थक शब्द, कठिन शब्दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्यय पहचानना/अलग करना, लय-ताल युक्त शब्द ।

7.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 3

8.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 4

रचना विभाग:

  • पत्रलेखन (व्यावसायिक /कार्यालयीन)
  • प्रसंग वर्णन / वृत्तांत लेखन
  • कहानी लेखन
  • विज्ञापन
  • गद्य आकलन
  • निबंध

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पत्रलेखन:

कार्यालयीन पत्र

कार्यालयीन पत्राचार के विविध क्षेत्र:

बैंक, डाकविभाग, विद्युत विभाग, दूरसंचार, दूरदर्शन आदि से संबंधित पत्र
महानगर निगम के अन्यान्य / विभिन्न विभागों में भेजे जाने वाले पत्र
माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडल से संबंधित पत्र ।
अभिनंदन/प्रशंसा (किसी अच्छे कार्य से प्रभावित होकर) पत्र लेखन करना।
सरकारी संस्था द्वारा प्राप्त देयक (बिल आदि) से संबंधित शिकायती पत्र

व्यावसायिक पत्र

व्यावसायिक पत्राचार के विविध क्षेत्र:

किसी वस्तु/सामग्री/पुस्तकें आदि की माँग करना।
शिकायती पत्र – दोषपूर्ण सामग्री/ चीजें/ पुस्तकें/ पत्रिका आदि प्राप्त होने के कारण पत्रलेखन
आरक्षण करने हेतु (यात्रा के लिए)।
आवेदन पत्र – प्रवेश, नौकरी आदि के लिए।
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कहानी लेखन:

1. मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन करना।
2. शब्दों के आधार पर कहानी लेखन करना।
3. किसी कहावत, सुवचन, मुहावरे, लोकोक्ति पर आधारित कहानी लेखन करना।

मुहावरे, कहावतें, सुवचन, लोकोक्तियाँ

मुहावरे:

  1. आँखों पर परदा पड़ना ।
  2. एड़ी-चोटी का जोर लगाना ।
  3. रुपया पानी की तरह बहाना ।
  4. पहाड़ से टक्कर लेना।
  5. जान हथेली पर धरना (रखना)।
  6. लकीर का फकीर होना ।
  7. पगड़ी संभालना।
  8. काला अक्षर भैंस बराबर ।
  9. घाट-घाट का पानी पीना ।
  10. अकल के घोड़े दौड़ाना।
  11. पत्थर की लकीर होना।
  12. भंडाफोड़ करना।
  13. रंगा सियार होना।
  14. हाँ में हाँ मिलाना

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लोकोक्तियाँ तथा कहावतें:

  1. अंधों में काना राजा।
  2. ओखली में सिर दिया तो मूसलों का क्या डर।
  3. चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए ।
  4. जहाँ न पहुंचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि ।
  5. अंधा बाँटे रेवड़ी अपने कुल को देव ।
  6. अंधेर नगरी चौपट राजा।
  7. आँख और कान में चार अंगुल का अंतर है।
  8. अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत ।
  9. हाथ कंगन को आरसी क्या ?
  10. चोर की दाढ़ी में तिनका ।
  11. कोयले की दलाली में हाथ काला ।
  12. अधजल गगरी छलकत जाए ।
  13. निंदक नियरे राखिए।
  14. ढाक के तीन पात ।

सुवचन:

  1. वसुधैव कुटुंबकम् ।
  2. सत्यमेव जयते।
  3. पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ।
  4. जल ही जीवन है।
  5. पढ़ेगी बेटी तो सुखी रहेगा परिवार ।
  6. अनुभव महान गुरु है।
  7. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।
  8. अतिथि देवो भवः।
  9. राष्ट्र ही धन है।
  10. जीवदया ही सर्वश्रेष्ठ है।
  11. असफलता सफलता की सीढ़ी है।
  12. श्रम ही देवता है।
  13. राखौ मेलि कपूर में, हींग न होत सुगंध ।
  14. करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।

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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

1. एक लड़की __________ विद्यालय में देरी से पहुंचना __________ शिक्षक द्वारा डाँटना _________ लड़की का मौन रहना __________ दूसरे दिन समाचार पढ़ना __________ लड़की को गौरवान्वित करना ।
2. मोबाइल ___________ लड़का _________ गाँव ___________ सफर __________

1. प्रश्न निर्मिति के लिए निम्नलिखित प्रश्नचार्ट उपयुक्त हो सकता है।
प्रश्नचार्ट:
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गद्य आकलन (प्रश्न तैयार करना)

निम्नलिखित गद्यांश पर ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हो।

किसी भी देश की संपत्ति उस देश के आदर्श विद्यार्थी ही होते हैं । विद्यार्थियों का चरित्र ही राष्ट्र की संपत्ति होता है । वह समय का मूल्यांकन करना जानता है । वह बैटिंग, सिनेमा, मोबाइल एवं अन्य मनोरंजनों में आवश्यकता से अधिक लिप्त नहीं होता है। उसके सामने सदा मंजिल रहती है और उसे ज्ञात है कि इन प्रलोभनों के वश में न होकर परिश्रम, तप, त्याग और साधना के कटंकाकीर्ण पथ पर चलकर ही वह कुछ बन सकता है । परिवार के लिए, समाज के लिए, राष्ट्र के लिए एवं समूचे विश्व के लिए वह तभी कुछ करने की क्षमता प्राप्त कर सकता है जब वह अपनी सर्वांगीण उन्नति करने का सामर्थ्य रखता हो ।
वह विद्यारूपी समुद्र का मंथन करके ऐसे मोती प्राप्त कर सकता है जो आज तक अनबिद्घ रहे हों।

प्रश्न:

  1. किसी भी देश की संपत्ति कौन होते हैं?
  2. विद्यार्थी क्या करना जानता है?
  3. विद्यार्थी किसके लिए कुछ क्षमता प्राप्त कर सकता है?
  4. विद्यार्थी किस प्रकार के मोती प्राप्त कर सकता है?
  5. आप इस गढ्यांश को कौन-सा शीर्षक देना उचित समझेंगे?

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वृत्तांत लेखन:

अपनी पाठशाला में मनाए गए ‘वाचन प्रेरणा दिवस/हिंदी दिवस/विज्ञान दिवस/राजभाषा दिवस/ शिक्षक दिवस/ वसुंधरा दिवस/ क्रीड़ा दिवस आदि का वृत्तांत रोचक भाषा में लिखिए । (लगभग 60 से 70 शब्दों में)।

प्रसंग वर्णन:

निम्नलिखित जानकारी पढ़कर उससे संबंधित प्रसंग लगभग 60 से 70 शब्दों में लिखिए।

1. कूड़ेदान से कूड़ा-कचरा आसपास फैला हुआ है, उसी में कुछ आवारा कुत्ते तथा अन्य जानबर घूम रहे हैं साथ ही कुछ ___ गाए प्लास्टिक की थैलियों को चबा-चबा कर खा रही हैं।…

विज्ञापन:

निम्न विषयों पर विज्ञापन तैयार किए जा सकते हैं।

1. वस्तुओं की उपलब्धि: नवनिर्मित (किसी भी वस्तु संबंधी)
जैसे- किताबें, कपड़े, घरेलू आवश्यक वस्तुएँ, उपकरण, फर्नीचर, स्टेशनरी, शालोपयोगी वस्तुएँ तथा उपकरण आदि ….
2. शैक्षिक: शिक्षा में संबंधित योगासन तथा स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छ, सुंदर शुद्ध लिखावट, चित्रकला, इंटरनेट तथा विविध ऐप्स आदि कलाओं से संबंधित अभ्यास वर्ग, व्यक्तित्व विकास शिविर आदि –
3. आवश्यकता: वाहक-चालक, सेवक, चपरासी, द्वारपाल, सुरक्षा रक्षक, व्यवस्थापक, लिपिक, अध्यापक, संगणक अभियंता, आदि ……
4. व्यापार विषयक: दूकान, विविध वाहन, उपकरण, मकान, मशीन, गोदाम, टी. बी., संगणक, भूखंड, रेफ्रीजरेटर आदि
5. मनोरंजन तथा ज्ञानवर्धन: व्याख्यानमाला, परिसंवाद, नाटक वार्षिकोत्सव, विविध विशेष दिनों के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम समारोह आदि……
6. पर्यटन संबंधी: यात्रा विषयक, आरक्षण आदि
7. वैयक्तिक :- श्रद्धांजली, शोकसंदेश, जयंती, पुण्यतिथि, गृहप्रवेश, बधाई आदि

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निबंध लेखन:

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Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान Additional Important Questions and Answers

(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 9

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें।
2. स्वतंत्रता का दीपक शक्ति व भक्ति से परिपूर्ण नहीं हैं।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

कृति (3) भावार्थ (1) निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए।

प्रश्न 1.
घोर अंधकार हो …………….. ला रहा विहान है।
भावार्थ:
किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता। स्वतंत्रता की कीमत हमेशा अधिक होती है। इसीलिए कवि नेपाली कहते हैं, “भले ही चारों ओर घोर अंधकार छाया हुआ हो या फिर हवा तेजी से बह रही हो, फिर भी प्रत्येक भारतीय के हृदय द्वार पर जलता हुआ यह स्वतंत्रता का दीया बुझना नहीं चाहिए। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें। स्वतंत्रता का यह दीपक रात का दीया है यानी अंधकारूपी परतंत्रता से इस दीपक ने सभी के जीवन में स्वतंत्रता रूपी विहान भर दिया है।”

(ख) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

1. एक शब्द में उत्तर लिखिए।

प्रश्न 1.
देश और समाज पर किसका वितान है?
उत्तर:
ज्योति का

प्रश्न 2.
तीर और कछार पर किसका दीया बुझना नहीं चाहिए?
उत्तरः
स्वतंत्रता का

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2. संजाल पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 11

कृति (2) आकलन कृति.

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 12

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 13

कृति (3) भावार्थ

1. निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए।

प्रश्न 1.
यह अतीत कल्पना …………….. ज्योति का वितान
भावार्थः
कवि नेपाली कहते हैं, स्वतंत्रता का दीपक हमारे लिए अतीत की कल्पना की भाँति है। यानी हमारे पुरखों ने इसे प्रज्वलित रखने के लिए अपने प्राण अर्पण कर दिए थे। इसीलिए हम इस दीए के समक्ष विनम्र प्रार्थना करते हैं। यह दिया हमारे लिए पवित्र भावना है। स्वतंत्रता के इस दीए को हमने अपनी अनंत साधना के बाद प्राप्त किया है। अतः जीवन में निर्माण होने वाली हर स्थिति यानी कि शांति में या अशांति में, युद्ध की स्थिति हो या संधि की या फिर देश में क्रांति हो, फिर भी तीर पर या नदी के किनारे पर हम इस दीए को बुझने नहीं देंगे। हमारे जीवन में यह स्वतंत्रता का दीपक ज्योति का वितान लेकर आया है।

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(ग) पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 15

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 16

कृति (3) भावार्थ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए।
तीन चार फूल ………………. पुण्य प्राण दान है।
भावार्थ:
कवि नेपाली कहते हैं, स्वतंत्रता के इस दीपक के प्रति हम भारतीयों में निष्ठा एवं श्रद्धा है। इस दीए के आस-पास तीन-चार फूल है। चारों ओर धूल भी है। बास और बबूल के पेड़ भी हैं। घास के दुपट्टे हैं। हवा की लहर उसे आकर स्पर्श भी करती है। फिर भी किसी शहीद की कब्र पर या किसी स्वतंत्रता सेनानी की समाधि पर हम इस दौए को बुझने नहीं देंगे। स्वतंत्रता का यह दीपक हमारे लिए किसी शहीद का पुण्य प्राण दान है। इसी से प्रेरणा लेकर हम भारतीय अपनी आजादी को बरकरार रखने का प्रयास करेंगे।

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(घ) पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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कृति (2) आकलन

प्रश्न 1.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ) (ब)
1. स्वतंत्र (क) बदलियाँ
2. चूम-चूम (ख) बिजलियाँ
3. झूम-झूम (ग) जीत हार
4. क्षुद्र (घ) भावन

उत्तरः

(अ) (ब)
1. स्वतंत्र (घ) भावन
2. चूम-चूम (ख) बिजलियाँ
3. झूम-झूम (क) बदलियाँ
4. क्षुद्र (ग) जीत हार

कृति (3) भावार्थ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए ।
झूम-झूम बदलियाँ ………………. स्वतंत्र गान है।
भावार्थ:
कवि नेपाली कहते हैं, आसमान में तूफानी बादल मँडरा रहे हों; बिजलियाँ कड़क रही हों; आँधी निर्माण हो गई हो और उसने हलचलें मचाना शुरू कर दिया हो। भले ही देश के अंतर्गत दंगे फसाद हो रहे हों; व्यथा, वेदना एवं यातना का साम्राज्य निर्माण हुआ हो; फिर भी किसी की भी क्षुद्र जीत-हार पर यह दीया बुझना नहीं चाहिए। आखिर यह दिया हमारे लिए स्वतंत्र भावना का स्वतंत्र गान है। यह हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह हमारी अस्मिता की पहचान है।

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पद्य-विश्लेषण:

कविता का नाम – स्वतंत्रता गान
कविता की विधा – प्रेरणा गीत
पसंदीदा पंक्ति – कब्र पर, मजार पर, यह दीया बुझे नहीं, यह किसी शहीद का पुण्य प्राण दान है।
पसंदीदा होने का कारण – उपर्युक्त पंक्ति मुझे बेहद पसंद है क्योंकि उसमें शहीदों की कब्र या मजार पर स्वतंत्रता के दीपक को ना बुझने देने की बात कही गई है। कविता से प्राप्त संदेश या प्रेरणा – प्रस्तुत कविता से प्रेरणा मिलती हैं कि भारतीयों को स्वतंत्रता के दीपक को सदैव प्रज्वलित रखना चाहिए। स्वतंत्रता के दीपक से व्यक्ति को सीख लेनी चाहिए कि उसे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी देश की रक्षा करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। व्यक्ति के पास देशभक्ति की भावना होनी चाहिए। त्याग व बलिदान आदि गुणों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

स्‍वतंत्रता गान Summary in Hindi

कवि-परिचय:

जीवन-परिचय: उत्तर छायावाद के जिन कवियों ने कविता और गीत को जनता का कंठहार बनाया था, गोपाल सिंह नेपाली उनमें अहम थे। गोपाल जी प्रकृति प्रेमी कवि हैं। इनकी कविताएँ देश प्रेम, प्रकृति प्रेम एवं मानवीय भावनाओं का वर्णन करने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं। ये प्रबुद्ध पत्रकार भी थे। इन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए भी गीत लिखे हैं।

प्रमुख कृतियाँ: काव्य संग्रह – ‘उमंग’, ‘पंछी’, ‘रागिनी’, ‘नीलिमा’, ‘पंचमी’, ‘रिमझिम’ आदि; पत्रिकाएँ – रतलाम टाइम्स’, ‘चित्रपट’,
‘सुधा एवं योगी’।

पद्य-परिचय:

प्रेरणा गीत: जिन गीतों को सुनकर व्यक्ति को कार्य करने की प्रेरणा मिलती है ऐसे गीतों को प्रेरणा गीत कहते हैं। प्रेरणा गीत व्यक्ति
के दिल में सकारात्मक बीज बोने की बात करते हैं। प्रेरणा गीत व्यक्ति को अपने दिल की बात सुनकर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

प्रस्तावना: प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि ने प्रेरणा दी है कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वतंत्रता के दीपक को हर परिस्थिति में प्रज्वलित रखने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।

सारांश:

प्रस्तुत कविता एक प्रेरणा गीत है। इस गीत के माध्यम से कवि ने भारतीयों को राष्ट्रप्रेम, देशाभिमान, त्याग व बलिदान की भावना को बरकरार रखने के लिए प्रेरित किया है। इसीलिए कवि ने स्वतंत्रता के दीपक सदैव प्रज्वलित रखने के लिए कहा है। स्वतंत्रता का दीपक हमारी अस्मिता एवं आजादी का प्रतीक है। इस दीपक के प्रति प्रत्येक भारतीय के मन में सम्मान एवं निष्ठा की भावना होनी चाहिए। इस दीपक से प्रेरणा लेकर भारतवासी अपने देश की रक्षा हेतु अग्रसर हो जाए। ऐसा कवि ने संदेश दिया है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान

भावार्थ:

1. घोर अंधकार हो —————— प्राण के समान है।

किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता। स्वतंत्रता की कीमत हमेशा अधिक होती है। इसीलिए कवि नेपाली कहते हैं, भले ही चारों ओर घोर अंधकार छाया हुआ हो या फिर हवा तेजी से बह रही हो, फिर भी प्रत्येक भारतीय के हृदय द्वार पर जलता हुआ यह स्वतंत्रता का दीया बुझना नहीं चाहिए। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें। स्वतंत्रता का यह दीप रात का दीया है यानी अंधकाररूपी परतंत्रता से इस दीपक ने सभी के जीवन में स्वतंत्रता रूपी विहान भर दिया है।

स्वतंत्रता का यह दीपक शक्ति से परिपूर्ण है। स्वयं शक्ति ने ही इसे हमें प्रदान किया हुआ है। अत: इस दीए को हम शक्ति को ही अर्पित करेंगे। इस दीए के प्रति हम सब भारतीयों की भक्ति समाहित हुई है। मानो भक्ति ने ही हमें इसे प्रदान किया हो। इस प्रकार स्वतंत्रता के इस दीए में शक्ति व भक्ति दोनों का समन्वय है। भले ही नाव पानी में तेजी से चल रही हो और पानी का बहाव भी वेगवान हो, फिर भी गंगा नदी के जल में इस दीए को हम बुझने नहीं देंगे क्योंकि यह हमारे स्वदेश का दीया है जो हमें अपने प्राणों के समान प्रिय है।

2. यह अतीत कल्पना ——————- ज्योति का वितान है।

कवि नेपाली कहते है, स्वतंत्रता का दीपक हमारे लिए अतीत की कल्पना की भाँति है। यानी हमारे पुरखों ने इसे प्रज्वलित रखने के लिए अपने प्राण अर्पण कर दिए थे। इसीलिए हम इस दीए के समक्ष विनम्र प्रार्थना करते हैं। यह दिया हमारे लिए पवित्र भावना है। स्वतंत्रता के इस दीए को हमने अपनी अनंत साधना के बाद प्राप्त किया है। अत: जीवन में निर्माण होने वाली हर स्थिति यानी कि शांति में या अशांति में, युद्ध की स्थिति हो या संधि की या फिर देश में क्रांति हो, फिर भी तीर पर या नदी के किनारे पर हम इस दीए को बुझने नहीं देंगे। हमारे जीवन में यह स्वतंत्रता का दीपक ज्योति का वितान लेकर आया है।

3. तीन चार फूल हैं ——————— पुण्य प्राण दान है।

कवि नेपाली कहते हैं, स्वतंत्रता के इस दीपक के प्रति हम भारतीयों में निष्ठा एवं श्रद्धा है। इस दीए के आस-पास तीन-चार फूल हैं। चारों ओर धूल भी है। बास और बबूल के पेड़ भी हैं। घास के दुपट्टे हैं। हवा की लहर उसे आकर स्पर्श भी करती है। फिर भी किसी शहीद की कब्र पर या किसी स्वतंत्रता सेनानी की समाधि पर हम इस दीए को बुझने नहीं देंगे। स्वतंत्रता का यह दीपक हमारे लिए किसी शहीद का पुण्य प्राण दान है। इससे प्रेरणा लेकर हम भारतीय अपनी आजादी को बरकरार रखने का प्रयास करेंगे।

