Class 10 Hindi Chapter 8 Apni Gandh Nahi Bechunga Question Answer Maharashtra Board

Std 10 Hindi Chapter 8 Apni Gandh Nahi Bechunga Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगान Notes, Textbook Exercise Important Questions, and Answers.

Hindi Lokbharti 10th Digest Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगान Questions And Answers

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा Textbook Questions and Answers

कृति

कृतिपत्रिका के प्रश्न 2 (अ) तथा प्रश्न 2 (आ) के लिए

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 13

प्रश्न 2.
लिखिए :
(i) फूल को बिक जाने से भी बेहतर लगता
(ii) फूल के अनुसार उसे तोड़ने का पहला अधिकार
उत्तर:
(i) फूल को बिक जाने से भी बेहतर लगता है – मर जाना।
(ii) फूल के अनुसार उसे तोड़ने का पहला अधिकार डाली, कोंपल और काँटों को है।

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 11

प्रश्न 4.
सूची बनाइए:
इनका फूल से संबंध है –
– – – – – – – – – – – – – – –
– – – – – – – – – – – – – – –
– – – – – – – – – – – – – – –
– – – – – – – – – – – – – – –
उत्तर:
(i) उपवन:
(ii) डाली
(iii) कोंपल
(iv) काँटे।

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प्रश्न 5.
कारण लिखिए :
(i) फूल अपनी सौगंध नहीं बेचेगा – – – – – – – – – – – – – – –
(ii) फूल को मौसम से कुछ लेना नहीं है – – – – – – – – – – – – – – –
उत्तर:
(i) अपनी गंध न बेचने की सौगंध फूल का संस्कार बन गई है, इसलिए फूल अपनी सौगंध नहीं बेचेगा।
(i) फूल को मौसम से कुछ लेना-देना नहीं है – उसे अपने अस्तित्व के लिए कुछ भी पाने की इच्छा नहीं है। इसलिए कैसा भी मौसम हो, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता।

प्रश्न 6.
‘दाता होगा तो दे देगा, खाता होगा तो खाएगा’ इस पंक्ति से स्पष्ट होने वाला अर्थ लिखिए।
उत्तर:
फूल को केवल अपने स्वाभिमान से मतलब है। उसे किसी चीज को पाने अथवा खो जाने की चिंता नहीं है। जो मिलना होगा, मिलेगा और जो नुकसान होगा, होगा। उसे उसकी चिंता नहीं है।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
1. रचनाकार का नाम
2. रचना का प्रकार
3. पसंदीदा पंक्ति
4. पसंदीदा होने का कारण
5. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा
उत्तर:
1. रचनाकार का नाम → बालकवि बैरागी।
2. रचना की विधा → गीत।

3. पसंद की पंक्ति → चाहे सभी सुमन बिक जाएँ,
चाहे ये उपवन बिक जाएँ
चाहे सौ फागुन बिक जाएँ
पर मैं गंध नहीं बेचूंगा।

4. पंक्तियाँ पसंद होने का कारण → इन पक्तियों में फूल हर हालत में जीवन में अपने स्वाभिमान को सर्वोपरि मानता है। इसके लिए उसे कोई भी त्याग करना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार है, पर वह अपने स्वाभिमान को हर हालत में बनाए रखना चाहता है।

5. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा → प्रस्तुत रचना से यह संदेश मिलता है कि स्वाभिमान मनुष्य की सबसे बड़ी थाती है। हमें हर हालत में इसकी रक्षा करनी चाहिए। यदि स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमें अपना सर्वस्व निछावर कर देना पड़े, तो भी हँसते-हँसते अपना सब कुछ त्याग देना चाहिए। प्रस्तुत पंक्तियों से हमें यही प्रेरणा मिलती है। (विद्यार्थी अपनी पसंदीदा पंक्ति लिखें।)

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा Additional Important Questions and Answers

पद्यांश क्र. 1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 3
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 4
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 5

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प्रश्न 2.
जोड़ियाँ मिलाइए :
(i) सुमन – पँखुरी
(ii) काँटे – सौगंध
(iii) मालिन – उपवन
(iv) संस्कार – चौकी
उत्तर:
(i) सुमन – उपवन
(ii) काँटे – चौकी
(iii) मालिन – पँखुरी
(iv) संस्कार – सौगंध

प्रश्न 3.
उत्तर लिखिए :
(i) फूल ‘सौगंध’ न बेचने की बात इन्हें संबोधित करते हुए कहता है।
उत्तर:
(i) अपने ऊपर मँडराने वालों और अपना मोल लगाने वालों को फूल ‘सौगंध’ न बेचने की बात संबोधित करते हुए कहता है।

प्रश्न 4.
कारण लिखिए :
(i) फूल डाली, कोंपल और काँटों को स्वयं को नोचने-तोड़ने का अधिकार देता है –
उत्तर:
(i) फूल डाली, कोंपल और काँटों का कृतज्ञ है, इसलिए वह इन्हें अपने आप को नोचने-तोड़ने का अधिकार देता है।

प्रश्न 5.
उत्तर लिखिए : (पद्यांश में आया)
(i) एक भारतीय महीने का नाम – ………………………………..
(ii) एक प्रसिद्ध पौराणिक चरित्र, जिनके नाम के साथ रेखा’ शब्द जोड़कर उदाहरण दिया जाता है – ………………………………..
(iii) फूलों के बगीचे में फूलों के पौधे लगाने और उनकी सेवा करने वाले व्यक्ति की पत्नी – ………………………………..
(iv) फूलों की महक के अर्थ में प्रयुक्त शब्द – ………………………………..
उत्तर:
(i) एक भारतीय महीने का नाम – फागुन।
(ii) एक प्रसिद्ध पौराणिक चरित्र, जिनके नाम के साथ ‘रेखा शब्द जोड़कर उदाहरण दिया जाता है- लछमन (लक्ष्मण), लक्ष्मण रेखा।
(iii) फूलों के बगीचे में फूलों के पौधे लगाने और उनकी सेवा करने – वाले व्यक्ति की पत्नी – मालिन।
(iv) फूलों की महक के अर्थ में प्रयुक्त शब्द – गंध।

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कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए :
(i) अरुणाई
(ii) चौकी
(iii) गंध
(iv) सौगंध
उत्तर:
(i) अरुणाई -लालिमा
(ii) चौकी – पहरा
(iii) गंध -सुगंध
(iv) सौगंध – कसम।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्द समूहों के लिए एक-एक शब्द लिखिए :
(i) वृक्ष की नई और कोमल पत्तियाँ =
(ii) किसी वस्तु के ऊपर चारों ओर घूमते हुए उड़ना =
उत्तर :
(i) वृक्ष की नई और कोमल पत्तियाँ – कोंपल
(ii) किसी वस्तु के ऊपर चारों ओर घूमते हुए उड़ना – मँडराना।

कृति 3 : (सरल अर्थ)

प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की ‘जिस डाली ने ——— रिश्ते जोड़े’ पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
फूल कहता है कि पौधे की जिस डाल ने उसे अपनी गोद में खिलाया था, जिन कोंपलों ने उसे लालिमा प्रदान की थी और जिन काँटों ने लक्ष्मणजी की तरह पहरा देकर उसे तोड़े जाने से बचाया था, उन्हें वह कभी भूल नहीं सकता। उनका वह ऋणी है और उस पर पहला अधिकार इन्हीं का है। वे चाहे उसे नोचें या तोड़ें, वह उफ तक नहीं करेगा। वह कहता है कि वे चाहे मुझे तोड़कर किसी मालिन को दे दें, तो भी मुझे कोई आपत्ति नहीं है।

पद्यांश क्र. 2
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 6
उत्तर:

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प्रश्न 2.
कारण लिखिए :
(i) पिचकारी का जादू-टोना फूल पर कोई अंतर नहीं लाएगा –
उत्तर:
(i) पिचकारी का जादू-टोना फूल पर कोई अंतर नहीं लाएगा – फूल को कृत्रिम फुहारों की कामना नहीं है। इसलिए पिचकारी का जादू-टोना फूल पर कोई अंतर नहीं लाएगा।

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 अपनी गंध नहीं बेचूँगा 7
उत्तर:

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
पद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए :
(i) ………………………………
(ii) ………………………………
(iii) ………………………………
(iv) ………………………………
उत्तर:
(i) आएगा-जाएगा
(ii) रोना-धोना
(iii) जादू-टोना
(iv) पल-पल।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए :
(i) भौंरा = ………………………………
(ii) सुर = ………………………………
(iii) दाम = ………………………………
(iv) कोमल = ………………………………
उत्तर:
(i) भौंरा = भ्रमर
(ii) सुर = स्वर
(iii) दाम = मूल्य
(iv) कोमल = मुलायम।

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कृति 3 : (सरल अर्थ)

प्रश्न.
प्रस्तुत पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
चाहे फूल की कोमल-कोमल पंखुड़ियों पर भौंरों के गुंजन का सरगम सुनाई देता हो अथवा पतझड़ का मौसम हो, और वह मुरझाई हुई दशा में हो या उस पर कृत्रिम फुहारें डालकर उसे सांत्वना दी जाए, उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। फूल अपनी बोली लगाने वालों और पल-पल अपनी कीमतें आँकने वालों को संबोधित करते हुए कहता है कि मैंने अपने आप से अपने स्वाभिमान का अनुबंध कर लिया है और यह ठान लिया है कि मैं अपने स्वाभिमान पर कभी आँच नहीं आने दूंगा। मैं उस अनुबंध को किसी भी हालत में दाँव पर नहीं लगा सकता अर्थात मैं उसका कभी सौदा नहीं कर सकता। फूल कहता है कि वह अपनी सुगंध कभी नहीं बेच सकता।

पयांश क्र. 3
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई। सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
दो ऐसे प्रश्न बनाकर लिखिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों :
(i) मन ने
(ii) पवन के।
उत्तर:
(i) तन पर किसने प्रतिबंध लगा दिया?
(ii) फूल एक-एक के घर किसके साथ जाएगा?

प्रश्न 2.
लिखिए :
(i) फूल झर जाना चाहता है ……………………………|
उत्तर:
(i) फूल झर जाना चाहता है – अपनी माटी में।

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए :
(i) फूल इस तरह झर जाएगा
(ii) भूल-चूक की माफी यह लेगी –
(iii) तब मंडी यह समझेगी –
(iv) इसको इसका अंत पता है –
उत्तर:
(i) फूल इस तरह झर जाएगा – पंखुरी-पंखुरी गिरकर
(ii) भूल-चूक की माफी यह लेगी – फूल की गंध कुमारी
(iii) तब मंडी यह समझेगी – खुद्दारी किसको कहते हैं।
(iv) इसको इसका अंत पता है – फूल को अपना

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कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
पद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए :
(i) ………………………………….
(ii) ………………………………….
उत्तर:
(i) एक-एक
(ii) भूल-चूक।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए :
(i) पवन = ………………………………….
(ii) तन = ………………………………….
(iii) घर = ………………………………….
(iv) दिन = ………………………………….
उत्तर:
(i) पवन = हवा
(ii) तन = शरीर
(iii) घर = मकान
(iv) दिन = दिवस।

कृति 3 : (सरल अर्थ)

प्रश्न.
प्रस्तुत पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
फूल कहता है कि इस संसार में जिसका भी जन्म होता है, एक-न-एक दिन उसका अंत होना (मरना) निश्चित है। वह कहता है कि यह बात मुझे अच्छी तरह मालूम है कि एक दिन मैं भी पंखुड़ीपंखुड़ी करके झर जाऊँगा और मेरा अंत हो जाएगा। पर इसके पहले मैं हवा के साथ उड़कर वातावरण में फैलकर एक-एक (फूल) के पास ३ जाऊँगा और मेरी सुगंध उनसे जाने-अनजाने में किए की माफी मांगेगी।

फूल कहता है कि उस दिन बाजार और बाजार में खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को यह बात समझ में आएगी कि खुद्दारी अर्थात स्वाभिमान क्या होता है और इसके सम्मान के लिए लोग हर प्रकार का त्याग करने के लिए क्यों तत्पर रहते हैं।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न. सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

1. शब्द भेद :
अधोरेखांकित शब्दों का शब्दभेद पहचानकर लिखिए :
(i) फूल की अरुणाई देखने योग्य थी।
(ii) भँवरे फूलों पर मँडराते हैं।
उत्तर :
(i) अरुणाई – भाववाचक संज्ञा।
(ii) भँवरे – जातिवाचक संज्ञा।

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2. अव्यय :
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
(i) सामने
(ii) तरफ।
उत्तर :
(i) फूल एक-एक के सामने जाएगा।
(ii) मालिन ने फूल की तरफ देखा।

3. संधि :
कृति पूर्ण कीजिए :

संधि शब्द संधि विच्छेद  संधि भेट
………………… यथा + अर्थ  …………………
अथवा
नमस्ते  ………………… …………………

उत्तर:

संधि शब्द संधि विच्छेद  संधि भेट
यथार्थ यथा + अर्थ स्वर संधि
अथवा
नमस्ते नमः + ते विसर्ग संधि

4. सहायक क्रिया :
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए :
(i) बिकने से बेहतर है मर जाऊँ।
(ii) मन ने तन पर प्रतिबंध लगा दिया।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) जाऊँ – जाना
(ii) दिया – देना

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5. प्रेरणार्थक क्रिया :
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए :
(i) रोना
(ii) उड़ना।
उत्तर:
क्रिया प्रथम प्रेरणार्थक रूप दुवितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) रोना – रुलाना – रुलवाना
(ii) उड़ना – उड़ाना – उड़वाना

6. मुहावरे :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(i) चैन न मिलना
(ii) झेंप जाना।
उत्तर :
(i) चैन न मिलना।
अर्थ : बेचैनी अनुभव करना।
वाक्य : इलाके में चोरी की बढ़ती घटनाओं से पुलिस को चैन नहीं मिल रहा था।
(ii) झेंप जाना।
अर्थ : लज्जित होना, शरमाना।
वाक्य : हिसाब-किताब में गड़बड़ी पकड़े जाने पर मुंशी जी झेंप गए।

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प्रश्न 2.
अधोरेखांकित वाक्यांशों के लिए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए : (थर-थर काँपना, नजर आना, दृष्टि फेरना)
(i) चोर पुलिस के डर से बहुत अधिक काँप रहा था।
(ii) आगरा के किले की ऊपरी मंजिल से ताजमहल का गुंबद दिखाई देता है।
उत्तर:
(i) चोर पुलिस के डर से थर-थर काँप रहा था।
(ii) आगरा के किले की ऊपरी मंजिल से ताजमहल का गुंबद नजर आता है।

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए :
(i) अच्छा हो मर कर अपनी माटी में झर जाऊँ।
(ii) चाहे जिस मालिन से मेरी पंखुरियों के रिश्ते जोड़ें।
उत्तर:
(i) माटी में – अधिकरण कारक।
(ii) मालिन से – करण कारक।

8. विरामचिह्न :
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए :
(i) मौसम से मुझको क्या लेना है वह तो आएगा – जाएगा
(ii) अच्छा तो आप मुझे अपनी गंध बेचने के लिए कह रहे हैं
उत्तर :
(i) मौसम से मुझको क्या लेना है, वह तो आएगा-जाएगा।
(ii) अच्छा! तो आप मुझे अपनी गंध बेचने के लिए कह रहे हैं।

9. काल परिवर्तन :
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए :
(i) मैं गंध नहीं बेचूंगा। (सामान्य भूतकाल)
(ii) मुझको मेरा अंत पता है। (पूर्ण भूतकाल)
उत्तर :
(i) मैंने गंध नहीं बेची।
(ii) मुझको मेरा अंत पता था।

10. वाक्य भेद :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए :
(i) एक ओर भौरे का गुंजार है और दूसरी ओर पतझड़।
(ii) मैं वह सौगंध नहीं बेचूंगा, जो मेरा संस्कार बन गई।
उत्तर :
(i) संयुक्त वाक्य
(ii) मिश्र वाक्य।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए :
(i) फूल अपनी गंध नहीं बेचेगा। (विस्मयादिबोधक वाक्य)
(ii) फूल एक-एक के घर जाएगा। (संदेहबोधक वाक्य)
उत्तर :
(i) अच्छा ! फूल अपनी गंध नहीं बेचेगा !
(ii) फूल शायद एक-एक के घर जाए।

11. वाक्य शुद्धिकरण :
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए :
(i) उस दीन ये मंडी समझेगा।
(ii) तब दूनिया उसके पाँव पर पड़ेगी।
उत्तर:
(i) उस दिन ये मंडी समझेगी।
(ii) तब दुनिया उसके पाँव पड़ेगी।

अपनी गंध नहीं बेचूँगा Summary in Hindi

विषय-प्रवेश :
स्वाभिमान मनुष्य की थाती है। जिस व्यक्ति में स्वाभिमान की भावना नहीं होती, उसका अपना कोई अस्तित्व नहीं होता। स्वाभिमानी लोग अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सब कुछ गँवा देते हैं, पर अपने स्वाभिमान पर आँच नहीं आने देते। प्रस्तुत कविता में कवि ने एक ऐसे ही फूल का वर्णन किया है, जो अपने स्वाभिमान को बनाए रखने के लिए अपना सब कुछ निछावर करने के लिए तत्पर है, पर किसी भी हालत में अपना स्वाभिमान छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। कवि ने इस कविता के द्वारा फूल के इस गुण को मनुष्य को भी अपनाने और स्वाभिमानी रहने की प्रेरणा दी है।

अपनी गंध नहीं बेचूँगा कविता का सरल अर्थ

1. चाहे सभी सुमन …………………………. सौगंध नहीं बेचूंगा।

स्वाभिमानी फूल अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सब कुछ निछावर करने के लिए तैयार है, पर वह किसी भी हालत में अपने स्वाभिमान पर आँच नहीं आने देना चाहता।

वह कहता है कि चाहे सारे फूल बिक जाएँ, केवल फूल ही नहीं चाहे वे उपवन भी बिक जाएँ, जहाँ सारे फूल उत्पन्न होते हैं। सारी बहार क्यों न बिक जाए, पर वह अपनी सुगंध को, जिसे वह अपना स्वाभिमान मानता है, किसी भी हालत में नहीं बेच सकता।

जिस तरह मनुष्य अपने स्वाभिमान के लिए मर मिट जाता है, पर उस पर आँच नहीं आने देता, उसी तरह यह फूल भी अपनी सुगंध की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

फूल कहता है कि पौधे की जिस डाल ने उसे अपनी गोद में खिलाया था, जिन कोंपलों ने उसे लालिमा प्रदान की थी और जिन काँटों ने लक्ष्मणजी की तरह पहरा देकर उसे तोड़े जाने से बचाया था, उन्हें वह कभी भूल नहीं सकता। उनका वह ऋणी है और उस पर पहला अधिकार इन्हीं का है। वे चाहे उसे नोचें या तोड़ें, वह उफ तक नहीं करेगा। वह कहता है कि वे चाहे मुझे तोड़कर किसी मालिन को दे दें, तो भी मुझे कोई आपत्ति नहीं है।

वह चारों ओर से अपने ऊपर नजरें गड़ाने वालों और उसकी कीमत लगाकर उसे बाजार में बेचने वालों से कहता है कि उसने अपनी सुगंध को न बेचने की जो सौगंध खाई है, वह उसका संस्कार बन गई है और वह उसका सौदा कभी नहीं कर सकता। फूल कहता है कि वह अपनी सुगंध कभी नहीं बेच सकता।

2. मौसम से क्या लेना अनुबंध नहीं बेचूंगा।

फूल कहता है कि मौसम, कैसा भी हो, मौसम का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। वह हर स्थिति में अपने आप को स्थिर रखने में सक्षम है। उसे किसी से कुछ भी पाने की आकांक्षा नहीं है। वह लाभ या हानि की कोई परवाह नहीं करता। न उस पर किसी चीज का कोई प्रभाव पड़ता है। और न वह किसी चीज से कभी घबराता है। चाहे उसकी कोमल-कोमल पंखुड़ियों पर भौंरों के गुंजन का सरगम सुनाई देता हो अथवा पतझड़ का मौसम हो, और वह मुरझाई हुई दशा में हो या उस पर कृत्रिम फुहारें डालकर उसे सांत्वना दी जाए, उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

वह अपनी बोली लगाने वालों और पल-पल अपनी कीमतें आँकने वालों को संबोधित करते हुए कहता है कि मैंने अपने आप से अपने स्वाभिमान का अनुबंध कर लिया है और यह ठान लिया है कि मैं अपने स्वाभिमान पर कभी आँच नहीं आने दूँगा। मैं उस अनुबंध को किसी भी हालत में दाँव पर नहीं लगा सकता अर्थात मैं उसका कभी सौदा नहीं कर सकता। फूल कहता है कि वह अपनी सुगंध कभी नहीं बेच सकता।

3. मुझको मेरा अंत ……………………… वो प्रतिबंध नहीं बेचूंगा।

फूल कहता है कि इस संसार में जिसका भी जन्म होता है, एक-न-एक दिन उसका अंत होना (मरना) निश्चित है। वह कहता है कि यह बात मुझे अच्छी तरह मालूम है कि एक दिन मैं भी पंखुड़ीपंखुड़ी करके झर जाऊँगा और मेरा अंत हो जाएगा। पर इसके पहले मैं हवा के साथ उड़कर वातावरण में फैलकर एक-एक (फूल) के पास जाऊँगा और मेरी सुगंध उनसे जाने-अनजाने में किए की माफी मांगेगी।

फूल कहता है कि उस दिन बाजार और बाजार में खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को यह बात समझ में आएगी कि खुद्दारी अर्थात स्वाभिमान क्या होता है और इसके सम्मान के लिए लोग हर प्रकार का त्याग करने के लिए क्यों तत्पर रहते हैं। फूल कहता है कि किसी के हाथों बिकने से तो अच्छा है कि मैं मर जाऊँ और अपने देश की मिट्टी में मिल जाऊँ। वह कहता है कि मैंने अपनी इच्छा से अपने शरीर पर जो प्रतिबंध लगा लिया है, उस प्रतिबंध को मैं कभी नहीं बेच सकता।

(फूल के इस स्वाभिमान को मनुष्य को भी अपनाना चाहिए और उसे भी किसी लालच में आकर कभी अपना स्वाभिमान बेचना नहीं चाहिए।)

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions दूसरी इकाई

Class 10 Hindi Chapter 6 Hum Us Dharti Ki Santati Hai Question Answer Maharashtra Board

Std 10 Hindi Chapter 6 Hum Us Dharti Ki Santati Hai Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 10th Digest Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं Questions And Answers

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कृति

(कृतिपत्रिका के प्रश्न 3 (आ) के लिए)

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
वर्गीकरण कीजिए:
पद्यांश में उल्लिखित चरित्र-ध्रुव, प्रह्लाद, भरत, लक्ष्मीबाई, रजिया सुलताना, दुर्गावती, पद्मिनी, सीता, चाँदबीबी, सावित्री, जयमल
उत्तर:
ऐतिहासिक – पौराणिक
लक्ष्मीबाई, रजिया सुलताना, दुर्गावती, पद्मिनी, चाँद बीबी, जयमल-पत्ता। – ध्रुव, प्रह्लाद, भरत, सीता, सावित्री।।

प्रश्न 2.
विशेषताओं के आधार पर पहचानिए :
(i) भारत माता के रथ के दो पहिये – ……………………………..
(ii) खूब लड़ने वाली मर्दानी – ……………………………..
(iii) अपनी लगन का सच्चा – ……………………………..
(iv) किसी को कुछ न गिनने वाले – ……………………………..
उत्तर:
(i) भारत माता के रथ के दो पहिये – लड़के (पुरुष), लड़कियाँ (स्त्रियाँ)।
(ii) खूब लड़ने वाली मर्दानी – लक्ष्मीबाई, दुर्गावती, रजिया सुलताना।
(iii) अपनी लगन का सच्चा – प्रह्लाद।
(iv) किसी को कुछ न गिनने वाले – जयमल-पत्ता।

प्रश्न 3.
सही/गलत पहचानकर गलत वाक्य को सही करके वाक्य पुनः लिखिए :
(i) रानी कर्मवती ने अकबर को राखी भेजी थी।
(ii) भरत शेर के दाँत गिनते थे।
(iii) झगड़ने से सब कुछ प्राप्त होता है।
(iv) ध्रुव आकाश में खेले थे।
उत्तर:
(i) रानी कर्मवती ने हुमायूँ को राखी भेजी थी।
(ii) भरत शेरों की दतुली गिनते थे।
(iii) झगड़ने से कुछ भी प्राप्त नहीं होता।
(iv) ध्रुव मिट्टी में खेले थे।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं

प्रश्न 4.
कविता से प्राप्त संदेश लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत कविता कव्वाली के स्वरूप में है। इसमें लड़के जहाँ महापुरुषों और प्रसिद्ध शूरवीरों का हवाला देते हुए अपने आप को लड़कियों से श्रेष्ठ बताने की कोशिश करते हैं, वहीं लड़कियाँ भी सीता, सावित्री, लक्ष्मीबाई तथा युद्ध में अपना पराक्रम दिखाने वाली शूरवीर रानियों को अपनी जमात से जोड़ते हुए लड़कों से अपने आप को कम नहीं बतातीं। पर बाद में लड़के कव्वाली के माध्यम से लड़कियों को जवाब देते हैं कि कोई किसी से बढ़कर नहीं है, सभी बराबर हैं। देश के चाहे महान पुरुष हों या महान स्त्रियाँ सभी भारत माँ की संतान हैं। लड़के-लड़कियाँ दोनों भारत माता के रथ के दो पहियों के समान हैं। रथ के लिए इन दोनों पहियों का होना जरूरी है। इस तरह कविता से यह संदेश मिलता है कि कोई बड़ा या कोई छोटा नहीं है, सभी लोग समान हैं। हमें अपने आप पर निरर्थक गर्व नहीं करना चाहिए।

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पद्यांश क्र. 1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
तालिका पूर्ण कीजिए:

चरित्र  विशेषताएँ
 इस मिट्टी में खेलने वाला
 लगन का सच्चा (सच्ची लगन वाला)
 शेर के जबड़े में दाँत गिनने वाला
 अपने पराक्रम के आगे किसी को न गिनने वाला

उत्तर:

चरित्र  विशेषताएँ
ध्रुव  इस मिट्टी में खेलने वाला
प्रहलाद  लगन का सच्चा (सच्ची लगन वाला)
भरत  शेर के जबड़े में दाँत गिनने वाला
जयमल-पत्ता  अपने पराक्रम के आगे किसी को न गिनने वाला

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 2
प्रश्न 3.
उत्तर लिखिए:
(i) पद्यांश में बड़ाई की गई है, इनकी –
(ii) पद्यांश में प्रयुक्त सौरमंडल का एक प्रसिद्ध ग्रह –
(iii) पद्यांश में आया वह नाम, जिनके नाम पर हमारे देश का नाम पड़ा –
(iv) पद्यांश में आया वन का एक हिंसक पशु –
उत्तर:
(i) पद्यांश में बड़ाई की गई है, इनकी – लड़कों की।
(ii) पद्यांश में प्रयुक्त सौरमंडल का एक प्रसिद्ध ग्रह – घरती।
(iii) पद्यांश में आया वह नाम, जिनके नाम पर हमारे देश का नाम पड़ा – भरत।
(iv) पद्यांश में आया वन का एक हिंसक पशु – शेर।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
कव्वाली काव्य विधा के बारे में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
कव्वाली आम जनता से लेकर शिक्षित वर्ग तक की पसंद की एक लोकप्रिय काव्य विधा है। इसकी मुख्य विशेषता, कव्वाली गीत प्रस्तुत करने वाले कलाकारों के बीच किसी विषय को लेकर नोक-झोंक होती है। इसमें प्रतियोगी कलाकार जब एक-दूसरे की काव्य पंक्तियों पर नहले पर दहला जड़ते हैं, तो श्रोताओं के मुँह से अनायास ही तारीफों की बरसात होने लगती है।

श्रोता अच्छे कलाकारों की कव्वाली सुनने में पूरी रात गुजार देते हैं, फिर भी उनका मन नहीं, भरता। कव्वालियों में कल्पना पक्ष प्रमुख होता है और उपमाओं की भरमार होती है। कव्वाली गायक किसी बात का उदाहरण देते-देते कहीं भटक जाता है, तो भी वह बड़ी खूबसूरती के साथ फिर अपने विषय पर लौट आता है। लोकप्रियता के कारण कव्वाली को कई फिल्मों में भी समाहित किया गया है। कव्वाली गायकों में से कुछ के नाम तो लोगों की जबान पर होते हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं

पद्यांश क्र. 2
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 3
उत्तर
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 5

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 4
उत्तर
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 6

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं

प्रश्न 3.
उत्तर लिखिए:
(i) पद्यांश में आया चित्तौड़ की प्रसिद्ध रानी का नाम –
(ii) पुराने जमाने में राजपूत रानियों का दहकती हुई विशाल चिता में प्रवेश कर प्राण न्योछावर कर देने से संबंधित शब्द –
उत्तर:
(i) पद्यांश में आया चित्तौड़ की प्रसिद्ध रानी का नाम – पद्मिनी।
(ii) पुराने जमाने में राजपूत रानियों का दहकती हुई विशाल चिता में प्रवेश कर प्राण न्योछावर कर देने से संबंधित शब्द – जौहर।

प्रश्न 4.
परिणाम लिखिए:
गर डींग उड़ाएँगे, तो …………………..
उत्तर:
गर डींग उड़ाएँगे, तो मजबूरन ताने सहने होंगे।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘नारी सम्मान’ के बारे में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
आजकल स्त्रियों के अपमान की अनेक घटनाएँ पढ़नेसुनने में आती हैं। स्त्रियों पर तरह-तरह के अत्याचार होते हैं। यह बड़े दुख की बात है।

हमारे देश में प्राचीन काल से नारियों का सम्मान करने की परंपरा रही है। हमारे यहाँ नारी को देवी का सम्मान दिया जाता रहा है और उसकी पूजा करने की परंपरा रही है। दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी, पार्वती, महाकाली आदि देवियों की हम श्रद्धा और भक्तिपूर्वक पूजा करते हैं। सीता, सावित्री तथा अनुसूया जैसी महान नारियाँ हमारी आदर्श रही हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने कहा है ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवताः अर्थात जहाँ नारियों की पूजा की जाती है वहीं देवता निवास करते हैं।

आज हमारे देश में स्त्रियाँ हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ बराबरी के स्तर पर काम कर रही हैं। आज की नारी पहले की अपेक्षा अधिक जागरूक हो चुकी है। नारी को सम्मान देने से स्त्रियाँ ही सम्मानित नहीं होंगी, बल्कि उन्हें सम्मान देने वाले खुद भी गौरवान्वित होंगे।

पद्यांशु क्र. 3
प्रश्न, निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

(1) आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 7
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 8
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं 9

