Class 9 Hindi Chapter 7 Shishtachar Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 7 Shishtachar Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 7 शिष्‍टाचार Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 7 शिष्‍टाचार (पूरक पठन) Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 7 शिष्‍टाचार Textbook Questions and Answers

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

1. गद्यांश में ‘हेतू’ की बताई गई विशेषताएँ:

प्रश्न 1.
गद्यांश में ‘हेतू’ की बताई गई विशेषताएँ:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार 2

2. ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

प्रश्न 1
ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. बरखास्त
2. हेतू
उत्तरः
1. श्रीमती दिन में दस बार हेतू को नौकरी से क्या करतीं?
2. उजड्ड गँवार और अरूप कौन था?

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3. कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
रामगोपाल जी की नौकरों की खोज शिथिल हुई।
उत्तरः
हेतू के आ जाने से रामगोपाल जी के दिन कटने लगे। अत: उनकी नौकरों की खोज शिथिल हुई।

प्रश्न 2.
हेतू की तनख्वाह से कटौती होती ……………………
उत्तरः
हेतू के हाथों से कभी-कभी चीजें टूट जाती और उसके नुकसान की भरपाई स्वरूप हेतू की तनख्वाह से कटौती होती।

4. ‘नौकर और मालिक के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।’ अपने विचार लिखिए।

प्रश्न 1.
‘नौकर और मालिक के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।’ अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
नौकर और मालिक के बीच अपनापन एवं विनम्र व्यवहार होना चाहिए। मालिक का कर्तव्य है कि वह अपने नौकरों पर पुत्रवत प्रेम करें। उनके साथ मित्रता का व्यवहार करें। यदि काम करते समय उनसे कोई गलती हो जाए, तो उन पर न चिल्लाए या उनकी तनख्वाह न काटें। जरा-जरा-सी बात पर उन पर चिढ़ना नहीं चाहिए।

उन्हें ठीक से खाना-पीना देना चाहिए। यदि नौकर के परिवार पर कोई संकट आ जाए, तो मालिक को तुरंत उसके परिवार की हिफाजत हेतु कदम उठाना चाहिए या अपने नौकर को पैसे देकर गाँव भेज देना चाहिए; ताकि वह अपने परिवार की हिफाजत कर सकें। इस प्रकार नौकर और मालिक के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार होने से दो परिवार बड़ी खुशी से रह सकते हैं।

अत: स्पष्ट है कि नौकर व मालिक का व्यवहार परस्पर प्रेम व सद्भावनापरक होना चाहिए। वे एक-दूसरे के विकास में सहायक होने चाहिए। उनमें विश्वास व सम्मान का बीजारोपण होना चाहिए। उनके बीच एकता, अपनत्व, ईमानदारी व सौहार्दपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।

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पठनीय

प्रश्न 1.
‘व्यक्तित्व विकास संबंधी कोई लेखापदिए।

श्रवणीय:

प्रश्न 1.
अपने गांव/शहर में आए हए किसी अपरिचित व्यकि की मदद के बारे में किसी बुजुर्ग से सुनिए और अपने विचार सुनाइए

आसपास

प्रश्न 1.
बैंक/छकयर में जाकर यहाँ के कर्मचारी एवं प्रकों के बीच होने वाले व्यवहारों स निरीक्षण कीजिए तथा न व्यवहारों के संबंध में अपनी उचित सहमति या असहमति प्रकत किजिए|

पाठ के आँगन में…

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

प्रश्न (क)
संजाल
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार 4

प्रश्न (ख)
विधानों के सामने दी हुई चौखट में सत्य/असत्य लिखिए।
उत्तर:
1. अगले दिन श्रीमती ने अपना ट्रंक खोलकर चीज़ों। सत्य की पड़ताल शुरू कर दी। – [सत्य]
2. सहसा हेतू की आँखों में आँसू आ गए। – [सत्य]

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प्रश्न (ग)
श्रीमती के नौकरों के बारे में विचार-
उत्तरः

  1. नौकर झूठे गलीज और लंपट होते हैं।
  2. नौकर पैसे काटते हैं।
  3. हर वक्त नौकरी की तलाश में रहते हैं।
  4. नौकरी मिल जाए तो उसी वक्त घर से बीमारी की चिट्ठी मँगवा लेते हैं।

मौलिक सृजन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुद्दों का उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए। (मददों का उचित कम लगाना आवश्यक है।)
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार 5
उत्तर:
उचित क्रम: एक लड़का — शहर के महाविद्यालय में पढ़ना – छुट्टियों में गाँव आना — प्रति वर्ष सूखे की समस्या का सामना — मन में निश्चय — कुआँ खोदने का प्रारंभ — लोगों का हँसना — एक मित्र का साथ देना — लोगों का जुड़ना — कुआँ तैयार होना — कुआँ पानी से भरना लोगों का खुश होना — सीख व शीर्षक।

एकता में शक्ति

रामपुर गाँव में रहने वाला तेनाली पढ़ाई में बहुत ही होशियार था। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह शहर के एक नामी विद्यालय में प्रवेश ले लिया । पढ़-लिखकर वह अभियंता बनना चाहता था। हर छुट्टियों में वह अपने गाँव जरूर आता था। बरसात कम होने के कारण हर साल उसके गाँव में सूखा पड़ जाता था जिससे गाँव वासियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता था। गाँववाले पानी के लिए तरसते रहते थे। उन्हें दूसरे गाँव से पानी लाना पड़ता था।

प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी तेनाली जब गाँव आया तो उसने निश्चय कर लिया कि गाँव में कुआँ खुदवाया जाए। उसने अपनी योजना के बारे में सभी गाँववालों को बताया लेकिन गाँववाले ठहरे अनपढ़ और गँवार। सभी उस पर हँसने लगे। आखिर कोई भी उसका साथ देने के लिए तैयार नहीं हुआ।

तेनाली हार मानने वालों में से नहीं था। वह बहुत ही दृढ़ निश्चयी स्वभाववाला लड़का था। उसने अकेले ही गाँव में कुआँ खोदना प्रारंभ कर दिया। सभी लोग उसे मूर्ख समझकर उस पर हँस रहे थे। तेनाली का एक मित्र था गोपाल। उसने अपने मित्र का साथ देना स्वीकार कर लिया और वह भी उसके साथ कुआँ खोदने के काम में जुड़ गया। गाँव वालों ने देखा कि गोपाल कुआँ खुदवाने में तेनाली का साथ दे रहा है। सभी गाँव वाले इस बात पर सोचने लगे। आखिर एक-एक करके सभी ने तेनाली का साथ देना शुरू कर दिया।

सभी की मेहनत रंग लाई। आखिर कुआँ खुदकर तैयार हो गया। जून का महीना आया। आसमान में काले बादल छा गए और रामपुर गाँव पर बरसात की कृपा हुई। आहिस्ता-आहिस्ता कुए में पानी इकट्ठा हो गया और वह लबालब भर गया। गाँव वाले खुश हो गए। यह तो सभी के परिश्रम का फल था। सभी ने मिल-जुलकर जो कार्य किया था आखिर उसका पारिश्रमिक उन्हें आज मिल रहा है। सीखः एकता में बल होता है। अगर हम साथ मिलकर काम करेंगे तो कुछ भी असंभव नहीं होता।

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भाषा बिंद:

प्रश्न 1.
दिए गए अव्यय भेदों के वाक्य पाठ्यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए।
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उत्तरः
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Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 7 शिष्‍टाचार Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार 9

कृति (2) आकलन कृति

निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

प्रश्न 1.
1. नौकर हेतू के आने पर श्रीमती जी हर्षित हो गईं।
2. नौकर शिमला के नजदीक किसी गाँव में रहता था।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्द पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. हवालात
2. पलंग
उत्तर:
1. यदि नौकर चोरी करेगा तो उसे कहाँ भेज दिया जाएगा?
2. जब रामगोपाल नौकर को लेकर घर आए थे तब उनकी पत्नी कहाँ बैठी थी?

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. तलाश
  2. पत्नी
  3. कर्ण
  4. दंत

उत्तर:

  1. खोज
  2. श्रीमती
  3. कान
  4. दाँत

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।
1. सस्ता × ……………
2. दाएँ × ……………..
उत्तर:
1. महँगा
2. बाएँ।

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प्रश्न 3.
मानक वर्तनी के अनुसार दिए गए शब्द लिखिए।
1. कुर्दध
2. बनमानस
उत्तर:
1. क्रुद्ध
2. बनमानुष

प्रश्न 4.
निम्नलिखित एक शब्द के लिए अनेक अर्थ वाले शब्द लिखिए।
1. उत्तर
2. खोज
उत्तरः
1. एक दिशा, जवाब
2. तलाश, छानबीन, अन्वेषण

प्रश्न 5.
निम्नलिखित रेखांकित विकारी शब्दों के भेद पहचानिए।
1. दूसरे नौकर की खोज में रहो।
2. वह अपने गाँव से आया।
उत्तरः
1. भाववाचक संज्ञा
2. अकर्मक क्रिया

प्रश्न 6.
निम्नलिखित अर्थ के गद्यांश में आए हुए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए।
1. ध्यान न देना
2. हालचाल पूछना
उत्तर:
1. मुँह फेरना।
2. कुशल क्षेम पूछना।

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘क्या घर पर आए नए नौकरों को धमकाना अच्छी बात होती है?’ स्वमत लिखिए।
उत्तरः
घर पर आए नए नौकरों को धमकाना बुरी बात होती है। नौकर नया हो या पुराना आखिर वह भी इंसान ही होता है। उसकी अपनी कोई-न-कोई मजबूरी होती है। इसलिए वह किसी के घर पर नौकरी करने के लिए आता है। उसके घर पर आते ही उस पर रोब जताना या उसे डराना धमकाना अच्छा नहीं है। यदि हम उनके साथ आत्मीयता से व्यवहार करेंगे तो वे भी हमें अपना मानने लगेंगे। उन्हें हमारे परिवार के प्रति प्रेम हो जाएगा। फिर वे कभी हमारे साथ बुरा सलूक नहीं कर सकते हैं। यदि हम उन्हें नौकरी पर रखते ही डराएँगे तो वे मन से क्रुद्ध हो जाएँगे और जरूर एक दिन मौका मिलते ही सब कुछ लूटकर नौ दो ग्यारह हो जाएँगे।

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
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प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथन सत्य है या असत्य लिखिए।
1. घर में बाबू रामगोपाल की हुकूमत थी।
2. श्रीमती बड़ी ही गुस्सैल स्वभाव की थीं।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

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प्रश्न 3.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार 11

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
लिंग बदलिए।
1. श्रीमती
2. नौकर
उत्तर:
1. श्रीमान
2. नौकरानी

प्रश्न 2.
वचन बदलिए।
1. नजर
2. क्रिया
उत्तर:
1. नजरें
2. क्रियाएँ

प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म लिखिए।
उत्तरः
1. अस्त – व्यस्त
2. दस – दस

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग पहचानिए।
1. अरूप
2. विवाद
उत्तरः
1. ‘अ’ उपसर्ग
2. “वि’ उपसर्ग

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।
1. कोई पर विश्वास नहीं किए जा सकता।
2. सभी पैसे काटता है।
उत्तर:
1. किसी पर विश्वास नहीं किया जा सकता।
2. सभी पैसे काटते हैं।

(ग) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
चाबियों का गुच्छा नौकर के हाथों में रहने लगा।
उत्तरः
श्रीमती जी के बेटे के मुंडन संस्कार के दिन नजदीक आ रहे थे। अत: वह मित्र एवं सगे-संबंधियों को निमंत्रण पत्र लिखने और, शामियाने तथा बाजे का प्रबंध करने में व्यस्त हो गई थीं। इसलिए चाबियों का गुच्छा नौकर के हाथों मे रहने लगा।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. बेटे के मुंडन संस्कार के कारण श्रीमती जी ने नौकर पर ध्यान रखना कम कर दिया था।
2. मुंडन संस्कार के दिन घर का सारा वातावरण गंभीर हो गया था।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

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प्रश्न 2.
प्रस्तुत गद्यांश पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. उपहार
2. हेतू
उत्तर:
1. मित्र एवं सगे संबंधी बच्चे के लिए क्या लेकर आए?
2. मुंडन संस्कार के दिन श्रीमान काम में व्यस्त थे, ऐसे में उनके सामने कौन आकर खड़ा हो गया?

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
‘प्रबंध’ शब्द में से उपसर्ग अलग कीजिए और अलग किए गए उपसर्ग से अन्य दो शब्द तैयार कीजिए।
उत्तर:
‘प्र’ उपसर्ग से बने दो नए शब्द: प्रक्रिया, प्रकृति, प्रगति

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय शब्दों का प्रयोग करके शब्द तैयार कीजिए।
1. तैयार
2. नजदीक
उत्तर:
1. तैयार + ई = तैयारी
2. नजदीक + ई = नजदीकी

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
प्रबंध
उत्तरः
व्यवस्था, अनुसंधान हेतु लिखा गया निबंध।

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
क्या पुरानी प्रथाओं का आज भी पालन करना उचित है? अपना मत लिखिए।
उत्तरः
किसी ने ठीक ही कहा है; ‘छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी।’ आज जमाना बदल गया है। हम विज्ञान एवं तकनीकी युग में अपना जीवनयापन कर रहे हैं। पुरानी प्रथाएँ, हमारी मान्यताएँ एवं पुरानी विचारधारा पर आधारित हैं। अत: आज का शिक्षित समाज उनका पालन करने से पूर्व सौ बार सोचता है। उन पुरानी प्रथाओं का जरूर पालन होना चाहिए जिनमें कुछ तथ्य हो।

अन्यथा उनका पालन नहीं करना चाहिए। बच्चों का नामकरण विधि, विवाह संस्कार आदि प्रथाओं का आज हम पालन कर रहे हैं। यह उचित भी है; परंतु जिन प्रथाओं से अंधविश्वास की बू आती है उनका पालन हमें नहीं करना चाहिए।

(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

सही विकल्प चुनकर लिखिए।

प्रश्न 1.
जब हेतू ने श्रीमान से गाँव जाने के लिए छुट्टी माँगी तब ……..
उत्तरः
(क) वे अतिथियों को खाना परोस रहे थे।
(ख) वे अतिथियों से बातें कर रहे थे।
(ग) वे दरवाजे पर खड़े रहकर अतिथियों का स्वागत कर रहे थे।

प्रश्न 2.
मित्र संबंधियों ने चाँटे की आवाज सुनकर आँखें फेर ली क्योंकि ..
(क) नौकर को चाँटा पड़ा है।
(ख) श्रीमती जी को चाँटा पड़ा है।
(ग) पुलिस ने आकर नौकर को चाँटा मारा है।
उत्तरः
1. जब हेतू ने श्रीमान से गाँव जाने के लिए छुट्टी माँगी तब वे दरवाजे पर खड़े रहकर अतिथियों का स्वागत कर रहे थे।
2. मित्र संबंधियों ने चाँटे की आवाज सुनकर आँखें फेर ली क्योंकि नौकर को चाँटा पड़ा है।

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कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
किसने, किससे कहा?
1. छुट्टी नहीं मिलेगी।
2. मुझे घर जाना है।
उत्तर:
1. श्रीमान ने हेतू से कहा।
2. हेतू ने श्रीमान से कहा

प्रश्न 2.
कारण लिखिए।
उत्तर:
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कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।

  1. हैरान
  2. क्रोध
  3. मेहमान
  4. आवाज

उत्तर:

  1. परेशान
  2. गुस्सा
  3. अतिथि
  4. ध्वनि

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।
1. बेकाबू × …………..
2. खड़ा × ……………
उत्तरः
1. काबू
2. बैठा

प्रश्न 3.
वचन बदलिए।
1. चाँटा
2. अतिथि
उत्तर:
1. चाँटें
2. अतिथिगण

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निम्नलिखित वाक्य में विरामचिह्नों का प्रयोग कीजिए।

प्रश्न 1.
एक बार कहा ना कि तुम्हें छुट्टी नहीं मिल सकती जाते क्यों नहीं
उत्तरः
“एक बार कहा ना कि तुम्हें छुट्टी नहीं मिल सकती। जाते क्यों नहीं?”

प्रश्न 2.
गद्यांश में से शब्द-युग्म पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
1. छुट्टी – वुट्टी
2. मित्र – संबंधियों

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्द के लिए अनेकार्थी शब्द लिखिए।
मित्र
उत्तर:
सखा, सूर्य

प्रश्न 4.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
टस से मस न होना
उत्तर:

  • अर्थ: दृढ़ रहना।
  • वाक्यः जीवन में विपरीत परिस्थितियाँ आने के बावजूद भी वीर पुरूष टस से मस नहीं होते हैं।

प्रश्न 5.
बेकाबू होना
उत्तरः

  • अर्थ: अनियंत्रित होना।
  • वाक्यः परिस्थितियाँ बेकाबू हो जाने पर सभी निष्क्रिय हो जाते हैं।

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
बात को सोचे समझे बिना गुस्सा हो जाना कितना उचित होता है? अपना मत लिखिए।
उत्तर:
बात को सोचे समझे बिना गुस्सा हो जाना अनुचित होता है। व्यक्ति को समझदारी से काम लेना चाहिए। जीवन में ऐसे कई प्रसंग आते हैं; जब व्यक्ति अपना आपा खो बैठता है और क्रोध से बेकाबू होकर बिना सोचे समझे निर्णय लेता है। ऐसी स्थिति में सामने वाला व्यक्ति अपमान ही नहीं बल्कि उसे शारीरिक हानि भी पहुँचाता है।

ऐसा करना सर्वथा अनुचित है। व्यक्ति को सामने वाले की मजबूरी को समझने का प्रयास करना चाहिए। उस पर जो परेशानी आई है उसके बारे में सोचना चाहिए और सही निर्णय लेना चाहिए। ऐसा करने से ही उसके अन्य लोगों के साथ अच्छे संबंध निर्माण हो सकते हैं। ध्यान रखिए, क्रोध अपराध को जन्म देता है।

(ङ) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
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कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. मुंडन संस्कार में आए हुए अतिथियों ने श्रीमान-श्रीमती को समझाने का प्रयास किया।
2. लोगों द्वारा दूर किए जाने पर भी हेतू ने अपना काम करना शुरू कर दिया।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

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प्रश्न 2.
किसने, किससे कहा?
1. मुझे काम है।
2. क्यों, घर क्यों जाना चाहते हो?
उत्तर:
1. हेतू ने अपने साहब से कहा।
2. मुंडन संस्कार में आए एक संबंधी ने हेतू से पूछा।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।
1. साम्य × …………….
2. होशियार × ………….
उत्तरः
1. भेद
2. मूर्ख

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।
1. छुट्टी
2. विघ्न
उत्तर:
1. अवकाश
2. संकट

प्रश्न 3.
‘परामर्श’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग पहचानकर लिखिए।
उत्तर:
‘परा’ उपसर्ग

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों में प्रयुक्त प्रत्यय पहचानिए।
1. श्रीमान
2. कड़ककर
उत्तर:
1. ‘मान’ प्रत्यय
2. ‘कर’ प्रत्यय

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
क्या किसी गरीब की कमजोरी का फायदा उठाकर उसके साथ बुरा सलूक करना अच्छा व्यवहार कहलाता है? अपना मत स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
किसी गरीब की कमजोरी का फायदा उठाकर उसके साथ बुरा सलूक करना ठीक नहीं। वास्तव में देखा जाए तो कोई गरीब हो या रईस; सभी इंसान हैं। हमें किसी की कमजोरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए। यदि हम किसी की कमजोरी का फायदा उठाकर किसी के साथ बुरा सलूक करते हैं तो यह बहुत ही बड़ा अपराध है।

किसी को बिना वजह सताना या किसी से कुछ छीन लेना या किसी को प्रताड़ित करना दुर्व्यवहार है। ऐसा करते समय भले ही किसी को अच्छा लगता हो लेकिन बाद में उसे अपने किए गए व्यवहार पर अफसोस होने लगता है। हम भले ही लोगों को फँसा सकते हैं; लेकिन हमारा हृदय तो हमें कोसता रहता है। इसीलिए सभी के साथ अच्छा व्यवहार रखना नैतिकता का लक्षण होता है।

(च) परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
प्रस्तुत गद्यांश पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. ट्रंक
2. चाँदी
उत्तर:
1. श्रीमती ने जेवर और सूट किसमें रखे थे?
2. बटन किस धातू के थे?

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प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
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कृति (2) आकलन कृति

सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
श्रीमान ने हेतू को घर से तब जाने दिया …………….
उत्तर:
(क) जब हेतू ने गाँव से लौट आने का वादा किया।
(ख) जब वह जोर-जोर से रोने चिल्लाने लगा।
(ग) जब श्रीमान ने उसका पूरा पता अपनी डायरी में लिख लिया।

प्रश्न 2.
श्रीमान के घर का काम पहले की तरह चलने लगा …….
(क) क्योंकि बहुत समय बीत गया।
(ख) क्योंकि श्रीमान ने दूसरा नौकर रख लिया।
(ग) क्योंकि श्रीमती सब कुछ भूल गई।
उत्तर:
1. श्रीमान ने हेतू को घर से तब जाने दिया जब श्रीमान ने उसका पूरा पता अपनी डायरी में लिख लिया।
2. श्रीमान के घर का काम पहले की तरह चलने लगा क्योंकि श्रीमान ने दूसरा नौकर रख लिया।

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कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्नों का प्रयोग कीजिए।
1. ट्रंक में जेवर चाँदी के बटन सिल्क के सूट और रूपए थे
2. क्या उसकी तीन महीने की तनख्वाह आपके पास है
उत्तर:
1. ट्रंक में जेवर, चाँदी के बटन, सिल्क के सूट और रूपए थे।
2. क्या उसकी तीन महीने की तनख्वाह आपके पास है?

प्रश्न 2.
प्रस्तुत गद्यांश में से शब्द-युग्म छाँटकर लिखिए।
उत्तर:

  1. पता – वता
  2. एक – एक
  3. सौ – पचास
  4. नाम – पता

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. नदारद
  2. रजत
  3. गहने
  4. भय

उत्तर:

  1. गायब
  2. चाँदी
  3. जेवर
  4. डर

प्रश्न 4.
‘संदेश’ शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
उत्तरः
खबर, शक

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘बड़े घरों में चीज़ों की सूची कहाँ होती है?’ इस कथन पर अपना मत लिखिए।
उत्तर:
बड़ा घर यानी जिनके पास ढेर सारा रूपया पैसा है उनका घर। बड़े घर में ऐश्वर्य के सारे साधन विपुल मात्रा में होते हैं। वहाँ पर धन-धान्य की कमी नहीं होती है। घर में भौतिक साधन भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। सोने-चाँदी व हीरे-जेवरातों की वहाँ कमी नहीं होती है। रूपए पैसे तो पूरे घर में यत्र-तत्र पड़े हुए होते हैं। आवश्यक चीज़ों के साथ अनावश्यक चीज़ों की भी भरमार होती है। ऐसे घरों में कोई भी चीज़ एक निश्चित जगह पर पाई नहीं जाती है। अगर कभी कोई चीज़ गुम भी हो जाए, तो भी किसी को उसका पता नहीं चल पाता है।

(छ) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
श्रीमान सड़क पार करके हेतू के सामने जाकर खड़े हो गए।
उत्तरः
श्रीमान ने बहुत दिनों के बाद हेतू को देखा जो फटे कपड़ों में धर्मशाला के पास खड़ा था। इसलिए श्रीमान सड़क पार करके हेतू के सामने जाकर खड़े हो गए।

प्रश्न 2.
श्रीमान स्तब्ध और हैरान हो गए।
उत्तर:
हेतू ने खुशीवाले घर में अपने बेटे की मौत की खबर छिपाकर रखी थी। अत: उसका यह शिष्टाचार देखकर श्रीमान स्तब्ध और हैरान हो गए।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
किसने, किससे कहा?
1. “काम कर आया है अपना।”
2. “जी मेरा बच्चा मर गया था।”
उत्तर:
1. श्रीमान ने हेतू से पूछा।
2. हेतू ने श्रीमान से कहा।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 7 शिष्‍टाचार 16

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
वचन बदलिए।
1. कंधा
2. कलाई
उत्तर:
1. कंधे
2. कलाइयाँ

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।
1. सच × ………….
2. संभव × ……….
उत्तर:
1. झूठ
2. असंभव

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय लगाइए।
1. स्तब्ध
2. दफ्तर
उत्तर:
1. स्तब्ध + ता = स्तब्धता
2. दफ्तर + ई = दफ्तरी

प्रश्न 4.
निम्नलिखित वाक्यों में से रेखांकित शब्दों के भेद पहचानिए।
1. उसका कंधा सहलाते हुए श्रीमान बोले।
2. वही फटे हुए कपड़े वही शिथिल अरूप चेहरा।
उत्तर:
1. पुरूषवाचक सर्वनाम
2. गुणवाचक विशेषण

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘व्यक्ति के व्यवहार में शिष्टाचार झलकना चाहिए।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
शिष्टाचार एक महत्त्वपूर्ण गुण है। व्यक्ति के पास यदि शिष्टाचार है तो वह ‘शिष्टाचारी’ कहलाता है। ‘शिष्टाचार’ का अर्थ है; सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना। सभी के हृदय में अपने अच्छे कार्य द्वारा प्रेम निर्माण करना। अपने कर्तव्यों को कभी न भूलना। व्यक्ति के व्यवहार में शिष्टाचार है; तो वह समाज में प्रशंसा का अधिकारी बन जाता है।

ऐसा व्यक्ति अपने शिष्ट आचरण से दूसरों को प्रेरणा देता है और उन्हें भी शिष्टाचार का पालन करने के लिए अपने आप प्रवृत्त करता है। श्रीराम के शिष्टाचार रूपी व्यवहार को कोई नहीं भूल सकता है। आखिर शिष्टाचार ही व्यक्तित्व-विकास का महत्त्वपूर्ण पहलू होता है।

भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों के काल परिवर्तन कीजिए।

  1. श्रीमती ने गलत नहीं कहा था। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
  2. श्रीमती जी की भौंवे चढ़ गईं हैं। (सामान्य भूतकाल)
  3. मैं जल्दी लौट आऊँगा। (सामान्य वर्तमानकाल)
  4. हेतू ने फिर धीरे से कह दिया। (सामान्य भविष्यकाल)

उत्तर:

  1. श्रीमती गलत नहीं कह रही हैं।
  2. श्रीमती जी की भौंवे चढ़ीं।
  3. मैं जल्दी लौट आता हूँ।
  4. हेतू फिर धीरे से कहेगा।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों के अव्यय पहचानिए।
1. नौकर उजड्ड और अरूप था।
2. धीरे-धीरे वह शहरी नौकर में तब्दील होने लगा।
उत्तर:
1. समुच्चबोधक अव्यय
2. क्रियाविशेषण अव्यय

प्रश्न 3.
रचना की दृष्टि से वाक्य भेद पहचानिए।
1. इसी तरह तीन महीने बीत गए।
2. हेतू अरूप तो था ही, उस पर उजड्ड और गँवार भी निकला।
उत्तर:
1. सरल या साधारण वाक्य
2. मिश्र वाक्य

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का संधि-विच्छेद कीजिए।

  1. उत्सुक
  2. वातावरण
  3. स्वागत

उत्तर:

  1. उत् + सुक
  2. वात + आवरण
  3. सु + आगत

प्रश्न 5.
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित कीजिए।
1. वह दिन शुभ था। (निषेधार्थक)
2. मित्र मंडली के हास्य विनोद से घर का सारा वातावरण खिल उठा। (आज्ञार्थक)
उत्तर:
1. वह दिन अशुभ नहीं था।
2. मित्र मंडली के हास्य विनोद से घर का सारा वातावरण खिल उठना चाहिए।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्य में सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए।
1. श्रीमती को जब सूचना मिली तो वह तंद्रा से जागी। (साधारण वाक्य)
2. वह आकर चुपचाप इधर-ऊधर ताकने लगा। (संयुक्त वाक्य)
उत्तर:
1. श्रीमती सूचना मिलते ही तंद्रा से जागी।
2. वह आया और चुपचाप इधर-ऊधर ताकने लगा।

प्रश्न 7.
निर्देशानुसार अव्यय शब्दों का अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए।
1. कि
2. वाह
उत्तर:
1. उसने कहा कि वह घर चला गया है।
2. वाह! क्या बात है।

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प्रश्न 8.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।
1. तुमने अपनी चीज़ों को अच्छा तरह देख लो।
2. मैंने उसकी पता बता सब लिख ली है।
उत्तर:
1. तुम अपनी चीज़ों को अच्छी तरह देख लो।
2. मैंने उसका पता-वता सब लिख लिया है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित वाक्यों के भेद अर्थ की दृष्टि से पहचानिए।
1. जी मेरा बच्चा मर गया था।
2. उसके लिए आँसुओं को रोकना संभव नहीं था।
उत्तर:
1. विधानार्थक वाक्य
2. निषेधार्थक वाक्य