4. झूम-झूम बदलियाँ ———————– स्वतंत्र गान है।

कवि नेपाली कहते हैं, आसमान में तूफानी बादल मँडरा रहे हों। बिजलियाँ कड़क रही हों। आँधी निर्माण हो गई हो और उसने हलचलें मचाना शुरू कर दिया हो। भले ही देश के अंतर्गत दंगे फसाद हो रहे हों व्यथा, वेदना एवं यातना का साम्राज्य निर्माण हुआ हो। फिर भी किसी की क्षुद्र जीत-हार पर यह दीया बुझना नहीं चाहिए। आखिर यह दिया हमारे लिए स्वतंत्र भावना का स्वतंत्र गान है। यह हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह हमारी अस्मिता की पहचान है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान

शब्दार्थ:

  1. बयार – हवा
  2. निशीथ – निशा, रात
  3. विहान – सवेरा
  4. कछार – किनारा
  5. वितान – आकाश, गगन
  6. दुकुल – दुपट्टा
  7. हिलोर – लहर

Hindi Lokbharti 9th Std Digest दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 3 Kabir Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 3 Kabir Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 3 कबीर Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 3 कबीर (पूरक पठन) Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 3 कबीर Textbook Questions and Answers

पठनीय :

सूचना के अनुसार कृतीयँ :

1. संजाल :

प्रश्न  1.
संजाल :
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 1

उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 2

2. परिच्छेद पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।

प्रश्न 1.
परिच्छेद पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।
उत्तर:
कबीर जी के उपदेशों और उनके व्यक्तित्व से सभी को प्रेरणा मिलती है। हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मोह-माया को बीच में नहीं आने देना चाहिए क्योंकि यह हमारे मार्ग में बाधक बन सकती है। संसार की टिप्पणियों की परवाह न करके अपना कर्म करते रहना चाहिए। स्वयं पर विश्वास होना चाहिए। गुरु के द्वारा दिए गए ज्ञान और अपनी साधना को संदेह की नज़रों से नहीं देखना चाहिए। यदि मनुष्य में आत्मविश्वास है तो वह किसी भी विकट संग्राम स्थली तक पहुंच कर विजयी हो सकता है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

लेखनीय :

‘कबीर संत ही नहीं समाज सुधारक भी थे’, इस पर अपने विचार लिखिए ।

प्रश्न 1.
‘कबीर संत ही नहीं समाज सुधारक भी थे’, इस पर अपने विचार लिखिए ।
उत्तर:
कबीरदास जी एक संत होने के साथ-साथ एक समाज सुधारक के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने ऐसी बहुत-सी बातें कही हैं जिनका सही उपयोग किया जाए तो समाज सुधार में सहायता मिल सकती है। वे स्पष्टवादी व निर्भीक थे, कबीर जी को संस्कारों की विचारहीन गुलामी पसंद नहीं थी, वे विचारहीन संस्कारों से मुक्त मनुष्यता को ही प्रेमभक्ति का पात्र मानते थे। उन्होंने भेदभाव को भुलाकर हमेशा भाईचारे के साथ रहने की सीख दी है। सामाजिक विषमता को दूर करना ही उनकी पहली प्राथमिकता थी। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है।

संभाषणीय :

दोहों की प्रतियोगिता के संदर्भ में आपस में चर्चा संभाषणीय कीजिए।

प्रश्न 1.
दोहों की प्रतियोगिता के संदर्भ में आपस में चर्चा संभाषणीय कीजिए।
उत्तर:

  • अतुल – नमस्कार! नकुल, आप कैसे हो?
  • नकुल – नमस्कार! मैं ठीक हूँ, आप कैसे हो? आजकल क्या चल रहा है?
  • अतुल – मैं भी ठीक हूँ। आजकल मैं दोहे की प्रतियोगिता की तैयारी में लगा हूँ।
  • नकुल – अरे वाह! यह तो अच्छी बात है, परंतु तुम्हारी प्रतियोगिता कब है?
  • अतुल – बुधवार को है। हमारे विद्यालय में इस बार दोहों की प्रतियोगिता करवाई जा रही है, जो भी यह प्रतियोगिता जीतेगा उसे एक कंप्यूटर पुरस्कार के रूप में दिया जाएगा।
  • नकुल – बहुत अच्छी बात है। मेरी शुभकामना तुम्हारे साथ है।
  • अतुल – धन्यवाद मित्र!

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

मौलिक सृजन :

प्रश्न 1.
‘सतों के वचन समाज परिवर्तन में सहायक होते हैं। इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
सभ्यता के प्रभातकाल से ही मानवीय, संवेदनात्मक प्रेमिल सहिष्णु, त्याग, क्षमा, दया, तथा सद्व्यवहार को महत्व देने वाले संतों का आर्विभाव इस भारत भूमि पर हुआ है। इनमें मुख्य थे कबीर, तुकाराम, गुरूनानक, रैदास इत्यादि। इन्होंने अपने वचनों द्वारा समाज को हमेशा परिवर्तित करने का प्रयास किया। इनमें सबसे पहला नाम आता है संत कबीर का। कबीर ने इस समय समाज में फैले अंधविश्वास और रूढ़ीवादी परंपरा पर गहरा आघात किया।

यही इस बात का साक्षी है कि समय-समय पर इस धरती पर महान संतों ने जन्म लिया और अपने विचारों तथा उपदेशों के जरिए समाज में परिवर्तन लाने का प्रयास किया। इन संतों ने लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि अंधविश्वासों तथा कुरीतियों से जकड़ा समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता है। इसके लिए समाज में खुलापन होना तथा लोगों का समझदार होना आवश्यक है। इस प्रकार संतों के वचन समाज परिवर्तन में अवश्य सहायक होते हैं।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

आसपास :

मन की एकाग्रता बढ़ाने की कार्य पद्धति की जानकारी अंतरजाल/यू ट्यूब से प्राप्त कीजिए।

प्रश्न 1.
मन की एकाग्रता बढ़ाने की कार्य पद्धति की जानकारी अंतरजाल/यू ट्यूब से प्राप्त कीजिए।

पाठ के आँगन में :

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए  :

संजाल :

प्रश्न 1.
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए  :

संजाल :

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 3

उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 4

2. सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए : 

प्रश्न क.
कबीर के मतानुसार प्रेम किसी, …….
1. खेत में नहीं उपजता।
2. गमले में नहीं उपजता।
3. बाग में नहीं उपजता।
उत्तर:
1. खेत में नहीं उपजता।

प्रश्न ख.
कबीर जिज्ञासु थे, …..
1. मिथ्या के।
2. सत्य के।
3. कथ्य के।
उत्तर:
2. सत्य के।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

पाठ से आगे :

कबीर जी की रचनाएँ यू टूयूब पर सुनिए ।

प्रश्न 1.
कबीर जी की रचनाएँ यू टूयूब पर सुनिए ।

भाषा बिंदु :

रेखांकित शब्दों से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए।

प्रश्न 1.
रेखांकित शब्दों से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 5.1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 6

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 3 कबीर Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
उचित पर्याय चुनकर वाक्य फिर से लिखिए।

i. कबीरदास की वाणी वह लता है, जो ………..
(क) सदैव हरी-भरी रहती है।
(ख) जीवन में रस भर देती है।
(ग) योग के क्षेत्र में भक्ति का बीज पड़ने से अंकुरित हुई थी।
उत्तर:
कबीरदास की वाणी वह लता है जो योग के क्षेत्र में भक्ति का बीज पड़ने से अंकुरित हुई थी।

ii. उत्तर के हठयोगियों के लिए समाज की ऊँच-नीच भावना, मजाक और …………….
(क) आक्रमण का विषय था।
(ख) मुक्ति का मार्ग था।
(ग) कठोर मार्ग था।
उत्तर:
उत्तर के हठयोगियों के लिए समाज की ऊँच-नीच भावना, मजाक और आक्रमण का विषय था।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

प्रश्न 2.
चौखट पूर्ण कीजिए
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 7

प्रश्न 3.
सत्य या असत्य पहचानिए।

  1. कबीर की वाणी का अनुकरण हो सकता है।
  2. तुलसीदास और कबीर के व्यक्तित्व में अंतर नहीं था।
  3. सर्वजयी व्यक्तित्व ने कबीर की वाणी में अनन्यसाधारण जीवन रस भर दिया है।
  4. एक टूट जाता था पर झुकता भी था।

उत्तर:

  1. असत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

प्रश्न 4.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 8

प्रश्न 5.
निम्नलिखित विधानों को पाठ में आए घटनाक्रम के अनुसार लिखिए।

  1. मुक्ति के मार्ग में अग्रसर होनेवालों को आराम कहाँ ?
  2. कबीर की वाणी का अनुकरण नहीं हो सकता।
  3. उसी ने कबीर की वाणी में अनन्य साधारण जीवनरस भर दिया है।
  4. करम की रेख पर मेख न मार सका तो संत कैसा?

उत्तर:

  1. उसी ने कबीर की वाणी में अनन्य साधारण जीवनरस भर दिया है।
  2. कबीर की वाणी का अनुकरण नहीं हो सकता।
  3. मुक्ति के मार्ग में अग्रसर होनेवालों को आराम कहाँ?
  4. करम की रेख पर मेख न मार सका तो संत कैसा?

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 9

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 10
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 11

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
कबीर दास जी फक्कड़ स्वभाव के थे, इस पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर:
कबीर दास जी फक्कड़ स्वभाव के थे। अच्छा हो या बुरा, सत्य हो या असत्य, जिससे एक बार चिपट गए उससे जिंदगी भर चिपटे रहो, यह सिद्धांत उन्हें मान्य नहीं था। वे सत्य के जिज्ञासु थे। कबीर को शांतिमय और सादा जीवन पसंद था और वे अहिंसा, सत्य, सदाचार आदि गुणों के प्रशंसक थे। अपनी सरलता, साधु स्वभाव तथा संत प्रवृत्ति के कारण आज अपने देश में ही नहीं विदेशों में भी उन्हें सम्मान पूर्वक याद किया जाता है। कबीर आनंदमय लोक की बातें करते थे, जो साधारण मनुष्यों की पहुंच के बहुत ऊपर है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

(ग) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 12

प्रश्न 2.
उचित पर्याय चुनकर लिखिए।

i. केवल शारीरिक और मानसिक कवायद से दिखने वाली ज्योति ………….. है।
(क) गगन ज्योति की चमक।
(ख) जड़ चित्त की कल्पना-मात्र।
(ग) आत्मा की शांति।
उत्तर:
(ख) जड़ चित्त की कल्पना-मात्र।

ii. कबीर की यह घर-फूंक मस्ती, फक्कड़ना लापरवाही और निर्मम अक्खड़ता परिणाम थी –
(क) उनके धैर्य का।
(ख) उनके क्रोध का।
(ग) उनके अखंड आत्मविश्वास का।
उत्तर:
(ग) उनके अखंड आत्मविश्वास का।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

प्रश्न 3.
सत्य/असत्य पहचानकर लिखिए।

  1. ये फक्कड़राम किसी के धोखे में आने वाले न थे।
  2. उन्हें यह परवाह थी कि लोग उनकी असफलता पर क्या-क्या टिप्पणी करेंगे।
  3. जो वस्तु केवल शारीरिक व्यायाम और मानसिक शम-दमादि का साध्य है वह चरम सत्य नहीं हो सकती।
  4. केवल क्रिया बाह्य है, ज्ञान चाहिए। बिना ज्ञान के योग व्यर्थ है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. सत्य

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

प्रश्न 4.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 13

प्रश्न 5.
चौखट पूर्ण कीजिए ।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 14

(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 15

प्रश्न 2.
सत्य असत्य पहचानकर लिखिए।
i. प्रेम पाने के लिए राजा हो या प्रजा उसे सिर्फ एक शर्त माननी होगी, वह शर्त है सिर उतारकर धरती पर रख दें।
ii. विश्वास जिसमें संकोच है, द्विधा है, बाधा है।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

प्रश्न 3.
सही विकल्प चुनकर लिखिए।
i. विश्वास ही इस प्रेम की,
(क) नींव है।
(ख) कुंजी है।
(ग) भक्ति है।
उत्तर:
(ख) कुंजी है।

प्रश्न 4.
समझकर लिखिए।
i. वे कायर है
उत्तरः
(क) जिसमें साहस नहीं।
(ख) जिसे अखंड प्रेम के ऊपर विश्वास नहीं।

ii. प्रेमरूपी मदिरा की विशेषता
उत्तरः
वह ज्ञान के गुण से तैयार की गई थी।

कबीर Summary in Hindi

लेखक-परिचय :

जीवन-परिचय : आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के दूबे-का-छपरा नामक ग्राम में हुआ था। द्विवेदी जी हिंदी के शीर्षस्थ साहित्यकारों में से एक हैं। उनका स्वभाव बड़ा सरल और उदार था। वे उच्चकोटि के निबंधकार, उपन्यासकार, आलोचक, चिंतक एवं शोधकर्ता थे।
प्रमुख कृतियाँ : निबंध – ‘अशोक के फूल’, ‘कल्पलता’, ‘विचार प्रवाह’ आदि।
उपन्यास – ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’, ‘चारुचंद्र लेख’, ‘पुनर्नवा’।
आलोचना और साहित्य इतिहास – मेघदूत एक पुरानी कहानी, सूर साहित्य आदि।

गद्य-परिचय :

आलोचना किसी विषय वस्तु के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उसके गुण-दोष एवं उपयुक्तता का विवेचन करने वाली विधा आलोचना है। प्रस्तावना । प्रस्तुत पाठ ‘कबीर’ के माध्यम से द्विवेदी जी ने संत कबीर के व्यक्तित्व, उनके उपदेश, उनकी साधना, उनके स्वभाव के विभिन्न गुणों को बड़े ही रोचक ढंग से स्पष्ट किया है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

सारांश :

प्रस्तुत पूरक पठन में द्विवेदी जी ने कबीर के व्यक्तित्व, दार्शनिक विचार और उनकी साधना को दर्शाया है। हिंदी साहित्य के इतिहास में कबीर जैसा व्यक्तित्व लेकर कोई लेखक उत्पन्न नहीं हुआ। उन्होंने कबीर का प्रतिद्वंद्वी तुलसीदास को बताया है परंतु तुलसीदास व कबीर के व्यक्तित्व में बहुत अंतर था। यद्यपि दोनों ही भक्त थे परंतु दोनों स्वभाव, संस्कार और दृष्टिकोण में भिन्न थे।

मस्ती, फक्कड़ाना स्वभाव और सब कुछ झाड़-फटकारकर चल देने वाले तेज ने कबीर को हिंदी साहित्य का अद्वितीय व्यक्ति बना दिया था। कबीर की वाणी का अनुकरण नहीं हो सकता। उनकी वाणी वह लता है जो योग के क्षेत्र में भक्ति का बीज पड़ने से अंकुरित हुई थी। कबीर जी सर्वजगत के पाप को अपने ऊपर ले लेने की इच्छा से विचलित नहीं होते थे बल्कि और भी कठोर व शुष्क होकर ध्यान वैराग्य का उपदेश देते थे। अक्खड़ता कबीर का गुण नहीं है। जब वे योगी को संबोधन करते हैं तभी उनकी अक्खड़ता पूरे चढ़ाव पर होती है।

वे फक्कड़ स्वभाव के थे। अच्छा हो या बुरा, खरा हो या खोटा, जिससे एक बार चिपट गए उससे जिदंगी भर चिपटे रहो’ यह सिद्धांत उन्हें मान्य नहीं था। वे सत्य के जिज्ञासु थे और कोई माया-ममता उन्हें अपने मार्ग से विचलित नहीं कर सकती थी वे बिल्कुल मस्त-मौला थे। वे प्रेम के मतवाले थे परंतु अपने को उन दीवानों में नहीं गिनते थे जो अपनी प्रेमिका के लिए सिर पर कफ़न बाँधे फिरते हैं। उन्हें संसार की अच्छी-बुरी टिप्पणियों की परवाह नहीं थी। योग के संबंध में कबीर कहते हैं कि केवल शारीरिक और मानसिक कार्यों की नियमावली से दीखने वाली ज्योति जड़ चित्त की कल्पना मात्र है। केवल क्रिया बाह्य है, ज्ञान चाहिए।

बिना ज्ञान के योग व्यर्थ है। द्विवेदी जी ने कहा है कि कबीर के लिए साधना एक विकट संग्राम स्थली थी, जहाँ कोई विरला शूरवीर ही टिक सकता है। कबीर के मतानुसार प्रेम किसी खेत में नहीं उगता, किसी बाज़ार में नहीं बिकता, फिर जो कोई भी, इसे चाहेगा, पा लेगा। वह राजा हो या प्रजा, उसे सिर्फ एक शर्त माननी होगी, वह शर्त है सिर उतारकर धरती पर रख ले। जिसमें साहस व विश्वास नहीं, वह प्रेम की गली में नहीं जा सकता।

विश्वास ही प्रेम की कुंजी है जिसमें संकोच नहीं, दुविधा नहीं और कोई बाधा नहीं। कबीर युगावतारी शक्ति और विश्वास लेकर पैदा हुए थे और युगप्रवर्तक की दृढ़ता उनमें विद्यमान थी इसलिए वे युग प्रवर्तन कर सकें। द्विवेदी जी ने कबीर जी के व्यक्तित्व के लिए एक वाक्य में कहा है कि, “कबीर सिर से पैर तक मस्त-मौला थे, बेपरवाह, दृढ़, उग्र, फूल से भी कोमल और बज्र से भी कठोर थे।”

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

शब्दार्थ :

  1. व्यक्तित्व – विशेष चरित्र
  2. महिमा – महानता, गौरव
  3. प्रतिद्वंद्वी – प्रतिस्पर्धी, प्रतियोगी
  4. दृष्टिकोण नज़रिया, विचार
  5. फक्कड़ – मस्त
  6. फक्कड़ाना – मौजी
  7. झाड़-फटकारकर – छोड़-छाड़कर
  8. अद्वितीय – बेजोड़, अद्भुत
  9. सर्वजयी – सबको जीत लेने वाला
  10. अनन्य साधारण – असाधारण
  11. अनुकरण – नकल
  12. चेष्टाएँ – कोशिश
  13. हठयोग – योग का एक प्रकार
  14. हठयोगी – हठयुक्त साधना करने वाले
  15. स्फूर्ति – उत्साह
  16. वांछा – इच्छा, चाह
  17. विरत – विमुख, वैरागी
  18. सुरत – कार्य सिद्धी का मार्ग, ध्यान
  19. मेख – छूटी, कौल, काँटा
  20. अक्खड़ता – हठी स्वभाव, निडरता
  21. अवधूत – संन्यासी
  22. कातर – व्याकुल, परेशान, दुखी
  23. द्वैत – जीव
  24. अद्वैत – ब्रह्म
  25. सत्व – अस्तित्व
  26. अच्छर हूँ – ईश्वर
  27. विनासिने – नष्ट होना
  28. क्रांतदर्शी – सर्वज्ञ, सब कुछ जानने वाला, दूरदर्शी
  29. कुसुमादपि – फूल की तरह
  30. वज्रादपि – वज़ की तरह
  31. फटकार – ਫੁੱਟ
  32. शुष्क – निर्मोही
  33. माँही – में
  34. भेष-भगवंत – ईश्वर
  35. पाही – पास
  36. चढ़ाव – वृद्धि, वेग
  37. विकट – जटिल, कठिन
  38. अवतरण – प्रस्तुत
  39. सुन्न – ब्रह्म
  40. सहज – सरल
  41. मुराड़ा – जलती हुई लकड़ी
  42. जिज्ञासु – जानने की इच्छा रखनेवाला
  43. माशूक – प्रिय
  44. शम – शांति, क्षमा
  45. तहकीक – जाँच