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं

प्रश्न 2.
इन शब्दों के अर्थ वाले शब्द पद्यांश से ढूंढकर लिखिए:
(i) नाराज
(ii) झगड़ा
(iii) संतान
(iv) प्राप्त होना।
उत्तर:
(i) नाराज – खफा
(ii) झगड़ा – टंटा
(iii) संतान – संतति
(iv) प्राप्त होना – हासिल करना।

प्रश्न 3.
परिणाम लिखिए:
झगड़े करेंगे, तो ………………………
उत्तर:
झगड़े करेंगे, तो कुछ हासिल न होगा।

प्रश्न 4.
उपर्युक्त पद्यांश में उल्लेखित स्त्री-पुरुष समानता दर्शानेवाली पंक्तियाँ चुनकर लिखिए: (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
(i) …………………….
(ii) …………………….
उत्तर:
(i) बस बात पते की इतनी है, ध्रुव या रजिया भारत माँ के
(ii) भारत माता के रथ के है, हम दोनों ही, दो-दो पहिए, अजी दो पहिए, हाँ दो पहिए।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘झगड़े से कुछ हासिल नहीं होता’-अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
उत्तर:
किसी बात पर होने वाली कहा-सुनी या विवाद को आमतौर पर झगड़ा कहा जाता है। झगड़े से समस्या सुलझने के बजाय और उलझ जाती है। मुख्य मुद्दा धरा रह जाता है और झगड़ा प्रमुख हो जाता है। कभी-कभी तो झगड़े में लोगों की जान पर भी बन आती है। इसके परिणामस्वरूप लोगों में मारा-मारी और हत्या तक हो जाती है। पर समस्या वैसी की वैसी बनी रहती है, बल्कि उसमें और इजाफा हो जाता है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 6 हम उस धरती की संतति हैं

झगड़े के परिणामस्वरूप पीढ़ी-पीढ़ी तक दुश्मनी बनी रहती है। इसलिए झगड़े को भूलकर आपस में बातचीत के माध्यम से ही किसी समस्या का हल निकालने की बात सोचनी चाहिए। अत: किसी समस्या का हल निकालने का सही मार्ग झगड़ा नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण माहौल में आपस में बातचीत कर समझौता करना है।

हम उस धरती की संतति हैं Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : कव्वाली एक लोकप्रिय काव्य विधा है। इसमें दो दल अपनी-अपनी तारीफों अथवा किसी विषय पर अपनी राय को रोचक और तार्किक ढंग से नोक-झोंक के रूप में प्रस्तुत करते हैं। अच्छे कव्वाली गायकों को श्रोता रात-रात भर सुनते रहते हैं। हम उस घरती की संतति हैं’ कव्वाली के एक दल में लड़के हैं और दूसरे दल में लड़कियाँ हैं। लड़के देश के प्रसिद्ध महापुरुषों और शूरवीर योद्धाओं से अपना संबंध जोड़कर अपने आप को श्रेष्ठ साबित करते हैं, तो लड़कियाँ सीता, सावित्री तथा युद्ध में अपना पराक्रम दिखाने वाली योद्धा नारियों से अपना संबंध जोड़कर अपने आप को श्रेष्ठ बताती हैं। पर बाद में दोनों दलों को अहसास होता है कि उन्हें इस झगड़े से कोई लाभ नहीं है। स्त्री-पुरुष दोनों भारतमाता के रथ के दो पहियों के समान हैं और देश के लिए दोनों आवश्यक हैं।

हम उस धरती की संतति हैं कविता का सरल अर्थ

1. हम उस धरती ……………………………… धरती के लड़के हैं।

[कविता में लड़कों (पुरुष जाति) को लड़कियों (स्त्रियों) से बढ़-चढ़कर बताते हुए लड़के अपनी प्रशंसा करते हुए कहते हैं -]

“हम उस परती पर रहने वाले लड़के हैं, जिनकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। यह वही घरती है, जहाँ ध्रुव जैसे महापुरुष का जन्म हुआ था और वे इसी मिट्टी में खेलते थे।

इसी मिट्टी में भक्त प्रहलाद का जन्म हुआ था। सारी दुनिया को मालूम है कि वे अपनी धुन के कितने सच्चे थे।

यहीं पर भरत जैसे वीर और साहसी महापुरुष का जन्म हुआ था। वे इतने निडर थे कि शेरों के मुँह खुलवाकर उनके दाँत गिना करते थे। __जयमल और पत्ता जैसे वीर इसी मिट्टी में पैदा हुए थे, जो अपने जैसा वीर किसी को समझते ही नहीं थे।

लड़के लड़कियों को नीचा दिखाते हुए कहते हैं कि इन सभी कारणों से हम (लड़के) तुम लोगों (लड़कियों) से बढ़कर हैं। इसलिए तुम सब (लड़कियों) हमारा (पुरुषों का) सामना नहीं कर सकती हो। अतः हमारे सामने तुम सब अपना मुँह बंद रखो। कुछ बोलने की कोशिश मत करो।”

2. बातों का जनाब ……………………………… हम उस धरती की लड़की हैं।

(लड़कों को अपनी बड़ाई करते हुए सुनकर लड़कियाँ लड़कों को जवाब देती हैं-)
“आप जैसे लोगों को बात करने का ढंग तक मालूम नहीं है। आप अपनी प्रशंसा खुद न कीजिए और चुप रहिए। (सुनिए) हम उस धरती की लड़कियाँ हैं, जिस धरती का कुछ पूछना ही नहीं है। हम उस धरती, की लड़कियाँ हैं जिसकी मिट्टी में वीरांगना झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का जन्म हुआ था।

दुर्गावती और रजिया सुलताना जैसी मर्दानी वीरांगनाएँ जिस मिट्टी में पैदा हुई थीं, जिन्होंने लड़ाई के मैदान में अपना अद्भुत पराक्रम दिखाया था, हम उस धरती की लड़कियाँ हैं।

चाँद बीबी जैसी वीरांगना और जौहर की ज्वाला में हँसते-हँसते कूद जाने वाली महान नारी पद्मिनी का जन्म भी इसी मिट्टी में हुआ था।

यह सीता और सावित्री जैसी महान सन्नारियों की जन्म-स्थली है।

यदि आप (लड़के) अपने श्रेष्ठ होने की बड़ी-बड़ी बातें करेंगे, तो आप लोग हमारे ताने भी सहिए। याद रखिए, हम (लड़कियाँ) इन सन्नारियों की धरती की लड़कियाँ हैं।

3. यों आप खफा ……………………………… धरती की संतति हैं।

(लड़कियों का जवाब सुनकर लड़के समझदारी की बात करते हुए कहते हैं-)

(हमारी बातों पर) आप नाराज क्यों होती हैं? इसमें आपस में E झगड़े की कोई बात नहीं है।

इस बात में क्या रखा है कि हमसे आप लोग बढ़कर हैं अथवा आप लोगों से हम लोग बढ़कर हैं।

इस तरह की बातें हमें आपस में उलझाकर रख देंगी और इससे न हमें कोई फायदा होगा और न आपको ही। सच्ची बात तो यह है कि ध्रुव (पुरुष) और रजिया (स्त्री) दोनों ही इसी धरती भारत माँ की संतान हैं। हम लोग भारत माता के रथ के (स्त्री-पुरुष रूपी) दो पहिए हैं। हम सब इसी धरती की संतान हैं।

हम उस धरती की संतति हैं मुहावरे-अर्थ

  • शेखी बघारना – स्वयं अपनी प्रशंसा करना।
  • डींग मारना – बड़ी-बड़ी बातें करना।
  • पते की बात कहना – रहस्य की बात बताना।

हम उस धरती की संतति हैं टिप्पणियाँ :

  • ध्रुव : राजा उत्तानपाद और रानी सुनीति के पुत्र। महान विष्णु भक्त। विष्णु ने उन्हें आकाश में सप्तर्षि के पास अटल पद दिया था।
  • प्रहलाद : हिरण्यकशिपु के पुत्र। महान विष्णुभक्त। इनकी रक्षा के लिए विष्णु ने नृसिंह अवतार लेकर हिरण्यकशिपु का वध किया था।
  • भरत : दुष्यंत एवं शकुंतला के पुत्र। इनके नाम पर ही हमारे देश का नाम ‘भारत’ पड़ा।
  • सावित्री : राजा अश्वपति की कन्या। सत्यवान की पत्नी। महान पतिव्रता स्त्री। इन्होंने यम से अपने पति के प्राण छुड़ाए थे।
  • सीता : विदेहाधिपति जनक की कन्या। इन्हें वैदेही, जानकी आदि नामों से भी जाना जाता है। ये जमीन की जोताई करते समय मिली थी, इसलिए इनका सीता नाम पड़ा। श्रीराम की पत्नी।
  • लक्ष्मीबाई : झाँसी की रानी। महान वीरांगना।
  • चाँद बीबी : अहमदनगर राज परिवार की गुणी स्त्री। मुगलों ने निजामशाही की राजधानी अहमदनगर पर आक्रमण किया था, तो चाँद बीबी ने बड़ी बहादुरी से किले पर उनका सामना किया था। पर सरदारों के षड्यंत्र के कारण वह मारी गई।
  • रजिया सुलताना : दिल्ली के सुलतान अल्तमश की बेटी। अल्तमश ने रजिया सुलताना को अपने उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया था। वह सेना का नेतृत्व स्वयं करती थी।
  • जयमल-पत्ता : जयमल और पत्ता दोनों महान शूरवीर योद्धा थे। उन्होंने चित्तौड़ पर अकबर द्वारा किए गए हमले का बहादुरी पूर्वक सामना किया था।
  • दुर्गावती : भारत की वीरांगना। उनका जन्म प्रसिद्ध चंदेल राजा कीरत राय के परिवार में हुआ था। वे गोंडवाना राज्य की रानी थीं।
  • पद्मावती : चित्तौड़ के राजा रतनसिंह की पत्नी। अपनी सुंदरता के लिए विख्यात। दिल्ली के सुलतान अलाउद्दीन खिलजी ने उनकी सुंदरता के बारे में सुनकर चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया था। राजपूत बहादुरों ने मरते दम तक उसका सामना किया। अंत में वीरांगना पद्मावती ने अन्य राजपूत स्त्रियों के साथ किल्ले में जौहर कर लिया था।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions दूसरी इकाई

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कृति

कृतिपत्रिका के प्रश्न 2 (अ) तथा प्रश्न 2 (आ) के लिए।

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 5

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 2.
निम्न अर्थ को स्पष्ट करने वाली पंक्तियाँ लिखिए:
a. संतों की सहनशीलता …………………………….
b. कपूत के कारण कुल की हानि …………………………….
उत्तर:
a. खल के बचन संत सह जैसे।
b. कपूत के कारण कुल की हानि – जिमि कपूत के उपजे, कुल सदधर्म नसाहिं।।

प्रश्न 3.
तालिका पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 2
उत्तर:
इन्हें – यह कहा है
(i) नदी के जल का समुद्र में मिलना – ईश्वर को प्राप्त कर स्थिर हुआ जीव
(ii) सज्जनों के सद्गुण – तालाब में जल भरना

प्रश्न 4.
जोड़ियाँ मिलाइए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 3
उत्तर:
(i) नव पल्लव से भरा वृक्ष -साधक के मन का विवेक
(ii) उपकारी की संपत्ति -ससि संपन्न पृथ्वी
(iii) मेढक की ध्वनि -बटुक समुदाय द्वारा वेद-पाठ
(iv) कलियुग में धर्म का पलायन – चक्रवाक पक्षी का न दिखना कर जाना

प्रश्न 5.
इनके लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 4
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 13

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 6.
प्रस्तुत पद्यांश से अपनी पसंद की किन्हीं चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

उपयोजित लेखन

कहानी लेखन: ‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई इस सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद Additional Important Questions and Answers

पद्यांश क्र.1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) मन डर रहा है इनका – [ ]
(ii) बिजली की तुलना की गई है इससे – [ ]
(iii) भूमि के पास आए बादल ऐसे लगते हैं – [ ]
(iv) विद्यार्थी जिसे पाने के लिए पढ़ाई करते हैं – [ ]
उत्तर:
(i) मन डर रहा है इनका – [श्रीराम का]
(ii) बिजली की तुलना की गई है इससे [दुष्ट की प्रीति से]
(iii) भूमि के पास आए बादल ऐसे लगते हैं – [विद्वान की तरह]
(iv) विद्यार्थी जिसे पाने के लिए पढ़ाई करते हैं – [विद्या]

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 6
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 10

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 3.
जोड़ियाँ मिलाइए:
(i) दमकती बिजली – दुष्टों के वचन
(ii) भूमि पर गिरा पानी – राम का डरना
(iii) बूंदों का प्रहार – दुष्ट की मित्रता
(iv) बादलों की गर्जना – माया से लिपटा जीव
उत्तर:
(i) दमकती बिजली – दुष्ट की मित्रता
(ii) भूमि पर गिरा पानी – माया से लिपटा जीव
(iii) बूंदों का प्रहार – दुष्टों के वचन
(iv) बादलों की गर्जना – राम का डरना

प्रश्न 4.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 12

प्रश्न 5.
निम्नलिखित अर्थ को स्पष्ट करने वाली पंक्तियाँ लिखिए:
(i) संतों की सहनशीलता।
(ii) जीव की निश्चिंतता।
(iii) रास्तों का अदृश्य हो जाना।
(iv) विद्वानों की विनम्रता
उत्तर:
(i) खल के बचन संत सह जैसे।
(ii) होई अचल जिमि जिव हरि पाई।
(iii) हरित भूमि तृन संकुल, समुझि परहि नहिं पंथ।
(iv) जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

कृति 2: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए:
(i) थिर – ………………………………………..
(ii) जथा – ………………………………………..
(iii) सदगुन – ………………………………………..
(iv) अघात – ………………………………………..
उत्तर:
(i) थिर -स्थिर
(ii) जथा – यथा
(iii) सदगुन – सद्गुण
(iv) अघात – आघात।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) जलनिधि = ……………………
(ii) गिरि = ……………………
(iii) नदी = ……………………
(iv) जल = ……………………
उत्तर:
(i) जलनिधि = समुद्र
(ii) गिरि = पहाड़
(iii) नदी = सरिता
(iv) जल = पानी।

कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
प्रस्तुत पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
बादल आकाश में उमड़-घुमड़कर भयंकर गर्जना कर रहे हैं। श्रीराम जी कह रहे हैं कि ऐसे में सीता जी के बिना उनका मन भयभीत हो रहा है। बिजली आकाश में ऐसे चमक रही है, जैसे दुष्ट व्यक्ति की मित्रता स्थिर नहीं रहती । कभी वह बनी रहती है और कभी टूटने के कगार पर पहुँच जाती है। बादल धरती के नजदीक आकर बरस रहे हैं। उनका यह व्यवहार ठीक उसी प्रकार लगता है, जैसे विद्वान व्यक्ति विद्या पाकर विनम्र हो जाते हैं। बादल भी जल के भार से झुक गए हैं और पृथ्वी के नजदीक आकर अपने जल से प्राणियों को तृप्त कर रहे हैं। पहाड़ों पर वर्षा की बूदों की चोट पड़ रही है, पर पहाड़ चुपचाप शांत भाव से यह आघात उसी प्रकार सहते जा रहे हैं, जैसे संत लोग दुष्टों के कटुवचन सह लेते हैं और उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं करते।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

पदयांश क्र. 2
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आका

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 14
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 15

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए:
इनकी तुलना की गई है, इनसे –
(i) रात के अंधकार में जुगनू – [ ]
(ii) ससि (अनाज) से भरपूर घरती – [ ]
(iii) कृषि को निराने वाले किसान – [ ]
(iv) दिखाई न देने वाला चक्रवाक – [ ]
उत्तर:
(i) रात के अंधकार में जुगनू – [घमंडियों के समाज से]
(ii) ससि (अनाज) से भरपूर धरती – [उपकारी की संपति से]
(iii) कृषि को निराने वाले किसान – [मोह-मद-मान त्यागने वाले विद्वान से]
(iv) दिखाई न देने वाला चक्रवाक – [कलियुग पाकर भाग जाने वाले धर्म से]

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द खोजकर लिखिए:
(i) ग्रह – [ ]
(ii) पेड़ – [ ]
(iii) पत्ते – [ ]
(iv) उपग्रह – [ ]
(v) पौधा – [ ]
उत्तर:
(i) ग्रह – [पतंग (सूर्य)]
(ii) पेड़ – [बिटप]
(iii) पत्ते – [पात]
(iv) उपग्रह – [महि]
(v) पौधा – [अर्क-जवास]

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 4.
तालिका पूर्ण कीजिए:
इन्हें – यह कहा है
(i) ………………….. – बटु समुदाय
(ii) (नव पल्लव वाले) वृक्ष – …………………..
(iii) (लुप्त हुई) धूल – …………………..
(iv) ………………….. – ज्ञान उत्पन्न हुआ
उत्तर:
इन्हे – यह कहा है
(i) दादुर – बटु समुदाय
(ii) (नव पल्लव वाले) वृक्ष – ज्ञान प्राप्त कर प्रफुल्लित होने वाला साधक
(iii) (लुप्त हुई) धूल – क्रोध के कारण लुप्त हुआ धर्म
(iv) (विषयों से विरक्त) मनुष्य – ज्ञान उत्पन्न हुआ।

प्रश्न 5.
उत्तर लिखिए:
पद्यांश में आया –
(i) एक प्रसिद्ध धर्मग्रंथ – [ ]
(ii) चित्त का मनोविकार या उग्र भाव – [ ]
(iii) एक प्रसिद्ध पक्षी – [ ]
(iv) वह शब्द, जिसके दो अर्थ हैं, जिनमें से एक का अर्थ सूर्य है – [ ]
उत्तर:
(i) एक प्रसिद्घ धर्मग्रंथ – [वेद]
(ii) चित्त का मनोविकार या उग्र भाव – [क्रोध]
(iii) एक प्रसिद्ध पक्षी – [चक्रवाक (चकवा)]
(iv) वह शब्द, जिसके दो अर्थ हैं, जिनमें से एक का अर्थ सूर्य है – [पतंग]

प्रश्न 6.
निम्न अर्थ को स्पष्ट करने वाली पंक्तियाँ लिखिए:
(i) कुसंग से ज्ञान नष्ट होना और सुसंग से ज्ञान उत्पन्न होना। – [ ]
उत्तर:
(i) कुसंग से ज्ञान नष्ट होना और सुसंग से ज्ञान उत्पन्न होना। – बिनसइ-उपजइ म्यान जिमि, पाइ कुसंग-सुसंग

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ वाले शब्द पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए:
(i) हुए – ……………………….
(ii) जैसे – ……………………….
(iii) कहीं – ……………………….
(iv) की – ……………………….
उत्तर:
(i) हुए – भए, भयऊ।
(ii) जैसे – जनु, जस।
(iii) कहीं – कतहुँ।
(iv) की – कै।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:
(i) दादुर
(ii) धूरी (धूल)
(iii) धर्म
(iv) प्रजा
उत्तर:
(i) दादुर – पुल्लिग
(ii) धूरी (धूल) – स्त्रीलिंग
(iii) धर्म – पुल्लिग
(iv) प्रजा – स्त्रीलिंग।

कृति 3 : (सरल अर्थ)
प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों (दोहा) का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर :
कभी-कभी वायु बहुत तेज गति से चलने लगती है। इससे बादल यहाँ-वहाँ गायब हो जाते हैं। यह दृश्य उसी प्रकार लगता है जैसे परिवार में कुपुत्र के उत्पन्न होने से कुल के उत्तम धर्म (श्रेष्ठ आचरण) नष्ट हो जाते हैं। कभी (बादलों के कारण) दिन में घोर अंधकार छा जाता है और कभी सूर्य प्रकट हो जाता है। तब लगता है, जैसे बुरी संगति पाकर ज्ञान नष्ट हो गया हो और अच्छी संगति पाकर ज्ञान उत्पन्न हो गया हो।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न. सूचनाओं के अनुसार कृतियों कीजिए :

1. शब्द भेद :

प्रश्न.
अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानकर लिखिए :
(i) भूमि परत भा ढाबर पानी।
(i) नव पल्लव भए बिटप अनेका।
उत्तर:
(i) पानी-द्रव्यवाचक संज्ञा
(ii) नव-गुणवाचक विशेषण।

2. अव्यय:

प्रश्न.
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
(i) नहीं
(i) इसलिए।
उत्तर :
(i) जनक कॉलेज नहीं जाता।
(ii) बेचन बिजली का बिल अदा नहीं कर पाया, इसलिए बिजली आपूर्ति खंडित हो गई।

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3. संधि :

प्रश्न.
कृति पूर्ण कीजिए:
संधि शब्द – संधि विच्छेद – संधि भेद
…………………… – विद्या + अर्थी – ……………………
अथवा
जगन्नाथ – …………………… – ……………………
उत्तर:
संधिशब्द – संधि विच्छेद – संधि भेद
विद्यार्थी – विद्या + अर्थी – स्वर संधि
अथवा
जगन्नाथ – जगत् + नाथ – व्यंजन संधि

4. सहायक क्रिया:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में सहायक क्रिया पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) बादल पृथ्वी के नजदीक आकर बरस रहे हैं।
(ii) दुष्ट लोग थोड़ा धन पाकर भी इतराने लगते हैं।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) रहे – रहना
(ii) लगने – लगना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:

प्रश्न.
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) सहना
(ii) गिरना।
उत्तर:
क्रिया – प्रथम प्रेरणार्थक रूप – द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) सहना – सहाना – सहवाना
(ii) गिरना – गिराना – गिरवाना

6. मुहावरे:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) आँखें फाड़कर देखना
(ii) रुआँसा होना।
उत्तर:
(i) आँखें फाड़कर देखना।
अर्थ: आश्चर्य से देखना।
वाक्य: मनीष सर्कस के कलाकारों के करतब आँखें फाड़कर देख रहा था।

(ii) रुआँसा होना।
अर्थ: उदास होना।
वाक्य: मालिक की झिड़कियाँ खाकर नौकर रुआँसा हो गया।

प्रश्न 2.
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए: (हामी भरना, करवट बदलना)
आखिरकार रंजन ने शादी करने के लिए स्वीकृति दी।
उत्तर:
आखिरकार रंजन ने शादी करने के लिए हामी भरी।

7. कारक:
प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
(i) छोटी-छोटी नदियाँ वर्षा के जल से भर जाती हैं।
(ii) नदी अपने किनारों को तोड़ती हुई आगे बढ़ जाती है।
उत्तर:
(i) वर्षा के-संबंध कारक
(ii) किनारों को-कर्म कारक ।

8. विरामचिह्न:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्न लगाकर वाक्य फिर से लिखिए:
(i) पृथ्वी घास से परिपूर्ण होकर हरी हो गई है जिससे रास्तों का पता नहीं चलता
(ii) हरी भरी फसलों से युक्त पृथ्वी कैसी लग रही है
उत्तर:
(i) पृथ्वी घास से परिपूर्ण होकर हरी हो गई है, जिससे रास्तों का पता नहीं चलता।
(ii) हरी-भरी फसलों से युक्त पृथ्वी कैसी लग रही है?

9. काल परिवर्तन:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) प्रियाहीन मेरा मन डरता है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
(ii) बादल पृथ्वी के नजदीक आकर बरस रहे हैं। (सामान्य भविष्यकाल)
उत्तर:
(i) प्रियाहीन मेरा मन डरा है।
(ii) बादल पृथ्वी के नजदीक आकर बरसेंगे।

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10. वाक्य भेद:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) बादल गरज रहे हैं और बिजली चमक रही है।
(ii) अनेक वृक्षों में नई-नई कोंपलें आ गई हैं, जिससे वे हरे-भरे तथा सुशोभित हो गए हैं।
उत्तर:
(i) संयुक्त वाक्य
(ii) मिश्र वाक्य।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
(i) कलियुग में धर्म पलायन कर जाता है। (प्रश्नवाचक वाक्य)
(ii) संत पुरुष दुष्टों के वचन सहते हैं। (निषेधवाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) क्या कलियुग में धर्म पलायन कर जाता है?
(ii) संत पुरुष दुष्टों के वचन नहीं सहते।

11. वाक्य शुद्धिकरण:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
(i) एक-एक करके सद्गुण सज्जन के पास चला आते है।
(ii) धूल खोजने पे भी कहीं नहीं मिलता है।
उत्तर:
(i) एक-एक कर सद्गुण सज्जन के पास चले आते हैं।
(ii) धूल खोजने पर भी कहीं नहीं मिलती है।

उपयोजित लेखन

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
एक महानुभाव की कल्पना – विश्वविद्यालय स्थापना का प्रण – दान से घन एकत्र करना – एक सेठ के पास जाना – सेठ का दिन भर बिठाए रखना – महानुभाव निराश – शाम को सात लाख रुपए का चेक पाना – आश्चर्य और खुशी।
उत्तर:
बात आजादी मिलने के बहुत पहले की है। तब देश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए बहुत कम विश्वविद्यालय थे। विद्यार्थियों को दूर-दूर स्थानों पर जाकर शिक्षा प्राप्त करनी पड़ती थी और उन्हें वही टिककर पढ़ना पड़ता था। विद्यार्थियों की इस परेशानी को दर करने के लिए एक महानुभाव ने अपने शहर में विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रण किया।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

इसके लिए उन्होंने सारे देश का दौरा किया और जहाँ से जो भी धन मिला, एकत्र किया। एक बार किसी व्यक्ति ने उन्हें बताया कि आप कलकत्ता के फलाँ सेठ के पास जाइए। वहाँ आपको अवश्य कुछ धन मिलेगा। वे पहुँच गए उनके पास। उन्होंने सेठ जी से अपना उद्देश्य बताया। सेठ जी ने उन्हें कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा और वे अपने काम में लग गए। दोपहर से शाम हो गई। सेठ जी ने उन्हें नहीं बुलाया।

वे निराश हो गए थे। इतने में सेठ जी अपने केबिन से बाहर आए। वे सज्जन खड़े हो गए और बोले, “सेठ जी मुझे आज्ञा दीजिए, मैं चलूँ।” सेठ जी ने कहा, “बैठिए भाई, बैठिए! मैं आपका ही काम कर रहा था। ये लीजिए अपने परोपकार के काम में मेरा छोटा-सा सहयोग! इस समय मैं और कुछ नहीं दे पाऊँगा।” सेठ जी ने एक चेक उन सज्जन के हाथ में थमा दिया।

उन महाशय ने चेक पर नजर डाली- ‘सात लाख रुपए।’ उनके मुँह से निकला, “सेठ जी, मुझे तो लगा था, मुझे यहाँ से खाली हाथ जाना पड़ेगा, पर आपने तो…।” “बस… बस!” उन्होंने उन सज्जन की बात काटते हुए कहा, “आप परोपकार का काम कर रहे हैं, मुझसे जो बन पड़ा, मैंने भी सहयोग दे दिया।” इस धन से विश्वविद्यालय के कई काम पूरे हुए।

विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए यह धन एकत्र करने वाले व्यक्ति थे महामना मदनमोहन मालवीय और उन्होंने जिस विश्वविद्यालय का निर्माण किया, वह था ‘बनारस हिंदू विश्वविद्यालय।

सीख: परोपकार सबसे बड़ा धर्म है।

बरषहिं जलद Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : अवधी बोली में लिखा गया ‘रामचरितमानस’ विश्व के अमूल्य ग्रंथों में से एक है। प्रस्तुत काव्य खंड इसी ग्रंथ से लिया गया है। चौपाई और दोहों जैसे लोकप्रिय छंदों में प्रस्तुत इस काव्य खंड में तुलसीदासजी ने वर्षा ऋतु का सुंदर वर्णन किया है। इस काव्य खंड में उन्होंने वर्षा ऋतु से संबंधित विभिन्न वस्तुओं को जीवन से जोड़कर देखा है।

यह काव्य खंड सीता हरण के पश्चात का है। श्रीराम और लक्ष्मण जी सीता जी की खोज में वन में भटक रहे हैं। बरसात की ऋत आ चुकी है पर सीता जी का पता नहीं चल सका है। कवि ने इस काव्य खंड में श्रीराम के मन की व्याकुलता का चित्रण किया है।

बरषहिं जलद चौपाइयों और दोहों का सरल अर्थ

1. घन घमंड नभ …………………………… जिमि जिव हरि पाई।। (चौपाई)

कवि कहते हैं कि आकाश में बादल उमड़-घुमड़कर भयंकर गर्जना कर रहे हैं। (श्रीरामजी कह रहे हैं कि) प्रिया (सीता जी) के बिना मेरा मन डर रहा है। बिजली आकाश में ऐसे चमक रही है, जैसे दुष्ट व्यक्ति की मित्रता स्थिर नहीं रहती। यानी वह चमकती है और चमककर लुप्त हो जाती है।

बादल पृथ्वी के नजदीक आकर (नीचे उतरकर) बरस रहे हैं। ठीक उसी प्रकार जैसे विद्वान व्यक्ति विद्या प्राप्त कर विनम्र हो जाते हैं। बूंदों की चोट पहाड़ों पर पड़ रही है। पहाड़ बूंदों के प्रहार को इस प्रकार शांत भाव से सह रहे हैं, जैसे संत पुरुष दुष्टों के कटु वचनों को सह लेते हैं।

छोटी नदियाँ वर्षा के जल से भरकर अपने किनारों को तोड़ती हुई आगे बढ़ती जा रही हैं, जैसे मामूली धन पाकर भी दुष्ट लोग इतराने लगते हैं (यानी मर्यादा का त्याग कर देते हैं)। पृथ्वी पर गिरते ही पानी गँदला हो गया है, मानो प्राणी से माया लिपट गई हो।

वर्षा का पानी एकत्र होकर तालाबों में भर रहा है। जैसे एक-एक कर सद्गुण सज्जन व्यक्ति के पास चले आते हैं। नदी का पानी समुद्र में जाकर उसी प्रकार स्थिर हो जाता है जिस प्रकार जीव हरि (ईश्वर) को प्राप्त कर अचल (आवागमन से मुक्त) हो जाता है।

2. हरित भूमि …………………………… होहिं सद्ग्रंथ।। (दोहा)

पृथ्वी घास से परिपूर्ण होकर हरीभरी हो गई है, जिससे रास्तों का पता नहीं चलता है। यह दृश्य ऐसा लगता है, जैसे पाखंडी के पाखंड भरे मत के प्रचार से सद्ग्रंथ लुप्त हो जाते हैं।

3. दादुर धुनि चहुँ उपजे ग्याना।। (चौपाई)

कवि कहते हैं कि वर्षा काल में चारों दिशाओं में मेढकों की ध्वनि ऐसी (सुहावनी) लगती है मानो विद्यार्थियों का समूह वेद-पाठ कर रहा हो। अनेक वृक्षों में नई-नई कोंपलें आ गई हैं, जिससे वे ऐसे हरेभरे तथा सुशोभित हो गए हैं, जैसे साधना करने वाले किसी व्यक्ति का मन ज्ञान प्राप्त करने पर प्रफुल्लित हो जाता है।