संभाषणीय

प्रश्न 1.
‘आपके व्यवहार में शिष्टाचार झलकता है।’ इस विषय पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:

  • अध्यापक – छात्रों क्या आप सभी शिष्टाचार से परिचित हैं? आपके मतानुसार शिष्टाचार किसे कहते हैं?
  • पहला छात्र – जी हाँ। मैं शिष्टाचार से परिचित हूँ।
  • दूसरा छात्र – ‘शिष्टाचार’ यानी अच्छा आचरण करना। सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना। ऐसा व्यवहार रखना कि कभी किसी को अपने व्यवहार से ठेस न पहुंचे।
  • तीसरा छात्र – ‘शिष्टाचार’ यानी सार्वजनिक जगहों या किसी सम्मेलन सभाओं में सभी के साथ अच्छाई से पेश आना।
  • अध्यापक – अब आप मुझे बताइए कि आप अपने मित्र व शिक्षकों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं?
  • चौथा छात्र – मैं अपने मित्र के साथ अच्छा व्यवहार रखता हूँ। जैसे कि जरूरत पड़ने पर मैं उसकी मदद करता हूँ।
  • पाँचवा छात्र – मैं अपने शिक्षकों के साथ विनम्रता से पेश आता हूँ। उनका कहना मानता हूँ। उनकी हर एक बात का सम्मान करता हूँ।
  • अध्यापक – अब आप मुझे बताइए कि शिष्टाचार के कौन-कौन-से लाभ होते हैं?
  • सभी छात्र – (एक साथ) शिष्टाचार से व्यक्ति की पहचान होती है। उसके अच्छे गुणों का पता चलता है। उसके संस्कारों की झलक सभी पर
  • पड़ती है। शिष्टाचारी व्यक्ति की समाज में पूजा होती है। सभी उसकी तारीफ करते हैं। शिष्टाचार व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में सहायता प्रदान
  • करता है। इसलिए कहा भी गया है कि, ‘विवेकी पुरूष की समाज में पूजा की जाती है।’

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पाठ से आगे:

प्रश्न 1.
‘मानवता ही श्रेष्ठ धर्म है।’ इस विचार को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः
“विचार लो कि मर्त्य हो न मृत्यु से डरो कभी
मरो परंतु यो मरो कि याद जो करे सभी।
हुई न यों सुमृत्यु तो वृथा जिए वृथा मरे
मरा नहीं वही कि जो जिया न आप के लिए।
वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।”

राष्ट्रकवि गुप्त जी ने सच ही कहा है कि मानवता से बढ़कर अन्य धर्म नहीं है। मानवता ही सभी धर्मों का आधार है। जो व्यक्ति मानवता के मार्ग पर चलता है उसे सभी याद करते हैं। ऐसा व्यक्ति मरने के बाद भी अमर हो जाता है। दुनिया उसके जाने के बाद भी उसे याद करती रहती है। महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, मदर टेरेसा व डॉ. कलाम आदि महापुरूषों को आज भी हम याद करते हैं। सभी अपने कार्य के कारण समाज में पूजनीय हो गए हैं। व्यक्ति का अच्छा कार्य ही उसकी पहचान होती है। इसीलिए तो कवि बच्चन जी कहते हैं – ‘मिट्टी का तन, मस्ती का मन, क्षणभर जीवन मेरा परिचय।’

आईस्टाइन व न्यूटन जैसे वैज्ञानिकों ने अपना संपूर्ण जीवन विज्ञान के प्रति समर्पित कर मानवता की जो मिसाल खड़ी कर दी है वह अद्भुत एवं काबिले तारीफ है। अफ्रीका में स्थित काले-गोरे का भेदभाव मिटाने के लिए नेल्सन मंडेला जी ने जो कार्य किया उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम होगी।

मानवता सभी धर्म समाए हुए हैं। दरअसल मानवता सभी धर्मों का सार है। मानवता यानी बिना स्वार्थ भाव रखे हुए दूसरों की मदद करना। दूसरों की पीड़ा हरना। दूसरों को मुसीबत से बाहर निकालना। दूसरों के जीवन में प्रकाश बनकर जाना। हमें भी अपने जीवन में मानवता के मार्ग पर चलना सिखना चाहिए।

बिना स्वार्थ भाव रखें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। जब हम ऐसा करेंगे; तब हमारा जीवन अपने आप सच्चाई के मार्ग पर चलने लगेगा। आखिर इसी से ही समाज में सत्य व अहिंसा का प्रसार होगा। मानवता भारतीय संस्कृति का मूलाधार है। हमारी संस्कृति जो आज संपूर्ण विश्व में दैदीप्यमान है उसका श्रेय मानवता को ही जाता है। आखिर भारतवासी मानवता में विश्वास रखते हैं।

शिष्‍टाचार Summary in Hindi

लेखक-परिचय:

जीवन-परिचय: भीष्म साहनी का जन्म 8 अगस्त 1915 रावलपिंडी, अविभाजित भारत में हुआ था। इनकी मृत्यु 11 जुलाई 2003 में हुई। साहनी जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। इन्होंने उपन्यास, नाटक, आत्मकथा एवं कहानी विधाओं को समृद्ध किया। इन्होंने मानवीय मूल्य, नैतिकता, मानवीय करुणा, सामाजिक विषमता एवं संघर्ष आदि विषयों को अपने लेखन में स्वतंत्र स्थान दिया था। आजीवन इन्होंने हिंदी भाषा की सेवा की।

प्रमुख कृतियाँ: कहानी संग्रह – ‘भाग्य-रेखा’, ‘पहला पाठ’, ‘भटकती राख’, ‘निशाचर’; उपन्यास – ‘झरोखे’, ‘तमस’, ‘कुंतो’, ‘नीलू नीलिमा नीलोफर’; नाटक – ‘कबिरा खड़ा बाजार में’, ‘माधवी’; आत्मकथा – ‘आज के अतीत’।

गद्य-परिचय:

चरित्रात्मक कहानी: चरित्रात्मक कहानी वह होती है जिसमें किसी चरित्र या घटना का रोचक व मनोरंजक वर्णन हो।
प्रस्तावना: प्रस्तुत कहानी में लेखक ने एक नौकर के माध्यम से शिष्टाचार के महत्त्व को दर्शाने का प्रयास किया है और साथ में यह भी बतलाया है कि भले ही व्यक्ति गँवार या अनपढ़ हो फिर भी उसके पास शिष्टाचार होने से वह श्रेष्ठ बन जाता है।

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सारांश:

प्रस्तुत पाठ एक चरित्रात्मक कहानी है। कहानी के एक पात्र बाबू रामगोपाल अथक प्रयास के बाद एक नौकर ढूँढ़कर लाते हैं लेकिन उसका गँवार रूप देखकर उनकी पत्नी गुस्सा हो जाती हैं। उन्हें उस नौकर पर चिढ़ आती है। कभी-कभी नौकर के हाथों से घर की चीज़ों का नुकसान हो जाता था तो वह उसकी तनख्वाह काट लेती हैं। इस तरह उनके घर पर काम करते हुए उसे तीन महीने हो जाते हैं। बाबू रामगोपाल के बच्चे के मुंडन संस्कार के दिन पास आ जाते हैं।

उनकी श्रीमती जी मुंडन संस्कार का प्रबंध करने में व्यस्त हो जाती हैं। अत: घर की सारी चाबियाँ नौकर के हाथों में सौंप देती हैं। जिस दिन मुंडन संस्कार था; उसी दिन नौकर गाँव जाने के लिए बाबू रामगोपाल के पास छुट्टी माँगता है। वे आगबबूला हो जाते हैं। उनकी पत्नी भी उस पर गुस्सा हो जाती हैं। फिर भी नौकर अपनी जिद पर अड़ा रहता है। बाबू रामगोपाल आवेश में आकर उसे चाँटा मारते हैं। उससे घर जाने का कारण पूछते हैं लेकिन वह कुछ भी नहीं कहता है।

सिर्फ गाँव जाने की रट लगाता है। आखिर मेहमानों के सामने बात को बढ़ाने से रोकने के लिए वे उसका नाम, पता लिखवा कर उसके दस्तखत ले लेते हैं और उसे धक्के मारकर घर से बाहर निकाल देते हैं। उनकी श्रीमती को लगता है कि वह जरूर कुछ न कुछ जेवर या पैसे चुराकर ले गया होगा। इसी कारण बाबू रामगोपाल उसकी तनख्वाह उसके द्वारा बताए गए पते पर नहीं भेजते हैं। कुछ दिनों के पश्चात सड़क के किनारे पर उन्हें वह नौकर दिखाई देता है।

वे उसके पास जाकर उससे पूछते हैं कि वह अचानक गाँव क्यों चला गया था। तब वह कहता है कि उसके बेटे की मृत्यु हो गई थी और खुशीवाले घर में यह दुखद समाचार देना उसके गाँव में बुरा मानते हैं। सचमुच एक गँवार आदमी के पास भी शिष्टाचार होता है। कब और कहाँ क्या कहना चाहिए इस बात का उसे ठीक से ज्ञान था। उसका यह व्यवहार ही उसे शिष्टाचारियों की श्रेणी में ले जाता है। इसी पाठ के जरिए लेखक ने प्रत्येक व्यक्ति के पास शिष्टाचार का होना जरूरी होता है यह दर्शाने का प्रयास किया है।

शब्दार्थ:

  1. अनथक – जो थके नहीं, बिना थके
  2. षड्यंत्र – कपटपूर्ण योजना
  3. तब्दील – बदलना, परिवर्तन
  4. अफसोस – पश्चात्ताप
  5. पसीजना – पिघलना
  6. बनमानस – वनमनुष्य या जंगली मनुष्य

Hindi Lokbharti 9th Std Digest दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 10 Raat Ka Chaukidar Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 10 Raat Ka Chaukidar Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 10 रात का चौकीदार Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 10 रात का चौकीदार (पूरक पठन) Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 10 रात का चौकीदार Textbook Questions and Answers

श्रवणीय

प्रश्न 1.
हिंदी तथा मराठी भाषा में लिखी हुई किसी एक लापुकथा का आकलन करते हुए सुनिए और सुनाइए।

पठनीय

प्रश्न 1.
“परिपाठ’ में सप्ताह भर के समाचारपत्रों के मुख्य मुद्दों का चयन करके वाचन कीजिए।

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आसपास

प्रश्न 1.
किसी परिचित सुरक्ष से वार्तालाप कीजिए

संभाषणीय

प्रश्न 1.
‘ट्रैफिक पुलिस’ से बातचीत करके उनकी दिनचर्या संबंधी जानकारी लीजिए।
उत्तर:
मैं: नमस्ते, पुलिस अंकल! आप कैसे हैं?
ट्रैफिक पुलिस: मैं ठीक हूँ और इस वक्त मैं अपना काम कर रहा हूँ।

मैं: आप लगातार आठ घंटों तक सड़क पर खड़े रहते हैं। इसे आप कैसा महसूस करते हैं?
ट्रैफिक पुलिस: मुझे अपना काम करने में बड़ा आनंद मिलता है। चाहे हाड़ कँपाती ठंड हो, झ माझम बरसती वर्षा हो या उमस भरी गरमी हो, हर हाल में मुझे अपना काम करना पड़ता है और सड़क यातायात पर नियंत्रण रखना पड़ता है।

मैं: अक्सर बरसात के दिनों में सड़कों पर आवागमन संभव नहीं हो पाता है। जल का जमाव होता है। ऐसे में, लोगों को बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस बारे में आपकी क्या राय है?
ट्रैफिक पुलिस: मनुष्य सड़कों का लंबे समय से उपयोग करता रहा है। पुरानी सड़कें अच्छी नहीं होती थीं। आधुनिक काल की सड़कें अच्छी होती हैं और हमारी सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। नए-नए पुलों का निर्माण हो रहा है। पक्की सड़कें बनाई जा रही हैं। आनेवाले समय में लोगों को कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मैं: क्या आप मुझे सड़क यातायात के नियमों से परिचित करा सकते हैं?
ट्रैफिक पुलिस: क्यों नहीं? यह तो मेरा कर्तव्य है। सड़क यातायात सुचारु रूप से हो, इसके लिए कानून बनाए गए हैं। अपने देश में सड़क की बाईं ओर चलने का नियम है। सड़कों पर भारी वाहनों को एक निर्धारित गति सीमा तक ही चलाया जाता है। चौराहों पर संकेतक बत्तियाँ लगाई जाती हैं ताकि सड़क जाम तथा दुर्घटना जैसी स्थितियों का कम से कम सामना करना पड़े। जहाँ टैफिक लाईटें नहीं होती है, वहाँ हम हाथ के इशारे से यात्रियों को रुकने या जाने का संकेत करते हैं।

मैं: आपके द्वारा दी गई जानकारी के लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूँ।

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लेखनीय

प्रश्न 1.
अपने परिसर के चौकीदार द्वारा अच्छा कार्य करने लेखनीय हेतु अभिनंदन करने वाला पत्र लिखिए।
उत्तर:

राम चौधरी,
कीर्ति कॉलोनी,
गुलमोहर, दादर,
मुंबई (प.) – 400 019
दिनांक – 4 मार्च, 2018

श्रीमान बहादुर सिंह जी,
सादर प्रणाम।

मैं राम चौधरी कीर्ति कॉलोनी का निवासी हूँ। पत्र पढ़ते हुए आपको अचरज जरूर हो रहा होगा क्योंकि जिस कॉलोनी की आप रखवाली करते हैं, उसी कॉलोनी का एक चौदह वर्षीय बालक पत्र के माध्यम से आप से बात कर रहा है।

मेरे पत्र लिखने का कारण बहुत ही सरल है। पिछले सप्ताह रात के समय रखवाली करते हुए आपने जो बहादुरी दिखाई वह सचमुच काबिले तारीफ है। इसके लिए आपकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। आपने अपनी जान पर खेलकर दो चोरों को छठी का दूध याद दिलाया, यह सचमुच ही बहादुरी का कार्य है। आपकी बहादुरी व वीरता का सम्मान करते हुए मैं इस पत्र के माध्यम से आपका अभिनंदन करता हूँ। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि आप जैसे बहादुर व्यक्ति हमारी कॉलोनी के रक्षक हैं। आपके कारण ही हम सभी कॉलोनी के लोग रात में चैन की नींद सो सकते हैं।

अत: एक बार फिर मैं आपका अभिनंदन करता हूँ। धन्यवाद!

आपका विनीत,
राम चौधरी।

मौलिक सृजन

प्रश्न 1.
‘पुलिस समाज के रक्षक’ इस बारे में अपना मत लिखिए।
उत्तर:
जिस प्रकार सैनिक विदेशी शत्रुओं से देश की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार राष्ट्र-विरोधी तत्त्वों से पुलिस हमारी रक्षा करती है। प्रत्येक राष्ट्र के अपने कानून होते हैं। देश के नागरिक उन कानूनों का पालन करते हैं। परंतु कुछ लोग देश के कानून की अवहेलना कर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, पुलिस विभिन्न अपराधों में उनका चालान कर न्यायालय में प्रस्तुत करती है। पुलिस की अनेक श्रेणियाँ होती हैं। हमारे देश में केंद्रिय रिजर्व पुलिस, यातायात पुलिस, सामान्य पुलिस, सशस्त्र पुलिस और गुप्तचर पुलिस आदि अनेक प्रकार की पुलिस हैं। प्रत्येक राज्य में अपनी अलग-अलग पुलिस हैं।

पुलिस अपराधियों की खोजबीन में हमेशा तत्पर रहती है। पुलिस का कार्य बड़ा कठिन है। राजनेताओं की विभिन्न रैलियों के दौरान सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था बनाए रखना, जुलूसों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करना, हड़ताल, धरनों और बंद के दौरान असामाजिक तत्त्वों से राष्ट्र की सम्पत्ति की रक्षा करना, राजनेताओं की व्यक्तिगत सुरक्षा करना, चोर, डकैतों और लुटेरों से आम नागरिक की रक्षा करना पुलिस का दायित्व है।

पुलिस कर्मचारी चौबीस घंटे खतरों से जूझते हैं। चोर-डकैतों से मुठभेड़ के दौरान घायल हो जाते हैं। भीड़ के द्वारा पथराव की स्थिति में चोट खाते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात में ड्यूटी देनी पड़ती है। विभिन्न प्रकार के अपराधियों को पकड़ना और न्यायालय में प्रस्तुत करना पुलिस का कार्य है। व्यक्तिगत झगड़ों में हस्तक्षेप कर समझौता कराना, चोरी हुए माल को बरामद कराना भी पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस प्रकार पुलिस अपने विविधतापूर्ण कार्यों से समाज की रक्षा करने का कार्य करती हैं।

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पाठ के आँगन में…

1. कृतियाँ पूर्ण कीजिए।

(क) संजाल:

प्रश्न 1.
संजाल:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 1
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 2

(ख) लिखिए:

प्रश्न 1.
चौकीदार द्वारा पैसे न देने वाले घरों की भी रखवाली करने का कारण।
उत्तरः
यदि पैसे न देने वाले के घर चोरी-वोरी की घटना हो जाए तो पुलिस चौकीदार को ही पूछेगी और उस पर झूठा आरोप लग सकता है। ऐसा उसके साथ पहले भी हो चुका था। इसलिए वह पैसे न देने वाले घरों की भी रखवाली करता था।

प्रश्न 2.
चौकीदार की असुरक्षा का कारण –
उत्तरः
गुंडे बदमाशों से चौकीदार की मारपीट हो जाती है। शरीफ दिखनेवाले लोग उस पर रोब जताते हैं। इसलिए चौकीदार स्वयं को असुरक्षित महसूस करता है।

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2. नीचे दिए गए अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच शब्द बनाकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

प्रश्न (च)
रातों में सड़क पर लाठी ठोंकते, सीटी बजाकर पहरा देनेवाला
उत्तर:
चौकीदार

प्रश्न (छ)
अपनी जिम्मेदारियाँ तथा कर्तव्य निभाने वाला
उत्तर:
कर्तव्यनिष्ठ

3. घटना के अनुसार वाक्यों का उचित क्रम लगाकर लिखिए:

प्रश्न (त)
ऐसा पहले मेरे साथ हो चुका है साब जी।
उत्तर:
ऐसा पहले मेरे साथ हो चुका है साब जी।

प्रश्न (थ)
जैसी आपकी इच्छा साब जी।
उत्तर:
रात में अकेले घूमते तुम्हें डर नहीं लगता।

प्रश्न (द)
रात में अकेले घूमते तुम्हें डर नहीं लगता।
उत्तर:
जैसी आपकी इच्छा साब जी।

4. ‘लूट-डकैती करने वालों ने चौकीदार से मारपीट की’ यह समाचार पढ़कर मन में आए विचार लिखिए।

प्रश्न 1.
‘लूट-डकैती करने वालों ने चौकीदार से मारपीट की’ यह समाचार पढ़कर मन में आए विचार लिखिए।
उत्तरः
चौकीदार ठंड, वर्षा व गरमी में दिन-रात अपना कर्तव्य निभाकर सबकी सुरक्षा की चिंता करता है। परंतु एक दिन लूट-डकैती करनेवालों ने एक चौकीदार से मारपीट की, यह समाचार पढ़कर मुझे बहुत बुरा लगा। जो निष्कपट भाव से रात के समय सबकी रखवाली करता है, वह स्वयं कितना असुरक्षित और अकेला होता है, इसका अहसास मुझे हुआ। सचमुच, हमारे देश में चौकीदार असुरक्षित होते हैं। उनके पास लाठी और टार्च के अलावा अन्य साधन नहीं होते हैं।

एक लाठी के सहारे वे गुंडे-बदमाश लोगों का सामना नहीं कर सकते हैं। गुंडेबदमाश अपनी टोली के साथ आकर उन्हें मारते-पीटते हैं। अकेले होने के कारण वे उनका सामना नहीं कर पाते हैं। हमारी सरकार को चौकीदारों की सुरक्षा से संबंधित ठोस कानून बनाना चाहिए और उन्हें आवश्यक्तानुसार योग्य शस्त्र इस्तेमाल करने की अनुमति देनी चाहिए।भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ

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भाषा बिंदु

प्रश्न 1.
निम्न वाक्यों में से सर्वनाम एवं क्रिया छाँटकर भेदों सहित लिखिए तथा अन्य पाठ्यपुस्तक से खोजकर नए वाक्य बनाइए।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 3
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 4

प्रश्न 2.
निम्न में से संज्ञा तथा विशेषण पहचानकर भेदों सहित लिखिए तथा अन्य पाठ्यपुस्तक से खोजकर नए वाक्य बनाइए।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 5
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 6

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 10 रात का चौकीदार Additional Important Questions and Answers

(क) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 7

प्रश्न 2.
किसने, किससे कहा?
1. साब, जी पैसे?
2. अच्छा एक बात बताओ बहादुर, महीने में तुम्हें कितने घरों से पैसे मिल जाते हैं?
उत्तर:
1. चौकीदार ने लेखक से कहा।
2. लेखक ने चौकीदार से कहा।

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प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 8

प्रश्न 4.
समझकर लिखिए।
1. चौकीदार की जिम्मेदारी
2. चौकीदार द्वारा पैसे माँगने की तारीख
उत्तरः
1. चौकसी रखना।
2. हर महीने की पहली तारीख को।

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
परिच्छेद में आए हुए अंग्रेजी महीनों के नाम।
उत्तर:
1. दिसंबर
2. जनवरी

प्रश्न 2.
सत्य या असत्य पहचान कर लिखिए।
1. चौकीदार केवल पैसे के लिए ही काम करता है।
2. चौकीदार झूठे आरोपों से डरता है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

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प्रश्न 3.
प्रस्तुत गद्यांश को पढ़कर ऐसे प्रश्न बनाइए कि जिनका उत्तर निम्न शब्द हों।
1. तीज
2. चौकीदार
उत्तरः
1. प्रस्तुत गद्यांश में किस त्योहार का नाम आया है?
2. कॉलोनी में रातभर कौन चक्कर लगाता है?

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘कर्म ही पूजा है।’ इस विषय पर अपने विचारों को अभिव्यक्त कीजिए।
उत्तर:
कर्म मनुष्य के जीवन का आधार है। कर्म का अर्थ है, हमारे द्वारा किए जाने वाले कार्य। कर्म से ही मनुष्य पहचाना जाता है। कर्म ही उसकी छवि समाज के सम्मुख बनाए रखते हैं। यदि मनुष्य के कर्म बुरे हैं, तो समाज द्वारा उसे नकारा जाता है। अच्छे कर्म उसे आदर व सम्मान का पात्र बनाते हैं। कर्म मनुष्य जीवन को सार्थक करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कर्मप्रधान मनुष्य मानवता का कल्याण करने में समर्थ होता है। गांधी जी के अच्छे कर्मो के कारण ही भारत आज़ाद हुआ। नेल्सन मंडेला ने अफ्रीका को आज़ाद कराया। इनके कर्म ही तो थे, जो आज भी लोगों द्वारा पूजे जाते हैं।

(ख) परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन

प्रश्न 1.
किसने, किससे कहा लिखिए।
1. बड़े आदमी को डर लगता है तो फिर हम तो बहुत छोटे आदमी हैं।
2. सोते कब हो तुम?
उत्तर:
1. चौकीदार ने लेखक से कहा।
2. लेखक ने चौकीदार से कहा।

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प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार 9

पाठ्यांश के आधार पर निम्न वाक्य अपने शब्दों में पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
चौकीदार तब अपनी नींद पूरी करता है
उत्तरः
चौकीदार तब अपनी नींद पूरी करता है जब रोज सुबह आठ नौ बजे कॉलोनी में चक्कर लगाकर सब कुछ ठीक है इसकी तसल्ली कर लेता है।

प्रश्न 2.
लेखक को ठीक से नींद नहीं आई क्योंकि
उत्तरः
लेखक को ठीक से नींद नहीं आई क्योंकि वह चौकीदार के बारे में रातभर सोच रहा था कि वह सबकी सुरक्षा की चिंता करता है; पर स्वयं कितना असुरक्षित और अकेला है ।

उत्तर लिखिए।

प्रश्न 1.
सबेरे उठकर लेखक ने यह निर्णय लिया
उत्तरः
वह चौकीदार को उसके चौकसी करने का पूरा मेहनताना देगा।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार

प्रश्न 2.
इसके प्रति लेखक की श्रद्धा बढ़ गई थी
उत्तरः
चौकीदार के प्रति।

सत्य या असत्य पहचानकर लिखिए।

प्रश्न 1.
चौकीदार असुरक्षित एवं अकेला था।
चौकीदार के माँगने पर तुरंत लेखक ने उसे पैसे दे दिए।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

पाठ के आँगन से

नीचे दिए गए अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच शब्द बनाकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

प्रश्न 1.
जो ईश्वर में विश्वास रखता हो
उत्तर:
आस्तिक

प्रश्न 2.
जो कभी न मरे
उत्तर:
अमर

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार

प्रश्न 3.
जो पहले कभी न हुआ हो
उत्तर:
अभूतपूर्व

प्रश्न 4.
जिस जमीन में कुछ पैदा न हो
उत्तर:
बंजर

प्रश्न 5.
जिसके हृदय में दया न हो
उत्तर:
निर्दय

रात का चौकीदार (पूरक पठन) Summary in Hindi

लेखक-परिचय:

जीवन-परिचय: सुरेश कुशवाहा ‘तन्मय’ जी आधुनिक युग के लेखक एवं कवि हैं। वर्तमान समस्याएँ एवं घटनाओं को अपने लेखन में प्रमुख स्थान देना इनके लेखन की विशेषता है। इन्होंने अपने लेखन के माध्यम से बाल साहित्य को समृद्ध किया है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इनकी रचनाएँ छपती रहती है। कहानी विधा पर भी इनकी लेखनी ने अधिकार जमाया हुआ है।

प्रमुख कृतियाँ: बाल कविता संग्रह – ‘अक्षरदीप जलाएँ’, कहानी – ‘छोटू का दर्द’, काव्य संग्रह – ‘शेष कुशल है ‘ आदि।

गद्य-परिचय:

लघुकथा: हिंदी में लघुकथा नवीनतम् विधा है। लघुकथा का मतलब है एक छोटी कहानी जिसका विषय पूरी तरह से विकसित हो, पर जो किसी उपन्यास से कम विस्तृत हो। हिंदी के अन्य सभी विधाओं की तुलना में अधिक लघु आकार होने के कारण यह समकालीन पाठकों के ज्यादा करीब है।
प्रस्तावना: ‘रात का चौकीदार’ इस पाठ के माध्यम से लेखक ‘तन्मय’ जी ने चौकीदार के माध्यम से कर्म ही पूजा है तथा कर्तव्यनिष्ठा से बढ़कर दूसरा कोई धर्म नहीं है, इस तथ्य को उजागर किया है।

सारांश:

प्रस्तुत पाठ एक लघुकथा है। इस लघुकथा में वर्षा, ठंड व गरमी में कॉलोनी में चक्कर लगाकर रखवाली करने वाले कर्तव्यनिष्ठ चौकीदार का वर्णन किया गया है। कॉलोनी में सौ-सवा सौ से भी अधिक घर होने के बावजूद चौकीदार को कभी साठ घर से पैसे मिलते हैं या कभी पचास घर से। फिर भी वह सभी के घरों की रखवाली करता है। पूरी ईमानदारी व लगन से काम करना ही उसकी कर्मनिष्ठा है। इस पाठ द्वारा लेखक ने कुछ लोगों की मुफ्तखोरी को दर्शाते हुए जन-जागृति की प्रेरणा प्रदान की है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 रात का चौकीदार

शब्दार्थ:

  1. उमस – उष्णता
  2. निरीह – उदासीन, बेचारा
  3. ऊहापोह – उधेड़बुन
  4. पक्का – निश्चित
  5. चौकसी – रखवाली
  6. झिड़कियाँ – डाँट-फटकार
  7. धौंस – धमकी, रोब
  8. गुजारा – निर्वाह

मुहावरे:

1. तसल्ली करना – समाधान करना।
2. चैन की साँस लेना – आश्वस्त होना।

Hindi Lokbharti 9th Digest Answers Pdf पहली इकाई

Class 9 Hindi Chapter 3 Nij Bhasha Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 3 निज भाषा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 9 Hindi Chapter 3 Nij Bhasha Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 9th Digest Chapter 3 निज भाषा Questions And Answers

1. भाषा बिंदु:

प्रश्न 1.
शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तरः

  • घर-घर – स्वतंत्रता सेनानी घर-घर जाकर लोगों को देश के प्रति जागरूक करते थे।
  • ज्ञान-विज्ञान – हमें अपनी भाषा में ज्ञान-विज्ञान का प्रचार करनाचाहिए।
  • भला-बुरा – इतनी-सी बात के लिए किसी को भला बुरा कहना ठीक नहीं।
  • प्रचार-प्रसार – हमें अपनी भाषा का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।
  • भूख-प्यास – लंबी यात्रा में यात्री भूख-प्यास से परेशान
  • भोला-भाला – मोहन भोला-भाला व्यक्ति है।