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

मुहावरे

  1. दाल न गलना – सफल न होना।
  2. सिर पर कफन बाँधना – बलिदान के लिए तैयार होना।

Hindi Lokbharti 9th Digest Answers Pdf पहली इकाई

Class 9 Hindi Chapter 5 Atit Ke Patra Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 5 Atit Ke Patra Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 5 अतीत के पत्र Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 5 अतीत के पत्र Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 5 अतीत के पत्र Textbook Questions and Answers

पठनीय :

प्रश्न 1.
गांधीजी द्वारा लिखित ‘मेरे सत्य के प्रयोग’ (आत्मकथा)पुस्तक का कोई अंश पढ़िए।

संभाषणीय :

प्रश्न 1.
किसी महान विभूति के जीवन संबंधी कोई प्रेरक प्रसंग बताइए।
उत्तर:
(अध्यापक निर्देश : अध्यापक कक्षा में छात्रों को किसी महान विभूति के जीवन संबंधी प्रेरक प्रसंग बताने के लिए छात्रों को प्रेरित करते हैं।)
एक छात्र: मैं बाल गंगाधर तिलक के जीवन से संबंधित एक प्रेरक प्रसंग बताना चाहता हूँ।

अध्यापक: जरूर बताओ। हम सभी सुनने के लिए आतुर हैं।

छात्र: सभी जानते हैं कि बाल गंगाधर तिलक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता थे। बात उन दिनों की है जब वे स्कूल जाया करते थे। एक दिन की बात है। मध्याह्न खत्म होने के बाद बाल गंगाधर तिलक के शिक्षक कक्षा में आए। उन्होंने कक्षा में देखा कि सर्वत्र मँगफलियों के छिलके फैले हुए हैं। वे विद्यार्थियों पर नाराज हो गए। उनके पूछने पर भी किसी ने भी किसी का नाम नहीं बताया। पश्चात उनका क्रोध बढ़ गया।

उन्होंने सभी विद्यार्थियों को खड़ा कर दिया और सभी को हाथ पर बेत की लकड़ी से मारना शुरू कर दिया। जैसे ही वे बाल के पास आए तब उन्होंने बाल से हाथ आगे करने के लिए कहा। लेकिन बाल ने हाथ आगे नहीं किया। उसने बड़े स्वाभिमान से कहा कि उसने मूंगफलियाँ नहीं खाई हैं। इसलिए वह मार भी नहीं खाएगा। ऐसा कहकर वे कक्षा के बाहर चले गए। ऐसे थे बाल गंगाधर तिलक। अन्याय सहन करना उनके स्वभाव में नहीं था।

अध्यापक: बहुत बढ़िया। बच्चों स्वाभिमान का होना बहुत बड़ी बात है। हमें अपने स्वाभिमान की रक्षा करनी चाहिए।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

लेखनीय :

प्रश्न 1.
गांधी जयंती के अवसर पर एक आकर्षक कार्यक्रम पत्रिका तैयार कीजिए।
उत्तर:
सर्वोदय विद्यालय द्वारा आयोजित

गांधी जयंती

तिथि: 2 अक्टूबर 2017
कार्यक्रम स्थल: सर्वोदय विद्यालय सभागार

कार्यक्रम – सूची

प्रात: 8.00 बजे प्रार्थना
प्रात : 8.30 बजे भाषण : गांधी और आज का भारत
प्रात : 9.00 बजे संगीत गीत गांधी जी के प्रिय भजन
प्रात: 10.00 बजे सूतकताई
प्रात : 11.00 बजे प्रदर्शनी : खादी के वस्त्र एवं स्वदेशी वस्तुएँ
दोपहर: 12.00 बजे स्कूल के छात्रों द्वारा गांधी जी के निकाले गए चित्रों की प्रदर्शनी
दोपहर 12.30 बजे राष्ट्रगान

आशा है कि आप सभी सपरिवार एवं मित्र जनों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

आपका विश्वासी,
रामरतन कुमार
(कार्यक्रम प्रमुख)

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

मौलिक सृजन :

प्रश्न 1.
‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार सृजन लिखिए।
उत्तर:
जिस देश में मानवीय गुणों का भंडार है, जिस देश में संस्कृति की पूजा की जाती है; वह है भारत। ऐसे भारत में जन्म लेना किसी भाग्यवान के ही नसीब में होता है। मैं भारतीय हूँ। भारत देश की सेवा एवं उसकी हिफाजत करना मेरा परम कर्तव्य है। साथ ही भारत को प्रगति की ओर ले जाना भी मेरा कर्तव्य है। मैं बड़ा होकर भारत की सेवा करूँगा एवं उसकी प्रगति के लिए भगीरथ प्रयास भी करूंगा। मैंने भारत की प्रगति का सपना देखा है। ऐसे भारत का जिसमें सिर्फ मानवता, दया, प्रेम, शांति, करुणा, वीरता, देशप्रेम ऐसे मानवीय गुणों का खजाना हो। सचमुच मेरे सपनों का भारत आदर्शबादी होगा।

वह सत्य व अहिंसा का पूर्णतः पालन करेगा। मेरे सपनों के देश में सभी ईमानदार होंगे। सर्वत्र शिक्षा का बोलबाला होगा। सभी को समान न्याय एवं अधिकार प्राप्त होगा। मेरे सपनों के भारत में सभी शिक्षा प्राप्त कर भारत के विकास के लिए जुटेंगे। कोई भी अधिक धन पाने हेतु विलायत नहीं जाएगा। मेरे सपनों के भारत में सभी खुशहाल एवं संपन्न होंगे। किसी पर कोई भी अन्याय नहीं करेगा। स्त्रियों को पुरूषों के समान अधिकार मिलेगा। बाल शोषण, स्त्री अत्याचार आदि सभी समस्याएँ नहीं होगी।

मेरे सपनों के भारत में न्याय, समता व बंधुत्व की भावना प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क पर विराजमान होगी। मेरे सपनों का भारत आर्थिक विकास में स्वयंपूर्ण होगा। सभी को रोजगार मिलेगा। मेरे सपनों का भारत भ्रष्टाचार मुक्त होगा। काले धन का नामोनिशान मिट जाएगा। मेरे सपनों के भारत में महंगाई नहीं होगी और आबादी पर नियंत्रण रखने के लिए लोगों की मानसिकता भी तैयार हो जाएगी।

सचमुच मेरे सपनों का भारत महात्मा गांधी जी के द्वारा बताए गए सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलकर विश्व में अपनी पहचान बनाएगा।

मैं हूँ यहाँ :

1 https://hi.wikipedia.org/wiki/ विनोबा भावे
2 https://hi.wikipedia.org/wiki/ महात्मा गांधी

आसपास :

प्रश्न 1.
हमारी ऐतिहासिक स्मृतियाँ जगाने वाले स्थलों की जानकारी प्राप्त कीजिए और उनपर टिप्पणी बनाइए। जैसे – आगाखान पैलेस, पुणे।

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पाठ के आँगन में :

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए :

प्रश्न क.
कार्य
स्वास्थ्य सुधार के लिए विनोबा जी द्वारा किए गए कार्य
उत्तरः
कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –
i. छह
ii. पचास
उत्तर:
i. विनोबा जी ने कितने विद्यार्थियों को अर्थसहित गीता सिखाई?
ii. आज तक विनोबा जी ने गीता पर कितने प्रवचन किए?

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 6

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 7

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी ने अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई।
ii. शुरू-शुरू से ही विनोबा जी का हिंदी पर अधिकार था।
उत्तर :
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 8

प्रश्न ख.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ) (ब)
1. विद्यार्थी मंडल (क) योजना
2. राष्ट्रीय शिक्षा (ख) व्रत
3. विनोबा जी का साध्य (ग) संस्था
4. ब्रह्मचर्य (ङ) आश्रम
(च) सत्याग्रह

उत्तरः

(अ) (ब)
1. विद्यार्थी मंडल (ग) संस्था
2. राष्ट्रीय शिक्षा (क) योजना
3. विनोबा जी का साध्य (ङ) आश्रम
4. ब्रह्मचर्य (ख) व्रत

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प्रश्न ग.
अर्थ लिखिए।
i. ‘अपरिग्रह’ शब्द से तात्पर्य है कि …………
ii. ‘रमता राम’ शब्द से तात्पर्य है कि ……….
उत्तर:
i. संग्रह न करना।
ii. एक स्थान पर न टिकने वाला व्यक्ति।

2. ‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। इस पर स्वमत लिखिए।

प्रश्न 1.
प्रत्यय पहचानिए।
i. पारिश्रमिक
ii. ज्ञानेश्वरी
उत्तरः
i. ‘इक’ प्रत्यय
ii. ‘ई’ प्रत्यय

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प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. व्रत
ii. दूध
उत्तर:
i. संकल्प
ii. क्षौर, दुग्ध

प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. पूर्ण दिवस काम करने के बाद पैसों के रूप में मिलने वाला मुआवजा –
ii. आध्यात्मिक विषय पर व्याख्यान –
उत्तर:
i. पारिश्रामिक
ii. प्रवचन

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त उपसर्गयुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः
प्रवचन, प्रवास, प्रयोग

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प्रश्न 5.
शब्दों के शुद्ध रूप लिखिए।
i. पहुंचूंगा
ii. नीम्बू
उत्तर:
i. पहुँचूँगा
ii. नींबू

भाषा बिंदु :

प्रश्न 1.
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित करके लिखिए।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 2.1

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 5 अतीत के पत्र Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पड़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 3

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त एक स्थान
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 4

प्रश्न 3.
सही विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. विनोबा जी आश्रम से बाहर गए थे क्योंकि
(क) उन्हें घूमने का शौक था।
(ख) वे नौकरी करते थे।
(ग) उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था।
उत्तरः
(ग) उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था।

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कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 5

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी ने स्वयं फ्रेंच भाषा का चयन किया था।
ii. हाईस्कूल में पढ़ते समय विनोबा जी को भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा था।
उत्तर:
i. असत्य
ii. सत्य

प्रश्न 3.
कारण लिखिए।
विनोबा जी ने खुद-ब-खुद संस्कृत का अभ्यास शुरू कर दिया था
उत्तरः
विनोबा जी को गीता से अत्यधिक प्रेम था इसलिए उन्होंने खुद ब-खुद संस्कृत का अभ्यास शुरू कर दिया था।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
i. घर
ii. पत्र
उत्तर:
i. ठिकाना, घराना, मकान, गृहस्थी
ii. शंख, पत्ता, चिट्ठी, पक्षी के पर

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प्रश्न 2.
लिंग बदलिए।
i. विद्वान
ii. पूज्य
उत्तर:
i. विदुषी
ii. पूज्य

प्रश्न 3.
विलोम शब्द लिखिए।
i. आज्ञा × ………..
ii. खास × ………..
उत्तर:
i. अवज्ञा
ii. साधारण

प्रश्न 4.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. जीवन भर
ii. ऋषियों के रहने का स्थान
उत्तर:
i. आजन्म
ii. आश्रम

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प्रश्न 5.
उपसर्ग पहचानिए।
i. उपनिषद
ii. अस्वास्थ्य
उत्तर:
i. ‘उप’ उपसर्ग
ii. ‘अ’ उपसर्ग

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘वेदांत, उपनिषद व गीता भारतीय संस्कृति के मूलाधार हैं।’ इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तरः
वेदांत, उपनिषद व गीता भारत के प्राचीन एवं धार्मिक ग्रंथ हैं। ये संस्कृत में लिखे गए हैं। ये हिंदू धर्म के सर्वोच्च व सर्वोपरि ग्रंथ हैं। इनमें सभी प्रकार का ज्ञान समाहित है। जिनमें ज्योतिष, गणित, विज्ञान, धर्म, औषधि, प्रकृति, खगोलशास्त्र आदि से संबंधित ज्ञान का भंडार भरा हुआ है। इनमें परमेश्वर, परमात्मा, ब्रह्म व आत्मा से संबंधित वर्णन है। ये ग्रंथ आध्यात्मिक चिंतन से परिपूर्ण हैं। दरअसल ये ग्रंथ हमारी संस्कृति की रीढ़ हैं। इनके बिना भारतीय संस्कृति की व्याख्या नहीं की जा सकती। इसलिए वेदांत, उपनिषद व गीता भारतीय संस्कृति के मूलाधार हैं।

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –
i. छह
ii. पचास
उत्तर:
i. विनोबा जी ने कितने विद्यार्थियों को अर्थसहित गीता सिखाई?
ii. आज तक विनोबा जी ने गीता पर कितने प्रवचन किए?

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प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 6

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 7

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी ने अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई।
ii. शुरू-शुरू से ही विनोबा जी का हिंदी पर अधिकार था।
उत्तर :
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 8

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः
सच ही कहा गया है कि स्वास्थ्य ही संपत्ति है। यदि शरीर स्वस्थ होगा, तो व्यक्ति का मन भी स्वस्थ रहेगा। तन और मन में गहरा संबंध होता है। आखिर स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। शरीर के स्वस्थ रहने से व्यक्ति को किसी भी प्रकार की बीमारी छूती नहीं है। जिस कारण उसे किसी भी प्रकार का कष्ट भी नहीं पहुंचता है। वह हमेशा प्रसन्न रहता है। इस कारण उसका मन भी प्रसन्न रहता है। ऐसे व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक क्रियाएँ संतुलित रहती हैं और वह अपने शारीरिक एवं मानसिक क्रियाओं को भी अपने वश में रखता है। स्वस्थ शरीर के माध्यम से ही मानसिक विचार एवं भावनाओं में संतुलन निर्माण किया जा सकता है।

(ग) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 9

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी ने अपने मित्रों के साथ बड़ौदा में मातृभाषा के प्रसार के लिए एक संस्था स्थापित की।
ii. विनोबा जी ने बंडी, कोट, टोपी वगैरह पहनने का व्रत लिया।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

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कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 10

प्रश्न 2.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
i. सत्य-अहिंसा-ब्रह्मचर्य
ii. धोती
उत्तर:
i. विनोबा जी ने किस व्रत का पालन किया?
ii. विनोबा जी शरीर पर क्या ओढ़ लेते थे?

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए।
i. महीना
ii. प्रयास
उत्तर:
i. मास
ii. प्रयत्न

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प्रश्न 2.
वचन बदलिए।

  1. कटोरी
  2. थाली
  3. कपड़ा
  4. पुस्तकें

उत्तर:

  1. कटोरियाँ
  2. थालियाँ
  3. कपड़े
  4. पुस्तक

प्रश्न 3.
गद्यांश से प्रयुक्त विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः
स्वदेशी × परदेशी

प्रश्न 4.
भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
i. वर्ग
उत्तरः
श्रेणी, अध्याय, जाति

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सत्य व अहिंसा की महिमा अपार है।’ अपना मत व्यक्त कीजिए।
उत्तरः
सत्य व अहिंसा जीवन के तत्त्व हैं। सत्य व अहिंसा की धार तलवार की धार से भी अधिक तेज होती है। सत्य भगवान है और अहिंसा उसे पाने का साधन है। जहाँ सत्य होता है वहीं पर ज्ञान होता है और जहाँ पर अहिंसा होती है; वहाँ पर शांति का साम्राज्य होता है। सत्य सर्वशक्तिमान होता है और अहिंसा अजेय शक्ति होती है।

महात्मा गांधी स्वयं सत्य व अहिंसा के पुजारी थे। उन्होंने सत्य व अहिंसा के माध्यम से ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ एवं ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ किए। इन्हीं तत्त्वों को आधार बनाकर उन्होंने मानव को नव निर्माण की नई राह दिखाई। भारत को आजाद कराने के लिए उन्होंने इन्हीं तत्त्वों की सहायता ली थी। उपर्युक्त विवेचन से स्पष्ट है कि सत्य व अहिंसा की महिमा अपार है।

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(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 11

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ) (ब)
1. आश्रम (क) सत्याग्रह
2. राष्ट्रीय शिक्षा (ख) साध्य
3. रेल (ग) योजना

उत्तर:

(अ) (ब)
1. आश्रम (ख) साध्य
2. राष्ट्रीय शिक्षा (ग) योजना
3. रेल (क) सत्याग्रह

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
i. आश्रम
ii. भाकरी
उत्तरः
i. विनोबा जी का साध्य क्या था?
ii. विनोबा जी प्रवास में क्या नहीं बना सकते थे?

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी गांधी जी को पितृतुल्य मानते थे।
ii. विनोबा जी अन्य किसी सत्याग्रह में सम्मिलित होना नहीं चाहते थे।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
उपसर्ग पहचानिए।
i. परिवर्तन
i. आचरण
उत्तर:
i. परि’ उपसर्ग
ii. ‘आ’ उपसर्ग

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।
i. सत्याग्रह
ii. शिक्षा
उत्तर:
i. सत्याग्रह + ई = सत्याग्रही
ii. शिक्षा + इक = शैक्षिक

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प्रश्न 3.
विरामचिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।
i. मेरी इच्छा है आप मुझे पत्र लिखिए
उत्तरः
मेरी इच्छा है, ‘आप, मुझे पत्र लिखिए।’

प्रश्न 4.
विलोम शब्द लिखिए।
i. साध्य × …………….
ii. सवाल × ………….
उत्तर:
i. असाध्य
ii. जबाब

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख आधार था।’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
‘सत्याग्रह’ का अर्थ है- सत्य के लिए आग्रह यानी सत्य को सदैव पकड़े रहना या उसके मार्ग पर चलना। हिंसा के बदले में अहिंसा से पेश आना। अन्यायी के प्रति बैर भाव न रखना या कभी क्रोध नहीं करना-ये सत्याग्रह के प्रमुख तत्त्व हैं। सत्याग्रह एक अहिंसक प्रतिकार है परंतु वह निष्क्रिय नहीं। इसी सत्याग्रह को गांधी जी ने अपनाया था।

उन्होंने भारत को आजादी दिलाने के लिए समस्त भारतवासियों को सत्याग्रह का मार्ग बतलाया। सभी भारतीयों ने सत्याग्रह का पालन कर स्वतंत्रता आंदोलन में अपना योगदान दिया। सत्याग्रह ने सभी लोगों में जोश, देशप्रेम, उमंग, उत्साह व उल्लास का वातावरण निर्माण किया था। सत्याग्रह करने वाले सत्याग्रहियों के सामने अंग्रेजों की एक न चली। आखिर उन्हें हार माननी पड़ी।

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(ङ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 12

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 13

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 14

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 15

प्रश्न 3.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. गांधी जी को पिता का पद प्रेमपूर्वक भेंट के रूप में दिया था।
ii. गांधी जी ने स्वयं को ‘भीम’ कहा है।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
i. पद
ii. भेंट
उत्तर:
i. ओहदा, पैर, शब्द, कविता का चरण
ii. उपहार, मिलन

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. मुंह
ii. उद्गार
उत्तर:
i. मुख
ii. कथन

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प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. जो सत्य के मार्ग पर चलता है –
ii. जो चरित्र से पूर्ण हो –
उत्तर:
i. सत्यवादी
ii. चरित्रवान

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त उपसर्ग व प्रत्यय युक्त शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तरः
उपसर्ग युक्त शब्द – असमर्थ
प्रत्यय युक्त शब्द – चरित्रवान, विशेषता, मान्यता