(बरसात के दिनों में) मदार और जवासा के पौधे पत्तों से रहित हो गए हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है मानो अच्छे शासक के राज्य में दुष्टों का धंधा जाता रहा हो (खत्म हो गया हो)। धूल खोजने पर भी कहीं नहीं मिलती है। जैसे क्रोध धर्म को दूर कर देता है, उसी तरह वर्षा ने धूल को नष्ट कर दिया है।

अनाज से युक्त (लहलहाती हुई हरी-भरी खेती) पृथ्वी कुछ इस : प्रकार शोभायमान हो रही है, जैसे उपकार करने वाले व्यक्ति शोभायमान होते हैं। रात के अंधकार में जुगनू चारों ओर दिखाई दे रहे हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे घमंडियों का समूह एकत्र हो गया है।

चतुर किसान अपनी फसलों की निराई कर रहे हैं। (अपनी फसल से घास-फूस निकालकर फेंक रहे हैं)। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे विद्वान लोग मोह, मद, माया का त्याग कर रहे हों।

बरसात के दिनों में चक्रवाक पक्षी कहीं नहीं दिखाई दे रहे हैं। इससे ऐसा लग रहा है जैसे कलियुग में धर्म पलायन कर गया हो।

यह पृथ्वी अनेक प्रकार के जीवों से भरी पड़ी है। यह उसी तरह शोभायमान हो रही है, जैसे अच्छे राजा के राज्य में प्रजा की वृद्धि (विकास) होती है।

यहाँ-वहाँ अनेक सही थककर इस तरह ठहरे हुए हैं, जैसे मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होने पर इंद्रियाँ शिथिल हो जाती हैं और विषयों की ओर’ जाना छोड़ देती हैं।

4. कंबहुँ प्रबल …………………………… कुसंग-सुसंग।। (दोहा)

कभी-कभी वायु बहुत तेज गति से चलने लगती है। इससे बादल यहाँ-वहाँ गायब हो जाते हैं। यह दृश्य उसी प्रकार लगता है जैसे परिवार में कुपुत्र के उत्पन्न होने से कुल के उत्तम धर्म (श्रेष्ठ आचरण) नष्ट हो जाते हैं।

कभी (बादलों के कारण) दिन में घोर अंधकार छा जाता है और कभी सूर्य प्रकट हो जाता है। तब लगता है, जैसे बुरी संगति पाकर ज्ञान नष्ट हो गया हो और अच्छी संगति पाकर ज्ञान उत्पन्न हो गया हो।

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Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 10 ठेस Textbook Questions and Answers

कृति

(कृतिपत्रिका के प्रश्न 3 (अ) के लिए)

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 13

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 12
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 22

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 7

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 3.
वाक्यों का उचित क्रम लगाकर लिखिए:
a. सातों तारे मंद पड़ गए।
b. ये मेरी ओर से हैं। सब चीजें हैं दीदी।
c. लोग उसको बेकार ही नहीं, ‘बेगार’ समझते हैं।
d. मानू दीदी काकी की सबसे छोटी बेटी है।
उत्तर:
a. सातों तारे मंद पड़ रहे हैं।
b. ये मेरी ओर से हैं। सब चीजें हैं दीदी!
c. लोग उसको बेकार ही नहीं, ‘बेगार’ समझते हैं।
d. मानू दीदी काकी की सबसे छोटी बेटी है।

(अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘कला और कलाकार का सम्मान करना हमारा दायित्व है’, इस कथन पर अपने विचारों को शब्दबद्ध कीजिए।
उत्तर:
हमारे देश की संस्कृति में लोक कलाओं की सशक्त पहचान रही है। ये मूलतः ग्रामीण अंचलों में अनेक जातियों व जनजातियों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित पारंपरिक कलाएँ हैं। लोक कला का इतिहास उतना ही पुराना है, जितना कि भारतीय ग्रामीण सभ्यता का। लोक कलाओं में लोकगीत, लोकनृत्य, गायन, वादन, अभिनय, मूर्तिकला, काष्ठकला, धातुकला, चित्रकला, हस्तकला आदि का समावेश होता है। हस्तकला ऐसे कलात्मक कार्य को कहते हैं, जो उपयोगी होने के साथ-साथ सजाने के काम आता है तथा जिसे मुख्यतः हाथ से या साधारण औजारों की सहायता से ही किया जाता है।

ऐसी कलाओं का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व होता है। वर्तमान में लोक कलाओं और कलाकारों को उचित प्रश्रय न मिलने के कारण अनेक लोक कलाओं पर संकट उत्पन्न हो गया है। धीरे-धीरे समय परिवर्तन, भौतिकतावाद, पश्चिमीकरण तथा आर्थिक संपन्नता के कारण परंपरागत लोक कलाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जनता व प्रशासन दोनों को ही लोक कलाओं और कलाकारों की पहचान नष्ट होने से बचाने के प्रयास करने चाहिए।

भाषा बिंदु

प्रश्न 1.
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्यों का काल परिवर्तन कीजिए:

a. अली घर से बाहर चला जाता है। (सामान्य भूतकाल)
—————————————————————
b. आराम हराम हो जाता है। (पूर्ण वर्तमानकाल एवं पूर्ण भविष्यकाल)
—————————————————————
c. सरकार एक ही टैक्स लगाती है। (सामान्य भविष्यकाल)
—————————————————————
d. आप इतनी देर से नाप-तौल करते हैं। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
—————————————————————
e. वे बाजार से नई पुस्तक खरीदते हैं। (पूर्ण भूतकाल एवं अपूर्ण भविष्यकाल)
—————————————————————
f. वे पुस्तक शांति से पढ़ते हैं। (अपूर्ण भूतकाल)
—————————————————————
g. सातों तारे मंद पड़ गए। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
—————————————————————
h. मैंने खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कहा। (अपूर्ण भूतकाल)
—————————————————————
उत्तर:
a. अली घर से बाहर चला गया।
b. (अ) आराम हराम हो गया है।
(ब) आराम हराम हो चुका होगा।
c. सरकार एक ही टैक्स लगाएगी।
d. आप इतनी देर से नाप-तौल कर रहे हैं।
e. (अ) उन्होंने बाजार से नई पुस्तक खरीदी थी।
(ब) वे बाजार से नई पुस्तक खरीदते रहेंगे।
f. वे पुस्तक शांति से पढ़ रहे थे।
g. सिरचन ने मुस्कराकर पान का बीड़ा मुँह में ले लिया।
h. मैं खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कह रहा था।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 2.
नीचे दिए गए वाक्य का काल पहचानकर निर्देशानुसार काल परिवर्तन कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 3
उत्तर:
मानू को ससुराल पहुँचाने मैं ही जा रहा था – अपूर्ण भूतकाल

1. सामान्य वर्तमानकाल  मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जाता हूँ।
2. सामान्य भविष्यकाल  मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जाऊँगा।
3. अपूर्ण भविष्यकाल  मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जाता रहँगा।
4. पूर्ण वर्तमानकाल  मानू को ससुराल मैंने ही पहुँचाया है।
5. सामान्य वर्तमानकाल  मानू को ससुराल पहुँचाने में ही गया।
6. अपूर्ण वर्तमानकाल  मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जा रहा हूँ।
7. पूर्ण भूतकाल  मानू को ससुराल पहुँचाने में ही गया था।
8. पूर्ण भविष्यकाल  मानू को ससुराल पहुंचाने में ही जा चुका हूँगा।

उपयोजित लेखन

प्रश्न.
‘पुस्तक प्रदर्शनी में एक घंटा’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए।
उत्तर:
पुस्तकें अनमोल होती हैं। वे हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं, क्योंकि वे ज्ञान-विज्ञान का भंडार होती हैं। व्यक्ति आते हैं और चले जाते हैं परंतु उनके श्रेष्ठ विचार, ज्ञान, संस्कृति, सभ्यता, मानवीय मूल्य पुस्तकों के रूप में जीवित रहते हैं। पुस्तक प्रदर्शनी और मेले हमारे लिए वरदान हैं। ये पाठकों और लेखकों का संगम होते हैं। प्रत्येक वर्ष अगस्त में पुणे में कोरेगाँव पार्क में पुस्तक प्रदर्शनी और मेले का आयोजन किया जाता है। अनेक पुस्तक विक्रेता और प्रकाशक वहाँ आते हैं। इस बार मैं भी उस प्रदर्शनी में गया।

स्टालों पर पुस्तकें बड़े आकर्षक ढंग से सजी हुई थीं। सभी स्तर और रुचि के लोगों के लिए वहाँ यथेष्ट सामग्री थी। इतिहास, भूगोल, ज्ञान-विज्ञान, साहित्य, धर्म, भाषा, यात्रा, जीवन-वृत्त आदि सभी विषयों की पुस्तकें वहाँ थीं। अनेक स्कूलों के विद्यार्थी वहाँ आए हुए थे। बच्चे-बड़े सभी पुस्तकें खरीदने में व्यस्त थे या उनको देख-पढ़ रहे थे। कुछ लोग ग्रुप में खड़े पुस्तकों पर चर्चा कर रहे थे। मेरे पास समय का अभाव था। मैंने अपने और छोटे भाई के लिए मुंशी प्रेमचंद का कहानी-संग्रह तथा हिंदी का एक शब्दकोश खरीदा।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 10 ठेस Additional Important Questions and Answers

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

गद्यांश क्र. 1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
कारण लिखिए:
गाँव के लोग अब सिरचन को खेत-खलिहान की मजदूरी के लिए इसलिए नहीं बुलाते:
उत्तर:
लोग उसको बेकार ही नहीं, बेगार’ समझते हैं। दूसरे मजदूर खेत पर पहुँचकर एक-तिहाई काम कर चुकते हैं, तब पगडंडी पर तौल-तौलकर पाँव रखता हुआ, धीरे-धीरे कहीं सिरचन राय हाथ में खुरपी डुलाता हुआ दिखाई पड़ेगा।

प्रश्न 2.
वाक्यों को उचित क्रम लगाकर लिखिए:
(i) तुम्हारी भाभी ने कहाँ से बनाना सीखी हैं?
(ii) लोग उसको बेकार ही नहीं, ‘बेगार’ समझते हैं।
(iii) मुफ्त में मजदूरी देनी हो, तो और बात है।
उत्तर:
(i) मुफ्त में मजदूरी देनी हो, तो और बात है।
(ii) मैं पहले ही पूछ लेता, भोग क्या-क्या लगेगा?
(iii) तुम्हारी भाभी ने कहाँ से बनाना सीखी है?

प्रश्न 3.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 4
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 6

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 4.
एक शब्द में उत्तर लिखिए:
(i) बिना मजदूरी दिए जबरदस्ती लिया गया काम – …………………………..
(ii) बाँस की तीलियों से बना परदा – …………………………..
उत्तर:
(i) बिना मजदूरी दिए जबरदस्ती लिया गया काम- बेगार।
(ii) बाँस की तीलियों से बना परदा- चिक।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘खेत-खलिहान की मजदूरी इस विषय में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
भारत गाँवों और खेतों का देश है। यहाँ आज भी देश की दो-तिहाई जनता खेती से जुड़ी है। खेत हैं, खेती है तो मजदूर भी जरूरी हैं। मजदूर और किसान एक-दूसरे के पूरक हैं। मजदूर के बिना किसानों का काम असंभव-सा होता है। फसल की बुआई, गुड़ाई, निराई, सिंचाई आदि के काम के लिए मजदूरों की आवश्यकता होती ही है। भूमिहीन मजदूर परिवार बहुत गरीब होते हैं। उनके पास अपनी जमीन नहीं होती। उन्हें रोजी-रोटी के लिए दूसरों के खेतों में काम करना पड़ता है। फसल की बुआई और कटाई के समय तो बड़े किसानों के खेतों में उन्हें काम और मजदूरी मिल जाती है, परंतु पूरे वर्ष काम नहीं मिल पाता। ऐसे समय इन मजदूरों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए मजदूरी के अन्य कार्य करने पड़ते हैं। बार-बार कर्ज लेना पड़ता है।

गद्यांश क्र. 2
प्रश्न, निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 11
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 12

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 2.
गलत वाक्य सही करके लिखिए:
(i) दूध, घी, मलाई न मिले तो कोई बात नहीं किंतु बात में जरा भी झाला सिरचन नहीं बरदाश्त कर सकता।
(ii) आज तो अब अधकपाली दर्द के कारण मन ठीक नहीं है। थोड़ा-सा रह गया है, किसी दिन आकर पूरा कर दूंगा।
उत्तर:
(i) दूध में कोई मिठाई न मिले तो कोई बात नहीं किंतु बात में जरा भी झाला सिरचन नहीं बरदाश्त कर सकता।
(ii) आज तो अब अधकपाली दर्द से माथा टनटना रहा है। थोड़ा-सा रह गया है, किसी दिन आकर पूरा कर दूंगा।

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) सिरचन जाति का यह है – [ ]
(ii) बिना इसके पेट भर भात पर काम करने वाला कारीगर – [ ]
(iii) सिरचन को लोग यह भी समझते हैं – [ ]
(iv) ऐसे बहुत-से काम हैं जिन्हें इसके सिवा गाँव में कोई नहीं जानता – [ ]
उत्तर:
(i) सिरचन जाति का यह है – [कारीगर]
(ii) बिना इसके पेट भर भात पर काम करने वाला कारीगर – [मजदूरी]
(iii) सिरचन को लोग यह भी समझते हैं – [चटोर]
(iv) ऐसे बहुत-से काम हैं जिन्हें इसके सिवा गाँव में कोई नहीं जानता – [सिरंचन]

प्रश्न 4.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 10
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 14

गद्यांश क्र. 3.
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 15
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 17

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 2.
वाक्यों को उचित क्रम लगाकर लिखिए:
(i) मानू दीदी काकी की सबसे छोटी बेटी है।
(ii) मँझली भाभी का मुँह लटक गया।
(iii) मॅझली भाभी से रहा नहीं गया।
उत्तर:
(i) रंगीन सुतलियों में झब्बे डालकर सिरचन चिक बुनने बैठा।
(ii) मैंझली भाभी से रहा नहीं गया।
(iii) मँझली भाभी का मुँह लटक गया।

प्रश्न 3.
कारण लिखिए:
मझली भाभी का मुँह लटक गया –
उत्तर:
मझली भाभी का प्रस्ताव सुनकर सिरचन ने कहा कि बहुरिया, मोहर छापवाली धोती के साथ रेशमी कुर्ता देने पर भी ऐसी चीज नहीं बनती। मानू दीदी का दूल्हा अफसर है। सिरचन की बात सुनकर मझली भाभी का मुँह लटक गया।

प्रश्न 4.
वाक्य पूर्ण कीजिए:
(i) मानू के दूल्हे ने पहले ही बड़ी भाभी को –
(ii) मोहर छापवाली धोती नहीं, मुंगिया लड्डू, बेटी की बिदाई के समय –
उत्तर:
(i) मानू के दूल्हे ने पहले ही बड़ी भाभी को लिखकर चेतावनी दे दी है।
(ii) मोहर छापवाली धोती नहीं, मुँगिया लड्डू, बेटी की विदाई के समय रोज मिठाई जो खाने को मिलेगी।

प्रश्न 5.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 16
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 18

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘मन लगाकर काम करना एक गुण है’ इस विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
किसी भी काम को मन लगाकर अर्थात तन्मयता से करना एक गुण है। उसका फल भी हमें मिलता है। मन लगाकर किए गए काम के परिणाम हमेशा उत्तम होते हैं। जिस काम को करने में मन लगता है, वह कभी बोझ नहीं लगता। जो काम मन मारकर करना पड़े, वह बोझ बन जाता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो एक किनारे खड़े होकर नाव की तलाश करते हैं अर्थात उचित काम और अवसर की तलाश करते रहते हैं और वह अवसर कभी नहीं आता, वे जिंदगी भर इंतजार ही करते रहते हैं। कुछ लोग नौकरी में मन लगाकर काम ही नहीं करना चाहते। दूसरे साथी जब मेहनत और लगन से काम करके प्रोन्नति पाकर आगे बढ़ जाते हैं, तो ईष्या के वश होकर उन्हें अधिकारियों का चमचा आदि कहते हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

गद्यांश क्र. 4
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
ये वाक्य किसने, किससे कहे हैं? लिखिए:
(i) आज सिरचन को कलेवा किसने दिया है?
(ii) अरी मँझली, सिरचन को बुंदिया क्यों नहीं देती?
(iii) बँदिया मैं नहीं खाता, काकी!
(iv) किसी के नैहर-ससुराल की बात क्यों करेगा वह?
उत्तर:
(i) आज सिरचन को कलेवा किसने दिया है? – लेखक ने माँ से कहा है।
(ii) अरी मँझली, सिरचन को बुंदिया क्यों नहीं देती? – लेखक की माँ ने मँझली भाभी से कहा है।
(iii) बुंदिया मैं नहीं खाता, काकी- सिरचन ने लेखक की माँ से कहा है।
(iv) किसी के नैहर-ससुराल की बात क्यों करेगा वह? – चाची ने लेखक की माँ से कहा है।

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) सिरचन को काम में मगन होकर खाने-पीने की यह न रहती।। – [ ]
(ii) चिक में सुतली के फंदे डालकर सिरचन ने इस पर निगाह डाली। – [ ]
(iii) मानू यह सजाकर बाहर बैठकखाने में भेज रही थी। – [ ]
(iv) अरी मैंझली, सिरचन को यह क्यों नहीं देती। – [ ]
उत्तर:
(i) सिरचन को काम में मगन होकर – खाने-पीने की यह न रहती। – [सुध]
(ii) चिक में सुतली के फंदे डालकर – सिरचन ने इस पर निगाह डाली। [सूप]
(iii) मानू यह सजाकर बाहर बैठकखाने में भेज रही थी। – [पान]
(iv) अरी मँझली, सिरचन को यह क्यों नहीं देती। – [बँदियाँ]

प्रश्न 3.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 19
उत्तर:
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कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘बहू के मायके की आलोचना करना उचित नहीं है इस विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।।
उत्तर:
कहा जाता है कि बेटियों का असली घर उनका ससुराल होता है। जिसे असली घर बताया जाता है, यानि कि ससुराल, वहाँ अकसर बहू को बेगाना समझा जाता है। ससुराल में बहू को कोई हक नहीं होता कि वह अपनी इच्छा से कुछ कर सके। हर छोटी-बड़ी बात के लिए उसे ससुरालवालों की आज्ञा की आवश्यकता होती है। बहू सबकी इच्छाओं का ख्याल रखती है, सबका सम्मान करती है, पर बहू का सम्मान अकसर नहीं किया जाता। स्थिति तब और भी भयंकर हो जाती है, जब ससुरालवाले समय-असमय बहू के मायके की आलोचना करने लगते हैं।

मायकेवालों ने क्या भेजा है, बहू क्या लाई है? आदि प्रश्न घरवाले ही नहीं, कभी-कभी अड़ोस-पड़ोसवालों की जुबान पर भी आने लगते हैं। लड़केवाले प्रायः समझते हैं कि उनका दर्जा लड़कीवालों से ऊँचा है। बात-बात पर बह के मायकेवालों की उपेक्षा की जाती है। उनमें मीन-मेख निकाली जाती है। परिणामस्वरूप, बहू के मन में ससुराल के प्रति विद्वेष की भावना आ जाती है। हमें बहू के मायकेवालों का सम्मान करना होगा। तभी बहू भी ससुरालवालों को सम्मान देगी। हमेशा उनसे कुछ लेने की अपेक्षा करना उचित नहीं है।

गद्यांश क्र.5
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढकर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखिए:
*(i) सिरचन ने छोटी चाची से माँगा –
(ii) सिरचन की घरवाली ने यह बुनी थी –
उत्तर:
(i) सिरचन ने छोटी चाची से माँगा – गमकौआ जर्दा।
(i) सिरचन की घरवाली ने यह बुनी थी – शीतलपाटी।

प्रश्न 2.
वाक्यों को उचित क्रम लगाकर लिखिए:
(i) सिरचन ने मुस्कराकर पान का बीड़ा मुँह में ले लिया।
(ii) चाची कई कारणों से जली-भुनी रहती थी सिरचन से।
(iii) बस, सिरचन की उँगलियों में सुतली के फंदे पड़ गए।
उत्तर:
(ii) चाची कई कारणों से जली-भुनी रहती थी सिरचन से।
(ii) बस, सिरचन की उँगलियों में सुतली के फंदे पड़ गए।
(iii) सातों तारे मंद पड़ गए।

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प्रश्न 3.
कारण लिखिए:
(i) मेरा कलेजा धड़क उठा… हो गया सत्यानाश!
(ii) सातों तारे मंद पड़ गए।
उत्तर:
(i) चाची ने सिरचन को बुरी तरह डाँटा था। मैं जानता था कि सिरचन बड़ा स्वाभिमानी है। अब वह मानू की ससुराल के लिए चिक और शीतलपाटी बनाएगा भी या नहीं।
(ii) सिरचन बड़ा स्वाभिमानी था। चाची ने उसे बुरी तरह डाँटा तो वह उस चिक को, जिसे उसने बड़े मन से बनाना शुरू किया था, अधूरी छोड़कर चला गया।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘सिरचन काम अधूरा छोड़कर चला गया। क्या यह उचित था’ इस विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
लेखक की चाची के बुरा-भला कहने पर सिरचन नाराज होकर काम अधूरा छोड़कर चला गया। इसे किसी भी प्रकार उचित नहीं कहा जा सकता। सिरचन अच्छी तरह जानता था कि चिक और पटेर की शीतलपाटियाँ मानू के अफसर दूल्हे की फरमाइश पर बनवाई जा रही हैं। मानू उन्हें लेकर ही ससुराल जाएगी। फिर भी उसने काम पूरा . नहीं किया और चला गया। यह सिरचन ने ठीक नहीं किया। उसने एक बार भी नहीं सोचा कि दूल्हे की फरमाइश पूरी न होने की स्थिति में मानू को ताने सुनने पड़ सकते हैं। सास-ससुर व घर के अन्य सदस्यों की नाराजगी का शिकार होना पड़ सकता है। उस समय वह मानू, जिसके प्रति सिरचन के मन में भी स्नेह था, कितनी दुखी होगी। सिरचन का काम अधूरा छोड़कर जाना मुझे उचित नहीं लगा। (विद्यार्थी अपने ३ विचार लिखें।)

गद्यांश क्र. 6
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
ये वाक्य किसने, किससे कहे हैं? लिखिए:
(i) यह भी बेजा नहीं दिखलाई पड़ता, क्यों मानू?
(ii) चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी!
(iii) मानू दीदी कहाँ हैं? एक बार देखू।
(iv) ये मेरी ओर से हैं। सब चीजें हैं दीदी!
उत्तर:
(i) यह भी बेजा नहीं दिखलाई पड़ता, क्यों मानू? – बड़ी भाभी ने मानू से कहा है।
(ii) चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी! – लेखक ने बड़ी भाभी से कहा है।
(iii) मानू दीदी कहाँ हैं? एक बार देखू। – सिरचन ने लेखक से कहा है।
(iv) यह मेरी ओर से हैं। सब चीजें हैं दीदी! – सिरचन ने मानू से कहा है।

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प्रश्न 2.
वाक्यों को उचित क्रम लगाकर लिखिए:
(i) मानू फूट-फूटकर रो रही थी।
(ii) मानू कुछ नहीं बोली!… बेचारी!
(iii) मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जा रहा था।
उत्तर:
(i) मानू कुछ नहीं बोली!… बेचारी!
(ii) मानू को ससुराल पहुँचाने मैं ही जा रहा था।
(iii) मानू फूट-फूटकर रो रही थी।

प्रश्न 3.
दो ऐसे प्रश्न बनाइए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(i) सिरचन ने
(ii) मानू।
उत्तर:
(i) किसने दाँत से जीभ को काटकर दोनों हाथ जोड़ दिए?
(ii) मोहर छापवाली धोती का दाम कौन देने लगी?

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘सिरचन भावनाओं से परिपूर्ण व्यक्ति था’ इस विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
सिरचन भावनाओं से परिपूर्ण व्यक्ति है। वह एक उच्चकोटि का कलाकार है। चिक, शीतलपाटी आदि बनाने में पूरे क्षेत्र में उसका कोई सानी नहीं है। लेखक का परिवार, विशेष रूप से उनकी माँ का सिरचन बहुत आदर करता है। लेखक की माँ भी सिरचन की कला का सम्मान करती है। शायद इसीलिए लेखक की चाची उससे जली-भुनी रहती है। भावुक होने के कारण सिरचन को किसी के द्वारा टोका जाना तनिक भी बर्दाश्त नहीं होता। इसीलिए चाची के बुरा-भला कहने पर वह नाराज होकर काम अधूरा छोड़कर चला जाता है।

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परंतु सिरचन जानता है कि चिक, शीतलपाटी आदि सभी चीजों के लिए मानू के अफसर पति ने फरमाइश की थी। उसे मानू से स्नेह था। अतः नाराज होने के बावजूद वह मानू के लिए वे सारी चीजें बनाता है और इतनी सुंदर कि लेखक भी उसकी कारीगरी देखकर दंग रह जाता है। सिरचन स्वयं उन्हें लेकर स्टेशन आता है। मानू जब माँ द्वारा कही गई मोहर छापवाली धोती का दाम सिरचन को देना चाहती है तो वह दोनों हाथ जोड़कर मना कर देता है।

उपक्रम/कृति/परियोजना

प्रश्न.
लेखनीय
लोक कलाओं के नामों की सूची तैयार कीजिए।
उत्तर:

  • मधुबनी
  • जादोपाटिया
  • कलमकारी
  • कांगड़ा
  • गोंड
  • चित्तर
  • तंजावुर
  • थंगक
  • पातचित्र
  • पिछवई
  • पिथोरा
  • फड़
  • बाटिक
  • यमुनाघाट
  • वरली।

प्रश्न.
पठनीय
देश की आत्मा गाँवों में बसती है, गांधी जी के इस विचार से संबंधित लेख पदिए तथा इस पर स्वमत प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
हमारा देश कृषिप्रधान देश है। यह गाँवों का देश है। भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। सरित-सरोवर, झील-जलाशय, विविध विटप, वन-पर्वत, खेत-खलिहान और सहज-स्वाभाविक जीवन शैली सब गाँवों में ही उपलब्ध हो सकती है। आज भी भारत की 65 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या गाँवों में बसती है। परंतु देश के आर्थिक विकास का लाभ गाँववासियों को संख्या के अनुपात में नहीं मिल पाता। आज भी असंख्य गाँव देश की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाए हैं। गाँवों की समस्याएँ चाहे गरीबी हो, सामाजिक हो, पेयजल हो या बिजली, सड़क, शिक्षा आदि हों, इन्हें कभी भी गंभीर रूप से नहीं लिया गया। शहर के निकट बसे गाँवों में तो फिर भी विकास की संभावनाएं बनी रहती हैं, परंतु दूर-दराज के पिछड़े गाँवों के विकास के प्रति प्रशासन का ध्यान ही नहीं जाता। देखा जाए तो गाँवों की प्रगति से ही पूरे देश की प्रगति जुड़ी है, क्योंकि गाँवों से ही हमारी प्रत्येक आवश्यकता अनाज, वस्त्र, कागज, ईंधन, उद्योगों के लिए कच्चा माल आदि की पूर्ति होती है।

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प्रश्न.
संभाषणीय
आपकी तथा परिवार के किसी बड़े सदस्य की दिनचर्या की तुलना कीजिए तथा समानता एवं अंतर बताइए।
उत्तर:
मैं दसवीं कक्षा की छात्रा हूँ और उसी स्कूल में पढ़ती हूँ, जहाँ मेरी माँ वाइस प्रिंसिपल हैं और हिंदी की प्राध्यापिका हैं। हम दोनों आठ बजे बस से स्कूल जाते हैं और दो बजे घर लौटते हैं। माँ सुबह जल्दी जगती हैं। नाश्ता और दोपहर का खाना बनाती हैं। मुझे जगाती हैं। स्वयं तैयार होती हैं। फिर हम स्कूल के लिए निकलते हैं। स्कूल से घर आकर मैं कपड़े बदलती हूँ, तब तक माँ खाना गरम करती हैं। खाना खाते समय हम दोनों स्कूल व मेरी पढ़ाई के विषय में बातें करते हैं। उसके बाद हम दोनों लगभग एक घंटा विश्राम करते हैं। चार बजे माँ फिर से काम पर लग जाती हैं।

विद्यार्थियों का गृहकार्य-कक्षाकार्य आदि जाँचना, कभी परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र बनाना और कभी परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाएँ जाँचना, हर दिन माँ के पास स्कूल से संबंधित काम होता ही है। मैं भी उनके पास बैठकर पढ़ती हूँ। छह-साढ़े छह बजे माँ रात के खाने की तैयारी के लिए रसोई में जाती हैं। इस बीच मैं अपनी सहेलियों के साथ कुछ देर खेलने चली जाती हूँ। आठ बजे पिता जी के आने के बाद हम तीनों खाना खाते हैं। उसके बाद मैं पढ़ती हूँ और ग्यारह बजे सो जाती हूँ।

प्रश्न.
श्रवणीय
महाराष्ट्र में चलाए जाने वाले लघु उद्योगों की जानकारी रेडियो/दूरदर्शन पर सुनिए और इसके मुख्य मुद्दों को लिखिए।
उत्तर:
महाराष्ट्र में चलाए जाने वाले लघु उद्योग और क्षेत्र:

  • कोल्हापुरी चप्पलें (कोल्हापुर)
  • वरली पेंटिंग (ठाणे)
  • लकड़ी के खिलौने (सावंतवाडी)
  • गंजीफा (सावंतवाडी)
  • चाँदी का काम (हुपरी)
  • बीदरी काम (बीदर)
  • दरी (विदर्भ)
  • बाँस का सामान (रायगड, ठाणे)
  • पीतल के संगीत वाद्य (ताल, झाँझ, घंटे)

ठेस Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : कलाकार किसी भी धर्म, जाति और वर्ग का हो, उसे अपनी कला पर अभिमान होता है। वह स्वाभिमान के मूल्य को समझता है और उसकी रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहता है। जाति या धर्म के नाम पर जब उसके स्वाभिमान पर आघात होता है तो वह उसे बरदाश्त नहीं करता।

प्रस्तुत कहानी में सिरचन नामक एक ग्रामीण कलाकार का वर्णन किया गया है। वह मोथी घास और पटेर की रंगीन शीतलपाटी (चटाई), बाँस की तीलियों की झिलमिलाती चिक, सतरंगे डोर के मोढ़े, भूसी-चुन्नी रखने के लिए पूँज की रस्सी के बड़े-बड़े जाले, ताल के सूखे पत्तों की छतरी-टोपी आदि उपयोगी वस्तुएँ बनाता है। ये वस्तुएँ बनाकर वह अपनी आजीविका कमाता है। स्वाभिमानी होने के कारण वह हर परिस्थिति में अपने स्वाभिमान की रक्षा करता है।