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2. मौलिक सृजन :

प्रश्न 1.
‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’ इस कश्चन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
i. निज भाषा ……………………….. हिय को सूल।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि अपनी भाषा अर्थात मातृभाषा की उन्नति के द्वारा ही प्रगति संभव है, क्योंकि सारी उन्नतियों का आधार यही है। अपनी भाषा के ज्ञान बिना हृदय की पीड़ा का निवारण संभव नहीं हैं।

ii. अंग्रेजी पढ़ि………………….. हीन के हीन।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि यद्यपि अंग्रेजी भाषा का ज्ञान प्राप्त करने से व्यक्ति सभी गुणों में कुशल हो जाता है। परंतु मातृभाषा के ज्ञान के बिना उसकी अज्ञानता नहीं मिट पाती और वह हीन ही रह जाता

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3. संभाषणीय :

प्रश्न 1.
हिंदी दिवस’ समारोह के अवसर पर अपने वक्तृत्व में हिंदी भाषा का महत्त्व प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर :
मानवीय सभापति महोदय, प्रधानाचार्य जी, मंच उपस्थित अतिथि गण, गुरुजन व मेरे प्यारे साथियों, आज हम सभी यहाँ हिंदी समारोह मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। इस शुभ अवसर पर मैं हिंदी भाषा के महत्त्व के विषय में कुछ कहना चाहूँगा। हिंदी हमारी राजभाषा है। स्वतंत्र भारत के संविधान में हिंदी को भारत की राजभाषा का दर्जा दिया गया है। हिंदी बहुत पहले से देश की संपर्क भाषा रही है। प्रत्येक राष्ट्र अपनी राष्ट्रभाषा के विषय में सजग, सतर्क और संवेदनशील होते हैं, क्योंकि राष्ट्रभाषा देश की एकता, अखंडता उसकी संस्कृति की पहचान होती है।

देश की आजादी की लड़ाई में हिंदी भी एक हथियार बन गई थी। देश के नेता हिंदी में भाषण देते थे और लोगों में अद्भुत जागृति पैदा करते थे। महात्मा गांधी देश के गाँव-गाँव में जाकर हिंदी में ही जनता को संबोधित करते थे। आज देश के हर भाग में हिंदी बोली जाती है। हिंदी अखबार और पत्र-पत्रिकाओं का भी देश में चारों तरफ बहुत प्रचार-प्रसार है। हिंदी एक समृद्ध भाषा है। इस भाषा में देश की मिट्टी की महक है। इसका साहित्य बहुत ऊँचे दर्जे का है।

हिंदी आज विश्व के लगभग ७५ देशों के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है। हिंदी को विश्व में सर्वाधिक फिल्में बनती हैं। सैटलाईट के विदेशी चैनल भी हिंदी माध्यम को अनवरत अपनाते चले जा रहे हैं। हमारे अहिंदी भाषी प्रांतों में भी हिंदी द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ाई जा रही है। प्रथम भाषा के रूप में जब उसे संपूर्ण देश में मान्यता प्राप्त होगी, तभी हमारी हिंदी के प्रति सच्ची श्रद्धा मानी जाएगी।

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4. लेखनीय :

प्रश्न 1.
‘अपने विद्यालय में मनाए गए ‘बाल दिवस’ का वर्णन लिखिए।
उत्तर:
चाचा नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाने वाला ‘बाल-दिवस’ समारोह आज प्रात: ठीक 9 बजे हमारे विद्यालय में मनाया गया। इस समारोह में कक्षा 10 तक के छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर अध्यक्ष थे, सुप्रसिद्ध भजन गायक ‘अनूप जलोटाजी’। उनके आते ही विद्यार्थियों की करतल ध्वनि से सारा हाल गूंज उठा। अध्यक्ष ने मंच पर आते ही सरस्वती जी के फोटो को हार पहनाया व तत्पश्चात पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को हार पहनाया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विजय-प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथी का स्वागत किया एवं उपस्थित लोगों से उनका परिचय कराया। छात्र-छात्राओं ने इस शुभ अवसर पर चाचा नेहरू के जीवन की प्रमुख घटनाओं पर एक लघु नाटक प्रस्तुत किया। बाद में मुख्य अतिथि का भाषण हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च लक्ष्य की ओर प्रेरित किया। अंततोगत्वा प्रधानाचार्य डॉ. विजय-प्रताप सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगीत के समूहगान के साथ ही सगरोह की समाप्ति हुई।

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Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions Chapter 3 निज भाषा Additional Important Questions and Answers

(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति क (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए ।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा 1

प्रश्न 2.
संजाल पूर्ण कीजिए ।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा 2

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
i. निज भाषा “अहै, सब उन्नति को मूल।
ii. पै निज भाषा ….बिन, रहत हीन के हीन ।।
उत्तर:
i. उन्नति
ii. ज्ञान

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(ख) पद्यांश पड़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ख (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा 3 Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा 4

प्रश्न 2.
पद्यांश के आधार पर विधान पूर्ण कीजिए।
i. लाख उपाय अनेक यो,
ii. इक भाषा हक जीव, इक मति
उत्तर:
i. लाख उपाय अनेक यों, भले करे किन कोय।
ii. इक भाषा इक जीव, इक मति सब घर के लोग।

कृति ख (2) : सरल अर्थ

प्रश्न 1.
नीचे दी हुई पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
i. उन्नति पूरी है ………….. मूढ़ सब कोय।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि किसी देश या समाज की संपूर्ण प्रगति तभी होती जब उसके घर की प्रगति होती है अर्थात घर की भाषा (मातृभाषा) की उन्नति होती है। सिर्फ अपने शरीर की अर्थात स्वयं की उन्नति करने से सब लोग अज्ञानी ही बने रहते हैं।

ii. निज भाषा ………………… करे किन कोय।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि अपनी भाषा की उन्नति के बिना कभी भी उन्नति नहीं हो सकती। भले ही कोई लाख उपाय करें अथवा अनेकों प्रकार से प्रयास करें लेकिन उसकी प्रगति संभव नहीं है।

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(ग) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ग (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए ।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा 5

प्रश्न 2.
पद्यांश के आधार पर विधान पूर्ण कीजिए।
i. निजभाषा में कीजिए,
ii. यह गुन भाषा और मह, ……….
उत्तर:
i. निजभाषा में कीजिए, जो विद्या की बात।
ii. यह गुन भाषा और मह, कबहूँ नाहीं होय।

कृति ग (2) : सरल अर्थ

प्रश्न 1.
नीचे दी हुई पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
i. और एक ………………………. कबहूँ नाहीं होय ।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि यदि ज्ञान की बात अपनी भाषा में करते हैं तो एक और भी लाभ स्पष्ट दिखाई देता है जो भी कोई अपनी भाषा की बात को सुनता है, वह लाभान्वित होता है। यह गुण अर्थात यह विशेषता किसी अन्य भाषा में कभी भी नहीं हो सकती। अन्य भाषा में की गई बात को हम पूरी तरह नहीं समझ पाते इसलिए उसका लाभ नहीं उठा पाते हैं।

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(घ) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति घ (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1.
चौखट पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा 6

प्रश्न 2.
उचित पर्याय चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. विविध कला शिक्षा अमित
(क) भाषा विविध लखात
(ख) ज्ञान अनेक प्रकार
उत्तर :
(ख) ज्ञान अनेक प्रकार

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ii. भारत में सब भिन्न अति ………..
(क) भाषा माँहि प्रचार
(ख) ताही सों उत्पात
उत्तर :
(ख) ताही सों उत्पात

कृति घ (2) : सरल अर्थ

प्रश्न 1.
नीचे दी हुई पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
i. विविध कला …………………… भाषा माँहि प्रचार।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि अनेक प्रकार की कलाएं, असीमित शिक्षा तथा विभिन्न प्रकार का ज्ञान सभी देशों से अवश्य लेना चाहिए। लेकिन उस कला, शिक्षा तथा ज्ञान का प्रचार-प्रसार अपनी मातृभाषा में ही करना चाहिए क्योंकि इसके फलस्वरूप अधिक से-अधिक लोग इन विषयों द्वारा लाभ उठा सकेंगे।

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ii. भारत में सब ……………….. भाषा विविध लखात।।
उत्तर:
कवि कहते हैं कि भारत के सभी लोगों में विविधतापूर्ण भिन्नता है यहाँ अनेक देश, अनेक विचार और अनेक भाषाएँ दिखाई देती हैं। जिसके कारण यहाँ उपद्रव भी अधिक होते हैं और समाज में शांति नहीं रह पाती है। अर्थात कवि इस कविता से यह संदेश देते हैं कि अपनी मातृ भाषा की उन्नति करो जिससे देश में एकता स्थापित हो और देश उन्नति करें।

निज भाषा Summary in Hindi

कवि-परिचय :

जीवन-परिचय : भारतेंदु हरिश्चंद्र साहित्य के पितामह कहे जाते हैं। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। ये बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। इन्हें ‘खड़ी बोली का जनक’ कहा जाता है। इन्होंने कविता, नाटक, निबंध, व्याख्यान आदि का लेखन किया।
प्रमुख कृतियाँ : काव्य संग्रहः ‘भारत वीरत्व’, “विजय वैजयंती’, ‘सुमनांजलि’, ‘मधुमकुल’, ‘वर्षा-विनोद’, ‘राग-संग्रह’, हास्य काव्य कतियाँ : ‘बंदर-सभा’, ‘बकरी का विलाप’, हास्य-व्यंग्यप्रधान नाटक ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’

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पद्य-परिचय :

गीत : यह अर्थ सम मात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते है। सम चरणों के अंत में एक गुरू और एक लघु मात्रा होती है।
प्रस्तावना : प्रस्तुत कविता निज भाषा के माध्यम से कवि भारतेंदु हरिश्चंद्र ने अपनी भाषा के प्रति गौरव अनुभव करने, उससे प्रेम करने तथा मिल-जुलकर उन्नति करने का संदेश दिया है।

सारांश :

कवि कहते है कि अपनी भाषा की उन्नति से ही सभी प्रकार की उन्नति संभव है। अपनी भाषा के संपूर्ण ज्ञान के अभाव में व्यक्ति हीन हो जाता है। अपनी भाषा के उन्नति के बिना लाख उपाय करने पर भी व्यक्ति उन्नति नहीं कर पाता। जिस घर में सबकी भाषा एक हो, सबके विचार एक हो तथा आपस में कोई भेदभाव न हो उस घर से दुःख हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। हमें विभिन्न देशों से उनकी कला, शिक्षा तथा ज्ञान अवश्य लेना चाहिए परंतु उसका प्रचार-प्रसार अपनी भाषा में करना चाहिए। क्योंकि इससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। देश में भाषा की भिन्नता के कारण ही आपसी दंगे-फसाद होते हैं। अतः हमें अपनी भाषा की उन्नति करनी चाहिए।

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सरल अर्थ :

निज भाषा …………………. हिय को सूल।।
कवि कहते हैं कि अपनी भाषा अर्थात मातृभाषा की उन्नति के द्वारा ही प्रगति संभव है, क्योंकि सारी उन्नतियों का आधार यही है। अपनी भाषा के ज्ञान बिना हृदय की पीड़ा का निवारण संभव नहीं हैं।

अंग्रेजी पढ़ि ………………………हीन के हीन।।
कवि कहते है कि यद्यपि अंग्रेजी भाषा का ज्ञान प्राप्त करने से व्यक्ति सभी गुणों में कुशल हो जाता है। परंतु मातृभाषा के ज्ञान के बिना उसकी अज्ञानता नहीं मिट पाती और वह हीन ही रह जाता है।

उन्नति पूरी है ……………………….. मूढ सब कोय।।
कवि कहते हैं कि किसी देश या समाज की संपूर्ण प्रगति तभी होती जब उसके घर की प्रगति होती है अर्थात पर की भाषा (मातृभाषा) की उन्नति होती है। सिर्फ अपने शरीर की अर्थात स्वयं की उन्नति करने से सब लोग अज्ञानी ही बने रहते हैं।

निज भाषा …………………………… करे किन कोय।।।
कवि कहते हैं कि अपनी भाषा की उन्नति के बिना कभी भी उन्नति नहीं हो सकती। भले ही कोई लाख उपाय करें अथवा अनेक प्रकार से प्रयास करें लेकिन उसकी प्रगति संभव नहीं है।

इक भाषा ………………………… मूड़ता सोग।।
कवि कहते है कि जब घर में सबकी भाषा एक हो, सब एक भाषा में बातचीत करते हों, सब एक प्राण हों यानि कोई किसी से भेदभाव न करता हो तथा सब एक मत हो अर्थात सभी के विचार एक जैसे हो तभी उस घर में सभी लोगों की एक दूसरे से बनती है तथा आपसी संबंध मधुर होते हैं। ऐसे घर से अज्ञानता और दुख हमेशा के लिए मिट जाता है।

और एक …………………………….. कबहूँ नाहीं होय।।
कवि कहते है कि यदि ज्ञान की बात अपनी भाषा में करते हैं तो एक और भी लाभ स्पष्ट दिखाई देता है जो भी कोई अपनी भाषा की बात को सुनता है, वह लाभान्वित होता है। यह गुण अर्थात यह विशेषता किसी अन्य भाषा में कभी भी नहीं हो सकती। अन्य भाषा में की गई बात को हम पूरी तरह नहीं समझ पाते इसलिए उसका लाभ नहीं उठा पाते हैं।

विविध कला …………………………… भाषा माहि प्रचार।।
कवि कहते हैं कि अनेक प्रकार की कलाएँ, असीमित शिक्षा तथा विभिन्न प्रकार का ज्ञान सभी देशों से अवश्य लेना चाहिए। लेकिन उस कला, शिक्षा तथा ज्ञान का प्रचार-प्रसार अपनी मातृभाषा में ही करना चाहिए क्योंकि इसके फलस्वरूप अधिक-से-अधिक लोग इन विषयों द्वारा लाभ उठा सकेंगे।

भारत में सब ………………….. भाषा विविध लखात।।
कवि कहते हैं कि भारत के सभी लोगों में विविधतापूर्ण भिन्नता है यहाँ अनेक देश, अनेक विचार और अनेक भाषाएं दिखाई देती है। जिसके कारण यहाँ उपद्रव भी अधिक होते हैं और समाज में शांति नहीं रह पाती है। अर्थात कवि इस कविता से यह संदेश देते हैं कि अपनी मातृभाषा की उन्नति करो जिससे देश में एकता स्थापित हे और देश उन्नति करें।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 निज भाषा

शब्दार्थ :

  1. निज – अपनी
  2. अहै – है
  3. मूल – जड़ (आधार)
  4. मिटत न – नहीं मिटती
  5. सूल – शूल (पीड़ा)
  6. जदपि – यद्यपि
  7. प्रवीन – कुशल
  8. पै – परंतु
  9. बिन – बिना
  10. हीन – तुच्छ
  11. उन्नति – प्रगति
  12. पूरी – संपूर्ण
  13. मूढ़ – मूर्ख
  14. कोय – कोई
  15. सोय – वह (उन्नति)
  16. इक – एक
  17. जीव – प्राण/आत्मा
  18. इक मति – एक बुद्धि
  19. तबै – तभी
  20. सबन सौ – सबके साथ
  21. मूढ़ता – अज्ञानता
  22. सोग – दुख
  23. प्रगट – स्पष्ट
  24. लखात – विद्या
  25. तेहि – उसे
  26. सुनी – सुनकर
  27. पावे – पाता है
  28. जो कोय – जो कोई
  29. और – दूसरे
  30. कबहूँ – कभी-भी
  31. होय – होता है
  32. विविध – अनेक
  33. अमित – असीमित
  34. देसन – देश
  35. लै – लेकर
  36. करहू – कीजिए
  37. दिखाई – अनेक
  38. माँहि – में
  39. विविध – अनेक
  40. देस – देश
  41. मतहू – विचार

Hindi Lokvani 9th Std Digest पहली इकाई

Class 9 Hindi Chapter 8 Jhanda Uncha Sada Rahega Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 9 Hindi Chapter 8 Jhanda Uncha Sada Rahega Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 9th Digest Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा Questions And Answers

1. संजाल पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा 1.1

2. निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
हम कितने सुख सपने लेकर, इसको (ठहराते, फहराते, लहराते) हैं।
इस झंडे पर मर मिटने की, कसम सभी खाते हैं।
हिंद देश का है ये झंडा, घर-घर में लहरेगा।
झंडा ऊँचा सदा रहेगा।।
उत्तर:
कवि कहते हैं, हम कितने सुख तथा सपने लेकर इस झंडे को गाड़ते, फहराते और लहराते हैं। हम सब इस झंडे पर मर मिटने की सौगंध खाते हैं। यह हिंदुस्तान का झंडा है, यह घर-घर में लहराएगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा

भाषा बिंदु:

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए चिह्नों के सामने उनके नाम लिखिए तथा वाक्यों में उचित विरामचिह्न लगाइए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा 2.1

संभाषणीय:

प्रश्न 1.
क्रांतिकारियों के जीवन से संबंधित कोई प्रेरणादायी प्रसंग / घटना पर आधारित संवाद बनाकर प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
(चौरीचौरा कांड के विषय में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का संवाद प्रस्तुत करते हुए तीन छात्र)

  • भगत सिंह: मित्रों, आज समय आ गया है कि हम अंग्रेज सरकार का पुरज़ोर तरीके से विरोध करें क्योंकि उनके अत्याचार से हमारी भारत माँ आहत हैं, दुखी हैं।
  • सुखदेव: भारत माँ के लिए तो हम अपनी जान भी दे सकते हैं बताओ मित्र हमें क्या करना है?
  • राजगुरु: हमने तो अपने सर पर कफन बाँध लिया है बताओ दोस्त हमें किस घटना को अंजाम देना है?
  • भगत सिंह: मित्रों, आने वाली 4 फरवरी को हमें चौरीचौरा कस्बे के पुलिस चौकी पर हमला करना है तथा उस चौकी को नष्ट करना है क्योंकि यही वह चौकी है, जो गोरखपुर शहर जाने के मार्ग पर स्थित है बिना इसे नष्ट किए हमारे साथी क्रांतिकारी शहर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं।
  • सुखदेव: मित्र, हम अंग्रेज सरकार की ईंट से ईंट बजा देगें तथा ऐसा हमला करेगें कि उनके पास बचने के कोई उपाय नहीं होंगे।
  • राजगुरु: वह सब तो ठीक है दोस्तों लेकिन हमें गुप्त रूप से अपनी योजना की जानकारी दूसरे क्रांतिकारी मित्रों तक पहुँचानी होगी। इस काम में हमारी मदद करेगें बाबू रामप्रसाद बिस्मिल। योजना के अनुसार 3 फरवरी से ही हमारे क्रांतिकारी मित्र चौरीचौरा कस्बे में जमा होना शुरू हो जाएँगे और ठीक 4 तारीख को आधी रात के समय चौकी पर हमला किया जाएगा।
  • भगत सिंह: दोस्तों, यही जालियावाला बाग कांड के शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मित्रों एक बार साथ में बोलो-भारत माता की जय!
  • सुखदेव: भारत माता की जय!
  • राजगुरु: मातृभूमि की जय!
  • सब साथ में: भारत माता की जय ! मातृभूमि की जय!

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लेखनीय:

प्रश्न 1.
राष्ट्र का गौरव बनाए रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किए सराहनीय कार्यों की सूची बनाइए।
उत्तर:

प्रधानमंत्री का नाम राष्ट्र गौरव के कार्य
1. पं. जवाहर लाल नेहरू 1. गुट निरपेक्ष आंदोलन की रचना
2. इंदिरा गांधी 1. परमाणु कार्यक्रम की शुरूआत
2. बैंकों का राष्ट्रीकरण करना
3. राजीव गाँधी 1. गुट निरपेक्ष आंदोलन का नेतृत्व।
2. भारत को कम्प्यूटर से जोड़ना।
4. पी. वी. नरसिम्हा राव 1. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष नीति का प्रारंभ।
2. परमाणु कार्यक्रमों की शुरूआत करना।
5. इन्द्र कुमार गुजराल 1. श्रीलंका में शांति सेना भेजना।
6. अटल बिहारी वाजपेयी 1. कारगिल युद्ध में विजय
2. पोखरण में परमाणु परीक्षण।
3. संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण।
7. डा. मनमोहन सिंह 1. भारतीय अर्थ व्यवस्था को विश्व अर्थ व्यवस्था के साथ जोड़ देना।

आसपास:

प्रश्न 1.
अपने जिले में सामाजिक कार्य करने वाली किसी संस्था का परिचय निम्न मुददों के आधार पर प्राप्त करके टिप्पणी बनाइए।
उत्तर:
मेरे अमरावती जिले में एक गैर सरकारी संस्था (हुद) कार्य कर रही है। ये संस्था बिना किसी सरकारी भागीदारी के समाज में अपना कार्य करती है। जिले में गैर सरकारी संगठन का कार्य अच्छे से चल रहा है। ये संस्था लोगों की सहायता के साथ-साथ स्वशिक्षा, शिक्षा के लिए अनुदान की व्यवस्था, गरीब लोगों को आर्थिक मदद की जरूरत भी पूरी करती है। जिले में इस संस्था के द्वारा गरीबों के भोजन व स्वच्छ पेय जल का पता लगाने एवं जरूरतमंद की मदद करने का कार्य अच्छी तरह से किया जा रहा है। उत्पीड़न के शिकार लोगों की मदद करना इस संस्था का मुख्य कार्य है। ये समुदाय धर्म विशेष पर ध्यान नहीं देती। ये तो सभी धर्मों का समान सम्मान करती है। मेरे जिले में इस संगठन का कार्य बहुत ही सराहनीय है। इस संगठन में ‘द चिल्ड्रेस लीगल सेंटर’ के द्वारा बच्चों के अधिकारों का पूर्ण रूप से ध्यान दिया जाता है।

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कल्पना पल्लवन:

प्रश्न 1.
‘मेरे सपनों का भारत’ इस कल्पना का विस्तार अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर:
‘मेरे सपनों का भारत कैसा हो?’ इस पर मेरे मन में कई तरह के विचार उत्पन्न होते हैं। लेकिन मैं चाहता हूँ कि मेरे सपनों का भारत सुखी और संपन्न हो, सभी देशवासी शिक्षित हों, बेरोजगारी की समस्या दूर हो और भारत एक कर्मनिष्ठ तथा आत्मनिर्भर देश बनें। मेरे सपनों का भारत ऐसा हो जहाँ लोग मर्यादाओं का पालन करें तथा सभी देशवासियों में विश्व बंधुत्व की भावना हो। लोग सभी धर्मों का आदर करें तथा जातिगत का बंधन न हो। समाज मुक्त हो, सभी को एक जैसा अधिकार मिले। समाज में शोषण और अत्याचार न रहे। ‘सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा’ यह प्रेरणादायी पंक्तियाँ एक हकीकत बने और जब यह संभव होगा तभी हम देश पर गर्व कर पाएँगे। विश्व की प्राचीनतम सभ्यता इसी पावन धरती पर फली थी।

न जाने कितने ही महापुरुषों ने इस पवित्र धरती पर जन्म लिया है। इसी देश ने विश्व को वेद-पुराणों तथा गीता का संदेश सुनाया था। इसी भारतवर्ष ने संसार को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का पाठ पढ़ाया था। मैं चाहता हूँ कि मेरे सपनों का भारत एक परिवार के समान हो। जहाँ कोई भेदभाव न हो। लोगों में परोपकार की भावना हो। भारतवर्ष एक कृषि प्रधान देश है; इसलिए किसान हमारे लिए देवता के समान हैं। जो हमारे लिए अन्न का उत्पादन करते हैं। इसलिए गाँव में सिंचाई की सुविधा होनी चाहिए ताकि किसान वर्षा की अनिश्चिता से मुक्त हो सके। हमारा देश जो गाँवों में बसता है; वहाँ हर प्रकार की बुनियादी सुविधा हो जिससे गाँव के लोगों को शहर की तरफ जाने की जरूरत न पड़े।

किसी भी देश के विकास के लिए आवश्यक है शिक्षा और चिकित्सा। इसलिए गाँवों में स्कूल तथा स्वास्थ्य सेवा का ऐसा प्रावधान होना चाहिए जिससे लोगों को अपने बच्चों की शिक्षा तथा सबके स्वास्थ्य को लेकर निश्चिंतता हो। हमारे देश में व्यवसायी वर्ग उपेक्षित है। किसान और मजदूर अपने खून को पसीना बनाने में नहीं हिचकते लेकिन लोग उन्हें आदर की दृष्टि से नहीं देखते हैं। मेरे सपनों के भारत में व्यापारी वर्ग, किसान व मजदूर खुशहाल होने चाहिए। इस प्रकार ‘मेरे सपनों का भारत’ ऐसा होना चाहिए कि हम सारे विश्व के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करें।

Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा Additional Important Questions and Answers

(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति क (2): सरल अर्थ

प्रश्न 1.
प्रथम छह पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
कवि देश के तिरंगे झंडे का गौरव-गान करते हुए कहते हैं कि यह सर्वदा ऊँचा रहेगा, सदा ऊँचा रहेगा। भारत देश का प्यारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा। कवि कहते हैं हमारे देश का झंडा तूफानों और बादलों से भी नहीं झुकेगा, अर्थात बड़े से बड़े शत्रुओं के आक्रमण से भी नहीं झुकेगा। कभी नहीं झुकेगा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा

(ख) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ख (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा 3

कृति ख (2): सरल अर्थ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
शान हमारी ये झंडा है, ये अरमान हमारा,
ये बल पौरुष है सदियों का, ये बलिदान हमारा।
जीवन-दीप बनेगा, ये अंधियारा दूर करेगा।
झंडा ऊँचा सदा रहेगा।।
उत्तर:
कवि कहते हैं, ये तिरंगा झंडा हमारी शान और हमारा अरमान है। यह झंडा सदियों के शक्ति-पराक्रम और हमारे बलिदान की निशानी है। यह तिरंगा हमारे जीवन का दीपक बनेगा तथा अंधकार को दूर करेगा, अर्थात कठिनाइयों और बुराइयों को दूर करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

(ग) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ख (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा 4

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए।
1. हम यह कसम खाते हैं –
2. झंडा यहाँ लहरेगा –
उत्तर:
1. झंडे पर मर मिटने की।
2. घर-घर में।

झंडा ऊँचा सदा रहेगा Summary in Hindi

कवि-परिचय:

जीवन-परिचय: रामदयाल पांडेय जी का जन्म बिहार में हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राष्ट्रभाव के महान कवि थे। साहित्य को जीने वाले, अपने धुन के पक्के, आदर्श कवि और विद्वान संपादक के रूप में प्रसिद्ध रहे तथा उनके संस्थाओं से जुड़े रहे।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा

पद्य-परिचय:

प्रेरणा गीत: प्रेरणागीत हिंदी साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण विधा है। यह हमारे दिलों में उतर कर हमारी जिंदगी को संघर्ष करने की शक्ति और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

प्रस्तावना: प्रस्तुत कविता ‘झंडा ऊँचा रहेगा’ में कवि पांडेय जी ने अपने देश के झंडे का गौरवगान विभिन्न स्वरूपों में किया है।

सारांश:

कवि कहते हैं, हमारे देश का झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा। यह विकट से विकट परिस्थिति में भी नहीं झुकेगा। इस झंडे में तीन रंग की पट्टियाँ हैं और बीच में एक चक्र है। केसरिया रंग शक्ति का प्रतीक है। यह हमारे अंदर शक्ति भरने वाला है, सफेद रंग सच्चाई का प्रतीक है, हरा रंग हमारी धरती की हरियाली का प्रतीक है और चक्र गतिशीलता का प्रतीक है। यह झंडा हमारी शान, अरमान, बल पौरुष तथा बलिदान है। यह झंडा हर घर में लहराएगा। यह झंडा दुनिया के कोने-कोने में अपना संदेश सुनाएगा। हम इस झंडे पर मर मिटने की कसम खाते हैं।

सरल अर्थ:

ऊँचा सदा ………………… ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि देश के तिरंगे झंडे का गौरव-गान करते हुए कहते हैं कि यह सर्वदा ऊँचा रहेगा, सदा ऊँचा रहेगा। भारत देश का प्यारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

टूफानों से ……………….. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं हमारे देश का झंडा तूफानों और बादलों से भी नहीं झुकेगा, अर्थात बड़े से बड़े शत्रुओं के आक्रमण से भी नहीं झुकेगा। कभी नहीं झुकेगा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