प्रश्न 5.
‘अपमान करना’ इसके लिए परिच्छेद में प्रयुक्त मुहावरा है।
उत्तर:
निरादार करना।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सच्चा पुत्र वह है; जो पिता ने जो कुछ किया है उसमें वृद्धि करें।’ क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जी हाँ, मै उपर्युक्त कथन से सहमत है। सच्चे पुत्र के पास धैर्य, सहनशीलता, प्रेम, मेहनत करने की लगन आदि मानवीय गुण होते हैं। सच्चा पुत्र अपने पिता से प्राप्त विरासत एवं संपत्ति में वृद्धि करता है। वह अपने कर्तव्य से उसमें चार चाँद लगा देता है। दरअसल उसे स्वयं से कमाए हुए नाम, शोहरत, यश, प्रसिद्धि एवं कीर्ति पर नाज होता है। जैसे कि हरिवंशराय बच्चन जी ने साहित्य के द्वारा संपूर्ण देश में नाम कमाया। लेकिन उनके पुत्र अभिताभ जी ने अपने पिता द्वारा अर्जित श्रेय में वृद्धि कर दिखाई। उन्होंने अपने अभिनय के बल पर संपूर्ण विश्व को आकर्षित कर दिया। आखिर वही सच्चा पुत्र होता है जो पिता के नाम, शोहरत, यश एवं सम्मान को आगे तक बढ़ाएँ।

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(च ) गद्यांश पड़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न बनाइए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
i. दिल्ली
ii. खेड़ा
उत्तर:
i. दो-एक दिन में गांधी जी कहाँ जाने वाले थे?
ii. गांधी जी के अनुसार कौन-से जिले में सत्याग्रह शुरू करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

प्रश्न 2.
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कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 17

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. गांधी जी ने मामा फड़के को दूध पीने की सलाह दी।
ii. गांधी जी के अनुसार विनोबा ‘बहुत बड़े मनुष्य’ थे।
उत्तर:
i. असत्य
ii. सत्य

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कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
विरामचिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।
i. बहुत बड़ा मनुष्य है वह
ii. ईश्वर तुम्हें दीर्घायु करें जीवन में तुम्हारी प्रगति हो और तुम्हारा उपयोग हिंद की उन्नति के लिए हो यही मेरी कामना है
उत्तर:
i. “बहुत बड़ा मनुष्य है वह!”
ii. ईश्वर तुम्हें दीर्घायु करें। जीवन में तुम्हारी प्रगति हो और तुम्हारा उपयोग हिंद की उन्नति के लिए हो, यही मेरी कामना है।

प्रश्न 2.
उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।
i. उत्सुक
ii. उपयोग
उत्तर:
i. उत्सुकता
ii. उपयोगी

प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. एक स्थान पर न टिकने वाला –
उत्तर :
रमता राम

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘बापू सभी भारवासियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
बापू स्वयं एक संस्कृति थे। वे दया, प्रेम, करूणा, मानवता, शांति, सत्य, अहिंसा, सहनशीलता, शालीनता आदि गुणों के भंडार थे। ‘सादा जीवन व उच्च विचार’ यही उनकी जीवन प्रणाली थी। बापू नव संस्कृति के दूत थे। धरती पर मानवीय गुणों की स्थापना करने हेतु ही वे यहाँ पधारे थे। उन्हीं के विचारों एवं कार्यों को अपनाकर समस्त भारतवासियों ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था। वे बापू ही थे जिनकी एक आवाज पर लाखों लोग सत्याग्रह करने के लिए निकल पड़ते थे। उन्हीं के मार्ग का अवलंबन करते हुए आज भारत प्रगति कर रहा है। आज भी बापू द्वारा बताए गए मार्ग पर भारत चल रहा है। सचमुच आज भी बापू सभी भारतवासियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।

भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ

भाषा बिंदु :

प्रश्न 2.
काल परिवर्तन कीजिए।
i. उस समय मुझे भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा। (पूर्ण भूतकाल)
ii. मैने देशसेवा करने का व्रत लिया था। (सामान्य वर्तमानकाल)
उत्तर:
i. उस समय मुझे भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा था।
ii. मैं देशसेवा करने का व्रत लेता हूँ।

प्रश्न 3.
अधोरेखित शब्दों के भेद पहचानिए।
i. विनोबा जी ने परम पूज्य बापू जी को पत्र लिखा।
ii. वैसे मामा को मैंने एक-दो पत्र लिखे थे।
उत्तर:
i. परम पूज्य – विशेषण – गुणवाचक
ii. मैंने – सर्वनाम – उत्तम पुरुषवाचक

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प्रश्न 4.
संधि-विच्छेद कीजिए।

  1. नमस्कार
  2. विद्यार्थी
  3. सत्याग्रह
  4. वाचनालय
  5. वार्षिकोत्सव
  6. निरादार
  7. दीर्घायु

उत्तर:

  1. नमः + कार
  2. विद्या + अर्थी
  3. सत्य + आग्रह
  4. वाचन + आलय
  5. वार्षिक + उत्सव
  6. निः + आदर
  7. दीर्ध + आयु

प्रश्न 5.
अव्यय पहचानिए।
i. आज तक ऐसे कोई पचास प्रवचन किए।
ii. एक महीना केले, दूध और नींबू पर बिताया।
उत्तर :
i. आज तक – क्रियाविशेषण अव्यय
ii. और – समुच्चयबोधक अव्यय

प्रश्न 6.
रचना की दृष्टि से वाक्यों के प्रकार पहचानिए।

  1. अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई और ज्ञानेश्वरी चार विद्यार्थियों को सिखाई।
  2. फिर भी अगर इसे छोड़ा जा सकता हो तो छोड़ देने की मेरी इच्छा है।
  3. राष्ट्रीय शिक्षा की योजना क्या है?
  4. मैं आश्रम का ही हूँ।
  5. जब आप मुझे पत्र लिखेंगे तब मुझे बेहद खुशी होगी।

उत्तर:

  1. संयुक्त वाक्य
  2. मिश्र वाक्य
  3. प्रश्नार्थक वाक्य
  4. विधानार्थक वाक्य
  5. संदेशसूचक वाक्य

प्रश्न 7.
काल के प्रकार पहचानिए।
i. मैं तुरंत ही पहुँच जाऊँगा।
ii. आश्रम के नियमों के अनुसार मैं अपना आचरण रखता हूँ।
उत्तर:
i. सामान्य भविष्यकाल
ii. सामान्य वर्तमानकाल

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

प्रश्न 8.
अव्ययों का वाक्य में प्रयोग कीजिए।

  1. पास
  2. कि
  3. वाह

उत्तर:

  1. उसके पास मेरे सौ रूपए हैं।
  2. मैंने कहा कि वे अपने घर चले गए।
  3. वाह! क्या बात है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित बाक्य में प्रयुक्त क्रियाओं के भेद पहचानिए।
i. दो-एक दिन में मैं दिल्ली जाऊँगा।
ii. अब मुझे आप लोगों से सत्याग्रह करवाना पड़ेगा।
उत्तर:
i. जाऊँगा – अकर्मक क्रिया
ii. करवाना – प्रेरणार्थक क्रिया

अतीत के पत्र Summary in Hindi

लेखक-परिचय :

जीवन-परिचय : विनोबा भावे (1895 – 1982)
विनोबा भावे का पूरा नाम विनायक नरहरी भावे है। आप गांधी जी के सहयोगी थे। गांधीवादी विचारधारा को समाज में मान्यता दिलवाने के लिए आपने अथक प्रयास किया। विनोबा जी मराठी व हिंदी भाषा के ज्ञाता थे। इन्होंने गीता का मराठी में अनुवाद किया। इन्हें भारत का राष्ट्रीय अध्यापक और महात्मा गांधी का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी समझा जाता है। प्रमुख कृतियाँ : गीताई (गीता का मराठी में अनुवाद) गीता पर वार्ता, शिक्षा पर विचार आदि कुछ प्रमुख रचनाएँ हैं।

जीवन-परिचय : महात्मा गांधी (1869 – 1948)
गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। गांधी जी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख प्रेरणा थे। गांधी जी एक दार्शनिक, विचारक, शिक्षाशास्त्री एवं लेखक थे। भारत देश को आजाद कराने के लिए इन्होंने भगीरथ प्रयत्न किए थे।
प्रमख कतियाँ : ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ (आत्मकथा), ‘हिंद स्वराज्य या इंडियन होमरूल’ इनके अतिरिक्त लगभग प्रत्येक दिन अनेक व्यक्तियों और समाचार पत्रों के लिए लेखन करते थे।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

गद्य-परिचय :

पत्र : पत्र गद्य विधा का एक प्रकार है। पत्र के माध्यम से एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को अपने विचार, अपनी भावना, अपना जीवनविषयक दृष्टिकोण एवं अपने मूल्यों को पहुँचाने का कार्य करता है।

प्रस्तावना : ‘अतीत के पत्र’ में विनोबा जी एवं गांधी जी के पत्रों को समाहित किया गया है। इन पत्रों के माध्यम से पाठकों को देशसेवा व्रत, अनुशासन, दृढ़ निश्चय, विश्वास, समर्पण एवं श्रद्धा जैसे मानवीय गुणों के दर्शन होते हैं।

सारांश :

हिंदी साहित्य में पत्र लेखन’ गद्य की विधा है। प्रस्तुत पाठ पत्र गद्य विधा का एक प्रकार है। इसमें दो पत्र हैं। पहला पत्र आचार्य विनोबा भावे जी ने गांधी जी को लिखा है, जिसमें प्रकृति, स्वास्थ्य, ब्रह्मचर्य व्रत, देशसेवा व्रत, गीता अध्ययन, संस्कृत भाषा के प्रति रूचि, उपनिषदों का अध्ययन, परिश्रम, अनुशासन, सत्याग्रहाश्रम के तत्त्वों का प्रचार, मातृभाषा प्रसार कार्य, सत्य-अहिंसा व गांधी जी के प्रति समर्पण व श्रद्धा आदि बिंदुओं का वर्णन किया गया है। दूसरा पत्र महात्मा गांधी जी ने आचार्य विनोबा भावे जी को लिखा है। वास्तव में विनोबा जी का पत्र पढ़कर गांधी जी फूले नहीं समाए थे और विनोबा जी का वर्णन करते हुए ‘भीम है भीम’ यह उद्गार निकाले थे।

गांधी जी के लिए विनोबा उनके पुत्र से भी बढ़कर थे। इसीलिए गांधी जी ने पत्र में ‘सच्चा पुत्र वह है; जो पिता ने जो कुछ किया है उसमें वृद्धि करें। वे विनोबा जी द्वारा दिया गया पिता का पद बड़े आनंद से स्वीकार करते हैं। इस प्रकार प्रस्तुत दोनों पत्र उच्चतम मानवीय गुणों के अनमोल उपहार हैं। इनका पठन एवं मनन मानवीय गुणों को अपनाने के समान है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

शब्दार्थ :

  1. अस्वादव्रत – फीका भोजन करने का व्रत
  2. अपरिग्रह – संग्रह न करना
  3. करघा – कपड़ा बुनने का यंत्र
  4. रमता राम – फक्कड़, एक स्थान पर न टिकनेवाला
  5. वाकचातुर्य – बोलने में चतुर
  6. अचेतन – चेतनारहित
  7. ब्रह्मचारी – संन्यासी
  8. वेदांत व उपनिषद – भारतीय प्राचीन धार्मिक ग्रंथ
  9. सत्याग्रह – सत्य का आग्रह
  10. गोरख व मछंदर – नवनाथों में से दो नाथ। एक गोरखनाथ व दूसरे मछिंदर नाथ।
  11. सत्यवादी – सत्य की राह पर चलने वाला।

मुहावरे :

  • हाथ लगना – प्राप्त होना।
  • हृदय में स्थान बनाना – किसी का प्रिय बनना।
  • निरादर करना – अपमान करना।

Hindi Lokbharti 9th Std Digest दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 2 Main Bartan Majunga Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 9 Hindi Chapter 2 Main Bartan Majunga Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 9th Digest Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा Questions And Answers

1. संजाल पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा 1

2. निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय छाँटकर लिखिए।

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय छाँटकर लिखिए।
1. किताबी
2. पढ़ाकू
उत्तर:
1. प्रत्यय – ई
2. प्रत्यय – आकू

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

3. गद्यांश पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।
उत्तर:
इस गद्यांश को पढ़कर हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हमें अपने समय का हमेशा सदुपयोग करना चाहिए। हमें कभी-भी अपना समय पुस्तकें पढ़ने एवं अपने आवश्यक कार्य करने में ही व्यतीत करने चाहिए। समय का दुरुपयोग कभी नहीं करना चाहिए। समय के सदुपयोग से ही व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है तथा अपने जीवन में विकास कर सकता है। समय का सदुपयोग न करने से व्यक्ति का कार्य भी नहीं हो पाता और वह अन्य परेशानियों में फँस जाता है। अत: हमें पाठ के विश्वकर्मा सर से प्रेरणा लेते हुए ऐसा करना चाहिए कि हम भी अपना अमूल्य समय बर्बाद न होने दें।

4. कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
पुस्तकों की ढेरियाँ बना रखी थी क्योंकि
उत्तर:
पुस्तकों की ढेरियाँ बना रखी थी क्योंकि कमरे में आलमारी नहीं थी।

प्रश्न 2.
मित्रों द्वारा मूर्ख समझे जाने पर भी लेखक महोदय खुश थे क्योंकि
उत्तर:
मित्रों द्वारा मूर्ख समझे जाने पर भी लेखक महोदय खुश थे क्योंकि लेखक जानते थे कि मूर्ख कौन है।

5. ‘अध्यापक के साथ विद्यार्थी का रिश्ता’ विषय पर स्वमत लिखिए।

प्रश्न 1.
‘अध्यापक के साथ विद्यार्थी का रिश्ता’ विषय पर स्वमत लिखिए।
उत्तर:
प्राचीन काल से गुरु-शिष्य का संबंध बड़ा ही गहरा और पवित्र रहा है। गुरु अपने शिष्य का सबसे बड़ा मार्गदर्शक होता है। उसके द्वारा दिए जाने वाला हर ज्ञान, शिष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। गुरु शिष्य पर आने वाली हर मुसीबत में उसका साथ देता है। इसलिए कहा गया है – गुरु बिन ज्ञान न होत है, गुरु बिन दुआ अजान। गुरु बिन इंद्रिय न सधै, गुरु बिन बढ़े न शान। शिष्य भी अपने गुरु को भगवान स्वरूप मानता है। वह गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश समझता है। गुरु के कहे हर शब्द को वह आदेश मानकर उसका पालन करता है। प्रश्न ४ (घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

भाषा बिंदु:

प्रश्न 1.
रचना की दृष्टि से वाक्य पहचानकर अन्य एक वाक्य लिखिए।
उत्तर:
जब पाठ्यपुस्तक पढ़ते-पढ़ते
ऊब जाओ, तब झट कोई बाहरी
रुचिकर पुस्तक पढ़ा करो।

प्रश्न 2.
जब पानी बरस रहा था, तब मैं घर के भीतर था।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा 2

लेखनीय:

प्रश्न 1.
‘कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता’ इस पर एक प्रसंग लिखकर उसे कक्षा में सुनाइए।
उत्तर:
महात्मा गाँधी ने कहा था कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। बल्कि इंसान की सोच बड़ी होनी चाहिए। इस वाक्य पर एक प्रसंग मुझे याद आया जो इस प्रकार है: सतीश एक बहुत ही अच्छा मकैनिक था, जो अपने काम के आगे सभी लोगों के काम को छोटा समझता था। उसको लगता था कि जो काम वह कर रहा है वही सबसे अच्छा काम है बाकी सब लोगों का काम बेकार है। एक दिन एक डॉक्टर साहब अपनी कार लेकर उसके पास आए और बोले भाई इसको देखना क्या हो गया।

वह डॉक्टर एक सर्जन थे और बड़े ही अच्छे स्वभाव के थे। सतीश भी बड़े लोगों की गाड़ियों को देखकर बहुत ही खुश होता था। गाड़ी सही करते वक्त वह डॉक्टर साहब से बोला- आप का और मेरा काम तो एक समान है, फिर भी आप मुझसे ज्यादा पैसा क्यों कमाते हैं? आप देखो न, जैसे मैं गाड़ी का इंजन खोलता हूँ उसी तरह आप भी ऑपरेशन करते हैं।

डॉक्टर साहब बहुत ही विनम्र होकर बोले, आप जो काम करते हो वे जिंदा लोगों पर नहीं करते हो, आप के काम में कुछ देर हो जाए तो आप कल कर सकते है, लेकिन मेरा काम जिंदा लोगों पर ही होता है, जिसमें आप बिलकुल भी देर नहीं कर सकते है। यह बात सुनकर सतीश को समझ में आ गया कि कोई काम बड़ा या छोटा नहीं होता है। बस इंसान की सोच बड़ी होनी चाहिए।

रचनात्मकता की ओर:

मौलिक सृजन:

प्रश्न 1.
‘नम्रता होती है जिनके पास, उनका ही होता मौलिक सृजन दिल में वास।’ इस विषय पर अन्य सुवचन तैयार कीजिए।
उत्तर:

  1. आत्मसम्मान की भावना ही नम्रता की औषधि है।
  2. नम्रता की ऊँचाई नापने के लिए ब्रह्मांड का कोई भी मापक यंत्र सक्षम नहीं।
  3. किसी महान व्यक्ति की प्रथम परीक्षा उसकी नम्रता से लेनी चाहिए।
  4. नम्रता के पीछे स्वार्थ हो, तो वह ढोंग है।
  5. जिसमें नम्रता नहीं आती, वे विद्या का पूरा सदुपयोग नहीं कर सकते।
  6. नम्रता से वे कार्य भी बन जाते हैं जो कठोरता से नहीं बन पाते।
  7. नम्रता स्वर्ग के रास्ते की कुंजी है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

आसपास:

प्रश्न 1.
दूसरे शहर-गाँव में रहने वाले अपने मित्र को आसपास विद्यालय के अनुभव सुनाइए।
उत्तरः
मैं गर्मी की छुट्टियों में अपने ननिहाल (मामा के घर) गया। मेरे मामा का लड़का राकेश भी नौवीं में पढ़ता था। उसने मुझसे मेरे विद्यालय के बारे में पूछा तो मैंने बताया कि मेरा विद्यालय शहर के बीचों बीच है। मेरे विद्यालय में पुस्तकालय और खेल का मैदान भी है। मेरे विद्यालय में बहुत अच्छी पढ़ाई होती है। सभी अध्यापक और अध्यापिकाएँ समय पर कक्षा में आते हैं तथा अपना विषय अच्छे तरीके से पढ़ाते हैं। यदि हमें कुछ प्रश्न या सवाल समझ में नहीं आता है तो वे हमें बार-बार समझाते और अतिरिक्त कक्षा में भी पढ़ाते हैं। मेरे विद्यालय में बहुत कड़ा अनुशासन है। कोई भी अनुशासन को नहीं भंग करता है। सभी लड़के और लड़कियाँ एक साथ मिल-जुलकर रहते हैं और एक दूसरे की सहायता भी करते हैं। मेरे विद्यालय में समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं इसमें सभी लड़के और लड़कियाँ भाग लेते हैं। मेरे विद्यालय में हमेशा खेल-कूद का भी आयोजन होता है तथा अनेक विद्यार्थी खेलों में भी प्रथम स्थान पाते हैं। मेरे विद्यालय का अनुशासन शिक्षा व्यवस्था तथा शिष्टाचार बहुत ही अच्छा है।

पाठ से आगे:

प्रश्न 1.
‘स्वयं अनुशासन’ पर कक्षा में चर्चा कीजिए तथा इससे संबंधित तक्तियाँ बनाइए।
उत्तर:

  • मोहन – अनुशासन क्या है?
  • श्याम – अनुशासन कुछ ऐसा है जो सभी को अच्छे से नियंत्रित करके रखता है। यह व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और सफल बनाता है।
  • राकेश – इसकी जरूरत क्यों होती है?।
  • रमेश – जीवन में सही रास्ते पर चलने के लिए हर एक व्यक्ति में अनुशासन की बहुत जरूरत पड़ती है। अनुशासन के बिना जीवन बिल्कुल निष्क्रिय और निरर्थक हो जाता है।
  • मोहन – अनुशासन कितने प्रकार का होता है?
  • श्याम – अनुशासन दो प्रकार का होता है, एक वो जो हमें बाहरी समाज से मिलता है और दूसरा वो जो हमारे अंदर स्वयं उत्पन्न होता है।
  • राकेश – स्वयं अनुशासन का क्या अर्थ होता है?
  • रमेश – स्वयं अनुशासन का सभी व्यक्तियों के लिए अलग-अलग अर्थ होता है जैसे विद्यार्थियों के लिए इसका मतलब है सही समय पर एकाग्रता के साथ पढ़ना और दिए गए कार्य को पूरा करना।
  • सतीश – स्वयं अनुशासन की जरूरत क्यों है?
  • श्याम – हर व्यक्ति में स्व-अनुशासन की बहुत जरूरत है क्योंकि आज के आधुनिक समय में किसी को भी दूसरों को अनुशासन के लिए प्रेरित करने का समय नहीं है।
  • राकेश – क्या अभिभावक को भी स्वयं अनुशासन की जरूरत होती है।
  • रमेश – अभिभावक को स्व-अनुशासन को विकसित करने की जरूरत है क्योंकि उसी से वो अपने बच्चों को भी अनुशासन की शिक्षा दे सकते हैं। उन्हें हर समय अपने बच्चों को प्रेरित करते रहने की जरूरत पड़ती है जिससे वो दूसरों से अच्छा व्यवहार करें और हर कार्य को सही समय पर करें।

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विद्यालय में अनुशासन से संबंधित कुछ बातें:

  1. कम बोलें, धीमा बोलें तथा मीठा बोलें।
  2. सदाचार का पालन करें।
  3. अपने गुरुजन का सम्मान करें।
  4. हमेशा शिष्टता का व्यवहार करें।
  5. अपना गृहकार्य अवश्य पूरा करें।
  6. विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता में अवश्य भाग लें।
  7. समय पर विद्यालय आएँ।

Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (2): शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
लिंग परिवर्तन कीजिए।
1. दादी
2. पिता
उत्तर:
1. दादा
2. माता

प्रश्न 2.
निम्न शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।
1. डर × ………….
2. विद्वान × …………..
उत्तर:
1. निडर
2. मूर्ख

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कृति (3): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘जीवन में शिक्षा का महत्त्वपूर्ण स्थान है।’ अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
शिक्षा का हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान है। शिक्षा वह है, जो मनुष्य को ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ उसके हृदय एवं आत्मा का विकास करती है। शिक्षा हमारी समृद्धि में आभूषण, विपत्ति में शरण स्थान और समस्त कालों में आनंद देने वाली होती है। जीवन लक्ष्य की पूर्ति के लिए शिक्षा आवश्यक है। शिक्षा हमें स्वयं के विकास के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास के लिए भी प्रेरित करती है। शिक्षा ही मनुष्य को जीवन की विविध परिस्थितियों से समायोजन करना सीखाती है।

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा 3

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
विश्वकर्मा सर को इसका शौक था।
उत्तर:
पढ़ने का

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

कृति (2): शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
वचन परिवर्तन कीजिए।
1. अध्यापकगण
2. पुस्तक
उत्तर:
1. अध्यापक
2. पुस्तकें

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।
1. शौक
2. गजब
उत्तर:
1. रुचि
2. अद्भुत

(ग) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा 4

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य पहचानकर लिखिए।
1. विश्वकर्मा सर का कमरा बरतनों से भरा हुआ था।
2. विषय बदलने से दिमाग में ताजगी आ जाती है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

प्रश्न 3.
कारण लिखिए।
लेखक के साथी उनको चिढ़ाते थे क्योंकि
उत्तर:
लेखक के साथी उनको चिढ़ाते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि लेखक इधर-उधर की पुस्तकों से समय बरबाद करते हैं।

कृति (2): शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
गद्यांश से शब्द-युग्म शब्दों की जोड़ियाँ लिखिए।
उत्तर:
1. मंद – मंद
2. एक – एक

प्रश्न 2.
गद्यांश से विरुद्धार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
1. खाली × …………….
2. मोटी × ……………
उत्तर:
1 भरा
2. पतली

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
1. विश्वकर्मा सर का यह क्रम ज्यों-का-त्यों बना रहा –
2. भोजन बनाने में इतना समय लगता है –
उत्तर:
1. बरतन धोने का
2. करीब दो घंटे

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

प्रश्न 2.
कारण लिखिए।
विश्वकर्मा सर हमेशा बरतन धोते थे क्योंकि
उत्तर:
विश्वकर्मा सर हमेशा बरतन धोते थे क्योंकि खाना बनाने में पूरे दो घंटे लगते हैं और बरतन धोने में सिर्फ दस मिनट।

कृति (2): शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द लिखिए।
1. समय
2. खुश
उत्तर:
1. वक्त
2. प्रसन्न

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।
1. मित्र × ………….
2. मूर्ख × …………
उत्तर:
1. शत्रु
2. विद्वान

कृति (3): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘आदर्श शिक्षक’ पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
शिक्षक एक विशाल इमारत की नींव की तरह होते हैं। जिस इमारत की नींव ही कमजोर हो, तो उस इमारत का कोई भविष्य नहीं होता है। उसी तरह आदर्श शिक्षक न हो तो विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित नहीं होता । शिक्षक अनुशासन प्रिय होते हैं । अपने विषय को वे इस तरह समझाने का प्रयत्न करते हैं, जिसे सामान्य से सामान्य विद्यार्थी भी समझ सकें। वे अपने विद्यार्थियों में संयम, सेवा, त्याग, सहयोग और देशभक्ति के बीज बोते हैं।

मैं बरतन माँगूँगा Summary in Hindi

लेखक-परिचय:

हमराज भट्ट हिंदी के आधुनिक साहित्यकारों में से एक है। हमराज भट्ट की बालसुलभ रचनाएँ बहुत प्रसिद्ध हैं। इनकी कहानियाँ, निबंध, संस्मरण विविध पत्र-पत्रिकाओं में समय-समय पर प्रकाशित होती रहती हैं।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

गद्य-परिचय:

आत्मकथात्मक कहानी: आत्मकथा हिंदी साहित्य में गद्य की एक विधा है। इसमें स्वयं या कहानी का कोई पात्र ‘मैं’ के माध्यम से पूरी कहानी का आत्मचित्रण करता है।

प्रस्तावना: प्रस्तुत पाठ ‘मैं बरतन माँगूंगा’ में लेखक हमराज भट्ट जी ने समय की बचत, समय का उचित उपयोग एवं
अध्ययनशीलता जैसे गुणों को दर्शाया है।

सारांश:

प्रस्तुत पाठ में लेखक ने बचपन के एक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा है कि उन्हें बचपन में विषय के अतिरिक्त दूसरी पुस्तक पढ़ने की आदत नहीं थी। वह अपने गुरु जी के डर से पाठ्यक्रम की कविताएँ ही रट लिया करते थे। उनके पिता जी कभी पत्रिका लाते थे तो वह लेखक को पढ़ने के लिए नहीं मिलता था।

आठवीं पास करने के बाद नौवीं में पढ़ने के लिए उनके घरवालों ने उन्हें अच्छी नसीहत देकर शहर भेज दिया। उनके साथ गाँव के दो साथी और थे। तीनों एक साथ कमरा लेकर उसमें रहने लगे।

वह जिस कमरे में रहते थे उसके सामने उनके तीन अध्यापक भी रहते थे पुरोहित जी, खान साहब और विश्वकर्मा जी। तीनों अध्यापक साथ-साथ बनाते खाते थे; उनमें कोई भेदभाव नहीं था। लेखक और उनके साथियों ने गौर किया कि विश्वकर्मा सर हमेशा बरतन माँजते थे जबकि पुरोहित और खान साहब कभी बरतन नहीं माँजते थे। विश्वकर्मा सर को पढ़ने का भी शौक था। वह हर वक्त किताबों में ही डूबे रहते। उन्हें देखकर लेखक भी उनसे पुस्तकें लेकर पढ़ना चाहता था। एक दिन किसी बहाने से वह उनके कमरे में गया तो वहाँ अनेक पुस्तकों को देखा। आलमारी ना होने के कारण पुस्तकें जमीन पर ही पड़ी थी । विश्वकर्मा सर ने लेखक को देख लिया और उन्हें कुछ पुस्तकें भी पढ़ने को दी। धीरे-धीरे लेखक और विश्वकर्मा सर में खूब जमने लगी।

एक दिन लेखक ने उनसे रोज सुबह-शाम बरतन माँजने का कारण पूछा। विश्वकर्मा सर ने विस्तार से बताया, कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। बर्तन माँजने में दस मिनट का समय लगता है जबकि खाना बनाने में दो घंटे का समय लगता है तथा धुएँ और शोर को भी सहना पड़ता है। अत: वह बरतन माँजने का काम करके १ घंटा ५० मिनट बचा लेते हैं, जिसमें वह पढ़ाई करते हैं। विश्वकर्मा सर के इस तर्क को सुनकर लेखक बहुत प्रभावित हुए और वह भी उस दिन अपने साथियों को बोले कि अब दोनों समय का बरतन मैं ही माँगूंगा और तुम दोनों खाना बनाया करो। उनके साथी उनको मूर्ख समझने लगे जबकि लेखक जानते थे कि मूर्ख कौन है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

शब्दार्थ:

  1. पलटना – बदलना
  2. एहसास – आभास
  3. नसीहत – उपदेश, सीख
  4. चर्चा – बातचीत
  5. शौक – रुचि
  6. पढ़ाकू – पढ़नेवाला
  7. ढेरियाँ – समूह
  8. मंद – धीमा
  9. तत्काल – तुरंत
  10. रुचिकर – मनपसंद
  11. पठनीय – पढ़ने योग्य
  12. नि:संकोच – बिना संकोच के
  13. पारावार – सीमा
  14. आह्लादित – आनंदित
  15. हिदायत – निर्देश, सूचना
  16. कौर – ग्रास, निवाला
  17. गजब – अद्भुत
  18. ठाट – शान
  19. करीने – क्रम से
  20. इत्मीनान – संतोष
  21. प्रोत्साहित – उत्साहित
  22. ताजगी – नयापन
  23. स्वाध्याय – स्वयं किया गया अध्ययन

मुहावरे:

1. किताबी कीड़ा होना – केवल पढ़ने में ही लगे रहना।
2. घुड़क देना – जोर से बोलकर डराना, डाँटना।

Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 2 Jungle Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 2 Jungle Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 2 जंगल Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 2 जंगल (पूरक पठन) Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 2 जंगल Textbook Questions and Answers

मौलिक सृजन :

प्रश्न 1.
जंगल ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाले स्रोत मौलिक सृजन है। इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
प्राचीन काल से ही जंगल मनुष्य के जीवन में विशेष महत्व रखते हैं। यह मानव जीवन के लिए प्रकृति का अनुपम उपहार है। हमारे जंगल पेड़-पौधे ही नहीं अपितु अनेकों उपयोगी जीव-जंतुओं व औषधियों का भंडार हैं। जंगल में प्रचुर मात्रा में पेड़ होते हैं। वे प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन देकर मानव मात्र का कल्याण करते हैं। वैसे तो सभी वृक्ष दिन के समय ऑक्सीजन छोड़ते हैं; जो जीवन के लिए आवश्यक तत्त्व है परंतु पीपल के वृक्ष में ऑक्सीजन प्रदान करने का अनुपात उन वृक्षों की तुलना में अधिक होता है। इसके अतिरिक्त नीम, बबूल, तुलसी, आँवला व शमी आदि वृक्ष भी हमें ऑक्सीज़न देते हैं। यदि जंगल नहीं होते, तो इंसान को जीवन जीने के लिए ऑक्सीज़न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होता; ऐसे में जीवन की कल्पना करना असंभव हो जाता।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल

पठनीय :

प्रश्न 1.
जंगलों से प्राप्त होने वाले संसाधनों की जानकारी का वाचन कीजिए।

लेखनीय :

प्रश्न 1.
महाराष्ट्र के प्रमुख अभयारण्यों की जानकारी निम्न मुद्दों के आधार पर लिखिए।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 1
उत्तर:

नाम स्थान विशेषताएँ
कर्नाला अभयारण्य कर्नाला तरह तरह के पक्षियों की प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान मुंबई वन्य जीवों के लिए प्रसिद्ध एवं बाघों की सफारी देखने लायक
ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान जिला: चंद्रपुर बाधों के लिए प्रसिद्ध
नागझिरा अभयारण्य जिला: भंडारा व गोंदिया वन्य जीव एवं पक्षियों के लिए प्रसिद्ध
पेच राष्ट्रीय उद्यान नागपुर वन्य जीवों के लिए प्रसिद्ध

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल

आसपास :

प्रश्न 1.
अपने गाँव/शहर के वन विभाग अधिकारी से उनके कार्यसंबंधी जानकारी प्राप्त कीजिए।

श्रवणीय :

प्रश्न 1.
‘मानो सूखा वृक्ष बोल रहा है’, उसकी बातें निम्न मुद्दो के आधार पर ध्यान से सुनिए :
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 2

पाठ के आँगन में :

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए :

प्रश्न क.
प्रवाह तालिका: कहानी के पात्र तथा उनके स्वभाव की विशेषताएँ।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 4

प्रश्न ख.
पहचानिए रिश्ते।
1. दादी – तविषा – ………….
2. पीयूष – शैलेश – …………
3. तविषा – शैलेश – …………
4. शैलेश – दादी – …………..
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 5

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल

2. पत्र लेखन

प्रश्न 1.
गरमी की छुट्टियों में नगरपरिषद/ ग्राम पंचायत द्वारा पक्षियों के लिए बनाए घोंसले तथा चुग्गा दाना पानी की व्यवस्था किए जाने के कारण संबंधित विभाग की प्रशंसा करते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर:
रामरतन कुमार गुप्ता
राधा बंगला,
कृष्ण नगर,
मुंबई: 400 098
दिनांक: 10 मई, 2017

सेवा में,
पर्यावरण विभाग अधिकारी,
महानगरपालिका,
मुंबई: 400 034

विषयः पक्षियों के लिए घोंसले तथा दाना-पानी की व्यवस्था किए जाने के कारण विभाग की प्रशंसा करते हुए पत्र ।
महोदय,
मैं रामरतन कुमार गुप्ता कृष्ण नगर, मुंबई का निवासी हूँ। मैं इस पत्र के द्वारा आपके विभाग की प्रशंसा करना चाहता हूँ; क्योंकि आपके विभाग के महानगरपालिका के कर्मचारियों ने दादर चौक पर पक्षियों के लिए घोंसले तथा चुग्गा, दाना-पानी की व्यवस्था की है। यह बहुत ही पवित्र कार्य है। पक्षियों के प्रति दयाभाव रखने की प्रेरणा आपके विभाग द्वारा किए गए कार्य से मिल रही है। इस भयंकर गरमी के दिनों में कई पक्षी बिना जल के अपने प्राण त्याग देते हैं लेकिन अब जो कार्य आपके विभाग द्वारा किया गया है; वह प्रशंसनीय एवं काबिल-ए. तारीफ है।

मुझे आशा है कि आपके विभाग द्वारा किए गए कार्य से कई सामाजिक संस्थाएँ एवं महानगरपालिका की अन्य शाखाएँ प्रेरणा लेकर इस प्रकार के कार्य के लिए आगे आएँगी। आपके विभाग की जितनी भी तारीफ की जाए वह कम ही है। हमारे इलाके के सभी लोग आपके विभाग की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। सचमुच आपके विभाग के सभी कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं। सभी को मैं धन्यवाद देना चाहता है। धन्यवाद!

आपका विश्वासी,
रामरतन कुमार गुप्ता

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3. कहानी लेखन

प्रश्न 1.
दिए गए शब्दों की सहायता से कहानी लेखन कीजिए। उचित शीर्षक दीजिए और सीख भी लिखिए।
शब्द : अकाल – तालाब – जनसहायता – परिणाम
मानवता: सबसे बड़ा धर्म
उत्तर:
अलकापुरी गाँव धन-धान्य से संपन्न था। गाँव में रहने वाले सभी किसान मेहनती थे। पूरे दिन खेत में परिश्रम करने के बाद भी उनके चेहरे पर रौनक दिखाई देती थी। किसी को किसी बात की कमी नहीं थी। आखिर सभी मेहनत जो करते थे।

कहते हैं ना कि समय एक-सा नहीं रहता है। वह तो बदलता ही रहता है। सुख के बाद दुख आता है। आखिर जीवनचक्र के फेरों से कौन बचा है? अलकापुरी गाँव पर पिछले तीन साल से वर्षा रूठ गई थी। पिछले तीन साल से बरसात की एक बूंद ने भी गाँव की भूमि को छुआ तक नहीं। अलकापुरी पर अकाल का साया मैंडरा रहा था। लोगों के पास जो कुछ था उसका पिछले तीन साल से उन्होंने उपयोग कर लिया था। अब तो सभी के घर में खाने के लाले पड़ गए।

गाँव में एक तालाब था। उसमें भरपूर पानी हुआ करता था लेकिन पिछले तीन साल से वर्षा न होने के कारण वह भी सूख गया। अब तो लोगों को पीने के लिए भी पानी नहीं था। लोग निराश एवं दुखी हो गए। अपने परिवार को लेकर वे दूसरे नगर में जाने लगे। वे गाँव की

सीमा के पास पहुंचे थे। उसी समय सामने से एक साधु पुरुष को आते हुए उन्होंने देखा। साधु के चेहरे पर दिव्य तेज था। उन्हें देखकर ही लगता कि वे कोई पहुँचे हुए साधु हैं। सभी ने साधु को प्रणाम किया व अपना दुख-दर्द उन्हें बताया।

साधु पुरुष कुछ पल के लिए मौन रहे। तत्पश्चात उन्होंने लोगों से पूछा कि आपके गाँव का जमींदार नहीं दिखाई दे रहा है। तब एक किसान ने कहा कि “जमींदार तो गाँव में ही रहेंगे क्योंकि उनके पास हजारों मन अनाज है और कई नौकर-चाकर व घोड़ा-गाड़ियाँ हैं। अतः वे दूसरे नगर से आराम से पानी ला सकते हैं। इसी कारण वे इसी गाँव में रहेंगे।”

साधु गाँववासियों को लेकर जमींदार के घर पहुंचे। जमींदार ने साधु को आदर के साथ प्रणाम किया। साधु के चेहरे पर छाया हुआ दिव्य तेज देखकर जमींदार उनके सामने विनम्र होकर खड़े रहे। साधु ने अपनी दिव्य दृष्टि से जमींदार द्वारा लोगों पर किए गए अपराधों की सूची प्रस्तुत की। जमींदार के अपराधों को गाँव का कोई भी व्यक्ति नहीं जानता था। वे सारी बातें साधु जानते थे।