Hindi Lokbharti 10th Std Digest पहली इकाई

Class 10 Hindi Chapter 3 Shram Sadhana Question Answer Maharashtra Board

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Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 3 श्रम साधना Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 10th Digest Chapter 3 श्रम साधना Questions And Answers

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 3 श्रम साधना Textbook Questions and Answers

कृति

(कृतिपत्रिका के प्रश्न 1 (अ) तथा प्रश्न 1 (आ) के लिए 

*सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
उत्तर लिखिए:
१. व्यापारी और उद्योगपतियों के लिए अर्थशास्त्र द्वारा बनाए गए नये नियम –
२. संपत्ति के दो मुख्य साधन –
३. समाप्त हुईं दो प्रथाएँ –
४. कल्याणकारी राज्य का अर्थ –
उत्तर:
कल्याणकारी राज्य का अर्थ – सब तरह के दुर्बलों को राजसत्ता द्वारा मदद दिया जाना।

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 44
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 35

प्रश्न 3.
तुलना कीजिए:
बुद्धिजीवी – श्रमजीवी
1. …………………. 2. ………………….
1. …………………. 2. ………………….
उत्तर:
बुद्धिजीवी – श्रमजीवी
1. बौद्धिक काम करना। -1. शारीरिक श्रम करना।
2. अधिक आमदनी, प्रतिष्ठित एवं सुखमय जीवन। – 2. आमदनी कम, प्रतिष्ठा नहीं, कष्टमय जीवन।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

प्रश्न 4.
लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 454
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 39

प्रश्न 5.
पाठ में प्रयुक्त ‘इक’ प्रत्यययुक्त शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए तथा उनमें से किन्हीं चार का स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 6.
पाठ में कुछ ऐसे शब्द हैं, जिनके विलोम शब्द भी पाठ में ही प्रयुक्त हुए हैं, ऐसे शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
(i) हाड़ × माँस
(ii) प्रत्यक्ष × अप्रत्यक्ष
(iii) देश × विदेश
(iv) हाथ × पैर
(v) स्वार्थ × परार्थ
(vi) अमीर × गरीब।

अभिव्यक्ति
‘समाज परोपकार वृत्ति के बल पर ही ऊँचा उठ सकता है’, इस कथन से संबंधित अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
हमारे शास्त्रों में परोपकार को बहुत महत्त्व दिया गया है। पेड़ों में फल लगना, नदियों के जल का बहना परोपकार का ही एक रूप है। इसी तरह सज्जन व्यक्तियों की संपत्ति और इस शरीर को भी परोपकार में लगा देने के लिए कहा गया है। हमारे समाज में गरीब-अमीर हर प्रकार के व्यक्ति होते हैं। अनेक लोग ऐसे हैं जिन्हें भरपेट भोजन भी नहीं मिलता और कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके पास इतनी संपत्ति है कि उन्हें स्वयं इसकी पूरी जानकारी नहीं है। मनुष्य में परोपकार की प्रवृत्ति जन्मजात होती है। प्यासे को पानी पिलाना और किसी भूखे को खाना खिला देना कौन नहीं चाहता।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

यही परोपकार भावना है। हमारे देश में अनेक अस्पताल, अनेक शिक्षा संस्थाएँ परोपकार करने वाले लोगों के धन से चल रही हैं। समाज के कमजोर वर्ग के लिए तरह-तरह की संस्थाएँ काम कर रही हैं। इनका संचालन दान अथवा सहायता के रूप में प्राप्त धन से हो रहा है। हर युग में समाज के उत्थान के लिए परोपकारियों का सहयोग प्राप्त होता रहा है। यह सहयोग इसी तरह मिलता रहना चाहिए तभी हमारे समाज का उत्थान होगा।

भाषा बिंदु

प्रश्न 1.
निम्न वाक्यों में अधोरेखांकित शब्द समूह के लिए कोष्ठक में दिए गए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए:
[इज्जत उतारना, हाथ फेरना, काँप उठना, तिलमिला जाना, दुम हिलाना, बोलबाला होना]

१. करामत अली हौले-से लक्ष्मी से स्नेह करने लगा।
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: करामत अली हौले-से लक्ष्मी पर हाथ फेरने लगा।

२. सार्वजनिक अस्पताल का खयाल आते ही मैं भयभीत हो गया ।
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: सार्वजनिक अस्पताल का ख्याल आते ही मैं काँप उठा।

३. क्या आपने मुझे अपमानित करने के लिए यहाँ बुलाया था ?
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: क्या आपने मेरी इज्जत उतारने के लिए यहाँ बुलाया था?

४. सिरचन को बुलाओ, चापलूसी करता हुआ हाजिर हो जाएगा।
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: सिरचन को बुलाओ, दुम हिलाता हुआ हाजिर हो जाएगा।

५. पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही क्रोध में आ गए।
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही तिलमिला उठे।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर उनका अर्थपूर्ण वाक्यों में प्रयोग कीजिए
१. गुजर-बसर करना: ………………………………………
२. गला फाड़ना: ………………………………………
३. कलेजे में हूक उठना: ………………………………………
४. सीना तानकर खड़े रहना: ………………………………………
५. टाँग अड़ाना: ………………………………………
६. जेब ढीली होना: ………………………………………
७. निजात पाना: ………………………………………
८. फूट-फूटकर रोना: ………………………………………
९. मन तरंगायित होना: ………………………………………
१०. मुँह लटकाना: ………………………………………
उत्तर:
(i) गुजर-बसर करना।
अर्थ: जीविका चलाना।
वाक्य: पंडित घनश्याम किसी तरह गुजर-बसर कर लेते हैं।

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(ii) गला फाड़ना।
अर्थ: ऊँची आवाज में बोलना।
वाक्य: बेटे ने पिता से कहा, “मैं आपकी बात सुन रहा हूँ,आप
नाहक गला फाड़ रहे हैं।”

(iii) कलेजे में हूक उठना।
अर्थ: कसक होना।
वाक्य: सेठ लक्खूमल जब भी जवान बेटे की हत्या की बात याद करते हैं, उनके कलेजे में हूक उठती है।

(iv) सीना तानकर खड़े रहना।
अर्थ: दृढ़तापूर्वक अड़े रहना।।
वाक्य: वह समाजसेवक निर्दोष लोगों की सहायता के लिए सीना तानकर खड़ा रहता हैं।

(v) टाँग अड़ानां।
अर्थ: कार्य में बाधा डालना।
वाक्य: किसी के बनते हुए काम में टाँग अड़ाना अच्छी बात नहीं है।

(vi) जेब ढीली होना।
अर्थ: काफी खर्च होना।
वाक्य: मरीज की बीमारी तो ठीक हो गई, पर अस्पताल का बिल भरने में जेब ढीली हो गई।

(vii) निजात पाना।
अर्थ: मुक्त होना।
वाक्य: आखिरकार लंबे अरसे बाद सेठजी लेन-देन के मुकदमे से निजात पा गए।

(viii) फूट-फूटकर रोना।
अर्थ: बिलखते हुए रोना।
वाक्य: बेटे के गायब हो जाने पर माँ फूट-फूटकर रोई थी।

(ix) मन तरंगित होना।
अर्थ: मौज में आना।
वाक्य: बेटे की अच्छे वेतनवाली नौकरी लग जाने की बात सुनकर पिता का मन तरंगित हो गया।

(x) मुँह लटकाना।
अर्थ: चिंता, दुख से सिर नीचा कर लेना।
वाक्य: पिता जब निकम्मे बेटे को फटकारता है, तो वह मुँह लटकाकर सुनता रहता है।

प्रश्न 3.
पाठ्यपुस्तक में आए मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
(इसके लिए विद्यार्थी ‘नवनीत हिंदी (LL) उपयोजित लेखन, कक्षा दसवीं’ पुस्तक देखें।)

उपयोजित लेखन

निम्न शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए
मिट्टी, चाँद, खरगोश, कागज।
उत्तर:
एक छोटा-सा गाँव था। गाँव के लोग खेती-बारी से अपना गुजारा करते थे। लोगों के पास छोटे-छोटे खेत थे। वे अपने खेतों में साल में दो फसलें उगाते थे। खेतों में उत्पन्न अनाज से साल भर बड़ी मुश्किल से उनका काम चलता था। इस गाँव के लोगों में आपस में बहुत प्रेम-भाव था। गाँव में कुछ लोग ऐसे थे, जिनके पास खेत भी नहीं थे। उनका जीवन बहुत कष्टमय था। इन्हीं में से एक था आत्माराम। आत्माराम गाँव के किसानों के खेत में काम करके कुछ कमा लिया करता था।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

एक दिन गाँव में एक साधु महाराज आए। आत्माराम ने साधु के सामने अपनी समस्या रखते हुए कहा, “महाराज कुछ ऐसा उपाय बताइए, जिसमें मैं चार पैसे कमाकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल सकूँ।” साधु महाराज ने कहा, “ले यह मिट्टी। यह मिट्टी तेरे लिए सोना बनेगी।” आत्माराम बोला, “मैं समझा नहीं, महाराज। ऐसी मिट्टी तो गाँव में बहुत है, क्या करूँ इसका?” साधु ने कहा, “मिट्टी खोद। उससे खिलौने बना और बाजार में बेच। तेरा भला होगा।” आत्माराम ने साधु को धन्यवाद दिया।

वह मिट्टी से खरगोश, चूहा, तोता, गुड़िया, गुड्डा बनाता और बाजार में बेच आता। इससे उसे अच्छी आय होने लगी। अब उसकी जिंदगी आराम से चलने लगी।

एक दिन बाजार में एक लड़के ने उससे चाँद के खिलौने की माँग की। यह खिलौना तो उसने कभी बनाया ही नहीं था। बात आई-गई हो गई।

एक दिन आत्माराम ने चाँद की शक्ल का पतंग आकाश में उड़ते हुए देखा। फिर क्या था! अब आत्माराम ने मिट्टी के खिलौने बनाने बंद कर दिए और कागज के पतंग, खरगोश, तोते, बिल्ली, गुड़िया, गुड्डा आदि बनाने लगा। अब उसके खिलौनों का वजन हल्का हो गया और उसकी कमाई भारी हो गई।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 3 श्रम साधना Additional Important Questions and Answers

गद्यांश क्र.1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 1
(स्वाध्याय में दिए गए ‘उत्तर लिखिए’ प्रश्न को कृतिस्वरूप में दिया गया है।)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 2
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 4
(ii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 5
(iii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 6

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
(i) संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 7
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 13

(ii) लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 14

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 9
(ii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 10
(iii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 11
(iv)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 12
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 15

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) प्रथा =
(ii) युद्ध =
(iii) हुकूमत =
(iv) गुलामी =
उत्तर:
(i) प्रथा = रिवाज
(ii) युद्ध = लड़ाई
(iii) हुकूमत = शासन
(iv) गुलामी = दासता।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) गौण x
(ii) अनेक x
(iii) अप्राकृतिक x
(iv) बादशाह x
उत्तर:
(i) गौण x मुख्य
(ii) अनेक x एक
(iii) अप्राकृतिक x कृत्रिम
(iv) बादशाह x भिखारी।

प्रश्न 3.
लिंग पहचान कर लिखिए:
(i) मकान – ………………………
(i) संपत्ति – …………………………
उत्तर:
(i) मकान – पुल्लिग
(ii) संपत्ति – स्त्रीलिंग।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘राजाओं और बादशाहों का राज’ के बारे में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
स्वतंत्रता प्राप्ति के पहले हमारे देश में छोटी-बडी अनेक रियासतें थीं। राजा, बादशाह और तालुकेदार इन रियासतों के मालिक थे। इनके राज में रहने वाली जनता इनकी प्रजा कहलाती थी। राजा और बादशाह जनता से तरह-तरह के कर वसूल करते थे और कर अदा न कर पाने पर जनता पर तरह-तरह के अत्याचार करते थे। एक तरह से जनता को ये अपना गुलाम समझते थे और उसका शोषण करने में जरा भी नहीं झिझकते थे। जनता इनसे त्रस्त थी।

इसके अलावा ये राजा और बादशाह अपने स्वार्थ के लिए आपस में लड़ते-भिड़ते थे और मौका मिलने पर एक-दूसरे की रियासतों पर कब्जा कर जनता में लूटपाट किया करते थे। असहाय जनता की कोई सुनने वाला नहीं था। आजादी मिलने के बाद इन छोटी-छोटी रियासतों को खत्म कर भारत संघ में मिला लिया गया। इसके बाद इन राजाओं और बादशाहों का राज खत्म हो गया। इसके साथ ही समाप्त हो गया जनता पर इनका अत्याचार। फिर तो प्रजातंत्र में न कोई किसी का राजा रहा न कोई किसी की प्रजा। सबको समान अधिकार उपलब्ध हो गए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

गद्यांश क्र. 2
प्रश्न निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 16
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 18
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 19

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प्रश्न 2.
अकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 17
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 20

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 21
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 23

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए:
(i) जो संपत्ति का निर्माण करते हैं, वे – [ ]
(ii) धन इकट्ठा होता है इनके पास – [ ]
(iii) बौद्धिक काम से अपना भरण-पोषण करने वाले लोग – [ ]
(iv) समाज के लिए ये दोनों जरूरी हैं – [ ]
उत्तर:
(i) जो संपत्ति का निर्माण करते हैं, वे माण – [मजदूर]
(ii) धन इकट्ठा होता है इनके पास – [व्यवस्था करने वाले]
(iii) बौद्धिक काम से अपना भरण-पोषण करने वाले लोग – [मंत्री, राज्य के कर्मचारी, क्लर्क, न्यायाधीश, वकील, डॉक्टर, अध्यापक, व्यापारी]
(iv) समाज के लिए ये दोनों जरूरी है – [श्रमजीवी और बुद्धिजीवी]

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प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i)Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 22
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 24

(ii) दो ऐसे प्रश्न बनाकर लिखिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(1) अन्न
(2) श्रम जीवियों पर
उत्तर:
(1) वर्षभर मेहनत कर किसान क्या पैदा करता है?
(2) बुद्धिजीवियों का जीवन किन लोगों पर आधारित है?

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
गद्यांश में आए शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
(i) ……………………..
(ii) ……………………..
(iii) ……………………..
(iv) ……………………..
उत्तर:
(i) लेन – देन
(ii) राज – काज
(iii) ऊँचे – ऊँचे
(iv) भरण – पोषण।

प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) प्रत्यक्ष × ……………………..
(ii) धनवान × ……………………..
(iii) ऊँचा × ……………………..
(iv) दुर्भाग्य × ……………………..
उत्तर:
(i) प्रत्यक्ष × परोक्ष
(ii) धनवान × निर्धन
(iii) ऊँचा × नीचा
(iv) दुर्भाग्य × सौभाग्य।

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कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘शारीरिक श्रम का महत्त्व’ विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
श्रम दो प्रकार का होता है। शारीरिक श्रम और बौद्धिक श्रम। पुराने जमाने में पढ़े-लिखे लोगों की संख्या कम थी, इसलिए लोगों को शारीरिक श्रम का ही सहारा था। वे जीवन-यापन के लिए छोटा-मोटा काम करके अपना गुजारा कर लेते थे। शिक्षा की समुचित व्यवस्था हो जाने के बाद पढ़े-लिखे लोगों की संख्या में अंधाधुंध वृद्धि हुई है। हर शिक्षित व्यक्ति चाहता है कि उसे ऐसी नौकरी मिले, जिसमें उसे शारीरिक श्रम न करना पड़े। शारीरिक श्रम वाला काम कोई करना नहीं चाहता। इसलिए देश में लाखों नवयुवक बेरोजगार हैं। यह लोगों के शारीरिक श्रम से परहेज रखने का परिणाम है।

लोगों को शारीरिक श्रम का महत्त्व समझना जरूरी है। बुद्धि के बल पर बड़ीबड़ी योजनाएँ बनाई जा सकती हैं, पर उनका कार्यान्वयन करने के लिए शारीरिक श्रम की ही आवश्यकता होती है। छोटी-छोटी चीजों से लेकर बड़ी-बड़ी चीजों का निर्माण केवल शारीरिक श्रम से ही हो सकता है। जो व्यक्ति इस रहस्य को समझते हैं, वे शारीरिक श्रम को महत्त्व देते हैं। अनेक पढ़े-लिखे लोग अपना व्यवसाय अथवा छोटा-मोटा काम शुरू करके अपना जीवन-यापन कर रहे हैं और बौद्धिक श्रम के साथ शारीरिक श्रम उनका साथ दे रहा है। स्वरोजगार के द्वारा वे स्वयं भी काम कर रहे हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

गद्यांश क्र. 3
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 25
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 26
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 27
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 28
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 30
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 31

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कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i)Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 32
(ii)Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 33
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 34
(ii)

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) आम = …………………….
(ii) श्रम = …………………….
(iii) हिस्सा = …………………….
(iv) जगत = …………………….
उत्तर:
(i) आम = सामान्य
(ii) श्रम = मेहनत
(iii) हिस्सा = भाग
(iv) जगत = संसार।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय और मूल शब्द अलग करके लिखिए:
(i) योग्यता
(i) अल्पतम
(ii) बुनियादी
(iv) सामाजिक
उत्तर:
(i) योग्य + ता (ता)
(ii) अल्प + तम (तम)
(iii) बुनियाद + ई (ई)
(iv) समाज + इक (इक)।

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कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘समाज परोपकार वृत्ति के बल पर ही ऊँचा उठ सकता है’- इस कथन से संबंधित अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।

गद्यांश क्र.4
प्रश्न. निम्नलिखित पठिक अट्यार पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 36
(iii) Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 37
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 38

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 40
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 41

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) अर्थशास्त्रियों के अनुसार उत्पादन की प्रेरणा के लिए यह करना होगा – [ ]
(ii) पूँजी के बारे में अनुभव यह बताता है – [ ]
(iii) लेखक के अनुसार स्वार्थ का अर्थ – [ ]
(iv) समाज इस वृत्ति के बल पर ऊँचा उठ सकता है – [ ]
उत्तर:
(i) अर्थशास्त्रियों के अनुसार उत्पादन की प्रेरणा के लिए यह करना होगा – [व्यक्ति को स्वार्थ के लिए अवसर देने होंगे।
(ii) पूँजी के बारे में अनुभव यह बताता है – [पूँजी गरीबी या बेकारी की समस्या हल नहीं कर सकी है]
(iii) लेखक के अनुसार स्वार्थ का अर्थ – [परार्थ की हानि]
(iv) समाज इस वृत्ति के बल पर ऊँचा उठ सकता है – [परोपकार की वृत्ति]

प्रश्न 3.
गद्यांश के वाक्यों को उचित क्रम से लिखिए:
(i) देखना है कि समाज का कल्याण किस वृत्ति से होगा।
(ii) बिना शरीर श्रम किए उस सामग्री का उपयोग करने का न्यायोचित अधिकार हमें नहीं मिलता।
(iii) आजीविका की साधन-सामग्री किसी-न-किसी के श्रम के बिना हो ही नहीं सकती।
(iv) नैतिक दृष्टि से स्वार्थवृत्ति का पोषण करना योग्य नहीं है।
उत्तर:
(i) आजीविका की साधन-सामग्री किसी-न-किसी के श्रम के बिना हो ही नहीं सकती।
(ii) बिना शरीर श्रम किए उस सामग्री का उपयोग करने का न्यायोचित अधिकार हमें नहीं मिलता।
(iii) नैतिक दृष्टि से स्वार्थवृत्ति का पोषण करना योग्य नहीं है।
(iv) देखना है कि समाज का कल्याण किस वृत्ति से होगा।

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्द समूह के लिए गद्यांश से चुनकर एक-एक शब्द लिखिए:
(i) वह दौलत, जो किसी के अधिकार में हो और जो खरीदी या बेची जा सकती हो-
(ii) दूसरों के उपकार या भलाई का काम’ –
(iii) ऐसी बात-जिसमें केवल अपना हित हो –
(iv) वह धन-जिससे कोई व्यवसाय आरंभ किया गया हो –
उत्तर:
(i) संपत्ति
(ii) परोपकार
(iii) स्वार्थ
(iv) पूँजी।

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प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) थोड़ा × ……………………
(ii) दोषपूर्ण × ……………………
(iii) योग्य × ……………………
(iv) गरीबी × ……………………
उत्तर:
(i) थोड़ा × बहुत
(ii) दोषपूर्ण × निर्दोष
(iii) योग्य × अयोग्य
(iv) गरीबी × अमीरी।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘मेवे फलते श्रम की डाल’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपनी लिखित अभिव्यक्ति दीजिए।
उत्तर:
श्रम दो प्रकार का होता है। एक शारीरिक श्रम और दूसरा बौद्धिक श्रम। दोनों प्रकार के श्रम का अपना-अपना महत्त्व है। श्रम को सदा महत्त्व दिया गया है। श्रम करने वाला व्यक्ति परिश्रम करके अपना भरण-पोषण करता है और शान से रहता है। जो श्रम करता है, वह स्वयं अपने भाग्य का निर्माण करता है। वह अपना खून-पसीना एक कर मेहनत की पवित्र रोटी खाता है। मेहनत की जिंदगी ही सच्ची जिंदगी है।

श्रम करने वाला व्यक्ति काम से कभी नहीं घबराता। उसके सामने जैसा भी काम आता है, उसे वह लगन और मेहनत से पूरा करता है। विद्यार्थी श्रम द्वारा ही परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हैं। मजदूर, किसान, इंजीनियर, वैज्ञानिक, व्यापारी, खिलाड़ी आदि सबकी प्रगति में श्रम का ही हाथ होता है। हमें याद रखना चाहिए कि श्रम कभी बेकार नहीं जाता। ईमानदारी से किए गए श्रम का तुरंत लाभ भले न मिले, पर कभी-न-कभी उसका फल मिलकर ही रहता है। श्रम करने वाले ही मेवों का स्वाद चखते हैं।

गद्यांश क्र. 5
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 42
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 43

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
(i) शरीर श्रम के लिए क्या जरूरी है?
(ii) श्रम की प्रतिष्ठा बढ़ाना किसके हाथ है?
उत्तर:
(i) शरीर श्रम के लिए जरूरी है दिल में प्रीति होना।
(ii) श्रम की प्रतिष्ठा बढ़ाना श्रमिक के हाथ है।

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) गांधीजी की मान्यता के अनुसार। हर व्यक्ति को यह करना चाहिए – [ ]
(ii) अब कुछ समय से जगत के सामने दया की जगह यह विचार आया है – [ ]
(iii) महात्माजी द्वारा दी गई प्रसिद्ध विचारधारा – [ ]
(iv) अहिंसा के मार्ग से यह प्रश्न हल हो सकता है – [ ]
उत्तर;
(i) गांधीजी की मान्यता के अनुसार हर व्यक्ति को यह करना चाहिए – [उत्पादक श्रम]
(ii) अब कुछ समय से जगत के सामने दया की जगह यह विचार आया है – [समता का]
(iii) महात्माजी द्वारा दी गई गई प्रसिद्ध विचारधारा – [अहिंसा]
(iv) अहिंसा के मार्ग से यह प्रश्न हल हो सकता है – [विषमता का]

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों के आधार पर प्रश्न बनाइए:
(i) गांधीजी ने श्रम और श्रमिक की प्रतिष्ठा स्थापित करने के लिए ही रचनात्मक कार्यों को लोक चेतना का माध्यम बनाया।
(ii) कानून से मानवोचित गुणों का विकास नहीं हो सकता?
(iii) अहिंसा के प्रभाव का कुछ अनुभव भी हम कर सकते हैं।
(iv) आर्थिक सामाजिक समता का प्रश्न अहिंसा के मार्ग से सुलझेगा।
उत्तर:
(i) गांधीजी ने किन बातों की प्रतिष्ठा स्थापित करने के लिए रचनात्मक कार्यों को लोक चेतना का माध्यम बनाया?
(ii) कानून से किन गुणों का विकास नहीं हो सकता?
(iii) किसके प्रभाव का अनुभव हम कर सकते हैं?
(iv) आर्थिक सामाजिक समता का प्रश्न किस मार्ग से सुलझेगा?

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कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचान कर लिखिए:
(i) बच्चा – ………………….
(ii) विषमताएँ – ………………….
(iii) पैसे – ………………….
(iv) धनिक – ………………….
उत्तर:
(i) बच्चा – एकवचन
(ii) विषमताएँ – बहुवचन
(ii) पैसे – बहुवचन
(iv) धनिक – एकवचन।

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त ‘इक’ प्रत्यययुक्त शब्दों को ढूँढ़कर स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) ………………….
(ii) ………………….
(iii) ………………….
(iv) ………………….
(v) ………………….
(vi) ………………….
उत्तर:
(i) आर्थिक
(ii) प्राकृतिक
(iii) श्रमिक
(iv) सामाजिक
(v) प्राथमिक
(vi) बौद्धिक

(i) आर्थिक: किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए कुछ करो।
(ii) प्राकृतिक: कश्मीर की घाटी प्राकृतिक दृश्यों से भरी पड़ी है।
(iii) श्रमिक: कारखाने में काम करने वाले श्रमिक का काम बहुत मेहनत का होता है।
(iv) सामाजिक: मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।
(v) प्राथमिक: घायल व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा की जरूरत होती है।
(vi) बौद्धिक: हर व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता भिन्न-भिन्न होती है।

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कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
शारीरिक श्रम स्वास्थ के लिए अति उत्तम’ विषय पर अपने। विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
शारीरिक श्रम का अर्थ है, वह मेहनत, जिसमें हाथ-पैर के सहयोग से काम संपन्न हो। किसान, मजदूर, क्ली, ठेलेवाले, शारीरिक मेहनत करते हैं। वैसे हर व्यक्ति जाने-अनजाने थोड़ी बहुत शारीरिक मेहनत करता ही है। अपने घर की सफाई करना, खाना बनाना, बरतन धोना और बाजार-हाट से सामान-सब्जी लाना भी श्रम है। कुछ शारीरिक काम करने वाले लोग धूप में खेतों में काम करते हैं।

कुछ कारखानों में पसीना बहाकर मेहनत करते हैं। कुछ अनाज के बोरे ३ गाड़ियों पर चढ़ाते-उतारते हैं। कुछ सड़कों पर हथौड़े लेकर पत्थर तोड़ते ३ या खुदाई करते हैं। ये मोटा खाते और मोटा पहनते हैं, पर शारीरिक ३ रूप से स्वस्थ होते हैं। दूसरी ओर वे लोग हैं, जो कोई शारीरिक श्रम ३ नहीं करते। वे पौष्टिक भोजन करते हैं, नर्म गद्देदार बिछौनों पर सोते B हैं, पर बीमारी के कारण उन्हें नींद नहीं आती। भोजन नहीं पचता।

डॉक्टर इन्हें कम भोजन करने और ज्यादा दवाइयाँ लेने के लिए कहते हैं। शारीरिक श्रम के अभाव में इनका जीवन कष्टप्रद बन जाता है।

डॉक्टर इन्हें हाथ-पैर चलाने और व्यायाम करने की सलाह देते हैं। ऐसे 3 लोगों को शारीरिक श्रम करने वालों से सबक लेना चाहिए, जो

अपनी मेहनत के बल पर भले-चंगे बने रहते हैं। इस प्रकार शारीरिक , श्रम अच्छे स्वाथ्य की कुंजी है।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न, सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. शब्द भेद:

प्रश्न.
अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) गांधीजी ने यह काम श्रम और श्रमिक की प्रतिष्ठा कायम करने के लिए किया।
(ii) विषमता दूर करने के लिए प्रभावशाली उपाय करना चाहिए।
उत्तर:
(1) गांधीजी – व्यक्तिवाचक संज्ञा।
(ii) प्रभावशाली – गुणवाचक विशेषण।

2. अव्यय:

प्रश्न.
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) फिर
(ii) कभी-कभी।
उत्तर:
(i) संपत्ति रूपी ये सब चीजें फिर कैसे बनती हैं?
(ii) बुद्धिजीवियों को भी कभी-कभी शरीर श्रम करना पड़ता है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

3. संधि:

प्रश्न.
कृति पूर्ण कीजिए:

संधि शब्द  संधि विच्छेद  संधि भेद
……………………  स्व + अर्थ  ……………………
 अथवा
 ……………………  सम् + पूर्ण ……………………

उत्तर:

संधि शब्द  संधि विच्छेद संधि भेद
स्वार्थ  स्व + अर्थ स्वर संधि
 अथवा
सपूर्ण  सम् + पूर्ण व्यंजन संधि

4. सहायक क्रिया:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) प्रतिदिन समय पर अपना काम किया करो।
(ii) वह अपनी जमा-पूँजी भी गंवा बैठा।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) करो – करना
(ii) बैठा – बैठना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:

प्रश्न.
निम्नलिखित- क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) खौलना
(ii) डूबना।
उत्तर:
क्रिया – प्रथम प्रेरणार्थक रूप – दवितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) खौलना – खौलाना – खौलवाना
(ii) डूबना – डुबाना – डुबवाना

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

6. मुहावरे:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) मुंह फेरना
(ii) रट लगाना।
उत्तर:
(i) मुँह फेरना।
अर्थ: उपेक्षा करना।
वाक्य: कर्मचारी अपनी माँग लेकर सेठ जी के पास जाते तो वे उनसे बात करने के बजाय मुँह फेर लेते।

(ii) रट लगाना।
अर्थ: एक ही बात बार-बार कहना।
वाक्य: मुर्गा बहुत सबेरे ‘कुकड़-फूं’ की रट लगाता है।

प्रश्न 2.
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए: (फूला न समाना, भार होना, कान में डालना)
(i) मुनीम जी ने बड़े बाबू को बात पहुँचाई।
(ii) मेडिकल में प्रवेश मिल जाने पर नकुल बहुत प्रसन्न हुआ।
उत्तर:
(i) मुनीम जी ने बात बड़े बाबू के कान में डाल दी।
(ii) मेडिकल में प्रवेश मिल जाने पर नकुल फूला न समाया।

7. कारक:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
(i) गुलामी की प्रथा संसार भर में हजारों वर्षों तक चलती रही।
(ii) गांधीजी ने श्रम और श्रमिकों की प्रतिष्ठा स्थापित करने का काम किया।
उत्तर:
(i) गुलामी की-संबंध कारक
(ii) गांधीजी ने-कर्ता कारक।

8. विरामचिह्न:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) आम तौर से माना जाता है कि रुपया नोट और सोना-चाँदी का सिक्का ही संपत्ति है
(ii) अर्थशास्त्र ने यह नियम बताया है कि खरीद सस्ती से सस्ती हो और बिक्री महँगी से महँगी
उत्तर:
(i) आम तौर से माना जाता है कि रुपया, नोट और सोना-चाँदी का सिक्का ही संपत्ति है।
(ii) अर्थशास्त्र ने यह नियम बनाया है कि खरीद सस्ती-से-सस्ती हो और बिक्री महँगी से महँगी।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