केसरिया बल ……………. ऊँचा रहेगा।।
कवि कहते हैं, तिरंगे झंडे का केसरिया रंग देश की शक्ति का प्रतीक है, यह हमारे अंदर शक्ति भरता है, सफेद रंग शांति और सत्य का प्रतीक है, यह हमें सच्चाई का मार्ग दिखाता है, हरा रंग भूमि की पवित्रता, उर्वरता और वृद्धि को दर्शाता है और चक्र यह हमें उन्नति के मार्ग पर हमेशा कदम बढ़ाते रहने का संदेश देता है। हमारा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

शान हमारी ……………………… ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, ये तिरंगा झंडा हमारी शान और हमारा अरमान है। यह झंडा सदियों के शक्ति-पराक्रम और हमारे बलिदान की निशानी है। यह तिरंगा हमारे जीवन का दीपक बनेगा तथा अंधकार को दूर करेगा, अर्थात कठिनाइयों और बुराइयों को दूर करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

आसमान में …………………….. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, तिरंगा झंडा आसमान और बादल में हमेशा लहराता रहे। यह झंडा जहाँ-जहाँ जाए अपनी बात, अपना संदेश और अपना संवाद लोगों को सुनाए, अर्थात लोगों को सत्य-अहिंसा और भाईचारे का संदेश दे। आज हिंदुस्तान ही ऐसा देश है जो पूरे संसार को भेद-भाव और हिंसा जैसी बुराइयों से आजाद करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

नहीं चाहते …………………. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, हम दुनिया को अपना दास नहीं बनाना चाहते, दूसरों की बात और फटकार नहीं सुनना चाहते तथा हम दूसरों के मुँह का निवाला भी छीन कर नहीं खाना चाहते। हमारा खून हमेशा सत्य और न्याय के लिए बहेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

हम कितने ………………………. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, हम कितने सुख तथा सपने लेकर इस झंडे को गाड़ते, फहराते और लहराते हैं। हम सब इस झंडे पर मर मिटने की सौगंध खाते हैं। यह हिंदुस्तान का झंडा है, यह घर-घर में लहराएगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 8 झंडा ऊँचा सदा रहेगा

शब्दार्थ:

  1. सदा – हमेशा
  2. बल – शक्ति
  3. शान – गरिमा, मर्यादा
  4. अरमान – इच्छा
  5. पौरुष – पुरुषार्थ, पराक्रम, साहस
  6. दास – सेवक, गुलाम
  7. फटकार – डाँट
  8. लहू – खून, रक्त
  9. लहराना – फहराना
  10. कसम – सौगंध

Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 9 Mere Pita Ji Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 9 Mere Pita Ji Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 9 मेरे पिता जी Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 9 मेरे पिता जी (पूरक पठन) Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 9 मेरे पिता जी Textbook Questions and Answers

1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कारण लिखिए।

प्रश्न (क)
विमान के प्रति लेखक का आकर्षित होना-
उत्तर:
दो विमान लेखक को अपनी ओर बार-बार खींच रहे थे। मानो वे उसे सीमाओं के परे मनुष्य की सोचने की शक्ति की जानकारी दे रहे थे और मानो वे उसके सपनों को पंख लगा रहे थे।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न (ख)
लेखक का एयरोनॉटिकल इंजिनियरिंग को अपना अध्ययन क्षेत्र चुनना –
उत्तर:
लेखक का एयरोनॉटिकल इंजिनियरिंग को अपना अध्ययन क्षेत्र चुनना क्योंकि उड़ान भरने के प्रति वे आकर्षित थे।

पहली बार मैंने एम. आई. टी. में निकट से विमान देखा था, जहाँ विद्यार्थियों को विभिन्न सब- सिस्टम दिखाने के लिए दो विमान रखे थे। उनके प्रति मेरे मन में विशेष आकर्षण था। वे मुझे बार – बार अपनी ओर खींचते थे। मुझे वे सीमाओं से परे मनुष्य की सोचने की शक्ति की जानकारी देते थे तथा मेरे सपनों को पंख लगाते थे। मैंने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग को अपना अध्ययन क्षेत्र चुना क्योंकि उड़ान भरने के प्रति मैं आकर्षित था। वर्षों से उड़ने की अभिलाषा मेरे मन में पलती रही। मेरा सबसे प्यारा सपना यही था कि सुदूर आकाश में ऊँची और ऊँची उड़ान भरती मशीन को हैंडल किया जाए।

2. स्वमत –

3. ‘मेरी अभिलाषा’ विषय पर छह से आठ पंक्तियाँ लिखिए।

प्रश्न 1.
‘मेरी अभिलाषा’ विषय पर छह से आठ पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर:
जिंदगी सिर्फ चार दिन की होती है। छोटी-सी इस जिंदगी में सभी को आसमान में उड़ाने की चाह होती है। यानी सभी को अपनी-अपनी अभिलाषा होती है। मेरी भी अपनी एक अभिलाषा है। वह है वैज्ञानिक बनने की। मैं वैज्ञानिक बनकर भारत में अनुसंधान का कार्य करना चाहता हूँ। विज्ञान के क्षेत्र में भारत का नाम गर्व से ऊँचा करना चाहता हूँ।

नए-नए अन्वेषण करके मैं सभी का जीवन सुखकर करना चाहता हूँ। वैज्ञानिक बनकर सभी बच्चों के मन में विज्ञान के प्रति प्रेम-आकर्षण निर्माण करना चाहता हूँ। वैज्ञानिक बनकर मानवता के लिए कार्य करने के लिए मैं सदैव तत्पर हूँ। मैं मेरी यह अभिलाषा पूर्ण करने के लिए अथक प्रयास व परिश्रम कर रहा हूँ। मुझे आशा है कि मेरी यह अभिलाषा जरूर पूरी हो जाएगी।

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए

प्रश्न 1.
संजाल:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 1
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 2

2. ‘अपना व्यक्तित्व समृद्ध करने के लिए अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान उपयुक्त होता है।’ इस पर अपने विचार लिखिए।

प्रश्न 1.
‘अपना व्यक्तित्व समृद्ध करने के लिए अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान उपयुक्त होता है।’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
भाषा विचारों के आदान-प्रदान का साधन है। भाषा से ही व्यक्ति का विकास होता है। बिना भाषिक ज्ञान से व्यक्ति जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता है। बहुभाषी होना तो सोने पे सुहागा जैसी ही बात है। अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान होने से व्यक्ति के ज्ञान की कक्षाएँ फैल जाती हैं। वह एक भाषा के साथ दूसरी भाषा के भाव व विचार संकलित करता है।

अन्य भाषाओं का ज्ञान होने से व्यक्ति को अन्य प्रांतों में भी सम्मान की भावना मिल जाती है। अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान होने से व्यक्ति की विचार करने की क्षमता में भी वृद्धि होती है। ऐसा व्यक्ति भाषण या लेखन करते समय अन्य भाषाओं में प्रचलित संदर्भ या उदाहरणों को आसानी से प्रयोग कर सकता है। इसीलिए अपना व्यक्तित्व समृद्ध करने के लिए अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान उपयुक्त होता है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

पाठ के आँगन में…

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

प्रश्न (क)
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर उनके लिए पाठ में प्रयुक्त विशेषताएँ लिखिए।

  1. जूता
  2. पाजामा
  3. अचकन
  4. टोपी

उत्तरः

  1. काला
  2. ढीला
  3. लंबी व इकहरी
  4. दुपल्ली

प्रश्न (ख)
‘संयुक्त परिवार’ संबंधी अपने विचार लगभग छह से आठ पंक्तियों में लिखिए।
उत्तरः
संयुक्त परिवार प्रणाली भारतीय संस्कृति का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र है। आज के इस परिवर्तनशील युग में संयुक्त परिवार प्रणाली विभक्त होती जा रही है। संयुक्त प्रणाली में सभी मिल-जुलकर रहते थे। संयुक्त परिवार प्रणाली व्यापक एवं विशाल स्वरूप की थी। उसका दृष्टिकोण भी व्यापक था। सदस्यों की संख्या भी अधिक होती थी।

परिवार का मुखिया परिवार का संचालन करता था। चाचा-चाची, माँ-बाप, दादादादी, चचेरे भाई-बहन सभी संयुक्त परिवार में मेल-मिलाप से रहते थे। आज भले ही संयुक्त प्रणाली की जगह विभक्त परिवार प्रणाली आ गई है; फिर भी आज कई परिवार ऐसे हैं जो संयुक्त परिवार में रहना पसंद करते हैं। संयुक्त परिवार प्रणाली प्रेम व सहयोग से एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहना सिखाती है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

भाषा बिंदु

प्रश्न 1.
विरामचिह्न पढ़िए, समझिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 3

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 9 मेरे पिता जी Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 4

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 5

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर उनके लिए पाठ में प्रयुक्त विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 6

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. गुलूबंद
2. लाठी
उत्तर:
1. जाड़ों में लेखक के पिता के गले में क्या पड़ा रहता था?
2. लेखक के पिता ने किसकी तालीम ली थी?

प्रश्न 5.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. लेखक के गाँव में किसी कारण हिंदू-मुस्लिम दंगा हो गया था।
2. लेखक के पिता दफ्तर से बाहर निकलते समय धोती पर बंद गले का कोट पहनते थे।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न 6.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 7

कृति (2): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
सभी का प्रिय बनने के लिए हमें क्या करना चाहिए? अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
सभी का प्रिय बनने के लिए हमें सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। अपनी वाणी एवं अपने कर्म से सभी को अपनी ओर आकर्षित करना चाहिए। हमें संकट की घड़ी में दूसरों की मदद करनी चाहिए। अपने अच्छे व्यवहार से सभी का दिल जीत लेना चाहिए। हमें मानवीय गुणों का पालन करना चाहिए और अपने प्रत्येक कार्य से दूसरों को प्रेरणा देनी चाहिए।

(ख) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1):आकलन कृति

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
पिता जी हाथ में डंडा लिए थे।
उत्तर:
आत्मरक्षा के लिए पिता जी हाथ में डंडा रखते थे।

प्रश्न 2.
हिंदू-मुसलमान को मेल से रहना चाहिए।
उत्तरः
साथ में भाईचारे से रहने के उद्देश्य से हिंदू-मुसलमान को मेल से रहना चाहिए।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

कृति पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 8

सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
हिंदू-मुसलमानों के कटने मरने से…………….
उत्तर:
(क) न हिंदुत्व समाप्त होगा न इस्लाम खत्म होगा।
(ख) न बंधुत्व समाप्त होगा न भाईचारा खत्म होगा।
(ग) न प्रेम समाप्त होगा न अमन खत्म होगा।

प्रश्न 2.
लेखक के पिता जी का लोगों पर असर हुआ और
(क) उनके मुहल्ले में अशांति बनी रही।
(ख) उनके मुहल्ले में वैमनस्य बढ़ने लगा।
(ग) उनके मुहल्ले में शांति बनी रही।
उत्तर:
1. हिंदू-मुसलमानों के कटने मरने से न हिंदुत्व समाप्त होगा न इस्लाम खत्म होगा।
2. लेखक के पिता जी का लोगों पर असर हुआ और उनके मुहल्ले में शांति बनी रही।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘इंसान मेल से रहने के लिए बना है।’ इस कथन से संबंधित अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
इंसान ईश्वर की सबसे सुंदर कृति है। इंसानियत इंसान का सबसे बड़ा धर्म है। इस धर्म से बढ़कर अन्य धर्म नहीं है। अतः धर्म के नाम पर एक-दूसरे के साथ लड़ना-झगड़ना उचित नहीं है। मानव जीवन अत्यंत मूल्यवान है। अत: इस जीवन में हमें एक-दूसरे के साथ अच्छे संबंध निर्माण करने चाहिए। जब व्यक्ति एक-दूसरे के साथ मेल से रहेगा तब समाज में शांति, प्रेमभाव, अमन का राज्य निर्माण हो जाएगा। चार दिन की इस जिंदगी में खुश रहने के लिए व्यक्ति को एक-दूसरे के साथ मेल से रहना चाहिए।

(ग) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्य गद्यांश के क्रम के अनुसार लिखिए।

  1. पैदल आते।
  2. साथ में एक सुराही गंगाजल भी लाते।
  3. वे सवेरे तीन बजे उठते।
  4. वे ठीक साढ़े छह बजे नहाकर लौटते।

उत्तर:

  1. वे सवेरे तीन बजे उठते।
  2. पैदल आते।
  3. वे ठीक साढ़े छह बजे नहाकर लौटते।
  4. साथ में एक सुराही गंगाजल भी लाते।

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 9

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. मूर्ति
2. मानस
उत्तर:
1. पूजा की कोठरी में क्या नहीं थी?
2. लेखक के पिता किसका नवाहिक पाठ करते थे?

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘छात्र का दैनिक जीवन किस प्रकार का होना चाहिए?’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
छात्र का दैनिक जीवन सुव्यवस्थित होना चाहिए ताकि वह संपूर्ण दिन में अपना प्रत्येक कार्य सुचारू रूप से कर सकें। छात्र को सुबह जल्दी उठकर, नहा-धोकर ईश्वर चिंतन में थोड़ा समय देना चाहिए। पश्चात स्कूल में समय पर पहुँचना चाहिए। स्कूल की पढ़ाई-लिखाई में पूरा ध्यान देकर गृहकार्य भी समय पर करना चाहिए। स्कूल से घर आने के पश्चात कुछ समय खेलकूद के लिए भी देना चाहिए। अपने परिवार एवं मित्र के साथ टहलने के लिए भी समय देना चाहिए। साथ ही अपने निजी शौक के लिए भी छात्र को समय देना चाहिए। रात में सोते समय ईश्वर का ध्यान करना चाहिए।

(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. लेखक के पिता का स्वर साफ, सप्राण व लयपूर्ण था।
2. लेखक के पिता की आवाज सुरीली थी।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 10

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 11

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
परिवार के अन्य लोग लेखक के पूर्व जन्म के धार्मिक संस्कार की कल्पना करते थे।
उत्तरः
बचपन में लेखक जब रोने लगते थे तब उन्हें खटोले सहित पूजा की कोठरी के सामने रख दिया जाता। वहाँ आने के बाद लेखक का रोना बंद हो जाता था। इसलिए परिवार के अन्य लोग लेखक के पूर्व जन्म के धार्मिक संस्कार की कल्पना करते थे।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘घर व परिवार संस्कार के प्रमुख केंद्र होते हैं।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
संस्कार पढ़ाए नहीं जाते हैं। वे अपने आप आ जाते हैं। घर व परिवार ही एक ऐसा माहौल है; जिसमें बच्चों का संस्कार निर्माण होता है। यदि घर व परिवार में धार्मिक माहौल है तो बच्चों पर अपने आप धार्मिक संस्कार का निर्माण हो जाता हैं। कोई भी पाठशाला संस्कार नहीं प्रदान कर सकती। वह सिर्फ शिक्षा दे सकती है। सिर्फ घर-परिवार में अच्छा माहौल हो, तो बच्चों में नैतिक संस्कार एवं मानवीय गुण अपने आप आ जाते हैं। बच्चे जन्म से अपने परिवार के संग होते हैं। घर पर मिलने वाली शिक्षादीक्षा एवं घर-परिवार के लोगों के अच्छे आचरण का बच्चों पर प्रभाव पड़ता है। इससे बच्चों में संस्कार पनपने लगते हैं।

(ङ) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 12

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
लेखक के पिता जी मौन रहकर गीता पढ़ते थे।
उत्तरः
लेखक के पिता जी गीता पर चिंतन करना चाहते थे। इसलिए वे मौन रहकर गीता पढ़ते थे।

प्रश्न 2.
लेखक के पिता को संस्कृत उच्चारण से सुख न मिलता था।
उत्तर:
लेखक के पिता को संस्कृत उच्चारण से सुख न मिलता था। क्योंकि उन्हें संस्कृत का साधारण ज्ञान था।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न 3.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 13

(च) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों को गद्यांश के अनुसार सही क्रम में लिखिए।

  1. भोजन समय पर तैयार न होने पर पिता जी को बहुत गुस्सा आता था।
  2. पिता जी नौ बजते-बजते दफ्तर के लिए रवाना हो जाते।
  3. पिता जी के गुस्सा हो जाने पर माँ काँपने लगती थी।
  4. पिता जी रसोई में बैठकर भोजन करते।

उत्तर:

  1. पिता जी रसोई में बैठकर भोजन करते।
  2. पिता जी नौ बजते-बजते दफ्तर के लिए रवाना हो जाते।
  3. भोजन समय पर तैयार न होने पर पिता जी को बहुत गुस्सा आता था।
  4. पिता जी के गुस्सा हो जाने पर माँ काँपने लगती थी।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. पैंतीस
2. पूरियाँ
उत्तर:
1. लेखक के पिता जी ने कितने वर्षों तक नौकरी की?
2. लेखक की माँ जल्दी-जल्दी क्या बनाती?

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
घर की तीनों बूढ़ियाँ लेखक की माँ पर चिल्लाती थीं –
उत्तरः
लेखक के पिता के लिए भोजन ले जाने के लिए कोई आदमी न मिलने पर उन्हें दफ्तर में पूरा दिन उपवास करना पड़ता था।
अत: घर की तीनों बूढ़ियाँ लेखक की माँ पर चिल्लाती थीं।

प्रश्न 2.
घर की तीनों बूढ़ियों को भूखा रहना पड़ता था –
उत्तर:
लेखक के पिता को पूरा दिन भूखा रहने के कारण लेखक की माँ भी भूखी ही रह जाती थी। अत: माँ के भूखे रहने के कारण घर की तीनों बूढ़ियाँ भी भूखी ही रह जाती थीं।

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘हमें समय का पालन करना चाहिए।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
समय का पालन करना, समय के अनुसार काम करना एवं समय पर चलना जीवन में अत्यावश्यक है। यदि हम अपने जीवन में समय का पालन करेंगे तो हमारा सारा काम समय पर पूरा हो जाएगा। समय का पालन करने से हम अपने गंतव्य स्थान पर ठीक समय से पहुँच जाएँगे। हमें देरी नहीं होगी। समय का पालन करने से हमारे अंदर अनुशासन बढ़ेगा। समाज में हमें अपने आप प्रतिष्ठा एवं सम्मान प्राप्त हो जाएगा। समय का पालन करने से व्यक्ति स्वावलंबी बनेगा। इसीलिए हमें समय का पालन करना चाहिए।

(छ) परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. पिता जी का दफ्तर से लौटने का कोई निश्चित समय नहीं था।
2. पिता जी पूरे दिन में लगभग चालीस मील चला करते थे।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
1. तीन
2. गंगा
उत्तर:
1. लेखक के पिता जी सुबह कितने बजे उठते थे?
2. लेखक के पिता सुबह स्नान करने के लिए कहाँ जाते थे?

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प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 14

कृति (2): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘गंगा नदी भारत के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का भंडार है।’ इस कथन के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
गंगा नदी भारत की प्रमुख एवं पुरातन नदी है। इस नदी से भारतीयों की श्रद्धा एवं आस्था जुड़ी हुई है। पुराणों में गंगा नदी का वर्णन आया हुआ है। भगीरथ ने अथक परिश्रम कर गंगा को धरती पर लाया था। लोगों के पापों का नाश करने वाली व सभी के दुखों का हरण करने वाली गंगा नदी भारतीय संस्कृति की शान है। हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्थाएँ गंगा नदी से जुड़ी हुई हैं। गंगा नदी के किनारे कई संस्कृतियाँ विकसित हुई हैं। इसीलिए गंगा नदी भारत के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का भंडार है।

(ज) परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 15

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
पिता जी ने आराम घड़ी खरीदी।
उत्तरः
घर के लोगों को सेंस ऑफ टाइम वक्त का अंदाज देने के लिए पिता जी ने आराम घड़ी खरीदी।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

प्रश्न 2.
लेखक की बड़ी बहन का लड़का घड़ी अपने घर ले गया।
उत्तरः
वह घड़ी उसके नाना लाए थे। इसीलिए नाना की एक निशानी के रूप में वह घड़ी अपने घर ले गया।

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी 16

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
आप अपने पिता जी की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मेरे पिता मेरे लिए आदर्श हैं। उनमें वे सारी योग्यताएँ मौजूद हैं जो एक आदर्श पिता के पास होती हैं। पिता जी हमें अनुशासन के प्रति सचेत करते हैं। क्या सही और क्या बुरा इसके बारे में भी सचेत करते हैं। मेरे लिए मेरे पिता जी एक सच्चे दोस्त की तरह हैं। वे प्रेम, दया एवं सहनशीलता के भंडार हैं। उनके पास ज्ञान का अनमोल भंडार है। उनकी बोली में माधुर्य टपकता है। जीवन में आने वाली परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा मुझे उनसे ही प्राप्त हुई है। जीवन में हर पल यानी सुख-दुख में हमेशा खुश रहना चाहिए यह भी मैंने उनसे ही सीखा है।

मेरे पिता जी (पूरक पठन) Summary in Hindi

लेखक-परिचय:

जीवन-परिचय: हरिवंशराय बच्चन जी का जन्म 27 अगस्त 1907 प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश में हुआ था। बच्चन जी हालावाद के प्रवर्तक थे। ये मूलत: कवि के रूप में जाने जाते हैं। इन्होंने आत्मकथा के माध्यम से गद्य की जो एक नई धारा निर्माण की वह प्रशंसनीय है। ‘मधुशाला’ इनकी प्रसिद्ध रचना है जो हर एक आम आदमी के हृदय में विराजमान है।

प्रमुख कृतियाँ: कविता संग्रह – ‘मधुशाला’, ‘मधुकलश’, ‘निशा निमंत्रण’, ‘एकांत संगीत’, ‘आकुल अंतर’, ‘खादी के फूल’, ‘हलाहल’, ‘धार के इधर उधर’; आत्मकथा के चार खंड – ‘क्या भूलूँ क्या याद करूँ’, ‘नीड़ का निर्माण फिर फिर’, ‘बसेरे से दूर’, ‘दशद्वार से सोपान तक’।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 9 मेरे पिता जी

गद्य-परिचय:

आत्मकथा: आत्मकथा हिंदी साहित्य में गद्य की एक महत्त्वपूर्ण विधा है। इसमें व्यक्ति अपने जीवन काल में घटी घटनाओं और अपनी
कथा स्मृतियों का वर्णन करता है। आत्मकथा सामान्यत: व्यक्ति अपने जीवन के उत्तर काल में लिखता है। इसमें रोचकता व निष्पक्षता होती है।

प्रस्तावना: प्रस्तुत आत्मकथा के अंश में लेखक बच्चन जी ने अपने पिता के व्यक्तित्व एवं चरित्र का वर्णन किया है। इसके साथ ही देश काल की परिस्थितियों का भी जिक्र किया है।

सारांश:

प्रस्तुत पाठ ‘मेरे पिता जी’ आत्मकथा का एक अंश है। प्रस्तुत पाठ में लेखक हरिवंशराय बच्चन जी ने अपने पिता का चित्रण किया है और साथ में यह भी बताया है कि पिता जी द्वारा किए गए संस्कारों का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा। लेखक के पिता जी समय के बड़े पाबंद थे। अपनी पैंतीस वर्ष की नौकरी में वे कभी भी दफ्तर देरी से नहीं गए थे। जब लेखक की माँ उनके लिए भोजन देरी से बनाती थीं तो वे गुस्सा हो जाते थे। लेखक की माँ आस-पास में रहने वाले किसी भी आदमी के हाथों से उनके लिए भोजन दफ्तर में भेज देती थीं। जिस दिन भोजन ले जाने के लिए कोई भी नहीं मिलता; उस दिन लेखक के पिता भूखे रह जाते थे।

इसी कारण लेखक की माँ भी भूखी रहती थीं। लेखक के पिता जी को धर्म के नाम पर दंगा फसाद करने वालों के खिलाफ बहुत नफरत थी। उनका कहना था कि इंसान मेल से रहने के लिए बना है। हिंदू या मुसलमानों के मरने से; न हिंदुत्व समाप्त होगा न इस्लाम। लेखक के पिता बहुत धार्मिक थे। वे सुबह जल्दी उठकर गंगा में स्नान करने जाते थे। पूजा-पाठ में विश्वास रखते थे और मानस का नवाहिक पाठ करते थे। लेखक पर अपने पिता जी के रहन-सहन, व्यक्तित्त्व एवं उनके गुणों का बहुत असर हुआ। उन्हीं के आदर्श विचारों के कारण लेखक के व्यक्तित्व को एक नया आयाम प्राप्त हुआ। इसीलिए लेखक ने अपनी आत्मकथा के इस अंश में अपने पिता जी की खूबियों को दर्शाया है।

शब्दार्थ:

  1. नैमित्तिक – निमित्यसंबंधी
  2. विलायत – विदेश
  3. वाकचातुर्य – वाकपटुता, बोलने में चतुराई
  4. अचेतन – चेतनारहित
  5. चलास – चलने का शौक
  6. सहकर्मी – दफ्तर में साथ में काम करने वाला
  7. आत्मरक्षा – स्वयं की रक्षा
  8. सिरफिरा – पागल
  9. वारदात – घटना
  10. नियमबद्ध – नियम के अनुसार
  11. अचरज – आश्चर्य

Hindi Lokbharti 9th Std Digest दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 2 Billi Ka Bilanguda Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 2 Billi Ka Bilanguda Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा Textbook Questions and Answers

1. सूचनानुसार कृतियाँ कीजिए :

(क) संजाल

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 1

(ख) कहानी के प्रमुख पत्र

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 2

प्रश्न क.
संजाल
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 3

प्रश्न ख.
कहानी के प्रमुख पत्र
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 4

2. उत्तर लिखिए :

बिल्ली के रवैये में आया परिवर्तन।
1. ………………………
2. …………………….

प्रश्न 1.
बिल्ली के रवैये में आया परिवर्तन।
उत्तर:
i. वह घर के सदस्यों के आगे-पीछे फिरने के बजाय रसोई के आसपास कोने में दुबक कर बैठ जाती।
ii. मौका मिलते ही मनचाही चीज खा लेना।

3. स्पष्ट कीजिए :

घर के सदस्यों का बिल्ली के प्रति व्यवहार
पहले और बाद में –

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 5

प्रश्न 1.
घर के सदस्यों का बिल्ली के प्रति व्यवहार
पहले और बाद में –
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 5
उत्तर:

  • खान – पहले – बच्चे कभी-कभी रोटी देते। थाली का जूठन खिलाते।
  • बाद में – चोरी से मनचाही चीज खाना।
  • पान – पहले – बच्चे कभी-कभी दुध पिलाते।
  • बाद में – चोरी से दूध-दही खाना।

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पाठ से आगे :

‘प्राणी हमसे कहते हैं जियो और जीने दो’, इस विषय पर स्वमत प्रकट कीजिए।

प्रश्न 1.
‘प्राणी हमसे कहते हैं जियो और जीने दो’, इस विषय पर स्वमत प्रकट कीजिए।
उत्तरः
“जियो और जीने दो’ ये दो शब्द हैं, किंतु इन दो शब्दों में जिंदगी का सार भरा है । प्रकृति ने सबको जीने का समान अधिकार दिया है। हम किसी का अनिष्ट करेंगे तो हमारा भी अनिष्ट निश्चित है। इंसान, इंसान के रूप में जन्म तो लेता है किंतु उसके कर्म इंसानों जैसे नहीं होते। वह अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अन्य प्राणियों का दोहन करता है। जंगलों की कटाई करता है। यदि हम ऐसा करेंगे, तो इससे हमारा ही नुकसान होगा। बारिश नहीं होगी और वन्य प्राणी भी जंगल कट जाने से गाँवों में घुस आएँगे और हम पर हिंसक आक्रमण कर देंगे। भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ |

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भाषा बिंदु :

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्दों के विलोम खोजिए तथा उनसे नए वाक्य लिखिए।

प्रश्न 1.
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्दों के विलोम खोजिए तथा उनसे नए वाक्य लिखिए।

  1. बिल्ली भी कम समझदार जानवर नहीं है।
  2. अमरू स्वभाव से अल्पभाषी है।
  3. पुरानी विचार धारा और पंरपरा एकदम घपले में पड़ गई है।
  4. अब हम उसे दुत्कार रहे हैं।
  5. दसियों ने इस सुंदर प्रस्ताव का समर्थन किया।
  6. डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।
  7. वह तटस्थ होकर अपने विचार रखता है।
  8. इस भौतिक जीवन में मनुष्य बहुत खुश है।
  9. गर्मियों में सारी धरती शुष्क हो जाती है।
  10. पैसों का अपव्यय नहीं करना चाहिए।

उत्तरः

  1. गधा नासमझ होता है।
  2. आजकल के नेता बहुत वाचाल होते हैं।
  3. आज की युवा पीढ़ी नई विचार धारा को तेजी से अपना रही है।
  4. हम अपने अतिथियों का बहुत सत्कार करते हैं।
  5. जनता ने सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया।
  6. जनता दरबार में मुख्यमंत्री से बात करना सुलभ हो गया है।
  7. मंत्री जी योजनाएं लागू करने में पक्षपात करते हैं।
  8. संत आध्यात्मिक जीवन में खुश रहते हैं।
  9. वर्षा के समय सारी पृथ्वी हरी-भरी हो जाती है।
  10. हमें मैंहगाई को देखते हुए पैसों का मितव्यय करना चाहिए।

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा Additional Important Questions and Answers

(क) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
परिच्छेद से समानार्थी शब्द ढूँढकर लिखिए।
i. प्रसन्न
ii. कोशिश
उत्तर:
i. खुश
ii. प्रयत्न

प्रश्न 2.
वचन परिवर्तन कीजिए।
i. चूहा
ii. बिल्लियाँ
उत्तर:
i. चूहे
ii. बिल्ली

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प्रश्न 3.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।
i. पुरानी × ……..
ii. आपत्ति × …..
उत्तर:
i. नई
ii. सहमति

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘चूहों से हानि’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
अक्सर हम अपने घरों में चूहों की वजह से बहुत परेशान रहते हैं, वे घर में अपने पैरों में लगी गंदगी और मल-मूत्र के माध्यम से बीमारी फैलाते हैं। चूहे घर में रखें अनाज, खाद्य सामग्री के साथ ही जूते, कपड़े, किताबें आदि काटकर बहुत नुकसान करते हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार चूहा नकारात्मक और अज्ञानी शक्तियों का प्रतीक भी माना जाता है। चूहों की मौजूदगी से घर में मौजूद लोगों की बुद्धि का भी विनाश होता है।

(ख) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर :
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 6

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
उपर्युक्त गद्यांश से दो ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके
उत्तर
निम्नलिखित शब्द हों –
i. बोरी
ii. अमरू
उत्तर:
i. रस्सी से किसका मुंह बाँध दिया गया?
ii. बोरी कंधे पर लटकाकर कौन चल दिया?