जमींदार साधु पुरुष के चरणों पर गिर पड़े। उन्होंने अपने अपराधों के लिए क्षमायाचना की। साधु ने हँसते-हँसते कहा कि मानवता सबसे बड़ा धर्म होता है। अत: जनसहायता हेतु तुम्हारे पास जो हजारों मन अनाज हैं वह इन लोगों में बाँट दो। तुम्हारे द्वारा किए गए कार्य का अच्छा परिणाम निकलेगा और इस गाँव पर बरसात की कृपा होगी। इधर जमींदार अनाज का दान कर रहे थे और उसी वक्त वर्षा का आरंभ हुआ। सभी लोगों की नजरें साधु पुरुष को ढूँढ रही थी; पर वे तो लुप्त हो चुके थे।
सीख: इंसान को संकट की घड़ी में दूसरों की मदद करनी चाहिए। वही मनुष्य है, जो मनुष्य के लिए मरता है।

पाठ से आगे :

प्रश्न 1.
पालतू प्राणियों के लिए आप क्या करते हैं?’ अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
हमारे परिवेश में कुत्ता, गाय, बिल्ली, घोड़ा, तोता आदि कई प्रकार के पालतू जानवर होते हैं। मानव का कर्तव्य है कि वह पालतू जानवरों के प्रति स्नेह रखें। उनकी सेवा करें। मैं पालतू जानवरों के प्रति अपार प्रेम एवं ममत्व की भावना रखता हूँ। मैं कुत्ते को खाने के लिए रोटी देता हूँ। बिल्ली को पीने के लिए दूध देता हूँ। गाय को खाने के लिए हरी घास देता हूँ। चिड़ियों के लिए दाना व पानी की व्यवस्था करता हूँ। मैंने अपने सभी मित्रों को भी पालतू जानवरों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया है। मैंने उन्हें अहिंसा एवं जीवों पर दया के व्रत का पाठ पढ़ाया है। इस तरह मैं पालतू जानवरों की हर प्रकार से हिफाजत एवं उनकी रक्षा करने के लिए प्रतिपल तत्पर रहता हूँ।

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Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 2 जंगल Additional Important Questions and Answers

(क) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
किसने, किससे कहा?
i. “अम्मा से बात हो जाए तो
उत्तरः
तविषा ने आंटी अणिमा जोशी से कहा।

ii. “मुझे बताने में झिझक कैसी!”
उत्तर:
अणिमा जोशी ने तविषा से कहा।

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 7

प्रश्न 4.
सहसंबंध लिखिए।
i. रेशम-सी : देह :: जुड़वाँ :
ii. रीडर : अणिमा जोशी :: कामवाली :
उत्तरः
i. खरगोश
ii. कमला

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प्रश्न 5.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 8

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘हमें पालतू जानवरों के प्रति प्रेम रखना चाहिए।’ इस कथन पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
मानव आदि काल से कुछ पशुओं को पालता आ रहा है। जिन पशुओं को वह पालता है उसे ‘पालतू पशु’ कहा जाता है। पालतू पशु हमारे लिए श्रम करते हैं। वे हमें भोजन एवं जीवन-यापन की अन्य सामग्रियाँ प्रदान करते हैं। वे जन-समुदाय के लिए अनेक प्रकार से उपयोगी होते हैं। पालतू पशु मनुष्यों की अनेक प्रकार से सहायता करते हैं। बदले में ये मनुष्यों से अच्छे व्यवहार और खान-पान की अच्छी व्यवस्था की अपेक्षा रखते है। धर्म और नीति के भी यह अनुकूल है कि पशुओं के साथ मानव अच्छा व्यवहार करें। उसे अच्छा भोजन दे एवं उसके लिए साफ-सुधरे एवं हवादार आवास का प्रबंध करें।

(ख) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
सत्य-असत्य लिखिए।
i. पीयूष मोनू के निकट गुमसुम बैठा हुआ था।
ii. पीयूष की स्तब्धता तोड़ना दादी ने जरूरी समझा।
उत्तर:
i. असत्य
ii. सत्य

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प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 9

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 10

प्रश्न 4.
किसने, किससे कहा?
i. “अम्मी अच्छी नहीं है न!”
उत्तरः
पीयूष ने अपनी दादी से कहा।

ii. “सोनू तुम्हें हमेशा हँसते देखना चाहता था न!”
उत्तरः
दादी ने पीयूष से कहा।

प्रश्न 5.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 11

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘बच्चे मन से अधिक संवेदनशील होते हैं।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
बच्चे मन से अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्हें ईश्वर प्रदत्त अनमोल वरदान एवं अनुपम कृति कहा जाता है। वे निष्पाप होते हैं। वे हमारे दिए गए संस्कारों तथा परिवेश के बीच बड़े होते हैं। उनकी मुस्कान निर्मल व सभी को प्रसन्न करने वाली होती है। वे दूसरों के दुख को नहीं सह सकते हैं। दूसरों की पीड़ा एवं वेदना से वे अत्यधिक दुखी एवं उदास हो जाते हैं। जब उनका प्रिय खिलौना टूट जाता है; उस वक्त भी वे रोने लगते हैं। वे गुमसुम होकर हृदय से रोते रहते हैं। वे अपनी मन की बात को किसी भी तरह नहीं छुपा पाते हैं। जो मन में आता है; वे बोलते हैं। वे हमेशा दूसरों को खुशियाँ देना चाहते हैं। जब सभी हँसते हैं; तब वे भी प्रसन्न होकर हँसते हैं।

(ग) परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
उत्तर लिखिए।
i. दादी माँ सोनू को नाले में हरगिज नहीं फिकवा सकतीं।
उत्तर:
दादी माँ सोनू को नाले में हरगिज नहीं फिकवा सकती क्योंकि पीयूष सोनू से बहुत प्यार करता है।

ii. दादी माँ की इच्छा क्या थी?
उत्तरः
घर के बच्चे की तरह सोनू का अंतिम संस्कार किया जाए।

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प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 12

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 13

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘स्थिति से भागने की बजाय उसका सामना करना बेहतर है।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
व्यक्ति को अपने स्थिति से भागना नहीं चाहिए। उसे उसका सामना करना चाहिए। स्थिति से भागने से व्यक्ति को अपनी मंजिल नहीं मिल पाती है। वह अपनी मंजिल से दूर चला जाता है। फिर दर-दर की ठोकरे खाने के अलावा उसे कुछ भी नहीं प्राप्त होता। वास्तव में जब व्यक्ति अपनी स्थिति से दोस्ती कर लेता है, प्रसन्नता के साथ उसे अपनाता है, उत्साह के साथ चलता है तो संघर्ष का सफर उसका साथ देता है और उसे कठिन-से-कठिन डगर को पार करने में मदद करता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में आने वाली स्थिति का सामना करना चाहिए। जब ऐसा होगा तब ही वो जीवन में आने वाले संघर्षों का सामना कर सकेगा और अपने मनचाहे मुकाम पर पहुंच सकेगा।

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(घ) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
प्रस्तुत गद्यांश पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों।
i. कॉलेज
ii. बांकड़े
उत्तर:
i. दादी पढ़ाने के लिए कहाँ जाती है?
ii. पूरे दिन खरगोश किसमें नहीं बंद रह सकते?

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 14

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 जंगल 15

प्रश्न 4.
सहसंबंध लिखिए।
निरुत्तर : दादी :: जालीदार : ……..
उत्तर:
बांकड़ा

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प्रश्न 5.
सत्य-असत्य लिखिए।
i. पीयूष के मित्र खरगोश को देखने आए थे।
ii. सोनू की मृत्यु के बाद मोनू बड़े आराम से रहने लगा।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

प्रश्न 6.
कारण लिखिए।
उत्तरः
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कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘जानवरों के पास भी भावना होती है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं। यदि हाँ, तो अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
‘जानवरों के पास भी भावना होती है। इस कथन से मैं सहमत हूँ। उनमें भी जान होती है। वे भी जीव होते हैं। उनकी अपनी दुनिया होती है। उनकी दुनिया में जंगल, उनके बच्चे तथा अन्य प्राणी आदि सभी होते हैं। वे अपने परिवार के साथ रहना पसंद करते हैं। परिवार से बिछड़ जाने का दुख उन्हें होता है। यदि उन्हें उनके परिवार से अलग कर दिया जाए तो चिल्लाते हैं।

चिल्ला-चिल्लाकर अपना दुख वे व्यक्त करते हैं। कई जानवरों को जंगल से शहर में लाया जाता है और लोग उन्हें शौक के तौर पर पालते हैं। उन्हें खाने के लिए तरह-तरह के व्यंजन देते हैं। फिर भी वे खुश नहीं रह पाते। उन्हें अपने माता-पिता की याद सताती रहती है। आखिर वे उनके साथ रहना चाहते हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि प्राणियों के पास भी भावना होती है। उनमें भी संवेदना होती है।

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(ङ) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन

प्रश्न 1.
कारण लिखिए।
उत्तरः
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प्रश्न 2.
सत्य-असत्य लिखिए।
i. जंगल जानवरों का घर है।
ii. दादी और शैलेश ने निर्णय लिया कि मोनू को जंगल में ले
जाकर उसके माता-पिता के पास छोड़ देंगे।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

प्रश्न 3.
सही पर्याय चुनकर पूर्ण वाक्य लिखिए।
i. दादी पीयूष का मुँह चूमने लगीं ……………
(च) अब उसे खरगोश नहीं चाहिए था।
(छ) अब उसे तोता नहीं चाहिए था।
(ज) अब उसे उपहार नहीं चाहिए था।
उत्तर :
दादी पीयूष का मुँह चूमने लगीं अब उसे तोता नहीं चाहिए था।

ii. मोनू के दुखी होने का कारण ……………
(च) वह सोनू से बिछड़ गया था।
(छ) वह अपने माता-पिता से बिछड़ गया था।
(ज) वह जंगलों से दूर शहर में आ गया था।
उत्तर :
मोनू के दुखी होने का कारण वह सोनू से बिछड़ गया था।

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संभाषणीय :

प्रश्न 1.
“जंगल में रहने वाले पक्षियों के मनोगत’ इस विषय पर कक्षा में चर्चा का आयोजन कीजिए।
उत्तरः
अध्यापक निर्देश: (कुछ छात्रों को जंगल में रहने वाले पक्षियों की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।)
संभाषण :

  • मैनाः हम कितने खुशनसीब हैं। इस जंगल में बड़े आनंद से विचरण कर रहे हैं।
  • कौआः हाँ, चिड़ियाँ बहन। एकदम सही कहा तुमने।
  • तोताः हम जब चाहे तब उड़ सकते हैं, यहाँ-वहाँ आ-जा सकते हैं हम पर किसी की रोक-टोक नहीं है।
  • कोयल: आप सबकी बात वैसे ठीक ही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने कई भाई-बहन पिंजड़ें में बंद है। निर्दयी इंसान ने उन्हें अपने शौक के लिए पिंजड़ें में बंद करके रखा है।
  • तोताः हाँ, कोयल बहन । तुम सच कह रही हो। मेरे कई साथियों को इंसान ने पकड़कर पिंजड़े में बंद कर रखा है। मुझे उनकी बेहद याद आती है; पर मैं कुछ कर भी नहीं सकता हूँ।
  • मैनाः सचमुच इंसान बहुत ही निर्दयी प्राणी है। उसके पास हृदय नहीं है। वह कठोर हो गया है।
  • कौआ: इंसान अपने अस्तित्व के अलावा अन्य किसी प्राणियों का अस्तित्व स्वीकार ही नहीं करता है। वह इस धरती पर अपना ही अधिकार समझता है। सच बात तो यह है कि हमें भी ईश्वर ने इस धरती पर विचरण करने का अधिकार दे दिया है। पर इंसान इसे समझता नहीं है।

सभी एक साथ : सच है। सच है। सच है। हम सभी को मिलकर इंसान के पास जाना चाहिए और उसे अपनी समस्या से रूबरू कराना चाहिए। चलिए फिर हम अभी चलते हैं। अच्छे कार्य के लिए देरी क्यों करनी है!

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जंगल Summary in Hindi

लेखक-परिचय :

जीवन-परिचय : चित्रा मुद्गल का जन्म चेन्नई में १० सितंबर १९४३ को हुआ था। हिंदी साहित्य में आधुनिक लेखिका के रूप में श्रीमती चित्रा मुद्गल जी का नाम उल्लेखनीय है। बच्चों के लिए उपन्यास लिखना आपका प्रिय शौक है। आपने अपने साहित्य के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं तथा नए जमाने की गतिशीलता और उसमें जिंदगी की मजबूरियों का चित्रण किया है।
प्रमुख कृतियाँ : उपन्यास – ‘एक जमीन अपनी’, ‘आवां’ आदि, कहानी संग्रह – ‘भूख’, ‘लाक्षागृह लपटें’, ‘मामला आगे बढ़ेगा अभी’, ‘आदि-अनादि’, बाल उपन्यास – ‘जीवक मणिमेख’, बालकथा संग्रह – ‘दूर के ढोल’, ‘सूझ-बूझ’ आदि।

गद्य-परिचय :

संवादात्मक कहानी : ‘संवादात्मक कहानी’ कहानी विधा का एक प्रकार है। इसमें किसी विशेष घटना या विशेष विषय को रोचक ढंग से संवाद रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
प्रस्तावना : ‘जंगल’ इस कहानी में लेखिका ने बच्चों के अबोध एवं संवेदनशील मन का अंकन किया है और साथ में जानवरों के प्रति दयाभाव रखने के लिए भी पाठकों को प्रेरित किया है।

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सारांश :

‘जंगल’ यह कहानी एक संवादात्मक कहानी है। इस कहानी के माध्यम से लेखिका ने बताया है कि बच्चे संवेदनशील होते हैं। वे मन के सच्चे होते हैं तथा उनका मन निष्पाप होता है। पीयूष के घर पर दो खरगोश थे। एक का नाम था सोनू और दूसरे का नाम था मोनू। पीयूष की माँ द्वारा नीचे फर्श पर गिरी डाबर की पारे की गोली खाने के कारण सोनू की मृत्यु हो जाती है। जिससे पीयूष का मन बहुत व्यथित एवं दुखी हो जाता है। उस अबोध बालक को इस बात का पता भी नहीं है कि उसकी माँ द्वारा गलती होने के कारण सोनू उसे छोड़कर दूसरी दुनिया में चला गया है।

पीयूष को लगता है कि सोनू को उसके माता-पिता द्वारा अलग कर देने के कारण उसकी मृत्यु हो गई है। सोनू की मौत का प्रभाव मोनू पर भी पड़ता है। वह अन्न का त्याग कर देता है। अत: घरवाले पीयूष को समझाते हैं कि वे मोनू को जंगल में छोड़ आएँगे; ताकि वह अपने माता-पिता के साथ खुशी से रह सके। पीयूष इस बात को मान लेता है और निर्णय कर लेता है कि वह आज से किसी भी प्राणी को अपने घर पर नहीं रखेगा।

शब्दार्थ :

  1. अनुशासन – नियम
  2. झिझक – लज्जा, संकोच
  3. बुहारना – झाडू लगाना
  4. बुदबुदाना – अस्फुट स्वर में बोलना
  5. कोंपल – नई पत्तियाँ
  6. धमाचौकड़ी – उछलकूद, उपद्रव
  7. बिटर दृष्टि – नजर गड़ाए देखना
  8. कीच – कीचड़, दलदल
  9. चितकबरी – रंग-बिरंगी
  10. पोखर – जलाशय, तालाब
  11. हमजोली – साथी, संगी
  12. निस्पंद – निश्चल, स्तब्ध
  13. प्रतिवाद – खंडन, विरोध
  14. असमर्थता – अक्षमता या दुर्बलता
  15. निश्चेष्ट – चेष्टा न करने वाला
  16. अंतिम संस्कार – मरने के बाद किया जाने वाला क्रिया-कर्म

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मुहावरे :

  1. घोड़े बेचकर सोना – निश्चिंत होकर सोना।
  2. घात लगाना – किसी को हानि पहुँचाने के अवसर ढूँढ़ना।

Hindi Lokbharti 9th Std Digest दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 7 Doctor Ka Apharan Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 7 Doctor Ka Apharan Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 7 डॉक्टर का अपहरण Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 7 डॉक्टर का अपहरण Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 7 डॉक्टर का अपहरण Textbook Questions and Answers

पठनीय:

प्रश्न 1.
डॉ. जयंत नारळीकर जी की विज्ञान संबंधी कोई किताब पढ़िए।

संभाषणीय

प्रश्न 1.
‘इसरो’ (Isro) के संदर्भ में प्राथमिक जानकारी अंतरजाल से प्राप्त कर आपस में वार्तालाप कीजिए।
उत्तर:

  • अजय: नयना क्या तुम ‘Isro’ के बारे में जानती हो?
  • नयनाः हाँ, मुझे सिर्फ ‘Isro’ का पूरा नाम पता है- इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाएझेशन।
  • अजयः क्या तुम इसका हिंदी अनुवाद कर सकती हो?
  • नयनाः नहीं, अजय। तुम ही बताओ।
  • अजय: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन।
  • नयनाः मुझे इतना पता है कि ‘इसरो’ का मुख्यालय बेंगलुरू, कर्नाटक में है।
  • अजय: क्या तुम इस संस्था के मुख्य कार्य के बारे में जानती हो?
  • नयना: नहीं, अजय।
  • अजयः सुनो नयना, इस संस्थान का मुख्य कार्य भारत के लिए अंतरिक्ष संबंधी तकनीक उपलब्ध करवाना है। अंतरिक्ष कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में उपग्रहों, राकेटों का विकास शामिल है।
  • नयना: क्या तुम्हें ‘इसरो’ के बारे और में कुछ पता है ?
  • अजयः हाँ नयना, जून २०१६ तक इसरो लगभग २० अलग-अलग देशों के 56 उपग्रहों को लाँच कर चुका है और इसके द्वारा उसने अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए हैं। इसरो को शांति, निशस्त्रीकरण और विकास के लिए साल 2014 में इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • नयनाः अजय, आज तुमने मुझे बहुत ही अच्छी जानाकारी दी है। इसके लिए मैं तुम्हें धन्यवाद देती हूँ।

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 1.1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 1.2

प्रश्न 2.
‘यदि मैं डॉ. भटनागर की जगह होता/होती’ तो… इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
यदि मैं डॉक्टर भटनागर की जगह होता, तो मेरी भी स्थिति कुछ उनके जैसे ही हो जाती। आखिर मैं भी एक इंसान हूँ और मेरा भी डॉक्टर भटनागर की भाँति परिवार है। यदि मुझे कोई ऐसे रात के समय में आकर किसी यान में बिठाकर जबरदस्ती से ले जाता, तो मेरे भी होश उड़ जाते। अचानक क्या हो रहा है, इसके बारे में मुझे कुछ नहीं सूझता। फिर भी मैं अपनी हिम्मत नहीं हारता। चुपचाप यान में बैठकर उनके घर पर जाता और उनकी स्थिति को जानने की कोशिश करता और उन्हें मुसीबतों से उबारने के लिए भरसक कोशिश करता।

आखिर, डॉक्टरों का धर्म ही होता है मरीजों की सेवा करना। जितना मेरे अकेले से बन पड़ता, उतना मैं जरूर करता। उनका सही मार्गदर्शन करता और बड़े ही विनम्र भाव से व अपना धैर्य अडिग रखते हुए हरपल उन्हें खुश रखता। मन में ये आस जरूर रखता कि अन्य ग्रहवासी भी अपने जैसे इंसान हैं और वह मुझे जरूर एक दिन यान में बिठाकर पृथ्वी पर छोड़ आएँगे। फिर यहाँ आकर मैं अन्य सहयोगी डॉक्टर एवं वैज्ञानिकों की सहायता से उनके लिए औषधि का निर्माण करता।

लेखनीय:

प्रश्न 1.
‘यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता…’ इस विषय पर लेखनीय अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
प्रत्येक छात्र का अपना सपना होता है। वह भविष्य में बड़ीसे-बड़ी मंजिल प्राप्त करना चाहता है। मेरा भी एक सपना है। वह हैअतंरिक्ष यात्री बनने का। इसके लिए मैं सतत अभ्यास व परिश्रम कर रहा हूँ। अतंरिक्ष यात्री बनने के पश्चात मैं कैसे व किस प्रकार कार्य करूँगा, यह प्रश्न मेरे मन में बार-बार उपस्थित हो रहा है।

सचमुच, मैं यदि अंतरिक्ष यात्री होता, तो मैं अंतरिक्ष की सैर करता, वहाँ जाकर रहता। वहाँ जाकर गुरूत्वाकर्षण-हीन योगाभ्यास करता, अंतरिक्ष शटल का अभ्यास करता। अंतरिक्ष में रहने का अभ्यास करता और उसके लिए प्राथमिक तौर पर तैयारी करता ।। यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो संपूर्ण भारत में भ्रमण कर छात्र – छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान से परिचित कराता। उनमें अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति प्रेम निर्माण करता ताकि आगे चलकर वे भी मेरे जैसे अंतरिक्ष यात्री बन सकें और अपने देश का नाम रोशन कर सकें।

यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो अंतरिक्ष में जाकर सबसे लंबा स्पेस वॉक करता और अपने नाम पर रिकार्ड बना कर भारत देश का नाम संसार मे ऊँचा करता। अंतरिक्ष में रहकर और वहाँ पर प्रयोग कर, वहाँ की मिट्टी एवं अन्य पदार्थों को लेकर वापस आ जाता ताकि कैंसर जैसी घातक बीमारियों की दवाइयाँ उपलब्ध हो सकें। यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो मैं संपूर्ण मानव-जाति का विचार करके उनके बारे में सोचता।

यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो अपनी जीवनी लिखता और उसके माध्यम से लोगों को बताता कि अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में कैसे रहते हैं, उन्हें किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, अंतरिक्ष में वे क्या खाते हैं, कब सोते हैं, कब जागते हैं, अंतरिक्ष में गुरुत्व बल के ना होने से किस प्रकार परेशानियों का सामना करते हैं आदि।

यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो स्वयं को सबसे अधिक भाग्यशाली समझता। जन्मभर मेहनत, परिश्रम व लगन से कमाई हुई धनराशि को मानव सेवा के लिए समर्पित कर देता।। जब मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तब ही मैं ये सारी उपलब्धियाँ एवं श्रेय प्राप्त कर सकता। अत: अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए मैं भरसक कोशिश करूँगा क्योंकि मैं जानता हूँ-

“मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं,
जिनके सपनों में जान होती है।

पंख से कुछ नहीं होता
हौसलों से उड़ान होती है।”

मौलिक सृजन:

प्रश्न 1.
अन्य ग्रहवासी से मेरी मुलाकात’ विषय पर संवाद सृजन बनाकर लिखिए।
उत्तर:

  • मनोहरः कौन हो तुम? तुम धरती के निवासी नहीं लगते हो। कहाँ से आए हो, तुम? बताओ। मैं तुम्हारे बारे में जानने के लिए उत्सुक हूँ।
  • अन्य ग्रहवासी: जी हाँ, तुमने सही पहचाना। मैं इस धरती का निवासी नहीं हूँ। मैं पृथ्वी से लगभग 15 हजार करोड़ कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्रह से आया हूँ।
  • मनोहर: इतने दूर से आए हो, तुम। पर कैसे आए हो? इतनी दूरी से यहाँ धरती पर आना, तुम्हारे लिए कैसे संभव हो सका है?
  • अन्य ग्रहवासी: हमारे पास अत्याधुनिक यान है, इसके जरिए हम कहीं भी, किसी भी सौरमंडल के ग्रह पर आसानी से जा सकते हैं।
  • मनोहरः क्या कहा तुमने? किसी भी सौरमंडल के ग्रह पर! सौरमंडल तो एक ही है।
  • अन्य ग्रहवासी: (हँसते हुए) किसने कहा तुम्हें कि सौरमंडल एक है। इस ब्रहमांड में तो सूर्य जैसे कई सूर्य हैं और सभी के अपनेअपने ग्रह हैं। उन ग्रहों पर दुनिया बसी है और वे सभी तुम्हारे ग्रह के लोगों से कई गुना ज्यादा उन्नतिशील हैं।
  • मनोहर: यह जानकर मुझे बेहद खुशी हुई कि सौरमंडल अनंत है। पर एक बात मुझे समझ में नहीं आ रही है कि तुम हमारी धरती पर क्यों आए हो। अन्य ग्रहवासी: हमारे ग्रहवासियों ने हरी-हरी वसुंधरा पर रहने वाले लोगों की संस्कृति के बारे में बहुत कुछ सुना है। अत: आप की संस्कृति का अभ्यास करने के लिए मैं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ।
  • मनोहर: तुम्हारे विचार सुनकर मैं आनंद विभोर हो गया हूँ। मुझे बेहद खुशी होगी, यदि तुम मेरे साथ चलोगे, तो मैं तुम्हें संपूर्ण भारत का भ्रमण कराऊँगा।
  • अन्य ग्रहवासी: मैं भी यही चाहता हूँ।

श्रवणीय:

प्रश्न 1.
सौर मंडल के किसी एक ग्रह संबंधी जानकारी प्राप्त कर कक्षा में सुनाइए।

पाठ के आँगन में…

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
सौरमंडल के अन्य ग्रह पर बसे लोगों के चिकित्साशास्त्र में पिछड़े रहने के कारणों की सूची तैयार कीजिए:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 1
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 2

2. ‘स्वास्थ्य की समस्या सभी जगह पाई जाती है।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।

प्रश्न 1.
‘स्वास्थ्य की समस्या सभी जगह पाई जाती है।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
आज के बढ़ते औद्योगीकरण और तकनीकी विकास ने इंसान को ऐसी अति-आधुनिक सुख-सुविधाएँ प्रदान की हैं, जिनके कारण उसका जीवन अप्रत्याशित रूप से सरल और सहज बन गया है। लेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि बढ़ते औद्योगीकरण और उन्नत औद्योगिकी के कारण पृथ्वी के प्राकृतिक वातावरण में व्यवधान उत्पन्न हो गया है। इस व्यवधान ने प्रकृति के स्वाभाविक सामंजस्य को असंतुलित कर दिया है और, चूँकि मानव-जीवन प्रकृति का अभिन्न अंग है, इसलिए बढ़ते प्राकृतिक असंतुलन ने इंसान के जीवन को भी असंतुलित कर दिया है।

फलस्वरूप आज का बिगड़ा पर्यावरण मनुष्य के स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा प्रभावित कर रहा है। आज मिलावट का कहर सबसे ज्यादा हमारी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर ही पड़ रहा है। संपूर्ण देश में मिलावटी खाद्य-पदार्थों की भरमार हो गई है। आजकल नकली दूध, नकली घी, नकली तेल, नकली चायपत्ती आदि सब कुछ धड़ल्ले से बिक रहा है। अगर कोई इन्हें खाकर बीमार पड़ जाता है तो हालत और भी खराब हो जाती है, क्योंकि जीवनरक्षक दवाइयाँ भी नकली ही बिक रही हैं।

पाठ से आगे

‘उड़न तश्तरी’ की संकल्पना अंतरजाल से पढ़कर स्पष्ट कीजिए।

भाषा बिंदू

प्रश्न 1.
निम्न वाक्यों में कारक रेखांकित कर उनके भाषा बिंदु नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खो जकर तालिका में लिखिए।

  1. श्रीमती भटनागर ने दरवाजे पर फिर से वैसे ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे।
  2. उस सी. डी. को तुरंत सुनने की व्यवस्था की गई।
  3. अजीब आशंकाओं से परेशान हो उठा।
  4. यहाँ भी लोगों ने रहने के लिए घर बना रखे हैं।
  5. घर से बाहर गए उन्हें काफी समय हो गया।
  6. हे मानव मुझे क्षमा कर, मै पृथ्वी से बहुत दूर पहुँच चुका हूँ।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 3
उत्तरः

चिहन नाम
1. ने
पर
के
कर्ताकारक
अधिकरण कारक
संबंधकारक
2. को कर्मकारक
3. से अपादान कारक
4. ने
के लिए
कर्ताकारक
संप्रदान कारक
5. से अपादान कारक
6. हे संबोधन कारक

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 7 डॉक्टर का अपहरण Additional Important Questions and Answers

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 4

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
अस्पताल के चौकीदार का डॉ. भटनागर जी के घर आने का कारण
उत्तर:
मरीज सीरियस हो जाने पर डॉ. भटनागर जी को बुलाने के लिए अस्पताल का चौकीदार डॉ. भटनागर जी के घर आ जाता।

प्रश्न 2.
डॉक्टर साहब की पत्नी जागकर भी बिस्तर पर ही पड़ी रही
उत्तरः
डॉक्टर साहब की पत्नी जागकर भी बिस्तर पर ही पड़ी रही क्योंकि वह जानती थी कि हमेशा कोई-न-कोई उनके दरवाजे पर डॉक्टर साहब को बुलाने के लिए आता है।

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 5

प्रश्न 4.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 6

प्रश्न 5.
कारण लिखिए।
पत्नी ने ऐसा क्यों कहा कि उनके पति को लेकर जाने के लिए कोई गाड़ी आई थी।
उत्तरः
ऐसा इसलिए कहा कि उनके घर के बाहर और फुटपाथ पर बड़े पहियों के निशान थे।

प्रश्न 6.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 7

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
श्रीमती भटनागर ने पुलिस को सूचना दी।
उत्तरः
उन्होंने दरवाजे पर फिर से वैसी ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे। उन्हें लगा कि डॉक्टर साहब आ गए हैं। इसलिए श्रीमती भटनागर ने पुलिस को सूचना दी।

प्रश्न 2.
सभी हतप्रभ रह गए।
उत्तरः
सी. डी. में डॉक्टर भटनागर बोल रहे थे, जिसको सुनकर सभी हतप्रभ रह गए।

प्रश्न 3.
किसने, किससे कहा?
तुम सब लोग मेरे लिए परेशान होगे।
उत्तरः
डॉक्टर भटनागर जी ने सभी लोगों से कहा।

प्रश्न 1.
सत्य-असत्य लिखिए।
1. डॉक्टर साहब स्वयं अन्य ग्रह पर चले गए थे।
2. डॉक्टर भटनागर जिस ग्रह पर गए थे, उस ग्रह के लोग विज्ञान में बहुत प्रगत थे।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 8

प्रश्न 4.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 10

प्रश्न 5.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 11

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
अन्य सौरमंडल के ग्रह पर आदमी का महत्त्व कम हो गया है।
उत्तर:
क्योंकि वहाँ पर सारा काम मशीनों से ही होता है।

प्रश्न 2.
अन्य सौरमंडल के ग्रह पर शरीर का कोई अंग सड़ने से आदमी मर जाता है।
उत्तरः
क्योंकि वहाँ पर रहनेवाले लोगों को उस रोग पर इलाज मालूम नहीं है।

प्रश्न 3.
सत्य-असत्य लिखिए।
1. अन्य सौरमंडल के लोग विज्ञान में पिछड़े हुए हैं।
2. अन्य सौरमंडल के ग्रहों पर मशीनें ज्यादा और आदमी कम हैं।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

प्रश्न 4.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 12

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
अन्य सौर मंडल के ग्रहवासियों को चिकित्सा की जरूरत ही नहीं पड़ती।
उत्तरः
अन्य सौर मंडल के ग्रहवासियों को चिकित्सा की जरूरत ही नहीं पड़ती क्योंकि वहाँ पर रहने वाले कभी बीमार ही नहीं पड़ते।

प्रश्न 2.
डॉक्टर साहब अन्य सौरमंडल के ग्रह वासियों से क्यों विरोध मोल लेना नहीं चाहते हैं?
उत्तरः
डॉक्टर साहब अन्य सौरमंडल के ग्रह वासियों से विरोध मोल लेना नहीं चाहते हैं क्योंकि उन्हें सही सलामत वापस पृथ्वी पर आना है।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
घटनाक्रमानुसार लेखन कीजिए।
(क) पत्नी ने सोचा कि डॉक्टर साहब सीधे अस्पताल चले गए होंगे।
(ख) पति के न लौटने पर पत्नी चिंतित हुई।
(ग) फिर सोचा कि मरीज की हालत गंभीर होगी।
(घ) पत्नी जागकर भी बिस्तर पर ही पड़ी रही।
उत्तरः
(घ), (ख), (ग), (क)

प्रश्न 2.
प्रस्तुत गद्यांश के आधार पर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों
1. चौकीदार
2. डॉक्टर भटनागर
उत्तरः
1.  मरीज सीरियस हो जाने पर डॉक्टर साहब को उठाने के लिए कौन आ जाता?
2. कौन लापता हो गए थे?

प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त एक वस्त्र का नाम –
उत्तरः
गाउन

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त संचार माध्यम –
उत्तरः
फोन

सही विधान चुनकर पूर्ण वाक्य फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
डॉक्टर साहब की खोज करने के लिए पुलिस ने …………………. .
(क) समाचार पत्र में इश्तिहार दिया।
(ख) वायरलेस से संदेश भेज दिए।
(ग) अन्य राज्य की पुलिस से सहायता ली।
उत्तर:
डॉक्टर साहब की खोज करने के लिए पुलिस ने वायरलेस से संदेश भेज दिए।

समझकर लिखिए।

प्रश्न 1.
पत्नी की हालत अत्यंत खराब हो गई थी यह दर्शानेवाले गद्यांश में प्रयुक्त वाक्य –
उत्तरः
उनकी हालत पागलों जैसी हो गई थी। हर रोज सुबह उठती और दरवाजे पर आकर खड़ी हो जाती, जैसे वह डॉक्टर भटनागर के आने की प्रतीक्षा कर रही हों।

प्रश्न 2.
डॉक्टर साहब सीधे-साधे व्यक्ति थे, यह दर्शानेवाला गद्यांश में प्रयुक्त वाक्य –
उत्तरः
चूँकि डॉक्टर भटनागर का कोई शत्रु भी न था।

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 13

प्रश्न 4.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 14

प्रश्न 5.
समझकर लिखिए।
अपने परिवार से दूर रहने के बावजूद भी डॉक्टर साहब खुश हैं
उत्तरः
दुनिया में हम पृथ्वीवासियों के अलावा अन्य ग्रहों पर भी दुनिया बसी हुई है। इस बात से डॉक्टर साहब खुश हैं।

प्रश्न 6.
धरतीवालों की सोच –
उत्तरः
दुनिया में जो कुछ है, वह हम ही हैं।

प्रश्न 7.
‘ब्रह्मांड अनंत है।’ इसके लिए गद्यांश में प्रयुक्त वाक्य है –
उत्तरः
इस ब्रह्मांड में तो हमारे सूर्य जैसे न जाने कितने सूर्य हैं और सभी के अपने-अपने ग्रह हैं।

प्रश्न 8.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 15

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
दूसरे सौरमंडल के ग्रहवासियों ने डॉक्टर साहब का आसानी से अपहरण कर लिया।
उत्तरः
क्योंकि उनके लिए डॉक्टर साहब का सौरमंडल सबसे निकट था।

प्रश्न 2.
अपहरणकर्ता सौरमंडल के लोग एक सौरमंडल से दूसरे सौरमंडल पर आसानी से जाते हैं।
उत्तरः
क्योंकि उनके पास अत्याधुनिक यान हैं।

सहसंबध लिखिए।

प्रश्न 1.
विचित्र-सा : नाम :: प्लास्टिक : …
उत्तरः
सूट

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 16

प्रश्न 3.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न बनाइए कि जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों
1. यान
2. सू-सू
उत्तरः
1. अन्य सौरमंडल के ग्रहवासी दूसरे सौरमंडल पर किसके सहारे सफर करते हैं?
2. यान ने तेजी से घूमकर किस प्रकार की आवाज निकाली?

प्रश्न 4.
जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ) (ब)
1. दैत्याकार (क) कारखाने
2. बड़े-बड़े (ख) मशीनें
3. ऊँची (ग) इंसान
4. मशीनों के गुलाम (घ) इमारतें

उत्तर:
(i – ख) (ii – क) (iii – घ) (iv – ग)

प्रश्न 2.
गद्यांश पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों
1. वातावरण
2. विज्ञान
उत्तर:
1. मशीनों और कारखानों से क्या दूषित हो रहा है?
2. अन्य सौरमंडल के ग्रह पर कौन अपनी चरम सीमा को पहुँचा है?

प्रश्न 3.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 17

कृति (3): शब्द संपदा

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. अचानक
  2. समाचार
  3. पत्नी
  4. हैरानी

उत्तर:

  1. सहसा
  2. खबर
  3. भार्या
  4. परेशानी

प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।

  1. जल्दी × ……….
  2. गाँव × ……….
  3. मित्र × ………
  4. दूर × ………

उत्तर:

  1. देरी
  2. शहर
  3. शत्रु
  4. पास

प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द लिखिए।
उत्तरः
डॉक्टर, सीरियस, फोन, बैग ।

प्रश्न 4.
वचन बदलिए।
1. संबंधी
2. जानकारी
उत्तर:
1. संबंधियों
2. जानकारियाँ

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों को उचित उपसर्ग लगाकर नए शब्द
तैयार कीजिए।
1. समय
2. कारण
उत्तर:
1. असमय
2. अकारण

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्द में से मूल शब्द व प्रत्यय अलग कीजिए।
चिंतित
उत्तरः
मूल शब्द – चिंता, प्रत्यय – इत

प्रश्न 7.
शब्द समूह के लिए एक शब्द लिखिए।
जिसका पता न लगे
उत्तर:
लापता

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।
1. बाहर × …..
2. दिन × …..
उत्तर:
1. अंदर
2. रात

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. नादारद
  2. तत्काल
  3. डर
  4. चिह्न

उत्तर:

  1. गायब
  2. तुरंत
  3. भय
  4. निशान

प्रश्न 3.
लिंग बदलिए।
1. साहब
2. श्रीमती
उत्तर:
1. साहिबा
2. श्रीमान

प्रश्न 4.
वचन बदलिए।

  1. सूचना
  2. महीना
  3. परेशानी
  4. हत्या

उत्तर:

  1. सूचनाएँ
  2. महीने
  3. परेशानियाँ
  4. हत्याएँ

प्रश्न 5.
गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
वायरलेस, कार, फुटपाथ, बस, ट्रक।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के मूल शब्द व प्रत्यय अलग करके लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 18

प्रश्न 7.
तालिका पूर्ण कीजिए।
(स्टेशन, उन्होंने, खोज, किया, भेज दिए गए, रहस्यात्मक, कई, उनके)
उत्तर:

संज्ञा सर्वनाम विशषण क्रिया
स्टेशन उन्होंने रहस्यात्मक किया
खोज उनके कई भेज दिए गए

प्रश्न 8.
निम्नलिखित वाक्य में विराम-चिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।
पुलिस ने पूछा क्या डॉक्टर साहब ट्रक या बस में बैठकर गए हैं
उत्तरः
पुलिस ने पूछा, “क्या डॉक्टर साहब ट्रक या बस में बैठकर गए हैं।”

प्रश्न 9.
संधि-विच्छेद कीजिए।
उत्तरः
वातावरण = वात + आवरण

प्रश्न 10.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. सरल × ………….
  2. कम × ………….
  3. गम × …………
  4. अव्यवस्था × ………..