9. काल परिवर्तन:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) बहुत से लोग अपनी आजीविका शरीर श्रम से चलाते हैं। (अपूर्ण भूतकाल)
(ii) जिनके पास संपत्ति है, वे आराम से रह रहे हैं। (सामान्य भविष्यकाल)
उत्तर:
(i) बहुत से लोग अपनी आजीविका शरीर श्रम से चला रहे थे।
(ii) जिनके पास संपत्ति है, वे आराम से रहेंगे।

10. वाक्य भेद:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) हमारी विचारधारा में बड़ा भारी दोष है।
(ii) लोग शरीर श्रम करना नहीं चाहते और इसे हीन दृष्टि से देखते हैं।
(iii) जिस श्रम में समाज को जिंदा रखने की क्षमता है, उस श्रम का सही मूल्य श्रमिक जान लेगा तो देश में आर्थिक क्रांति होने में देर नहीं लगेगी।
(iv) सामाजिक समता का प्रश्न अहिंसा के मार्ग से सुलझेगा।
उत्तर:
(i) सरल वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य
(iii) मिश्र वाक्य
(iv) सरल वाक्य।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों का दी गई सूचना के अनुसार अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए:
(i) गरीब भूख की लाचारी से श्रम करता है। (संदेहवाचक वाक्य)
(ii) अब राजप्रथा मिट गई। (आज्ञावाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) शायद गरीब भूख की लाचारी से श्रम करता है।
(ii) अब’राजप्रथा मिटा दो। 11. वाक्य शुद्धिकरण:

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) इस सम्बन्ध में कुछ भाई अमेरिका का उदाहरण पेस करते हैं।
(ii) वही आधार पे भारत को कल्याणकारी राज्य बनाने की बात चली है
उत्तर:
(i) इस संबंध में कुछ भाई अमेरिका का उदाहरण पेश करते हैं।
(ii) उसी आधार पर भारत को कल्याणकारी राज्य बनाने की बात चली है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

उपक्रम/कृति/परियोजना

पठनीय
महात्मा गांधी के श्रमप्रतिष्ठा और अहिंसा संबंधी विचार पढ़कर चर्चा कीजिए।

श्रवणीय
आर्थिक विषमता को दूर करने वाले उपायों के बारे में सुनकर कक्षा में सुनाइए।

संभाषणीय
‘वर्तमान युग में सभी बच्चों के लिए खेल-कूद और शिक्षा के समान अवसर प्राप्त हैं’ विषय पर चर्चा करते हुए अपना मत प्रस्तुत कीजिए।

श्रम साधना Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : प्राचीन काल से आज तक सामाजिक और राजनैतिक व्यवस्था में अनेक परिवर्तन हुए हैं। इसके साथ ही संपत्ति तथा उसके निर्माण में लगने वाली शक्तियों के बीच तरह-तरह की असमानताएँ भी रही हैं। श्रमजीवियों तथा व्यापारियों की आर्थिक स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर रहा है। प्रस्तुत निबंध में लेखक ने मानवीय जीवन, संपत्ति, संपत्ति के स्वामित्व, मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकताओं तथा शारीरिक एवं बौद्धिक श्रम आदि का विस्तृत विवेचन किया है। प्रस्तुत वैचारिक निबंध में श्रम की प्रतिष्ठा स्थापित करते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता पर बल दिया गया है।

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स्वाध्याय :

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

1. कृति पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 2

2. उचित विकल्प चुनकर विधान पूर्ण कीजिए। 

प्रश्न 1.
हवा बदबूदार होने का कारण है कि …..
(अ) हवा बहती नहीं है।
(आ) हवा में कारखानों की गंदगी और गैस होती हैं।
(इ) हवा दूर-दूर से आती है।
उत्तर:
(आ) हवा में कारखानों की गंदगी और गैस होती हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 2.
हवा पर आरोप लगाया गया था कि………..
(अ) हवा में शुद्धता नहीं होती।
(आ) हवा में नमी नहीं होती।
(इ) हवा में खुशबू नहीं होती।
उत्तर:
(इ) हवा में खुशबू नहीं होती।

3. कारण लिखिए :

प्रश्न 1.
पानी अशुद्ध होने के कारण –
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 4

4. ऐसे प्रश्न तैयार करें कि जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों –
1. जोहड़
2. साफ-सुथरे

प्रश्न 1.
ऐसे प्रश्न तैयार करें कि जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों –
1. जोहड़
2. साफ-सुथरे
उत्तर:
1. पशुओं को तैरने के लिए कहाँ छोड़ दिया जाता है?
2. घर कैसे रखने चाहिए?

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

5. वृत्त में दिए शब्दों के लिंग तथा वचन के अनुसार वर्गीकरण कीजिए।

प्रश्न 1.
वृत्त में दिए शब्दों के लिंग तथा वचन के अनुसार वर्गीकरण कीजिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 5 Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 6

उत्तर:

स्त्रीलिंग पुलिंग एकवचन बहुवचन
नदी कूड़ा बीमारी शिकायतें
फसल गाँव आँख गवाहें
सड़क वृक्ष आदत सर्दियाँ
नाली पंखा मुकदमा कारखाने

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

6. शब्द-युग्म बनाइए।

कूड़ा – …………., इधर – …………., गाँव – ………….., घर – ………….., हवा – ………….., सीधा – ………….., साफ – ……………., झाड़ – …………

प्रश्न 1.
शब्द-युग्म बनाइए।
उत्तर:
कूड़ा – कचरा, इधर – उधर, गाँव – शहर, घर – द्वार, हवा – पानी, सीधा – सादा, साफ – सुथरा, झाड़-झंखाड़

अभिव्यक्ति :

‘बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने के उपाय’ पर अपने विचार लिखिए।

प्रश्न 1.
‘बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने के उपाय’ पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
आज प्रदूषण के कारण विश्व में चारों ओर लोगों का जीना दूभर हो गया है। प्रदूषण को रोकने के लिए हमें प्राकृतिक स्रोतों का संरक्षण करना चाहिए। हमें पटाखें जलाना, कूड़ा-कचरा यहाँ-वहाँ नहीं फेंकना चाहिए। मानव जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगानी चाहिए। हमें प्रकृति का अंधाधुंध दोहन नहीं करना चाहिए। सरकार को अवैध खनन पर रोक लगानी चाहिए। कारखानों की चिमनियों की ऊँचाई अधिक रखनी चाहिए।

अधिक धुआँ निर्माण करने वाले स्वचालित यंत्रों पर रोक लगानी चाहिए और इसके लिए सरकार द्वारा प्रतिबंधात्मक कानून बनाने चाहिए ताकि उल्लंघन करने वालों पर कड़ी-से-कड़ी कार्यवाही हो सके। कारखानों से निकले हुए रासायनिक पदार्थों को तालाब, नदी या सागर में नहीं डालना चाहिए। पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए सभी को पेड़ लगाने चाहिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

भाषाबिंदु :

प्रश्न 1.
इन शब्दों से बने दो – दो मुहावरे तथा उनके अर्थ लिखकर स्वतंत्र वाक्य में प्रयोग कीजिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 7

1. कान
उत्तर:
i. मुहावरा : कान भरना।
अर्थ : किसी के विरुद्ध किसी के मन में कोई बात बैठा देना।
वाक्य : रामू के किसी ने तो कान भर दिए, इसलिए वह इस प्रकार का बर्ताव कर रहा है।

ii. मुहावरा : कान का कच्चा होना।
अर्थ : सुनते ही किसी बात पर विश्वास करना।
वाक्य : अजय कान का कच्चा है; वह किसी के भी बहकावे में आ जाता है।

2. नाक
उत्तर:
i. मुहावरा : नाक-भौं सिकोड़ना।
अर्थ : अप्रसन्नता प्रकट करना।
वाक्य : जरा-जरा सी बात पर नाक-भौं सिकोड़ना ठीक नहीं है। .

ii. मुहावरा : नाक में दम करना।
अर्थ : बहुत परेशान होना।
वाक्य : तुम दोनों की हरकतों ने मेरे नाक में दम कर दिया है।

3. सिर
उत्तर:
i. मुहावरा : अपने सिर लेना।
अर्थ : जिम्मेदारी अपने ऊपर लेना।
वाक्य : व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने का काम रामलाल ने अपने सिर ले लिया।

ii. मुहावरा : सिर चढ़ाना।
अर्थ : अनुपयुक्त व्यक्ति को अत्यधिक महत्त्व देकर अपने ऊपर मुसीबत मोल लेना।
वाक्य : मूर्ख व्यक्ति को सिर चढ़ाने का नतीजा हमेशा बुरा ही होता है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

उपयोजित लेखन :

प्रश्न 1.
अपने ग्राम/नगर/महानगर के संबंधित अधिकारी को बच्चों के खेलने के लिए बगीचा बनवाने हेतु पत्र लिखिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 8
उत्तरः
10 जुलाई, 2018
प्रति,
मा. महानगर अधिकारी,
महानगरपालिका,
दादर (पूर्व),
मुंबई – 400 043. .
विषय : बच्चों के खेलने के लिए बगीचा बनवाने हेतु प्रार्थना पत्र।

मैं कुमार अजय मेहता दादर पूर्व विभाग का निवासी हूँ। मैं आपको यह प्रार्थना पत्र लिख रहा हूँ क्योंकि हमारे विभाग में बच्चों के खेलने के लिए बगीचा नहीं है।

हमारे विभाग में कुल मिलाकर दो सौ से अधिक बच्चे हैं। उनके खेलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। यहाँ हर इमारत के बीच में खेलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। यहाँ मैदान भी नहीं है, जिस कारण बच्चों को खेलने-कूदने के लिए बहुत दिक्कत हो रही है। छुट्टियों में उनका ठीक से मनोरंजन नहीं हो पाने के कारण घर में बैठकर या तो टी. वी. देखते हैं या कंप्यूटर गेम खेलते हैं जिससे उनका शारीरिक विकास नहीं हो पा रहा है।

आपसे नम्र निवेदन है कि आप हमारे विभाग में एक बगीचा का निर्माण करें ताकि विभाग में रहने वाले बच्चों के बाहर खेलने के लिए पर्याप्त जगह हो। मुझे आशा है कि आप मेरे प्रार्थना पत्र पर जरूर विचार करेंगे।

कष्ट के लिए क्षमाप्रार्थी।
भवदीय, अजय मेहता,
401, राम महल,
राधा नगर,
मुंबई – 400026
ajay56@gmail.com

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Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions Chapter 3 मुकदमा Additional Important Questions and Answers

(अ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति अ (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 9

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 10

प्रश्न 3.
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए।
i. सूखे कपड़े पहने एक लड़का हाजिर होता है।
उत्तर:
भीगे कपड़े पहने एक लड़का हाजिर होता है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

ii. राजा के अनुसार पानी अब निर्मल नहीं रहा है।
उत्तर:
लोगों के अनुसार पानी अब निर्मल नहीं रहा है।

प्रश्न 4.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 11

कृति अ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए।

  1. गह्वर
  2. निर्मल
  3. शिकायत
  4. गंदगी

उत्तर:

  1. गड्ढा
  2. साफ
  3. उलाहना
  4. मलिनता

प्रश्न 2.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. वह स्थान जहाँ राजा अपने मंत्रियों के साथ बैठते हैं –
ii. किसी विवाद का अदालत में सुनवाई –
उत्तर:
i. दरबार
ii. मुकदमा

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

  1. निर्मल × ………
  2. समय × ………
  3. हाजिर × ………

उत्तर:

  1. मलिन
  2. असमय
  3. गैरहाजिर

प्रश्न 4.
गद्यांश में से विदेशी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
टेपरिकॉर्डर

कृति अ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
मुकादमा चलाने की परंपरागत और आधुनिक पद्धति में अंतर लिखिए।
उत्तर:
पहले के जमाने में राजा-महाराजा हुआ करते थे। वे न्याय प्रक्रिया में न्यायाधीश की भूमिका निभाते थे। यदि किसी को किसी से शिकायत होती थी तो वह व्यक्ति राजदरबार में जाकर शिकायत दर्ज करता था और फिर राजा के द्वारा मुकदमा चलाया जाता था। राजा का निर्णय अंतिम हुआ करता था। आज जमाना बदल गया है। राजा-महाराजाओं के दिन अब नहीं रहे हैं। लोग प्रजातंत्र में अपना जीवन बीता रहे हैं। आज न्याय व्यवस्था पर सरकार अथवा किसी अन्य संस्था का नियंत्रण नहीं है। वह मुक्त और स्वनियंत्रित है। पुलिस, कोर्ट-कचहरी आदि न्यायप्रणाली की व्यवस्था है।

यदि कोई व्यक्ति गलत काम करता है तो वह कानून की नजर में दोषी बन जाता है। उस पर मुकदमा चलाया जाता है। यदि उसका दोष सिद्ध हुआ तो उसे सजा हो जाती है। आज हमारी न्याय व्यवस्था पूर्णत: निष्पक्ष व स्वतंत्र है। न्यायालय के निर्णय को अंतिम माना जाता है। इस प्रकार पहले के जमाने में मुकदमें चलाने की विधि और आज के जमाने में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया में जमीन-आसमान का अंतर है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

(आ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति आ (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 12

प्रश्न 2.
गद्यांश के आधार पर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. वे घर जरूर डूबेंगे ….
उत्तरः
जहाँ वर्षा का पानी बहना चाहिए; नदी बहनी चाहिए; वहाँ पर लोगों ने घर बना लिए हैं।

कृति आ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।

  1. पशु
  2. कारखाना
  3. पहाड़
  4. वर्षा

उत्तर:

  1. जानवर
  2. फैक्टरी
  3. पर्वत
  4. बारिश

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 2.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. छोटा प्राकृतिक तालाब –
उत्तर:
i. जोहड़

प्रश्न 3.
विलोम शब्द लिखिए
i. गंदा × …………….
ii. ढलान × …………..
उत्तर:
i. साफ
ii. चढ़ाव

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त पर्यायवाची शब्द की जोड़ी को ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
वर्षा : बरसात

प्रश्न 5.
वचन बदलिए।

  1. नदी
  2. गली
  3. नाला

उत्तर:

  1. नदियाँ
  2. गलियाँ
  3. नाले

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय छाँटकर लिखिए।
i. रखवाली
ii. जिम्मेदार
उत्तर:
i. प्रत्यय : वाली
ii. प्रत्यय : दार

प्रश्न 7.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूंढकर लिखिए।
उत्तर:
गलियों – नालियों

कृति आ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
जल प्रदूषण को रोकने के लिए अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जल के बिना जीवन असंभव है। प्राकृतिक जल स्रोतों को स्वच्छ रखना हमारा कर्तव्य है। हमें तालाब एवं नदी के पानी में पशुओं को नहलाना नहीं चाहिए। तालाब या नदी में हमें कपड़े या बर्तन नहीं धोने चाहिए। तालाब व नदी में कूड़ा-कचरा नहीं फेंकना चाहिए। कल-कारखानों का दूषित और जहरीला पानी नदी में डालने पर रोक लगानी चाहिए। लोगों में जल-प्रदूषण के खतरे के प्रति जागरुकता निर्माण करनी चाहिए। जल प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण बोर्ड को सख्त कानून बनाने चाहिए। इस प्रकार सभी को स्वेच्छा से इस अभियान के लिए आगे आना चाहिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

(इ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति इ (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों
i. सदियों
ii. वृक्ष
उत्तर:
i. गाँव कब से ऊँची जगह पर बसा हुआ है?
ii. लोगों ने पहाड़ से क्या साफ कर दिए हैं?

प्रश्न 2.
सही विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. पानी पहाड़ से लुढ़कता हुआ नीचे आता है क्योंकि..
(क) लोगों ने पहाड़ से वृक्ष साफ कर दिए हैं।
(ख) लोगों ने पहाड़ पर घर बनाए हैं।
(ग) लोगों ने पहाड़ को काट दिया है।
उत्तरः
(क) लोगों ने पहाड़ से वृक्ष साफ कर दिए हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 3.
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए।
i. बाढ़ के लिए पानी जिम्मेदार है। उत्तरः बाढ़ के लिए गाँववाले जिम्मेदार हैं।
ii. निर्मल एवं स्वच्छ रहना पानी के हाथ में है।
उत्तरः
पानी को निर्मल तथा स्वच्छ रखना लोगों के हाथ में है।

कृति इ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः
धीरे-धीरे

प्रश्न 2.
गोश में से ऐसे दो शब्द ढूँड़कर लिखिए कि जिनके वचन परिवर्तित नहीं होते।
उत्तर:
i. ढलान
ii. वृक्ष

प्रश्न 3.
‘निर्मल’ इस शब्द में निहित उपसर्ग को पहचानकर संबंधित उपसर्ग लगाकर अन्य दो शब्द तैयार कीजिए।
उत्तर:
निर्मल : प्रत्यय : निर नए
शब्द : निराकार, निर्विकार

प्रश्न 4.
नीचे दिए तत्सम शब्द का तद्भव लिखिए।
i. ग्राम
उत्तर:
i. गाँव

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 5.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. सौ वर्षों का समय
उत्तर:
i. सदी

कृति इ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘जल ही जीवन है।’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जल ही जीवन है। जल के बिना जिंदगी की कल्पना नहीं की जा सकती है। धरती पर रहने वाले सभी जीवों को जिंदा रहने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। यदि शरीर में पानी की मात्रा 10 प्रतिशत से कम हो जाए तो व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता। मनुष्य भोजन के बिना कई दिनों तक जीवित रह सकता है लेकिन पानी के बिना तीन दिन से अधिक नहीं जीवित रह सकता। हमें जरूरत से ज्यादा पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। संसार की बढ़ती जनसंख्या के कारण पानी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इसलिए हमें पानी को बर्बाद नहीं करना चाहिए। यदि पानी नहीं होगा तो किसान खेत में अनाज नहीं उगा सकता है। पानी के बिना किसी भी वस्तु का निर्माण नहीं हो सकता। इसलिए जल ही जीवन है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

(ई) गद्यांश पड़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ई (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 13

प्रश्न 2.
परिणाम लिखिए।
i. भोपाल के कारखाने से निकली जहरीली गैस से –
ii. मरे हुए पशु-पक्षियों को यहाँ-वहाँ डालने से –
उत्तर:
i. कई लोग रात में सोए हुए ही मौत के मुँह में चले गए थे।
ii. हवा बदबूदार हो जाती है।

कृति ई (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए।
i. हवा ने महाराज से कहा महाराज मुझ पर लगे आरोप झूठे हैं
उत्तरः
हवा ने महाराज से कहा, “महाराज, मुझ पर लगे आरोप झूठे हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 2.
लिंग बदलिए।
i. महाराज
ii. लड़की
उत्तर:
i. महारानी.
ii. लड़का

प्रश्न 3.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
उत्तर:

  1. पशु-पक्षियों
  2. यहाँ-वहाँ
  3. दूर-दूर
  4. आज-कल

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्द के लिए श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द लिखिए।
i. रात
ii. डाल
उत्तर:
i. रत
ii. दाल

प्रश्न 5.
‘जहरीली’ इस शब्द में से प्रत्यय अलग कीजिए और संबंधित प्रत्यय लगाकर अन्य दो शब्द बनाइए।
उत्तरः
जहरीली : शब्द : जहर प्रत्यय : ईली
अन्य शब्द : नशीली, चमकीली

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

कृति ई (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘हवा प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए उपाय’ पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
दिन-प्रतिदिन हानिकारक सामग्री के हवा में मिलने के कारण हवा प्रदूषित हो रही है। प्रदूषित हवा से लोग बीमार पड़ रहे हैं। हवा प्रदूषण से बचने के लिए हमें कूड़ा-कचरा यहाँ-वहाँ नहीं फेंकना चाहिए। कूड़ा-कचरा यहाँ-वहाँ फेंकने से गंदगी फैलती है जिससे हवा दूषित हो जाती है। कारखानों को आधुनिक तकनीकी का प्रयोग करना चाहिए ताकि उनमें से जहरीली गैस और धुआँ बाहर न निकले और हवा में न मिले। लोगों को अपने वाहनों की नियमित जाँच करानी चाहिए, ताकि उनमें से अधिक धुआँ बाहर निकलकर हवा में न फैले।

सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर रोक होनी चाहिए। हमें शहरीकरण की प्रक्रिया को रोकना चाहिए। गाँवों में ही रोजगार के साधनों को विकसित करना चाहिए, जिससे गाँव के लोग नौकरी करने के लिए शहर में पलायन न करें। इससे शहर और गाँव का असंतुलन धीरेधीरे कम हो जाएगा और हवा प्रदूषण भी रुकेगा। धुएँवाले ईधनों का प्रयोग बंद कर देना चाहिए और भारी मात्रा में पेड़ लगाने चाहिए। इस प्रकार हवा प्रदूषण पर रोक लगाई जा सकती है।

(उ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति उ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 14

प्रश्न 2.
परिणाम लिखिए।
i. हवा ने चलना बंद कर दिया।
उत्तरः
हवा द्वारा चलना बंद होने से सभी घुटन महसूस करने लगे।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

ii. हवा आँधी बनकर आती है।
उत्तरः
हवा के आँधी बनकर आने से लोगों के घर रेत और कूड़े से भर जाते हैं।

कृति उ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।

  1. मिट्टी
  2. निमंत्रण
  3. दुखी
  4. आँधी

उत्तर:

  1. मृदा
  2. आमंत्रण
  3. उदास
  4. अंधड़

प्रश्न 2.
नीचे दिए हुए अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. धूलभरी जोर की हवा –
उत्तर:
i. आँधी

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 3.
वचन बदलिए।
i. आँधी
ii. आँख
उत्तर:
i. आँधियाँ
ii. आँखें

कृति उ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘यदि हवा चलना बंद कर दे तो…..।’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
नित चलते रहना हवा का काम है। यदि हवा चलना बंद कर दे तो बहुत बड़ी समस्या निर्माण हो जाएगी। हवा के बिना जीवन के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। यदि हवा चलना बंद कर देगी तो लोगों को साँस लेने के लिए दिक्कत हो जाएगी। लोग घुटन भरे माहौल में अधिक समय तक जीवित नहीं रह सकते हैं। पेड़-पौधे, पशु-पक्षियों को भी जीवन जीने के लिए हवा की जरूरत होती है।

गर्मी ज्यादा बढ़ने के कारण फिर सर्वत्र एअरकंडिशन लगाना पड़ेगा। इससे तापमान में वृद्धि होगी। कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ेगी, जिससे लोगों को साँस लेने की और भी दिक्कत हो जाएगी। यदि सचमुच हवा चलना बंद कर देगी तो धीरे-धीरे इस धरती से जीवन नष्ट हो जाएगा।

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(ऊ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ऊ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हो
i. पंखा
ii. पॉलिथिन की थैलियाँ
उत्तर:
i. हवा की गति बढ़ाने के लिए लोग क्या चलाते हैं?
ii. लोग सड़कों पर क्या फेंकते हैं?

प्रश्न 2.
गद्यांश के आधार पर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. जब हवा तेजी से चलती है।
ii. लोगों द्वारा फेंका कूड़ा ……
उत्तर:
i. जब हवा तेजी से चलती है तब वह अपने साथ रेत, मिट्टी, कूड़ा आदि हल्की चीजें साथ लेकर उड़ती है।
ii. लोगों द्वारा फेंका कूड़ा फिर से उनके घरों में जाता है।

प्रश्न 3.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा 15

कृति ऊ (2) : शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
उत्तरः
i. हवा-पानी
ii. आस-पास

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।

  1. दोस्त × ……………….
  2. लाभ × ……………….
  3. हल्की × …………….
  4. गरमी × …………..

उत्तरः

  1. दुश्मन
  2. नुकसान
  3. भारी
  4. सर्दी

प्रश्न 3.
पर्यायवाची शब्द लिखिए।
i. गरमी
ii. हवा
उत्तर:
i. ग्रीष्म
i. वायु

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

प्रश्न 4.
गोश में से ऐसे दो शब्द ढूँडकर लिखिए कि जिनके वचन परिवर्तित नहीं होते।
उत्तर:
हवा, पानी

मुकदमा Summary in Hindi

लेखक-परिचय :

जीवन-परिचय : गोविंद शर्मा जी का जन्म सन 1९४६ में राजस्थान के संगरिया क्षेत्र में हुआ। शर्मा जी सुप्रसिद्ध बालसाहित्यकार है। बाल नाटक, बाल उपन्यास एवं बाल कविता के द्वारा आप बाल जगत के साहित्य में प्रसिद्ध है। इन्होंने व्यंग्य परक लेख, जीवनी, लघुकथाएँ आदि विधाओं में भी लेखन किया है।
प्रमुख कृतियाँ : ‘दीपू और मोती’, ‘डोबी और राजकुमार’ (बाल उपन्यास), ‘हमें हमारा घर दो’, ‘मेहनत का मंत्र’ (कहानी संग्रह), ‘नया बाल दिवस’ (नाटक संग्रह), ‘कुछ नहीं बदला’, ‘जहाज के नये पंक्षी’ (व्यंग्य संग्रह), ‘रामदीन का चिराग’ (लघुकहानी संग्रह) आदि।

गद्य-परिचय :

एकांकी : प्रस्तावना एक अंक वाले नाटक को ‘एकांकी’ कहते हैं। अंग्रेजी में इसे ‘वन ऐक्ट प्ले’ कहते हैं। एकांकी स्वतंत्र एवं सचेष्ट भाव से लिखी जाती है। एकांकी का आकार लघु होता है। अत: इसमें एक ही कथा होती है।
प्रस्तावना : ‘मुकदमा’ इस एकांकी में लेखक गोविंद शर्मा जी ने जल एवं वायु प्रदूषण के कारणों और दुष्परिणामों के प्रति लोगों को सचेत किया है। प्रदूषण रूपी संकट को रोकने के लिए मनुष्य को ही प्रयास करना होगा, यह संदेश लेखक ने हमें प्रस्तुत एकांकी के माध्यम से दिया है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 मुकदमा

सारांश :

‘मुकदमा’ यह एक एकांकी है। एकांकी की शुरूआत महाराज के दरबार से होती है। दरबार में महाराज सिंहासन पर बैठे हैं। कुछ लोगों ने। दरबार में हवा व पानी के विरुद्ध शिकायत की है। अत: हवा व पानी को दरबार में बुलाया गया है और उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है। लोगों ने पानी पर आरोप लगाया कि वह पहले जैसा निर्मल नहीं रहा है। वह अपने साथ गंदगी एवं बीमारियाँ बहाकर ले आता है। अपने ऊपर। लगे इस आरोप का खंडन करते हुए पानी ने कहा कि इसमें उसका कुछ भी कसूर नहीं है। लोग पहले के जैसे उसकी रखवाली नहीं करते।

हैं और वे अपने पशुओं को तालाब या नदी में छोड़ देते हैं। कारखानों का पानी एवं गंदी नाली का पानी भी उसमें आकर मिलता है। अत: वह इंसान के करतूतों के कारण ही अशुद्ध हो गया है। लोगों ने पानी पर यह भी आरोप लगाया कि वह अपनी मर्जी के अनुसार कहीं पर भी बरसता है और कहीं पर भी बहता हआ जाता है। इस कारण उनके घर पानी में डूब जाते हैं। इसपर पानी कहता है कि इसमें भी उसका कोई कसर नहीं है। लोगों ने पहाड पर स्थित पेड़ों की कटाई की है। अत: वह पहाडों से गति से बहता हआ नीचे आता है जिस कारण लोगों के घर पानी में बह जाते हैं।

अंत में मुकदमे का फैसला करते हुए महाराज लोगों को अपनी गलतियाँ सुधारने और पानी को निर्मल तथा उपयोगी रखने । का आदेश देते हैं। दूसरी शिकायत हवा के विरुद्ध है। आदमी शिकायत करता है कि अब हवा में पहले जैसी खुशबू नहीं है और वह आँधी। बनकर आती है जिस कारण लोगों के घर रेत व कूड़े से भर जाते हैं। वह बदबू फैलाती है।

हवा इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहती है कि कारखानों से निकलने वाली गैस व गंदगी के कारण वह बदबूदार हो गई है। अंत में महाराज कहते हैं कि इसमें हवा का कोई भी कसूर नहीं है। महाराज द्वारा लोगों को नसीहत दी जाती है कि वे सफाई की आदत को अपनाएँ। हवा व पानी को अपना दोस्त मानकर उन्हें दूषित होने से बचाएँ। यदि ऐसा होगा; तो ही लोगों का भला होगा।

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शब्दार्थ :

  1. गह्वर – गड्ढा
  2. शिकायत – उलाहना
  3. पशु – जानवर
  4. निमंत्रण – आमंत्रण
  5. दूषित – गंद
  6. माहौल – वातावरण
  7. गवाह – प्रमाण
  8. बदबू – दुर्गन्ध
  9. दंड – सज़ा
  10. निर्मल – साफ
  11. कूड़ा – कचरा
  12. उपाय – हल
  13. तबाह – नष्ट

मुहावरे :

आँख मूंदकर चलना – बिना सोचे-विचारे चलना।
मौत के मुंह में चले जाना – जान-बूझकर खतरा मोल लेना।

कहावत :

जैसी करनी, वैसी भरनी – कर्म के अनुसार ही फल का मिलना।

Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions दूसरी इकाई

Class 10 Hindi Chapter 4 Jin Dhunda Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 4 जिन ढूँढ़ा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 10 Hindi Chapter 4 Jin Dhunda Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 10th Digest Chapter 4 जिन ढूँढ़ा Questions And Answers

Hindi Lokvani 10th Std Digest Chapter 4 जिन ढूँढ़ा Textbook Questions and Answers

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

(१) प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 4

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा

(२) उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 3
उत्तर:
i – ग
ii – ख
iii – ङ
iv – क

(३) शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :

१. कस्तूरी की खोज करने वाला
उत्तर:
मृग

२. किनारे पर बैठा रहने वाला।
उत्तर:
बसेरा

३. तीन नोकों वाला अस्त्र
उत्तर:
त्रिशूल

४. जो बलहीन है
उत्तर:
शक्तिहीन

(४) दोहों में आए सुवचन
उत्तर:
(i) दुर्बल की रक्षा करना सबल का कर्तव्य है।
(ii) जिस पर ईश्वर की कृपा हो, उसका कोई कुछ भी बुरा नहीं कर सकता।

(५) निम्नलिखित अर्थ के शब्द दोहों से ढूँढ़कर लिखिए:

१. पुत्र ……..
२. इत्र विक्रेता ……….
३. परमात्मा ……….
४. खुद ……….
उत्तर:
१. लाल
२. सुगंधि बेचने वाला
३. पीव
४. दुनिया

(६) दोहों में प्रयुक्त निम्न शब्दों के दो-दो अर्थ लिखिए :

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 2
उत्तरः
१. हिरण, एक नक्षत्र का नाम
२. कलश या घड़ा, एक राशि का नाम
३. परिक्षा फल, नतिजा
४. बच्चा, केश

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा

(७) अपनी पसंद के किसी एक दोहे के भावार्थ से प्राप्त प्रेरणा लिखिए।
उत्तरः
दोहा : जिन ढूँढ़ा ……………. किनारे बैठ ।।
प्रेरणा: प्रस्तुत दोहे से हमें साहस जैसे महान गुण का संचय करने की प्रेरणा मिलती है। साहस में बड़ी शक्ति होती है। उसके बल पर हम पानी की गहराई तक जाकर अनमोल रत्न पा सकते हैं। साहस व्यक्ति का महत्त्वपूर्ण गुण हैं।

उपयोजित लखन

शब्दों के आधार पर कहानी लिखिए:
शैली. जल, तस्वीर, अंगूठी
उत्तरः
मेल-मिलाप

रामपुर नामक गाँव में घनश्याम नाम का एक जौहरी रहता था। वह अपने दाहिने हाथ की एक ऊँगली में सोने की एक अंगूठी पहनता था। उसे उस अंगूठी से बेहद लगाव था। अत: कभी-भी वह उसे अपनी ऊँगली से अलग नहीं करता था। वह अपने परिवार से अलग रहता था। उनके लिए अलग घर की व्यवस्था थी। वह उन्हें मिलने कभी नहीं जाता था। एक दिन जौहरी को मिलने के लिए पड़ोस के गाँव से एक व्यक्ति आया। उसके पास एक थैली थी। उस थैली में एक घोड़े की तस्वीर थी । उस तस्वीर को बाहर निकालकर उसने जौहरी से कहा, “मालिक, यह बहुत ही अद्भुत तस्वीर है।

यह मुझे साधु महाराज ने दी है। मैं इसे बेचना चाहता हूँ। जो कोई इस तस्वीर को खरीद लेगा उसका पूरा जीवन बड़े आराम से कटेगा और उसे किसी भी प्रकार की विपत्तियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उस व्यक्ति की बातें सुनकर जौहरी ने जिज्ञासा से पूछा, “तो फिर इसका मूल्य कितना है?” उस व्यक्ति ने बताया सिर्फ पाँच जल की बूंदे और वह भी वे बूंदें एक दूसरी से अलग होनी चाहिए यानी एक साथ मिलनी नहीं चाहिए।

यह सुनकर जौहरी हैरान रह गया। थोड़ी देर तक सोचने के बाद उसने तुरंत अपने नौकर के जरिए एक गिलास में पानी मैंगवाया। उसने एक प्लेट में पानी की बूंद गिराने की कोशिश की, पर उसके प्रयत्न निष्फल रहे क्योंकि पानी की बूंदें एक-दूसर से मिलने लगी। कई बार कोशिश करने के बाद जौहरी थक गया। वह व्यक्ति मन ही मन हँस रहा था। हैरान होकर जौहरी ने उसकी ओर देखा।

तब तपाक से उस व्यक्ति ने कहा, “एक-दूसरे के साथ मिलना तो बूंदों का स्वभाव है। फिर इंसान होकर तुम क्यों अपने परिवार वालों से अलग रहते हो?” उस आदमी की बातें सुनकर जौहरी की आँखें खुल गई और वह तुरंत अपने परिवार वालों के पास चला गया। सीख : हमें जीवन में मेल-मिलाप से रहना चाहिए।

Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा Additional Important Questions and Answers

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति अ (१): आकलन कृति

कृति पूर्ण कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 10
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 5

समझकर लिखिए।

Question 1.
बड़ा व्यक्ति वही कहलाता है
Answer:
जिसके बड़े होने से दूसरों का भला होता है।

Question 2.
संसार में उन्हीं गुरु शिष्य को लोग याद करते हैं
Answer:
जो शिष्य अपने गुरु पर सर्वस्व अर्पण करने के लिए तैयार रहता है और जो गुरु अपने शिष्य से कुछ भी नहीं लेता है।

कृति अ (२) : शब्द संपदा

निम्नलिखित शब्दों के अर्थ पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. राहगीर
  2. छाया
  3. संगत
  4. इत्र विक्रेता

Answer:

  1. राहगीर – पंथी
  2. छाया – छाँव
  3. संगत – संगति
  4. इत्र विक्रेता – गंधी

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा

विलोम शब्द लिखिए।

  1. बड़ा x …….
  2. छाया x ……
  3. साधु x …….