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प्रश्न 2.
सत्य या असत्य पहचानकर लिखिए।
i. लेखक को बिल्ली से पीछा छुड़ाने की चिंता हुई।
ii. नौकर ने तुरंत बोरी का एक सिरा पकड़कर उसे ऊपर से खोल दिया।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

प्रश्न 3.
गद्यांश के आधार पर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. लेखक ने नौकर को याद दिलाया
ii. लेखक का ध्यान आवाज की तरफ नहीं गया
उत्तर:
i. लेखक ने नौकर को याद दिलाया कि उसे बिल्ली को भूली भटियारिन की तरफ छोड़ कर आना है।
ii. लेखक का ध्यान आवाज की तरफ नहीं गया, क्योंकि वह नहाने में व्यस्त था और कुछ गुनगुना रहा था।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
मानक वर्तनी के अनुसार सही शब्द लिखिए।
i. चिन्ता
ii. अन्दर
उत्तर:
i. चिंता
ii. अंदर

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प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।
i. होशियार × ……….
ii. रात × ………
उत्तर:
i. मूर्ख
ii. दिन

प्रश्न 3.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. दिन
ii. दफ्तर
उत्तर:
i. दिवस
ii. कार्यालय

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
पालतू जानवरों के प्रति हमें सौहार्दपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।’ इस संबंध में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जानवरों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है। गाय, बैल, भैंस, कुत्ता, घोड़ा आदि जानवर बहुत उपयोगी हैं। हमें उन्हें प्रेम से पालना चाहिए। ये जानवर हमारे साथ हमारे घर में रहकर परिवार के सदस्य जैसे बन जाते हैं। हमें उनके प्रति सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखना चाहिए। उन्हें उचित समय पर अच्छी खुराक देनी चाहिए। उनकी साफसफाई का ध्यान रखना चाहिए। ये जानवर भी हमारे प्रति सद्व्यवहार और स्नेह रखते हैं। उनकी अच्छी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है।

(ग) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कतियाँ कीजिए।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए। अमरू के स्वभाव की विशेषता –
उत्तर:
i. अल्पभाषी
ii. मसखरा

प्रश्न 2.
एक-एक शब्द में उत्तर लिखिए।
i. भीड़ ने अमरू पर यह चुराने का आरोप लगाया
ii. यहाँ से तो कई बच्चे उठाए जा चुके हैं
उत्तर:
i. बच्चा
ii. देवनगर

प्रश्न 3.
सत्य या असत्य पहचानकर लिखिए।
i. अमरू स्वभाव से अल्पभाषी था।
ii. एक आदमी लपककर अस्पताल गया।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 4.
सही विधान चुनकर पूर्ण वाक्य फिर से लिखिए।
1. लेखक समझा शायद अमरू किसी की ………..,
(क) कार से टकरा गया होगा।
(ख) साइकिल चुरा लिया होगा।
(ग) साइकिल से टकरा गया होगा।
उत्तर:
(ग) साइकिल से टकरा गया होगा।

2. कुछ लोगों को शक हुआ कि …………….।
(क) बोरी में बच्चा है।
(ख) अमरू चोर है।
(ग) बोरी में बिल्ली है।
उत्तर:
(क) बोरी में बच्चा है।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. मुश्किल
ii. हवालात
उत्तर:
i. कठिन
ii. जेल

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन कीजिए।
i. आदमियों
ii. बच्चा
उत्तर:
i. आदमी
ii. बच्चे

प्रश्न 3.
मानक वर्तनी के अनुसार सही शब्द लिखिए।
i. अन्दर
ii. सुन्दर
उत्तर:
i. अंदर
ii. सुंदर

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘मूक जानवरों की हत्या करना बहुत बड़ा पाप होता है।’ इस पर आधारित अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जानवर देश की प्राकृतिक संपदा होते हैं। उनके कारण ही जंगलों की शोभा बढ़ती है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए हमें मूक जानवरों की रक्षा करनी चाहिए। यदि हम उनकी हत्या करेंगे, तो उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। प्रत्येक जीव को इस धरती पर जीवन जीने का अधिकार है। हम किसी के भी अधिकार को छीन नहीं सकते हैं। यदि हम उनकी हत्या करते हैं, तो हम धर्म एवं कानून की नज़र में बहुत बड़े अपराधी बन जाते हैं। दूसरों की रक्षा करना हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य होना चाहिए।

(घ) परिच्छेद पड़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
बच्चों का खेलना-कूदना यहाँ बंद हो चुका था –
उत्तरः
i. पार्कों में
ii. बाहर गलियों में

प्रश्न 2.
वातावरण में इसकी कमी न थी –
उत्तर:
i. सनसनी
ii. तनाव

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
उपर्युक्त गद्यांश से दो ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों –
i. अमरू
ii. थानेदार
उत्तर:
i. थानेदार ने आते ही किसकी कलाई पकड़ ली?
ii. किसने आते ही अमरू की कलाई पकड़ ली?

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प्रश्न 2.
सही पर्याय चुनकर पूर्ण वाक्य फिर से लिखिए।
1. उन दिनों दिल्ली में बड़ी …………….।
(क) महामारी फैली हुई थी।
(ख) भुखमरी फैली हुई थी।
(ग) सनसनी फैली हुई थी।
उत्तर:
(ग) सनसनी फैली हुई थी।

2. जमुना के पुल पर कुछ आदमी पकड़े गए …………….।
(क) जिन्होंने बोरियों में बच्चे बंद किए हुए थे ।
(ख) जिन्होंने मछलियाँ पकड़ी थी ।
(ग) जो चोरी करके भाग रहे थे ।
उत्तर:
(क) जिन्होंने बोरियों में बच्चे बंद किए हुए थे ।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के लिंग परिवर्तन कीजिए।
i. आदमी
ii. नौकर
उत्तर:
i. औरत
ii. नौकरानी

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द परिच्छेद से ढूँढकर लिखिए।
i. सतर्कता
ii. अचरज
उत्तर:
i. सावधानी
ii. आश्चर्य

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा

प्रश्न 3.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।
i. सवाल × …….
ii. संदेह × …….
उत्तर:
i. जवाब
ii. नि:संदेह

प्रश्न 4.
निम्नलिखित अव्यय शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
i. और
ii. कि
उत्तर:
i. रोटी चौका करता हूँ और अपना पेट पालता हूँ।
ii. एक दो बार समाचार पत्र में छपा कि जमुना के पुल पर कुछ आदमी पकड़े गए।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
आजकल हो रहे बच्चों के अपहरण के संबंध में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
आजकल बच्चों के अपहरण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें छोटे और मासूम बच्चों की संख्या अधिक होती है। इन बच्चों का पैसे के लिए, मानव तस्करी के लिए या बदला लेने के लिए अपहरण किया जाता है। अपहरण करने वाले अपने स्वार्थों के वशीभूत होकर बच्चों को सताने से भी बाज नहीं आते हैं। बच्चों का अपहरण करना सबसे सरल होता है क्योंकि वह छोटे होते हैं और इन पर काबू पाना सरल होता है। माता-पिता को बच्चों की सुरक्षा के लिए हर समय चिंतित रहना पड़ता है। पुलिस और सरकार तो इनके आगे बेबस होते नजर आती है। अत: इसके खिलाफ सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा देनी चाहिए।

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(ङ) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
थानेदार को बुलाकर लाने वाला व्यक्ति क्रोध में बोला
उत्तरः
क्यों बकता है, बे! दरोगा जी, ऐसे यह नहीं मानेगा। दो-चार बेंत रसीद कीजिए।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
चौखट पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 8

प्रश्न 2.
सत्य या असत्य पहचानकर लिखिए।
i. अमरू नम्रतापूर्वक दरोगा से बोला।
ii. दरोगा ने अमरू की पीठ पर बेंत मारा।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 3.
सही विधान चुनकर पूर्ण वाक्य फिर से लिखिए।
1. पहले यह तो देख लें कि .. …………..
(क) मेरा क्या कसूर है।
(ख) इस बोरों में है क्या?
(ग) इस बोरी में बिल्ली हैं।
उत्तर:
पहले यह तो देख लें कि इस बोरी में है क्या?

2. हम सब इस आदमी की …………….।
(क) बदमाशी के गवाह हैं।
(ख) सच्चाई के साथ हैं।
(ग) चोरी के खिलाफ हैं।
उत्तर:
हम सब इस आदमी की बदमाशी के गवाह हैं।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. क्रोध
ii. हुक्म
उत्तर:
i. गुस्सा
ii. आदेश

प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।
i. नीचे × ……….
ii. धीरे-से × ………
उत्तर:
i. ऊपर
ii. जोर-से

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प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 9

प्रश्न 4.
निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्नों का प्रयोग कीजिए।
i. क्रोध में आकर बोला क्यों बकता है बे दरोगा जी ऐसे नहीं यह मानेगा।
ii. उन्होंने अमरू से कहा अच्छा बोरी को नीचे रखो इसका मुँह खोलो।
उत्तर:
i. क्रोध में आकर बोला, “क्यों बकता है, बे! दरोगा जी, ऐसे नहीं यह मानेगा।”
ii. उन्होंने अमरू से कहा, “अच्छा, बोरी को नीचे रखो। इसका मुंह खोलो।”

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्यों में सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कर फिर से लिखिए।
i. उनकी नीयत पर लोगों को शक हो रहा है। (सामान्य भविष्यकाल)
ii. अमरू शांतिपूर्वक नीचे बैठ गया। (सामान्य वर्तमानकाल)
उत्तर:
i. उनकी नीयत पर लोगों को शक होगा।
ii. अमरू शांतिपूर्वक नीचे बैठ जाता है।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में अव्यय पहचानिए और उसका नाम लिखिए।

  1. आटे और अनाज के लिए लोहे के ढोल बनवाए गए।
  2. बिल्ली खूब मजे से खा रही है।
  3. बिल्ली लोगों की थाली से जूठन ही खाती इसलिए हमें इसका कोई खर्च नहीं पड़ा।

उत्तर:

  1. और – समुच्चयबोधक अव्यय के लिए – संबधसूचक अव्यय
  2. मजे से – क्रियाविशेषण अव्यय
  3. इसलिए – समुच्चयबोधक अव्यय

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों को सूचना के अनुसार काल बदलकर फिर से लिखिए।

  1. बिल्ली रोटियों पर झपटी। (सामान्य वर्तमानकाल)
  2. अमरू कंधे पर बोरी लटकाकर चल दिया। (अपूर्ण भूतकाल)
  3. बिल्ली कमरे में आती है। (सामान्य भूतकाल)
  4. उनकी नीयत पर लोगों को शक हो रहा है। (सामान्य भविष्यकाल)
  5. अमरू शांतिपूर्वक नीचे बैठ गया। (सामान्य वर्तमानकाल)

उत्तर:

  1. बिल्ली रोटियों पर झपटती है।
  2. अमरू कंधे पर बोरी लटकाकर चल रहा था।
  3. बिल्ली कमरे में आई।
  4. उनकी नीयत पर लोगों को शक होगा।
  5. अमरू शांतिपूर्वक नीचे बैठ जाता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए।
i. अमरू के कुछ कहना नहीं पड़ी।
ii. उन्होंने देखा की बोरी अंदर में हिल रही है।
उत्तर:
i. अमरू को कुछ कहना नहीं पड़ा।
ii. उन्होंने देखा कि बोरी अंदर से हिल रही है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित अव्यय शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
i. और
ii. कि
उत्तर:
i. रोटी चौका करता हूँ और अपना पेट पालता हूँ।
ii. एक दो बार समाचार पत्र में छपा कि जमुना के पुल पर कुछ आदमी पकड़े गए।

रचनात्मकता की ओर लेखनीय :

प्रश्न 1.
आपका पालतू कुत्ता दो दिनों से लापता है। उसके लिए समाचार पत्र में देने हेतु विज्ञापन तैयार कीजिए। निम्न मुद्दों का आधार लें।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 10

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा

मैलिक सृजन :

प्रश्न 1.
अपने परिसर में लावारिस जानवरों की बढ़ती मौलिक सृजन संख्या एवं उनसे होने वाली परेशानियों के बारे में संबंधित अधिकारी को पत्र लिखकर सूचना दीजिए।
उत्तर:
संतोष वर्मा
5/सी रूप दर्शन, रामपुर थाना।
दिनांक – 20 जून, 2017।
सेवा में,
श्रीमान पशु अधिकारी जी,
नगर परिषद, थाना।
विषयः परिसर में लावारिस जानवरों की बढ़ती संख्या के संबंध में शिकायत-पत्र।
माननीय महोदय,
मैं शहर के रामपुर क्षेत्र का निवासी हूँ। पिछले कुछ दिनों से हमारे परिसर में लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तो दूसरे कस्बों के पशु भी यहाँ आकर रहने लगे हैं। इन जानवरों की वजह से चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। बच्चों को खेलने के लिए परिसर में साफ़ जगह नहीं बची है। महानगर के अधिकारी या कर्मचारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अत: आपसे निवेदन है कि नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।
कष्ट के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ।
धन्यवाद!
भवदीय,
संतोष वर्मा।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा 11

आसपास :

प्रश्न 1.
किसी पशु चिकित्सक से पालतू प्राणियों की सही देखभाल करने संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त कीजिए।
उत्तर:
मैं एक दिन अपने पालतू जानवरों के देखभाल से संबंधित जानकारी प्राप्त करने पशु चिकित्सक के पास गया, तो उन्होंने बताया कि हमें अपने पालतू प्राणियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए तथा उनकी सही देखभाल करनी चाहिए। पालतू जानवरों को न तो बहुत कम और न ही बहुत ज्यादा भोजन देना चाहिए। जब उन्हें भूख लगे तभी भोजन देना चाहिए। उनके भोजन और पानी पीने के बर्तन को दिन में कम-से-कम एक बार अवश्य साफ करना चाहिए।

पालतू जानवरों को घुमाने के लिए भी ले जाना चाहिए। बहुत से जानवरों के सामाजीकरण के लिए शारीरिक स्पर्श महत्त्वपूर्ण होता है। अत: उनके साथ खेलना चाहिए तथा उन्हें सहलाना चाहिए। उन्हें चोट नहीं पहुँचानी चाहिए। उन्हें नियमित रूप से पशु-चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा

बिल्ली का बिलुंगड़ा Summary in Hindi

लेखक-परिचय :

राजेंद्र लाल हांडा जी एक प्रसिद्ध कथाकार हैं। आपकी रचनाएँ पत्र-पत्रिकाओं में हमेशा प्रकाशित होती रहती हैं। सम सामयिक विषयों पर आपकी रचनाएँ सामाजिक समस्याओं को उद्घाटित करती हैं।

गद्य-परिचय :

हास्य कहानी : जीवन की किसी घटना का रोचक, प्रवाही वर्णन कहानी होती है। इसमें किसी सत्य का उद्घाटन होता है। हास्य कहानी में इसे हल्के-फुलके हँसी के अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है।

प्रस्तावना : प्रस्तुत पाठ ‘बिल्ली का बिलंगुड़ा’ में लेखक हांडा जी ने हास्य के माध्यम से गलतफ़हमी के कारण उत्पन्न विशेष स्थितियों का वर्णन किया है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 बिल्ली का बिलुंगड़ा

सारांश :

पिछले दिनों लेखक के घर में बहुत चूहे हो गए थे। वे घर के सामान का बहुत नुकसान कर रहे थे। अनाज की सुरक्षा के लिए लोहे के ढोल (डिब्बे) बनवाए गए। ये ढोल भी कारगर नहीं हुए। उसमें भी चूहे घुसने लगे। मित्रों ने घर में एक बिल्ली पालने का सुझाव दिया और बिल्ली लाई भी गई। बिल्ली की खूब खातिर होने लगी। बच्चे उसे रोटी और दूध देने लगे। कुछ दिनों में बिल्ली ने पूरी तरह चूहों का सफाया कर दिया। सब लोग बड़े खुश हुए। दो महीने बाद लोग चूहे को भूल गए और बिल्ली से तंग आ गए। क्योंकि अब बिल्ली की आदत बदल गई। अब वह मौका मिलते ही दूध, दही, भोजन आदि सपरचट कर देती।

लेखक को बिल्ली से पीछा छुड़ाने की चिंता होने लगी। उनका नौकर अमरू बड़ा होशियार था। रात को उसने एक खाली बोरी में दो रोटियाँ डालकर रख दी। बिल्ली जैसे ही रोटी की लालच में बोरी के अंदर झपटी, नौकर ने तुरंत बोरी का मुँह पकड़ लिया और रस्सी से मुँह बाँध दिया। लेखक ने अमरू से बिल्ली को कहीं दूर छोड़ने को कहा, जहाँ से वह वापस न आ सके।

दूसरे दिन सुबह अमरू बोरी कंधे पर लटका कर उसे छोड़ने चल दिया। रास्ते में कुछ लोगों को शक हुआ की बोरी में बच्चा है। दो आदमी उसके पीछे हो लिए। उन्होंने देखा कि बोरी अंदर से हिल रही है। उन्हें विश्वास हो गया कि इस बदमाश ने किसी बच्चे को पकड़ा है। देखते-देखते पचासों आदमी इकट्ठा हो गए। सब लोगों ने उसे घेर लिया।

पुलिस थाना भी बहुत दूर नहीं था। एक व्यक्ति दौड़कर पुलिस वाले को भी बुला लाया। शोर होने पर लेखक भी घर से बाहर आया, देखा कि भीड़ ने नौकर को घेर रखा है। थानेदार ने अमरू को मारने की धमकी दी तो उसने बोरी का मुँह खोल दिया और बिल्ली का बिलंगुड़ा छलाँगें मारता हुआ भाग गया। दरोगा जी झेंप गए और अमरू हँसता हुआ घर आ गया।

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शब्दार्थ :

  1. विचारधारा – सोच
  2. परंपरा – प्रथा
  3. घपले – गड़बड़ी
  4. बहुतेरे – बहुत तरह के
  5. ढोल – लोहे का ड्रम
  6. कारगर – उपयोगी
  7. परामर्श – सलाह
  8. आपत्ति – ऐतराज
  9. चुनांचे – इसलिए
  10. विधिपूर्वक – ठीक तरह से
  11. काबू – वश
  12. मात – हार
  13. रवैया – रंग-ढंग, ढंग
  14. जी में – दिल में
  15. कढ़े हुए – निकाले हुए
  16. हजामत – दाढ़ी बनाना
  17. गुसलखाने – स्नानघर
  18. छप्परवाले – जिसके ऊपर छप्पर पड़ा हो
  19. अल्पभाषी – कम बोलने वाला
  20. मसखरा – मज़ाकिया
  21. गिरोह – दल
  22. लपक कर – तेजी से
  23. हवालात – कारागार
  24. दसियों – दसों लोग
  25. हुक्म – आदेश
  26. गवाह – साक्षी
  27. नीयत – इरादा
  28. बेंत – मज़बूत-लचीले डंठलवाली लता
  29. सनसनी – सन्नाटा, खलबली
  30. सुराग – (यहाँ अर्थ) पता, खोज

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मुहावरे :

  1. मौका लगना – अवसर मिलना।
  2. सिर चढ़ जाना – उदंडता के लिए खुली छूट देना।
  3. टूट पड़ना – आक्रमण करना।
  4. व्यस्त होना – तल्लीन होना।
  5. परामर्श करना – राय लेना।
  6. एक न चलना – कुछ न कर सकना।
  7. तंग आना – परेशान होना।

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Class 9 Hindi Chapter 11 Swatantrata Gaan Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 11 Swatantrata Gaan Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान Textbook Questions and Answers

संभाषणीय:

प्रश्न 1.
‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम’ संबंधी पढ़ी या सुनी हुई घटना या प्रसंग पर चची कीजिए।
उत्तर:

  • अध्यापक – राहुल जी, क्या आप मुझे 1857 के विद्रोह व भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बारे में कुछ जानकारी देंगे।
  • राहुल – जी हाँ, सर। सन 1857 में राष्ट्रीय बगावत शुरू हुई थी। भारत के राजा-महाराजाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर दी थी।
  • विद्या – जैसे कि महारानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, पेशवा आदि ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का शंखनाद बजा दिया था।
  • अनिल – भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित मुझे एक घटना याद है। मंगल पांडे अंग्रेजों की बैरकपुर की छावनी में सिपाही थे। मंगल पांडे उस चर्बीयुक्त हथियारों पर रोक लगाना चाहते थे। उन्होंने एक अंग्रेज अधिकारी पर हमला बोल दिया। इसलिए उन्हें फाँसी की सजा हो गई थी।
  • अध्यापक – अब आप मुझे बताइए कि स्वतंत्रता सेनानियों से आपको कौन-सी प्रेरणा मिलती है?
  • विजय – हमें अपने देश की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।
  • अजय – हमें अपने देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
  • नंदन – हमें स्वतंत्रता के दीपक प्रज्वलित रखना चाहिए।

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श्रवणीय:

प्रश्न (क)
राष्ट्रभक्ति पर आधारित कोई कविता सुनिए।

प्रश्न (ख)
अपने देश की विविधताएँ सुनिए।

लेखनीय:

प्रश्न 1.
समूह बनाकर भारत की विशेषता बताने वाले संवाद का लेखन कीजिए तथा समारोह में उसकी प्रस्तुति कीजिए।

पठनीय:

प्रश्न 1.
भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र संबंधी जानकारी पढ़िए और छोटी-सी टिपण्णी तैयार कीजिए।

पाठ से आगे:

प्रश्न 1.
अंतरजाल/ग्रंथालय से ‘दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन’ (सार्क) में भारत की भूमिका की जानकारी प्राप्त करके टिप्पणी लिखिए।

कल्पना पल्लवन:

प्रश्न 1.
‘विश्व स्तर पर भारत की पहचान निराली है।’ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारत हमको जान से प्यारा है।
सबसे न्यारा गुलिस्ता हमारा है।

सचमुच विश्व में भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जहाँ संस्कृति, विज्ञान व तकनीकी का समन्वय दिखाई देता है। भिन्न-भिन्न धर्म व जाति वर्ग के लोगों के बीच भारत देश ने पारंपरिक संस्कृति, सभ्यता एवं सर्वधर्म सहिष्णुता की भावना के कारण विश्व में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान बना रखा है।

विश्व स्तर पर भारत की पहचान अनोखी व निराली है। क्रीड़ा के क्षेत्र में भारतीय खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी अनोखी पहचान बनाए हुए हैं। सचिन तेंदुलकर को तो ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाता है। साहित्य के क्षेत्र में भी भारतीय लेखक कवियों का साहित्य कई विदेशी भाषाओं में अनूदित हुआ है।

उद्योग जगत में रिलायन्स, टाटा, बिरला आदि कंपनियों ने विश्व स्तर पर भारत की सशक्त आर्थिक क्षमता का सबूत प्रस्थापित कर दिया है। संगीत की दुनिया में भारत ने समूचे विश्व को मोहित कर दिया है। लता दीदी, आशा भोसले, ए.आर. रहमान आदि गायक-गायिकाओं के गानों ने विदेशों में धूम मचा दी हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत के तो कई विदेशी कायल हैं।

विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में भारत देश ने एक नया आयाम स्थापित कर दिया है। भारत में अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत के डॉक्टर एवं अभियंताओं को विदेशों में काफी महत्त्व प्राप्त हो रहा है। इसीलिए मैं बड़े गर्व के साथ कहता हूँ कि भारत ने विश्व स्तर पर अपनी एक अनोखी पहचान बनाई है। कहा भी गया है –

सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्ता हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी यह गुलिस्ताँ हमारा।

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पाठ के आँगन में …

प्रश्न 1.
‘यह स्वतंत्र भावना का स्वतंत्र गान है।’ इस पंक्ति में आई कवि की भावना स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः
कृति (घ) का स्वमत अभिव्यक्ति देखिए।

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।
उत्तरः

(अ) (ब)
1. अतीत (क) प्रार्थना
2. पुनीत (ख) साधना
3. अनंत (ग) भावना
4. विनीत (घ) कल्पना
(ङ) अशांति

उत्तर:

(अ) (ब)
1. अतीत (घ) कल्पना
2. पुनीत (ग) भावना
3. अनंत (ख) साधना
4. विनीत (क) प्रार्थना

व्याकरण विभाग:

1 & 2.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 1

3.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 2

4. शुद्धीकरण- वाक्यों, शब्दों को शुद्ध रूप में लिखना।

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5. मुहावरों का प्रयोग/चयन करना

6. शब्द संपदा- व्याकरण 5 वीं से 8 वीं तक शब्दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्दयुग्म, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, भिन्नार्थक शब्द, कठिन शब्दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्यय पहचानना/अलग करना, लय-ताल युक्त शब्द ।

7.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 3

8.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 4

रचना विभाग:

  • पत्रलेखन (व्यावसायिक /कार्यालयीन)
  • प्रसंग वर्णन / वृत्तांत लेखन
  • कहानी लेखन
  • विज्ञापन
  • गद्य आकलन
  • निबंध

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पत्रलेखन:

कार्यालयीन पत्र

कार्यालयीन पत्राचार के विविध क्षेत्र:

बैंक, डाकविभाग, विद्युत विभाग, दूरसंचार, दूरदर्शन आदि से संबंधित पत्र
महानगर निगम के अन्यान्य / विभिन्न विभागों में भेजे जाने वाले पत्र
माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडल से संबंधित पत्र ।
अभिनंदन/प्रशंसा (किसी अच्छे कार्य से प्रभावित होकर) पत्र लेखन करना।
सरकारी संस्था द्वारा प्राप्त देयक (बिल आदि) से संबंधित शिकायती पत्र

व्यावसायिक पत्र

व्यावसायिक पत्राचार के विविध क्षेत्र:

किसी वस्तु/सामग्री/पुस्तकें आदि की माँग करना।
शिकायती पत्र – दोषपूर्ण सामग्री/ चीजें/ पुस्तकें/ पत्रिका आदि प्राप्त होने के कारण पत्रलेखन
आरक्षण करने हेतु (यात्रा के लिए)।
आवेदन पत्र – प्रवेश, नौकरी आदि के लिए।
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कहानी लेखन:

1. मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन करना।
2. शब्दों के आधार पर कहानी लेखन करना।
3. किसी कहावत, सुवचन, मुहावरे, लोकोक्ति पर आधारित कहानी लेखन करना।

मुहावरे, कहावतें, सुवचन, लोकोक्तियाँ

मुहावरे:

  1. आँखों पर परदा पड़ना ।
  2. एड़ी-चोटी का जोर लगाना ।
  3. रुपया पानी की तरह बहाना ।
  4. पहाड़ से टक्कर लेना।
  5. जान हथेली पर धरना (रखना)।
  6. लकीर का फकीर होना ।
  7. पगड़ी संभालना।
  8. काला अक्षर भैंस बराबर ।
  9. घाट-घाट का पानी पीना ।
  10. अकल के घोड़े दौड़ाना।
  11. पत्थर की लकीर होना।
  12. भंडाफोड़ करना।
  13. रंगा सियार होना।
  14. हाँ में हाँ मिलाना

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लोकोक्तियाँ तथा कहावतें:

  1. अंधों में काना राजा।
  2. ओखली में सिर दिया तो मूसलों का क्या डर।
  3. चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए ।
  4. जहाँ न पहुंचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि ।
  5. अंधा बाँटे रेवड़ी अपने कुल को देव ।
  6. अंधेर नगरी चौपट राजा।
  7. आँख और कान में चार अंगुल का अंतर है।
  8. अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत ।
  9. हाथ कंगन को आरसी क्या ?
  10. चोर की दाढ़ी में तिनका ।
  11. कोयले की दलाली में हाथ काला ।
  12. अधजल गगरी छलकत जाए ।
  13. निंदक नियरे राखिए।
  14. ढाक के तीन पात ।

सुवचन:

  1. वसुधैव कुटुंबकम् ।
  2. सत्यमेव जयते।
  3. पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ।
  4. जल ही जीवन है।
  5. पढ़ेगी बेटी तो सुखी रहेगा परिवार ।
  6. अनुभव महान गुरु है।
  7. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।
  8. अतिथि देवो भवः।
  9. राष्ट्र ही धन है।
  10. जीवदया ही सर्वश्रेष्ठ है।
  11. असफलता सफलता की सीढ़ी है।
  12. श्रम ही देवता है।
  13. राखौ मेलि कपूर में, हींग न होत सुगंध ।
  14. करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।

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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

1. एक लड़की __________ विद्यालय में देरी से पहुंचना __________ शिक्षक द्वारा डाँटना _________ लड़की का मौन रहना __________ दूसरे दिन समाचार पढ़ना __________ लड़की को गौरवान्वित करना ।
2. मोबाइल ___________ लड़का _________ गाँव ___________ सफर __________

1. प्रश्न निर्मिति के लिए निम्नलिखित प्रश्नचार्ट उपयुक्त हो सकता है।
प्रश्नचार्ट:
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गद्य आकलन (प्रश्न तैयार करना)

निम्नलिखित गद्यांश पर ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हो।

किसी भी देश की संपत्ति उस देश के आदर्श विद्यार्थी ही होते हैं । विद्यार्थियों का चरित्र ही राष्ट्र की संपत्ति होता है । वह समय का मूल्यांकन करना जानता है । वह बैटिंग, सिनेमा, मोबाइल एवं अन्य मनोरंजनों में आवश्यकता से अधिक लिप्त नहीं होता है। उसके सामने सदा मंजिल रहती है और उसे ज्ञात है कि इन प्रलोभनों के वश में न होकर परिश्रम, तप, त्याग और साधना के कटंकाकीर्ण पथ पर चलकर ही वह कुछ बन सकता है । परिवार के लिए, समाज के लिए, राष्ट्र के लिए एवं समूचे विश्व के लिए वह तभी कुछ करने की क्षमता प्राप्त कर सकता है जब वह अपनी सर्वांगीण उन्नति करने का सामर्थ्य रखता हो ।
वह विद्यारूपी समुद्र का मंथन करके ऐसे मोती प्राप्त कर सकता है जो आज तक अनबिद्घ रहे हों।

प्रश्न:

  1. किसी भी देश की संपत्ति कौन होते हैं?
  2. विद्यार्थी क्या करना जानता है?
  3. विद्यार्थी किसके लिए कुछ क्षमता प्राप्त कर सकता है?
  4. विद्यार्थी किस प्रकार के मोती प्राप्त कर सकता है?
  5. आप इस गढ्यांश को कौन-सा शीर्षक देना उचित समझेंगे?