उत्तरः

  1. कठिन
  2. ज्यादा
  3. खुशी
  4. व्यवस्था

प्रश्न 11.
समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. खुशी
  2. दुनिया
  3. पृथ्वी
  4. ब्रह्मांड

उत्तरः

  1. प्रसन्नता
  2. संसार
  3. धरती
  4. अंतरिक्ष

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन कीजिए।
1. गाड़ी
2. निशान
उत्तर:
1. गाड़ियाँ
2. निशानियाँ

प्रश्न 4.
‘स्तब्ध रहना’ इसके लिए गद्यांश में प्रयुक्त मुहावरा लिखिए।
उत्तर:
हतप्रभ रहना।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्द को उचित प्रत्यय लगाकर नया शब्द तैयार कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 डाॅक्‍टर का अपहरण 19

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्द में से मूल शब्द व प्रत्यय अलग कीजिए।
उन्नतिशील
उत्तरः
मूल शब्द – उन्नति; प्रत्यय – शील

प्रश्न 7.
निम्नलिखित क्रिया रूपों के प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए।
1. समझना
2. देना
उत्तर:

रूप प्रथम प्रेरणार्थक द्वितीय प्रेरणार्थक
1. समझना समझाना समझवाना
2. देना दिलाना दिलवाना

प्रश्न 8.
समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. कहानी
  2. रात
  3. कोशिश
  4. बाजार

उत्तर:

  1. कथा
  2. निशा
  3. प्रयास
  4. मंडी

प्रश्न 9.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।

  1. आसानी × …………
  2. अनुकूल × ………..
  3. सम्मान × ……….
  4. ज्ञान × ………….

उत्तर:

  1. कठिनाई
  2. प्रतिकूल
  3. अपमान
  4. अज्ञान

प्रश्न 10.
वचन बदलिए।
1. बस्तियाँ
2. कारखाना
उत्तर:
1. बस्ती
2. कारखाने

प्रश्न 11.
निम्नलिखित शब्द में से मूल शब्द व प्रत्यय अलग कीजिए।
1. घबराहट
2. रीति
उत्तरः
1. मूल शब्द – घबरा, प्रत्यय – आहट
2. मूल शब्द – रीत, प्रत्यय – इ

प्रश्न 12.
निम्नलिखित शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग अलग करके लिखिए।

  1. अनुकूल
  2. अनुमति
  3. अपहरण

उत्तर:

  1. अनु
  2. अनु
  3. अप

शब्द-समूह के लिए एक शब्द लिखिए।

प्रश्न 1.
ग्रह, उपग्रह, धूमकेतु, उल्का, सूर्य आदि का सम्मिलित एक विशाल आकाशीय संस्थान।
उत्तरः
सौरमंडल

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्द से उपसर्ग अलग करके लिखिए।
1. विशेष
2. विचित्र
उत्तर:
1. वि + शेष (उपसर्ग – वि)
2. वि + चित्र (उपसर्ग – वि)

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय का प्रयोग करके नए शब्द बनाइए।
1. गुलाम
2. स्थान
उत्तरः
1. गुलाम + ई = गुलामी (ई – प्रत्यय)
2. स्थान + ईय = स्थानीय (ईय – प्रत्यय)

प्रश्न 4.
विलोम शब्द लिखिए।
1. कम × ……….
2. शुरू × ……….
उत्तर:
1. ज्यादा
2. समाप्त

प्रश्न 5.
समानार्थी शब्द लिखिए।
1. रोग
2. स्थिति
उत्तर:
1. बीमारी
2. दशा

प्रश्न 6.
वचन बदलिए।
1. सीमा
2. मुसीबत
उत्तरः
1. सीमाएँ
2. मुसीबतें

निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

प्रश्न 1.
‘अस्तित्व समाप्त होना’ इसके लिए गद्यांश में प्रयुक्त मुहावरा है
उत्तर:
नामो – निशान मिटना

वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
1. शरीर के कोई अंग सड़नी शुरू हो जाती है।
2. कल-कारखानों की युग में आदमी के महत्त्व कम हो रहा है।
उत्तर:
1. शरीर का कोई अंग सड़ना शुरू हो जाता है।
2. कल-कारखानों के युग में आदमी का महत्त्व कम हो रहा

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. यात्रा
  2. कष्ट
  3. घातक
  4. शरीर

उत्तर:

  1. सफर
  2. तकलीफ
  3. खतरनाक
  4. तन

प्रश्न 3.
वचन बदलिए।

  1. दवाएँ
  2. रास्ता
  3. योजना
  4. इच्छा

उत्तर:

  1. दवा
  2. रास्ते
  3. योजनाएँ
  4. इच्छाएँ

प्रश्न 4.
विलोम शब्द लिखिए।

  1. आज × ……………….
  2. अपना × ……………..
  3. सहमत × ……………
  4. आवश्यक × …………..

उत्तर:

  1. कल
  2. पराया
  3. असहमत
  4. अनावश्यक

प्रश्न 5.
उपसर्ग अलग करके लिखिए।
उत्तरः
विदेश – वि + देश (वि – उपसर्ग)

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
उत्तरः
अंग – शरीर के अंग, शरीर, भाग, शाखा

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘डॉक्टरों का जीवन सेवा और साधना का होता है। इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
डॉक्टर का समाज में महत्त्वपूर्ण स्थान है। कई बार ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर को कई-कई घंटे काम करना पड़ता है। वह आराम से सो भी नहीं पाता। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को कई-कई घंटे रोगियों को देखना पड़ता है। रोगी की स्थिति गंभीर होने पर उनकी रात में भी कई बार जाँच करनी पड़ती है। डॉक्टर मनुष्य को जीवनदान देकर उस पर उपकार करता है।

डॉक्टर ऑपरेशन के द्वारा हमें नवजीवन प्रदान करता है। टी.बी., पक्षघात, हृदय रोग, कैंसर आदि बीमारियाँ डॉक्टर ही बड़े प्रयत्न से ठीक कर पाता है। इसलिए तो कहा गया है कि ईश्वर तो केवल जन्म देकर मनुष्य को संसार में भेज देता है। उसके बाद मनुष्य के जीवन की रक्षा का सारा उत्तरदायित्व वह डॉक्टरों के हाथ में सौंप देता है। आखिर, मानव-जाति को स्वस्थ बनाए रखना ही डॉक्टरी पेशे की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

प्रश्न 2.
‘यदि आपका मित्र गायब हो जाए, तो उसे ढूँढ़ने के लिए आप कौन-कौन से प्रयास करेंगे।’ अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
यदि मेरा मित्र गायब हो जाए, तो उसे ढूँढ़ने के लिए सर्वप्रथम मैं उसे अपने अन्य मित्रों के घर जाकर ढूँढूँगा। यदि वह वहाँ पर नहीं मिला, तो मैं उसके माता-पिता से पूछूगा कि उसने जाने से पहले कुछ बताया है, कि वह कहाँ जा रहा है। यदि उनसे समाधानकारक जवाब न मिला, तो मैं उसके माता-पिता के साथ मिलकर पुलिस स्टेशन जाकर रिपोर्ट लिखवाऊँगा।

उसका फोटो पुलिस को दूंगा तथा उसके रंग, रूप, ऊँचाई, उम्र आदि के बारे में पुलिस को बताऊँगा। इतना ही नहीं, मैं दूरदर्शन के माध्यम से भी गुमशुदा मित्र की तलाश करूँगा। जब तक मेरा मित्र घर वापस नहीं आएगा, तब तक उसके माता-पिता के साथ रहकर उनका हौसला बढ़ाऊँगा। उन्हें किसी भी हालत में हिम्मत नहीं हारने दूंगा। अपने मित्र तथा परिवार की सहायता से उसे हर पल ढूँढ़ने की कोशिश करूँगा।

प्रश्न 3.
‘अपने परिवार, मित्रों व देश से दूर का दुख तो बहुत ही ज्यादा होता है।’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
जैसे अपना परिवार अपना होता है, वैसे ही अपना देश भी अपना होता है। यदि हम नौकरी के सिलसिले में विदेश चले गए और वहाँ पर रहने लगे, तो हमें अपने परिवार की कमी खलने लगती है। हम अपने परिवार के लोगों को छोड़कर वहाँ पर अकेले रहना पसंद नहीं करते हैं। अकेले रहे तो भी हमें दिनरात अपने माता-पिता, बीवी-बच्चों की यादें आनी शुरू हो जाती है।

हम भले कितने भी सुख से क्यों न हों, फिर भी हम अकेलेपन को अधिक गहराई से महसूस करते हैं। विदेश में तो सारे पराए होते हैं। वहाँ पर अपना कोई नहीं होता। हम जिस प्रकार अपनों के साथ लड़ते-झगड़ते हैं, वैसे पराए लोगों के साथ नहीं लड़-झगड़ सकते हैं। हमें हर पल हर कदम पर अपना संतुलन सँभालकर रखना पड़ता है। सचमुच, अपने परिवार व देश से दूर होने का दु:ख तो बहुत ही ज्यादा होता है।

प्रश्न 4.
‘यदि मैं डॉक्टर भटनागर की जगह होता/होती तो ………’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
यदि मैं डॉक्टर भटनागर की जगह होता, तो मेरी भी स्थिति कुछ उनके जैसे ही हो जाती। आखिर मैं भी एक इंसान हूँ और मेरा भी डॉक्टर भटनागर की भाँति परिवार है। यदि मुझे कोई ऐसे रात के समय में आकर किसी यान में बिठाकर जबरदस्ती से ले जाता, तो मेरे भी होश उड़ जाते। अचानक क्या हो रहा है, इसके बारे में मुझे कुछ नहीं सूझता। फिर भी मैं अपनी हिम्मत नहीं हारता। चुपचाप यान में बैठकर उनके घर पर जाता और उनकी स्थिति को जानने की कोशिश करता और उन्हें मुसीबतों से उबारने के लिए भरसक कोशिश करता।

आखिर, डॉक्टरों का धर्म ही होता है मरीजों की सेवा करना। जितना मेरे अकेले से बन पड़ता, उतना मैं जरूर करता। उनका सही मार्गदर्शन करता और बड़े ही विनम्र भाव से व अपना धैर्य अडिग रखते हुए हरपल उन्हें खुश रखता। मन में ये आस जरूर रखता कि अन्य ग्रहवासी भी अपने जैसे इंसान हैं और वह मुझे जरूर एक दिन यान में बिठाकर पृथ्वी पर छोड़ आएँगे। फिर यहाँ आकर मैं अन्य सहयोगी डॉक्टर एवं वैज्ञानिकों की सहायता से उनके लिए औषधि का निर्माण करता।

प्रश्न 5.
‘आज का इंसान मशीनों का गुलाम बन गया है।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
विकास के होड़ में आगे बढ़ने के लिए मानव जाति ने जिन आविष्कारों की लड़ी लगाई है, उसका एक भयावह पहलू अब सामने आ रहा है। मशीनी कार्य के बीच जहाँ मानव श्रम बेकार हो रहा है, लोग बेकार और बेरोजगार हो रहे हैं। हम अपने ही बनाए मशीनों के गुलाम होते जा रहे हैं। मशीनी युग में हम कठपुतली बन कर रह गए हैं और हमारी आँखों के सामने ही हमारे हिस्से का काम भी मशीन छीन ले जा रही है और हम लाचार और बेबस बनकर रह गए हैं। विकास की होड़ में मानव जाति ने सफलता की बुलंदियों को छुआ।

अपने लगन व मेहनत के बल पर हमने ऐसी मशीनों का ईजाद किया जिनके सहारे आज महीनों का काम दिनों में व दिनों का काम घंटों में ही निपटा लिया जाता है। अब न तो अधिक मजदूरों की ही जरूरत रही और न ही समय की। दिन-रात का फर्क भी जैसे मिट-सा गया। दिन हो या रात जब जी चाहे मशीन चालू कीजिए और मशीन अलाउद्दीन के चिराग के जिन की तरह आपके आदेश का पालन करती ही चली जाएगी। मशीन जितने देर तक चालू रहेगी बस उतनी ही देर तक उर्जा व डीजल की खपत होगी। वर्तमान समय में बड़े कामों के अलावा छोटे-छोटे कामों में भी इन दैत्याकार मशीनों का इस्तेमाल होने लगा है और आज का इंसान इनका गुलाम बनता दिखाई दे रहा है।

भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ

काल परिवर्तन कीजिए।

प्रश्न 1.
उन्हें अस्पताल समय से पहुँचने की आदत थी।
(सामान्य भविष्यकाल)
उत्तरः
उन्हें अस्पताल समय से पहुँचने की आदत होगी।

प्रश्न 2.
डॉक्टर भटनागर अचानक लापता हो जाते हैं।
(सामान्य भूतकाल)
उत्तर:
डॉक्टर भटनागर अचानक लापता हो गए।

प्रश्न 3.
इन्होंने आसानी से मेरा अपहरण कर लिया।
(पूर्ण वर्तमानकाल)
उत्तरः
इन्होंने आसानी से मेरा अपहरण कर लिया है।

प्रश्न 4.
वे एक सौरमंडल से दूसरे तक आसानी से आते-जाते हैं।
(अपूर्ण वर्तमानकाल)
उत्तरः
वे एक सौरमंडल से दूसरे तक आसानी से आ-जा रहे हैं।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त अव्यय पहचानकर उसका भेद लिखिए।

  1. वे इसका बुरा न मानते, बल्कि सहर्ष चले जाते।
  2. कुछ देर के लिए वह यही मान बैठी।
  3. यहाँ के लोग विज्ञान में बहुत आगे बढ़ गए हैं।
  4. इन्हें कई सौरमंडल और उनके ग्रहों के बारे में जानकारी है।

उत्तर:

  1. बल्कि – समुच्चयबोधक अव्यय
  2. के लिए – संबंधसूचक अव्यय
  3. यहाँ – क्रियाविशेषण अव्यय
  4. और – समुच्चयबोधक अव्यय

प्रश्न 6.
वाक्य के प्रकार पहचानिए।

  1. दो बजे उनके घर की कॉलबेल बज उठी।
  2. जब भी कोई मरीज सीरियस होता, तब अस्पताल का चौकीदार उन्हें उठाने आ जाता।
  3. जो लोग हैं, वे मशीनों के गुलाम हैं।
  4. उद्योगों के विकास से मशीनों की संख्या बढ़ रही है और आदमी का महत्त्व कम होता जा रहा है।

उत्तर:

  1. सरल वाक्य
  2. मिश्र वाक्य
  3. मिश्र वाक्य
  4. संयुक्त वाक्य

प्रश्न 7.
निम्नलिखित वाक्यों में से कारक शब्द पहचानकर उनके भेद लिखिए।
1. मैं तुम लोगों से दूर अन्य सौरमंडल के ग्रह में हूँ।
2. पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी।
उत्तर:
1. से – अपादान कारक
2. ने – कर्ता कारक

प्रश्न 8.
‘मुझे एक विशेष किस्म का प्लास्टिक सूट पहनाया गया।’
विशेषण पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
विशेष, प्लास्टिक – विशेषण

प्रश्न 9.
‘इन्होंने आसानी से मेरा अपहरण कर लिया।’ वाक्य में प्रयुक्त सहायक क्रिया पहचानकर लिखिए।
उत्तरः
लिया – लेना – सहायक क्रिया

प्रश्न 10.
संधि-विच्छेद कीजिए।
उत्तर:
1. सम्मान = सम् + मान
2. दैत्याकार = दैत्य + आकार
3. रहस्योद्घाटन = रहस्य + उद्घाटन

प्रश्न 11.
‘यहाँ लोग बीमार ही नहीं पड़ते इसलिए उन्हें चिकित्सा की जरूरत नहीं पड़ती। इस वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम, क्रियाविशेषण अव्यय व समुच्चयबोधक अव्यय पहचानिए।
उत्तर:
1. सर्वनाम – उन्हें
2. क्रियाविशेषण अव्यय – यहाँ
3. समुच्चयबोधक अव्यय – इसलिए

प्रश्न 12.
‘इस घातक रोग के इलाज के लिए दवाएँ बनाना है।’ वाक्य में से विशेषण व संबंधसूचक अव्यय ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
1. विशेषण – घातक
2. संबंधसूचक अव्यय – के लिए

प्रश्न 13.
निम्नलिखित वाक्य में से कारक छाँटिए व उनके भेद लिखिए।
1. डॉक्टर भटनागर ने सड़न रोग का अध्ययन कर लिया है।
2. मैं सही सलामत वापस पृथ्वी पर आना चाहता हूँ।
उत्तर:
1. ने – कर्ता कारक
2. पर – अधिकरण कारक

डॉक्टर का अपहरण Summary in Hindi

लेखक-परिचय:

जीवन-परिचय: डॉ. हरिकृष्ण देवसरे का जन्म इंदिरापुरम, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वे एक बाल प्रतिष्ठित साहित्यकार थे। उन्होंने अपनी कलम से जो कुछ लिखा, वह सब कुछ बच्चों के लिए ही लिखा। हिंदी बाल साहित्य को समृद्ध एवं संपन्न करने का कार्य उनकी कलम ने किया। वे बालकों में जिज्ञासा, कल्पना और विज्ञान के प्रति प्रेम तथा आस्था निर्माण करने में सफल रहे।

प्रमुख कृतियाँ: वैज्ञानिक बाल उपन्यास – ‘खेल बच्चे का’, ‘आओ चंदा के देश चलें’, ‘मंगल ग्रह में राजू’, ‘उड़ती तश्तरियाँ’, ‘गिरना स्काईलैब का’, ‘दूसरे ग्रहों के गुप्तचर’ आदि।

गद्य-परिचय:

विज्ञान कथा: कल्पना व विज्ञान इन दोनों का समन्वय कर पाठकों के मन में जिज्ञासा निर्माण करने का कार्य साहित्य की जो विधा करती
है, उसे ‘विज्ञान कथा’ कहते हैं। इसमें जीवन की किसी घटना का रोचक और प्रवाही वर्णन किया जाता है।

प्रस्तावना: प्रस्तुत पाठ ‘डॉक्टर का अपहरण’ के माध्यम से लेखक डॉ. हरिकृष्ण देवसरे जी ने उद्योगों के अंधाधुंध प्रसार के कारण मशीनों की बढ़ती संख्या तथा उससे फैलनेवाले प्रदूषण से होने वाली प्राणघातक बीमारियों और जलवायु में हो रहे भयंकर परिवर्तन के प्रति हमें आगाह किया है।

सारांश:

प्रस्तुत पाठ एक विज्ञान कथा है, जो कल्पना पर आधारित है। इस कथा के माध्यम से कथाकार ने हमें मशीनी युग में निर्माण होने वाले दैत्याकार मशीनों के प्रति सजग किया है। आज का इंसान इनका गुलाम बन गया है। मशीनों की बढ़ती संख्या के कारण प्रदूषण एवं जलवायु पर बुरा असर पड़ रहा है । जिसके कारण लोगों को विविध घातक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। अत: कथाकार ने इनकी रोकथाम व इन पर नियंत्रण रखने के लिए पाठकों को प्रेरित किया है।

शब्दार्थ:

  1. लापता – गायब, जिसका पता न लगे
  2. समाचार – खबर
  3. हैरानी – परेशानी, आश्चर्य
  4. प्रतीक्षा – इंतज़ार
  5. उन्नतिशील – प्रगतिशील
  6. उम्मीद – आशा
  7. ब्रह्मांड – अंतरिक्ष
  8. नतीजा – परिणाम
  9. तरकीब – युक्ति
  10. दैत्याकार – विशालकाय
  11. अंग प्रत्यारोपण – अंग के बदले लगाया गया अंग
  12. सौरमंडल – सौर जगत, सूर्य परिवार

मुहावरे:

1. हतप्रभ रहना – स्तब्ध रहना।
2. नामो-निशान मिटना- अस्तित्व समाप्त होना।

Hindi Lokbharti 9th Digest Answers Pdf पहली इकाई