Answer:

  1. बड़ा x छोटा
  2. छाया x धूप
  3. साधु x असाधु

निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।

  1. छाया
  2. गुरु

Answer:

  1. परछाई, बाधा
  2. अध्यापक, बड़ा

निम्नलिखित शब्द का लिंग बदलिए।

  1. साधु
  2. शिष्य

Answer:

  1. साध्वी
  2. शिष्या

Question 1.
निम्नलिखित पद्यांश में से तत्सम शब्द पहचानकर लिखिए।
Answer:
साधु
गुरु

निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

Question 1.
गुरु से शिक्षा प्राप्त करने वाला
Answer:
शिष्य

कृति अ (३) : स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
‘छात्र जीवन में सत्संगति का असाधारण महत्त्व होता है।’ अपने विचार लिखिए।
Answer:
सत्संगति का अर्थ है – अच्छी संगति। अच्छे मनुष्यों के साथ रहने से हम सद्गति की ओर अग्रसर होते हैं। सत्संगति के संसर्ग से मनुष्य सदाचरण का पालन करता है। विद्यार्थियों को हमेशा अच्छे संस्कार वाले छात्रों की संगति में रहना चाहिए। सत्संगति हमें जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्रदान करती है। सत्संगति में रहकर हम चरित्रवान बन सकते हैं। हमें जीवन में किसी से दोस्ती करते समय यह नहीं सोचना चाहिए कि वह गरीब है या अमीर । हमें दूसरे व्यक्ति के संस्कार एवं उसकी अच्छाइयों को ध्यान में रखते हुए उससे दोस्ती करनी चाहिए। सत्संगति में रहने से हम जीवन में कभी
भी गलत रास्ते पर नहीं जा सकते हैं।

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति आ (१): आकलन कृति

Question 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कमजोर व्यक्ति को सताने से –
(अ) उन्हें बुरा लगता है।
(आ) उनकी हाय लगती है।
(इ) उनकी पीड़ा और बढ़ जाती है।
Answer:
कमजोर व्यक्ति को सताने से उनकी हाय लगती है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा

समझकर लिखिए।

Question 1.
यह निर्जीव है
Answer:
लुहार की धौंकनी।

Question 2.
धौंकनी से यह निकलती है
Answer:
हवा रूपी श्वास

Question 3.
पद्यांश में प्रयुक्त एक धातु का नाम
Answer:
लोहा

उचित जोड़ियाँ मिलाइए।।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 9
Answer:
i – ग
ii – घ
iii – क
iv – ख

कृति पूर्ण कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 11
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 6

उपसर्ग व प्रत्यय लगाकर शब्द लिखिए।

Question 1.
बल
Answer:
उपसर्ग – दुर्बल, प्रत्यय – बलवान

Question 2.
जीव
Answer:
उपसर्ग – सजीव, प्रत्यय – जीवधारी

विलोम शब्द लिखिए।

  1. दुर्बल x ………..
  2. बाहर x ………

Answer:

  1. दुर्बल x सबल
  2. बाहर x अंदर

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लिंग बदलिए।

  1. कुम्हार
  2. गुरु

Answer:

  1. कुम्हारिन
  2. गुरुआइन

पर्यायवाची शब्द लिखिए।

  1. साईं
  2. अंतर
  3. बैरी
  4. खोट

Answer:

  1. ईश्वर
  2. भीतर
  3. दुश्मन
  4. दोष

निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

Question 1.
जिसमें बल न हो
Answer:
दुर्बल

कृति आ (३): स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
‘गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। विषय पर अपने विचार लिखिए।
Answer:
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में गुरु का महत्त्व अनन्यसाधारण होता है। गुरु बिना गति नहीं अर्थात गुरु के बिना छात्र प्रगति नहीं कर सकता; वह ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता। गुरु हमारे दुर्गुणों को हटाकर सद्गुणों का संवर्धन करता है। संतकवि कबीर जी ने कहा है कि गुरु के बिना व्यक्ति को मोक्ष नहीं मिल सकता है। हमारे सभी धर्मग्रंथों में गुरु की महिमा का गुणगान किया गया है।

जिसे जीवन में गुरु का साथ मिलता है, वह व्यक्ति अपने जीवन में भवसागर पार कर जाता है। जिस प्रकार सूर्य के निकलने से अंधकार का नाश हो जाता है; ठीक उसी प्रकार गुरु के मुख से निकले वचनों से मोहरूपी अंधकार का नाश हो जाता है। गुरु अज्ञान का निराकरण करता है और हमें सच्चाई का मार्ग दिखाता है।

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति इ (१): आकलन कृति

निम्नलिखित शब्द पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों

Question 1.
ईश्वर
Answer:
संत कबीर को किसकी महिमा सब जगह दिखाई देती है?

Question 2.
कस्तूरी
Answer:
हिरण की नाभि में क्या होती है?

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा

समझकर लिखिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 12
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 7

कृति इ (२):शब्द संपदा

Question 1.
पद्यांश में से देशज शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
Answer:
नैन
पीव

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

  1. मृग
  2. दुनिया
  3. घट
  4. नैन

Answer:

  1. हिरण
  2. संसार
  3. घड़ा
  4. नयन

निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।

  1. मृग –
  2. कुंडल –

Answer:

  1. मृग – हिरण, एक नक्षत्र का नाम
  2. कुंडल – नाभि, कड़ा, बाली

निम्नलिखित शब्दों के अर्थ दोहों से ढूंढकर लिखिए।

  1. परमात्मा
  2. संसार
  3. खुद
  4. पुत्र

Answer:

  1. पीव
  2. दुनिया
  3. मैं
  4. लाल

कृति इ (३) : स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
‘ईश्वर सर्वव्यापक है।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
Answer:
ईश्वर ने ही इस सुंदर सृष्टि का निर्माण किया है। उसकी मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता है। संपूर्ण सृष्टि में ईश्वर का अस्तित्व है। वह हमारे हृदय में विराजमान है। लेकिन हमें इस बात का एहसास नहीं होता। अत: हम उसे ढूँढ़ने के लिए चारों और भटकते रहते हैं। अलग-अलग तीर्थस्थलों पर जाकर उसे पाने का प्रयास करते हैं। कोई उसे मंदिर मैं ढूँढ़ता है तो कोई उसे मस्जिद में ढूँढ़ता है।

परंतु वह तो हर जगह है। उसे पाने के लिए हमें यहाँ-वहाँ भटकने की जरूरत नहीं है। ईश्वर को पाने के लिए मनुष्य को बाह्य-आडंबरों का त्याग करना चाहिए। कर्मकांड व बाहरी आडंबर के जरिए हमें उसकी प्राप्ति नहीं होती है। सच्चे भाव से ईश्वर को याद करने पर वह हमारे साथ होते हैं। इसके लिए हमें यहाँ-वहाँ जाने की जरूरत नहीं है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति ई (१) आकलन कृति

पद्यांश के आधार पर समझकर निम्नलिखित वाक्य पूर्ण कीजिए।

Question 1.
किनारे पर वही बैठा रहता है –
Answer:
जो डूबने से डरता है।

Question 2.
पानी की गहराई में उतरने से –
Answer:
व्यक्ति को अनमोल रत्न की प्राप्ति होती है।

निम्नलिखित शब्द पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –

Question 1.
बौरा
Answer:
डूबने से कौन डरता है?

Question 2.
फूल
Answer:
जो हमारे जीवन में काँटा बोता है, उसके जीवन में हमें क्या बोना चाहिए?

समझकर लिखिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 13
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 8

कृति ई (२) : शब्द संपदा

निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. फूल
  2. किनारा
  3. काँटा
  4. पानी

Answer:

  1. सुमन
  2. तट
  3. कंटक
  4. जल

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा

विलोम शब्द लिखिए।

  1. फूल x ……….
  2. ढूँढना x ………

Answer:

  1. फूल x काँटा
  2. ढूँढना x पाना

वचन बदलिए।

  1. किनारा
  2. फूल

Answer:

  1. किनारा – किनारे
  2. फूल – फूल

निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

Question 1.
तीन नोकों वाला अस्त्र
Answer:
त्रिशूल

कृति ई (३) : स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
‘साहस व्यक्ति का सबसे बड़ा गुण होता है’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Answer:
साहस ही जीवन है। साहस ही हमें जीवन में सफलता के लक्ष्य तक पहुंचाता है। जिस व्यक्ति के पास साहस होता है वह व्यक्ति दूसरों से अलग होता है और वह अद्भुत कार्य कर दिखाता है। साहस के कारण जीवन में उत्साह का संचार होता है और व्यक्ति का जीवन जीने योग्य बनता है। साहस मनुष्य-जीवन को सोने जैसा चमकाता है और उसे उन्नति की ओर आगे बढ़ाता है।

जीवन की उन्नति, प्रगति और उच्चतम विकास के लिए साहस बहुत ही आवश्यक है। साहस के बल पर ही कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में जा सकीं। साहस के बल पर ही कोलंबस ने अमेरीका की खोज की। साहस के बल पर ही सिकंदर ने पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व स्थापित किया था। इसी साहस के बल पर हम भारतीयों ने अंग्रेजों का सामना करके उन्हें वापस जाने के लिए मजबूर किया था। इसलिए साहस सबसे बड़ा गुण है।

जिन ढूँढ़ा Summary in Hindi

जिन ढूँढ़ा कवि – परिचय

जीवन-परिचय : संत कबीरदास जी का जन्म सन १३९८ उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में हुआ। ये भक्तिकालीन निर्गुण काव्यधारा के संतकवि थे। इनकी भाषा सधुक्कड़ी है। हिंदी भाषा की बोलियों का उल्लेख और प्रयोग इनकी रचनाओं में झलकता है। इनकी रचनाओं में धार्मिक आडंबर और सामाजिक रूढ़ियों के प्रति विद्रोह दिखाई देता है। ये समाज में जागरण युग के अग्रदूत के रूप में जाने जाते हैं।

प्रमुख कृतियाँ : ‘साखी’, ‘सबद’, ‘रमैनी’, इन तीनों का संग्रह ‘बीजक’ नामक ग्रंथ में किया गया है।

जिन ढूँढ़ा पद्य-परिचय

दोहे : दोहा एक अर्धसममात्रिक छंद है। इसमें प्रथम और तृतीय चरण में १३-१३ तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण में ११-११ मात्राएँ होती हैं। चरण के अंत में लघु होता है।

प्रस्तावना : ‘जिन ढूँढा’ इस दोहे में संतकवि जी ने बड़प्पन का लाभ, गुरु और शिष्य की मनोवृत्ति, संगति का फल, अच्छा व्यवहार, परोपकार, साहस, सहानुभूति, जीव व आत्मा-परमात्मा के बारे में अपने विचार व्यक्त किए हैं। संत कबीर के इन नीतिपरक दोहों से जीवन जीने की कला और जीवन को समृद्ध करने की सीख मिलती है।

जिन ढूँढ़ा सारांश:

संतकवि कबीर जी ने अपने नीतिपरक दोहों के माध्यम से मनुष्य को जीवन समृद्ध करने की सीख दी है। कबीर कहते हैं कि व्यक्ति को सिर्फ बड़ा नहीं होना चाहिए। उसके बड़े होने से दूसरों को लाभ पहुंचाने की क्षमता व्यक्ति के पास होनी चाहिए। गुरु-शिष्य का आपसी रिश्ता पवित्र होना चाहिए। शिष्य के पास गुरु पर सर्वस्व अर्पण करने की भावना होनी चाहिए। गुरु के पास भी शिष्य से कुछ भी न लेने की मनोवृत्ति होनी चाहिए।

मनुष्य को सज्जनों की संगति में रहना चाहिए। सज्जनों की संगति से व्यक्ति को अपने चरित्र में सुधार कर लेना चाहिए। दुर्बल या कमजोर व्यक्ति को नहीं सताना चाहिए। उनकी हाय कभी नहीं लेनी चाहिए। बलवान व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह दुर्बल व्यक्ति की सुरक्षा करें। एक गुरु ही शिष्य के जीवन को आकार देने का कार्य करता है। वही उसका भाग्यविधाता होता है। जिस पर सर्वशक्तिमान ईश्वर की कृपा होती है, उसे कोई भी नहीं मार सकता है। हमें ईश्वर को अपने नयनों में बंद करके रखना चाहिए; ताकि हम उसे सदैव देख सकें। ईश्वर की अद्भुत महिमा हर जगह दिखाई देती है।

अत: व्यक्ति को ईश्वर के साथ एकाकार होना चाहिए। साहस के द्वारा व्यक्ति बड़े से बड़ा कार्य कर सकता है । हमें जीवन में दूसरों का हित ही करना चाहिए। संत कबीर के इन नीतिपरक दोहों को अपने जीवन में उतारने और उसका पालन करने से हम जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं।

जिन ढूँढ़ा शब्दार्थ

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 1
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 2
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 4 जिन ढूँढ़ा 3

जिन ढूँढ़ा भावार्थ

बड़ा हुआ तो …………………………. लागें अति दूर।।

कबीरदास जी कहते हैं कि केवल शरीर से बड़ा होना पर्याप्त नहीं होता है। अपने बड़प्पन से दूसरों को लाभ पहुँचाने की क्षमता व्यक्ति के पास होनी चाहिए। खजूर का पेड़ बहुत ऊँचा होता है परंतु राह से आने-जाने वाले राहियों को उसके छाया का लाभ नहीं मिलता है और फल अधिक दूर लगने के कारण राहगीर उसके फलों का आस्वाद भी नहीं ले सकते हैं। यदि व्यक्ति के बड़े होने से दूसरे लोगों का भला हो सकता है, तो ही व्यक्ति सचमुच का बड़ा होता है।

सिष को ऐसा …………………………….. कुछ नहीं लेय।।

कबीरदास जी कहते हैं कि शिष्य का ऐसा स्वभाव होना चाहिए कि वह गुरु पर अपना सर्वस्व अर्पण कर दे। जैसा शिष्य हो वैसे गुरु को | भी होना चाहिए। गुरु भी ऐसे स्वभाव वाला होना चाहिए कि वह शिष्य से कुछ भी न लेने की इच्छा रखता हो।

कबिरा संगत …………………………….. बास सुबास।।

कबीरदास जी कहते हैं कि सज्जन व्यक्ति की संगति इन बेचने वाले की सुगंध की तरह महकती है। इन बेचने वाला व्यक्ति हमें कुछ दे । । या न दे, फिर भी उसके पास रहने से सुगंध मिलती ही है।

दुर्बल को न सताइए …………………………….. भसम हवै जाय।

कबीरदास जी कहते हैं कि दुर्बल या कमजोर व्यक्ति को नहीं सताना चाहिए। उनकी हाय या उनके मुख से निकली बटुआ बड़ी प्रभावशाली व असरदार होती है। जिस प्रकार लुहार के पास जो धौंकनी होती है, वह निर्जीव होती है; पर जब उससे हवा निकलती है तब उस हवारूपी श्वास से लोहा भी भस्म हो जाता है।

गुरु कुम्हार सिष …………………………….. बाहर बाहै चोट।।

कबीरदास जी ने यहाँ गुरु को कुम्हार की संज्ञा दी है और शिष्य को कच्चे घड़े की। जिस प्रकार कुम्हार घड़े को सुंदर बनाने के लिए । भीतर से एक हाथ से सहारा देता है और बाहर दूसरे हाथ से थपथपाकर उसे सही आकार देता है, ठीक उसी प्रकार गुरु भी शिष्य को अंतर (हृदय) से प्रेम भावना तथा बाहर से कठोर अनुशासन में रखकर योग्य बनाता है।

जाको राखै …………………………….. जग बैरी होय।।

कबीरदास जी कहते हैं कि जिस पर सर्वशक्तिमान ईश्वर की कृपा होती है, उसे कोई भी नहीं मार सकता है। भले ही पूरी दुनिया उसका बैरी अर्थात दुश्मन हो जाए तो भी उसका बाल बाँका नहीं हो सकता।

नैनों अंतर आव …………………………….. तोहि देखन देवें।।

कबीरदास जी कहते हैं कि हे सर्वशक्तिमान ईश्वर ! तू मेरे नयनों में आकर बस जा और मैं तुझे अपने नयनों में बंद कर लूँ। ऐसा करके । न मैं किसी और को देखूगा और न तुझे किसी और को देखने दूंगा।

लाली मेरे लाल …………………………….. हो गई लाल।।

कबीरदास जी ने इस दोहे में ईश्वर को लाल कहा है और उसकी महिमा को लाली कहकर संबोधित किया है। वे कहते हैं, “मुझे मेरे । ईश्वर की अद्भुत महिमा हर जगह दिखाई देती है। जब मैं उस अद्भुत महिमा को देखने गया तब मैं भी उसमें विलीन हो गया।”

कस्तूरी कुंडल …………………………….. जानै नाहिं।।

कबीरदास जी कहते हैं कि ईश्वर सर्वव्यापक है। वह हमारे हृदय में भी स्थित है। जिस प्रकार कस्तूरी हिरण की नाभि में होती है, परंतु उसे इस बात का पता नहीं होता और वह उसकी सुगंध से मस्त होकर पूरे वन में उसे खोजता फिरता है। उसी प्रकार ईश्वर भी हमारे हृदय में ही वास करते हैं पर हमें इस बात का ज्ञान नहीं होता है और हम उसे ढूँढ़ने के लिए चारों ओर घूमते-भटकते रहते हैं।

जिन ढूँढा …………………………….. रहा किनारे बैठ।।

कबीरदास जी कहते हैं कि जीवन में साहस का होना अत्यावश्यक है। यदि व्यक्ति के पास अनमोल रल पाने की चाह है, तो उसे पानी । की गहराई में उतरना ही पड़ेगा। यदि उस बावले को डुबने का डर है तो वह किनारे ही बैठा रह जाएगा है। ऐसा व्यक्ति जीवन में कुछ भी नहीं कर पाएगा।

जो तोको …………………………….. बाको है तिरसूल।।

कबीरदास जी कहते हैं कि हमें जीवन में दूसरों का हित ही करना चाहिए। भले ही दूसरा व्यक्ति तुम्हारी राहों में काँटा बोए; फिर भी तुम्हें उसके लिए फूल ही बोने चाहिए। तुम्हारे बोए फूल से तुम्हारा आँगन तो महक उठेगा पर उस व्यक्ति को काँटों के बदले त्रिशूल का कष्ट । मिलेगा, जिससे उसका जीवन यातनाओं से भर जाएगा।

Hindi Lokvani 10th Std Digest पहली इकाई

Class 10 Hindi Chapter 7 Do Laghu Kathayen Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 7 दो लघुकथाएँ Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 10 Hindi Chapter 7 Do Laghu Kathayen Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 10th Digest Chapter 7 दो लघुकथाएँ Questions And Answers

Hindi Lokvani 10th Std Digest Chapter 7 दो लघुकथाएँ Textbook Questions and Answers

स्वाध्याय :

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 2

2. घटनाक्रम के अनुसार वाक्य लिखिए। .

प्रश्न 1.
घटनाक्रम के अनुसार वाक्य लिखिए। .

  1. बचपन में बाबू जी से की फरमाइशों का पुलिंदा था।
  2. आज शाम वह बचपन के अपने कमरे में घुसा।
  3. झटपट कागज की एक पर्ची बनाई।
  4. वह एक-एक इबारत पढ़ने लगा।

उत्तर:

  1. आज शाम वह बचपन के अपने कमरे में घुसा।
  2. बचपन में बाबू जी से की फरमाइशों का पुलिंदा था।
  3. वह एक-एक इबारत पढ़ने लगा।
  4. झटपट कागज की एक पर्ची बनाई।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

3. कृति पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 4

4. रिश्ते लिखिए। काका

प्रश्न 1.
रिश्ते लिखिए। काका

  1. अनिता – राघवेंद्र = …………………..
  2. अम्मा – अनिता = …………………..
  3. बच्चे – बाबूजी = …………………..
  4. बाबू जी – अनिता = …………………..

उत्तर:

  1. पली-पति
  2. सास व बहू
  3. पोते व दादा जी
  4. ससुर व बहू गद्यांश:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

5. पाठ में प्रयुक्त एकवचन और बहुवचन शब्दों की सूची बनाइए। 

प्रश्न 1.
पाठ में प्रयुक्त एकवचन और बहुवचन शब्दों की सूची बनाइए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 5
उत्तर:

एकवचन बहुवचन
1. वर्ष 1. लघुकथाएँ
2. कस्बा 2. महीने
3. एलबम 3. कोने
4. बॉक्स 4. पर्चियाँ
5. जलेबी 5. आँखों
6. पेंसिल 6. परिजनों
7. शूज 7. बुजुर्गों
8. वस्तु 8. बच्चों
9. पर्ची 9. फरमाइशों
10. जेब 10. किताबें

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

अभिव्यक्ति :

प्रश्न 1.
‘व्यवहार से संस्कार झलकते हैं।’ इस विधान को सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हम संसार में जो कुछ करते हैं वह व्यवहार है। व्यवहार हमारे व्यक्तित्व को दर्शाता है। संस्कार सनातन होता है। व्यक्ति के हर रोज के व्यवहार में संस्कार के दर्शन होने चाहिए। जिस व्यक्ति के व्यवहार से संस्कार झलकते हैं, उसे सभी याद करते हैं। ऐसा व्यक्ति मृत्यु के बाद भी अमर हो जाता है। भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कलाम जी का भी सभी के साथ बहुत ही अच्छा व्यवहार था। उनके व्यवहार से सादगी एवं माधुर्य था। उनका जीवन व्यवहार एवं संस्कारों का ऐसा अद्वितीय मिश्रण था जिससे संपूर्ण दुनिया में वे प्रसिद्ध हुए। सभी के साथ प्रेम व शांति से पेश आना, दूसरों की मदद करने के लिए सदैव तत्पर रहना व दूसरों के दुख व दर्द को समझना; यह सबसे अच्छा व्यवहार है और इसी व्यवहार से व्यक्ति के संस्कार झलकते हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

उपयोजित लेखन :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इस पर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 6.1
उत्तरः

  1. कोढ़ियों की सेवा कौन करती थी?
  2. परदुखकातर व निर्मल हृदय वाले लोगों के नाम बताइए।
  3. गद्यांश में कौन-सी संस्था का उल्लेख हुआ है?
  4. लेखक के शब्दकोश में कौन-से शब्द नहीं है?

Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ Additional Important Questions and Answers

(अ) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति अ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 7

प्रश्न 2.
ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों
i. पाँच
ii. मुंबई
उत्तर:
i. राघवेंद्र ने कितने कमरों का फ्लैट खरीदा है?
ii. राघवेंद्र का फ्लैट कौन से शहर में है?

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 3.
निम्नलिखित असत्य विधान को सत्य करके लिखिए।)
i. मुंबई ही बाबू जी के लिए जन्म और कर्मभूमि रही है।
उत्तर :
पैतृक कस्बा ही बाबू जी के लिए जन्म और कर्मभूमि रही है।

प्रश्न 4.
किसने, किससे कहा?
i. “हमें वहाँ के अलावा और कहीं ज्यादा अच्छा नहीं लगता।”
उत्तर :
बाबू जी ने राघवेंद्र से कहा।

प्रश्न 5.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 8

कृति अ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए।
i. पैतृक
ii. कस्बा
उत्तर:
i. पुश्तैनी
ii. छोटा शहर या नगर

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 2.
निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

  1. पिता संबंधी या पुरखों का –
  2. जुड़ा या मिला हुआ –
  3. बड़ा नगर –

उत्तरः

  1. पैतृक
  2. संयुक्त
  3. महानगर

प्रश्न 3.
विलोम शब्द लिखिए।

  1. जन्म × ……….
  2. कम × ………….
  3. इच्छा × ……….
  4. प्यार × ………..

उत्तर :

  1. मरण
  2. ज्यादा
  3. अनिच्छा
  4. नफरत

प्रश्न 4.
गद्यांश में से विदेशी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर :
i. फ्लैट

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।
i. दिन
ii. वर्ष
उत्तर :
i. दिन + इक = दैनिक
ii. वर्ष + इक = वार्षिक

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के समोच्चारित भिन्नार्थक शब्द लिखिए।

  1. कम
  2. दिन
  3. दस

उत्तर:

  1. काम
  2. दीन
  3. दास

कृति अ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘संयुक्त परिवार के लाभ’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
एक परिवार में जब सभी परिवार के सदस्य दूसरी पीढ़ी के सदस्यों के साथ मिल-जुलकर रहते हैं तब हम उसे संयुक्त परिवार कहते हैं। संयुक्त परिवार समस्याओं में हमारा सहायक बनता है। विपत्ति के समय सभी एक-दूसरे की सहायता करने के लिए आगे आते हैं। इस प्रकार संयुक्त परिवार में भावनात्मक सहयोग होता है। जब परिवार एक साथ रहता है तब त्योहार मनाने की खुशी कुछ अलग ही होती है। संयुक्त परिवार में आपसी समायोजन होता है।

संयुक्त परिवार में प्रत्येक व्यक्ति अपने विचार साझा करता है और एक सही निर्णय लिया जाता है जिससे सबका भला हो । संयुक्त परिवार में बुजुर्ग का मार्गदर्शन बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है। संयुक्त परिवार में रहने से बच्चे अधिक आज्ञाकारी एवं संस्कारी होते हैं। संयुक्त परिवार में रहने से कुल-व्यय बहुत ही कम होता है।

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(आ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ

कृति आ (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ 9

प्रश्न 2.
निम्नलिखित गलत विधान सही करके लिखिए।
i. राघव ने पर्ची पर लिखा कि बाबू जी और अम्मा उसके 4. साथ पैतृक कस्बे में आकर रहें।
उत्तर:
राधव ने पर्ची पर लिखा कि बाबू जी और अम्मा उसके साथ मुंबई में आकर रहें।

ii. राघव को विश्वास था कि बाबू जी उसकी अर्जी को अस्वीकार कर देंगे।
उत्तरः
राघव को विश्वास था कि बाबू जी उसकी अर्जी को स्वीकार कर देंगे।

कृति आ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।
i. खारिज
ii. बक्सा
iii. अर्जी
उत्तर:
i. अस्वीकृत
ii. डिब्बा
iii. प्रार्थनापत्र, निवेदन

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 2.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

  1. कागज, कपड़े आदि की बँधी बड़ी गठरी –
  2. वाक्य की बनावट या रचना –
  3. निवेदन अथवा प्रार्थना करने के लिए लिखा गया पत्र –
  4. जिसे आश्वासन मिला हो –

उत्तर:

  1. पुलिंदा
  2. इबारत
  3. अर्जी
  4. आश्वत

प्रश्न 3.
विलोम शब्द लिखिए।

  1. पुरानी × ……………….
  2. अंदर ×…………………
  3. खारिज × ……………….