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वृत्तांत लेखन:

अपनी पाठशाला में मनाए गए ‘वाचन प्रेरणा दिवस/हिंदी दिवस/विज्ञान दिवस/राजभाषा दिवस/ शिक्षक दिवस/ वसुंधरा दिवस/ क्रीड़ा दिवस आदि का वृत्तांत रोचक भाषा में लिखिए । (लगभग 60 से 70 शब्दों में)।

प्रसंग वर्णन:

निम्नलिखित जानकारी पढ़कर उससे संबंधित प्रसंग लगभग 60 से 70 शब्दों में लिखिए।

1. कूड़ेदान से कूड़ा-कचरा आसपास फैला हुआ है, उसी में कुछ आवारा कुत्ते तथा अन्य जानबर घूम रहे हैं साथ ही कुछ ___ गाए प्लास्टिक की थैलियों को चबा-चबा कर खा रही हैं।…

विज्ञापन:

निम्न विषयों पर विज्ञापन तैयार किए जा सकते हैं।

1. वस्तुओं की उपलब्धि: नवनिर्मित (किसी भी वस्तु संबंधी)
जैसे- किताबें, कपड़े, घरेलू आवश्यक वस्तुएँ, उपकरण, फर्नीचर, स्टेशनरी, शालोपयोगी वस्तुएँ तथा उपकरण आदि ….
2. शैक्षिक: शिक्षा में संबंधित योगासन तथा स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छ, सुंदर शुद्ध लिखावट, चित्रकला, इंटरनेट तथा विविध ऐप्स आदि कलाओं से संबंधित अभ्यास वर्ग, व्यक्तित्व विकास शिविर आदि –
3. आवश्यकता: वाहक-चालक, सेवक, चपरासी, द्वारपाल, सुरक्षा रक्षक, व्यवस्थापक, लिपिक, अध्यापक, संगणक अभियंता, आदि ……
4. व्यापार विषयक: दूकान, विविध वाहन, उपकरण, मकान, मशीन, गोदाम, टी. बी., संगणक, भूखंड, रेफ्रीजरेटर आदि
5. मनोरंजन तथा ज्ञानवर्धन: व्याख्यानमाला, परिसंवाद, नाटक वार्षिकोत्सव, विविध विशेष दिनों के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम समारोह आदि……
6. पर्यटन संबंधी: यात्रा विषयक, आरक्षण आदि
7. वैयक्तिक :- श्रद्धांजली, शोकसंदेश, जयंती, पुण्यतिथि, गृहप्रवेश, बधाई आदि

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निबंध लेखन:

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Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान Additional Important Questions and Answers

(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 9

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
1. प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें।
2. स्वतंत्रता का दीपक शक्ति व भक्ति से परिपूर्ण नहीं हैं।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

कृति (3) भावार्थ (1) निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए।

प्रश्न 1.
घोर अंधकार हो …………….. ला रहा विहान है।
भावार्थ:
किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता। स्वतंत्रता की कीमत हमेशा अधिक होती है। इसीलिए कवि नेपाली कहते हैं, “भले ही चारों ओर घोर अंधकार छाया हुआ हो या फिर हवा तेजी से बह रही हो, फिर भी प्रत्येक भारतीय के हृदय द्वार पर जलता हुआ यह स्वतंत्रता का दीया बुझना नहीं चाहिए। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें। स्वतंत्रता का यह दीपक रात का दीया है यानी अंधकारूपी परतंत्रता से इस दीपक ने सभी के जीवन में स्वतंत्रता रूपी विहान भर दिया है।”

(ख) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

1. एक शब्द में उत्तर लिखिए।

प्रश्न 1.
देश और समाज पर किसका वितान है?
उत्तर:
ज्योति का

प्रश्न 2.
तीर और कछार पर किसका दीया बुझना नहीं चाहिए?
उत्तरः
स्वतंत्रता का

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2. संजाल पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान 11

कृति (2) आकलन कृति.

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
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कृति (3) भावार्थ

1. निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए।

प्रश्न 1.
यह अतीत कल्पना …………….. ज्योति का वितान
भावार्थः
कवि नेपाली कहते हैं, स्वतंत्रता का दीपक हमारे लिए अतीत की कल्पना की भाँति है। यानी हमारे पुरखों ने इसे प्रज्वलित रखने के लिए अपने प्राण अर्पण कर दिए थे। इसीलिए हम इस दीए के समक्ष विनम्र प्रार्थना करते हैं। यह दिया हमारे लिए पवित्र भावना है। स्वतंत्रता के इस दीए को हमने अपनी अनंत साधना के बाद प्राप्त किया है। अतः जीवन में निर्माण होने वाली हर स्थिति यानी कि शांति में या अशांति में, युद्ध की स्थिति हो या संधि की या फिर देश में क्रांति हो, फिर भी तीर पर या नदी के किनारे पर हम इस दीए को बुझने नहीं देंगे। हमारे जीवन में यह स्वतंत्रता का दीपक ज्योति का वितान लेकर आया है।

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(ग) पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
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कृति (3) भावार्थ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए।
तीन चार फूल ………………. पुण्य प्राण दान है।
भावार्थ:
कवि नेपाली कहते हैं, स्वतंत्रता के इस दीपक के प्रति हम भारतीयों में निष्ठा एवं श्रद्धा है। इस दीए के आस-पास तीन-चार फूल है। चारों ओर धूल भी है। बास और बबूल के पेड़ भी हैं। घास के दुपट्टे हैं। हवा की लहर उसे आकर स्पर्श भी करती है। फिर भी किसी शहीद की कब्र पर या किसी स्वतंत्रता सेनानी की समाधि पर हम इस दौए को बुझने नहीं देंगे। स्वतंत्रता का यह दीपक हमारे लिए किसी शहीद का पुण्य प्राण दान है। इसी से प्रेरणा लेकर हम भारतीय अपनी आजादी को बरकरार रखने का प्रयास करेंगे।

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(घ) पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
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कृति (2) आकलन

प्रश्न 1.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ) (ब)
1. स्वतंत्र (क) बदलियाँ
2. चूम-चूम (ख) बिजलियाँ
3. झूम-झूम (ग) जीत हार
4. क्षुद्र (घ) भावन

उत्तरः

(अ) (ब)
1. स्वतंत्र (घ) भावन
2. चूम-चूम (ख) बिजलियाँ
3. झूम-झूम (क) बदलियाँ
4. क्षुद्र (ग) जीत हार

कृति (3) भावार्थ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए ।
झूम-झूम बदलियाँ ………………. स्वतंत्र गान है।
भावार्थ:
कवि नेपाली कहते हैं, आसमान में तूफानी बादल मँडरा रहे हों; बिजलियाँ कड़क रही हों; आँधी निर्माण हो गई हो और उसने हलचलें मचाना शुरू कर दिया हो। भले ही देश के अंतर्गत दंगे फसाद हो रहे हों; व्यथा, वेदना एवं यातना का साम्राज्य निर्माण हुआ हो; फिर भी किसी की भी क्षुद्र जीत-हार पर यह दीया बुझना नहीं चाहिए। आखिर यह दिया हमारे लिए स्वतंत्र भावना का स्वतंत्र गान है। यह हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह हमारी अस्मिता की पहचान है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान

पद्य-विश्लेषण:

कविता का नाम – स्वतंत्रता गान
कविता की विधा – प्रेरणा गीत
पसंदीदा पंक्ति – कब्र पर, मजार पर, यह दीया बुझे नहीं, यह किसी शहीद का पुण्य प्राण दान है।
पसंदीदा होने का कारण – उपर्युक्त पंक्ति मुझे बेहद पसंद है क्योंकि उसमें शहीदों की कब्र या मजार पर स्वतंत्रता के दीपक को ना बुझने देने की बात कही गई है। कविता से प्राप्त संदेश या प्रेरणा – प्रस्तुत कविता से प्रेरणा मिलती हैं कि भारतीयों को स्वतंत्रता के दीपक को सदैव प्रज्वलित रखना चाहिए। स्वतंत्रता के दीपक से व्यक्ति को सीख लेनी चाहिए कि उसे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी देश की रक्षा करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। व्यक्ति के पास देशभक्ति की भावना होनी चाहिए। त्याग व बलिदान आदि गुणों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

स्‍वतंत्रता गान Summary in Hindi

कवि-परिचय:

जीवन-परिचय: उत्तर छायावाद के जिन कवियों ने कविता और गीत को जनता का कंठहार बनाया था, गोपाल सिंह नेपाली उनमें अहम थे। गोपाल जी प्रकृति प्रेमी कवि हैं। इनकी कविताएँ देश प्रेम, प्रकृति प्रेम एवं मानवीय भावनाओं का वर्णन करने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं। ये प्रबुद्ध पत्रकार भी थे। इन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए भी गीत लिखे हैं।

प्रमुख कृतियाँ: काव्य संग्रह – ‘उमंग’, ‘पंछी’, ‘रागिनी’, ‘नीलिमा’, ‘पंचमी’, ‘रिमझिम’ आदि; पत्रिकाएँ – रतलाम टाइम्स’, ‘चित्रपट’,
‘सुधा एवं योगी’।

पद्य-परिचय:

प्रेरणा गीत: जिन गीतों को सुनकर व्यक्ति को कार्य करने की प्रेरणा मिलती है ऐसे गीतों को प्रेरणा गीत कहते हैं। प्रेरणा गीत व्यक्ति
के दिल में सकारात्मक बीज बोने की बात करते हैं। प्रेरणा गीत व्यक्ति को अपने दिल की बात सुनकर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

प्रस्तावना: प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि ने प्रेरणा दी है कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वतंत्रता के दीपक को हर परिस्थिति में प्रज्वलित रखने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।

सारांश:

प्रस्तुत कविता एक प्रेरणा गीत है। इस गीत के माध्यम से कवि ने भारतीयों को राष्ट्रप्रेम, देशाभिमान, त्याग व बलिदान की भावना को बरकरार रखने के लिए प्रेरित किया है। इसीलिए कवि ने स्वतंत्रता के दीपक सदैव प्रज्वलित रखने के लिए कहा है। स्वतंत्रता का दीपक हमारी अस्मिता एवं आजादी का प्रतीक है। इस दीपक के प्रति प्रत्येक भारतीय के मन में सम्मान एवं निष्ठा की भावना होनी चाहिए। इस दीपक से प्रेरणा लेकर भारतवासी अपने देश की रक्षा हेतु अग्रसर हो जाए। ऐसा कवि ने संदेश दिया है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान

भावार्थ:

1. घोर अंधकार हो —————— प्राण के समान है।

किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता। स्वतंत्रता की कीमत हमेशा अधिक होती है। इसीलिए कवि नेपाली कहते हैं, भले ही चारों ओर घोर अंधकार छाया हुआ हो या फिर हवा तेजी से बह रही हो, फिर भी प्रत्येक भारतीय के हृदय द्वार पर जलता हुआ यह स्वतंत्रता का दीया बुझना नहीं चाहिए। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें। स्वतंत्रता का यह दीप रात का दीया है यानी अंधकाररूपी परतंत्रता से इस दीपक ने सभी के जीवन में स्वतंत्रता रूपी विहान भर दिया है।

स्वतंत्रता का यह दीपक शक्ति से परिपूर्ण है। स्वयं शक्ति ने ही इसे हमें प्रदान किया हुआ है। अत: इस दीए को हम शक्ति को ही अर्पित करेंगे। इस दीए के प्रति हम सब भारतीयों की भक्ति समाहित हुई है। मानो भक्ति ने ही हमें इसे प्रदान किया हो। इस प्रकार स्वतंत्रता के इस दीए में शक्ति व भक्ति दोनों का समन्वय है। भले ही नाव पानी में तेजी से चल रही हो और पानी का बहाव भी वेगवान हो, फिर भी गंगा नदी के जल में इस दीए को हम बुझने नहीं देंगे क्योंकि यह हमारे स्वदेश का दीया है जो हमें अपने प्राणों के समान प्रिय है।

2. यह अतीत कल्पना ——————- ज्योति का वितान है।

कवि नेपाली कहते है, स्वतंत्रता का दीपक हमारे लिए अतीत की कल्पना की भाँति है। यानी हमारे पुरखों ने इसे प्रज्वलित रखने के लिए अपने प्राण अर्पण कर दिए थे। इसीलिए हम इस दीए के समक्ष विनम्र प्रार्थना करते हैं। यह दिया हमारे लिए पवित्र भावना है। स्वतंत्रता के इस दीए को हमने अपनी अनंत साधना के बाद प्राप्त किया है। अत: जीवन में निर्माण होने वाली हर स्थिति यानी कि शांति में या अशांति में, युद्ध की स्थिति हो या संधि की या फिर देश में क्रांति हो, फिर भी तीर पर या नदी के किनारे पर हम इस दीए को बुझने नहीं देंगे। हमारे जीवन में यह स्वतंत्रता का दीपक ज्योति का वितान लेकर आया है।

3. तीन चार फूल हैं ——————— पुण्य प्राण दान है।

कवि नेपाली कहते हैं, स्वतंत्रता के इस दीपक के प्रति हम भारतीयों में निष्ठा एवं श्रद्धा है। इस दीए के आस-पास तीन-चार फूल हैं। चारों ओर धूल भी है। बास और बबूल के पेड़ भी हैं। घास के दुपट्टे हैं। हवा की लहर उसे आकर स्पर्श भी करती है। फिर भी किसी शहीद की कब्र पर या किसी स्वतंत्रता सेनानी की समाधि पर हम इस दीए को बुझने नहीं देंगे। स्वतंत्रता का यह दीपक हमारे लिए किसी शहीद का पुण्य प्राण दान है। इससे प्रेरणा लेकर हम भारतीय अपनी आजादी को बरकरार रखने का प्रयास करेंगे।

4. झूम-झूम बदलियाँ ———————– स्वतंत्र गान है।

कवि नेपाली कहते हैं, आसमान में तूफानी बादल मँडरा रहे हों। बिजलियाँ कड़क रही हों। आँधी निर्माण हो गई हो और उसने हलचलें मचाना शुरू कर दिया हो। भले ही देश के अंतर्गत दंगे फसाद हो रहे हों व्यथा, वेदना एवं यातना का साम्राज्य निर्माण हुआ हो। फिर भी किसी की क्षुद्र जीत-हार पर यह दीया बुझना नहीं चाहिए। आखिर यह दिया हमारे लिए स्वतंत्र भावना का स्वतंत्र गान है। यह हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह हमारी अस्मिता की पहचान है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्‍वतंत्रता गान

शब्दार्थ:

  1. बयार – हवा
  2. निशीथ – निशा, रात
  3. विहान – सवेरा
  4. कछार – किनारा
  5. वितान – आकाश, गगन
  6. दुकुल – दुपट्टा
  7. हिलोर – लहर

Hindi Lokbharti 9th Std Digest दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 3 Kabir Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 3 Kabir Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 3 कबीर Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 3 कबीर (पूरक पठन) Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 3 कबीर Textbook Questions and Answers

पठनीय :

सूचना के अनुसार कृतीयँ :

1. संजाल :

प्रश्न  1.
संजाल :
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 1

उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 2

2. परिच्छेद पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।

प्रश्न 1.
परिच्छेद पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।
उत्तर:
कबीर जी के उपदेशों और उनके व्यक्तित्व से सभी को प्रेरणा मिलती है। हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मोह-माया को बीच में नहीं आने देना चाहिए क्योंकि यह हमारे मार्ग में बाधक बन सकती है। संसार की टिप्पणियों की परवाह न करके अपना कर्म करते रहना चाहिए। स्वयं पर विश्वास होना चाहिए। गुरु के द्वारा दिए गए ज्ञान और अपनी साधना को संदेह की नज़रों से नहीं देखना चाहिए। यदि मनुष्य में आत्मविश्वास है तो वह किसी भी विकट संग्राम स्थली तक पहुंच कर विजयी हो सकता है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

लेखनीय :

‘कबीर संत ही नहीं समाज सुधारक भी थे’, इस पर अपने विचार लिखिए ।

प्रश्न 1.
‘कबीर संत ही नहीं समाज सुधारक भी थे’, इस पर अपने विचार लिखिए ।
उत्तर:
कबीरदास जी एक संत होने के साथ-साथ एक समाज सुधारक के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने ऐसी बहुत-सी बातें कही हैं जिनका सही उपयोग किया जाए तो समाज सुधार में सहायता मिल सकती है। वे स्पष्टवादी व निर्भीक थे, कबीर जी को संस्कारों की विचारहीन गुलामी पसंद नहीं थी, वे विचारहीन संस्कारों से मुक्त मनुष्यता को ही प्रेमभक्ति का पात्र मानते थे। उन्होंने भेदभाव को भुलाकर हमेशा भाईचारे के साथ रहने की सीख दी है। सामाजिक विषमता को दूर करना ही उनकी पहली प्राथमिकता थी। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है।

संभाषणीय :

दोहों की प्रतियोगिता के संदर्भ में आपस में चर्चा संभाषणीय कीजिए।

प्रश्न 1.
दोहों की प्रतियोगिता के संदर्भ में आपस में चर्चा संभाषणीय कीजिए।
उत्तर:

  • अतुल – नमस्कार! नकुल, आप कैसे हो?
  • नकुल – नमस्कार! मैं ठीक हूँ, आप कैसे हो? आजकल क्या चल रहा है?
  • अतुल – मैं भी ठीक हूँ। आजकल मैं दोहे की प्रतियोगिता की तैयारी में लगा हूँ।
  • नकुल – अरे वाह! यह तो अच्छी बात है, परंतु तुम्हारी प्रतियोगिता कब है?
  • अतुल – बुधवार को है। हमारे विद्यालय में इस बार दोहों की प्रतियोगिता करवाई जा रही है, जो भी यह प्रतियोगिता जीतेगा उसे एक कंप्यूटर पुरस्कार के रूप में दिया जाएगा।
  • नकुल – बहुत अच्छी बात है। मेरी शुभकामना तुम्हारे साथ है।
  • अतुल – धन्यवाद मित्र!

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

मौलिक सृजन :

प्रश्न 1.
‘सतों के वचन समाज परिवर्तन में सहायक होते हैं। इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः
सभ्यता के प्रभातकाल से ही मानवीय, संवेदनात्मक प्रेमिल सहिष्णु, त्याग, क्षमा, दया, तथा सद्व्यवहार को महत्व देने वाले संतों का आर्विभाव इस भारत भूमि पर हुआ है। इनमें मुख्य थे कबीर, तुकाराम, गुरूनानक, रैदास इत्यादि। इन्होंने अपने वचनों द्वारा समाज को हमेशा परिवर्तित करने का प्रयास किया। इनमें सबसे पहला नाम आता है संत कबीर का। कबीर ने इस समय समाज में फैले अंधविश्वास और रूढ़ीवादी परंपरा पर गहरा आघात किया।

यही इस बात का साक्षी है कि समय-समय पर इस धरती पर महान संतों ने जन्म लिया और अपने विचारों तथा उपदेशों के जरिए समाज में परिवर्तन लाने का प्रयास किया। इन संतों ने लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि अंधविश्वासों तथा कुरीतियों से जकड़ा समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता है। इसके लिए समाज में खुलापन होना तथा लोगों का समझदार होना आवश्यक है। इस प्रकार संतों के वचन समाज परिवर्तन में अवश्य सहायक होते हैं।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

आसपास :

मन की एकाग्रता बढ़ाने की कार्य पद्धति की जानकारी अंतरजाल/यू ट्यूब से प्राप्त कीजिए।

प्रश्न 1.
मन की एकाग्रता बढ़ाने की कार्य पद्धति की जानकारी अंतरजाल/यू ट्यूब से प्राप्त कीजिए।

पाठ के आँगन में :

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए  :

संजाल :

प्रश्न 1.
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए  :

संजाल :

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 3

उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 4

2. सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए : 

प्रश्न क.
कबीर के मतानुसार प्रेम किसी, …….
1. खेत में नहीं उपजता।
2. गमले में नहीं उपजता।
3. बाग में नहीं उपजता।
उत्तर:
1. खेत में नहीं उपजता।

प्रश्न ख.
कबीर जिज्ञासु थे, …..
1. मिथ्या के।
2. सत्य के।
3. कथ्य के।
उत्तर:
2. सत्य के।

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पाठ से आगे :

कबीर जी की रचनाएँ यू टूयूब पर सुनिए ।

प्रश्न 1.
कबीर जी की रचनाएँ यू टूयूब पर सुनिए ।

भाषा बिंदु :

रेखांकित शब्दों से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए।

प्रश्न 1.
रेखांकित शब्दों से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 5.1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 6

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 3 कबीर Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
उचित पर्याय चुनकर वाक्य फिर से लिखिए।

i. कबीरदास की वाणी वह लता है, जो ………..
(क) सदैव हरी-भरी रहती है।
(ख) जीवन में रस भर देती है।
(ग) योग के क्षेत्र में भक्ति का बीज पड़ने से अंकुरित हुई थी।
उत्तर:
कबीरदास की वाणी वह लता है जो योग के क्षेत्र में भक्ति का बीज पड़ने से अंकुरित हुई थी।

ii. उत्तर के हठयोगियों के लिए समाज की ऊँच-नीच भावना, मजाक और …………….
(क) आक्रमण का विषय था।
(ख) मुक्ति का मार्ग था।
(ग) कठोर मार्ग था।
उत्तर:
उत्तर के हठयोगियों के लिए समाज की ऊँच-नीच भावना, मजाक और आक्रमण का विषय था।

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प्रश्न 2.
चौखट पूर्ण कीजिए
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 7

प्रश्न 3.
सत्य या असत्य पहचानिए।

  1. कबीर की वाणी का अनुकरण हो सकता है।
  2. तुलसीदास और कबीर के व्यक्तित्व में अंतर नहीं था।
  3. सर्वजयी व्यक्तित्व ने कबीर की वाणी में अनन्यसाधारण जीवन रस भर दिया है।
  4. एक टूट जाता था पर झुकता भी था।

उत्तर:

  1. असत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य

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प्रश्न 4.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 8

प्रश्न 5.
निम्नलिखित विधानों को पाठ में आए घटनाक्रम के अनुसार लिखिए।

  1. मुक्ति के मार्ग में अग्रसर होनेवालों को आराम कहाँ ?
  2. कबीर की वाणी का अनुकरण नहीं हो सकता।
  3. उसी ने कबीर की वाणी में अनन्य साधारण जीवनरस भर दिया है।
  4. करम की रेख पर मेख न मार सका तो संत कैसा?

उत्तर:

  1. उसी ने कबीर की वाणी में अनन्य साधारण जीवनरस भर दिया है।
  2. कबीर की वाणी का अनुकरण नहीं हो सकता।
  3. मुक्ति के मार्ग में अग्रसर होनेवालों को आराम कहाँ?
  4. करम की रेख पर मेख न मार सका तो संत कैसा?

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 9

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 10
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 11

कृति (2) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
कबीर दास जी फक्कड़ स्वभाव के थे, इस पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर:
कबीर दास जी फक्कड़ स्वभाव के थे। अच्छा हो या बुरा, सत्य हो या असत्य, जिससे एक बार चिपट गए उससे जिंदगी भर चिपटे रहो, यह सिद्धांत उन्हें मान्य नहीं था। वे सत्य के जिज्ञासु थे। कबीर को शांतिमय और सादा जीवन पसंद था और वे अहिंसा, सत्य, सदाचार आदि गुणों के प्रशंसक थे। अपनी सरलता, साधु स्वभाव तथा संत प्रवृत्ति के कारण आज अपने देश में ही नहीं विदेशों में भी उन्हें सम्मान पूर्वक याद किया जाता है। कबीर आनंदमय लोक की बातें करते थे, जो साधारण मनुष्यों की पहुंच के बहुत ऊपर है।

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(ग) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 12

प्रश्न 2.
उचित पर्याय चुनकर लिखिए।

i. केवल शारीरिक और मानसिक कवायद से दिखने वाली ज्योति ………….. है।
(क) गगन ज्योति की चमक।
(ख) जड़ चित्त की कल्पना-मात्र।
(ग) आत्मा की शांति।
उत्तर:
(ख) जड़ चित्त की कल्पना-मात्र।

ii. कबीर की यह घर-फूंक मस्ती, फक्कड़ना लापरवाही और निर्मम अक्खड़ता परिणाम थी –
(क) उनके धैर्य का।
(ख) उनके क्रोध का।
(ग) उनके अखंड आत्मविश्वास का।
उत्तर:
(ग) उनके अखंड आत्मविश्वास का।

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प्रश्न 3.
सत्य/असत्य पहचानकर लिखिए।

  1. ये फक्कड़राम किसी के धोखे में आने वाले न थे।
  2. उन्हें यह परवाह थी कि लोग उनकी असफलता पर क्या-क्या टिप्पणी करेंगे।
  3. जो वस्तु केवल शारीरिक व्यायाम और मानसिक शम-दमादि का साध्य है वह चरम सत्य नहीं हो सकती।
  4. केवल क्रिया बाह्य है, ज्ञान चाहिए। बिना ज्ञान के योग व्यर्थ है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. सत्य

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प्रश्न 4.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 13

प्रश्न 5.
चौखट पूर्ण कीजिए ।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 14

(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर 15

प्रश्न 2.
सत्य असत्य पहचानकर लिखिए।
i. प्रेम पाने के लिए राजा हो या प्रजा उसे सिर्फ एक शर्त माननी होगी, वह शर्त है सिर उतारकर धरती पर रख दें।
ii. विश्वास जिसमें संकोच है, द्विधा है, बाधा है।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 3.
सही विकल्प चुनकर लिखिए।
i. विश्वास ही इस प्रेम की,
(क) नींव है।
(ख) कुंजी है।
(ग) भक्ति है।
उत्तर:
(ख) कुंजी है।

प्रश्न 4.
समझकर लिखिए।
i. वे कायर है
उत्तरः
(क) जिसमें साहस नहीं।
(ख) जिसे अखंड प्रेम के ऊपर विश्वास नहीं।

ii. प्रेमरूपी मदिरा की विशेषता
उत्तरः
वह ज्ञान के गुण से तैयार की गई थी।

कबीर Summary in Hindi

लेखक-परिचय :

जीवन-परिचय : आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के दूबे-का-छपरा नामक ग्राम में हुआ था। द्विवेदी जी हिंदी के शीर्षस्थ साहित्यकारों में से एक हैं। उनका स्वभाव बड़ा सरल और उदार था। वे उच्चकोटि के निबंधकार, उपन्यासकार, आलोचक, चिंतक एवं शोधकर्ता थे।
प्रमुख कृतियाँ : निबंध – ‘अशोक के फूल’, ‘कल्पलता’, ‘विचार प्रवाह’ आदि।
उपन्यास – ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’, ‘चारुचंद्र लेख’, ‘पुनर्नवा’।
आलोचना और साहित्य इतिहास – मेघदूत एक पुरानी कहानी, सूर साहित्य आदि।

गद्य-परिचय :

आलोचना किसी विषय वस्तु के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उसके गुण-दोष एवं उपयुक्तता का विवेचन करने वाली विधा आलोचना है। प्रस्तावना । प्रस्तुत पाठ ‘कबीर’ के माध्यम से द्विवेदी जी ने संत कबीर के व्यक्तित्व, उनके उपदेश, उनकी साधना, उनके स्वभाव के विभिन्न गुणों को बड़े ही रोचक ढंग से स्पष्ट किया है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

सारांश :

प्रस्तुत पूरक पठन में द्विवेदी जी ने कबीर के व्यक्तित्व, दार्शनिक विचार और उनकी साधना को दर्शाया है। हिंदी साहित्य के इतिहास में कबीर जैसा व्यक्तित्व लेकर कोई लेखक उत्पन्न नहीं हुआ। उन्होंने कबीर का प्रतिद्वंद्वी तुलसीदास को बताया है परंतु तुलसीदास व कबीर के व्यक्तित्व में बहुत अंतर था। यद्यपि दोनों ही भक्त थे परंतु दोनों स्वभाव, संस्कार और दृष्टिकोण में भिन्न थे।

मस्ती, फक्कड़ाना स्वभाव और सब कुछ झाड़-फटकारकर चल देने वाले तेज ने कबीर को हिंदी साहित्य का अद्वितीय व्यक्ति बना दिया था। कबीर की वाणी का अनुकरण नहीं हो सकता। उनकी वाणी वह लता है जो योग के क्षेत्र में भक्ति का बीज पड़ने से अंकुरित हुई थी। कबीर जी सर्वजगत के पाप को अपने ऊपर ले लेने की इच्छा से विचलित नहीं होते थे बल्कि और भी कठोर व शुष्क होकर ध्यान वैराग्य का उपदेश देते थे। अक्खड़ता कबीर का गुण नहीं है। जब वे योगी को संबोधन करते हैं तभी उनकी अक्खड़ता पूरे चढ़ाव पर होती है।

वे फक्कड़ स्वभाव के थे। अच्छा हो या बुरा, खरा हो या खोटा, जिससे एक बार चिपट गए उससे जिदंगी भर चिपटे रहो’ यह सिद्धांत उन्हें मान्य नहीं था। वे सत्य के जिज्ञासु थे और कोई माया-ममता उन्हें अपने मार्ग से विचलित नहीं कर सकती थी वे बिल्कुल मस्त-मौला थे। वे प्रेम के मतवाले थे परंतु अपने को उन दीवानों में नहीं गिनते थे जो अपनी प्रेमिका के लिए सिर पर कफ़न बाँधे फिरते हैं। उन्हें संसार की अच्छी-बुरी टिप्पणियों की परवाह नहीं थी। योग के संबंध में कबीर कहते हैं कि केवल शारीरिक और मानसिक कार्यों की नियमावली से दीखने वाली ज्योति जड़ चित्त की कल्पना मात्र है। केवल क्रिया बाह्य है, ज्ञान चाहिए।

बिना ज्ञान के योग व्यर्थ है। द्विवेदी जी ने कहा है कि कबीर के लिए साधना एक विकट संग्राम स्थली थी, जहाँ कोई विरला शूरवीर ही टिक सकता है। कबीर के मतानुसार प्रेम किसी खेत में नहीं उगता, किसी बाज़ार में नहीं बिकता, फिर जो कोई भी, इसे चाहेगा, पा लेगा। वह राजा हो या प्रजा, उसे सिर्फ एक शर्त माननी होगी, वह शर्त है सिर उतारकर धरती पर रख ले। जिसमें साहस व विश्वास नहीं, वह प्रेम की गली में नहीं जा सकता।

विश्वास ही प्रेम की कुंजी है जिसमें संकोच नहीं, दुविधा नहीं और कोई बाधा नहीं। कबीर युगावतारी शक्ति और विश्वास लेकर पैदा हुए थे और युगप्रवर्तक की दृढ़ता उनमें विद्यमान थी इसलिए वे युग प्रवर्तन कर सकें। द्विवेदी जी ने कबीर जी के व्यक्तित्व के लिए एक वाक्य में कहा है कि, “कबीर सिर से पैर तक मस्त-मौला थे, बेपरवाह, दृढ़, उग्र, फूल से भी कोमल और बज्र से भी कठोर थे।”

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

शब्दार्थ :

  1. व्यक्तित्व – विशेष चरित्र
  2. महिमा – महानता, गौरव
  3. प्रतिद्वंद्वी – प्रतिस्पर्धी, प्रतियोगी
  4. दृष्टिकोण नज़रिया, विचार
  5. फक्कड़ – मस्त
  6. फक्कड़ाना – मौजी
  7. झाड़-फटकारकर – छोड़-छाड़कर
  8. अद्वितीय – बेजोड़, अद्भुत
  9. सर्वजयी – सबको जीत लेने वाला
  10. अनन्य साधारण – असाधारण
  11. अनुकरण – नकल
  12. चेष्टाएँ – कोशिश
  13. हठयोग – योग का एक प्रकार
  14. हठयोगी – हठयुक्त साधना करने वाले
  15. स्फूर्ति – उत्साह
  16. वांछा – इच्छा, चाह
  17. विरत – विमुख, वैरागी
  18. सुरत – कार्य सिद्धी का मार्ग, ध्यान
  19. मेख – छूटी, कौल, काँटा
  20. अक्खड़ता – हठी स्वभाव, निडरता
  21. अवधूत – संन्यासी
  22. कातर – व्याकुल, परेशान, दुखी
  23. द्वैत – जीव
  24. अद्वैत – ब्रह्म
  25. सत्व – अस्तित्व
  26. अच्छर हूँ – ईश्वर
  27. विनासिने – नष्ट होना
  28. क्रांतदर्शी – सर्वज्ञ, सब कुछ जानने वाला, दूरदर्शी
  29. कुसुमादपि – फूल की तरह
  30. वज्रादपि – वज़ की तरह
  31. फटकार – ਫੁੱਟ
  32. शुष्क – निर्मोही
  33. माँही – में
  34. भेष-भगवंत – ईश्वर
  35. पाही – पास
  36. चढ़ाव – वृद्धि, वेग
  37. विकट – जटिल, कठिन
  38. अवतरण – प्रस्तुत
  39. सुन्न – ब्रह्म
  40. सहज – सरल
  41. मुराड़ा – जलती हुई लकड़ी
  42. जिज्ञासु – जानने की इच्छा रखनेवाला
  43. माशूक – प्रिय
  44. शम – शांति, क्षमा
  45. तहकीक – जाँच

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 कबीर

मुहावरे

  1. दाल न गलना – सफल न होना।
  2. सिर पर कफन बाँधना – बलिदान के लिए तैयार होना।

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Class 9 Hindi Chapter 5 Atit Ke Patra Question Answer Maharashtra Board

Std 9 Hindi Chapter 5 Atit Ke Patra Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 5 अतीत के पत्र Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 5 अतीत के पत्र Questions And Answers

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 5 अतीत के पत्र Textbook Questions and Answers

पठनीय :

प्रश्न 1.
गांधीजी द्वारा लिखित ‘मेरे सत्य के प्रयोग’ (आत्मकथा)पुस्तक का कोई अंश पढ़िए।

संभाषणीय :

प्रश्न 1.
किसी महान विभूति के जीवन संबंधी कोई प्रेरक प्रसंग बताइए।
उत्तर:
(अध्यापक निर्देश : अध्यापक कक्षा में छात्रों को किसी महान विभूति के जीवन संबंधी प्रेरक प्रसंग बताने के लिए छात्रों को प्रेरित करते हैं।)
एक छात्र: मैं बाल गंगाधर तिलक के जीवन से संबंधित एक प्रेरक प्रसंग बताना चाहता हूँ।

अध्यापक: जरूर बताओ। हम सभी सुनने के लिए आतुर हैं।

छात्र: सभी जानते हैं कि बाल गंगाधर तिलक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता थे। बात उन दिनों की है जब वे स्कूल जाया करते थे। एक दिन की बात है। मध्याह्न खत्म होने के बाद बाल गंगाधर तिलक के शिक्षक कक्षा में आए। उन्होंने कक्षा में देखा कि सर्वत्र मँगफलियों के छिलके फैले हुए हैं। वे विद्यार्थियों पर नाराज हो गए। उनके पूछने पर भी किसी ने भी किसी का नाम नहीं बताया। पश्चात उनका क्रोध बढ़ गया।

उन्होंने सभी विद्यार्थियों को खड़ा कर दिया और सभी को हाथ पर बेत की लकड़ी से मारना शुरू कर दिया। जैसे ही वे बाल के पास आए तब उन्होंने बाल से हाथ आगे करने के लिए कहा। लेकिन बाल ने हाथ आगे नहीं किया। उसने बड़े स्वाभिमान से कहा कि उसने मूंगफलियाँ नहीं खाई हैं। इसलिए वह मार भी नहीं खाएगा। ऐसा कहकर वे कक्षा के बाहर चले गए। ऐसे थे बाल गंगाधर तिलक। अन्याय सहन करना उनके स्वभाव में नहीं था।

अध्यापक: बहुत बढ़िया। बच्चों स्वाभिमान का होना बहुत बड़ी बात है। हमें अपने स्वाभिमान की रक्षा करनी चाहिए।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

लेखनीय :

प्रश्न 1.
गांधी जयंती के अवसर पर एक आकर्षक कार्यक्रम पत्रिका तैयार कीजिए।
उत्तर:
सर्वोदय विद्यालय द्वारा आयोजित

गांधी जयंती

तिथि: 2 अक्टूबर 2017
कार्यक्रम स्थल: सर्वोदय विद्यालय सभागार

कार्यक्रम – सूची

प्रात: 8.00 बजे प्रार्थना
प्रात : 8.30 बजे भाषण : गांधी और आज का भारत
प्रात : 9.00 बजे संगीत गीत गांधी जी के प्रिय भजन
प्रात: 10.00 बजे सूतकताई
प्रात : 11.00 बजे प्रदर्शनी : खादी के वस्त्र एवं स्वदेशी वस्तुएँ
दोपहर: 12.00 बजे स्कूल के छात्रों द्वारा गांधी जी के निकाले गए चित्रों की प्रदर्शनी
दोपहर 12.30 बजे राष्ट्रगान

आशा है कि आप सभी सपरिवार एवं मित्र जनों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

आपका विश्वासी,
रामरतन कुमार
(कार्यक्रम प्रमुख)

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मौलिक सृजन :

प्रश्न 1.
‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार सृजन लिखिए।
उत्तर:
जिस देश में मानवीय गुणों का भंडार है, जिस देश में संस्कृति की पूजा की जाती है; वह है भारत। ऐसे भारत में जन्म लेना किसी भाग्यवान के ही नसीब में होता है। मैं भारतीय हूँ। भारत देश की सेवा एवं उसकी हिफाजत करना मेरा परम कर्तव्य है। साथ ही भारत को प्रगति की ओर ले जाना भी मेरा कर्तव्य है। मैं बड़ा होकर भारत की सेवा करूँगा एवं उसकी प्रगति के लिए भगीरथ प्रयास भी करूंगा। मैंने भारत की प्रगति का सपना देखा है। ऐसे भारत का जिसमें सिर्फ मानवता, दया, प्रेम, शांति, करुणा, वीरता, देशप्रेम ऐसे मानवीय गुणों का खजाना हो। सचमुच मेरे सपनों का भारत आदर्शबादी होगा।

वह सत्य व अहिंसा का पूर्णतः पालन करेगा। मेरे सपनों के देश में सभी ईमानदार होंगे। सर्वत्र शिक्षा का बोलबाला होगा। सभी को समान न्याय एवं अधिकार प्राप्त होगा। मेरे सपनों के भारत में सभी शिक्षा प्राप्त कर भारत के विकास के लिए जुटेंगे। कोई भी अधिक धन पाने हेतु विलायत नहीं जाएगा। मेरे सपनों के भारत में सभी खुशहाल एवं संपन्न होंगे। किसी पर कोई भी अन्याय नहीं करेगा। स्त्रियों को पुरूषों के समान अधिकार मिलेगा। बाल शोषण, स्त्री अत्याचार आदि सभी समस्याएँ नहीं होगी।

मेरे सपनों के भारत में न्याय, समता व बंधुत्व की भावना प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क पर विराजमान होगी। मेरे सपनों का भारत आर्थिक विकास में स्वयंपूर्ण होगा। सभी को रोजगार मिलेगा। मेरे सपनों का भारत भ्रष्टाचार मुक्त होगा। काले धन का नामोनिशान मिट जाएगा। मेरे सपनों के भारत में महंगाई नहीं होगी और आबादी पर नियंत्रण रखने के लिए लोगों की मानसिकता भी तैयार हो जाएगी।

सचमुच मेरे सपनों का भारत महात्मा गांधी जी के द्वारा बताए गए सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलकर विश्व में अपनी पहचान बनाएगा।

मैं हूँ यहाँ :

1 https://hi.wikipedia.org/wiki/ विनोबा भावे
2 https://hi.wikipedia.org/wiki/ महात्मा गांधी

आसपास :

प्रश्न 1.
हमारी ऐतिहासिक स्मृतियाँ जगाने वाले स्थलों की जानकारी प्राप्त कीजिए और उनपर टिप्पणी बनाइए। जैसे – आगाखान पैलेस, पुणे।

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पाठ के आँगन में :

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए :

प्रश्न क.
कार्य
स्वास्थ्य सुधार के लिए विनोबा जी द्वारा किए गए कार्य
उत्तरः
कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –
i. छह
ii. पचास
उत्तर:
i. विनोबा जी ने कितने विद्यार्थियों को अर्थसहित गीता सिखाई?
ii. आज तक विनोबा जी ने गीता पर कितने प्रवचन किए?

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 6

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 7

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी ने अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई।
ii. शुरू-शुरू से ही विनोबा जी का हिंदी पर अधिकार था।
उत्तर :
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 8

प्रश्न ख.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ) (ब)
1. विद्यार्थी मंडल (क) योजना
2. राष्ट्रीय शिक्षा (ख) व्रत
3. विनोबा जी का साध्य (ग) संस्था
4. ब्रह्मचर्य (ङ) आश्रम
(च) सत्याग्रह

उत्तरः

(अ) (ब)
1. विद्यार्थी मंडल (ग) संस्था
2. राष्ट्रीय शिक्षा (क) योजना
3. विनोबा जी का साध्य (ङ) आश्रम
4. ब्रह्मचर्य (ख) व्रत

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प्रश्न ग.
अर्थ लिखिए।
i. ‘अपरिग्रह’ शब्द से तात्पर्य है कि …………
ii. ‘रमता राम’ शब्द से तात्पर्य है कि ……….
उत्तर:
i. संग्रह न करना।
ii. एक स्थान पर न टिकने वाला व्यक्ति।

2. ‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। इस पर स्वमत लिखिए।

प्रश्न 1.
प्रत्यय पहचानिए।
i. पारिश्रमिक
ii. ज्ञानेश्वरी
उत्तरः
i. ‘इक’ प्रत्यय
ii. ‘ई’ प्रत्यय

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प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. व्रत
ii. दूध
उत्तर:
i. संकल्प
ii. क्षौर, दुग्ध

प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. पूर्ण दिवस काम करने के बाद पैसों के रूप में मिलने वाला मुआवजा –
ii. आध्यात्मिक विषय पर व्याख्यान –
उत्तर:
i. पारिश्रामिक
ii. प्रवचन

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त उपसर्गयुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः
प्रवचन, प्रवास, प्रयोग

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

प्रश्न 5.
शब्दों के शुद्ध रूप लिखिए।
i. पहुंचूंगा
ii. नीम्बू
उत्तर:
i. पहुँचूँगा
ii. नींबू

भाषा बिंदु :

प्रश्न 1.
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित करके लिखिए।
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 2.1

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 5 अतीत के पत्र Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पड़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 3

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त एक स्थान
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 4

प्रश्न 3.
सही विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए।
i. विनोबा जी आश्रम से बाहर गए थे क्योंकि
(क) उन्हें घूमने का शौक था।
(ख) वे नौकरी करते थे।
(ग) उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था।
उत्तरः
(ग) उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 5

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी ने स्वयं फ्रेंच भाषा का चयन किया था।
ii. हाईस्कूल में पढ़ते समय विनोबा जी को भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा था।
उत्तर:
i. असत्य
ii. सत्य

प्रश्न 3.
कारण लिखिए।
विनोबा जी ने खुद-ब-खुद संस्कृत का अभ्यास शुरू कर दिया था
उत्तरः
विनोबा जी को गीता से अत्यधिक प्रेम था इसलिए उन्होंने खुद ब-खुद संस्कृत का अभ्यास शुरू कर दिया था।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
i. घर
ii. पत्र
उत्तर:
i. ठिकाना, घराना, मकान, गृहस्थी
ii. शंख, पत्ता, चिट्ठी, पक्षी के पर

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

प्रश्न 2.
लिंग बदलिए।
i. विद्वान
ii. पूज्य
उत्तर:
i. विदुषी
ii. पूज्य

प्रश्न 3.
विलोम शब्द लिखिए।
i. आज्ञा × ………..
ii. खास × ………..
उत्तर:
i. अवज्ञा
ii. साधारण

प्रश्न 4.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. जीवन भर
ii. ऋषियों के रहने का स्थान
उत्तर:
i. आजन्म
ii. आश्रम

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

प्रश्न 5.
उपसर्ग पहचानिए।
i. उपनिषद
ii. अस्वास्थ्य
उत्तर:
i. ‘उप’ उपसर्ग
ii. ‘अ’ उपसर्ग

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘वेदांत, उपनिषद व गीता भारतीय संस्कृति के मूलाधार हैं।’ इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तरः
वेदांत, उपनिषद व गीता भारत के प्राचीन एवं धार्मिक ग्रंथ हैं। ये संस्कृत में लिखे गए हैं। ये हिंदू धर्म के सर्वोच्च व सर्वोपरि ग्रंथ हैं। इनमें सभी प्रकार का ज्ञान समाहित है। जिनमें ज्योतिष, गणित, विज्ञान, धर्म, औषधि, प्रकृति, खगोलशास्त्र आदि से संबंधित ज्ञान का भंडार भरा हुआ है। इनमें परमेश्वर, परमात्मा, ब्रह्म व आत्मा से संबंधित वर्णन है। ये ग्रंथ आध्यात्मिक चिंतन से परिपूर्ण हैं। दरअसल ये ग्रंथ हमारी संस्कृति की रीढ़ हैं। इनके बिना भारतीय संस्कृति की व्याख्या नहीं की जा सकती। इसलिए वेदांत, उपनिषद व गीता भारतीय संस्कृति के मूलाधार हैं।

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –
i. छह
ii. पचास
उत्तर:
i. विनोबा जी ने कितने विद्यार्थियों को अर्थसहित गीता सिखाई?
ii. आज तक विनोबा जी ने गीता पर कितने प्रवचन किए?

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प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 6

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 7

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी ने अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई।
ii. शुरू-शुरू से ही विनोबा जी का हिंदी पर अधिकार था।
उत्तर :
i. सत्य
ii. असत्य

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प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 8

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः
सच ही कहा गया है कि स्वास्थ्य ही संपत्ति है। यदि शरीर स्वस्थ होगा, तो व्यक्ति का मन भी स्वस्थ रहेगा। तन और मन में गहरा संबंध होता है। आखिर स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। शरीर के स्वस्थ रहने से व्यक्ति को किसी भी प्रकार की बीमारी छूती नहीं है। जिस कारण उसे किसी भी प्रकार का कष्ट भी नहीं पहुंचता है। वह हमेशा प्रसन्न रहता है। इस कारण उसका मन भी प्रसन्न रहता है। ऐसे व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक क्रियाएँ संतुलित रहती हैं और वह अपने शारीरिक एवं मानसिक क्रियाओं को भी अपने वश में रखता है। स्वस्थ शरीर के माध्यम से ही मानसिक विचार एवं भावनाओं में संतुलन निर्माण किया जा सकता है।

(ग) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 9

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी ने अपने मित्रों के साथ बड़ौदा में मातृभाषा के प्रसार के लिए एक संस्था स्थापित की।
ii. विनोबा जी ने बंडी, कोट, टोपी वगैरह पहनने का व्रत लिया।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 10

प्रश्न 2.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
i. सत्य-अहिंसा-ब्रह्मचर्य
ii. धोती
उत्तर:
i. विनोबा जी ने किस व्रत का पालन किया?
ii. विनोबा जी शरीर पर क्या ओढ़ लेते थे?

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए।
i. महीना
ii. प्रयास
उत्तर:
i. मास
ii. प्रयत्न

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

प्रश्न 2.
वचन बदलिए।

  1. कटोरी
  2. थाली
  3. कपड़ा
  4. पुस्तकें

उत्तर:

  1. कटोरियाँ
  2. थालियाँ
  3. कपड़े
  4. पुस्तक

प्रश्न 3.
गद्यांश से प्रयुक्त विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः
स्वदेशी × परदेशी

प्रश्न 4.
भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
i. वर्ग
उत्तरः
श्रेणी, अध्याय, जाति

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सत्य व अहिंसा की महिमा अपार है।’ अपना मत व्यक्त कीजिए।
उत्तरः
सत्य व अहिंसा जीवन के तत्त्व हैं। सत्य व अहिंसा की धार तलवार की धार से भी अधिक तेज होती है। सत्य भगवान है और अहिंसा उसे पाने का साधन है। जहाँ सत्य होता है वहीं पर ज्ञान होता है और जहाँ पर अहिंसा होती है; वहाँ पर शांति का साम्राज्य होता है। सत्य सर्वशक्तिमान होता है और अहिंसा अजेय शक्ति होती है।

महात्मा गांधी स्वयं सत्य व अहिंसा के पुजारी थे। उन्होंने सत्य व अहिंसा के माध्यम से ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ एवं ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ किए। इन्हीं तत्त्वों को आधार बनाकर उन्होंने मानव को नव निर्माण की नई राह दिखाई। भारत को आजाद कराने के लिए उन्होंने इन्हीं तत्त्वों की सहायता ली थी। उपर्युक्त विवेचन से स्पष्ट है कि सत्य व अहिंसा की महिमा अपार है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तरः
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 11

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ) (ब)
1. आश्रम (क) सत्याग्रह
2. राष्ट्रीय शिक्षा (ख) साध्य
3. रेल (ग) योजना

उत्तर:

(अ) (ब)
1. आश्रम (ख) साध्य
2. राष्ट्रीय शिक्षा (ग) योजना
3. रेल (क) सत्याग्रह

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
i. आश्रम
ii. भाकरी
उत्तरः
i. विनोबा जी का साध्य क्या था?
ii. विनोबा जी प्रवास में क्या नहीं बना सकते थे?

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. विनोबा जी गांधी जी को पितृतुल्य मानते थे।
ii. विनोबा जी अन्य किसी सत्याग्रह में सम्मिलित होना नहीं चाहते थे।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
उपसर्ग पहचानिए।
i. परिवर्तन
i. आचरण
उत्तर:
i. परि’ उपसर्ग
ii. ‘आ’ उपसर्ग

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।
i. सत्याग्रह
ii. शिक्षा
उत्तर:
i. सत्याग्रह + ई = सत्याग्रही
ii. शिक्षा + इक = शैक्षिक

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प्रश्न 3.
विरामचिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।
i. मेरी इच्छा है आप मुझे पत्र लिखिए
उत्तरः
मेरी इच्छा है, ‘आप, मुझे पत्र लिखिए।’

प्रश्न 4.
विलोम शब्द लिखिए।
i. साध्य × …………….
ii. सवाल × ………….
उत्तर:
i. असाध्य
ii. जबाब

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख आधार था।’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
‘सत्याग्रह’ का अर्थ है- सत्य के लिए आग्रह यानी सत्य को सदैव पकड़े रहना या उसके मार्ग पर चलना। हिंसा के बदले में अहिंसा से पेश आना। अन्यायी के प्रति बैर भाव न रखना या कभी क्रोध नहीं करना-ये सत्याग्रह के प्रमुख तत्त्व हैं। सत्याग्रह एक अहिंसक प्रतिकार है परंतु वह निष्क्रिय नहीं। इसी सत्याग्रह को गांधी जी ने अपनाया था।

उन्होंने भारत को आजादी दिलाने के लिए समस्त भारतवासियों को सत्याग्रह का मार्ग बतलाया। सभी भारतीयों ने सत्याग्रह का पालन कर स्वतंत्रता आंदोलन में अपना योगदान दिया। सत्याग्रह ने सभी लोगों में जोश, देशप्रेम, उमंग, उत्साह व उल्लास का वातावरण निर्माण किया था। सत्याग्रह करने वाले सत्याग्रहियों के सामने अंग्रेजों की एक न चली। आखिर उन्हें हार माननी पड़ी।

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(ङ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 12

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 13

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 14

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 15

प्रश्न 3.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. गांधी जी को पिता का पद प्रेमपूर्वक भेंट के रूप में दिया था।
ii. गांधी जी ने स्वयं को ‘भीम’ कहा है।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
i. पद
ii. भेंट
उत्तर:
i. ओहदा, पैर, शब्द, कविता का चरण
ii. उपहार, मिलन

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।
i. मुंह
ii. उद्गार
उत्तर:
i. मुख
ii. कथन

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प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. जो सत्य के मार्ग पर चलता है –
ii. जो चरित्र से पूर्ण हो –
उत्तर:
i. सत्यवादी
ii. चरित्रवान

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त उपसर्ग व प्रत्यय युक्त शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तरः
उपसर्ग युक्त शब्द – असमर्थ
प्रत्यय युक्त शब्द – चरित्रवान, विशेषता, मान्यता

प्रश्न 5.
‘अपमान करना’ इसके लिए परिच्छेद में प्रयुक्त मुहावरा है।
उत्तर:
निरादार करना।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सच्चा पुत्र वह है; जो पिता ने जो कुछ किया है उसमें वृद्धि करें।’ क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
जी हाँ, मै उपर्युक्त कथन से सहमत है। सच्चे पुत्र के पास धैर्य, सहनशीलता, प्रेम, मेहनत करने की लगन आदि मानवीय गुण होते हैं। सच्चा पुत्र अपने पिता से प्राप्त विरासत एवं संपत्ति में वृद्धि करता है। वह अपने कर्तव्य से उसमें चार चाँद लगा देता है। दरअसल उसे स्वयं से कमाए हुए नाम, शोहरत, यश, प्रसिद्धि एवं कीर्ति पर नाज होता है। जैसे कि हरिवंशराय बच्चन जी ने साहित्य के द्वारा संपूर्ण देश में नाम कमाया। लेकिन उनके पुत्र अभिताभ जी ने अपने पिता द्वारा अर्जित श्रेय में वृद्धि कर दिखाई। उन्होंने अपने अभिनय के बल पर संपूर्ण विश्व को आकर्षित कर दिया। आखिर वही सच्चा पुत्र होता है जो पिता के नाम, शोहरत, यश एवं सम्मान को आगे तक बढ़ाएँ।

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(च ) गद्यांश पड़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न बनाइए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
i. दिल्ली
ii. खेड़ा
उत्तर:
i. दो-एक दिन में गांधी जी कहाँ जाने वाले थे?
ii. गांधी जी के अनुसार कौन-से जिले में सत्याग्रह शुरू करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

प्रश्न 2.
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 16

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 17

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।
i. गांधी जी ने मामा फड़के को दूध पीने की सलाह दी।
ii. गांधी जी के अनुसार विनोबा ‘बहुत बड़े मनुष्य’ थे।
उत्तर:
i. असत्य
ii. सत्य