उत्तर:

  1. नई
  2. बाहर
  3. स्वीकृत

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 4.
गद्यांश में से विदेशी शब्द छाँटकर लिखिए।
उत्तर:

  1. पॉलीथिन
  2. कोर्स
  3. फुटबॉल
  4. बॉक्स
  5. एक्स्ट्रा
  6. ड्रेस
  7. शूज

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों के श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द लिखिए।

  1. जेब
  2. कम
  3. डाल
  4. लकड़ी

उत्तर:

  1. जब
  2. काम
  3. दाल
  4. लड़की

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

कृति आ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘बचपन के वे दिन सुहावने’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
बचपन के दिन बहुत प्यारे होते हैं। वे कभी भुलाए नहीं जा सकते। जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं, वैसे-वैसे बचपन के दिन पीछे छुट जाते हैं। फिर भी हम बचपन के उन यादगार पलों को नहीं भूल सकते हैं। बार-बार हमें उनकी याद आती रहती है। बचपन की अपनी मधुर यादों में माता-पिता, भाई-बहन, यारदोस्त, स्कूल के दिन, मौज-मस्ती आदि सब कुछ याद आता रहता है।

बचपन में दिन भर गुल्ली-डंडा खेलना, दोस्तों के साथ धूम मचाना, आम के पेड़ पर चढ़ना आदि के स्मरण से ‘कोई लौटा दे मेरे वे बीते हुए दिन’ इस गीत की याद आ जाती है। बचपन में सभी चिंतामुक्त जीवन जीते हैं। बचपन में खेलने व उछलने-कूदने में बड़ा आनंद आता है। यही कारण है कि सबको बचपन के दिन सुहावने लगते हैं।

(इ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति इ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों –
i. सुरेश
ii. बुजुर्गों
उत्तर:
i. अशोक के पारिवारिक मित्र का नाम बताइए?
ii. सुरेश ने बचपन में अपने परिजनों को किसकी सेवा करते देखा है?

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

कृति इ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
उत्तर:
i. बुरा-भला
ii. दिन-रात

प्रश्न 2.
वचन बदलिए।
i. बात
ii. पैसा
उत्तर:
i. बातें
ii. पैसे

प्रश्न 3.
गद्यांश में से विदेशी शब्द छाँटकर लिखिए।
उत्तर :
i. इन्वेस्टमेंट
ii. सेंटर

प्रश्न 4.
गद्यांश में से विलोम शब्द ढूँढकर लिखिए।
उत्तर:
i. बुरा × भला
ii. दिन × रात

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।

  1. ईमानदार
  2. परिवार
  3. भारत

उत्तर:

  1. ईमानदार + ई = ईमानदारी
  2. परिवार + इक = पारिवारिक उत्तर. शापवर्गीय
  3. भारत + ईय = भारतीय

प्रश्न 6.
‘परिजन’ इस शब्द में से उचित उपसर्ग पहचानिए और संबंधित उपसर्ग से दो नए शब्द बनाइए।
उत्तरः
i. परिजन : उपसर्ग : परि
ii. नए शब्द : परिसंवाद, परिवर्तन

प्रश्न 7.
पर्यायवाची शब्द लिखिए।
i. अचरज
ii. फीकी
उत्तर:
i. आश्चर्य
ii. नौरस

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 8.
निम्नलिखित शब्द का अनेकार्थी शब्द लिखिए। प्रत्यय
i. फीकी
उत्तरः
नीरस, स्वादहीन, धुंधला, दुर्बल, सामान्य

दो लघुकथाएँ Summary in Hindi

लेखिक-परिचय :

जीवन-परिचय : संतोष सुपेकर जी का जन्म 1967 में मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में हुआ। ये एक आधुनिक हिंदी साहित्यकार हैं। इन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। पत्र, कविता, लघुकथा, कहानी, समीक्षा, व्यंग्यलेख आदि साहित्य की विधाओं में इन्होंने लेखन कार्य किया है। इनके द्वारा लिखे गए लेख विविध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं।
प्रमुख कृतियाँ : ‘साथ चलते हुए’, ‘हाशिए का आदमी’, ‘बंद आँखों का समाज’, ‘हँसी की चीखें” (लघुकथा संग्रह), ‘चेहरों के आरपार’, ‘यथार्थ के यक्ष प्रश्न’ (काव्य संग्रह) आदि।

गद्य-परिचय :

लघुकथा : लघुकथा कहानी से लघु होती है। भले ही वह आकार से लघु होती है, पर वह गागर में सागर भरने का काम करती है। वह पाठकों को चिंतन करने के लिए प्रेरित करती है।
प्रस्तावना : अर्जी : इस लघुकथा में बेटे का अपने माता-पिता के प्रति अपनापन, माता-पिता का अपने बच्चे के प्रति स्नेह तथा उनका
अपनी जन्मभूमि के प्रति जुड़ाव को अभिव्यक्त किया गया है। इन्वेस्टमेंट : इस लघुकथा में जीवन में संस्कारों का होना बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है, संस्कारों के बिना जीवन परिपूर्ण नहीं बन सकता और व्यक्ति के व्यवहार से संस्कार झलकने चाहिए, इसे उदाहरण के द्वारा स्पष्ट किया है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

सारांश :

अर्जी : ‘अर्जी’ का अर्थ है – निवेदन अथवा प्रार्थना। प्रस्तुत लघुकथा का नायक राघव अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मुंबई में रहता है। वह अपने बच्चों को दादा-दादी का प्यार देना चाहता है। इसी कारण उसने मुंबई में पाँच कमरों का फ्लैट खरीदा है। लेकिन राधव के माता-पिता को अपने पैतृक कस्बे में ही रहना अच्छा लगता है।

वे महानगर में चार-आठ दिनों से ज्यादा नहीं रह सकते हैं। हर वर्ष की तरह राघव अपनी पत्नी व बच्चों के साथ पैतृक कस्बे में आया हुआ है। वह बचपन में जिस कमरे में रहता था उस कमरे में जाकर अपना बक्सा खोलता है जिसमें उसकी पुरानी किताबें, पुरानी फोटो एलबम आदि हैं।

उसमें एक पॉलीथिन की एक थैली में कुछ पर्चियाँ भी हैं। उन पर्चियों को देखकर उसकी बचपन की यादें तरोताजा हो जाती हैं। बचपन में उसे जो भी कुछ चाहिए होता था, उसे वह पर्ची पर लिखकर अपने पिता की जेब में डाल देता था। उन पर्थियों को पढ़ते समय उसकी आँखों से आँसू आने लगते हैं। उसके बाबू जी भी उसकी माँगों को पूरा करते थे।

अब राघव बड़ा हो गया है। अब वह चाहता है कि उसके माता-पिता साल में कम से कम दो-तीन महीने तक उसके पास मुंबई में आकर रहें। वह झटपट कागज की एक पर्ची पर अपनी चाह को लिखकर अपने अम्मा-बाबू को मुंबई में साथ रहने के लिए कहता है और उस पर्ची को अपने बाबूजी के कुर्ते की जेब में डाल देता है।

उसे आशा है कि इस बार भी उसके बाबूजी उसे निराश नहीं करेंगे और वे उसकी अर्जी जरूर मान जाएंगे। इन्वेस्टमेंट : इस लघुकथा में सुरेश के व्यवहार एवं उसके कार्य के बारे में जानकर हमें उसके संस्कारी होने का पता चलता है। उसकी सौतेली माँ है। वह हमेशा उसे बुरा-भला कहती थी। फिर भी वह उसकी दिन-रात सेवा करता है। वह इन्वेस्टमेंट सेंटर चलाता है।

बाहर पैसे का इन्वेस्टमेंट करना उसका कार्य है। ठीक उसी प्रकार वह अपने घर में भी संस्कारों का इन्वेस्टमेंट करता है। उसने बचपन से सीखा है कि बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए। इसी कारण वह भी अपनी माँ की सेवा करता है। उसे आशा है कि उसे सेवा करते देखकर उसके बच्चों में भी भारतीय संस्कार विकसित होंगे।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 दो लघुकथाएँ

शब्दार्थ :

  1. पतृक – पुश्तैनी
  2. कस्बा – छोटा शहर
  3. खारिज – अस्वीकृत, बहिष्कृत
  4. बक्सा – डिब्बा
  5. अर्जी – प्रार्थनापत्र
  6. अचरज – आश्चर्य
  7. फीकी – नीरस
  8. सब्र – धीरज, सहन
  9. आश्वस्त – जिसे आश्वासन मिला हो, जिसे तसल्ली दी गई हो।

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Hindi Lokvani 10th Digest Chapter 7 प्रकृति संवाद Questions And Answers

Hindi Lokvani 10th Std Digest Chapter 7 प्रकृति संवाद Textbook Questions and Answers

पठनीय:

प्रश्न 1.
फूलों से बनने वाली औषधियों की जानकारी अंतरजाल पर पदिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

लेखनीय:

प्रश्न 1.
‘बढ़ती आबादी, कटते वन और प्रदूषण से प्रभावित होता जन जीवन’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
आज हमारे देश की आबादी दिनों दिन बढ़ रही है। लोगों को रहने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। अत: वनों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। इस कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। विश्व भर में जलवायु परिवर्तन से उपजे नकारात्मक प्रभाव को मनुष्य आए दिन झेल रहा है। कहीं पर अधिक मात्रा में वर्षा तो कहीं पर सूखा पड़ रहा है। कंपनियों का रासायनिक द्रव्य नदी, तालाब या सागर में छोड़े जाने के कारण जल प्रदूषण बढ़ गया है।

पेड़पौधों की संख्या में निरंतर कमी होने के कारण वायु प्रदूषण जैसी भयावह संकट का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। ऊपर से यातायात के साधनों में वृद्धि होने से उनमें से निकलने वाले धुएँ से सभी बेहाल एवं त्रस्त हैं। बढ़ती आबादी का भरण-पोषण करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत से ज्यादा दोहन हो रहा है। इस प्रकार बढ़ती आबादी, कटते वन और प्रदूषण से लोगों का जन-जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

श्रवणीय:

प्रश्न 1.
‘बनभोज’ महोत्सब का आयोजर कब, क्यों और कहाँ किया जाए. इसके बारे में बड़ा से मुजिए तथा कक्षा में सुनाइए।

संभषणीय:

प्रश्न 1.
‘प्रकृति हर पल नया रूप धारण करती है।’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
भारत में छह ऋतुएँ होती हैं। हर ऋतु की अपनी विशेषता होती है। हर ऋतु में प्रकृति नए रूप धारण करती है। वसंत ऋतु में पेड़-पौधों पर नए पत्ते व फूल आते हैं। गुलाब, गेंदा, सूरजमुखी, सरसों आदि के रंग-बिरंगी फूल खिलने लगते हैं। उस ऋतु में प्रकृति का सौंदर्य खिल उठता है। ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की किरणें तेज होती हैं। इस ऋतु में प्रकृति अपना सौंदर्य रूपी कोष लुटाती चलती है। वर्षा ऋतु में लोगों को गर्मी से राहत मिलती है। इस ऋतु में चारों ओर हरियाली छा जाती है।

सब जगह हरा ही हरा दिखाई देता है। शरद ऋतु में कमल खिलते हैं। मालती के फूलों से वन सुशोभित हो जाते हैं। रातें ठंडी एवं सुहावनी होती हैं। हेमंत ऋतु में प्रकृति सुहावनी एवं लुभावनी लगने लगती है। हल्के जाड़े का एहसास इस ऋतु में होता है। शिशिर ऋतु में कड़ाके की ठंड होती है। घना कोहरा छाने लगता है। इस ऋतु में पेड़ से पत्ते झड़ने लगते हैं। इस प्रकार प्रकृति हर पल नया रूप धारण करती रहती है।

स्वाध्याय:

सुचना के अनुसार क्रुतिया कीजिए:

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 1
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 2

प्रश्न 2.
पाठ में आई वनस्पतियों का वर्गीकरण कीजिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 3
उत्तर:

लताएँ पौधे वृक्ष
1. बेला दवना हरसिंगार
2. गिलोय लता तुलसी सहिजन
3. – अड़हुल

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
हरसिंगार में ऋतुओं के अनुसार होने वाले बदलाव –
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 4
उत्तरः

वसंत वसंत में हरसिंगार के भीतर सोई हुई ऊर्जा जागने लगती है व प्राणरस छलकने लगता है। वह नई टहनियों तथा नए पत्तों के सौंदर्य से लद जाता है।
शरद शरद में हरसिंगार तारों भरा आसमान बन जाता है। रातभर जगमग-जगमग करता है और सुबह को | अनंत फूलों के रूप में धरती पर बिछ जाता है।

प्रश्न 4.
उपसर्ग, प्रत्यय लगाकर शब्द नए शब्द बनाइए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 5
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 6

प्रश्न 5.
कृति पूर्ण कीजिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 7
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 8

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

प्रश्न 6.
क्रमानुसार ऋतुओं के नाम लिखिए।
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 9
उत्तर:

1. वसंत
2. ग्रीष्म
3. वर्षा
4. शरद
5. हेमंत
6. शिशिर

Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद Additional Important Questions and Answers

(अ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति अ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 10

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 11

प्रश्न 3.
सही विकल्प चुनकर लिखिए।
दैनिक कार्य से निवृत्त होकर लेखक ………………..
(अ) आँगन और गैलरी में बैठने जाते हैं।
(आ) आँगन और गैलरी में खेलने जाते हैं।
(इ) आँगन और गैलरी में टहलने लगते हैं।
उत्तर:
दैनिक कार्य से निवृत्त होकर लेखक आँगन और गैलरी में टहलने लगते हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

कृति अ (2): शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए।

  1. अवकाश प्राप्त
  2. हरियाली
  3. कार्य
  4. खुशबू

उत्तर:

  1. निवृत्त
  2. हरीतिमा
  3. कर्म
  4. महक

प्रश्न 2.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
1. जो समान्य हालत में हो –
2. प्रात: काल गाया जाने वाला गीत –
उत्तर:
1. प्रकृतिस्थ
2. प्रभाती

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।
1. महक
2. दुआ
उत्तर:
1. सुगंध
2. आशीर्वाद

प्रश्न 4.
गद्यांश में से तत्सम शब्द ढूँढकर लिखिए।
उत्तरः
प्रकृति

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्द के श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
1. आकार
2. दुआ
उत्तरः
1. आकर
2. दवा

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

कृति अ (3): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘आज कल पौधों का स्थान बगीचे तक ही सीमित नहीं रहा है। इन्हें अब आँगन और गैलरी में भी स्थान दिया जाता है।’ अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
पौधे बहुत ही आकर्षक एवं प्यारे होते हैं। पौधों पर फूल खिलते हैं; वे महकते हैं। उनकी खुशबू सभी के मन में ताजगी निर्माण लाती है। अब पौधे घर की आंतरिक साज-सज्जा का भी एक मुख्य अंग बन गए हैं। अत: लोग इन्हें घर के अंदर एवं बाहर गमलों में लगाते हैं। इनके कारण घर में ऑक्सीजन की मात्रा में वृद्धि होती है। घर का वातावरण स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित रहता है। पौधों के कारण घर का तापमान बाहर की तुलना में ठंडा रहता है। गर्मियों के दिनों में घर-आँगन में स्थित पौधे लोगों को राहत दिलाने का काम करते हैं।

(आ) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. लेखक के आँगन में स्थित पार्क की दुनिया बहुत छोटी है।
2. लेखक के अनुसार हर चीज का अपना समय नहीं होता है।
उत्तरः
1. सत्य
2. असत्य

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 12

कृति (2): शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।
1. पेट
2. पत्ता
उत्तरः
1. उदर
2. पर्ण

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।
1. समय × ……….
2. रस × ………….
उत्तर:
1. असमय
2. नीरस

प्रश्न 3.
वचन बदलिए।
1. पौधा
2. पत्ती
उत्तरः
1. पौधे
2. पत्तियाँ

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।
1. रस
2. समय
उत्तरः
1. नी + रस = नीरस
2. अ + समय = असमय

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।
1. रस
2. परिवार
उत्तरः
1. रस + ईला = रसीला
2. परिवार + इक = पारिवारिक

निम्नलिखित वाक्यों में विराम चिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।

प्रश्न 1.
लेखक ने हँसकर नीम से कहा नहीं नहीं ऐसी बात नहीं है
उत्तरः
लेखक ने हँसकर नीम से कहा, “नहीं-नहीं, ऐसी बात नहीं है।”

‘कृति (3): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘हमें पेड़-पौधों से लगाव रखना चाहिए।’ विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तरः
पेड़-पौधे मानव के मित्र हैं। वे पर्यावरण को संतुलित रखने में हमारी मदद करते हैं। उनके बिना वनों के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती। वे हमें साँस लेने के लिए प्राणवायु देते हैं। अत: हमें उनसे लगाव रखना चाहिए और उनकी सुरक्षा करनी चाहिए। हमें पर्याप्त मात्रा में पेड़-पौधे लगाने चाहिए ताकि चारों ओर हरियाली छाई रहे। पेड़-पौधों में औषधीय गुण होते हैं। उनसे अनेक प्रकार की दवाइयाँ तैयार की जाती हैं। तुलसी, आंवला, निर्गुण्डी, अशोक आदि पेड़-पौधे औषधी के रूप में बहुत फलदायी होते हैं। पेड़-पौधों के बिना मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए हमें पेड़-पौधों से लगाव रखना चाहिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

(इ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति इ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश के आधार पर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –
1. चिड़ियाँ
2. प्राणरस
उत्तरः
1. कौन चहचहा उठी?
2. क्या छलकने लगता है?

कृति (2): शब्द संपदा

प्रश्न 1.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः

  1. खंखड़-सा
  2. घूमती-फिरती
  3. जगमग-जगमग
  4. डाल-डाल

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

  1. आकाश
  2. ऊर्जा
  3. फूल
  4. धरती

उत्तर:

  1. नभ
  2. शक्ति
  3. पुष्प
  4. पृथ्वी

प्रश्न 3.
वचन बदलिए।
1. डाल
2. गली
उत्तरः
1. डालियाँ
2. गलियाँ

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

  1. आश्रय × ……………..
  2. खुश × ………………
  3. अनंत × …………….
  4. डर × ……………….

उत्तरः

  1. अनाश्रय
  2. नाखुश
  3. अंत
  4. साहस

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
अनंत
उत्तरः
असीम, श्रीविष्णु, श्रीकृष्ण, आकाश

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द लिखिए।
1. सूख
2. पत्तों
उत्तरः
1. सुख
2. पत्रों

(ई) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ई (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 13

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

निम्नलिखित गलत विधान सही करके लिखिए।

प्रश्न 1.
लेखक ने अमरूद के पेड़ की उपेक्षा की।
उत्तरः
लेखक ने अमरूद के पेड़ की उपेक्षा नहीं की।

प्रश्न 2.
शरद के आते ही अमरूद की विरल डालियाँ नई पत्तियों और टहनियों से सघन होने लगती हैं।
उत्तर:
वसंत के आते ही अमरूद की विरल डालियाँ नई पत्तियों और टहनियों से सघन होने लगती हैं।

प्रश्न 3.
तालिका पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

वसंत में अमरूद की स्थिति वर्षा में हरसिंगार की स्थिति
वसंत के आते ही अमरूद की और टहनियों से सघन होने लगती हैं। हरसिंगार वर्षा में फूलना शुरू विरल डालियाँ नई पत्तियों कर देता है।

कृति (2): शब्द संपदा

निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए।

प्रश्न 1.
क्या रूप मंडप बनाया है अमरूद और हरसिंगार ने मिलकर
उत्तरः
क्या रूप मंडप बनाया है अमरूद और हरसिंगार ने मिलकर!

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्द में उचित उपसर्ग व प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।
फल
उत्तरः
उपसर्गयुक्त शब्द: सुफल
प्रत्यययुक्त शब्द: फलहीन

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

प्रश्न 3.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:

  1. धीरे-धीरे
  2. छोटे-छोटे
  3. आते-आते
  4. डाल-डाल
  5. नाच-नाचकर

प्रश्न 3.
विलोम शब्द लिखिए।
1. भीतर × ……….
2. ऊपर × ……….
उत्तर:
1. बाहर
2. नीचे

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।
1. महोत्सव
2. पावस
उत्तरः
1. जलसा
2. वर्षा

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्द का श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
उपेक्षा
उत्तर:
अपेक्षा

कृति ई (3): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
फूल-फल क्यों उगाने चाहिए? अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
भारतीयों की जीवन पद्धति में फूलों और फलों का अत्यधिक महत्त्व है। फल-फूल मनुष्य की भावनात्मक सुंदरताओं के प्रतीक माने जाते हैं। व्यक्ति के जीवन में मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भी फूलों और फलों का अत्यधिक महत्त्व है। फल-फूलों को ईश्वर को समर्पित किया जाता है।

अत: आध्यात्मिक दृष्टि से भी इनका अनन्यसाधारण महत्त्व है। फूलों के बीच जाने से दुखी व्यक्ति के जीवन में उत्साह भर हो जाता है। फूल मनुष्य को मानसिक शांति और आरोग्य प्रदान करते हैं। जहाँ पर फूल-फल के पेड़-पौधे होते हैं, वहाँ पर तरह-तरह के पक्षी होते हैं। उनका कलरव सुनकर मनुष्य अपने आपको प्रकृति से जुड़ा हुआ पाता है। प्रकृति से जुड़े रहना मनुष्य के मन और शरीर को सुकून प्रदान करता है। अत: हमें फल-फूल वाले पेड़-पौधे उगाने चाहिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

(उ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति उ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
1. इन्होंने लेखक को उलाहना दी –
2. बेला के फूलों के अनुसार ये हैं ऊँचे लोग –
उत्तरः
1. बेला के फूलों ने
2. अड़हुल और सहिजन

गलत विधान सही करके फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
लेखक ने स्वयं को बड़ा आदमी कहा है।
उत्तर:
लेखक ने स्वयं को छोटा आदमी कहा है।

प्रश्न 2.
फूल और पौधे लेखक के परिवार के सदस्य नहीं हैं।
उत्तरः
फूल और पौधे लेखक के परिवार के सदस्य हैं।

कृति (2): शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

  1. महाशय
  2. भौंरा
  3. फूल
  4. मंगल

उत्तर:

  1. महोदय
  2. भ्रमर
  3. सुमन
  4. शुभ

प्रश्न 2.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
1. दो व्यक्तियों के बीच हुआ वर्तालाप –
2. जिसमें सदा फूल लगते रहते हैं –
उत्तरः
1. संवाद
2. सदाबहार

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
1. जीवन
2. बेला
उत्तर:
1. जिवित दशा, जिंदगी
2. एक लता, समय

प्रश्न 4.
गद्यांश में से प्रत्यययुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए और उनसे प्रत्यय अलग कीजिए।
उत्तर:
1. विराजमान, प्रत्यय – मान
2. मतवाली, प्रत्यय – वाली

प्रश्न 5.
निम्नलिखित तत्सम शब्द का तद्भव रूप लिखिए।
1. पुष्प
2. मास
उत्तरः
1. फूल
2. महीना

कृति (3): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘प्रकृति से अपनत्व रखने से व्यक्ति का व्यक्तित्व खिलता है।’ क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जी हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। प्रकृति मानव जीवन की सहचरी है। प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना करना निरर्थक है। अत: प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति से अपनत्व रखना चाहिए। जो व्यक्ति प्रकृति से अपनत्व रखता है उसमें उच्च मानवीय गुणों का संचार होता है। अंग्रेजी साहित्य के महान कवि विलियम वर्डस्वर्थ को कविता लिखने की प्रेरणा प्रकृति ने ही प्रदान की थी। अतः उन्होंने प्रकृति को ईश्वर का रूप माना है। प्रकृति मानव मन को नित्य प्रेरित करती है।

पुराने जमाने में ऋषि-मुनि प्रकृति की गोद में बैठकर ही तपस्या करते थे। वेदों का निर्माण भी प्रकृति के सानिध्य में ही हुआ है। प्रकृति से अपनत्व रखने वाला व्यक्ति जीवन में ऊँचा उठता है। उसका हृदय संवेदनाओं एवं असीम करुणा से भरा रहता है। ऐसा व्यक्ति दूसरों के जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। अत: प्रकृति से अपनत्व रखने से व्यक्ति का व्यक्तित्व खिलता है।

(ऊ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों –
1. तीन
2. एक पौधा
उत्तर:
1. कितने गमलों में बेला के पौधे विराजमान थे?
2. खिल-खिलाकर कौन हँस रहा था?

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद 14

प्रश्न 3.
सही विकल्प चुनकर लिखिए।
शरीर में कोई विकार उत्पन्न होने से –
(अ) गिलोय लता के पत्तों का रस प्राशन किया जाता है।
(आ) सहिजन के पत्तों का रस प्राशन किया जाता है।
(इ) बेला के पत्तों का रस प्राशन किया जाता है।
उत्तरः
शरीर में कोई विकार उत्पन्न होने से गिलोय लता के पत्तों का रस प्राशन किया जाता है।

कृति (2): शब्द संपदा

प्रश्न 1.
गद्यांश में से विलोम शब्द की जोड़ियाँ ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः
1. सुबह × शाम
2. आते × जाते

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त विदेशी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
1. अरबी शब्द: मेहरबाँ, तबस्सुम
2. अंग्रेजी शब्द: गेट

प्रश्न 3.
वचन बदलिए।
1. धारा
2. बात
उत्तर:
1. धाराएँ
2. बातें.

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

  1. पास × ……………….
  2. मुरझा × ………………
  3. भीतर × ……………..
  4. हलकी × ………………

उत्तरः

  1. दूर
  2. खिला
  3. बाहर
  4. भारी

प्रश्न 5.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

  1. छंद शास्त्र में कविता का वह प्रकार जिसमें गणों का कोई बंधन न हो –
  2. अपमान और उपहास का विषय –
  3. रूप, धर्म आदि का स्वाभाविक परिवर्तन –

उत्तरः

  1. मुक्तक
  2. विडंबना
  3. विकार

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

प्रश्न 6.
पर्यायवाची लिखिए।
1. विकार
2. लता
उत्तरः
1. परिवर्तन
2. बेल.

प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
गेट
उत्तरः
प्रवेश मार्ग, फाटक, दरवाजा

प्रकृति संवाद Summary in Hindi

लेखक-परिचय:

जीवन-परिचय: रामदरश मिश्र जी का जन्म १९२४ में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ। मिश्र जी साहित्य में बहु-प्रतिभा के धनी हैं। इन्होंने कविता, कहानी, उपन्यास, आलोचना, आत्मकथा, यात्रा वर्णन, संस्मरण व निबंध आदि विधाओं में लेखन किया है। इन्होंने अपने साहित्य में वस्तु व शिल्प दोनों को सहज ही परिवर्तित होने दिया। मिश्र जी कई सामाजिक व साहित्यिक संस्थाओं के अध्यक्ष रह चुके हैं।

प्रमुख कृतियाँ: ‘पथ के गीत’, ‘पक गई है धूप’, ‘कंधे पर सूरज’ (कविता संग्रह), ‘हँसी ओठ पर आँखें नम हैं’, ‘तू ही बताए जिंदगी’ (गज़ल संग्रह), ‘स्मृतियों के छंद’ (संस्मरण), ‘पानी के प्राचीर’ (उपन्यास), ‘खाली घर’ (कहानी संग्रह) ‘बबूल और कैक्टस’ (ललित निबंध) आदि।

गद्य-परिचय:

ललित निबंध: यह निबंध का एक प्रकार है। इस प्रकार के निबंध में लेखक की आत्मीयता पूर्ण स्वच्छंदता के साथ अभिव्यक्त होती है।
इसमें लेखक की शैलीगत विशेषता अत्यंत उन्मुक्त रूप से प्रकट होती है। इस प्रकार के निबंध में रोचकता, कल्पनात्मकता
एवं नाटकीयता होती है।

प्रस्तावना: ‘प्रकृति संवाद’ इस ललित निबंध के माध्यम से लेखक ने पेड़-पौधों के प्रति लगाव एवं आत्मीयता को बड़े ही कल्पनात्मक
ढंग से प्रस्तुत किया है। प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में पेड़-पौधों के प्रति अपनेपन की भावना होनी चाहिए। आखिर मानव और
पेड़-पौधों का आपस में गहरा संबंध होता है।

सारांश:

‘प्रकृति संवाद’ यह एक ललित निबंध है। इस निबंध के माध्यम से लेखक ने पाठकों को पेड़-पौधों के प्रति अपनत्व की भावना रखने का संदेश दिया है। रात भर लेखक को शरीर में दर्द होता रहता है। लेखक की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें रात में ठीक से नींद नहीं आती है। सुबह उठते ही उन्हें थोड़ी ताजगी महसूस होती है। सुबह की ठंडी हवा उनके तन व मन में ताजगी का स्पंदन महसूस कराती है। वे हमेशा की तरह आज भी अपने आँगन व गैलरी में टहलने के लिए जाते हैं। उनके आँगन में स्थित पार्क की दुनिया बहुत छोटी है। दवनों की महक और हरीतिमा उन्हें अपनी ओर आकर्षित करती हैं। वे तुलसी माता को मुस्कुराते हुए देखते हैं और उसे प्रणाम करते हैं, उससे बतियाते हैं। फिर वे नीम की हरी पत्तियों से बातें करते हैं। नीम के पत्ते मानो लेखक से कह रहे थे कि बहुत दिनों से उसने कढ़ी बनाने के लिए उनके पत्तों का इस्तेमाल नहीं किया है।

लेखक की नजर हरसिंगार की ओर जाती है। वह बहुत ही मस्त दिखाई दे रहा था। उसकी महक से स्वयं लेखक ही नहीं बल्कि गली से आने-जाने वाले सभी लोग परिचित थे। पश्चात अमरूद का पेड़ लेखक से बातें करने लगता है। अमरूद का पेड़ लेखक के आँगन । का सबसे पहला नागरिक है। अमरूद के पेड़ और हरसिंगार इन दोनों ने आपस में मिलकर एक रूप मंडप बनाया था जिस पर चिड़ियाँ खेलती हैं, गाती-चहचहाती हैं। लेखक को आषाढ़ के महीने में अमरूद पर जो फल आते हैं, उनकी मिठास की याद आती है। उस समय चिड़ियों की चहचहाअट से अमरूद के फलों की मिठास भर जाती है। अड़हुल के पौधे पर आने वाले लाल फूल भी लेखक को अपनी ओर खींच लेते हैं और वह उनसे भी बातें करने लगता है।

सदाबहार सहिजन पर बारहों मास सुगंध से लदे फूलों पर मधुमक्खियाँ और भौंरे गुनगुनाया करते हैं। लेखक जाड़ों की धूप में उसकी छाँव में बैठते हैं। तब वह उस पेड़ की मतवाली सुरभि से नहाते हैं। बेला के फूल भी लेखक का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। वे सफेद रंग के हैं और जगमगा रहे हैं। उन फूलों से मादक सुगंध की बहने वाली हलकी-हलकी धारा लेखक के हृदय को प्रसन्न कर देती है। गिलोय लता के पौधे भी लेखक का हाल-चाल पूछते हैं। उनकी हरी-हरी फलियाँ लेखक की आँखों को सुख देती हैं। इस प्रकार पेड़-पौधों से बातचीत करके लेखक जब गेट के बाहर निकलते हैं तो स्वयं को भरा-पूरा अनुभव करते हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 7 प्रकृति संवाद

शब्दार्थ:

  1. उलाहना – शिकायत
  2. विडंबना – हँसी, उपहास
  3. गुँचा – कली
  4. मेहरबाँ – कृपालु.
  5. स्पंदन – रह-रहकर धीरे-धीरे हिलना या काँपना, धड़कन
  6. निवृत्त – अवकाश प्राप्त, मुक्त होकर
  7. पत्ता – पर्ण
  8. भौंरा – भ्रमर
  9. महोत्सव – जलसा
  10. पावस – वर्षा
  11. महाशय – महोदय
  12. फूल – सुमन
  13. मंगल – शुभ
  14. विकार – दोष मनोवेग
  15. लता – बेल
  16. तबस्सुम – मुस्कान
  17. अस्तित्व – विद्यमानता, होने का भाव
  18. सहिजन – एक वृक्ष; जिसकी लंबी फलियों की तरकारी बनती है।
  19. हरीतिमा – हरियाली
  20. कर्म – कार्य
  21. महक – खुशबू
  22. पेट – उदर

मुहावरे:

1. यादों में जाग उठना – पुरानी यादें ताजा हो जाना।
2. भरा-पूरा अनुभव करना – संतुष्ट हो जाना। .

Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions दूसरी इकाई

Class 10 Hindi Chapter 3 Safar Ka saathi Aur Sir Dard Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 10 Hindi Chapter 3 Safar Ka saathi Aur Sir Dard Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 10th Digest Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द Questions And Answers

Hindi Lokvani 10th Std Digest Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द Textbook Questions and Answers

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

(१) असत्य विधान को सत्य करके लिखिए:

(क) लेखक को सुपरफास्ट ट्रेन के बजाय एक्सप्रेस से यात्रा करना ज्यादा पसंद नहीं है।
Answer:
लेखक को सुपरफास्ट ट्रेन के बजाय एक्सप्रेस से यात्रा करना ज्यादा पसंद है।

(ख) लेखक को पेटदर्द हो रहा था।
Answer:
लेखक को सिरदर्द हो रहा था।

(ग) लेखक को भागते वक्षों का साथ निभाने में कम मजा आता था।
Answer:
लेखक को भागते वृक्षों का साथ निभाने में बड़ा मजा आता था।

(घ) सभी सिरवालों को सिरदर्द होना अस्वाभाविक है ।
Answer:
सबको सिरदर्द होना स्वाभाविक है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द

(२) उत्तर लिखिए:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 3
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 6

(३) पाठ में प्रयुक्त रेल विभाग से संबंधित शब्दों की सूची बनाइए:
Answer:

  1. शटिंग
  2. एट अप
  3. सेवन डाइन
  4. आउटर
  5. मेल
  6. बड़ी लाइन
  7. छोटी लाइन
  8. सिग्नल
  9. स्टेशन मास्टर

(४) कारण लिखिए:

Question 1.
कभी कभी ‘मेल’ को रोककर ‘माल’ को पास करना पड़ता है।
Answer:
क्योंकि मालगाड़ी में भरे माल के बिगड़ने का डर रहता है; जबकि मेल में बैठा आदमी बिगड़ता नहीं।

Question 2.
लेखक को सिरदर्द की गोली लेनी पड़ी।
Answer:
क्योंकि लेखक थककर चूर हो गए थे।

(५) दिए गए शब्दों से तद्धित तथा कृदंत शब्द बनाइए:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 2
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 5

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द

अभिव्यक्ति

‘मेक इन इंडिया’ नीति पर अपने विचार लिखिए।
Answer:
‘मेक इन इंडिया’ यह नीति भारत सरकार द्वारा बनाई गई है। देशी और विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में वस्तुओं का निर्माण हो इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस नीति की शुरूआत हुई है। भारत में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इस योजना का शुभारंभ हुआ है। इसका उद्घाटन भारत के वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हुआ। हर वस्तु ‘भारत में बनाओ’ सभी को रोजगार उपलब्ध हो एवं भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो, इस ध्येय को सामने रखकर यह नीति कार्यान्वित हुई। इस नीति की शुरुआत होने के बाद अगले साल भारत में विदेशी निवेश में उछाल देखने को मिला। भारत देश का विकास हो और वह विकसित देशों की सूची में आए. इन बातों को ध्यान में रखते हुए इस अभियान की शुरुआत हुई।

भाषा बिंदु

(१) निम्नलिखित वाक्यों के काल पहचानकर कोष्ठक में लिखिए:

Question 1.
उनकी वेशभूषा की ग्रामीणता तो और भी दृष्टि को उलझा लेती थी।
Answer:
अपूर्ण भूतकाल

Question 2.
किसी दूसरे माँगने वालों की ओर इस तरह शान से बढ़ा देंगे।
Answer:
सामान्य भविष्यकाल

Question 3.
कहाँ तक चल रहे हैं?
Answer:
अपूर्ण वर्तमानकाल

Question 4.
लोगों के बिल बनाते-बनाते अपना भी वेतन निकल आता है।
Answer:
सामान्य वर्तमानकाल

Question 5.
कल क्या खाया था?
Answer:
पूर्ण भूतकाल

Question 6.
बासी पूरी-कचौड़ी को उबलती कड़ाही में डालकर ताजा के नाम पर बेचते थे।
Answer:
अपूर्ण भूतकाल

Question 7.
तभी तीर की तरह शब्द उछलेगा।
Answer:
सामान्य भविष्यकाल

(२) सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:

Question 1.
किसी प्राकृतिक मनोरम दृश्य को देखना चाहता हूँ। (अपूर्ण भूतकाल)
Answer:
किसी प्राकृतिक मनोरम दृश्य को देखना चाह रहा था।

Question 2.
एक-दूसरे से जुदा होकर पूरे डिब्बे के चक्कर काटने लगेंगे। (सामान्य वर्तमानकाल)
Answer:
एक-दूसरे से जुदा होकर पूरे डिब्बे के चक्कर काटने लगते हैं।

Question 3.
मुझे अभिवादन का ध्यान आया। (पूर्ण भूतकाल)
Answer:
मुझे अभिवादन का ध्यान आया था।

Question 4.
मानो वे किसी हड़बड़ी में चलते-चलते कपड़े पहनकर आए हैं। (सामान्य भूतकाल)
Answer:
मानो वे किसी हड़बड़ी में चलते-चलते कपड़े पहनकर आए।

Question 5.
पानी अब निर्मल नहीं रहा है। (सामान्य भविष्यकाल)
Answer:
पानी अब निर्मल नहीं रहेगा।

Question 6.
मुझे देखते ही चाय हाजिर कर देती है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
Answer:
मुझे देखते ही चाय हाजिर कर दी है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द

Question 7.
वह तुम्हें हमेशा बुरा-भला ही कहती है। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
Answer:
वह तुम्हें हमेशा बुरा-भला ही कह रही है।

उपयोजित लेखन

निम्नलिखित जानकारी के आधार पर विज्ञापन तैयार कीजिए:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 1
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 4

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द

Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द Additional Important Questions and Answers

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति अ (१): आकलन कृति

कृति पूर्ण कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 20
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 7

संजाल पूर्ण कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 21
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 8

गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों

Question 1.
सौंदर्य
Answer:
कभी-कभी लेखक की दृष्टि नदी के किनारे क्या निहारना चाहती है?

Question 2.
रेल
Answer:
लेखक किससे यात्रा करते हैं?

कृति अ (२): शब्द संपदा

निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए।

  1. यात्रा
  2. नदी
  3. सौंदर्य
  4. डाली

Answer:

  1. सफर
  2. सरिता
  3. सुंदरता
  4. टहनी

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

Question 1.
प्रकृति से संबंधित –
Answer:
प्राकृतिक

Question 2.
मन को लुभाने वाला –
Answer:
मनोरम

Question 3.
गद्यांश में प्रयुक्त विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए।
Answer:
सूर्योदय – सूर्यास्त

Question 4.
गद्यांश में से विदेशी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
Answer:
रेल

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द

दिए गए निर्देश के अनुसार परिवर्तन कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 22
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 9

नीचे दिए हुए शब्द में उचित प्रत्यय लगाइए।

Question 1.
अंतरंग
Answer:
अंतरंगता

निम्नलिखित शब्दों के समोच्चारित भिन्नार्थक शब्द लिखिए।

  1. साथ
  2. गिर

Answer:

  1. सात
  2. घिर

कृति अ (३): अभिव्यक्ति

Question 1.
अपनी किसी रेलयात्रा का अनुभव अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।
Answer:
जी हाँ, मैंने रेल से कई बार यात्रा की है। गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लूटने के लिए मैं अपने मामा जी के गाँव जोधपुर गया था। मैं अपनी माता जी के साथ मुंबई से निकला था। जब हम मुंबई रेल स्थानक पर पहुँचे, उस वक्त रेल्वे प्लेटफार्म पर काफी भीड़ थी। सब लोग इधर-उधर भाग-दौड़ कर रहे थे। प्लेटफार्म पर कई दुकानें थीं। हमने रास्ते में पढ़ने के लिए कुछ पत्रिकाएँ खरीद लीं। थोड़ी देर बाद जोधपुर जाने वाली रेल आ गई और हम उसमें बैठ गए।

बीस मिनट के बाद रेल चल पड़ी। जैसे ही हम मुंबई से बाहर आए; वैसे ही दूर-दूर तक फैले हुए खेत और पर्वत देखकर हम आनंदविभोर हो गए। थोड़ी देर बाद घाटियाँ आई। रेल घाटियों से बहुत ही धीमी गति से जा रही थी। सर्वत्र शीतल हवा बह रही थी। वातावरण बड़ा ही खुशनुमा था। प्राकृतिक दृश्यों का मनोहारी रूप देखकर मेरा मन प्रफुल्लित हो गया। करीब चौदह घंटे रेल में बीताने के बाद हम जोधपुर पहुँच गए।

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति आ (१): आकलन कृति

समझकर लिखिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 23
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 10

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द

उचित विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए।

Question 1.
लेखक को मन मारकर सुरंग की पतली लकीर में से निकलने को बाध्य होना पड़ता है क्योंकि ……..
(अ) लेखक जिस बस से यात्रा कर रहे हैं; वह किसी जंगल में प्रवेश कर जाती है।
(आ) लेखक जिस रेल से यात्रा कर रहे है; वह किसी गुफा में प्रवेश कर जाती है।
(इ) लेखक जिस कार से यात्रा कर रहे है; वह किसी गुफा में प्रवेश कर जाती है।
Answer:
लेखक जिस रेल से यात्रा कर रहे है; वह किसी गुफा में प्रवेश कर जाती है।

कृति पूर्ण कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 24
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 11

कृति आ (२): शब्द संपदा

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।

  1. गुफा
  2. नाज

Answer:

  1. कंदरा
  2. गर्व

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

Question 1.
जिसका अंत नहीं वह
Answer:
अनंत

Question 2.
जमीन के अंदर बना रास्ता
Answer:
सुरंग

विलोम शब्द लिखिए।

  1. धीमी x ……
  2. पसंद x …..
  3. उपेक्षा x …….

Answer:

  1. धीमी x तेज
  2. पसंद x नापसंद
  3. उपेक्षा x अपेक्षा

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नीचे दिए हुए शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।

Question 1.
उपेक्षा
Answer:
उदासीनता, तिरस्कार

वचन बदलिए।

  1. पत्नी
  2. साथी

Answer:

  1. पत्नियाँ
  2. साथी

लिंग बदलिए।

  1. साथी
  2. आदमी

Answer:

  1. साथिन
  2. औरत

कृति आ (३): स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
यात्रा के समय सहयात्री से बात करते समय आप क्या अनुभव करते हैं? अपने विचार लिखिए।
Answer:
मैंने कई बार रेल व बस से यात्रा की है। यात्रा के दरम्यान कई लोगों से पहचान हो जाती है। यात्रा करते समय हम अपने अनुभवों को उनके साथ बाँटते हैं। उनके साथ घुल-मिलकर बातें करते हैं। मुझे यात्रा करते समय ऐसे कई लोग मिलें जिनके साथ मैंने अपने अनुभवों को बाँटा । जब मैं जबलपुर जा रहा था तब मुझे अधेड़ उम्र के सहयात्री रेल में मिले थे। वे बिल्कुल हमारी सामने वाली सीट पर बैठे थे।

वास्तव में वे एक प्रसिद्ध कवि थे। यात्रा के दरम्यान उन्होंने मुझे अपनी कविताओं से परिचित करवाया। उन्होंने हिंदी साहित्य के प्रति मेरी रूचि जगाई और मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया। पाँच-छ: घंटे की उस आपसी वार्तालाप ने मेरे हृदय में पढ़ने की इच्छा का संचार किया। इस कारण मैं आज भी उन्हें मन ही मन याद करता हूँ।

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति इ (१): आकलन कृति

गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों –

Question 1.
दुनिया
Answer:
रेल की खिड़की से क्या देखने में मजा आता है?

Question 2.
यात्री
Answer:
रेल में सामने की सीट पर कौन बैठा होता है?

प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 25
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 12

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द

उतर लिखिए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 26
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 33

कृति इ (२): शब्द संपदा

Question 1.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
उतर:
देखत-देखते
एक-दूसरे
अभी-अभी

Question 2.
परिच्छेद में प्रयुक्त श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उतर:
उतर: उतर
कोई: कई
संपत्ति: संप्रति

वचन बदलिए।

  1. डिब्बे
  2. पन्ना

Answer:

  1. डिब्बा
  2. पन्ने

कृति इ (३): स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
‘समाचारपत्र की आवश्यकता’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Answer:
समाचारपत्र जीवन की आवश्यकता है। समाचारपत्र वैचारिक रूप से बहुत ही प्रभावशाली व शक्तिशाली होते हैं। समाचारपत्र हमें धर्म, समाज, खेल, रोजगार, अर्थव्यवस्था, फिल्म, उद्योग, नीति आदि के बारे में जानकारी देते हैं। यह हमें देश-विदेश के खबरों की जानकारी देते हैं। यह बच्चों के लिए भी उपयोगी है। बच्चों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें कई प्रकार की रोचक जानकारी भी देता है।

इससे बच्चों के वाचन कौशल का विकास होता है। समाचारपत्र में तरहतरह के विज्ञापन प्रकाशित होते हैं। कोई भी सरकारी योजना हो; वह समाचारपत्र के द्वारा ही प्रकाशित होती है। व्यापार को समाचारपत्रों से ही प्रोत्साहन मिलता है। समाचारपत्र एक व्यक्ति, समाज व राष्ट्र को एकसूत्र में बाँधकर रखने का महत्त्वपूर्ण कार्य करते हैं।

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निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ई (१): आकलन कृति

समझकर लिखिए।

Question 1.
लेखक हबीबगंज उतरना चाहते हैं क्योंकि –
Answer:
वहाँ से तुलसीनगर पास पड़ता है।

निम्नलिखित गलत विधान सही करके लिखिए।

Question 1.
लेखक को भोपाल में स्थित अरोरा कॉलोनी जाना है।
Answer:
लेखक को भोपाल में स्थित तुलसीनगर जाना है।

Question 2.
हबीबगंज से तुलसीनगर जाने समय टेंपो मिल जाता है।
Answer:
हबीबगंज से तुलसीनगर जाते समय ऑटो मिल जाता है।

कृति पूर्ण कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 27
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 14

संजाल पूर्ण कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 28
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 15

कृति घ (२): शब्द संपदा

निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए।

Question 1.
लेखक ने कहा टाइम बदल गया
Answer:
लेखक ने कहा, “टाइम बदल गया।”

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दिए गए निर्देशानुसार परिवर्तन कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 29
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 16

गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।

  1. बनाते
  2. पाँच

Answer:

  1. बनते
  2. सात

पर्यायवाची शब्द लिखिए।

  1. गनीमत
  2. निश्चल

Answer:

  1. बड़ी बात
  2. स्थिर

कृति ई (३): स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
सहयात्री का बातूनी व्यवहार आपके लिए परेशानी का सबब बनें तब आप क्या करेंगे? अपने विचार लिखिए।
Answer:
रेल या बस से यात्रा करते समय आपके पास कौन आकर बैठने वाला है, इसके बारे में आप को कुछ भी पता नहीं होता है। न आप उसके नाम से परिचित होते हैं और न उसके स्वभाव के बारे में आपको कुछ पता होता है। सहयात्री की कुछ आदतें हमारे लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। जैसे कि वह अपनी आदत के अनुसार ढेर सारे प्रश्न पूछकर आपको परेशान कर सकता है।

ऐसे में आप संयमपूर्वक अपने आप को नियंत्रण में रख सकते हैं। उसके द्वारा बार-बार पूछे गए प्रश्नों का हमें सिर्फ ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में ही जबाव देना चाहिए। यदि हम उसके साथ विस्तार से बातें करेंगे, तो वह हमारे सफर का मजा किरकिरा कर सकता है। यदि हमें उसके द्वारा पूछा गया प्रश्न अच्छा नहीं लगा, तो ऐसे में चुप्पी साधकर बैठने में ही भलाई है।

सही विकल्प चुनकर लिखिए।

Question 1.
सारे रास्ते गाड़ियों के शटिंग की आवाज सुनाई देगी –
(अ) अगर ट्रेन में सहयात्री का साथ हो जाए।
(आ) अगर ट्रेन में रेलवे कर्मचारी का साथ हो जाए।
(इ) अगर ट्रेन में सिरफिरे व्यक्ति का साथ हो जाए।
Answer:
सारे रास्ते गाड़ियों के शटिंग की आवाज सुनाई देगी अगर ट्रेन में रेलवे कर्मचारी का साथ हो जाए।

कृति उ (२): शब्द संपदा

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

  1. अंदेशा
  2. शिकायत

Answer:

  1. शंका या संदेह
  2. उलाहना

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नीचे दिए हुए शब्द के अनेक अर्थ लिखिए।

Question 1.
मेल
Answer:
यात्रियों को लेकर जाने वाली रेल, संगणक के जरिए अन्य लोगों को भेजा जाने वाला संदेश, मिलाप।

Question 2.
गद्यांश में से विदेशी शब्द ढूँढकर लिखिए।
Answer:

  1. स्टेशन मास्टर
  2. शटिंग
  3. एट अप
  4. सेवन डाउन
  5. मेल
  6. रेलवे
  7. लाइन
  8. सिग्नल

निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

  1. डर x …….
  2. पास x …..

Answer:

  1. डर x साहस
  2. पास x दूर

Question 1.
गद्यांश में से विलोम शब्दों की जोड़ियाँ ढूँढकर लिखिए।
Answer:
अप x डाउन.
छोटी x बड़ी

Question 2.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
Answer:
कैसे – कैसे
पूछते – पूछते

कृति उ (३): स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
रेल गाड़ियों के आगमन एवं प्रस्थान संबंधी ‘पूछताछ विभाग’ एक महत्त्वपूर्ण विभाग होता है। – क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
Answer:
जी हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। इस विभाग के जरिए यात्री गाड़ियों के परिचालन संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस विभाग के तहत यात्री मोबाइल टिकट सेवा, कोच का पंजीकरण, आरक्षित गाड़ी, अनुसूची, रेलवे की उपलब्धता, किराया पूछताछ आदि जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है। कभी-कभी निश्चित समय पर स्टेशन पर गाड़ी नहीं आती या कभी-कभी गाड़ी किसी कारणवश रद्द हो जाती है।

ऐसी स्थिति में पूछताछ विभाग के कर्मचारियों के द्वारा सूचना या जानकारी प्राप्त करके यात्री चैन की साँस ले सकते हैं। पूछताछ विभाग भी प्रत्येक यात्री के प्रश्न का उत्तर देकर यात्रियों को संतुष्टी प्रदान करता हैं। प्रश्न ६ (ए) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

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कृति ए (१): आकलन कृति

गोश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों

Question 1.
सहयात्री
Answer:
लेखक से आरक्षण के बारे ने किसने पूछा?

Question 2.
जनता
Answer:
भारतीय रेल किसकी संपत्ति है?

समझकर लिखिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 30
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 17

कृति कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 31
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 18

कृति ए (२): शब्द संपदा

Question 1.
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
Answer:
अपने – अपने
इशारे – इशारे

निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

  1. आरक्षण x …….
  2. सुरक्षित x ……..
  3. आगे x ………
  4. प्रवेश x …….

Answer:

  1. आरक्षण x अनारक्षण
  2. सुरक्षित x असुरक्षित
  3. आगे x पीछे
  4. प्रवेश x निकास

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वचन बदलिए।

  1. बत्तियाँ
  2. गोली

Answer:

  1. बत्ती
  2. गोलियाँ

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

  1. साँझ
  2. अजीब

Answer:

  1. शाम
  2. अनोखा

निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्न का प्रयोग कीजिए

Question 1.
रेल कंडक्टर ने कहा जब टिकिट है तो देखना क्या
Answer:
रेल कंडक्टर ने कहा, “जब टिकिट है तो देखना क्या?”

कृति ए (३): स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
‘आजकल बिना आरक्षण के यात्रा करना सिरदर्द मोल लेना है।’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Answer:
आज का युग आपाधापी का युग है। इस युग में जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। लोग व्यापार एवं अन्य कार्य के लिए चारों ओर आते-जाते रहते हैं। इस कारण यातायात के सभी साधन हमेशा भीड़ से भरे होते हैं। रेल में तो चौंटी को भी पैर रखने के लिए जगह नहीं होती है। ऐसे में यदि हमें कभी शहर के बाहर यानी गाँव या पिकनिक मनाने के लिए परिवार के साथ जाना है तो हमें पहले से ही आरक्षण करवाना चाहिए।

इससे हमारा सफर सुरक्षित एवं सुखद होता है। आरक्षण होने से हमें रेल में आराम से सीट मिल जाती है। हमें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता है। इसके विपरीत जो लोग आरक्षण नहीं करते हैं उन्हें ढेर सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि रेल या बस न मिलने के कारण वापस घर लौटना पड़ता है। इसलिए बिना आरक्षण के यात्रा करना सिरदर्द मोल लेना है।

गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –

Question 1.
सिरदर्द
Answer:
जिनके पेट में गैस होती है उन्हें क्या होता है?

Question 2.
रिएक्शन
Answer:
ऐसी-वैसी गोलियाँ खाने से क्या हो सकता हैं?

संजाल पूर्ण कीजिए।

Question 1.
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 32
Answer:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द 34

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कृति ऐ (२):शब्द संपदा

निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए।

Question 1.
लेखक ने कहा भाई साहब मैं सिर दर्द से नहीं हमसफर यात्रियों के दर्द ए सिर से परेशान हूँ
Answer:
लेखक ने कहा, “भाई साहब! मैं सिर दर्द से नहीं, हमसफर यात्रियों के दर्द-ए-सिर से परेशान हूँ।”

Question 2.
दिए गए गद्यांश में से विदेशी शब्द ढूंढकर लिखिए।
Answer:
रिएक्शन
गैस

निम्नलिखित शब्द में उचित उपसर्ग लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।

  1. नाम
  2. परिवार

Answer:

  1. गुमनाम
  2. सपरिवार

Question 1.
गद्यांश में से प्रत्यय युक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
Answer:
ठेकेदार
परांठेवाला
स्वाभाविक
हमसफर

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

Question 1.
पिता संबंधी
Answer:
पैतृक

Question 2.
किसी काम का ठेका लेने वाला
Answer:
ठेकेदार

Question 3.
गद्यांश में से विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढकर लिखिए।
Answer:
ताजा x बासी

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द

कृति ऐ (३): स्वमत अभिव्यक्ति

Question 1.
‘यात्रा करते समय किसी से भी अनावश्यक बातें करना उचित है?’ अपने विचार लिखिए।
Answer:
हमें अनावश्यक अथवा निरर्थक बातें कभी भी नहीं करनी चाहिए। व्यक्ति को सिर्फ अपने काम से काम रखते हुए मर्यादित बातें करनी चाहिए। जब हम यात्रा पर निकलते हैं तब रेल या बस में हमें कई सहयात्री मिल जाते हैं। हमें उनसे भी मर्यादित यानी आवश्यकता है तो ही बातें करनी चाहिए। संभव है, वे हमारी अनावश्यक बातें सुनकर ऊब सकते हैं या उन्हें हमारी बातें अच्छी न लगें। अनावश्यक बातें करने से दूसरों के सामने हमारी ही प्रतिमा दूषित होती है। अनावश्यक बातों को सुनकर सामने वाले व्यक्ति को सिरदर्द हो सकता है। इससे उसकी यात्रा का मजा किरकिरा भी हो सकता है।

सफर का साथी और सिरदर्द Summary in Hindi

सफर का साथी और सिरदर्द लेखक – परिचय

जीवन परिचय : रामनारायण उपाध्याय जी का जन्म २ मई, १९१८ में मध्य प्रदेश राज्य के कालमुखी खंडवा में हुआ था। भारत के स्वतंत्रतापूर्व से ही इन्होंने लघुकथाएँ लिखनी शुरू कर दी था। इनका साहित्य गाँधीवादी विचारधारा से बहुत प्रभावित रहा है। उपाध्याय जी एक प्रसिद्ध व्यंग्यकार भी थे। इन्होंने व्यंग्य, ललित निबंध, रिपोर्ताज, रूपक, संस्मरण आदि विधाओं में सरल सहज व प्रभावशाली शैली में लेखन किया है। हिंदी भाषा के साथ-साथ लोकभाषा तथा विभिन्न बोलियों के क्षेत्र में इन्होंने अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रमुख कृतियाँ : ‘बख्शीनामा’, धुंधले काँच की दीवार’, ‘नाक का सवाल’, ‘मुस्कराती फाइलें’ (व्यंग्यसंग्रह), ‘मृग के छौने’ (निबंध संग्रह), ‘हम तो बाबुल तेरे बाग की चिड़ियाँ’ (लोकसाहित्य), ‘जिन्हें भूल न सका’ (संस्मरण) आदि।

सफर का साथी और सिरदर्द गद्य-परिचय

हास्य-व्यंग्य : हास्य-व्यंग्य निबंध साहित्य की एक नई विधा है। इसमें उपहास, मजाक व इसी क्रम में आलोचना का प्रभाव रहता है। इस

निबंध : विधा के माध्यम से गंभीर से गंभीर विषयों पर हल्के-फुल्के ढंग से हास्य द्वारा पाठकों को सोचने पर विवश किया जाता है।

प्रस्तावना : ‘सफर का साथी और सिरदर्द’ इस हास्य व्यंग्यपरक निबंध में लेखक रामनारायण उपाध्याय जी ने रेलयात्रा करते समय यात्रा में आने वाली दिक्कतों से परिचित करवाया है। लेखक का कहना है कि हमें यात्रा करते समय दूसरे यात्रियों से अखबार जैसी कुछ भी चीजें नहीं माँगनी चाहिए और साथ ही हमें अनावश्यक बातें करने से बाज आना चाहिए।

सफर का साथी और सिरदर्द सारांश

यह एक हास्य-व्यंग्य निबंध है। इस निबंध में लेखक ने माँगकर अखबार पढ़नेवालों, अनावश्यक बातें करने वालों एवं बिन माँगे सलाह देने वालों पर करारा व्यंग्य किया है। लेखक को अकेले यात्रा करने में आनंद आता है। उनके अनुसार किसी के साथ यात्रा करना यानी यात्रा का मजा किरकिरा होने जैसा है। रेल से यात्रा करते समय खिड़की से बाहर झाँककर प्राकृतिक मनोरम दृश्यों को देखना, सूर्योदय व सूर्यास्त देखना लेखक को अच्छा लगता है। लेखक को सुपरफास्ट रेल की बजाय एक्सप्रेस से यात्रा करने में आनंद आता है; क्योंकि वह दूर से स्टेशन देखकर अपनी चाल धीमी कर देती है।

रेल में बैठे अन्य सहयात्रियों से लेखक परेशान हो जाता है। अन्य यात्री लेखक का अखबार माँगते हैं और वे लेखक से तरह-तरह की अनावश्यक बातें करना शुरू कर देते हैं। इनसे लेखक तंग आ जाता है और वह सिरदर्द की एक गोली खाकर लेटना चाहता है। लेखक के साथ सफर करने वाला एक सहयात्री लेखक को गोली खाते हुए देख लेता है और वह लेखक से ढेर सारे सवाल करना शुरू कर देता है, जिससे लेखक ऊब जाता है और वह सीधा-सा जवाब देते हुए कहता है कि जब वह घर से निकला था, तब भला-चंगा था लेकिन जब सहयात्रियों ने उनका सिर खाना शुरू कर दिया तबसे उनका सिरदर्द बढ़ गया। अंत में वह अपने परेशान होने का कारण बताते हुए कहते हैं कि “मैं सिर दर्द से नहीं हमसफर यात्रियों के दर्द-ए-सिर से परेशान हूँ।”

सफर का साथी और सिरदर्द शब्दार्द्ध

  • यात्रा – सफर
  • नदी – सरिता
  • सौंदर्य – सुंदरता
  • डाली – टहनी
  • नाज – गर्व
  • निश्चल – स्थिर
  • कंकरी – छोटा कंकड़
  • अंदेशा – आशंका
  • सुरंग – जमीन खोदकर उसके नीचे बनाया गया मार्ग
  • हिकारत – घृणा, नफरत
  • इबारत – लिखा हुआ, अक्षर विन्यास
  • बजा – उचित, ठीक
  • निरंतर – हमेशा
  • उच्चाकाश – ऊँचा आकाश
  • एकटक, निहारना – बिना फलक झपकाए देखना

सफर का साथी और सिरदर्द मुहावरे

  • नाक-भौं सिकोड़ना – अप्रसन्नता, घृणा प्रकट करना।
  • चौपट हो जाना – नष्ट होना, बरबाद होना।
  • मन मारना – इच्छा को दबाना।
  • चक्कर काटना – गोलाकार घूमना, फेरे लगाना।
  • बिना सिर-पैर की बात करना – निराधार बात करना, व्यर्थ की बात करना।

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