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कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
विरामचिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।
i. बहुत बड़ा मनुष्य है वह
ii. ईश्वर तुम्हें दीर्घायु करें जीवन में तुम्हारी प्रगति हो और तुम्हारा उपयोग हिंद की उन्नति के लिए हो यही मेरी कामना है
उत्तर:
i. “बहुत बड़ा मनुष्य है वह!”
ii. ईश्वर तुम्हें दीर्घायु करें। जीवन में तुम्हारी प्रगति हो और तुम्हारा उपयोग हिंद की उन्नति के लिए हो, यही मेरी कामना है।

प्रश्न 2.
उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।
i. उत्सुक
ii. उपयोग
उत्तर:
i. उत्सुकता
ii. उपयोगी

प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. एक स्थान पर न टिकने वाला –
उत्तर :
रमता राम

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कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘बापू सभी भारवासियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
बापू स्वयं एक संस्कृति थे। वे दया, प्रेम, करूणा, मानवता, शांति, सत्य, अहिंसा, सहनशीलता, शालीनता आदि गुणों के भंडार थे। ‘सादा जीवन व उच्च विचार’ यही उनकी जीवन प्रणाली थी। बापू नव संस्कृति के दूत थे। धरती पर मानवीय गुणों की स्थापना करने हेतु ही वे यहाँ पधारे थे। उन्हीं के विचारों एवं कार्यों को अपनाकर समस्त भारतवासियों ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था। वे बापू ही थे जिनकी एक आवाज पर लाखों लोग सत्याग्रह करने के लिए निकल पड़ते थे। उन्हीं के मार्ग का अवलंबन करते हुए आज भारत प्रगति कर रहा है। आज भी बापू द्वारा बताए गए मार्ग पर भारत चल रहा है। सचमुच आज भी बापू सभी भारतवासियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।

भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ

भाषा बिंदु :

प्रश्न 2.
काल परिवर्तन कीजिए।
i. उस समय मुझे भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा। (पूर्ण भूतकाल)
ii. मैने देशसेवा करने का व्रत लिया था। (सामान्य वर्तमानकाल)
उत्तर:
i. उस समय मुझे भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा था।
ii. मैं देशसेवा करने का व्रत लेता हूँ।

प्रश्न 3.
अधोरेखित शब्दों के भेद पहचानिए।
i. विनोबा जी ने परम पूज्य बापू जी को पत्र लिखा।
ii. वैसे मामा को मैंने एक-दो पत्र लिखे थे।
उत्तर:
i. परम पूज्य – विशेषण – गुणवाचक
ii. मैंने – सर्वनाम – उत्तम पुरुषवाचक

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

प्रश्न 4.
संधि-विच्छेद कीजिए।

  1. नमस्कार
  2. विद्यार्थी
  3. सत्याग्रह
  4. वाचनालय
  5. वार्षिकोत्सव
  6. निरादार
  7. दीर्घायु

उत्तर:

  1. नमः + कार
  2. विद्या + अर्थी
  3. सत्य + आग्रह
  4. वाचन + आलय
  5. वार्षिक + उत्सव
  6. निः + आदर
  7. दीर्ध + आयु

प्रश्न 5.
अव्यय पहचानिए।
i. आज तक ऐसे कोई पचास प्रवचन किए।
ii. एक महीना केले, दूध और नींबू पर बिताया।
उत्तर :
i. आज तक – क्रियाविशेषण अव्यय
ii. और – समुच्चयबोधक अव्यय

प्रश्न 6.
रचना की दृष्टि से वाक्यों के प्रकार पहचानिए।

  1. अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई और ज्ञानेश्वरी चार विद्यार्थियों को सिखाई।
  2. फिर भी अगर इसे छोड़ा जा सकता हो तो छोड़ देने की मेरी इच्छा है।
  3. राष्ट्रीय शिक्षा की योजना क्या है?
  4. मैं आश्रम का ही हूँ।
  5. जब आप मुझे पत्र लिखेंगे तब मुझे बेहद खुशी होगी।

उत्तर:

  1. संयुक्त वाक्य
  2. मिश्र वाक्य
  3. प्रश्नार्थक वाक्य
  4. विधानार्थक वाक्य
  5. संदेशसूचक वाक्य

प्रश्न 7.
काल के प्रकार पहचानिए।
i. मैं तुरंत ही पहुँच जाऊँगा।
ii. आश्रम के नियमों के अनुसार मैं अपना आचरण रखता हूँ।
उत्तर:
i. सामान्य भविष्यकाल
ii. सामान्य वर्तमानकाल

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

प्रश्न 8.
अव्ययों का वाक्य में प्रयोग कीजिए।

  1. पास
  2. कि
  3. वाह

उत्तर:

  1. उसके पास मेरे सौ रूपए हैं।
  2. मैंने कहा कि वे अपने घर चले गए।
  3. वाह! क्या बात है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित बाक्य में प्रयुक्त क्रियाओं के भेद पहचानिए।
i. दो-एक दिन में मैं दिल्ली जाऊँगा।
ii. अब मुझे आप लोगों से सत्याग्रह करवाना पड़ेगा।
उत्तर:
i. जाऊँगा – अकर्मक क्रिया
ii. करवाना – प्रेरणार्थक क्रिया

अतीत के पत्र Summary in Hindi

लेखक-परिचय :

जीवन-परिचय : विनोबा भावे (1895 – 1982)
विनोबा भावे का पूरा नाम विनायक नरहरी भावे है। आप गांधी जी के सहयोगी थे। गांधीवादी विचारधारा को समाज में मान्यता दिलवाने के लिए आपने अथक प्रयास किया। विनोबा जी मराठी व हिंदी भाषा के ज्ञाता थे। इन्होंने गीता का मराठी में अनुवाद किया। इन्हें भारत का राष्ट्रीय अध्यापक और महात्मा गांधी का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी समझा जाता है। प्रमुख कृतियाँ : गीताई (गीता का मराठी में अनुवाद) गीता पर वार्ता, शिक्षा पर विचार आदि कुछ प्रमुख रचनाएँ हैं।

जीवन-परिचय : महात्मा गांधी (1869 – 1948)
गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। गांधी जी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख प्रेरणा थे। गांधी जी एक दार्शनिक, विचारक, शिक्षाशास्त्री एवं लेखक थे। भारत देश को आजाद कराने के लिए इन्होंने भगीरथ प्रयत्न किए थे।
प्रमख कतियाँ : ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ (आत्मकथा), ‘हिंद स्वराज्य या इंडियन होमरूल’ इनके अतिरिक्त लगभग प्रत्येक दिन अनेक व्यक्तियों और समाचार पत्रों के लिए लेखन करते थे।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

गद्य-परिचय :

पत्र : पत्र गद्य विधा का एक प्रकार है। पत्र के माध्यम से एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को अपने विचार, अपनी भावना, अपना जीवनविषयक दृष्टिकोण एवं अपने मूल्यों को पहुँचाने का कार्य करता है।

प्रस्तावना : ‘अतीत के पत्र’ में विनोबा जी एवं गांधी जी के पत्रों को समाहित किया गया है। इन पत्रों के माध्यम से पाठकों को देशसेवा व्रत, अनुशासन, दृढ़ निश्चय, विश्वास, समर्पण एवं श्रद्धा जैसे मानवीय गुणों के दर्शन होते हैं।

सारांश :

हिंदी साहित्य में पत्र लेखन’ गद्य की विधा है। प्रस्तुत पाठ पत्र गद्य विधा का एक प्रकार है। इसमें दो पत्र हैं। पहला पत्र आचार्य विनोबा भावे जी ने गांधी जी को लिखा है, जिसमें प्रकृति, स्वास्थ्य, ब्रह्मचर्य व्रत, देशसेवा व्रत, गीता अध्ययन, संस्कृत भाषा के प्रति रूचि, उपनिषदों का अध्ययन, परिश्रम, अनुशासन, सत्याग्रहाश्रम के तत्त्वों का प्रचार, मातृभाषा प्रसार कार्य, सत्य-अहिंसा व गांधी जी के प्रति समर्पण व श्रद्धा आदि बिंदुओं का वर्णन किया गया है। दूसरा पत्र महात्मा गांधी जी ने आचार्य विनोबा भावे जी को लिखा है। वास्तव में विनोबा जी का पत्र पढ़कर गांधी जी फूले नहीं समाए थे और विनोबा जी का वर्णन करते हुए ‘भीम है भीम’ यह उद्गार निकाले थे।

गांधी जी के लिए विनोबा उनके पुत्र से भी बढ़कर थे। इसीलिए गांधी जी ने पत्र में ‘सच्चा पुत्र वह है; जो पिता ने जो कुछ किया है उसमें वृद्धि करें। वे विनोबा जी द्वारा दिया गया पिता का पद बड़े आनंद से स्वीकार करते हैं। इस प्रकार प्रस्तुत दोनों पत्र उच्चतम मानवीय गुणों के अनमोल उपहार हैं। इनका पठन एवं मनन मानवीय गुणों को अपनाने के समान है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र

शब्दार्थ :

  1. अस्वादव्रत – फीका भोजन करने का व्रत
  2. अपरिग्रह – संग्रह न करना
  3. करघा – कपड़ा बुनने का यंत्र
  4. रमता राम – फक्कड़, एक स्थान पर न टिकनेवाला
  5. वाकचातुर्य – बोलने में चतुर
  6. अचेतन – चेतनारहित
  7. ब्रह्मचारी – संन्यासी
  8. वेदांत व उपनिषद – भारतीय प्राचीन धार्मिक ग्रंथ
  9. सत्याग्रह – सत्य का आग्रह
  10. गोरख व मछंदर – नवनाथों में से दो नाथ। एक गोरखनाथ व दूसरे मछिंदर नाथ।
  11. सत्यवादी – सत्य की राह पर चलने वाला।

मुहावरे :

  • हाथ लगना – प्राप्त होना।
  • हृदय में स्थान बनाना – किसी का प्रिय बनना।
  • निरादर करना – अपमान करना।

Hindi Lokbharti 9th Std Digest दूसरी इकाई

Class 9 Hindi Chapter 2 Main Bartan Majunga Question Answer Maharashtra Board

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions Hindi Lokvani Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Std 9 Hindi Chapter 2 Main Bartan Majunga Question Answer Maharashtra Board

Hindi Lokvani 9th Digest Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा Questions And Answers

1. संजाल पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा 1

2. निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय छाँटकर लिखिए।

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय छाँटकर लिखिए।
1. किताबी
2. पढ़ाकू
उत्तर:
1. प्रत्यय – ई
2. प्रत्यय – आकू

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

3. गद्यांश पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर प्राप्त होने वाली प्रेरणा लिखिए।
उत्तर:
इस गद्यांश को पढ़कर हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हमें अपने समय का हमेशा सदुपयोग करना चाहिए। हमें कभी-भी अपना समय पुस्तकें पढ़ने एवं अपने आवश्यक कार्य करने में ही व्यतीत करने चाहिए। समय का दुरुपयोग कभी नहीं करना चाहिए। समय के सदुपयोग से ही व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है तथा अपने जीवन में विकास कर सकता है। समय का सदुपयोग न करने से व्यक्ति का कार्य भी नहीं हो पाता और वह अन्य परेशानियों में फँस जाता है। अत: हमें पाठ के विश्वकर्मा सर से प्रेरणा लेते हुए ऐसा करना चाहिए कि हम भी अपना अमूल्य समय बर्बाद न होने दें।

4. कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
पुस्तकों की ढेरियाँ बना रखी थी क्योंकि
उत्तर:
पुस्तकों की ढेरियाँ बना रखी थी क्योंकि कमरे में आलमारी नहीं थी।

प्रश्न 2.
मित्रों द्वारा मूर्ख समझे जाने पर भी लेखक महोदय खुश थे क्योंकि
उत्तर:
मित्रों द्वारा मूर्ख समझे जाने पर भी लेखक महोदय खुश थे क्योंकि लेखक जानते थे कि मूर्ख कौन है।

5. ‘अध्यापक के साथ विद्यार्थी का रिश्ता’ विषय पर स्वमत लिखिए।

प्रश्न 1.
‘अध्यापक के साथ विद्यार्थी का रिश्ता’ विषय पर स्वमत लिखिए।
उत्तर:
प्राचीन काल से गुरु-शिष्य का संबंध बड़ा ही गहरा और पवित्र रहा है। गुरु अपने शिष्य का सबसे बड़ा मार्गदर्शक होता है। उसके द्वारा दिए जाने वाला हर ज्ञान, शिष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। गुरु शिष्य पर आने वाली हर मुसीबत में उसका साथ देता है। इसलिए कहा गया है – गुरु बिन ज्ञान न होत है, गुरु बिन दुआ अजान। गुरु बिन इंद्रिय न सधै, गुरु बिन बढ़े न शान। शिष्य भी अपने गुरु को भगवान स्वरूप मानता है। वह गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश समझता है। गुरु के कहे हर शब्द को वह आदेश मानकर उसका पालन करता है। प्रश्न ४ (घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

भाषा बिंदु:

प्रश्न 1.
रचना की दृष्टि से वाक्य पहचानकर अन्य एक वाक्य लिखिए।
उत्तर:
जब पाठ्यपुस्तक पढ़ते-पढ़ते
ऊब जाओ, तब झट कोई बाहरी
रुचिकर पुस्तक पढ़ा करो।

प्रश्न 2.
जब पानी बरस रहा था, तब मैं घर के भीतर था।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा 2

लेखनीय:

प्रश्न 1.
‘कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता’ इस पर एक प्रसंग लिखकर उसे कक्षा में सुनाइए।
उत्तर:
महात्मा गाँधी ने कहा था कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। बल्कि इंसान की सोच बड़ी होनी चाहिए। इस वाक्य पर एक प्रसंग मुझे याद आया जो इस प्रकार है: सतीश एक बहुत ही अच्छा मकैनिक था, जो अपने काम के आगे सभी लोगों के काम को छोटा समझता था। उसको लगता था कि जो काम वह कर रहा है वही सबसे अच्छा काम है बाकी सब लोगों का काम बेकार है। एक दिन एक डॉक्टर साहब अपनी कार लेकर उसके पास आए और बोले भाई इसको देखना क्या हो गया।

वह डॉक्टर एक सर्जन थे और बड़े ही अच्छे स्वभाव के थे। सतीश भी बड़े लोगों की गाड़ियों को देखकर बहुत ही खुश होता था। गाड़ी सही करते वक्त वह डॉक्टर साहब से बोला- आप का और मेरा काम तो एक समान है, फिर भी आप मुझसे ज्यादा पैसा क्यों कमाते हैं? आप देखो न, जैसे मैं गाड़ी का इंजन खोलता हूँ उसी तरह आप भी ऑपरेशन करते हैं।

डॉक्टर साहब बहुत ही विनम्र होकर बोले, आप जो काम करते हो वे जिंदा लोगों पर नहीं करते हो, आप के काम में कुछ देर हो जाए तो आप कल कर सकते है, लेकिन मेरा काम जिंदा लोगों पर ही होता है, जिसमें आप बिलकुल भी देर नहीं कर सकते है। यह बात सुनकर सतीश को समझ में आ गया कि कोई काम बड़ा या छोटा नहीं होता है। बस इंसान की सोच बड़ी होनी चाहिए।

रचनात्मकता की ओर:

मौलिक सृजन:

प्रश्न 1.
‘नम्रता होती है जिनके पास, उनका ही होता मौलिक सृजन दिल में वास।’ इस विषय पर अन्य सुवचन तैयार कीजिए।
उत्तर:

  1. आत्मसम्मान की भावना ही नम्रता की औषधि है।
  2. नम्रता की ऊँचाई नापने के लिए ब्रह्मांड का कोई भी मापक यंत्र सक्षम नहीं।
  3. किसी महान व्यक्ति की प्रथम परीक्षा उसकी नम्रता से लेनी चाहिए।
  4. नम्रता के पीछे स्वार्थ हो, तो वह ढोंग है।
  5. जिसमें नम्रता नहीं आती, वे विद्या का पूरा सदुपयोग नहीं कर सकते।
  6. नम्रता से वे कार्य भी बन जाते हैं जो कठोरता से नहीं बन पाते।
  7. नम्रता स्वर्ग के रास्ते की कुंजी है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

आसपास:

प्रश्न 1.
दूसरे शहर-गाँव में रहने वाले अपने मित्र को आसपास विद्यालय के अनुभव सुनाइए।
उत्तरः
मैं गर्मी की छुट्टियों में अपने ननिहाल (मामा के घर) गया। मेरे मामा का लड़का राकेश भी नौवीं में पढ़ता था। उसने मुझसे मेरे विद्यालय के बारे में पूछा तो मैंने बताया कि मेरा विद्यालय शहर के बीचों बीच है। मेरे विद्यालय में पुस्तकालय और खेल का मैदान भी है। मेरे विद्यालय में बहुत अच्छी पढ़ाई होती है। सभी अध्यापक और अध्यापिकाएँ समय पर कक्षा में आते हैं तथा अपना विषय अच्छे तरीके से पढ़ाते हैं। यदि हमें कुछ प्रश्न या सवाल समझ में नहीं आता है तो वे हमें बार-बार समझाते और अतिरिक्त कक्षा में भी पढ़ाते हैं। मेरे विद्यालय में बहुत कड़ा अनुशासन है। कोई भी अनुशासन को नहीं भंग करता है। सभी लड़के और लड़कियाँ एक साथ मिल-जुलकर रहते हैं और एक दूसरे की सहायता भी करते हैं। मेरे विद्यालय में समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं इसमें सभी लड़के और लड़कियाँ भाग लेते हैं। मेरे विद्यालय में हमेशा खेल-कूद का भी आयोजन होता है तथा अनेक विद्यार्थी खेलों में भी प्रथम स्थान पाते हैं। मेरे विद्यालय का अनुशासन शिक्षा व्यवस्था तथा शिष्टाचार बहुत ही अच्छा है।

पाठ से आगे:

प्रश्न 1.
‘स्वयं अनुशासन’ पर कक्षा में चर्चा कीजिए तथा इससे संबंधित तक्तियाँ बनाइए।
उत्तर:

  • मोहन – अनुशासन क्या है?
  • श्याम – अनुशासन कुछ ऐसा है जो सभी को अच्छे से नियंत्रित करके रखता है। यह व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और सफल बनाता है।
  • राकेश – इसकी जरूरत क्यों होती है?।
  • रमेश – जीवन में सही रास्ते पर चलने के लिए हर एक व्यक्ति में अनुशासन की बहुत जरूरत पड़ती है। अनुशासन के बिना जीवन बिल्कुल निष्क्रिय और निरर्थक हो जाता है।
  • मोहन – अनुशासन कितने प्रकार का होता है?
  • श्याम – अनुशासन दो प्रकार का होता है, एक वो जो हमें बाहरी समाज से मिलता है और दूसरा वो जो हमारे अंदर स्वयं उत्पन्न होता है।
  • राकेश – स्वयं अनुशासन का क्या अर्थ होता है?
  • रमेश – स्वयं अनुशासन का सभी व्यक्तियों के लिए अलग-अलग अर्थ होता है जैसे विद्यार्थियों के लिए इसका मतलब है सही समय पर एकाग्रता के साथ पढ़ना और दिए गए कार्य को पूरा करना।
  • सतीश – स्वयं अनुशासन की जरूरत क्यों है?
  • श्याम – हर व्यक्ति में स्व-अनुशासन की बहुत जरूरत है क्योंकि आज के आधुनिक समय में किसी को भी दूसरों को अनुशासन के लिए प्रेरित करने का समय नहीं है।
  • राकेश – क्या अभिभावक को भी स्वयं अनुशासन की जरूरत होती है।
  • रमेश – अभिभावक को स्व-अनुशासन को विकसित करने की जरूरत है क्योंकि उसी से वो अपने बच्चों को भी अनुशासन की शिक्षा दे सकते हैं। उन्हें हर समय अपने बच्चों को प्रेरित करते रहने की जरूरत पड़ती है जिससे वो दूसरों से अच्छा व्यवहार करें और हर कार्य को सही समय पर करें।

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विद्यालय में अनुशासन से संबंधित कुछ बातें:

  1. कम बोलें, धीमा बोलें तथा मीठा बोलें।
  2. सदाचार का पालन करें।
  3. अपने गुरुजन का सम्मान करें।
  4. हमेशा शिष्टता का व्यवहार करें।
  5. अपना गृहकार्य अवश्य पूरा करें।
  6. विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता में अवश्य भाग लें।
  7. समय पर विद्यालय आएँ।

Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (2): शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
लिंग परिवर्तन कीजिए।
1. दादी
2. पिता
उत्तर:
1. दादा
2. माता

प्रश्न 2.
निम्न शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।
1. डर × ………….
2. विद्वान × …………..
उत्तर:
1. निडर
2. मूर्ख

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कृति (3): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘जीवन में शिक्षा का महत्त्वपूर्ण स्थान है।’ अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
शिक्षा का हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान है। शिक्षा वह है, जो मनुष्य को ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ उसके हृदय एवं आत्मा का विकास करती है। शिक्षा हमारी समृद्धि में आभूषण, विपत्ति में शरण स्थान और समस्त कालों में आनंद देने वाली होती है। जीवन लक्ष्य की पूर्ति के लिए शिक्षा आवश्यक है। शिक्षा हमें स्वयं के विकास के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास के लिए भी प्रेरित करती है। शिक्षा ही मनुष्य को जीवन की विविध परिस्थितियों से समायोजन करना सीखाती है।

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा 3

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
विश्वकर्मा सर को इसका शौक था।
उत्तर:
पढ़ने का

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

कृति (2): शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
वचन परिवर्तन कीजिए।
1. अध्यापकगण
2. पुस्तक
उत्तर:
1. अध्यापक
2. पुस्तकें

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।
1. शौक
2. गजब
उत्तर:
1. रुचि
2. अद्भुत

(ग) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा 4

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य पहचानकर लिखिए।
1. विश्वकर्मा सर का कमरा बरतनों से भरा हुआ था।
2. विषय बदलने से दिमाग में ताजगी आ जाती है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

प्रश्न 3.
कारण लिखिए।
लेखक के साथी उनको चिढ़ाते थे क्योंकि
उत्तर:
लेखक के साथी उनको चिढ़ाते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि लेखक इधर-उधर की पुस्तकों से समय बरबाद करते हैं।

कृति (2): शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
गद्यांश से शब्द-युग्म शब्दों की जोड़ियाँ लिखिए।
उत्तर:
1. मंद – मंद
2. एक – एक

प्रश्न 2.
गद्यांश से विरुद्धार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
1. खाली × …………….
2. मोटी × ……………
उत्तर:
1 भरा
2. पतली

कृति (1): आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
1. विश्वकर्मा सर का यह क्रम ज्यों-का-त्यों बना रहा –
2. भोजन बनाने में इतना समय लगता है –
उत्तर:
1. बरतन धोने का
2. करीब दो घंटे

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प्रश्न 2.
कारण लिखिए।
विश्वकर्मा सर हमेशा बरतन धोते थे क्योंकि
उत्तर:
विश्वकर्मा सर हमेशा बरतन धोते थे क्योंकि खाना बनाने में पूरे दो घंटे लगते हैं और बरतन धोने में सिर्फ दस मिनट।

कृति (2): शब्द-संपदा

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द लिखिए।
1. समय
2. खुश
उत्तर:
1. वक्त
2. प्रसन्न

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।
1. मित्र × ………….
2. मूर्ख × …………
उत्तर:
1. शत्रु
2. विद्वान

कृति (3): स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘आदर्श शिक्षक’ पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
शिक्षक एक विशाल इमारत की नींव की तरह होते हैं। जिस इमारत की नींव ही कमजोर हो, तो उस इमारत का कोई भविष्य नहीं होता है। उसी तरह आदर्श शिक्षक न हो तो विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित नहीं होता । शिक्षक अनुशासन प्रिय होते हैं । अपने विषय को वे इस तरह समझाने का प्रयत्न करते हैं, जिसे सामान्य से सामान्य विद्यार्थी भी समझ सकें। वे अपने विद्यार्थियों में संयम, सेवा, त्याग, सहयोग और देशभक्ति के बीज बोते हैं।

मैं बरतन माँगूँगा Summary in Hindi

लेखक-परिचय:

हमराज भट्ट हिंदी के आधुनिक साहित्यकारों में से एक है। हमराज भट्ट की बालसुलभ रचनाएँ बहुत प्रसिद्ध हैं। इनकी कहानियाँ, निबंध, संस्मरण विविध पत्र-पत्रिकाओं में समय-समय पर प्रकाशित होती रहती हैं।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

गद्य-परिचय:

आत्मकथात्मक कहानी: आत्मकथा हिंदी साहित्य में गद्य की एक विधा है। इसमें स्वयं या कहानी का कोई पात्र ‘मैं’ के माध्यम से पूरी कहानी का आत्मचित्रण करता है।

प्रस्तावना: प्रस्तुत पाठ ‘मैं बरतन माँगूंगा’ में लेखक हमराज भट्ट जी ने समय की बचत, समय का उचित उपयोग एवं
अध्ययनशीलता जैसे गुणों को दर्शाया है।

सारांश:

प्रस्तुत पाठ में लेखक ने बचपन के एक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा है कि उन्हें बचपन में विषय के अतिरिक्त दूसरी पुस्तक पढ़ने की आदत नहीं थी। वह अपने गुरु जी के डर से पाठ्यक्रम की कविताएँ ही रट लिया करते थे। उनके पिता जी कभी पत्रिका लाते थे तो वह लेखक को पढ़ने के लिए नहीं मिलता था।

आठवीं पास करने के बाद नौवीं में पढ़ने के लिए उनके घरवालों ने उन्हें अच्छी नसीहत देकर शहर भेज दिया। उनके साथ गाँव के दो साथी और थे। तीनों एक साथ कमरा लेकर उसमें रहने लगे।

वह जिस कमरे में रहते थे उसके सामने उनके तीन अध्यापक भी रहते थे पुरोहित जी, खान साहब और विश्वकर्मा जी। तीनों अध्यापक साथ-साथ बनाते खाते थे; उनमें कोई भेदभाव नहीं था। लेखक और उनके साथियों ने गौर किया कि विश्वकर्मा सर हमेशा बरतन माँजते थे जबकि पुरोहित और खान साहब कभी बरतन नहीं माँजते थे। विश्वकर्मा सर को पढ़ने का भी शौक था। वह हर वक्त किताबों में ही डूबे रहते। उन्हें देखकर लेखक भी उनसे पुस्तकें लेकर पढ़ना चाहता था। एक दिन किसी बहाने से वह उनके कमरे में गया तो वहाँ अनेक पुस्तकों को देखा। आलमारी ना होने के कारण पुस्तकें जमीन पर ही पड़ी थी । विश्वकर्मा सर ने लेखक को देख लिया और उन्हें कुछ पुस्तकें भी पढ़ने को दी। धीरे-धीरे लेखक और विश्वकर्मा सर में खूब जमने लगी।

एक दिन लेखक ने उनसे रोज सुबह-शाम बरतन माँजने का कारण पूछा। विश्वकर्मा सर ने विस्तार से बताया, कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। बर्तन माँजने में दस मिनट का समय लगता है जबकि खाना बनाने में दो घंटे का समय लगता है तथा धुएँ और शोर को भी सहना पड़ता है। अत: वह बरतन माँजने का काम करके १ घंटा ५० मिनट बचा लेते हैं, जिसमें वह पढ़ाई करते हैं। विश्वकर्मा सर के इस तर्क को सुनकर लेखक बहुत प्रभावित हुए और वह भी उस दिन अपने साथियों को बोले कि अब दोनों समय का बरतन मैं ही माँगूंगा और तुम दोनों खाना बनाया करो। उनके साथी उनको मूर्ख समझने लगे जबकि लेखक जानते थे कि मूर्ख कौन है।

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 मैं बरतन माँगूँगा

शब्दार्थ:

  1. पलटना – बदलना
  2. एहसास – आभास
  3. नसीहत – उपदेश, सीख
  4. चर्चा – बातचीत
  5. शौक – रुचि
  6. पढ़ाकू – पढ़नेवाला
  7. ढेरियाँ – समूह
  8. मंद – धीमा
  9. तत्काल – तुरंत
  10. रुचिकर – मनपसंद
  11. पठनीय – पढ़ने योग्य
  12. नि:संकोच – बिना संकोच के
  13. पारावार – सीमा
  14. आह्लादित – आनंदित
  15. हिदायत – निर्देश, सूचना
  16. कौर – ग्रास, निवाला
  17. गजब – अद्भुत
  18. ठाट – शान
  19. करीने – क्रम से
  20. इत्मीनान – संतोष
  21. प्रोत्साहित – उत्साहित
  22. ताजगी – नयापन
  23. स्वाध्याय – स्वयं किया गया अध्ययन

मुहावरे:

1. किताबी कीड़ा होना – केवल पढ़ने में ही लगे रहना।
2. घुड़क देना – जोर से बोलकर डराना, डाँटना।

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